‘AI का फायदा सिर्फ कंपनी को!’ सैमसंग के 45 हजार कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान किया

 नई दिल्ली

दुनिया इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में तेजी से आगे बढ़ रही है. हर बड़ी कंपनी AI की रेस में लगी है और इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत है चिप यानी सेमीकंडक्टर. लेकिन इसी बीच दुनिया की सबसे बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों में से एक Samsung में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक सैमसंग के करीब 45 हजार कर्मचारी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं. यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी हड़ताल मानी जा रही है. खास बात यह है कि ये वही कर्मचारी हैं जो कंपनी के मेमोरी चिप प्लांट्स में काम करते हैं, यानी वही जगह जहां से AI, स्मार्टफोन, लैपटॉप और सर्वर के लिए जरूरी चिप्स बनते हैं। 

AI से फायदा बढ़ा, लेकिन कर्मचारियों की सैलरी नहीं

इस हड़ताल की वजह सिर्फ एक नहीं है. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बेहतर सैलरी, बोनस और काम के हालात चाहिए. AI बूम की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, लेकिन कर्मचारियों को उसका फायदा उतना नहीं मिला. यही असंतोष अब बड़े आंदोलन में बदलता दिख रहा है। 

असल कहानी यहां से दिलचस्प होती है. AI की वजह से चिप्स की मांग पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. ChatGPT जैसे टूल्स, डेटा सेंटर और नई टेक्नोलॉजी के लिए भारी मात्रा में मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है. सैमसंग इस सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सा है. अगर यहां प्रोडक्शन रुकता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। 

लंबी चली हड़ताल तो महंगे होंगे डिवाइसेज
अगर यह हड़ताल लंबे समय तक चलती है, तो सबसे पहले असर चिप सप्लाई पर दिखेगा. चिप्स कम होंगे, तो कंपनियों के लिए प्रोडक्ट बनाना मुश्किल होगा. इसका मतलब है कि स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं। 

सीधे शब्दों में कहें तो अगर सैमसंग के प्लांट्स में काम रुकता है, तो आने वाले समय में मोबाइल और गैजेट्स महंगे हो सकते हैं. यह असर सिर्फ टेक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा। 

आज बैंकिंग, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल और यहां तक कि सरकारी सिस्टम भी चिप्स पर निर्भर हैं. ऐसे में सप्लाई में गड़बड़ी आने से कई सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं। 

फिलहाल बातचीत जारी है, लेकिन अगर कंपनी और यूनियन के बीच समझौता जल्दी नहीं होता, तो यह हड़ताल लंबी खिंच सकती है. और जितनी लंबी यह चलेगी, उतना ही बड़ा असर बाजार पर पड़ेगा। 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सिर्फ एक कंपनी का मामला नहीं है, बल्कि आने वाले समय का संकेत है. AI की वजह से कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं. अगर उन्हें उनका हिस्सा नहीं मिला, तो ऐसी हड़तालें और बढ़ सकती हैं। 

दुनिया AI और टेक्नोलॉजी की बात कर रही है, लेकिन उसके पीछे काम करने वाले लाखों लोग भी हैं. अगर वही लोग काम रोक दें, तो पूरी डिजिटल दुनिया की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। 

आम आदमी के लिए यह खबर सिर्फ एक कॉर्पोरेट विवाद नहीं है. इसका सीधा असर उसकी जेब पर पड़ सकता है. आने वाले महीनों में अगर गैजेट्स महंगे होते हैं या उनकी कमी होती है, तो इसकी एक बड़ी वजह यही हड़ताल हो सकती है। 

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग, क्या अब 90 पैसे वाला फॉर्मूला देगा राहत?

