पीएम की अपील के बाद सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानिए MP में आज के ताजा रेट

इंदौर 

 भारतीय सराफा बाजार से इस अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में सोने और चांदी की खरीदी पर साल भर के लिए रोक लगाने की अप्रत्याशित अपील के बाद स्थानीय सराफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। पीएम मोदी के इस फैसले ने न केवल आम खरीदार बल्कि बड़े निवेशक और कारोबारियों को भी हैरान-परेशान कर दिया है। सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट की खबर सुनते ही बाजार में खरीदारों की होड़ मच गई है। वहीं इस भारी गिरावट ने हर किसी को चौंका कर रख दिया है।

चांदी 9.3 फीसदी टूटी, सोना भी औंधे मुंह गिरा
स्थानीय बाजार से मिले आंकड़ों के मुताबिक बाजार खुलते ही चांदी की कीमत में अब तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी 9.3 फीसदी टूटकर सीधे 2,58,000 रुपए प्रतिकिलोग्राम पर आ गई। शनिवार सुबह जैसे ही सराफा बाजार खुला चांदी बीते दिन शुक्रवार के मुकाबले 2000 रुपए सस्ती बिकी। वहीं दूसरी ओर 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 3 फीसदी तक सस्ता हो गया। इस गिरावट के बाद शुद्ध सोने का भाव 1,54,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अब कारोबारियों का कहना है कि किसी एक ही दिन में इतनी उठापटक से वे हैरान हैं।

एक्सपर्ट ने बताया क्यों आई भारी गिरावट

सराफा बाजार में सोना-चांदी के भाव में इतनी गिरावट और बाजार के सेंटीमेंट होने पर मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी निर्मल वर्मा ‘घुघरू’ ने इस पर विस्तृत बात की। उन्होंने बताया कि इस गिरावट के पीछे केवल घरेलू घोषणा नहीं, बल्कि वैश्विक कारण भी हैं।

1- डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आई मजबूती
वे कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही अमेरीकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी निवेशकों का रुझान सोने से हट गया है। वे डॉलर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।

2- भारी मुनाफा वसूली
पिछले कई दिनों से सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं। इस तेजी के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा काटा है। इससे बाजार में अचानक बिकवाली बढ़ी और कीमतें धड़ाम से गिरी हैं।

3- सख्त मौद्रिक नीति भी एक वजह हो सकती है
घुंघरू बताते हैं कि लगातार महंगाई की चिंताओं ने वैश्विक स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति यानी कड़ी ब्याज दरें की उम्मीद बढ़ा दी है। जब भी ब्याज दरें बढ़ने की आशंका होती है, तो कीमती धातुओं पर इसका सीधे तौर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

वैश्विक बाजारों में हाहाकार
घरेलू या स्थानीय बाजार ही नहीं अब अंतरराष्ट्रीय या वैश्विक बाजार भी बेहाल हो चुके हैं। वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना 104 डॉलर की भारी गिरावट के साथ 4,548,46 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी भी 5.26 डॉलर टूटकर 75.21 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।

बाजार विश्वलेषकों का कहना है कि दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत डॉलर इंडेक्स ने सराफा बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है। उनका कहना है कि बाजार में स्थिरता आने में थोड़ा समय लग सकता है।

सोना चांदी के आज के भाव (Gold Silver Price Today)
24 कैरेट सोना- 16,300 (1 ग्राम)

22 कैरेट सोना- 14,500 (1 ग्राम)

18 कैरेट सोना- 11,870 (1 ग्राम)

चांदी- 2,75,000 रुपए प्रति किलो

सराफा महासंघ भोपाल के महामंत्री और प्रवक्त नवनीत अग्रवाल कहते हैं। आभूषण खरीदते समय इन भावों में 3 फीसदी GST और लेबर चार्ज भी अतिरिक्त देना होगा। 

अभी ₹3 की बढ़ोतरी ने बढ़ाई टेंशन, जल्द और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल!

 नई दिल्‍ली

शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई, लेकिन ये सिलसिला अब आगे भी जारी रह सकता है. पेट्रोल और डीजल के दाम को लेकर एक्‍सपर्ट्स बड़ी चेतावनी दे दी है. अगर कच्‍चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहत हैं तो अगले 3 से 4 महीनों में ईंधन की कीमतें बढ़ती रह सकती हैं। 

यह वॉर्निंग ऐसे समय में आई है, जब वेस्‍ट एशिया में बढ़ते तनाव और ग्‍लोबल तेल आपूर्ति में रुकावट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस 110 डॉलर प्रति बैर के करीब पहुंच गईं। 

