‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ भारत में पहले होगी रिलीज, 17 जून से शुरू होगी एडवांस बुकिंग

स्पाइडर मैन को पसंद करने वाले फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीटर पार्कर की अगली फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ भारत में अपनी तय तारीख से पहले रिलीज होने जा रही है। जानें यह फिल्म कब रिलीज होगी और कब शुरू होगी इसकी एडवांस बुकिंग?

रिलीज की तारीख और एडवांस बुकिंग
फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ अब भारत में 30 जुलाई, 2026 को रिलीज होगी, जबकि दुनिया भर में यह फिल्म 31 जुलाई को रिलीज हो रही है। इस फिल्म की एडवांस बुकिंग के लिए टिकटों की बुकिंग 17 जून से शुरू हो जाएगी। यह फिल्म भारत में 6 भाषाओं में रिलीज होगी- अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम।

क्या है फिल्म की कहानी?
यह फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ की कहानी के आगे से शुरू होगी। पिछली फिल्म के आखिर में पूरी दुनिया पीटर पार्कर को भूल गई थी। इस बार पीटर बिल्कुल अकेला है और बिना किसी पुराने सहारे के खुद अपनी जिंदगी की मुश्किलें संभाल रहा है। वह भावनात्मक रूप से परेशान है, फिर भी न्यूयॉर्क की रक्षा कर रहा है।

फिल्म की स्टार कास्ट
‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ में टॉम हॉलैंड (स्पाइडर-मैन), जेंडाया (एमजे) और जैकब बैटलन (नेड लीड्स) के किरदार में फिर साथ दिखेंगे। टॉम हॉलैंड लगभग 5 साल बाद अपनी सोलो स्पाइडर-मैन फिल्म में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में जॉन बर्न्थेल और ‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ फेम की सैडी सिंक भी नजर आएंगी। इस फिल्म के निर्देशक डेस्टिन डेनियल क्रेटन हैं, जिन्होंने ‘शांग-ची’ जैसी फिल्म बनाई है।

एक नया रिकॉर्ड
सोनी पिक्चर्स के मुताबिक, इस फिल्म के ट्रेलर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मिलाकर 1 अरब यानी 100 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। ऐसा रिकॉर्ड बनाने वाला यह दुनिया का पहला फिल्म ट्रेलर है।

‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ रिव्यू: मनोज बाजपेयी की दमदार एक्टिंग, लेकिन कहानी में रह गई कमी

1991 का आर्थिक संकट भारत के इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में से एक था. इसी अहम अध्याय को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश करती है मनोज बाजपेयी स्टारर ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’. डायरेक्टर चिन्मय डी. मांडलेकर की ये फिल्म एक ऐसे शख्स की कहानी दिखाती है, जिसने देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने में बड़ी भूमिका निभाई. दमदार विषय और अच्छे कलाकारों के बावजूद क्या फिल्म दर्शकों को बांधकर रख पाती है? आइए जानते हैं हमारे इस रिव्यू में.

फिल्म में ए. रामनन (मनोज बाजपेयी) को अचानक राष्ट्रीय बैंक का गवर्नर बनाया जाता है. वो भी तब जब देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है. दिवालिया घोषित होने की कगार पर है. उनकी नियुक्ति पर सवाल उठते हैं क्योंकि उन्हें अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) का विशेषज्ञ नहीं माना जाता. लेकिन हालात ऐसे हैं कि देश को बचाने के लिए उन्हें बड़े और साहसी फैसले लेने पड़ते हैं. IMF से बातचीत, विदेशी कर्ज और देश के गोल्ड रिजर्व को गिरवी रखने जैसे फैसलों के जरिए कहानी आगे बढ़ती है.

डायरेक्शन: इरादा बड़ा, असर थोड़ा कम
डायरेक्टर चिन्मय डी. मांडलेकर ने एक बेहद महत्वपूर्ण विषय चुना है. इंस्पेक्टर जेंडे के बाद ये मनोज बाजपेयी और चिन्मय डी. मांडलेकर की साथ में दूसरी फिल्म है और दोनों की जोड़ी फिर से एक गंभीर विषय लेकर आई है. हालांकि, जहां कहानी में स्वाभाविक रूप से तनाव, राजनीतिक दबाव और सस्पेंस की भरपूर गुंजाइश थी, वहां फिल्म कई बार जरूरत से ज्यादा आसान और इंस्पायर करने वाली बन जाती है.

