पाकिस्तान ने बंद किया एयरस्पेस, एयर इंडिया ने रोजाना 100 उड़ानें रद्द कीं; वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

मुंबई 

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को एक बड़ा झटका दिया है। दुनिया भर में विमान ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में आई भारी तेजी और ईरान में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए एयर इंडिया ने जून महीने से अगले तीन महीनों के लिए अपनी कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या कम करने का फैसला किया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

एयर इंडिया ने अपने दिल्ली हब से कई महत्वपूर्ण रूटों पर उड़ानों को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है। इसमें शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इसके अलावा, सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसी जगहों के लिए उड़ानों की संख्या (Frequency) घटा दी गई है। कुल मिलाकर एयरलाइन ने अपने नेटवर्क से रोजाना लगभग 100 उड़ानों की कटौती की है।

8 मई 2026 को खत्म हुए हफ्ते में विमान ईंधन की वैश्विक औसत कीमत 162.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में मात्र 99.40 डॉलर थी। किसी भी एयरलाइन के संचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40% होती है। ऐसे में कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी ने एयर इंडिया के मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को बताया कि हवाई क्षेत्र (Airspace) के प्रतिबंधों और महंगे ईंधन ने कई रूटों को ‘घाटे का सौदा’ बना दिया है। उनके पास पीक ट्रैवल सीजन के दौरान उड़ानों में कटौती करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

एयर इंडिया को अपने प्रतिद्वंद्वी इंडिगो के मुकाबले ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का बंद होना है। इस वजह से यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों को लंबे रास्तों से जाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और क्रू का खर्च काफी बढ़ गया है। अब अमेरिका जाने वाली उड़ानों को वियना या स्टॉकहोम में रुकना पड़ता है, जिससे लागत और भी बढ़ जाती है।

एयर इंडिया पहले ही ₹20,000 करोड़ से अधिक का घाटा झेल रही है। टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस पर लागत कम करने का भारी दबाव है। एयरलाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम कई उड़ानों पर अपनी परिचालन लागत (Operating Cost) भी नहीं निकाल पा रहे हैं। पिछले महीने, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (IndiGo, Air India, SpiceJet) ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने टैक्स या ईंधन की कीमतों में राहत नहीं दी, तो सेवाएं निलंबित करना मजबूरी हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरान युद्ध के कारण उपजे आर्थिक संकट को देखते हुए देश के 140 करोड़ लोगों से ईंधन और यात्रा पर कम खर्च करने की अपील की है। एयर इंडिया का यह कदम उसी गहरे आर्थिक संकट का संकेत है, जहां बढ़ती लागत के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा अब आम आदमी की पहुंच से और दूर हो सकती है।

दी हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए थे। जहां 24 अप्रैल 2025 से भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद है, वहीं पिछले साल 30 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी विमानों को भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। इनमें भारतीय पंजीकृत विमान, भारतीय एयरलाइंस/ऑपरेटरों द्वारा संचालित/स्वामित्व वाले विमान, सैन्य उड़ानें भी शामिल हैं। इनके लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र उपलब्ध नहीं है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद करने की अवधि को 24 मई 2026 तक बढ़ा दिया है।

इंपोर्ट ड्यूटी का बड़ा असर: सोना ₹9231 और चांदी ₹16675 तक हुई महंगी

मुंबई 

केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट टैरिफ को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है. इन कीमती धातुओं पर इंपोर्ट टैरिफ में यह बढ़ोतरी सोने के इंपोर्ट को कम करने और चालू खाता घाटे (CAD) पर लगाम लगाने के उपायों में से एक है. इस कदम से भारतीय मुद्रा को भी सहारा मिलने की संभावना है, जो लगभग हर हफ्ते नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच रही है। 

इसी के साथ MCX पर चांदी की कीमत 2,95,805 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जबकि सोना 1,62,648 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. यह महंगाई और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक स्तर पर मिल रहे मजबूत समर्थन को दर्शाता है. चांदी की कीमत 6% के अपर सर्किट पर पहुंच गई है। 

  •     सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से 15% कर दी.
  •     यह कदम चालू खाता घाटा और डॉलर की निकासी रोकने हेतु.
  •     ड्यूटी बढ़ने से चांदी 7.25% बढ़कर 2,99,283 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंची.
  •     भारत का गोल्ड इम्पोर्ट बढ़ा, व्यापार घाटा 333.2 अरब डॉलर पहुंचा.