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 4 साल में पहली बार 15 मई को बढ़ोतरी की गई, क्‍योंकि कच्‍चे तेल की बढ़ती लागत के कारण सरकार तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूटर कंपनियों (OMC) पर दबाव बढ़ा जा रहा था. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर कच्‍चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो हालिया बढ़़ोतरी से तेल और अन्‍य कारोबारी कंपनियों को हो रहे नुकसान की आंशिक तौर से भरपाई हो पाएगी। 

क्‍यों 3 से 4 महीने तक बढ़ोतरी रह सकती है जारी? 
मास्टर पोर्टफोलियो सर्विसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर गुरमीत सिंह चावला ने इंडिया टुडे डॉट इन को बताया कि ईंधन की कीमतों में संशोधन कुछ हद तक अपेक्षित था क्योंकि तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियां हाई एनर्जी प्राइस को वहन करते हुए अपनी सीमाओं को बढ़ा रही हैं। 

उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत पहले ही 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी है, ऐसे में अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक 90-100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे से ऊपर बनी रहती है, तो अगले तीन से चार महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और भी बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। 

फ्यूल प्राइस में कितनी हो सकती है बढ़ोतरी? 
चॉइस के ऊर्जा विश्लेषक धवल पोपट ने भी कहा कि मौजूदा बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों को केवल आंशिक राहत ही मिलती है. इंडिया टुडे को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीर तक की मौजूदा बढ़ोतरी से सरकारी स्‍वामित्‍व वाली तेल और डीजल कंपनियों पर पड़ रहे मुनाफे के दबाव से कुछ हद तक राहत मिली है, लेकिन मौजूदा घाटे की भरपाई की मात्रा काफी ज्‍यादा बनी हुई है। 

पोपट के अनुसार, ईंधन की कीमतों में प्रति लीटर 1 रुपये की बढ़ोतरी से तीनों सरकारी तेल विपणन कंपनियों के कुल सालाना EBITDA में लगभग 15,000-16,000 करोड़ रुपये का सुधार हो सकता है. उन्‍होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि हालिया बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों को सालाना करीब 45,000-48,000 करोड़ रुपये की कमाई का लाभ मिल सकता है. हालांकि, पोपट ने चेतावनी दी कि अगर ग्‍लोबल स्‍तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं तो और ज्‍यादा प्राइस बढ़ोतरी की आवश्यकता हो सकती है। 

नुकसान की भरपाई के लिए कितने रुपये की बढ़ोतरी संभव 
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में, अगर ग्‍लोबल नजरिए में कोई बदलाव नहीं होता है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहती हैं, तो नुकसान की भरपाई के लिए कुल मिलाकर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जरूरत होगी. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है, जिससे घरेलू ईंधन की कीमतें वैश्विक कच्चे तेल की गतिविधियों और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाती हैं। 

तेल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव 
पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताओं ने आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं को तेजी से बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि कच्‍चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती से तेल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है, जबतक की रिटेल फ्यूल की कीमतों में और बदलाव नहीं किया जाता है। 

इकोनॉमिस्‍ट ने भी चेतावनी दी है कि ईंधन की कीमतों में बार-बार होने वाली बढ़ोतरी धीरे-धीरे महंगाई और घरेलू बजट पर असर डाल सकती है, क्योंकि इससे सभी क्षेत्रों में परिवहन और रसद की लागत बढ़ जाएगी. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ईंधन की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को सीमित करने में सरकारी हस्तक्षेप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 

भारत पर मंडराया ईंधन संकट! सिर्फ एक दिन बाद रुक सकता है रूसी तेल, पेट्रोल-डीजल की बढ़ेगी चिंता

मुंबई 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में पिछले 75 दिनों से जारी व्यवधान और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच भारत ने एक बार फिर अमेरिका से संपर्क किया है। भारत ने रूसी तेल आयात पर मौजूदा प्रतिबंधों से छूट की अवधि को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। अमेरिका ने इस साल मार्च में पहली बार इस विशेष व्यवस्था को मंजूरी दी थी, जिसे बाद में विस्तारित किया गया। वर्तमान छूट की समय सीमा 16 मई रात 12:01 बजे तक निर्धारित है। इस छूट का प्राथमिक उद्देश्य अतिरिक्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर वैश्विक बाजारों को स्थिर करना था।

रूसी तेल पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, लेकिन ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन लगातार भारत पर दबाव बना रहा है कि वह यूक्रेन युद्ध के कारण मॉस्को से रियायती दरों पर की जा रही खरीदारी को कम करे।

28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में शुरू हुए संकट के लगातार गहराने के कारण भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश के लिए स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने चेतावनी दी है कि तेल बाजारों में निरंतर अस्थिरता के व्यापक आर्थिक परिणाम हो सकते हैं। अप्रैल में जारी किए गए ताजा लाइसेंस के तहत उन रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद की अनुमति दी गई थी, जो उस तारीख तक जहाजों पर लोड किए जा चुके थे।

