SBI समेत कई बैंकों की स्पेशल FD स्कीम लॉन्च, 7.10% तक मिलेगा ब्याज

नई दिल्ली

 वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के मन में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इस समय क्या कहां पैसा लगाएं? गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। शेयर बाजार पिछले एक साल में 7 प्रतिशत से अधिक लुढ़क चुका है। इस अनिश्चितता के माहौल में फिक्सड डिपॉजिट एक शानदार विकल्प हो सकता है। यहां रिटर्न की पूरी गारंटी रहती है। मौजूदा समय में कुछ बैंक 2.5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक का रिटर्न फिक्सड डिपॉजिट पर दे रहे हैं। बैंकों की तरफ से कुछ खास एपडी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।

यह स्कीम के तहत 444 दिन की एफडी ग्राहकों को करवानी होगी। इस योजना में कोई भी व्यक्ति 1000 रुपये से 3 करोड़ रुपये तक निवेश कर सकता है। स्कीम में मंथली, तिमाही और छमाही मैच्योरिटी का विकल्प प्रदान करता है। SBI Amrit Vrishti एफडी स्कीम पर सामान्य नागिरकों को 6.45 प्रतिशत का ब्याज बैंक की तरफ से दिया जा रहा है। सीनियर सिटीजन को बैंक 6.95 प्रतिशत ब्याज और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.05 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर किया जा रहा है। बता दें, समय से पैसा निकालने पर 5 लाख रुपये तक की एफडी पर 0.5 प्रतिशत की पेनाल्टी लगेगी। वहीं, अगर अमाउंट 5 लाख रुपये से अधिक है तब की स्थिति में पेनाल्टी 1 प्रतिशत होगी।

इंडियन बैंक IND सिक्योर एफडी
यह स्कीम भी 444 दिन की है। इस योजना के तहत ग्राहक 1000 रुपये से 3 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकता है। सामान्य नागरिकों के लिए 6.60 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। सीनियर सिटीजन के लिए बैंक की तरफ से 7.10 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.35 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। इस स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने की अनुमति ग्राहकों को है।
बैंक ऑफ बड़ौदा bob Square Drive Deposit Scheme

यह योजना भी 444 दिन की है। बैंक की तरफ से इस एफडी स्कीम पर 6.45 प्रतिशत से 7.10 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर किया रहा है। सामान्य नागिरकों को बैंक 6.45 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर कर रहा है। सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 6.95 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.05 प्रतिशत तक ब्याज देने का फैसला किया गया है।

सीनियर सिटीज के लिए अलग एफडी स्कीम
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने वी केयर डिपॉडिट स्कीम को शुरू किया है। इस स्कीम के तहत बैंक की तरफ से 50 बेसिस प्वाइंट ब्याज 5 साल और 10 साल तक के एफडी पर ब्याज दिया जा रहा है। इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौडा और आईसीआईसीआई बैंक सीनियर सिटीजन को स्पेशल एफडी दे रहा है।

Trump Tariff Cut: ट्रंप ने 25% से घटाकर 15% किया टैरिफ, कई सेक्टर्स को मिला बड़ा फायदा

 नई दिल्ली
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ कट का ऐलान किया है. US Tariff में ये कटौती कुछ सेलेक्टेड एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स और औद्योगिक उपकरणों पर की गई है. अब तक इन सामानों पर अमेरिका की ओर से 25% का टैरिफ लागू किया गया था, जिसे ट्रंप ने घटाकर 15% करने का ऐलान किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से कृषि और इंडस्ट्रियल उपकरणों की एक विस्तृत रेंज पर टैरिफ में अस्थायी कटौती अगले साल दिसंबर 2027 तक लागू रहेगी।

अमेरिका की ओर से ये फैसला निवेश को प्रोत्साहित करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था (US Economy) के प्रमुख क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए लिया गया है. इससे सस्ते आयात के साथ-साथ अमेरिकी इस्पात और एल्यूमीनियम के अधिक उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा। 

क्यों लिया ट्रंप ने ये फैसला? 
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई घोषणा के तहच ये टैरिफ कटौती दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी. इस कदम का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और कृषि उत्पादन को मजबूत करते हुए इस सेक्टर से जुड़े व्यवसायों के लिए लागत को कम करना है. Tariff Cut कंबाइन, हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरणों समेत कई प्रकार की दूसरी कृषि मशीनों पर लागू होगी. व्हाइट हाउस (US White House) की ओर से कहा गया है कि कम टैरिफ से किसानों और कृषि उत्पादकों को कम लागत पर नए उपकरण खरीदने में मदद मिलेगी। 