देश आर्थिक संकट में है, लेकिन स्क्रीन पर वो बेचैनी और घबराहट पूरी ताकत से महसूस नहीं होती. फिल्म कई बार ऐसे आगे बढ़ती है जैसे कोई मुश्किल पहेली धीरे-धीरे सुलझ रही हो, जबकि असल में हालात कहीं ज्यादा गंभीर थे.

स्क्रीनप्ले: दिलचस्प विषय, लेकिन कमजोर पकड़
फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका सब्जेक्ट है. आर्थिक संकट जैसी जटिल घटना को आसान भाषा में समझाने की कोशिश की गई है, जिससे आम दर्शक भी कहानी से जुड़ सके. लेकिन स्क्रीनप्ले कई जगहों पर सतही महसूस होता है. कई अहम राजनीतिक और प्रशासनिक टकरावों को सिर्फ छूकर छोड़ दिया गया है. संकट से जूझ रही पूरी टीम की बजाय कहानी लगभग पूरी तरह गवर्नर और उनके डिप्टी के इर्द-गिर्द घूमती रहती है. यही वजह है कि फिल्म का दायरा बड़ा होने के बावजूद उसका प्रभाव सीमित रह जाता है.

एक्टिंग: मनोज बाजपेयी फिर भी संभाल लेते हैं मोर्चा
मनोज बाजपेयी अपने किरदार में पूरी ईमानदारी के साथ नजर आते हैं. दक्षिण भारतीय लहजे और बॉडी लैंग्वेज को पकड़ने की उनकी कोशिश दिखती है, हालांकि ये हर जगह एक जैसी नहीं लगती. फिर भी जब भी फिल्म कमजोर पड़ती है, बाजपेयी अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से उसे संभालने की कोशिश करते हैं.

डिप्टी गवर्नर के किरदार में नौशाद मोहम्मद कुंजू काफी प्रभाव छोड़ते हैं. उनके और बाजपेयी के बीच के दृश्य फिल्म के मजबूत हिस्सों में गिने जा सकते हैं. मधु शाह को ज्यादा स्क्रीन स्पेस नहीं मिला है, लेकिन वो अपने सीमित किरदार में सहज हैं. वहीं पत्रकार के रोल में अदा शर्मा का किरदार कहानी में बहुत खास योगदान नहीं दे पाता और कई बार गैरजरूरी सा महसूस होता है.

फिल्म के यादगार पल
फिल्म में कुछ छोटे लेकिन प्रभावशाली सीन हैं जो लंबे समय तक याद रहते हैं. ट्रैफिक सिग्नल पर एक बच्ची से पेन खरीदने वाला सीन हो या फिर ऑफिस के चपरासी की कर्ज मांगने की आदत से जन्म लेने वाला एक बड़ा आइडिया, ये पल कहानी में ‘ह्यूमन टच’ जोड़ते हैं और फिल्म को भावनात्मक गहराई देते हैं.

फाइनल वर्डिक्ट: देखने लायक लेकिन अधूरी उड़ान
‘गवर्नर’ एक महत्वपूर्ण और कम चर्चा वाले ऐतिहासिक अध्याय को सामने लाती है. फिल्म का प्लॉट दमदार है, कलाकारों की मेहनत भी नजर आती है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और कम महसूस होने वाला तनाव इसे एक बेहतरीन फिल्म बनने से रोक देता है.

अगर आपको भारत के आर्थिक इतिहास, राजनीतिक ड्रामा और मनोज बाजपेयी की परफॉर्मेंस पसंद है तो ये फिल्म देखी जा सकती है. लेकिन जिस रोमांच, गहराई और प्रभाव की उम्मीद इसके विषय से की जाती है, वहां ‘गवर्नर’ थोड़ी पीछे रह जाती है.