आयात में रिकॉर्ड इजाफा
छूट की समय सीमा समाप्त होने से पहले भारतीय रिफाइनरी कंपनियां तेजी से खरीदारी कर रही हैं। केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, मई में अब तक रूस से कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया है। पूरे महीने का औसत 19 लाख बैरल प्रति दिन रहने का अनुमान है।

रूसी कच्चे तेल की रिकॉर्ड खरीदारी के बावजूद, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने उन रूसी LNG (तरल प्राकृतिक गैस) कार्गो को लेने से इनकार कर दिया है जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं। इस फैसले के कारण रूस से जुड़ा कम से कम एक LNG शिपमेंट फिलहाल सिंगापुर के पास अटका हुआ है।

इस विषय पर 30 अप्रैल को रूसी उप ऊर्जा मंत्री पावेल सोरोकिन ने नई दिल्ली में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की थी। वे जून में फिर से वार्ता के लिए आ सकते हैं।

भारत के पास कितना है सुरक्षित स्टॉक?
केंद्र सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सीआईआई (CII) के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में बोलते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत के ऊर्जा भंडार की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में 69 दिनों का एलएनजी और 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है।

पुरी ने कहा कि इन स्टॉक स्तरों के कारण तत्काल आपूर्ति बाधित होने का कोई खतरा नहीं है। तनाव को देखते हुए सरकार ने LPG के दैनिक उत्पादन को 36,000 टन से बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया है ताकि घरेलू आपूर्ति सुरक्षित रहे।

Gold-Silver Rate: दूसरे दिन भी चढ़ा सोना, लेकिन चांदी 5700 रुपये टूटी

मुंबई 
सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के ऐलान के बाद बुधवार को धुआंधार तेजी देखने को मिली थी. एक ही दिन में एमसीएक्स पर सोना 11000 रुपये, जबकि चांदी 22000 रुपये चढ़ गई थी. लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी सोना महंगा हुआ है, हालांकि इसमें बीते कारोबारी दिन जैसी तेजी नहीं दिखी. वहीं दूसरी ओर MCS Silver Price की बात करें, तो एक दिन की उछाल के बाद ये धड़ाम हो गई हैं. गुरुवार को कारोबार की शुरुआत होते ही चांदी 5700 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई। 

सोना आज भी हुआ महंगा
सबसे पहले बताते हैं सोने की कीमत के बारे में, तो बुधवार को ये 11000 रुपये तक उछला था, लेकिन अंत में 8000 रुपये के आसपास की बढ़त लेकर क्लोज हुआ था. वहीं गुरुवार को भी कीमती पीली धातु के दाम में तेजी देखने को मिली है. शुरुआती कारोबार में 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.63 लाख रुपये के पार निकल गया. सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने के फैसले के बाद दो दिन में सोना अब तक 9613 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है और इसकी कीमत 1,53,442 रुपये से उछलकर 1,63,055 रुपये पर पहुंच गई है। 

चांदी की तेजी पर अचानक ब्रेक 
दूसरी ओर चांदी की कीमत की बात करें, तो इसकी कीमत में बुधवार को आई धुआंधार तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया और ये कीमती धातु भरभराकर टूटी. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी एक झटके में 5788 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई. दरअसल, बीते कारोबारी दिन इसका भाव 3,00,238 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही ये गिरकर 2,94,450 रुपये प्रति किलो पर आ गई। 

हाई से अब कितना सस्ता Gold-Silver? 
सोने की कीमत में इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद भले ही दो दिन से तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन इसके बावजूद कीमती पीली धातु अपने हाई लेवल से काफी सस्ती बनी हुई है. वायदा कारोबार में 5 जून की एक्सपायरी वाले सोने की हाई लेवल 2,02,984 रुपये है और ताजा रेट से तुलना करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 39,929 रुपये सस्ता मिल रहा है।  

चांदी ने भी एमसीएक्स पर इस साल जनवरी महीने में रिकॉर्ड तोड़े थे और पहली बार 4 लाख के पार निकली थी. 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली चांदी का हाई लेवल 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम है और इस लेवल से अब ये कीमती धातु 1,62,878 रुपये कम कीमत पर मिल रही है। 

महंगाई का नया झटका! आज से अमूल-मदर डेयरी का दूध महंगा, जानें ताजा रेट

नई दिल्ली

आज से आम आदमी की रसोई का बजट फिर बढ़ गया है. देश की दो बड़ी डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं. दोनों कंपनियों ने अपने अलग-अलग दूध वैरिएंट्स पर 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है. नई कीमतें आज यानी 14 मई, गुरुवार से लागू हो गई हैं. कंपनियों का कहना है कि किसानों से दूध खरीद की लागत बढ़ने और उत्पादन खर्च ज्यादा होने की वजह से कीमतों में बदलाव करना पड़ा है। 