ट्रंप प्रशासन ने कम टैरिफ रेट के लिए इंडस्ट्रियल उपकरणों की लिस्ट में बढ़ोतरी की है. खास बात ये है कि टैरिफ कट का ये ऐलान ऐसे समय में किया गया है, जबकि अमेरिका अपनी ट्रेड एंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी के एक प्रमुख हिस्से के रूप में टैरिफ का इस्तेमाल जारी रखे हुए है. व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह अस्थायी कटौती कृषि, आवास और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को समर्थन देने के साथ-साथ कंपनियों को उपकरण और उत्पादन क्षमता में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन की गई है। 

क्या भारत को मिलेगा लाभ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की ओर से टैरिफ कट (US Tariff Cut) की ये राहत उन देशों को दी गई है, जिनके साथ ट्रेड समझौता है. यानी अमेरिका के व्यापार समझौतों के अंतर्गत आने वाले देशों से आयात किए जाने वाले बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और इसी तरह की औद्योगिक मशीनरी और फार्म उपकरणों पर अब 15% का टैरिफ लगेगा, जो पहले 25% था. यहां बता दें कि भारत को इसका फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि अभी तक US-Iran Trade Deal फाइनल नहीं हुई है। 

ट्रंप ने ये स्कीम भी शुरू की
Donald Trump प्रशासन ने घरेलू स्तर पर उत्पादित स्टील और एल्यूमीनियम की डिमांड को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अतिरिक्त प्रोत्साहन योजना की भी शुरुआत का ऐलान किया है. इसके तहत, विदेशी निर्माता 10% के और भी कम टैरिफ रेट का लाभ उठा सकेंगे, इसके लिए शर्त ये होगी कि उनके द्वारा आयात किए गए कैपिटल इक्विपमेंट में वजन के हिसाब से कम से कम 85% स्टील या एल्युमीनियम अमेरिका का यूज हो। 

Keeway का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर इस महीने भारत में लॉन्च, ABS और 14-इंच व्हील्स से होगा लैस

मुंबई 

 भारत का इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट तेजी से बेहतर हो रहा है. बाजार में अगले माह एक नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की एंट्री होने वाली है. स्कूटर निर्माता कंपनी Keeway जून में अपनी EZI Hypevolt ई-स्कूटर लॉन्च करने वाला है। 

बता दें कि Keeway – Adishwar Auto Ride India (AARI) का हिस्सा, जो QJ Motor और Benelli को भी हैंडल करता है. Keeway भारतीय बाजार में एक छोटी इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी है, और पहले ही Vieste 300 और Sixties 300i जैसे हाई-कैपेसिटी वाले पेट्रोल स्कूटर बेच रही है. हालांकि, Keeway अब भारतीय मार्केट में अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर ला रहा है, जिसे चीन में उसके ‘EZI’ सब-ब्रांड से लिया गया है। 

क्या है EZI
इलेक्ट्रिक टू-व्ही
लर्स की एक रेंज बाजार में उतारने के लिए, Keeway ने साल 2020 में EZI शुरू किया. EZI की चीन के ज़ियांग, सिचुआन में एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है, और यह कंपनी अभी कई तरह के स्कूटर और इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बनाता है, जिसमें स्क्रैम्बलर, क्रूज़र और मैक्सी-स्कूटर वगैरह शामिल हैं। 

Keeway EZI Hypevolt का डिजाइन
डिज़ाइन की बात करें तो, Keeway EZI Hypevolt कुछ लोगों को BMW CE 04 की याद दिलाता है, क्योंकि इसका आकार लंबा और नया है. इसमें BMW CE 04 जैसी बेंच सीट भी दी गई है, जो राइडर और पीछे बैठने वाले के लिए अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई है। 

Keeway EZI Hypevolt में स्प्लिट LED हेडलाइट्स हैं, जिनके दोनों तरफ वर्टिकल LED डेटाइम रनिंग लाइट्स लगाई गई हैं, और इसका स्टांस ऊंचा होगा, क्योंकि इसमें बड़े, 14-इंच के एलॉय व्हील्स लगे हैं. सीट की ऊंचाई 770 mm है, और स्कूटर का वज़न 145 kg है। 