नई दिल्ली

 पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ गए हैं। एक हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल महंगा हुआ है। दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल के दाम 0.87 रुपये बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। वहीं, दिल्ली में डीजल 0.91 रुपये बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। उपभोक्ताओं को फिलहाल LPG की कीमतों में राहत है। कंपनियों ने मंगलवार को LPG सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।

कोलकाता में मंगलवार को एक लीटर पेट्रोल का रेट अब 109.70 रुपये और डीजल का रेट 96.07 रुपये हो गया है। जबकि, चेन्नई में पेट्रोल आज 19 मई से 104.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 96.11 रुपये हो गई है।

5 दिन पहले 3-3 रुपये बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
अभी 5 दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल के रेट में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। पहले जहां तेल कंपनियों का डेली घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये की वजह से तेल कंपनियों पर काफी दबाव बना हुआ है। क्रिसिल के अनुमान के अनुसार, सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में राहत और ताजा बढ़ोतरी से घाटा घटकर पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर रह गया है। फिर भी, संघर्ष शुरू होने के बाद से कुल घाटा मई के अंत तक 1 लाख करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है।

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

    दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है.
    मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है.
    कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है.
    चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है.
    गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है.
    नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है.
    बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है.
    भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है.
    चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है.
    हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.
    जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है.
    लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है.
    पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है.

4 साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के रेट

इससे पहले सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. करीब 4 साल बाद तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. इससे पहले अप्रैल 2022 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे. वहीं मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने ₹2 प्रति लीटर की कटौती की थी.

पेट्रोल-डीजल और LPG रेट दिल्ली

पेट्रोल: ₹98.64 प्रति लीटर

डीजल: ₹91.36 प्रति लीटर

घरेलू LPG सिलेंडर (14.2kg): ₹913

कमर्शियल सिलेंडर (19kg): ₹3,071.50

5 किलो सिलेंडर: ₹339
पेट्रोल-डीजल और LPG रेट लखनऊ

पेट्रोल: ₹98.42

डीजल: ₹91.73

घरेलू LPG: ₹950.50

कमर्शियल LPG: ₹3,194

5 किलो सिलेंडर: ₹352.50
पेट्रोल-डीजल और LPG रेट कोलकाता

पेट्रोल: ₹109.70

डीजल: ₹96.07

घरेलू LPG: ₹939

कमर्शियल LPG: ₹3,202

5 किलो सिलेंडर: ₹348
पेट्रोल-डीजल और LPG रेट पटना

पेट्रोल: ₹109.54

डीजल: ₹95.58

घरेलू LPG: ₹1,002.50

कमर्शियल LPG: ₹3,346.50

5 किलो सिलेंडर: ₹371.50
पेट्रोल-डीजल और LPG रेट जयपुर

पेट्रोल: ₹108.94

डीजल: ₹94.14

घरेलू LPG: ₹916.50

कमर्शियल LPG: ₹3,099

5 किलो सिलेंडर: ₹341.50

पेट्रोल-डीजल और LPG रेट बेंगलुरु

पेट्रोल: ₹107.14

डीजल: ₹95.04

घरेलू LPG: ₹915.50

कमर्शियल LPG: ₹3,152

5 किलो सिलेंडर: ₹340

सरकार फिलहाल सब्सिडी देने के मूड में नहीं

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा कि तेल कंपनियों को राहत देने के लिए फिलहाल किसी सरकारी सब्सिडी पैकेज पर विचार नहीं हो रहा है। कंपनियां अब भी पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेच रही हैं।
ईरान युद्ध से बढ़ा दबाव

अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष के बाद वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। सरकार ने लंबे समय तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखीं, लेकिन आखिरकार 15 मई को पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करनी पड़ी। इसके 5वें दिन ही एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों को सीमित राहत देती है, लेकिन इससे महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

TVS Motor का बड़ा दांव, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक में खरीदेगी 4.9% हिस्सेदारी; ₹193 करोड़ निवेश का ऐलान

 नई दिल्ली
 टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड 193.32 करोड़ रुपये में जन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड में 4.9 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि यह अधिग्रहण ‘टीवीएस वेणु’ के एक सौदे का हिस्सा है
इसके तहत वॉरंट जारी करने और द्वितीयक बाजार से खरीद के जरिये जन स्मॉल फाइनेंस बैंक में पूर्ण रूप से चुकता आधार पर 9.9 प्रतिशत तक की अल्पांश हिस्सेदारी हासिल की जाएगी। इसमें से 4.9 प्रतिशत हिस्सेदारी टीवीएस मोटर कंपनी के पास होगी।