Amul Milk Price Hike: अमूल दूध हुआ महंगा
गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने अमूल दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं. कंपनी के मुताबिक नई कीमतें पूरे भारत में लागू होंगी और सभी प्रमुख वैरिएंट्स महंगे हो जाएंगे.अब अमूल का फुल क्रीम दूध 68 रुपये की जगह 70 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. इसके अलावा कंपनी ने अपने कई दूसरे वैरिएंट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। 

कौन-कौन से Amul Milk Products हुए महंगे?

आप इस लिस्ट में देख सकते हैं कि अमूल के किन दूध वैरिएंट्स की कीमत बढ़ी हैं…

    अमूल फुल क्रीम मिल्क (Amul Full Cream Milk)
    अमूल गोल्ड (Amul Gold)
    अमूल स्टैंडर्ड मिल्क (Amul Standard Milk)
    अमूल बफेलो मिल्क (Amul Buffalo Milk)
    अमूल स्लिम एंड ट्रिम (Amul Slim & Trim)
    अमूल ताज़ा (Amul Taaza)
    अमूल काउ मिल्क (Amul Cow Milk)
    अमूल टी स्पेशल मिल्क (Amul Tea Special Milk)

कंपनी ने बताया कि आखिरी बार मई 2025 में दूध की कीमतें बढ़ाई गई थीं. उस समय भी प्रति लीटर 2 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी। 

Mother Dairy Milk Price Hike: मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम

अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी अपने लिक्विड मिल्क वैरिएंट्स की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है. कंपनी ने कहा कि पिछले एक साल में किसानों से दूध खरीद की कीमत करीब 6% बढ़ी है, जिसकी वजह से लागत बढ़ी है.मदर डेयरी के मुताबिक कंपनी अपनी कुल कमाई का करीब 75-80% हिस्सा किसानों और दूध खरीद पर खर्च करती है. ऐसे में बढ़ी हुई लागत का कुछ असर ग्राहकों पर डालना जरूरी हो गया था। 

अब कितना महंगा मिलेगा Mother Dairy दूध?

दिल्ली-NCR में मदर डेयरी के नए रेट (Mother Dairy New Price List) इस तरह होंगे… 

    Token Milk अब 56 रुपये से बढ़कर 58 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
    Full Cream Milk की कीमत 70 रुपये से बढ़कर 72 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
    Toned Milk अब 58 रुपये की जगह 60 रुपये प्रति लीटर मिलेगा.
    Double Toned Milk (Live Lite) की कीमत 52 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
    Cow Milk अब 60 रुपये की जगह 62 रुपये प्रति लीटर मिलेगा.
    Pro Milk की कीमत 70 रुपये से बढ़कर 72 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

मदर डेयरी ने बताया कि आखिरी बार अप्रैल 2025 में कीमतों में बदलाव किया गया था.
क्यों बढ़ रहे हैं दूध के दाम?

दूध कंपनियों के मुताबिक कई वजहों से लागत बढ़ी है…

    किसानों से महंगे दाम पर दूध खरीद
    पशु चारे की बढ़ती कीमतें
    ट्रांसपोर्ट और सप्लाई लागत में इजाफा
    गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन पर असर

इन्हीं वजहों से दूध कंपनियों ने दूध की कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया है। 

आम आदमी के बजट पर कितना पड़ेगा असर?
दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का सीधा असर घरों के मासिक बजट पर पड़ सकता है. रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीज होने की वजह से अब परिवारों को हर महीने ज्यादा खर्च करना पड़ेगा. खासकर उन परिवारों पर ज्यादा असर होगा जहां रोजाना 2 से 5 लीटर तक दूध इस्तेमाल होता है.चाय, कॉफी, मिठाई और डेयरी प्रोडक्ट्स की लागत भी आने वाले दिनों में बढ़ सकती है.