Keeway EZI Hypevolt का पावरट्रेन
चीनी बाजार में, Keeway EZI Hypevolt दो 2.
5 kWh बैटरी के साथ पेश किया जाएगा, जिनकी कुल क्षमता 5 kWh है. अपने घरेलू बाज़ार में, यह स्कूटर हब मोटर या मिड-ड्राइव मोटर के साथ मिल बेची जाती है. मिड-ड्राइव मोटर का कंटीन्यूअस आउटपुट 6 kW (8 bhp) है, जबकि पीक आउटपुट 12 kW (16 bhp) है. EZI के अनुसार, इसकी टॉप स्पीड 115 kmph है। 

Keeway EZI Hypevolt सेफ्टी और फीचर्स
नई EZI Hypevolt के सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो इसमें आगे और पीछे डिस्क ब्रेक दिए जाएंगे, और चीन में यह कॉम्बी-ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) वाले एक वेरिएंट के साथ आता है, लेकिन भारत में संभावना है है कि इंडिया-स्पेक स्कूटर डुअल-चैनल एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के साथ आएगा। 

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में दूसरे ज़रूरी सेफ्टी इक्विपमेंट के तौर पर ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल डिसेंट कंट्रोल और हिल होल्ड कंट्रोल शामिल हैं. दिलचस्प बात यह है कि अपने होम मार्केट में, Hypevolt में रियर कैमरा और ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम भी मिलता है, लेकिन यह देखना बाकी है कि इंडिया-स्पेक स्कूटर में ये फीचर्स शामिल किए जाते हैं या नहीं। 

Keeway EZI Hypevolt की कीमत
इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को जून के बीच में लॉन्च किया जा सकता है, जिसके साथ, EZI Hypevolt एक नई जगह पर जाएगा, क्योंकि यह एक महंगा ई-स्कूटर होने की संभावना है. हालांकि यह BMW जितना महंगा नहीं होगा, जैसा कि यह दिखता है, लेकिन Hypevolt – अपनी ट्विन बैटरी और इक्विपमेंट लेवल के साथ – की कीमत 3 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से ज़्यादा होने की उम्मीद है। 

सोना-चांदी हुआ सस्ता, फिर भी 22 कैरेट गोल्ड 1.42 लाख के पार; जानें ताजा रेट

मुंबई 
भारतीय सर्राफा बाजार में 01 जून को सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com के मुताबिक, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को बाजार खुलने के साथ 999 शुद्धता वाले यानी 24 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 56 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है, जो बीते कारोबारी दिन यानी शुक्रवार शाम को 1 लाख 56 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार था. वहीं, चांदी की कीमत भी अब गिरावट के साथ 2 लाख 63 हजार रुपये प्रति किलो तक आ गई है। 

ibjarates.com पर 01 जून को सुबह जारी किए गए रेट्स के मुताबिक, 995 शुद्धता वाले यानी 23 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 54 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार है. वहीं, 22 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 42 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है। 

बता दें कि केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा ibjarates.com पर सोमवार से शुक्रवार रोज सुबह और शाम रेट जारी नहीं किए जाते हैं. आइए देखते हैं बीते कारोबारी दिन, शुक्रवार 29 मई की शाम की तुलना में आज कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी। 

01 जून 2026 को कितने रुपये सस्ता हुआ 22-24 कैरेट सोना और चांदी?

  शुद्धता शुक्रवार, 29 मई शाम का भाव सोमवार, 01 जून का भाव रेट में कितना बदलाव
सोना (प्रति 10 ग्राम) 999   (24 कैरेट) 156463 155599  864 रुपये सस्ता
सोना (प्रति 10 ग्राम) 995   (23 कैरेट) 155836 154976  860 रुपये सस्ता 
सोना (प्रति 10 ग्राम) 916  (22 कैरेट)  143320 142529  791 रुपये सस्ता
सोना (प्रति 10 ग्राम) 750   (18 कैरेट) 117347 116699  648 रुपये सस्ता
सोना (प्रति 10 ग्राम) 585    (14 कैरेट) 91531 91025  506 रुपये सस्ता
चांदी (प्रति 1 किलो) 999      263350

262900

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शुक्रवार, 29 मई को सुबह-शाम क्या था 22-24 कैरेट सोने का रेट?

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शुक्रवार, 29 मई को सुबह-शाम क्या था 22-24 कैरेट सोने का रेट?