‘काला हिरण – द बैटल फॉर लेगेसी’ का फर्स्ट लुक रिलीज, सलमान विवाद पर बनी फिल्म चर्चा में

कंट्रोवर्सियल फिल्म ‘काला हिरण-द बैटल फॉर लेगेसी’ का पहला लुक रिलीज हो गया है. सलमान खान से जुड़े 1998 काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई संग उनके विवाद पर फिल्म बेस्ड है. 2 मिनट 32 सेकंड के फर्स्ट लुक में कलाकारों को इंट्रोड्यूस किया गया है. सलमान खान का रोल मूवी में काशिफ इकबाल खान ने निभाया है.

काला हिरण मूवी की झलक
टीजर वीडियो शुरू होता है कोर्ट के एक सीन से. जहां अयान खान, जो कि केस में आरोपी है, कठघरे में खड़ा है. उसे सलमान जैसा लुक देने की कोशिश हुई है. एक्टर का वायरल ब्रेसलेट, चाल-ढाल, बॉडी पोस्चर सलमान से मेल खाता है. वकील ने उसके खिलाफ दलील देते हुए बताया कैसे 2 अक्टूबर 1998 की रात दो काले हिरण को अयान खान ने मार गिराया. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हीरो की तरह पेश किया गया है. बताया गया है कि 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड का बाप दाऊद था. लेकिन आज दाऊद का भी बाप है, लॉयन बिश्नोई. उधर पुलिस केस में अयान फंसा है. इधर काले हिरण का शिकार करने से खफा लॉयन अयान की जान के पीछे पड़ा है. वो छिपकर कई बार अयान पर हमला करा चुका है.

जेल में रहकर जिस तरह से लॉयन ने बाहर आतंक फैलाया हुआ है, इससे पुलिस हैरान परेशान है. लॉयन के गुर्गों की धर पकड़ की जाती है. एक डायलॉग है जिसमें दिखाया गया है कि अयान लॉयन की दशहत से खौफ खा रहा है. वो पुलिस इंस्पेक्टर को धमकाते हुए कहता है- अगर तुम लोगों में दम नहीं है तो अभी मुझे क्लियर बता दो, मैं ये देश हमेशा के लिए छोड़कर चला जाऊंगा, लेकिन बिश्नोई गैंग के हाथ सड़कों पर कुत्ते की मौत नहीं मरूंगा.

देखें फर्स्ट लुक…
एक सीन में पुलिस कहती है- बिश्नोई को अयान खान के पैसे नहीं बल्कि उसकी बलि चाहिए. अयान और बिश्नोई गैंग के खिलाफ चल रही रंजिश को दिखाया गया है. फर्स्ट लुक इसके प्रोड्यूसर अमित जानी के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है. इसमें साफ लिखा गया है कि ये फिल्म गुरु जंभेश्वर भगवान (बिश्नोई पंथ के फाउंडर और पर्यावरणविद संत) और बिश्नोई समाज को समर्पित है. फिल्म को भरत एस श्रीनेत ने डायरेक्ट किया है. कहानी अमित जानी ने ही लिखी है. लीड रोल में काशिफ इकबाल खान के अलावा मुकेश तिवारी, राजेश दहिया, ऋषभ अरोड़ा जैसे सितारे हैं. मूवी सिनेमाघरों में इसी साल आएगी.

ये फिल्म अनाउंसमेंट के बाद से विवादों में है. सलमान खान की टीम ने इसकी रिलीज रोकने को लेकर प्रोड्यूसर को नोटिस भेजा था. लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वो किसी से डरने वाले नहीं हैं. प्रोड्यूसर अमित जानी ने कैमरे पर सलमान खान की तरफ से मिले नोटिस को फाड़ा था. अमित जानी ने कहा कि वो कोर्ट में सलमान खान को जवाब देंगे. उन्होंने सलमान खान की बायोपिक नहीं बनाई है. लीगल केस करने का कोई मतलब नहीं बनता है.

‘वेलकम टू द जंगल’ ट्रेलर पर बंटे दर्शक, कॉमेडी और स्टारकास्ट पर उठे सवाल

अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर डिस्कशन का हॉट टॉपिक बन गया है. हालांकि चर्चा सिर्फ फिल्म की नहीं, बल्कि ट्रेलर में दिखाए गए कई ऐसे सीन्स और कॉमेडी की भी हो रही है, जिन पर लोग सवाल उठा रहे हैं.

