जनता की सेवा और दीन-दुखियों की सहायता ही जनप्रतिनिधि का वास्तविक धर्म : राज्यमंत्री गौर

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि जनकल्याण और जनसेवा से बढ़कर संसार में कोई दूसरा पुण्य कार्य नहीं है। समाज के निर्धन और वंचित वर्ग की नि:स्वार्थ सहायता करना, उनके सुख-दुख में सहभागिता निभाना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील निवारण करना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान और उसका परम कर्तव्य है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार चहुंमुखी विकास के साथ लोक-कल्याण के संकल्प को निरंतर चरितार्थ कर रही है। राज्यमंत्री  गौर प्रधानमंत्री  मोदी सरकार के गौरवमयी 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों को संबोधित कर रही थीं।

राज्यमंत्री  गौर ने बावड़ियाकला स्थित इंडस गार्डन फेस-1 में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौध-रोपण किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं, अपितु पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त और जीवंत माध्यम है। तीव्र शहरीकरण के इस दौर में भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण की आवश्यकता अपरिहार्य हो गई है। राज्यमंत्री  गौर ने युवा पीढ़ी से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए सचेत किया कि व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए हरियाली का विनाश प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर विभीषिकाओं को आमंत्रण दे रहा है।

राज्यमंत्री  गौर ने वार्ड-68 के किरण नगर और निजामुद्दीन कॉलोनी में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने समाज के जरूरतमंद और निर्धन परिवारों की महिलाओं को सम्मानपूर्वक साड़ियां वितरित कीं। स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति (अंत्योदय) तक विकास की मुख्यधारा और लोक-कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना ही प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में सु मोनिका ठाकुर, पार्षद  शीला पाटीदार,  अर्चना परमार,  प्रताप वारे,  धर्मेंद्र परिहार, पार्षद  उर्मिला मोर्य,  लवकुश यादव,  भीकम सिंह बघेल,  देवेंद्र योगी,  जे.पी. पाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय मातृशक्ति, प्रबुद्ध जन और नागरिक उपस्थित रहे।

 

छिंदवाड़ा में विवाहिता ने मेहंदी से संदेश लिखने के बाद जहर खाया, मामले की जांच शुरू

छिंदवाड़ा.

जिले से आत्महत्या का एक अलग मामला सामने आया है। चौरई थाना क्षेत्र के चन्हियाखुर्द गांव में 32 वर्षीय विवाहिता प्रीति वर्मा ने जहरीला पदार्थ खाने से पहले अपने दोनों हाथों और पैरों पर मेहंदी से एक लंबा दर्दनाक संदेश लिखा, जिसमें कथित प्रताड़ना का जिक्र है।

दरअसल शुक्रवार को जहर खाने के बाद प्रीति को गंभीर हालत में जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार शाम उसने दम तोड़ दिया।

मेहंदी ही सबसे बड़ा कानूनी सबूत
अस्पताल में हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टर उसके मृत्यु पूर्व कथन दर्ज नहीं करा सके, जिसके चलते अब शरीर पर लिखी यह मेहंदी ही सबसे बड़ा कानूनी सबूत बन गई है। मोहन मर्सकोले, थाना प्रभारी, चौरई ने बताया कि महिला बयान देने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए उसके हाथ और पैरों पर मेहंदी से लिखे गए संदेश इस पूरे मामले में सबसे अहम साक्ष्य हैं।

शब्दों की फोटो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा
त्वचा पर लिखे हर एक शब्द की फोटो और वीडियोग्राफी कराकर सुरक्षित कर ली गई है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस जांच में पता चला है कि प्रीति की शादी साल 2013 में लखन वर्मा से हुई थी। उनकी एक 10 साल की बेटी है, लेकिन कुछ समय पहले बीमारी के कारण उनके बड़े बेटे की मौत हो गई थी। पुलिस अब मायके पक्ष के बयान दर्ज करने के साथ पति के मोबाइल फोन और डिजिटल चैट खंगाल रही है ताकि आत्महत्या के लिए उकसाने के कारणों का पता लगाया जा सके।