24 कैरेट गोल्ड

    सुबह का रेट- 157043
    शाम का रेट-  156463

22 कैरेट गोल्ड

    सुबह का रेट-  143851
    शाम का रेट-  143320

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं. गोल्ड-सिल्वर की इन कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होता और ज्वैलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज अलग से देने होते हैं.

LPG सिलेंडर ने तोड़ी महंगाई की सारी हदें! जनवरी से 7वीं बार बढ़े दाम, जानें आपके शहर का नया रेट

नई दिल्ली

आज एक जून को आम जनता को फिर से महंगाई का तगड़ा झटका लगा है. गैस कंपनियों ने एक बार फिर एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं. दिल्ली-एनसीआर में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में 42 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर अब 3113.50 रुपए हो गई है। 

वहीं कोलकाता में कीमतों में 53.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कीमत 3255.50 रुपए हो गई है. 5 किलोग्राम वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडरों की कीमतों में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और दिल्ली में इनकी कीमत 821.50 रुपए होगी. नई कीमतें आज यानी एक जून से लागू हो गई हैं। 

ठीक एक महीने बाद फिर बढ़े दाम
बता दें कि गैस कंपनियों ने ठीक एक महीने बाद दोबारा कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला किया है. इससे पहले एक मई को कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई थी. तब कीमतों में सीधे 993 रुपए का इजाफा किया गया था. कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की ओर से किया जाता है. यानी अब बाहर खाना खाना आपके लिए और महंगा हो जाएगा। 

महानगरों में बढ़ा वित्तीय बोझ
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में अलग-अलग बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में व्यापारिक उपभोक्ताओं को अब प्रति सिलेंडर 42 रुपये अधिक चुकाने होंगे, जबकि कोलकाता में यह बढ़ोतरी 53.50 रुपये की है। इसके साथ ही दोनों शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऐसे समय में यह फैसला आया है, जब कारोबारी पहले से ही ईंधन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी का सामना कर रहे हैं।

5 किलो एफटीएल सिलेंडर भी हुआ महंगा
तेल कंपनियों ने सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और नागरिकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस संशोधन के बाद दिल्ली में 5 किलो का एफटीएल सिलेंडर अब 821.50 रुपये में मिलेगा। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।

6 महीने में दोगुनी के करीब पहुंची कीमत
साल 2026 की शुरुआत से ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जनवरी में दिल्ली में 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1,691.50 रुपये थी। इसके बाद फरवरी में 49 रुपये, मार्च में 115 रुपये, अप्रैल में 195.50 रुपये और मई में रिकॉर्ड 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई। अब जून में 42 रुपये की नई वृद्धि के बाद इसकी कीमत 3,113.50 रुपये तक पहुंच गई है।

लगातार हो रही मूल्य वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। पिछले 6 महीनों में बार-बार हुए संशोधनों ने कमर्शियल एलपीजी को कारोबारियों के लिए एक बड़ी लागत में बदल दिया है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों में स्थिरता से राहत मिली हुई है।  

महंगाई का डबल अटैक: पेट्रोल-डीजल और गैस के बाद अब दालों की कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

हालांकि राहत की बात यह है कि एलपीजी घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. राजदानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अभी भी 913 रुपए ही है. इससे उन लाखों परिवारों को राहत मिली है, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।  

वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते बढ़ाए गए दाम
गौरतलब है कि एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते की गई है, क्योंकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. इससे पता चलता है कि भारत इन दिनों सप्लाई में आई रुकावट और आयात पर बढ़े हुए खर्च का भारी दबाव झेल रहा है। 

8वें वित्त आयोग की बैठक 9-10 जुलाई को कोलकाता में, कर्मचारियों से होगी अहम चर्चा

 नई दिल्ली

8वें वित्त आयोग को लेकर इस समय खूब चर्चाएं कर्मचारियों के बीच हो रहा है। इस बीच अच्छी खबर आई है। कोलकाता में 8वें पे कमीशन की एक बड़ी बैठक होने जा रही है। जिसकी तारीखों का ऐलान हो गया है। पे कमीशन 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में मीटिंग करेगा। इस मीटिंग में आयोग के सदस्य केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े संगठन सहित अन्य सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करेगा। बता दें, इसके अलावा मोमेरेंडम जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई 2026 से बढ़कर 15 जून 2026 कर दी गई है। 29 मई जारी किए गए नोटिस में साफ कर दिया गया है कि आगे डेडलाइन में कोई भी इजाफा नहीं किया जाएगा।