हो गया शेयर खरीद समझौता
टीवीएस मोटर कंपनी के निदेशक मंडल ने सोमवार को हुई बैठक में जन होल्डिंग्स लिमिटेड के साथ शेयर खरीद समझौते (एसपीए) को मंजूरी दी। इसके तहत कंपनी 51,60,903 इक्विटी शेयरों की खरीद करेगी, जो 18 मई, 2026 तक जन स्मॉल फाइनेंस बैंक की चुकता पूंजी का 4.90 प्रतिशत है।

कितने में हुई है डील?
टीवीएस मोटर ने बताया कि इस सौदे की कुल लागत 193.32 करोड़ रुपये होगी। टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन सुदर्शन वेंकटरमन ने कहा कि जन में यह निवेश टीवीएस वेंचर्स की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप है, जिसके तहत भारत की बढ़ती वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाली उच्च गुणवत्ता वाली इकाइयों का समर्थन किया जाता है।

कितने पर हैं शेयर?
आज सवा 3 बजे जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर 5.53 फीसदी की गिरावट के साथ 462 रुपये पर है। वहीं टीवीएस मोटर कंपनी का शेयर भी 5.32 फीसदी गिरकर 3,282.55 रुपये पर है।

चांदी में बड़ी गिरावट! हाई से ₹1.92 लाख टूटा भाव, जानिए सोने-चांदी के ताजा रेट

नई दिल्ली

सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में गिरावट का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबार दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं के भाव गिर गए. चांदी, जो बीते दिनों सरकार के सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले (Gold-Silver Import Duty Hike) के बाद रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 3 लाख के पार निकल गई थी, उसका बुलबुला अब फूटा हुआ नजर आ रहा है और हर रोज ये फिसल रही है. हाई लेवल से तुलना करें, तो 1 Kg Silver Price इसके हाई से 1.92 लाख रुपये से ज्यादा कम हो गया है। 

न सिर्फ चांदी, बल्कि सोने की कीमत में भी ओपनिंग के साथ ही गिरावट देखने को मिली. हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ ये रिकवरी करता हुआ भी नजर आया. आइए जानते हैं 10 ग्राम 24 कैरेट वायदा सोना खरीदने के लिए आपको कितना पैसा खर्च करना होगा। 

चांदी की कीमत में गिरावट जारी
सबसे पहले बात करते हैं चांदी के भाव में आई गिरावट के बारे में, तो बीते शुक्रवार को एमसीएक्स पर 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी की कीमत तेज गिरावट लेकर 2,71,866 रुपये पर क्लोज हुई थी, लेकिन सोमवार को खुलने के साथ ही ये कीमती धातु फिसलकर 2,64,949 रुपये प्रति किलो पर आ गई. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो एक झटके में चांदी 6,917 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। 

वहीं कुछ दिनों से जारी गिरावट के बाद चांदी के भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो ये काफी सस्ती हो चुकी है. दरअसल, MCX Silver Price पर नजर डालें, तो इसने जनवरी महीने में पहली बार 4 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करते हुए 4,57,328 रुपये का हाई छुआ था और ये स्तर छूने के बाद तेजी से क्रैश भी हुई थी. अब ताजा गिरावट से बाद ये इस लेवल से 1,92,379 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है। 

सोना पहले फिसला, फिर रिकवरी
बात सोने की कीमत के बारे में करें, तो ये कीमती पीली धातु खुलने के सात ही पहले धड़ाम नजर आई, लेकिन फिर इसमें गिरावट थमने लगी. दरअसल, बीते शुक्रवार को 5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,58,547 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था, लेकिन सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1000 रुपये सस्ता होकर 1,57,547 रुपये के लेवल पर आ गया. हालांकि, वायदा कारोबार शुरू होने के कुछ देर बाद इसमें रिकवरी भी देखने को मिली।  