प्रधानमंत्री ने बजाज समूह की 100 वर्ष की यात्रा को सराहा

प्रधानमंत्री ने बजाज समूह की 100 वर्ष की यात्रा को सराहा

मुंबई
 देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों में शामिल बजाज समूह ने सोमवार को अपने 100 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह को बधाई देते हुए राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि बजाज समूह ने दशकों से रोजगार सृजन, नवाचार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समूह की यह 100 वर्षों की यात्रा केवल लंबे समय तक टिके रहने की कहानी नहीं है, बल्कि समय के साथ खुद को ढालने और निरंतर आगे बढ़ने की क्षमता का भी प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजाज समूह ने देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने समूह के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

 प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बधाई संदेश में कहा, ”दशकों से बजाज समूह ने रोजगार पैदा करने, नवाचार को बढ़ावा देने और सामुदायिक विकास का समर्थन करके राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि 100 साल किसी भी संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण यात्रा है, जो न केवल लंबी अवधि तक टिके रहने, बल्कि समय के साथ खुद को ढालने की क्षमता को भी दर्शाती है।

इस अवसर पर मध्य मुंबई में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजनीति और व्यापार जगत की कई हस्तियों ने शिरकत की।

जमनालाल बजाज ने 1926 में मुंबई में इस समूह की स्थापना की थी और आज इसका बाजार पूंजीकरण 148 अरब डॉलर है और इसमें 1.3 लाख लोग काम करते हैं। संस्थापक जमनालाल बजाज स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय रूप से शामिल थे और उन्हें महात्मा गांधी का बेहद करीबी माना जाता था।

घरेलू विनिर्माण पर जोर देते हुए बजाज ऑटो के चेयरमैन नीरज बजाज ने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा हाल ही में शुरू नहीं हुई है, बल्कि जमनालाल जैसे अग्रदूतों के कारण एक सदी पहले ही शुरू हो गई थी।

दिवंगत राहुल बजाज के पुत्र राजीव बजाज ने कहा, ”हम जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमें हमेशा एक समानता होनी चाहिए। शायद इसीलिए बजाज की यात्रा केवल विकास की कहानी नहीं बनी, बल्कि यह विश्वास की कहानी बन गई।”

इस अवसर पर बजाज परिवार ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उतरने की अपनी योजना भी सार्वजनिक की। इसकी कमान नीरज बजाज के पुत्र नीरव बजाज संभालेंगे, जो व्यवसाय चलाने वाली परिवार की पांचवीं पीढ़ी का हिस्सा हैं।

बजाज इंटीग्रेटेड हेल्थ सिस्टम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीरव बजाज ने कहा, ”हमारा मानना है कि समाज को लाभ से ही लाभ होना चाहिए, ताकि विकास गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचे।”

CNG हुई महंगी: आम आदमी को बड़ा झटका, मुंबई में बढ़े नए रेट जारी

 मुंबई 

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सीएनजी (CNG) के दामों में अचानक बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे रोजाना गैस पर निर्भर लाखों वाहन चालकों की जेब पर असर पड़ना तय है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी की कीमत में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई समेत पूरे एमएमआर क्षेत्र में तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

महानगर गैस लिमिटेड द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद अब मुंबई में सीएनजी का नया रेट 84 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इससे पहले सीएनजी की कीमत 82 रुपये प्रति किलो थी। अचानक हुई इस वृद्धि ने उन हजारों लोगों को झटका दिया है जो पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में सीएनजी को अपना चुके हैं।

पूरे MMR क्षेत्र में लागू हुई नई दरें
यह नई कीमतें केवल मुंबई शहर तक ही सीमित नहीं हैं। एमजीएल (MGL) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बढ़े हुए दाम मुंबई के साथ-साथ ठाणे, नवी मुंबई, मीरा-भायंदर और कल्याण-डोंबिवली समेत पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में प्रभावी होंगे। इसका मतलब है कि पूरे रीजन के लाखों वाहन मालिकों पर इसका सीधा वित्तीय बोझ पड़ेगा।

कितने लोगों पर असर?
इस बढ़ोतरी का सीधा असर मुंबई के लाखों यात्रियों पर पड़ेगा. शहर में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी, बसें और निजी वाहन सीएनजी पर चलते हैं. आंकड़ों के मुताबिक मुंबई क्षेत्र में करीब 12 लाख से ज्यादा वाहन सीएनजी का इस्तेमाल करते हैं. इनमें लगभग 4.7 लाख ऑटो रिक्शा, 1.6 लाख टैक्सियां और 5 लाख से ज्यादा निजी कारें शामिल हैं। 

ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने कहा है कि सीएनजी महंगी होने से उनकी परिचालन लागत बढ़ जाएगी. ऑटो चालकों का कहना है कि अब प्रति किलोमीटर खर्च और बढ़ जाएगा. इसी वजह से किराए में बढ़ोतरी की मांग भी तेज हो गई है. ऑटो यूनियन ने संकेत दिया है कि वे कम से कम 1 रुपये किराया बढ़ाने की मांग करेंगे. वहीं टैक्सी यूनियन 2 रुपये तक किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। 

सीएनजी की कीमत बढ़ने का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ सकता है. BEST, NMMT, MSRTC और दूसरी परिवहन सेवाओं की हजारों बसें सीएनजी पर चलती हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में बस संचालन की लागत भी बढ़ सकती है। 