कहानी में है कहानी!
4 मिनट 10 सेकंड के ड्यूरेशन में लगभग पूरी फिल्म की कहानी बता देने वाली इस फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत ही एक ऐसे क्लिप से होती है, जिसमें फिल्म को ‘2 हजार करोड़ कमाने वाली पहली फेक फिल्म’ जिक्र किया जाता है. ये भारतीय सिनेमा का शायद पहला ऐसा ट्रेलर होगा जिसे देखते हुए बीच में लगेगा कि कब खत्म होगा. कोई सीन किसी से कनेक्ट होता नहीं दिखता है. क्योंकि फिल्म के अंदर ही फिल्म चल रही है और इसकी कहानी भी यही है.

ट्रेलर में सबसे ज्यादा एक्टर्स एक दूसरे पर किसी कॉमेडी स्किट की तरह पर्सनल कमेंट्स तक पास तक करते दिखे हैं. सुनील शेट्टी जहां अक्षय की फ्लॉप फिल्मों का मजाक उड़ाते हैं, तो वहीं जैकलीन फर्नांडिस को तो सीधे मुंह एक्ट्रेस की जगह ग्लैमर फेस कह दिया गया है. इसके अलावा दिशा को भी सिर्फ फिल्म की दिशा भटकाते हुए देखा गया. हालांकि अक्षय की नकल करते हुए सुनील खुद ही हेलिकॉप्टर से लटकते…खुद को भला-बुरा कहते दिखे. तो वहीं दलेर मेहंदी को ट्रेलर मे चमकाने के लिए इतना बड़ा डायलॉग दे दिया कि पकड़ में ही नहीं आ पाया.

अक्षय का भोजपुरी भौकाल!
इसी के साथ फिल्म में एक भोजपुरी गाना ‘घिस घिस घिस’ भी जोड़ा गया है, जिसमें अक्षय कुमार अक्षरा के साथ नॉटी होते दिखे हैं. गाने में खिलाड़ी बिल्कुल ही नए अंदाज में दिखे हैं,  जिसे पचा पाना ही फैंस के लिए मुश्किल हो गया था. हालांकि ये गाना जबरदस्त हिट हो चुका है. तो क्या भोजपुरी दर्शक और अक्षरा के फैंस को थियेटर्स तक खींचने का मेकर्स का प्लान भी काम करेगा- ये भी सवाल फिल्म रिलीज के साथ ही तय होगा.   

दर्शकों का एक वर्ग इसे कहानी का हिस्सा कम और सिर्फ शोर मचाने वाला हुक ज्यादा मान रहा है. कई लोगों का कहना है कि फिल्म की असली कहानी क्या है, ट्रेलर उसे साफ करने में नाकाम रहा. थोड़ा और दिखा देते तो फिल्म का क्लाइमैक्स भी पता चल ही जाता.  

इतने स्टार्स कि पोस्टर छोटा पड़ जाए!
ट्रेलर में सबसे ज्यादा स्क्रीन टाइम स्टार कास्ट को दिखाने में खर्च होता नजर आता है. फिल्म में सुनील शेट्टी, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस, दिशा पाटनी, परेश रावल, जॉनी लीवर, अरशद वारसी, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा और दलेर मेहंदी समेत 20 से ज्यादा कलाकार मौजूद हैं. इतना ही गोरिल्ला तक को अलग से मेंशन किया गया है. लेकिन सवाल यही उठ रहा है कि इतनी बड़ी भीड़ में आखिर चमकेगा कौन? स्क्रीनटाइम में किसके साथ जस्टिस हो पाएगा?

कॉमेडी के नाम पर ट्रेलर में जोर-जोर से चिल्लाने वाले सीन, ओवर-द-टॉप रिएक्शन और 2026 में भी गेंडा, मेंढक, बस-रिक्शा जैसे जोक्स से हंसाने की कोशिश और एक साथ कई कलाकारों की मौजूदगी दिखाई गई है. लेकिन ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की पहचान रहे स्मार्ट ह्यूमर और यादगार किरदारों की झलक कई दर्शकों को मिसिंग लगी. हालांकि ये ओरिजिनल नहीं बल्कि टॉम क्रूज की 2008 में आई ट्रॉपिक थंडर की डुप्लिकेट बताई जा रही है. लेकिन 18 साल पहले आई सुपर हिट फिल्म की कहानी को अब भी पुराने ढर्रे से परोसने का दाव मेकर्स के लिए कितना काम कर पाएगा!