चांदी की तरह अगर सोने के ताजा भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो जनवरी में ही MCX Gold Rate भी पहली बार 2 लाख रुपये के पार निकला था और इसका हाई लेवल 2,02,984 रुपये है. जहां से गिरते हुए अब 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1.57 लाख रुपये पर आ गया है. यानी सोना 45,437 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता मिल रहा है। 

ट्रंप की चेतावनी से बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का, निवेशकों के उड़े होश

मुंबई 
शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ. खुलते के साथ ही शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपन होने के कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 280 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया. इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए। 

सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश
सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग पर नजर डालें, तो BSE Sensex अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,237 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 74,807 के लेवल पर खुला था और अगले पांच मिनट में ही ये भारी गिरावट के साथ फिसलते हुए 907 अंक टूट गया और 74,330 के लेवल पर आ गया और कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार करने लगा. NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,643 की तुलना में गिरकर पहले 23,482 पर खुला और फिर अचानक इसमें गिरावट भी तेज होती चली गई. शेयर मार्केट में ट्रेडिंग शुरू होने के पांच मिनट बाद ही ये इंडेक्स भी 280 अंक टूटकर 23,361 पर कारोबार करता नजर आया। 

ये बड़े शेयर बिखर गए 
शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आई इस बड़ी गिरावट के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल Tata Steel Share (3.75%), PowerGrid Share (3.50%), Maruti Share (2.40%), Trent Share (2.25%), SBI Share (2.05%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा Eternal, Titan, Adani Ports जैसे स्टॉक्स भी करीब 2 फीसदी की गिरावट में थे। 

US-Iran में नई जंग की आहट से डर
शेयर मार्केट के क्रैश होने के पीछे के कारण की बात करें, तो इनमें सबसे बड़ा अमेरिका और ईरान के बीच नई जंग की आहट को माना जा सकता है. दरअसल, दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को बड़ी धमकी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा है कि, ‘ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेज भाग रही हैं और उन्हें जल्द से जल्द तेजी से कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा. वक्त बहुत कीमती है। 

ट्रंप की धमकी और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है. सोमवार को खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत तेजी से उछाल भरती नजर आई. Brent Crude Oil Price 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, तो वहीं WTI Crude Oil Price 108 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा नेचुरल गैस की कीमतों में भी करीब 3 फीसदी का उछाल आया है और ये 3.034 डॉलर पर पहुंच गई हैं। 

विदेशों से मिल रहे थे रेड सिग्नल 
शेयर बाजार में गिरावट के सिग्नल पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां Gift Nify 195 अंक फिसलकर 23,550 पर कारोबार कर रहा था. तो वहीं एशियाई मार्केट्स में भी भूचाल देखने को मिला था. Japan Nikkei करीब 600 अंक फिसलकर, तो वहीं हांगकांग का Hangseng भी 385 अंक, ब्रिटेन का मार्केट FTSE-100 भी करीब 200 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा DAX (510 अंक), तो CAC (150 अंक) की गिरावट में कारोबार कर रहा था।  

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

शेयर बाजार पर अगले हफ्ते बड़ा असर, ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी चिंता

नई दिल्ली

 भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Outlook) के लिए अगला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई की चाल और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की चाल निर्धारित करेंगे। आने वाले सत्रों में निवेशकों की निगाहें अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर होंगी। दोनों देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है।
वहीं, ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक नया प्लान पेश करने वाला है। दूसरी तरफ अमेरिका भी ईरान के लेकर आक्रामक बना हुआ है। कच्चे तेल पर निवेशकों की निगाहें बनी हुई हैं।

तेल के दाम उछले
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री के बयानों के बाद शुक्रवार को तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जहाजों पर हमलों और जब्ती को रोकने के लिए संभावित समझौते की उम्मीदें कमजोर हो गई हैं।
इस सप्ताह के दौरान, ईरान-अमेरिका संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के चलते ब्रेंट क्रूड में 7.84 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि डब्ल्यूटीआई में 10.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