हालांकि राहत की बात यह है कि पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इससे मुंबई और आसपास के करीब 31 लाख घरों को राहत मिलेगी, जहां खाना बनाने के लिए पाइप गैस का इस्तेमाल होता है। 

MGL का कहना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद सीएनजी अभी भी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता विकल्प है. कंपनी के अनुसार मौजूदा दरों पर भी सीएनजी, पेट्रोल की तुलना में करीब 44 फीसदी और डीजल के मुकाबले लगभग 7 फीसदी तक सस्ती पड़ती है। 

आगे और बढ़ोतरी का खतरा
तेल उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल कच्चे तेल के संकट के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी जल्द बढ़ सकती हैं. मुंबई में ट्रांसपोर्ट का बड़ा हिस्सा CNG पर निर्भर है. आम आदमी, ऑटो-टैक्सी वाले और बस ऑपरेटर सभी पर इसका सीधा असर पड़ेगा. हालांकि MGL ने आश्वासन दिया है कि CNG अभी भी पर्यावरण के हिसाब से सबसे अच्छा और बजट में सस्ता विकल्प बना रहेगा। 

ऑटो और टैक्सी का सफर होगा महंगा?
सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ता है। मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली काली-पीली टैक्सी और ऑटो रिक्शा पूरी तरह से सीएनजी पर आधारित हैं। ऐसे में चालक यूनियनों की ओर से अब किराए में बढ़ोतरी की मांग उठना लाजमी है। अगर आने वाले दिनों में टैक्सी और ऑटो का किराया बढ़ता है, तो इसका सीधा असर मुंबई के आम मुसाफिरों की जेब पर पड़ेगा।

क्यों बढ़ी कीमतें?
महानगर गैस लिमिटेड ने इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य कारण बताया है। हालांकि, उपभोक्ता इस फैसले से नाखुश हैं क्योंकि पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं।

 

बढ़ती तेल कीमतों के बीच Air India का बड़ा फैसला, PM मोदी की अपील का दिखा असर

 नई दिल्‍ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से विदेश यात्राएं कम करने की अपील और बढ़ते कच्‍चे तेल के दाम के बीच एअर इंडिया (Air India) ने एक बड़ा फैसला लिया है. एअर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर अपने इंटरनेशनल ऑपरेशन में कटौती का ऐलान किया है।  

एअर इंडिया ने कई रूटों पर फ्लाइट्स की संख्‍या को एडजस्‍ट किया है. एयलाइंस ने अगस्त 2026 तक, हर महीने 1,200 से ज्‍यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन जारी रखने का फैसला लिया है। 

एअर इंडिया ने कहा है कि हर महीने 1200 इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन करेगा, जिससे एक मजबूत इंटरनेशनल नेटवर्क बना रहेगा, जो पांच महाद्वीपों से होकर जाएगा। 

कहां के लिए चलेंगी कितनी फ्लाइट्स? 
उत्तरी अमेरिका के लिए हर हफ्ते 33 फ्लाइट्स, यूरोप के लिए हर हफ़्ते 47 फ्लाइट्स, UK के लिए हर हफ़्ते 57 फ्लाइट्स, ऑस्ट्रेलिया के लिए हर हफ़्ते 08 फ्लाइट्स, सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और SAARC क्षेत्रों के लिए हर हफ़्ते 158 फ्लाइट्स, और मॉरीशस (अफ्रीका) के लिए हर हफ़्ते 07 फ्लाइट्स चलाई जाएंगी। 

पीएम मोदी ने की थी अपील 
एअर इंडिया का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वह 1 साल तक सोना नहीं खरीदें. साथ ही विदेशी यात्राओं को भी कम करें, ताकि संकट के समय में भारतीय रुपये की गिरावट और भारतीय अर्थ्‍व्‍यवस्‍था पर दबाव को कम किया जा सके. अभी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया 95 लेबल के पार पहुंच चुका है और 96 मार्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 

तेल की कीमतों में तेजी से एयलाइंस की बढ़ी परेशानी 
एयरलाइंस का यह फैसला, उसे कुछ राहत दे सकता है, क्‍योंकि ईरान-अमेरिका जंग और होर्मुज के बंद होने के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और 107 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं. ऐसे में एयलाइंस को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके मुनाफे में भारी नुकसान हुआ है। 

एयलाइंस ने लगाई थी मदद की गुहार 
हाल ही में तेल की कीमतों में तेजी के कारण एअर इंडिया से लेकर इंडिगो और स्पाइसजेट समेत तमाम एयरलाइन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताई थी. साथ ही चेतावनी देते हुए कहा था कि विमान ईंधन (एयर टर्बाइन फ्यूल-ATF) की कीमतों में तेज इजाफा होने से एविएशन सेक्टर बेहद तनाव का सामना कर रहा है। 