क्यों जरूरी हैं मोमेरेंडम जमा करना
अगर आप भी कोलकाता में होने जा रहे पे कमीशन की मीटिंग हिस्सा लेना चाहते हैं तो आपको मोमेरेंडम जमा करना होगा। पे कमीशन ने कहा है कि 8वें वित्त आयोग की वेबसाइट पर मोमेरेंडम जमा करने के के बाद एक यूनिक मेमो आईडी बनेगी। उसे भी पे कमीशन के पास जमा करवाना होगा।

कौन ले सकता है मीटिंग में हिस्सा?
8वें वित्त आयोग की कोलकाता मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े संगठन, इंस्टीट्यूशंस, यूनियन और बंगाल में मौजूदा एसोसिएशन हिस्सा ले सकते हैं। लेकिन उन्हें पूरी प्रक्रिया का पालन करना होगा। बिना मेमोरेंडम जमा किए वो इस मीटिंग का हिस्सा नहीं हो सकते हैं। बता दें, मेमोरेंडम सिर्फ 8वें पे कमीशन की वेबसाइट पर जाकर ही जमा करवाया जा सकता है।

आयोग ने कहा है कि स्थान आदि की चर्चा जल्द ही साझा कर दिया जाएगा।
जून में कहां-कहां 8वें वित्त आयोग की मीटिंग

श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर में 1 जून से 4 जून 2026 तक 8वें वित्त आयोग की मीटिंग होगी। लद्दाख में पे कमीशन की मीटिंग 8 जून 2026 को प्रस्तावित है।

आयोग के पास 18 महीने का समय
8वें वित्त आयोग का गठन पिछले साल नवंबर में किया गया था। इस आयोग के पास 18 महीने का समय है। आयोग की ही रिपोर्ट के आधार पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी आदि का फैसला सरकार लेगी। यही वजह है कि आयोग देश के अलग-अलग हिस्सो में समाज के सभी वर्गों से लगातार बातचीत कर रहा है। जिससे रिपोर्ट में सभी के विचार समाहित रहें।

8वें वित्त आयोग की मांग सरकारी कर्मचारी लम्बे समय से कर रहे थे। अंततः उनकी मांग को सरकार ने मान लिया है। अब देखना है कि इस बार कितना फिटमेंट फैक्टर आयोग तय करता है। बता दें, फिटमेंट फैक्टर के ही आधार पर सैलरी आदि का फैसला होता है।

नई दिल्ली में प्रशासनिक गतिविधियां तेज, सरकारी विभागों में बदलाव की सुगबुगाहट

नई दिल्ली

आज मई का आखिरी दिन है और कल से तमाम बड़े फाइनेंशियल बदलावों के साथ जून का महीना शुरू होने जा रहा है, जो पहली तारीख से ही लागू (Rule Change From 1st June) होने वाले हैं. इन बदलावों का असर हर घर हर जेब पर पड़ने वाला है. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों (LPG Cylinder Price) में किसी भी तरह का कोई बदलवा जहां घर की रसोई के बजट पर असर डालने वाला साबित होगा, तो वहीं पेट्रोल-डीजल पर नया निर्यात शुल्क (Petrol-Diesel Export Duty) भी 1 जून से लागू होने वाला है. इसके अलावा कार के शौकीनों पर भी महंगाई की मार पड़ने वाली है. ऐसे ही पांच बड़े बदलावों पर नजर डालते हैं.

पहला बदलाव: एलपीजी सिलेंडर को लेकर दो चेंज  
हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन करती हैं और नए रेट्स (LPG Cylinder New Rates) जारी करती हैं. जून महीने की पहली तारीख को भी एलपीजी प्राइस में बदलाव देखने को मिल सकता है. मिडिल ईस्ट संकट के चलते बीते कुछ महीनों में सिलेंडर महंगा किया गया था. इसके बाद फिलहाल दिल्ली (Delhi LPG Cylinder Price) में 14 किलोग्राम वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये का मिल रहा है, जबकि 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर 2078 रुपये में मिल रहा है.