विदेशी निवेशक भी खफा
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भी भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अहम होने वाले हैं। एफआईआई ने इस महीने में अब तक (16 मई तक) 27,177 करोड़ रुपए की बिकवाली की है। वहीं, 2026 में अब तक 2,31,486 करोड़ रुपए सेकेंडरी इक्विटी बाजार से निकाल चुके हैं। वहीं, प्राइमरी बाजार के माध्यम से वर्ष के दौरान कुल निवेश 12,468 करोड़ रुपए रहा है।
इस वर्ष एफपीआई द्वारा की गई कुल बिक्री पिछले वर्ष दर्ज की गई कुल निकासी को पार कर चुकी है। दूसरी तरफ घरेलू आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। 21 मई को एचएसबीसी पीएमआई का डेटा जारी होगा। वहीं, 22 मई को बैंक लोन, बैंक डिपॉजिट और विदेशी मुद्रा भंडार जैसे आंकड़े जारी होंगे। भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता नुकसान वाला रहा।

कैसा रहा पिछला हफ्ता?
पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2,090 अंक या 2.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,237 और निफ्टी 532 अंक या 2.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,643 पर बंद हुआ। इस दौरान सूचकांकों में निफ्टी रियल्टी 8.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप गेनर था।
निफ्टी आईटी 5.71 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 4.71 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 4.36 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 4.16 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 4.12 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 3 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 2.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा 2.18 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 2.17 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 1.91 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

 

पावर ग्रिड के तिमाही नतीजे: मुनाफे में 9.7% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली

 सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने तिमाही नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने दी जानकारी में कहा है कि सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट 9.7 प्रतिशत बढ़ा है। जनवरी से मार्च 2026 के दौरान इस कंपनी का कुल नेट प्रॉफिट 4546 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 4143 करोड़ रुपये रहा था। बता दें, कंपनी ने तिमाही नतीजों के साथ-साथ डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

रेवन्यू में गिरावट
पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के रेवन्यू में गिरावट दर्ज की गई है। मार्च तिमाही के दौरान कंपनी का कुल रेवन्यू 11666 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले मार्च क्वार्टर में 12275 करोड़ रुपये कंपनी का रेवन्यू रहा था।

कंपनी के EBITDA में भी मार्च तिमाही के दौरान 11.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का EBITDA जनवरी से मार्च क्वार्टर के दौरान 9066 करोड़ रुपये रहा था। साल भर पहले इसी तिमाही में यह 10224 करोड़ रुपये रहा था।

तिमाही नतीजों के साथ-साथ कंपनी के बोर्ड ने 5000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दे दी है।

कितना डिविडेंड दे रही है कंपनी
सरकारी कंपनी ने 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले एक शेयर पर योग्य निवेशकों को 1.25 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी इससे पहले फरवरी के महीने में एक्स-डिविडेंड ट्रेड की थी। तब योग्य निवेशकों को एक शेयर पर 3.25 रुपये का डिविडेंड मिला था

शेयरों का प्रदर्शन कैसा?
शुक्रवार को बाजार के बंद होने के समय पर पावर ग्रिड कारपोरेशन के शेयर 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 305.85 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। पिछले 6 महीने में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 12 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली है। वहीं, एक साल में यह स्टॉक पोजीशनल निवेशकों को 2 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। बता दें, कंपनी का 52 वीक हाई 324.80 रुपये और 52 वीक लो लेवल 250.05 रुपये है। इस कंपनी का मार्केट कैप 2.84 लाख करोड़ रुपये का है।

तीन साल में Power Grid के शेयरों की कीमतों में 67 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। वहीं, 5 साल में पीएसयू स्टॉक का भाव 137 प्रतिशत बढ़ा है। बता दें, बीते 10 साल में पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के शेयरों का भाव 276 प्रतिशत बढ़ा है।

कंपनी में सरकार की कितनी हिस्सेदारी?
Trendlyne के डाटा के अनुसार इस कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 51.30 प्रतिशत थी। वहीं, सिंगापुर सरकार के पास 2.1 प्रतिशत हिस्सा है।