आज सोने का लेटेस्ट रेट 

शहर  24 कैरेट सोने की कीमत (प्रति ग्राम) 22 कैरेट सोने की कीमत (प्रति ग्राम)
दिल्ली 16,804 14,331
मुंबई 16,789 15,390
चेन्नई 15,634 14,331
कोलकाता  16,789 15,390
बेंगलुरु 16,789 15,390
केरल 16,789 15,390
वडोदरा 16,794 15,395
अहमदाबाद 16,794 15,395
पुणे 16,789 15,390

चांदी की कीमत 
इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के सरकार के फैसले के बाद आज वायदा (MCX) और रिटेल बाजारों में चांदी की कीमतों में करीब 16675 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है. इम्पोर्ट ड्यूटी का ऐलान होते ही MCX पर चांदी का जुलाई कॉन्ट्रैक्ट 7.25 परसेंट की भारी तेजी के साथ 2,99,283 प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गया. चेन्नई जैसे देश के कई बड़े शहरों में आज चांदी का भाव उछलकर 3,00,100 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे महानगरों में भी कीमत 2,90,100 रुपये प्रति किलो पर बनी हुई हैं । 

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक है. हालांकि, अधिकारियों ने सरकार के इस कदम पर चिंता जताते हुए कहा है कि कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से कीमती धातुओं की स्मगलिंग बढ़ सकती है. अधिकारियों का तर्क है कि साल 2024 के बदा से स्मगलिंग के मामलों में कमी आई थी. गौरतलब है कि भारत सरकार ने साल 2024 के बजट में सोने-चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी। 

भारत सरकार ने तब सोने-चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया था. सरकार के इस कदम के बाद सोना-चांदी के आयात में रिकॉर्ड इजाफा देखने को मिला था. अब ताजा फैसले के बाद कस्टम ड्यूटी फिर से 2024 के बजट से पहले वाले स्तर पर पहुंच गया है। 

सरकार ने एकाएक क्यों बढ़ाई इम्पोर्ट ड्यूटी? 

भारत अपनी जरूरत का लगभग पूरा सोना और चांदी विदेशों से आयात करता है. इसका भुगतान डॉलर में होता है. पश्चिम एशिया में संकट के चलते वैश्चिक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हें, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से खर्च हो रहा है. डॉलर की इसी बाहरी निकासी को रोकने के लिए सरकार ने गैर-जरूरी आयातों पर रोक लगाई है.

कारोबारी साल 2025-26 में भारत का टोटल गोल्ड इम्पोर्ट 24 परसेंट बढ़कर 71.98 अरब डॉलर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर पहुंच गया. इससे देश का कुल व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़कर 333.2 अरब डॉलर हो गया और चालू खाता घाटा (CAD) भी GDP के 1.3 परसेंट तक पहुंच गया. इस बढ़ते हुए आर्थिक अंतर को पाटने के लिए टैक्स बढ़ाना जरूरी हो गया था. 

Gold Price Prediction: 2027 तक कितना महंगा होगा सोना? अगर 1 साल रोक दी खरीदारी तो कितना होगा फायदा

मुंबई

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की कि वे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक साल तक सोना न खरीदें. भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक है और त्योहारों और शादियों के मौसम में विदेशों से टन सोना आता है. नतीजतन, देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है और रुपये के मूल्य पर बहुत दबाव डाल रहा है. इसी पृष्ठभूमि में मोदी ने देश की आर्थिक ताकत बढ़ाने के लिए यह पहल की है।भारत को सोना आयात करने के लिए हर साल लाखों करोड़ रुपये विदेशी कंपनियों को देने पड़ते हैं. इससे देश का चालू खाता घाटा बढ़ेगा. सरकार का हिसाब है कि अगर लोग सोने में निवेश करने के बजाय बैंक योजनाओं या शेयर बाजार में निवेश करेंगे तो उस पैसे का इस्तेमाल देश के विकास के लिए होगा।