इसके अलावा वेस्ट एशिया संकट को देखते हुए लोगों को गैस की कोई दिक्‍कत नहीं आए, इसलिए कुछ अन्य खास बदलाव किए जा रहे हैं. इसमें से एक बदलाव 1 जून से लागू होने जा रहा है, जिसके तहत आपका रसोई सिलेंडर कनेक्‍शन कैंसिल हो सकता है. सरकार ने कहा है कि अगर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्‍शन हैं, तो एलपीजी को सरेंडर करना होगा. हालांकि, इसके बावजूद भी लोग पीएनजी का कनेक्‍शन ले रहे हैं, लेकिन एलपीजी को सरेंडर नहीं कर रहे हैं, ऐसे घरों की पहचान शुरू कर दी गई है.

दूसरा बदलाव: Petrol-Diesel और ATF  
जून महीने की पहली तारीख को हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसमें आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का सीधा असर हवाई यात्रा करने वाले लोगों की जेब पर पड़ता है. इसके अलावा वेस्ट एशिया संघर्ष के चलते गहराए तेल संकट के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात (Petrol-Diesel New Export Duty) पर नए शुल्क लागू करने का फैसला किया है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी होंगे. सरकारी नोटिफिकेशन पर नजर डालें, तो पहली तारीख से पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क तय किया गया है.

तीसरा बदलाव: HDFC Bank के नियम
1 जून 2026 से HDFC Bank अपने करंट अकाउंट समेत अन्य कई खातों से जुड़े नियम बदलने जा रहा है. पहली तारीख से छोटे नोट और सिक्कों के कैश डिपॉजिट पर नई लिमिट के साथ ही नया चार्ज लागू होगा. अब तक इन छोटे नोटों के कैश डिपॉजिट पर कोई मंथली लिमिट सेट नहीं थी, लेकिन नोट डिपॉजिट पर करीब 4% और सिक्के जमा करने पर लगभग 5% चार्ज लगता था. अब ये बदल रहा है.

बैंक के मुताबिक, नए नियमों के तहत 20 रुपये या उससे कम मूल्य के नोट के लिए लिमिट 10000 रुपये प्रति माह, जबकि सिक्कों के लिए 5,000 रुपये प्रतिमाह की लिमिट सेट की गई है. इससे अधिक कैश जमा पर 2 फीसदी का एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा. ध्यान रहे ये लिमिट के बाद की एक्स्ट्रा जमा राशि पर लागू होगा.

चौथा बदलाव: Solar Panel से जुड़ा नियम
जून महीने की पहली तारीख से चौथा बदलाव सोलर पैनल से जुड़ा हुआ है, 1 जून 2026 से सोलर पैनल के लिए अप्रूव्ड मॉडल और मैन्युफैक्चरर लिस्ट (ALMM List-II) मान्य होगी. इसके लागू होने से सरकारी स्कीम्स और अन्य तमाम सब्सिडी वाले प्रोजेक्ट्स में उन्हीं सोलर मॉड्यूल और सेल का इस्तेमाल करा होगा, जो इस लिस्ट में शामिल होंगे. इनकी क्वालिटी और गुणवत्ता को लेकर ये कदम उठाया जा रहा है और ऐसे में आशंका जताई जा रही कि सोलर पैनल के दाम (Solar Panel Price) बढ़ सकते हैं.

पांचवां बदलाव: मारुति की कारें महंगी
1 जून से कारों के शौकीनों पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ने जा रही है. दरअसल, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने बीते दिनों अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने का ऐलान किया था. नई कीमतें कल से लागू होने जा रही हैं, इसी के साथ ऑल्टो से लेकर ब्रेजा और विक्टोरिस समेत अन्य कारें महंगी हो जाएंगी. Maruti Suzuki के मुताबिक, अलग-अलग मॉडलों पर कार की कीमतों में मैक्सिमम 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की जी रही है.

LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर: दिल्ली में ₹913, जानें आपके शहर का रेट

नई दिल्ली

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आज 31 मई को कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी पुरानी कीमतें ही बरकरार हैं। ईरान युद्ध की वजह से एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी और पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बीते तीन महीने के दौरान बदलाव देखने को मिला है। बता दें, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की तरफ से जारी रेट्स के अनुसार एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में आज रविवार को दिल्ली में बिक रहा है। वहीं, मुंबई में इसका रेट 912.50 रुपये है। कोलकाता में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये है।

पिछले महीने कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 900 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद से रेट्स में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। बता दें, युद्ध शुरू होने के बाद से घरेलू सिलेंडर का रेट 60 रुपये महंगा हुआ है।