टाटा पंच का फ्लेक्स फ्यूल अवतार जल्द, इथेनॉल ब्लेंडिंग मिशन को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली

भारत में फ्लेक्स फ्यूल (Flex Fuel) से चलने वाली कारें जल्द ही हकीकत बन सकती हैं। टाटा मोटर्स (Tata Motors) उच्च इथेनॉल-मिश्रित ईंधन के अनुकूल प्रोडक्शन-रेडी मॉडल पेश करने वाले पहले बड़े कार निर्माताओं में शामिल होने की तैयारी कर रही है। उद्योग जगत की चर्चाओं के अनुसार, टाटा मोटर्स इस साल के आखिर तक टाटा पंच का एक फ्लेक्स फ्यूल वर्जन लॉन्च कर सकती है। इस कॉम्पैक्ट एसयूवी को पहले फ्लेक्स फ्यूल रूप में प्रदर्शित भी किया जा चुका है। जो इस उभरते वैकल्पिक ईंधन सेगमेंट में प्रवेश करने के कंपनी के इरादे को दर्शाता है।

टाटा पंच का नया मॉडल किस तरह के ईंधन को सपोर्ट करेगा?

यह आगामी मॉडल देश के ईंधन आयात खर्च को कम करने की सरकारी नीति के अनुकूल तैयार किया जा रहा है:

    E85 ईंधन का सपोर्ट: इस नए पंच फ्लेक्स फ्यूल मॉडल से 85 प्रतिशत तक इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पर चलने की उम्मीद है, जिसे आमतौर पर E85 कहा जाता है।

    रणनीतिक उद्देश्य: सरकार पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता को कम करने और ईंधन आयात लागत में कटौती करने के प्रयासों को तेज कर रही है। जिसमें यह तकनीक सहायक होगी।

पंच की फ्लेक्स फ्यूल रणनीति और इंजन में क्या बदलाव होंगे?

टाटा पंच इस समय कई पावरट्रेन विकल्पों के साथ आती है। जिसमें अब एक नया विकल्प जुड़ने जा रहा है:

    पावरट्रेन का विस्तार: टाटा पंच पहले से ही पेट्रोल और सीएनजी विकल्पों में उपलब्ध है। फ्लेक्स फ्यूल वेरिएंट के आने से इस मॉडल की ईंधन अनुकूलता का और विस्तार होगा।

    इंजन में बड़े बदलाव: सूत्रों के अनुसार, उच्च इथेनॉल मिश्रण को सपोर्ट करने के लिए एसयूवी के 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। इन बदलावों में इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU) और अन्य महत्वपूर्ण इंजन पुर्जों को अपडेट करना शामिल है।

    विशेष इंजीनियरिंग: फ्लेक्स फ्यूल वाहन विशेष रूप से काफी अधिक इथेनॉल सांद्रता वाले ईंधन को संभालने के लिए तैयार किए जाते हैं। जबकि मानक पेट्रोल कारें आमतौर पर E85 जैसे मिश्रण पर चलने के लिए डिजाइन नहीं की जाती हैं।

भारत के लिए फ्लेक्स फ्यूल वाहन क्यों महत्वपूर्ण हैं?

देश के ऊर्जा और पर्यावरण लक्ष्यों के लिहाज से इस तकनीक के कई मायने हैं:

    आयात बिल में कमी: सरकार कच्चे तेल के आयात को कम करने और देश के ईंधन बिल में कटौती करने की अपनी रणनीति के तहत इथेनॉल सम्मिश्रण (इथेनॉल ब्लेंडिंग) को दृढ़ता से बढ़ावा दे रही है।

    स्वच्छ गतिशीलता: घरेलू स्तर पर उत्पादित बायोफ्यूल (जैव ईंधन) का उपयोग करते हुए इसे स्वच्छ गतिशीलता समाधानों को समर्थन देने के एक तरीके के रूप में भी देखा जा रहा है।

    ऊर्जा संक्रमण: उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लेक्स फ्यूल तकनीक भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेष रूप से ऐसे समय में जब देश पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को संतुलित कर रहा है।