जैसे ही हम सोने की खरीद कम करते हैं, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत मजबूत हो जाती है. जब बाजार में डॉलर की मांग घटेगी तो रुपये का अवमूल्यन होगा और आयातित पेट्रोल और गैस की कीमतों में भी गिरावट आएगी. इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव आम आदमी की जेब पर पड़ता है।

बाजार के जानकारों के मुताबिक, अगर भारतीय मोदी की सलाह पर ध्यान देते हैं और एक साल के लिए सोना खरीदना बंद कर देते हैं तो मांग में गिरावट आ सकती है और कीमतों में अस्थायी गिरावट आ सकती है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए 2027 तक 10 ग्राम सोने की कीमत 85,000 रुपये से 95,000 रुपये के दायरे में पहुंचने की उम्मीद है।सरकार चाहती है कि लोग डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का विकल्प चुनें, न कि इसे भौतिक रूप से घर पर रखें. इससे सोने का आयात कम होगा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित निवेश के साथ-साथ वार्षिक ब्याज भी मिलेगा. यह देश और निवेशक, दोनों के लिए फायदेमंद होगा। पीएम मोदी के आह्वान से ज्वैलर्स में चिंता पैदा हो गई है. यह उन लाखों परिवारों को प्रभावित कर सकता है जिनकी आजीविका शादियों और त्योहारों के दौरान सोने के व्यापार पर निर्भर है. हालांकि, सरकार कह रही है कि यह केवल एक साल का अस्थायी अनुशासन है जो देश को लंबे समय में आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा।

2027 तक बाजार में सोने की आपूर्ति और मांग का संतुलन लोगों के फैसलों पर निर्भर करेगा. अगर यह एक साल का ‘गोल्ड फास्ट’ सफल होता है तो इसमें कोई शक नहीं है कि भारत आर्थिक रूप से दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. उस समय कीमत चाहे जो भी हो, भारत की क्रय शक्ति अधिक होगी।प्रधानमंत्री का संदेश है कि सोने का लालच छोड़कर देश के विकास के लिए हाथ मिलाएं. अगर आप एक साल तक सोना नहीं खरीदते हैं तो इस पैसे का इस्तेमाल देश में सड़क, रेलवे और शिक्षा के लिए किया जा सकता है. 2027 में सोने की कीमत के बारे में चिंता करने के बजाय, अब असली मंत्र यह है कि देश की अर्थव्यवस्था को कैसे उठाया जाए।

PM के बयान के बाद शेयर बाजार में भूचाल: 2 दिन में सेंसेक्स 2400 अंक टूटा

मुंबई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 2 दिन में जो बयान दिए हैं उनसे मार्केट में भयानक बिकवाली का दौर जारी हो गया है. 2 दिन में सेंसेक्स लगभग 2400 पॉइंट लुढ़क गया है. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मंगलवार को 1.92 परसेंट या 1456 पॉइंट गिरकर 74559 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 436 पॉइंट या 1.83 फीसदी गिरकर 23379 पर बंद हुआ. पीएम मोदी ने रविवार और फिर सोमवार को भारत के लोगों से अपील की थी कि वे 1 साल तक सोना न खरीदें. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी संकट के दौर से गुजर रहा है और लोग अगर एकजुट होकर इसका मुकाबला करें तो इस मुसीबत से पार पा लेंगे।

हालांकि, यह गिरावट सिर्फ पीएम के बयान की वजह से ही नहीं आई है. इसके पीछे कुछ और कारण भी हैं. इनमें पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव का माहौल बनना, रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतें और आईटी शेयरों में तेज बिकवाली भी शामिल हैं।

सोमवार के बाद मंगलवार को भारतीय भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2% तक लुढ़क गए। रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने, तेल की चढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बेरुखी से बाजार को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।

सेंसेक्स 1,456 अंक से अधिक गिरकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436 अंक से अधिक गिरकर 23,379 पर बंद हुआ। बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 4% बढ़कर 19.26 हो गया। इस गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई, जिससे यह घटकर 457 लाख करोड़ रुपये गया।