ट्रेलर ने बढ़ाए सवाल

वैसे तो अभी कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी, क्योंकि अनसर्टेनिटी के दौर में कई बार ट्रेलर कितना भी खराब निकला हो, फिल्म अच्छी साबित हुई है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या सिर्फ स्टार पावर और नॉस्टैल्जिया के दम पर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल दिखा पाएगी? या फिर ये भी उन फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी, जहां कलाकारों की संख्या कहानी से बड़ी हो जाती है.

कुछ फैंस इसे फुल-ऑन एंटरटेनर बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि ट्रेलर उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. अब 26 जून को रिलीज के बाद ही पता चलेगा कि ‘वेलकम टू द जंगल’ दर्शकों को सच में हंसा पाती है या फिर ट्रेलर की तरह सवालों के घेरे में ही रह जाती है.

शफीक उर रहमान की हॉलीवुड एंट्री, ‘द एम्प्टी एड्रेस’ से करेंगे ग्लोबल डेब्यू

 

शफीक उर रहमान इन दिनों काफी चर्चाओं में हैं। इसकी वजह है उनकी नई फिल्म ‘द एम्प्टी एड्रेस’, जिसकी हाल ही में आधिकारिक घोषणा की गई है। शफीक ने इस प्रोजेक्ट की जानकारी अपने सोशल मीडिया के जरिए दी, जिसके बाद एंटरटेनमेंट और फैशन इंडस्ट्री में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि यह उनका पहला इंटरनेशनल यानी हॉलीवुड प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

क्या है ‘द एम्प्टी एड्रेस’?
‘द एम्प्टी एड्रेस’ एक मल्टीलिंगुअल फिल्म होगी, जिसे अंग्रेजी, हिंदी और तेलुगु में बनाया जाएगा। इस फिल्म को सागर जोशी डायरेक्ट कर रहे हैं और इसे ‘द स्टार लाइफ हैदराबाद’ बैनर के तहत प्रोड्यूस किया जा रहा है।

फिल्म की शूटिंग भारत और यूएई में होगी। हालांकि अभी तक फिल्म की कास्ट और पूरी कहानी सामने नहीं आई है, लेकिन जल्द ही और जानकारी आने की उम्मीद है।

कौन हैं शफीक उर रहमान?
शफीक उर रहमान का जन्म 25 जनवरी 1985 को हैदराबाद में हुआ था। वह एक प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं। उनके पिता खलील उर रहमान राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं और उन्होंने सिविल एविएशन और एनर्जी मंत्रालय की एग्जीक्यूटिव कमेटी में भी काम किया है।

उनकी मां फर्रुख जमाल हैदराबाद के एक सम्मानित जागीरदार परिवार से हैं। वहीं उनकी पत्नी साहेबजादी महीन निकहत हैदराबाद के शाही निजाम परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

फैशन और लाइफस्टाइल में बड़ा नाम
शफीक ने फैशन और लाइफस्टाइल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। ‘द स्टार लाइफ हैदराबाद’ के जरिए वह भारत और विदेशों में 200 से ज्यादा बड़े फैशन और लाइफस्टाइल इवेंट्स आयोजित कर चुके हैं।

उन्होंने कई भारतीय डिजाइनर्स और नए टैलेंट को इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। फरवरी 2022 में उन्हें फैशन टीवी (FTV) का सिटी पार्टनर भी बनाया गया था, जिससे उनकी इंटरनेशनल पहचान और मजबूत हुई।

अवार्ड्स और काम
शफीक को उनके काम के लिए इंटरनेशनल ग्लोरी अवॉर्ड (IGA), ग्लोबल आइकन अवॉर्ड और मैन ऑफ द पीपल अवॉर्ड जैसे सम्मान मिल चुके हैं।