बाजार में इस नई तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है:

    रेस में कई कंपनियां: टाटा मोटर्स फ्लेक्स फ्यूल तकनीक तलाशने वाली एकमात्र कंपनी नहीं है। कई कार निर्माताओं ने पहले ही अपने फ्लेक्स फ्यूल प्रोटोटाइप प्रदर्शित किए हैं। और वे इस सेगमेंट में अनुसंधान और विकास (R&D) में निवेश कर रहे हैं।

    तकनीकी बाधा: विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं और अनुकूल इंजनों की जरूरत के कारण व्यापक स्तर पर फ्लेक्स फ्यूल को अपनाना आसान नहीं होगा। सामान्य पेट्रोल वाहन बड़े इंजीनियरिंग बदलावों के बिना E85 या E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रणों पर कुशलतापूर्वक काम नहीं कर सकते हैं। जिससे समर्पित फ्लेक्स फ्यूल वाहनों का विकास आवश्यक हो जाता है।

 

रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से चमकी TVS Motor Company, 47,270 करोड़ रेवेन्यू और 59 लाख यूनिट्स की बिक्री

 नई दिल्ली

टीवीएस मोटर (TVS Motor) के लिए वित्तवर्ष 2026 बेहतरीन रहा है. कंपनी ने लगभग हर सेगमेंट में पॉजिटिव नंबर्स के साथ सेल्स को क्लोज किया है. बात करें ब्रांड के थ्री व्हीलर बिजनेस की, तो कंपनी ने 2.19 लाख यूनिट्स को बेचा है, जो 63 परसेंट की ग्रोथ है. दो साल पहले कंपनी इस नंबर की सिर्फ कल्पना कर सकती थी। 

कंपनी का रेवेन्यू 47,270 करोड़ पहुंच गया है, जो टीवीएस के इतिहास में पहली बार हुआ है. पिछले वित्तवर्ष से ये आंकड़ा 30 फीसदी ज्यादा है. 2025 फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने 36,251 करोड़ का कुल रेवेन्यू हासिल किया था. वहीं इस साल कंपनी ने सेल्स और रेवेन्यू के पुराने सभी आंकड़ों को तोड़ दिया है। 

कितनी बाइक और कितने स्कूटर बिकें? 
बीते वित्तवर्ष में कंपनी ने कुल 59 वाहन बेचे हैं. इसमें टू-व्हीलर्स और थ्री व्हीलर्स दोनों ही शामिल हैं. कंपनी ने 27.13 लाख मोटरसाइकिलें वित्तवर्ष 2026 में बेची हैं, जो 2025 में 21.95 लाख यूनिट्स थी. यानी ब्रांड ने 24 फीसदी की बढ़त हासिल की है. इसी दौरान ब्रांड ने 24.13 लाख स्कूटर्स बेचे हैं. जो वित्तवर्ष 2025 के 19.04 लाख के मुकाबले 27 फीसदी ज्यादा हैं। 

कंपनी की बेहतरीन सेल में अपाचे नेमप्लेट का बड़ा योगदान रहा है. वहीं टीवीएस रेडर 125 ऐसी बाइक है, जिसे लोगों ने काफी ज्यादा पसंद किया है. सिर्फ पेट्रोल इंजन वाले ही नहीं बल्कि कंपनी ने ईवी बिजनेस में भी कमाल किया है. ब्रांड के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल 33 फीसदी की बढ़त के साथ 3.71 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई है। 

वित्तवर्ष 2025 में ये संख्या 2.79 लाख यूनिट्स की थी. ब्रांड की आईक्यूब सीरीज बेस्ट सेलिंग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में से एक है. बात करें रेवेन्यू की तो कंपनी ने जनवरी-मार्च 2026 वाली तिमाही में 12,808 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। 

TVS Raider की बंपर सेल
टीवीएस रेडर 125 कंपनी की सफल मोटरसाइकिलों में से एक है. लॉन्च के बाद से इस बाइक की 19 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं. घरेलू मार्केट में इसकी 16.21 लाख यूनिट्स अब तक बिकी हैं, जबकि एक्सपोर्ट का आंकड़ा 2.86 लाख तक पहुंच गया है. यानी ओवर ऑल कंपनी ने इसकी 19 लाख से ज्यादा यूनिट्स को बेच दिया है। 