भारत में ठप पड़ा गूगल सर्च, यूजर्स को दिख रहा ‘Server Error’ मैसेज

नई दिल्ली
 भारत में आज हजारों यूजर्स के लिए Google डाउन होने की खबर है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस पॉपुलर सर्च इंजन को एक्सेस न कर पाने की शिकायतों की बाढ़ आ गई है। वहीं, आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Downdetector पर भी भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 10:23 बजे 3,300 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं हैं।

Downdetector पर लगभग 57% शिकायतें सर्च में आ रही समस्या से जुड़ी हुई थीं, जबकि 28% यूजर्स ने बताया कि कंटेंट ठीक से लोड नहीं हो रहा था। 11% अन्य यूजर्स ने वेबसाइट में ही दिक्कतें बताईं हैं।

क्या अभी काम कर रहा है सर्च इंजन?
वहीं, नेटिजन्स ने Google एक्सेस करने की कोशिश करते वक्त आए एरर मैसेज को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है। ऐसा लग रहा है कि रिक्वेस्ट प्रोसेस करते टाइम कोई इंटरनल सर्वर एरर आ गया है। शुरुआती आउटेज के बाद से Downdetector पर दर्ज शिकायतों की संख्या में तेजी से गिरावट भी आई है, जिससे पता चलता है कि सर्च दिग्गज एक बार फिर से अच्छे से वर्क कर रहा है।

Google आउटेज पर यूजर्स की प्रतिक्रिया
इसी बीच Google आउटेज पर एक यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं यह कह रहा हूं, लेकिन Google.com सच में डाउन हो गया है। मुझे याद नहीं है कि ऐसा आखिरी बार कब हुआ था। ऐसे केस लगातार बढ़ रहे हैं और शायद इसका कारण ‘वाइब कोडिंग’ हो सकता है? साथ ही इस मामले पर एक अन्य यूजर ने लिखा यार, Google का डाउन होना बहुत ही दुर्लभ है। अब तो लग रहा है कि कुछ बड़ा होने हो सकता है।

 

सोना हुआ महंगा, पेट्रोल-डीजल पर PM मोदी की बड़ी अपील… 24 घंटे में दूसरी बार धड़ाम हुआ शेयर बाजार

मुंबई

शेयर बाजार में मंगलवार को भी तेज गिरावट देखने को मिली है. मार्केट के दोनों इंडेक्स सोमवार को क्रैश होने के बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भी धड़ाम नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 160 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था. सबसे ज्यादा गिरावट Infosys, Tech Mahindra, TCS समेत अन्य टेक कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली।

मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का सीमित इस्तेमाल करने की अपील के बाद लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में डर देखने को मिला. PM Modi ने 24 घंटे में अपनी इस अपील को दोहराया भी।

बिखरते चले गए सेंसेक्स-निफ्टी
कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,015 के लेवल से तेज गिरावट लेकर 75,688 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही देर में इसकी गिरावट और तेज होती चली गई. महज 5 मिनट के कारोबार के दौरान ही BSE Sensex 723 अंक से ज्यादा टूटकर 75,291 के लेवल पर लुढ़क गया।

न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty भी रेड जोन में खुलने के साथ देखते ही देखते बिखर गया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,815 की तुलना में गिरकर 23,722 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 23,633 तक फिसल गया।

IT कंपनियों के शेयर क्रैश
शेयर मार्केट में तेज गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नुकसान में आईटी कंपनियां नजर आईं. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल TCS Share (3.61%), Infosys Share (3.30%), Tech Mahindra Share (2.80%), HCL Tech Share (2.30%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स पर नजर डालें, तो मिडकैप में शामिल UPL Share (4.10%), Hindustan petroleum Share (3.60%), Coforge Share (3%) गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।

इस डर का PM Modi कनेक्शन!
शेयर बाजार में लगातार बड़ी गिरावट आने के पीछे के कारणों की बात करें, तो सबसे ज्यादा खौफ पीएम मोदी द्वारा रविवार को की गई अपील का माना जा सकता है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने के लिए कहा था. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट युद्ध और होर्मुज टेंशन का जिक्र करते हुए पेट्रोल-डीजल की सेविंग करने का आग्रह किया था।