प्राण वायु का स्थाई प्रबंध है एक पेड़ मां के नाम अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो हमें जीवन दें, सद्मार्ग पर ले जाए, वह सदैव वंदनीय है। हमारे लिए प्रकृति ही परमेश्वर के स्वरूप है, क्योंकि यह हमें जीवन देती है, हमारा उदर-पोषण करती है। इसलिए हम सबको प्रकृतिपूजक बनकर इसकी वंदना करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार भी हैं और वसुधा का श्रृंगार भी। वृक्ष ऋषि मुनियों के समान एक ही स्थान पर रहकर साधना करते हैं। यह हमारी नकारात्मक ऊर्जा को स्वयं ग्रहण कर हमें सकारात्मक ऊर्जा (प्राण वायु) देने वाले उदार साधक होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंजर भूमि को हरियाली की चादर ओढ़ाना प्रकृति माता को हरी चुनरी ओढ़ाने जैसा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर चलाया जा रहा है ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान कोई शासकीय कार्यक्रम नहीं, ये जीवन के लिए सांसों का स्थायी प्रबंध करने का अभियान है। जल, जंगल, जमीन और जानवर जिनसे हमारा पारिस्थितिकीय-तंत्र तैयार होता है, यह अभियान इनकी सुरक्षा का मिशन है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर जिले के ग्राम बुढ़ानिया स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) परिसर में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां अपनी पूजनीय माता स्व. मती लीला बाई यादव की स्मृति में संतरे का फलदार पौधा लगाकर इन्दौर में 21 लाख पौधारोपण एवं 51 हजार वर्षा जल संचयन इकाइयों की स्थापना (निर्माण) कार्य के महाभियान का दीप प्रज्ज्‍वलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में पंच महाभूतों का मान्यता मिली है। इसमें सबसे प्रमुख है जल। जल से ही हमारा जीवन है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान तथा जल, जंगल एवं पर्यावरण बचाने के पुनीत महाभियान में पूरे समाज की सहभागिता बेहद सराहनीय है। हम सबको मिलकर इस दिशा में आगे आना ही चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पौधरोपण एवं जल संचयन में सरकार और समाज की सहयोगी सामाजिक संस्था पृथ्वी को प्रोत्साहन स्वरूप 2 लाख रुपये और प्रदेश में चलाए गए नक्सल उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले बीएसएफ के दो जवानों को मंच से सम्मानित कर 2-2 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

इंदौर ने दिखाई जल संरक्षण में बेहतर करने की दिशा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां अहिल्या की नगरी इंदौर अतीत के उस गौरवशाली पृष्ठ के रूप में जानी जाती है, जिसने सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित किया। देवी अहिल्या माता ने अपने शासनकाल में अपने मूल उत्तरदायित्व के साथ-साथ प्रकृति के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर कुंए और बावड़ियां बनाई। उन्हीं से प्रेरणा लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने जल संरक्षण की दिशा में नदी, तालाब, कुंए, बावड़ियों की सफ़ाई और इनके पुनर्निर्माण का अभियान चलाया है। इंदौर में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण का काम हुआ। इंदौर ने देश को जल संरक्षण की दिशा दिखाई है। इससे देश में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में अलनीनो जैसी जलवायु से जुड़ी चुनौती हमारे सामने हैं। ऐसे में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण ही सबसे प्रभावी उपाय है। ‘एक पेड़ – मां के नाम’ अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर जब भी कुछ करता है, रिकार्ड ही बनाता है। जल हो या जंगल, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इन्दौर में बहुत अच्छा काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण अभियान में 8 से 10 फिट के पौधे लगाए जा रहे हैं, जो जल्दी ही बड़े होकर फल देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह इस अभियान तीसरा साल है और हर साल इसमें समाज की सहभागिता बढ़ती ही जा रही है। अगले तीन दिनों में यहां 1 लाख से अधिक वन प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अमृत हरित महोत्सव-2026 में इन्दौर जिले में 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प लेने के लिए जिलेवासियों को बधाई दी।

वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष  हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि इन्दौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी होने के साथ अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा तय कर रहा है। ‘एक पेड़ – मां के नाम’ के तहत 21 लाख पौधे लगाने के संकल्प का महाभियान नि:संदेह बेहद सराहनीय है।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धरती माता ने हमें जल, जंगल, जैव संपदा और खनिजों का अमूल्य आर्शीवाद दिया है। हमारा मध्यप्रदेश प्रकृति पुत्र है। एक पेड़ मां के नाम अभियान के लिए पूरा इंदौर जुट गया है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आहृवान पर यह अभियान एक जन आंदोलन बन चुका है।

इंदौर महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि हम राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान को और गति दे रहे हैं। हम 51 हजार वर्षा जल संचयन इकाइयां बनाने के लक्ष्य की दिशा में अब तक 8 हजार 500 जल इकाइयां बना चुके हैं। इंदौर में जल संवर्धन को हमने जन क्रांति का रूप दे दिया है।

कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद  शंकर लालवानी, वरिष्ठ समाजसेवी  अजय जामवाल, वरिष्ठ नेता  कृष्णमुरारी मोघे, पूर्व मंत्री एवं विधायक  महेन्द्र हार्डिया, विधायक  मधु वर्मा, विधायक  रमेश मेंदोला, विधायक  गोलू शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीना सतीश मालवीय,  श्रवण चावड़ा,  विशाल पटेल,  सुमित मिश्रा, पूर्व विधायक  आकाश विजयवर्गीय सहित बीएसएफ के आईजी  सिंधु, पौधारोपण और जलसंरक्षण को जन आंदोलन बनाने वाली सभी धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्वंयसेवी संस्थाओं के स्वंयसेवक तथा बड़ी संख्या में बीएसएफ के जवान उपस्थित थे।

 

एमपी ट्रांसको के ट्रेनीज असिस्टेंट इंजीनियरों को दिया गया ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस का व्यावहारिक प्रशिक्षण

भोपाल

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के सहायक अभियंता (अस्सिटेंट इंजीनियर) प्रशिक्षुओं ने 132 केवी भोपाल–बगरोदा ट्रांसमिशन लाइन पर फ्लैशओवर से प्रभावित डिस्क इंसुलेटर के रिप्लेसमेंट के लिये लिए गए शटडाउन कार्य के दौरान महत्वपूर्ण व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया

प्रशिक्षुओं ने शटडाउन लेने की संपूर्ण प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों, वर्क परमिट व्यवस्था, लाइन को सुरक्षित रूप से आइसोलेट करने की कार्यवाही तथा कार्यस्थल पर उपयोग किए जाने वाले विभिन्न टूल्स की जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने डिस्क इंसुलेटर बदलने की वास्तविक प्रक्रिया को निकट से देखा और ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस कार्यों की तकनीकी बारीकियों को समझा। विद्युत क्षेत्र के अभियंताओं के लिए इस प्रकार के फील्ड प्रशिक्षण में सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी भोपाल के कार्यपालन अभियंता  रवि चौरसिया एवं सहायक अभियंता  अंकित महरौलिया ने स्वयं प्रशिक्षुओं को शटडाउन प्रबंधन, कार्यस्थल पर सुरक्षा तथा एक्स्ट्रा हाई टेंशन लाइनों के रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षुओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ वास्तविक कार्य परिस्थितियों में कार्य निष्पादन की समझ विकसित करने का अवसर मिला।

 