घरेलू सिलेंडर का क्या है रेट? (Domestic LPG Cylinder Price Today)
दिल्ली – 913 रुपये
कोलकाता – 939 रुपये
मुंबई – 912.50 रुपये
चेन्नई – 928.50 रुपये
गुरुग्राम – 921.50 रुपये
नोएडा – 910.50 रुपये
बेंगलुरू- 915.50 रुपये
भुवनेश्वर – 939 रुपये
चंडीगढ़ – 922.50 रुपये
हैदराबाद – 965 रुपये
जयपुर – 916.50 रुपये
लखनऊ – 950.50 रुपये
पटना – 1002.50 रुपये
तिरुअनंतपुरम् – 922.50 रुपये

कॉमर्शियल सिलेंडर का क्या है रेट? (Commercial LPG Price Today)
नई दिल्ली – 3071.50 रुपये
कोलकाता – 3202 रुपये
मुंबई -3024 रुपये
चेन्नई – 3237 रुपये
गुरुग्राम – 3088 रुपये
नोएडा – 3071.50 रुपये
बेंगलुरू- 3152 रुपये
भुवनेश्वर – 3238 रुपये
चंडीगढ़ – 3082.50 रुपये
हैदराबाद – 3315 रुपये
लखनऊ- 3194 रुपये
जयपुर – 3099 रुपये
पटना – 3346.50 रुपये
तिरुअनंतपुरम् – 3106 रुपये

सरकार ने कहा पर्याप्त है एलपीजी
केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में जारी बयान में कहा गया है कि देश में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी है। ऐसे में किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। मौजूदा परिस्थितयों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश घरेलू कंपनियों को दिया है। मौजूदा समय में एलपीजी प्रोडक्शन 52000 टन के आल टाइम हाई पर पहुंच गया है।
नियमों में कड़ाई (LPG Cylinder Bookin Rule)

एलपीजी सिलेंडर को लेने के लिए पहले से नियमों को कड़ा कर दिया गया है। बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर अब किसी को नहीं मिल रहा है। सरकार ने गांव में 45 दिन और शहरों में 25 दिन की लिमिट लगाई है। इससे पहले एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं की जा सकती है।

चांदी में बड़ी गिरावट: हाई से ₹1.90 लाख सस्ती हुई 1 किलो सिल्वर

नई दिल्ली

सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में बीते हफ्ते के चार कारोबारी दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर खासतौर पर चांदी की कीमत जमकर टूटी. इस ताजा गिरावट के साथ अब 1 किलो चांदी की वायदा कीमत (1 Kg Silver Price) अपने हाई लेवल से 1.90 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है, जिसे इस कीमती धातु ने जनवरी महीने में छुआ था. वहीं बात सोने की करें, तो तमाम उतार-चढ़ाव के बाद ये पीली धातु भी मामूली गिरावट में रही है.

चांदी की कीमत में इतनी गिरावट
बीते सप्ताह के ज्यादातर कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में गिरावट ही देखने को मिली है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 3 जुलाई वाली चांदी का एमसीएक्स पर भाव (MCX Silver Price) 2537 रुपये प्रति किलोग्राम कम होकर 2,67,000 रुपये प्रति किलो पर आ गया.

इस हिसाब से हफ्तेभर में गिरावट को देखें, तो इससे पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 1 किलो चांदी का भाव वायदा कारोबार में 2,71,846 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था और इसकी कीमत 4,846 रुपये प्रति किलो तक गिर गई है.

न केवल वायदा कारोबार, बल्कि घरेलू मार्केट में भी चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेटेड रेट्स देखें, तो 1 किलोग्राम की चांदी बीते सप्ताह के 2,66,000 रुपये के मुकाबले ये गिरकर 2,63,350 रुपये पर आ गई.

हाई से क्रैश दिख रही चांदी
वहीं अगर चांदी के ताजा भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो पहले बता दें कि एमसीएक्स पर जनवरी 2026 में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार करने में कामयाब हुई थी और 4,57,328 रुपये के उच्चतम स्तर पर जा पहुंची थी, लेकिन यह लेवल छूने के बाद ये कीमती धातु लगातार क्रैश (Silver Price Crash From High) होती गई. फिलहाल की गिरावट के बाद अब चांदी हाई लेवल से 1,90,328 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है.

Gold का दाम अब इतना
एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में जहां तेज गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं सोने का भाव भी तमाम उतार-चढ़ाव के बाद मामूली गिरावट में रहा. MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो 22 मई को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,61,320 रुपये था, जबकि बीते शुक्रवार को ये 1,61,049 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ.