अब ‘द एम्प्टी एड्रेस’ के साथ शफीक उर रहमान इंटरनेशनल सिनेमा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इंडस्ट्री के लोगों का मानना है कि यह उनके करियर का बड़ा और नया कदम है, जो उन्हें ग्लोबल लेवल पर पहचान दिला सकता है।

 

रिटायरमेंट पर बोले अक्षय कुमार, ‘36 साल से यही सोच रहा हूं’

‘वेलकम’ फ्रैंचाइजी का एक नया चैप्टर शुरू होने वाला है. अहमद खान के डायरेक्शन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज हो चुका है. इसी दौरान अक्षय कुमार ने अपनी रिटायरमेंट पर बड़ी बात कह दी.

अपने रिटायरमेंट पर क्या बोले अक्षय कुमार
अक्षय कुमार बॉलीवुड इंडस्ट्री में लगभग 36 सालों से काम कर रहे हैं. ट्रेलर लॉन्च के दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें रिटायरमेंट का कभी ख्याल आता है. इसपर खिलाड़ी कुमार ने जवाब दिया, “बेटा, ऐसा होता है ना कि सुबह 4 बजे ख्याल आता है, लेकिन 5 सेकंड के अंदर ही मुझे याद आ जाता है कि मुझे फिल्म की शूटिंग के लिए जाना है. फिर मुझे यह भी याद आता है कि सेट पर 300 लोग मेरा इंतजार कर रहे हैं. तब मैं तय करता हूं कि रिटायरमेंट के बारे में अगली सुबह सोचूंगा. फिर सुबह 4 बजे उठता हूं और यही प्रोसेस रिपीट करता है. ऐसा करते करते 36 साल हो गए.”

रिटायर होकर ये नहीं करना चाहते हैं अक्षय कुमार
उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं रिटायर हो जाऊं, तो मुझे घर पर बैठे इलेक्ट्रीशियन का काम मिल जाएगा. मैं कुत्तों को घुमाने वाला या माली बन जाऊंगा. घर के सारे काम काज मुझे मिलेंगे. मैं रिटायर होने के बजाय काम पर जाना पसंद करूंगा.”

मरने से 5 सेकंड पहले रिटायर होना चाहते हैं अक्षय कुमार
अक्षय कुमार ने आगे कहा, “काम करते रहना ही बेहतर है. मुझे ‘रिटायर’ शब्द से थोड़ी दिक्कत है. इंसान को अपनी मौत से बस 5 सेकंड पहले रिटायर होना चाहिए. मरने से पहले इंसान को कहना चाहिए, ‘भाई, अब मैं रिटायर हो रहा हूं.’ यह ज्यादा बेहतर होगा. कभी भी रिटायरमेंट न चुनें. अगर आप लंबी जिंदगी चाहते हैं, तो काम करते रहें.” ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी लौट आई: अक्षय कुमार की फिल्म में फुल ऑन मस्ती और हंगामा

 लंबे इंतजार के बाद फाइनली ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. पॉपुलर ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म में अनलिमिटेड कॉमेडी देखने को मिल रही है. ट्रेलर की शुरुआत बेहद अलग तरीके से होती है, जहां एक साथ कई कलाकारों की एंट्री दिखाई जाती हैं और उनका नाम भी लिया जाता है. फिर परेश रावल कहते हैं, पहले टॉप का हीरो था, अब फ्लॉप का हीरो है.

वेलकम टू द जंगल का धांसू ट्रेलर आउट
ट्रेलर में साफ पता चलता है कि इस बार मेकर्स कॉमेडी को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने वाले हैं. शुरुआत से आखिर तक फुल ऑन मस्ती, कन्फ्यूजन और मजेदार गड़बड़ियों का सिलसिला चलता रहता है, जो आपको हंसने पर मजबूर कर देगा. सबसे खास बात यह है कि वीडियो में पुराने ‘वेलकम’ के कई नॉस्टैल्जिक मोमेंट्स की झलक देखने को मिलती है. खासकर ‘मजनू भाई’ वाइब्स वाला सीक्वेंस टोटल शो-स्टीलर बनकर सामने आया है.