वित्तवर्ष 2022 में कंपनी ने इसकी सिर्फ 76,742 यूनिट्स को भारत में बेचा था. वहीं वित्तवर्ष 2024 बाइक के लिए अब तक का बेहतरीन साल रहा है. इस साल कंपनी ने 4.78 लाख यूनिट्स बाइक की बिकी हैं. पिछले वित्तवर्ष में इस बाइक की 4.26 लाख यूनिट्स घरेलू मार्केट में सेल हुई हैं। 

भौकाली लुक और दमदार इंजन के साथ लॉन्च हुई सबसे छोटी Toyota Land Cruiser, फीचर्स देख रह जाएंगे दंग

 नई दिल्ली

टोयोटा की जब भी बात होती है, तो हमारे दिमाग में फॉर्च्यूनर और इनोवा जैसी बड़ी गाड़ियां आती हैं. कंपनी भारतीय बाजार में एक बेहद खास कार को लाने वाली है. फिलहाल इस कार को कंपनी ने अपने घरेलू मार्केट यानी जापान में लॉन्च किया है. ये ब्रांड की सबसे छोटी लैंड क्रूजर है। 

हम बात कर रहे हैं लैंड क्रूजर एफजे (Land Cruiser FJ) की, जिसे कंपनी ने पहले थाईलैंड और अफ्रीका में लॉन्च किया था. इस कार का भारत आना भी लगभग कन्फर्म है. रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी इस कार की मैन्युफैक्चरिंग अपनी अपकमिंग प्रोडक्शन फैसिलिटी में करेगी, जो महाराष्ट्र में होगी. इससे भारत में कार की कीमत कम भी रखी जा सकेगी। 

कितनी है कार की कीमत? 
इस कार को कंपनी ने जापान में 4,500,100 जापानी येन (लगभग 27.24 लाख रुपये) की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है. इसके साथ स्पेशल एक्सेसरीज पैकेज भी मिलेगा. यानी इस कार को आप अपनी जरूरत से हिसाब से आधिकारिक एक्सेसरीज इस्तेमाल करके मॉडिफाई भी कर सकेंगे. फुल एक्सेसरीज पैकेज के साथ इसकी कीमत 7,154,890 जापानी जेन (लगभग 43.31 लाख रुपये) तक जाती है। 

इस कार के साथ ही अलग-अलग एक्सेसरीज पैकेज ऑफर हो रहे हैं. इसमें से एक मोडेलिस्टा है, जिसमें कार की प्राइमरी स्टाइलिंग और इंटीरियर पर फोकस किया गया है. ये एक्सेसरीज पैकेज उन लोगों के लिए है, जो प्रीमियम या स्पोर्टी एस्थेटिक्स चाहते हैं. इसके अलावा कंपनी ऑफ रोडिंग कैपेबिलिटी के लिए अलग एक्सेसरीज ऑफर करती है। 

क्या है SUV में खास?
भले ही ये एसयूवी सबसे छोटी लैंड क्रूजर हो, लेकिन इसकी लंबाई 4 मीटर से ज्यादा है. ये कार 4.56 मीटर लंबी है, जो 5 सीटर वर्जन में आती है. इसमें 7 एयरबैग, लेवल 2 ADAS, 360 डिग्री कैमरा, 7-inch डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, 12.3 इंच इंफोटेनमेंट सिस्टम और डुअल जोन क्लाइमेट कंट्रोल मिलता है। 

ये कार 2.7 लीटर के नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ आती है, जो 164 बीएचपी की पावर और 245 एनएम का टॉर्क ऑफर करता है. ये पावर चारों पहियों तक पहुंचती है. इसके लिए कार में 6 स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन दिया गया है. हालांकि, कार में डीजल इंजन नहीं मिलता है, जो कई लोगों के लिए निराश करेगा। 

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