बालाघाट प्रकरण: एफसीआई के चावल की हेराफेरी में राज्य सरकार का कोई संबंध नहीं : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि बालाघाट जिले में एथेनॉल उत्पादन के लिये भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई द्वारा प्रदाय किए गए चावल की कथित हेराफेरी के मामले में मध्यप्रदेश खाद्य विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की न तो कोई भूमिका है और न ही उनका इस प्रकरण से कोई संबंध है।

खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन योजना भारत सरकार की योजना है। इसके अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम द्वारा निर्धारित दरों पर एथेनॉल निर्माता कंपनियों को चावल उपलब्ध कराया जाता है। इसके पश्चात एथेनॉल निर्माता तेल विपणन कंपनियों को एथेनॉल की आपूर्ति करते हैं। इस संपूर्ण व्यवस्था में चावल का आवंटन, मूल्य निर्धारण, परिवहन एवं संचालन संबंधी सभी प्रक्रियाएं केंन्द्रीय एजेंसियों द्वारा संचालित की जाती हैं। राज्य सरकार अथवा उसकी किसी संस्था की इसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती।

 राजपूत ने बताया कि बालाघाट जिले में प्राप्त शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में एफसीआई द्वारा एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड, बोरगांव (जिला छिंदवाड़ा) को एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदाय किया गया 242.55 क्विंटल (490 बोरी) चावल ट्रक क्रमांक सीजी 04-जेडी 3147 में संचेती राइस मिल, वारासिवनी (जिला बालाघाट) के परिसर में पाया गया। प्रथम दृष्टया चावल के व्यपवर्तन की पुष्टि होने पर एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि तथा संचेती राइस मिल के संचालक के विरुद्ध वारासिवनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। राज्य सरकार पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

 राजपूत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में एथेनॉल उत्पादन के लिए एफसीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए टीटी चावल की कथित हेराफेरी में संबंधित एथेनॉल निर्माता कंपनी एवं राइस मिलर की भूमिका सामने आई है।  राजपूत ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदाय किए जाने वाले चावल में होने वाली किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकने तथा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर अविलंब कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। खाद्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जो भी व्यक्ति अथवा संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

बालाघाट में पिकअप पलटने से 18 महिलाएं घायल, दो की हालत गंभीर

बालाघाट.

रविवार को खरीफ सीजन में धान की रोपाई के लिए निकलीं 18 महिलाएं भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गईं। ग्रामीण महिलाओं से भरा पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें सभी महिलाएं घायल हो गईं।

हादसा रामपायली थाना क्षेत्र के बटरमारा पुल के पास हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। दो महिलाएं सुनीता गजबिये और सविता लिल्हारे की गंभीर हालत को देखते हुए गोंदिया रेफर किया गया है, जबकि एक महिला का शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी घायल ग्राम डोंगरमाली और बिटोली की निवासी हैं।

अनियंत्रित होकर पलट गया पिकअप
उर्मिला लिल्हारे और रेखा उपवंशी ने बताया कि वह रविवार सुबह लगभग 9 बजे अपने गांव (डोंगरमाली) से पिकअप में बैठी थीं। वह सभी नेवरगांव में धान की रोपाई (पराह) लगाने जा रही थीं। तभी बटरमारा पुल के पास पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।

लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी, महिलाओं के खातों में पहुंचे 1500 रुपये

भोपाल
मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 12 जुलाई को भिंड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी (Ladli Behna Yojana 38th Installment) की। इस अवसर पर पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 1,500 रुपये की राशि भेजी गई।मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों को सिंगल क्लिक से 1835 करोड़ राशि ट्रांसफर की।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल
मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) का संचालन कर रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका को मजबूत करना है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को दिया जाता है। इसके लिए लाभार्थी के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। योजना के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाइन या ग्राम पंचायत एवं वार्ड कार्यालयों के माध्यम से पंजीकरण करा सकती हैं।

ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस
यदि लाभार्थी यह जानना चाहती हैं कि किस्त की राशि उनके खाते में पहुंची है या नहीं, तो वे मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “आवेदन और भुगतान की स्थिति” विकल्प चुनें। इसके बाद आवेदन क्रमांक या समग्र आईडी दर्ज करें, मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी भरकर सबमिट करें। इसके बाद स्क्रीन पर भुगतान की स्थिति दिखाई दे जाएगी।

इन तरीकों से भी कर सकते हैं जांच
लाभार्थी अपने बैंक की पासबुक अपडेट कराकर खाते में राशि की एंट्री देख सकते हैं। बैंक के मिस्ड कॉल नंबर के जरिए भी बैलेंस की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

इसके अलावा यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आधार बैंक खाते से लिंक हो और डीबीटी (DBT) सुविधा सक्रिय हो। आवश्यकता पड़ने पर आधार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से बैंक लिंकिंग स्टेटस भी जांचा जा सकता है।

 

MP परिवहन विभाग में 25 अधिकारियों को पदोन्नति, 2 साल का प्रोबेशन पीरियड रहेगा लागू

भोपाल.

परिवहन विभाग ने राज्य शासन स्तर द्वारा नियुक्त 25 सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को पदोन्नति (MP Promotion) देकर अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी-परिक्षेत्रीय जिला परिवहन अधिकारी के पद पर नियुक्त किया है।

परिवहन आयुक्तालय के आदेश अनुसार यह पदोन्नति मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1961 के तहत दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए होगी।

जितेन्द्र कुमार शर्मा बने सीनियर डीटीओ
साथ ही यह पदोन्नति मध्यप्रदेश लोक सेवा आरक्षण अधिनियम 1994 के प्रावधानों के अनुसार की गई है। पदोन्नत अधिकारियों में भोपाल में सहायक आरटीओ के पद पर पदस्थ जितेन्द्र कुमार शर्मा को अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी-सीनियर डीटीओ बनाया गया है।

किन लोगों को मिला प्रमोशन?
इसके अलावा जिन लोगों को प्रमोशन मिला है, उनमें रमा दुबे, सुनील कुमार शुक्ला, विमलेश कुमार गुप्ता, विक्रम सिंह राठौर, मनोज कुमार तेहनगुरिया, राजेश गुप्ता, रंजना कुशवाह, जगदीश बिल्लोरे, ज्ञानेंद्र वैश्य, सुरेंद्र सिंह गौतम, देवेश बाथम, अनुराग शुक्ला, रीतेश तिवारी, रितु अग्रवाल, दीपक मांझी, हृदेश यादव, जया बसावा, बरखा गौड़, रिंकू शर्मा, मनीष कुमार त्रिपाठी, स्वाति पाठक, आशुतोष सिंह भदौरिया, अनिमेष गढपाल और कृतिका मोहटा का नाम शामिल हैं।

ट्विषा शर्मा केस में बड़ा अपडेट, दिल्ली AIIMS की पोस्टमार्टम रिपोर्ट CBI को सीलबंद लिफाफे में सौंपी

भोपाल.

पूर्व मॉडल व अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले की जांच में अहम प्रगति हुई है। एम्स, नई दिल्ली ने दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जांच एजेंसी को दी गई है, जिसकी जानकारी फिलहाल केवल सीबीआई के पास है।

मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी और इसी रिपोर्ट के आधार पर अदालत में आगे की कार्रवाई होगी।

सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने बताया कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष हैं, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को होने वाली सुनवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर होगी।

12 मई को त्विषा की हो गई थी मौत
गौरतलब है कि 12 मई को कटारा हिल्स भोपाल स्थित ससुराल में त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती जांच पर सवाल उठने के बाद मामला सीबीआई को सौंपा। जांच के दौरान सीबीआई ने पति समर्थ सिंह और उनकी मां, पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। अब 14 जुलाई की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

भोपाल के सबसे गर्म इलाकों की तपिश घटाने 5 करोड़ का हीट एक्शन प्लान तैयार

भोपाल.