PM Narendra Modi ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि हमारे पड़ोस में जंग चल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें।

सिर्फ यही एक कारण नहीं है Stock Market Crash होने का, बल्कि अमेरिका और ईरान में तनातनी के चलते होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बरकरार है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में दिख रहा है. Brent Crude Oil Price 105 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है और महंगाई के जोखिम ने शेयर बाजार पर दबाव बनाया है।

Google में बड़ा बदलाव: अब वेबसाइट खुलेगी सिर्फ QR कोड स्कैन करने पर

नई दिल्ली

इंटरनेट इस्तेमाल करते समय आपने कई बार “I’m Not a Robot” वाला Captcha जरूर देखा होगा। यह सिस्टम वेबसाइट्स को बॉट्स और फर्जी ट्रैफिक से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अब Google इस पुराने सिस्टम को बदलने की तैयारी में है। गूगल एक नया QR Code बेस्ड ह्यूमन वेरिफिकेशन सिस्टम टेस्ट कर रही है, जिसमें यूजर्स को वेबसाइट इस्तेमाल करने से पहले अपने फोन को लिंक करना पड़ सकता है। इस नए सिस्टम में यूजर को वेबसाइट पर दिख रहे QR Code को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करना होगा। इसके बाद फोन के जरिए यह पुष्टि की जाएगी कि वेबसाइट इस्तेमाल करने वाला इंसान है या कोई बॉट। आज के समय में AI और ऑटोमेटेड बॉट्स पहले से ज्यादा स्मार्ट हो चुके हैं।

यही वजह है कि Google अब नया तरीका तलाश रहा है जिससे असली यूजर्स और बॉट्स के बीच फर्क करना आसान हो सके। फिलहाल यह फीचर शुरुआती चरण में बताया जा रहा है और Google ने आधिकारिक तौर पर इसकी पूरी जानकारी शेयर नहीं की है। आने वाले समय में कंपनी इसे कुछ वेबसाइट्स और सेवाओं पर टेस्ट कर सकती है। अगर यह फीचर सफल रहता है, तो इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका आने वाले वर्षों में काफी बदल सकता है।
Google का नया QR Code Verification सिस्टम

गूगल ऐसा सिस्टम विकसित कर रहा है जिसमें वेबसाइट खोलने पर यूजर को QR Code दिखाई देगा। यूजर को यह QR Code अपने स्मार्टफोन से स्कैन करना होगा। इसके बाद फोन के जरिए वेबसाइट को यह सिग्नल मिलेगा कि सामने असली इंसान है, कोई ऑटोमेटेड बॉट नहीं। यह सिस्टम मौजूदा Captcha की जगह ले सकता है। अभी ज्यादातर वेबसाइट्स पर तस्वीर पहचानना, ट्रैफिक लाइट चुनना या टेक्स्ट टाइप करना पड़ता है। लेकिन नए सिस्टम में यह प्रक्रिया काफी अलग हो सकती है।
Google क्यों बदलना चाहता है Google Captcha सिस्टम

गूगल लंबे समय से reCAPTCHA सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। शुरुआत में यह काफी असरदार माना जाता था, लेकिन अब AI तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है कि कई बॉट्स Captcha टेस्ट को आसानी से पास कर लेते हैं। गूगल का मानना है कि फोन लिंक्ड वेरिफिकेशन ज्यादा सुरक्षित हो सकता है क्योंकि इसमें असली डिवाइस और यूजर की पहचान को ट्रैक करना आसान होगा। इससे फर्जी अकाउंट, स्पैम और बॉट एक्टिविटी को कम करने में मदद मिल सकती है।
ऐसे काम करेगा यह नया फीचर

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक यूजर जब किसी वेबसाइट पर जाएगा तो वहां QR Code दिखाई देगा। इसके बाद यूजर अपने फोन से QR Code स्कैन करेगा। स्कैन करने के बाद फोन एक तरह का डिजिटल सिग्नल वेबसाइट को भेजेगा, जिससे यह पुष्टि होगी कि सामने असली यूजर मौजूद है।
प्राइवेसी को लेकर उठ रहे सवाल