वेलकम टू द जंगल के बारे में
‘वेलकम टू द जंगल’ का निर्देशन अहमद खान ने किया है. फिल्म 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. मेकर्स का दावा है कि इस बार फ्रेंचाइजी एंटरटेनमेंट और कॉमेडी की सारी हदें पार कर देगी. फिल्म की स्टारकास्ट इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है. अक्षय कुमार के अलावा इसमें सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, रवीना टंडन, लारा दत्ता, जैकी श्रॉफ, उर्वशी रौतेला, परेश रावल, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा और दलेर मेहंदी जैसे स्टार्स की टोली है. फिल्म साल 2026 की सबसे बड़ी बॉलीवुड कॉमेडी फिल्मों में से एक बनने जा रही है. दर्शक इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

अनुभव सिन्हा का बड़ा बयान: “निर्देशकों से छीना जा रहा है सबसे जरूरी चीज”

फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर फिल्म इंडस्ट्री को लेकर अपनी बात रखी है. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि आज के समय में फिल्म निर्देशकों से उनके काम की सबसे अहम चीज विश्वास धीरे-धीरे छीनी जा रही है. इस बीच उन्होंने निर्देशक इम्तियाज अली की आने वाली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ की जमकर तारीफ भी की है.

“निर्देशकों से छीनी जा रही है सबसे जरूरी चीज” – अनुभव सिन्हा
अनुभव सिन्हा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, इम्तियाज, मेरे दोस्त, मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि ‘मैं वापस आऊंगा’ बन रही है. आज के समय में जब फिल्म निर्देशकों से उनके काम की सबसे अहम चीज कई कारणों से छीन ली जा रही है, तब तुम्हारी फिल्म का हर फ्रेम उसी सबसे जरूरी गुण से भरा हुआ है – विश्वास. यह फिल्म इस गलत धारणा को तोड़ देती है कि दर्शक क्या पसंद करते हैं और क्या नहीं, और अपने दिल और आत्मा पर मजबूती से खड़ी रहती है.

उन्होंने आगे लिखा, इसकी आत्मा बहुत मजबूत भी है और बेहद भावुक व दिल को छू लेने वाली भी है. यह कहानीकार और उसके देश के बीच एक बहुत ही गहरा और खूबसूरत रिश्ता दिखाती है. प्रिय दर्शकों, यह शायद वही फिल्म है जिसका आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, जिसे आप अपने परिवार के साथ थिएटर में देखना चाहेंगे. जिंदाबाद दोस्त!

इम्तियाज अली की फिल्म और उनकी सोच
इम्तियाज अली की आने वाली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, शरवरी और वेदांग रैना मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे. इम्तियाज ने फिल्म में दिलजीत के साथ अपने सहयोग के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट भावनात्मक रूप से बहुत गहरा है और उन लोगों के साथ एकजुटता दिखाता है, जिन्होंने इतिहास के कठिन समय को झेला है. इम्तियाज ने कहा कि विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था और ऐसी स्थितियां आज भी दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिलती हैं.

‘रोल के बदले सोना चाहिए’! डायरेक्टर की डिमांड सुन हैरान रह गई एक्ट्रेस, 7 लाख के ऑफर का भी खुलासा

मुंबई 
टीवी शो जोधा अकबर में रुकैया बेगम के रोल में दिखीं लवीना टंडन ओटीटी प्लेटफॉर्म को एक्सप्लोर कर रही हैं. लवीना ने फिल्मों से दूरी बनाई हुई है। इसकी अहम वजह कास्टिंग काउच है. जिसे उन्होंने 2 बार झेला. मेकर्स की डिमांड को लवीना ने सिरे से ठुकराया. अपने उसूलों पर काम करने का फैसला किया। लवीना को 2 बार कॉम्प्रोमाइज के लिए अप्रोच किया गया. स्विच संग बातचीत में वो कहती हैं- एक बार साउथ के डायरेक्टर ने मुझे कहा था 10-15 दिन का काम है।        