इस लेटर में एविएशन मिनिस्ट्री से कहा था कि मौजूदा लागत बढ़ने के कारण कई एयर रूट्स को आर्थिक समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है. अगर ATF Price इसी तरह हाई पर बने रहते हैं, तो एयरलाइंस को अपने परिचालन का फिर से वैल्‍यूवेशन करना पड़ सकता है और कई विदेशी उड़ानों को रद्द करना पड़ सकता है और अब एअर इंडिया ने कई रूट में कटौती करने का फैसला लिया है। 

Gold-Silver Prices में जोरदार उछाल: इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ते ही चांदी 3 लाख के करीब, जानें सोने के नए रेट

मुंबई

 सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के फैसले के बाद आज 13 मई, बुधवार को गोल्‍ड-सिल्‍वर की कीमतों में जबरदस्‍त उछाल देखा गया. घरेलू कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोने और चांदी (Gold-Silver) में करीब 30,000 रुपये तक की बढ़त देखी गई. चांदी करीब 18,000 रुपये चढ़कर 3 लाख के करीब पहुंच गई, जबकि सोना भी करीब 10,000 रुपये चढ़कर 1.63 लाख रुपये के करीब पहुंच गया. केडिया एडवायजरी के मुताबिक, सोने-चांदी में इस बढ़त के पीछे सरकार की ओर से सोने के आयात पर लगने वाले टैरिफ में बढ़ोतरी एक बड़ी वजह है. कमोडिटी एक्‍सपर्ट अजय केडिया ने बताया कि सोने-चांदी पर आयात शुल्‍क 6% से बढ़ाकर 15% कर देने का असर कमोडिटी मार्केट में देखा जा रहा है. सोने और चांदी में करीब 6% की उछाल के पीछे ये एक बड़ी वजह है। 

MCX पर कितना चढ़ा सोना, चांदी कितनी महंगी हुई? 
घरेलू कमोडिटी मार्केट MCX पर आज सुबह करीब 9:30 बजे 3 जुलाई को डिलीवरी वाला सोना 6.19 फीसदी या 9,503 रुपये के उछाल के साथ 1,62,945 रुपये/10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा. वहीं 5 जून को डिलीवरी वाली चांदी 6.70 फीसदी या 18,698 रुपये की बढ़त के साथ 2,97,760 रुपये के लेवल पर पहुंच गया।  

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल 
इंटरनेशनल मार्केट में बुधवार को सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता दिखा. कारण कि अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्‍यादा रहे, जिसने सर्राफा कीमतों पर दबाव डाला. इसने फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को कम कर दिया. अमेरिका में कंज्‍यूमर इनफ्लेश अप्रैल में बढ़कर 3.8% हो गई, जो बाजार के 3.7% के अनुमान से अधिक है और मई 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है. इसका मुख्य कारण मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़ी ऊर्जा की बढ़ती कीमतें हैं. इस बीच, तेल की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र में तेजी जारी रही क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध को सुलझाने के राजनयिक प्रयास ठप रहे, जिससे महंगाई और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर चिंताएं बढ़ गईं. इसके अतिरिक्त, भारत ने सोने की मांग को नियंत्रित करने और घरेलू मुद्रा को सहारा देने के लिए सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। 

वहीं दूसरी ओर मजबूत औद्योगिक मांग के बीच चांदी दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतें 87 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई. सुधरती औद्योगिक मांग की संभावनाओं के कारण चांदी की कीमतों में ये तेजी आई, जो दो महीनों का इसका उच्चतम स्तर है. इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और औद्योगिक विनिर्माण अनुप्रयोगों में व्यापक उपयोग के कारण चांदी का प्रदर्शन अन्य कीमती धातुओं की तुलना में बेहतर रहा है. हालांकि, निवेशकों का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है.  इस बीच अमेरिका-ईरान संघर्ष पर रुकी हुई राजनयिक वार्ताओं के कारण तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बढ़त देखी गई, जिससे वैश्विक कमोडिटी बाजारों में महंगाई की चिंताएं बनी हुई हैं। 

आज 13 मई, बुधवार को सोने-चांदी के दाम 
आज 13 मई को सोने के भाव की बात करें तो ज्‍वैलरी मार्केट में 24 कैरेट सोना 1,53,990 रुपये/10 ग्राम के करीब है. वहीं चांदी 2,90,100 रुपये/किलो के भाव चल रही है। 

मुंबई में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    मुंबई में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    मुंबई में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    मुंबई में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

दिल्ली में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,140 रुपये/10 ग्राम
    दिल्ली में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,310 रुपये/10 ग्राम
    दिल्ली में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,650 रुपये/10 ग्राम