Google के इस नए सिस्टम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा प्राइवेसी पर हो रही है। कई लोगों का कहना है कि अगर हर वेबसाइट के साथ फोन लिंक किया जाएगा, तो यूजर की ऑनलाइन एक्टिविटी को ज्यादा आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।

लेंबॉर्गिनी फेनोमेनो रोडस्टर: 7 सेकेंड में 200 किमी/घंटा, सिर्फ 15 कारें दुनिया में बिक्री के लिए

मुंबई 

इटली की दिग्गज सुपरकार निर्माता कंपनी लेंबॉर्गिनी ने अपनी नई और बेहद खास सुपरकार फेनोमेनो रोडस्टर से पर्दा उठा दिया है। यह कार केवल तेज रफ्तार का ही प्रतीक नहीं है, बल्कि इसे आधुनिक तकनीक, आक्रामक डिजाइन और सीमित उत्पादन के कारण ऑटोमोबाइल दुनिया की सबसे खास कारों में गिना जा रहा है। कंपनी इस सुपरकार की दुनिया भर में केवल 15 इकाइयां ही तैयार करेगी, जिससे इसकी विशिष्टता और भी बढ़ गई है। लेंबॉर्गिनी लंबे समय से ऐसी कारें बनाने के लिए जानी जाती है जो केवल वाहन नहीं बल्कि प्रदर्शन, तकनीक और विलासिता का प्रतीक होती हैं। फेनोमेनो रोडस्टर भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिखाई देती है। यह कार महज 6.8 सेकेंड में 0 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है, जबकि इसकी अधिकतम गति 340 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा बताई जा रही है।

बेहद आक्रामक और आकर्षक डिजाइन
नई फेनोमेनो रोडस्टर का डिजाइन पहली नजर में ही लोगों को आकर्षित कर देता है। कंपनी ने इसे ‘ब्लू सेफियस’ रंग में पेश किया है, जिसमें लाल रंग के विशेष एक्सेंट दिए गए हैं। यह रंग संयोजन लेंबॉर्गिनी की ऐतिहासिक कारों और इटली के बोलोग्ना शहर को सम्मान देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

कार का अगला हिस्सा बेहद आक्रामक दिखाई देता है। इसमें तीखे कट्स और धारदार रेखाओं का उपयोग किया गया है, जो इसे भविष्य की सुपरकार जैसा रूप देते हैं। आकर्षक एलईडी हेडलाइट्स, चौड़े एयर इनटेक और षट्कोणीय डिजाइन एलिमेंट इसकी स्पोर्टी पहचान को और मजबूत बनाते हैं।

कंपनी का दावा है कि इस कार को केवल खूबसूरत बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि उच्च गति पर बेहतर संतुलन और दबाव नियंत्रण के लिए एयरोडायनामिक तकनीक का भी विशेष इस्तेमाल किया गया है। इसमें नया फ्लैट विंडशील्ड दिया गया है, जिसके ऊपर लगा स्पॉइलर हवा को केबिन से हटाकर इंजन की ओर मोड़ देता है। इससे इंजन को ठंडा रखने में मदद मिलती है।

उच्च गति पर भी शानदार संतुलन
फेनोमेनो रोडस्टर के साइड प्रोफाइल में आकर्षक रेखाएं और बड़े एयर इनटेक दिए गए हैं। पीछे की ओर इसका लंबा डिजाइन प्रसिद्ध एसेंजा एससीवी12 की याद दिलाता है। इस सुपरकार में खास तौर पर विकसित किए गए ब्रिजस्टोन पोटेंजा स्पोर्ट सेमी-स्लिक टायर लगाए गए हैं। आगे की तरफ 21 इंच और पीछे 22 इंच के बड़े पहिए दिए गए हैं, जो सड़क पर बेहतर पकड़ सुनिश्चित करते हैं।

कार के पिछले हिस्से में वर्टिकल लाल पट्टी, षट्कोणीय एग्जॉस्ट और विशेष एयरो डिफ्यूजर दिया गया है। इसके अलावा इसमें एक्टिव विंग भी लगाया गया है, जो तेज रफ्तार के दौरान अतिरिक्त डाउनफोर्स और स्थिरता प्रदान करता है। यही वजह है कि इतनी तेज गति पर भी यह सुपरकार संतुलन बनाए रखने में सक्षम है।