मैंने जब उनसे बजट पूछा तो कहते हैं- 5 लाख तक होगा. उन्होंने कहा अगर कॉम्प्रोमाइज करने के लिए तैयार हो तो, 7 लाख बजट होगा। लवीना सुनकर चौंकीं. उन्होंने कहा- मैं आपकी ईमानदारी की कद्र करती हूं. लेकिन मैं ये सब चीजें नहीं करती हूं।  अगर आपके पास कभी कोई साफ काम होगा तो प्लीज मुझे कॉल करना, वरना तो कभी कॉल नहीं करना। 

लवीना ने कहा कि हाल ही में किसी और ने उन्हें डिमांड के लिए अप्रोच किया था. एक्ट्रेस ने उन्हें साफ इनकार किया था।लवीना ने कहा- हर कोई सोचता है ग्लैमर इंडस्ट्री से हो तो सब कुछ कर लोगे. क्योंकि हम बहुत आदमियों संग काम करते हैं. हमारे रोमांटिक सीन्स होते हैं।   लवीना ने माना कि कास्टिंग काउच हर इंडस्ट्री में होता है. लेकिन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को लेकर चीजें बाहर आती हैं, तो लोग समझते हैं हम शरीफ नहीं हैं। 

प्राइवेट पूल और लग्जरी बेडरूम से सजा जेनिफर विंगेट का गोवा वाला ड्रीम होम, देखें अंदर की झलक

मुंबई 

टीवी की फेमस एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं. खबरें हैं कि वो सिंगापुर के बिजनेसमैन William Ishmael को डेट कर रही हैं और दोनों इसी साल शादी कर सकते हैं। इस बीच जेनिफर का गोवा की हरियाली के बीच मौजूद शानदार वेकेशन होम भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है. आइए देखते हैं जेनिफर विंगेट के इस खूबसूरत गोवा विला की खास झलकियां। जेनिफर का गोवा वाला घर बेहद मॉडर्न और स्टाइलिश डिजाइन में बना हुआ है. विला के बाहरी हिस्से में सफेद रंग और लकड़ी का खूबसूरत इस्तेमाल किया गया है, जो इसे बेहद एलिगेंट लुक देता है। 

जेनिफर ने अपने घर को सिर्फ लग्जरी नहीं बल्कि बेहद आरामदायक भी बनाया है. विला के अंदर से सीढ़ियां जाती हैं, जो किसी फिल्म के घर जैसी फील देती हैं. एक कोने में फ्लोर सीटिंग का खास इंतजाम है, जहां कुशन, मोमबत्तियां, पौधे और हैंडमेड सजावटी सामान रखे गए हैं। रात के समय जब पूरे घर की लाइटिंग जलती है तो इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है. घर के बाहर हरियाली से भरा गार्डन और खूबसूरत एंट्री एरिया इसे किसी लग्जरी रिसॉर्ट जैसा लुक देता है। इस विला की सबसे खास चीज इसका प्राइवेट स्विमिंग पूल है. पूल के एक कोने पर फाउंटेन है और चारों तरफ हरियाली और पौधे लगे हुए हैं, जिससे ये जगह किसी पीसफुल डेस्टिनेशन जैसी महसूस होती है।        

बड़े कमरे, हरियाली से भरा गार्डन, खुली जगहें और सोच-समझकर की गई सजावट पूरे घर को बेहद रिलैक्सिंग माहौल देती है. चाहे लिविंग एरिया हो, बेडरूम हो या पूल साइड, हर जगह सुकून का एहसास होता है। न्यूट्रल रंगों और कम फर्नीचर का इस्तेमाल रूम को और भी क्लासी लुक देता है. यही वजह है कि शहर की बिजी लाइफ से दूर जेनिफर के लिए ये विला एक परफेक्ट छुट्टियों का ठिकाना माना जाता है। जेनिफर के गोवा विला का बेडरूम भी किसी लग्जरी रिसॉर्ट के सुइट से कम नहीं है.कमरे के बीचों-बीच एक शानदार फोर-पोस्टर बेड रखा गया है, जिस पर सफेद रंग के हल्के और पारदर्शी पर्दे लगे हुए हैं। जेनिफर का गोवा से खास कनेक्शन होना लाजिमी लगता है. ये परफेक्ट हॉलिडे डेस्टिनेशन फील देता है, है ना? 

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