कोलकाता में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    कोलकाता में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    कोलकाता में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    कोलकाता में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

चेन्नई में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    चेन्नई में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,56,340 रुपये/10 ग्राम
    चेन्नई में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,43,310 रुपये/10 ग्राम
    चेन्नई में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,19,510 रुपये/10 ग्राम

बेंगलुरु में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    बेंगलुरु में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    बेंगलुरु में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    बेंगलुरु में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

हैदराबाद में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    हैदराबाद में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    हैदराबाद में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    हैदराबाद में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

केरल (राज्‍य) में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

केरल में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
केरल में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
केरल में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम
पुणे में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    पुणे में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम
    पुणे में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम
    पुणे में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम

वडोदरा में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    वडोदरा में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,040 रुपये/10 ग्राम
    वडोदरा में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,210 रुपये/10 ग्राम
    वडोदरा में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,550 रुपये/10 ग्राम

अहमदाबाद में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार

    अहमदाबाद में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,040 रुपये/10 ग्राम
    अहमदाबाद में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,210 रुपये/10 ग्राम
    अहमदाबाद में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,550 रुपये/10 ग्राम

आपके शहर में चांदी के दाम- 13 मई, बुधवार | Silver Prices Today

    मुंबई में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    दिल्ली में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    कोलकाता में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    चेन्नई में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 3,00,100 रुपये/किलो
    बेंगलुरु में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    हैदराबाद में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 3,00,100 रुपये/किलो
    केरल में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 3,00,100 रुपये/किलो
    पुणे में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    वडोदरा में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो
    अहमदाबाद में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो

 

पाकिस्तान ने बंद किया एयरस्पेस, एयर इंडिया ने रोजाना 100 उड़ानें रद्द कीं; वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

मुंबई 

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को एक बड़ा झटका दिया है। दुनिया भर में विमान ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में आई भारी तेजी और ईरान में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए एयर इंडिया ने जून महीने से अगले तीन महीनों के लिए अपनी कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या कम करने का फैसला किया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

एयर इंडिया ने अपने दिल्ली हब से कई महत्वपूर्ण रूटों पर उड़ानों को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है। इसमें शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इसके अलावा, सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसी जगहों के लिए उड़ानों की संख्या (Frequency) घटा दी गई है। कुल मिलाकर एयरलाइन ने अपने नेटवर्क से रोजाना लगभग 100 उड़ानों की कटौती की है।

8 मई 2026 को खत्म हुए हफ्ते में विमान ईंधन की वैश्विक औसत कीमत 162.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में मात्र 99.40 डॉलर थी। किसी भी एयरलाइन के संचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40% होती है। ऐसे में कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी ने एयर इंडिया के मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को बताया कि हवाई क्षेत्र (Airspace) के प्रतिबंधों और महंगे ईंधन ने कई रूटों को ‘घाटे का सौदा’ बना दिया है। उनके पास पीक ट्रैवल सीजन के दौरान उड़ानों में कटौती करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

एयर इंडिया को अपने प्रतिद्वंद्वी इंडिगो के मुकाबले ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का बंद होना है। इस वजह से यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों को लंबे रास्तों से जाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और क्रू का खर्च काफी बढ़ गया है। अब अमेरिका जाने वाली उड़ानों को वियना या स्टॉकहोम में रुकना पड़ता है, जिससे लागत और भी बढ़ जाती है।

एयर इंडिया पहले ही ₹20,000 करोड़ से अधिक का घाटा झेल रही है। टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस पर लागत कम करने का भारी दबाव है। एयरलाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम कई उड़ानों पर अपनी परिचालन लागत (Operating Cost) भी नहीं निकाल पा रहे हैं। पिछले महीने, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (IndiGo, Air India, SpiceJet) ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने टैक्स या ईंधन की कीमतों में राहत नहीं दी, तो सेवाएं निलंबित करना मजबूरी हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरान युद्ध के कारण उपजे आर्थिक संकट को देखते हुए देश के 140 करोड़ लोगों से ईंधन और यात्रा पर कम खर्च करने की अपील की है। एयर इंडिया का यह कदम उसी गहरे आर्थिक संकट का संकेत है, जहां बढ़ती लागत के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा अब आम आदमी की पहुंच से और दूर हो सकती है।

दी हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए थे। जहां 24 अप्रैल 2025 से भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद है, वहीं पिछले साल 30 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी विमानों को भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। इनमें भारतीय पंजीकृत विमान, भारतीय एयरलाइंस/ऑपरेटरों द्वारा संचालित/स्वामित्व वाले विमान, सैन्य उड़ानें भी शामिल हैं। इनके लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र उपलब्ध नहीं है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद करने की अवधि को 24 मई 2026 तक बढ़ा दिया है।

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