विमान जैसे केबिन का अनुभव
फेनोमेनो रोडस्टर का इंटीरियर भी उतना ही शानदार है जितना इसका बाहरी डिजाइन। कंपनी ने इसमें “पायलट जैसा अनुभव” डिजाइन थीम का इस्तेमाल किया है। इसका केबिन लड़ाकू विमान से प्रेरित दिखाई देता है। इसमें विशेष स्विचगियर, कार्बन फाइबर ट्रिम और स्पोर्टी बकेट सीटें दी गई हैं।

डैशबोर्ड में त्रिआयामी प्रिंट तकनीक से तैयार एयर वेंट लगाए गए हैं। सीटों पर लाल रंग की कॉन्ट्रास्ट सिलाई की गई है, जो केबिन को और प्रीमियम बनाती है। तकनीक के मामले में भी यह सुपरकार बेहद आधुनिक है। इसमें तीन डिजिटल डिस्प्ले दिए गए हैं, जिनमें चालक के लिए 12.3 इंच का डिजिटल डिस्प्ले, 8.4 इंच का टचस्क्रीन और सहयात्री के लिए अलग स्क्रीन शामिल है।

1080 हॉर्सपावर की जबरदस्त ताकत
लेंबॉर्गिनी ने इस सुपरकार में 6.5 लीटर का नैचुरली एस्पिरेटेड वी12 इंजन दिया है। इसके साथ तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जोड़ी गई हैं। यह पूरा सिस्टम मिलकर 1080 हॉर्सपावर की जबरदस्त ताकत उत्पन्न करता है। सुपरकार में 8-स्पीड ड्यूल क्लच गियरबॉक्स दिया गया है, जो बेहद तेज और स्मूद गियर बदलाव सुनिश्चित करता है।

इसमें 7 किलोवाट घंटे की बैटरी भी दी गई है, जो इलेक्ट्रिक मोटरों को ऊर्जा प्रदान करती है। इतनी ताकतवर प्रणाली के बावजूद कार का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली है। यह सुपरकार केवल 2.4 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है, जबकि 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने में इसे सिर्फ 6.8 सेकेंड का समय लगता है।

दुनिया के चुनिंदा लोगों के लिए बनेगी यह सुपरकार
फेनोमेनो रोडस्टर का सबसे खास पहलू इसकी सीमित उपलब्धता है। कंपनी केवल 15 इकाइयों का ही निर्माण करेगी। इसका मतलब यह है कि दुनिया भर में केवल चुनिंदा ग्राहकों के पास ही यह सुपरकार देखने को मिलेगी। ऑटोमोबाइल जगत में सीमित संख्या में बनने वाली कारों की मांग हमेशा बेहद अधिक रहती है और समय के साथ उनकी कीमत भी कई गुना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि फेनोमेनो रोडस्टर केवल एक सुपरकार नहीं बल्कि संग्रहणीय विरासत बनने जा रही है। इसकी तकनीक, प्रदर्शन और दुर्लभता इसे आने वाले वर्षों में बेहद खास बना सकती है।

सेंसेक्स 1,312 अंक गिरकर 76,015 पर बंद, निफ्टी 360 अंक टूटा

मुंबई 

घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। BSE Sensex 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 23,900 के नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,312.91 अंक गिरकर 76,015.28 पर और निफ्टी 360.30  अंक टूटकर 23,815.85 पर बंद हुआ।

बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
1. कच्चे तेल में तेज उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने से वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ गया। इसके बाद ब्रेंट क्रूड करीब 4% उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ सकता है।

2. रुपए पर दबाव
तेल महंगा होने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भारतीय रुपया भी दबाव में आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI को रुपए को संभालने के लिए बाजार में दखल देना पड़ा।

3. गोल्ड और एविएशन शेयरों में भारी गिरावट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राएं टालने की अपील की। इसके बाद ज्वैलरी और एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। Titan Company, Kalyan Jewellers और InterGlobe Aviation जैसे शेयर दबाव में रहे।