तेजी से बढ़ते कंक्रीटीकरण और शहरीकरण के कारण भोपाल के कई हिस्से ‘अर्बन हीट आइलैंड’ में बदल चुके हैं। इन इलाकों का तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है।

बढ़ती गर्मी से शहर को राहत दिलाने के लिए भोपाल नगर निगम ने एक महत्वाकांक्षी ‘हीट एक्शन प्लान’ तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा है। केंद्र से अंतिम मंजूरी मिलते ही इस परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान जारी किया जाएगा। इसके बाद अगले 15 महीनों में योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

‘हीट रेजिलिएंट सिटीज’ पहल का हिस्सा
यह परियोजना केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ‘हीट रेजिलिएंट सिटीज’ पहल का हिस्सा है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए देश के 12 शहरों का चयन किया गया है। इनमें भोपाल, गुरुग्राम, देहरादून, नाशिक, दिल्ली, लुधियाना, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ, पटना और जयपुर शामिल हैं। इस योजना का उद्देश्य शहरों में बढ़ते तापमान के प्रभाव को कम करना, हरित क्षेत्र बढ़ाना, गर्मी से बचाव के उपायों को मजबूत करना और नागरिकों के लिए अधिक अनुकूल शहरी वातावरण विकसित करना है।

सैटेलाइट से होगी मैपिंग
इस कार्ययोजना के अंतर्गत सबसे आधुनिक तकनीक और सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके भोपाल के सबसे गर्म हिस्सों (हॉट-स्पॉट्स) की पहचान की जाएगी। इसके तहत शहर के प्रमुख व्यावसायिक और घने कंक्रीट वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्य रूप से शामिल हैं:
जवाहर चौक, कोलार, एमपी नगर, न्यू मार्केट, हमीदिया रोड, करोंद, बैरागढ़ और अयोध्या बायपास।

इन 4 मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित होगा काम
शहर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए मुख्यतः चार मोर्चों पर काम किया जाएगा:
कूल रूफ तकनीक: इमारतों की छतों पर सूर्य की तपिश और तापमान को कम करने वाली विशेष ‘कूल रूफ’ तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा।
सैटेलाइट आधारित हीट मैप: इसके जरिए शहर के विभिन्न वार्डों और क्षेत्रों के तापमान के मिजाज की सटीक व रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी।
ग्रीन कवर बढ़ाना: कंक्रीट के जंगलों के बीच सार्वजनिक स्थानों पर सघन और छायादार हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन) विकसित किए जाएंगे।
जल स्रोतों का पुनर्जीवन: स्थानीय तालाबों, बावड़ियों और कुओं का संरक्षण व जीर्णोद्धार कर शहर की प्राकृतिक ठंडक को वापस लौटाया जाएगा।

बढ़ते तापमान से जुलाई की बारिश घटी, बदला वेदर ट्रेंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु और मौसम में आ रहे बदलावों के कारण पिछले 10 वर्षों में भोपाल में जुलाई की सामान्य बारिश 400.1 मिमी से घटकर अब 363.8 मिमी रह गई है। हालांकि, कुल कोटे का पानी कम नहीं हुआ है, बल्कि बारिश का ट्रेंड बदल गया है। अब कुछ ही घंटों में बेहद तेज बारिश हो जाती है और फिर लंबे समय तक सूखा रहता है, जिससे मिट्टी जल्दी सूख जाती है। वहीं, शहर का न्यूनतम तापमान भी औसतन 1°C तक बढ़ गया है। वहीं, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस ‘हीट एक्शन प्लान’ की सफलता के साथ-साथ शहर के अनियंत्रित विस्तार पर नियंत्रण लगाना, बड़े और प्राचीन वृक्षों का संरक्षण करना तथा डेंस ग्रीन जोन (सघन वन क्षेत्रों) के निर्माण पर समानांतर रूप से काम करना बेहद जरूरी है।

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