वहीं 5 जून की एक्सपायरी वाला वायदा सोना अपने हाई लेवल 2,02,984 रुपये की तुलना में अब 41,935 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है. इसके अलावा घरेलू मार्केट में बात करें, तो आईबीजेए के मुताबिक 10 ग्राम सोने का भाव 1,58,117 रुपये से कम होकर 1,56,463 रुपये पर आ गया. यानी सोना घरेलू बाजार में 1654 रुपये सस्ता हो गया है.

Japan Mango Ban: जापान ने भारतीय आमों पर लगाया बैन, जानिए वहां किस आम की सबसे ज्यादा डिमांड

नई दिल्ली

भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक है. यहां हर साल लगभग 24 मिलियन मीट्रिक टन आम की पैदावार होती है और इसकी बेहतरीन किस्म दुनिया भर के देशों में एक्सपोर्ट की जाती हैं. हालांकि जापान ने अब भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है.  इसके बाद अल्फोंसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी मशहूर किस्मों के निर्यातकों को झटका लगा है. इसी बीच अब कई लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि जापान में असल में आम की कौन सी किस्म सबसे ज्यादा खाई जाती है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब। 

जापान का भारतीय आमों पर प्रतिबंध 

    जापान ने भारतीय आमों के आयात पर कड़े क्वॉरेंटाइन नियमों के कारण रोक लगाई।
    यह रोक आम की गुणवत्ता या स्वाद की चिंता से नहीं, बल्कि पैकेजिंग में तकनीकी कमी से है।

    जापान में घरेलू ‘इरविन’ किस्म के आम लोकप्रिय हैं, जिन्हें लग्जरी उत्पाद माना जाता है।
    रोक से पहले भारतीय आमों की विदेशी फलों की चाहत रखने वाले ग्राहकों में काफी मांग थी।

जापान का यह फैसला स्वाद या फिर गुणवत्ता से जुड़ी चिंता की वजह से नहीं बल्कि कड़े कृषि क्वॉरेंटाइन नियम की वजह से लिया गया है. मार्च 2026 में जापान के क्वॉरेंटाइन अधिकारियों ने भारत में आमों के उपचार और पैकेजिंग सुविधाओं का निरीक्षण किया और कथित तौर पर एक्सपोर्ट से पहले इस्तेमाल की जाने वाली फ्यूमिगेशन और साफ सफाई प्रक्रिया में तकनीकी कमियां पाई। 

जापान आयातित फलों में कीटों और फ्रूट फ्लाइज के संबंध में काफी कड़ी जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करता है. निरीक्षण के बाद जापान ने 25 मार्च 2026 के बाद जारी किए गए प्रमाण पत्रों के साथ आने वाली आमों की खेपों को स्वीकार करना बंद कर दिया। 

जापान में आम की कौन सी किस्म सबसे ज्यादा मशहूर? 
जापान में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली आम की किस्म इरविन है. इसे आमतौर पर एप्पल मैंगो के नाम से जाना जाता है. भारत के उलट जहां आम को एक मौसमी फल माना जाता है जापान में आमों को विलासिता की वस्तु माना जाता है और अक्सर इन्हें काफी बेहतरीन उपहार के तौर पर खरीदा जाता है. इरविन किस्म की खेती मुख्य रूप से जापान के ओकिनावा और मिजायाकी प्रति में ग्रीन हाउस के अंदर काफी कंट्रोल्ड परिस्थितियों में की जाती है. ये आम अपने गहरे लाल रंग, मलाईदार बनावट, जबरदस्त मिठास और पूरी तरह से रेशे रहित गूदे के लिए जाने जाते हैं। 

वहीं अगर भारत की बात करें तो भारत के केसर, अल्फांसो, लंगड़ा और बंगनपल्ली आम जापान में सबसे ज्यादा भेजी जाती हैं और पसंद की जाती हैं। 

जापान में कौन से इंपोर्टेड आम लोकप्रिय हैं?
घरेलू तौर पर लग्जरी आमों का उत्पादन करने के बावजूद जापान अपनी कुल मांगों को पूरा करने के लिए अभी भी इंपोर्ट पर ही निर्भर है.  रोक लगने से पहले भारतीय आम उन ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय थे जो विदेशी इंपोर्टेड फलों की तलाश में रहते थे. भारत के अलावा जापान थाईलैंड, मेक्सिको और फिलिपींस जैसे देशों से भी आम इंपोर्ट करता है। 

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