4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बढ़ते तेल दाम, कमजोर रुपया और वैश्विक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

5. इंडिया VIX में उछाल
बाजार की घबराहट मापने वाला
India VIX करीब 12% बढ़कर 18.82 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों में डर और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है।

शेयर बाजार में हड़कंप: सोना और ईंधन पर PM मोदी की अपील, खुलते ही क्रैश

मुंबई 
सोमवार का दिन भार
तीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। बाजार खुलते ही बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस गिरावट ने कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये स्वाहा कर दिए। बाजार के इस खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं, जिन्होंने मंदी की गाड़ी में फ्यूल भरने का काम किया है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि अब कहानी सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि घरेलू मोर्चे पर आए पीएम मोदी के बयान ने भी बाजार का मूड बिगाड़ दिया है।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 1000 पॉइंट यानी 1 पर्सेंट से ज्यादा टूटकर 76,364 के लेवल पर आ गया। वहीं निफ्टी भी 1 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,896 के निचले स्तर तक पहुंच गया। सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1 पर्सेंट तक की गिरावट देखी गई। इस गिरावट की वजह से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 473.5 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 469.5 लाख करोड़ रुपये रह गया। बाजार में इस कदर बिकवाली हुई कि छोटे और बड़े हर तरह के निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी
बाजार के गिरने की पहली बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का विफल होना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है, जिससे युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस अनिश्चितता की वजह से कच्चे तेल की कीमतें पिछले दो महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है, जिसका सीधा असर देश की इकोनॉमिक ग्रोथ पर पड़ सकता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया बयानों ने भी आग में घी डालने का काम किया है।

पीएम मोदी की बचत वाली अपील का असर
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बार ग्लोबल कारणों से ज्यादा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘किफायत’ वाली अपील का पड़ा है। पीएम मोदी ने रविवार को भारतीयों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम करने और कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने का आग्रह किया था। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, पीएम की इस अपील ने बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है। लोगों से खर्च कम करने की बात कहने का मतलब है कि आने वाले समय में कंपनियों की कमाई और देश की इकोनॉमी पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

इन सेक्टर्स पर पड़ी सबसे ज्यादा मार
पीएम मोदी की इस अपील का सबसे बुरा असर ज्वेलरी कंपनियों पर पड़ा है। टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, सेनको गोल्ड और पीसी ज्वेलर जैसे शेयरों में भारी गिरावट देखी गई क्योंकि लोगों को डर है कि सोने की डिमांड कम हो जाएगी। इसके अलावा मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस जैसी गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव दिखा। इतना ही नहीं, पीएम द्वारा विदेशी दौरों से बचने की सलाह देने के बाद थॉमस कुक और ईजी ट्रिप प्लानर्स जैसी ट्रेवल कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का माहौल बना रहा। बाजार को डर है कि अगर लोग कम खर्च करेंगे, तो कॉर्पोरेट अर्निंग्स यानी कंपनियों के मुनाफे पर इसका सीधा असर होगा।

निवेशकों को 4 लाख करोड़ का नुकसान
सबसे बड़ा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 473.5 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 469.5 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी बाजार खुलने के कुछ ही समय में निवेशकों के लगभग 4 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। अब सवाल है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आ गई? इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। इसे देखते हुए पीएम मोदी ने भी गोल्ड और पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों से अपील की है।

अमेरिका और ईरान के बीच नहीं हो रही सुलह
दरअसल, निवेशकों को उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच बातचीत से हालात सुधर सकते हैं। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ गया। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर बातचीत पूरी तरह विफल होती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ और सख्त कदम उठा सकता है। इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब भी बड़ा खतरा बना हुआ है।

पीएम मोदी की अपील
मिडिल ईस्ट संकट से दुनियाभर में एनर्जी की कीमतें आसमान पर हैं। इससे भारत का आयात घाटा लगातार बढ़ रहा है और रुपया गिर रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल को बचाने की अपील की है। पीएम ने कहा कि हमारे पड़ोस मे जंग जल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें।

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