बारिश से पहले निगम की बड़ी कार्रवाई, 3814 जर्जर मकानों को जारी किया अंतिम नोटिस

भिलाई नगर.

मानसून 15 जून से दस्तक देने वाला है और शहर के गरीबों के लिए 10-15 साल पहले बने 3814 आवास मौत का साया बन गए हैं। आईएचएसडीपी, वाम्बे, अटल व रैश्ने योजना के आवास अब जर्जर हो चुके हैं। कहीं सीढ़ी धंस गई, कहीं बालकनी – छज्जा टूट कर गिर रहे हैं, तो कहीं दीवारों से सरिए बाहर झांक रहे हैं।

आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने सर्वे किया। रिपोर्ट में कई मकानों को रहने लायक नहीं, खंडहर की स्थिति बताया है। इसके बाद निगम ने हितग्राहियों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। पीएम आवास योजना के नोडल अधिकारी ने बताया कि इन जर्जर मकानों को तोड़कर जी प्लस 2 स्तर की बहुमंजिला बिल्डिंग बनाई जाएगी।

अभी जहां 12 परिवार रहते हैं, वहां नई बिल्डिंग में 18 से ज्यादा परिवार शिफ्ट हो सकेंगे। निगम अधिकारियों ने हितग्राहियों से पीएम आवास में शिफ्ट होने की अपील की है।

10 लाख से अधिक के काम अब ई-निविदा से ही, नगरीय प्रशासन विभाग का सख्त निर्देश

भिलाई.

अब भिलाई नगर निगम क्षेत्र में बिना स्थल निरीक्षण नहीं बनेगा कोई भी प्राक्कलन, 10 लाख से ऊपर के काम ई-निविदा से ही होंगे। उक्त आदेश सचिव के जारी आदेश में प्राक्कलन से लेकर निविदा, अनुबंध और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया तय की गई है।

छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्माण कार्यों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रस्ताव से पहले स्थल निरीक्षण अनिवार्य होगा। भूमि विवादमुक्त होनी चाहिए। प्राक्कलन पूर्ण ड्राइंग-डिजाइन के साथ बने। एसओआर में रोड, बिल्डिंग, इलेक्ट्रिकल, पीएचई की तिथि का स्पष्ट उल्लेख हो।

तकनीकी स्वीकृति सहायक अभियंता 50,000 रुपए तक, कायर्पालन अभियंता 50,00,000 रुपए तक, अधीक्षण अभियंता 2,00,00,000 रुपए तक रहेगी। इलेक्ट्रिकल एसओआर की तकनीकी स्वीकृति कायर्पालन अभियंता (इलेक्ट्रिकल) से ही होगी। जनसंख्या के आधार पर नगर निगमों में आयुक्त, मेयर इन काउंसिल और निगम की वित्तीय शक्तियां तय की गई है. इसमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले निगम में आयुक्त को 1.50 करोड़ रुपए तक या इससे ऊपर के कार्यों के लिए राज्य शासन की पूर्व स्वीकृति जरूरी की गई है।

10 लाख रुपए से अधिक के सभी काम ई-निविदा के साथ कार्यालय में प्रत्यक्ष रूप से निविदा फॉर्म देना पूर्णतः बंद होगा। दरों की सहमति के बाद 3 दिन में अनुबंध हेतु पत्र जारी होगा। पत्र मिलने के 15 दिन में अनुबंध निष्पादन अनिवार्य किया गया है। अनुबंध के दिन ही कार्यादेश जारी होगा। भूमि पूजन के 3 दिन में काम शुरू करना होगा। हर माह के अंतिम मंगलवार को राज्य स्तरीय जिला नोडल अधिकारी निविदाओं की समीक्षा करेंगे।

सुशासन तिहार से किसान निर्मल राम को मिली आर्थिक मजबूती, बना किसान क्रेडिट कार्ड

सुशासन तिहार से किसान निर्मल राम को मिली आर्थिक मजबूती, बना किसान क्रेडिट कार्ड

अब सहकारी समिति से मिलेगा ऋण, खाद और बीज की सुविधा, खेती होगी अधिक लाभकारी

रायपुर, 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार किसानों के लिए राहत और सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शासन की इस पहल के तहत गांव-गांव आयोजित समाधान शिविरों में किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और उन्हें विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरगुजा जिले के ग्राम लटोरी निवासी किसान निर्मल राम को सुशासन तिहार के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ मिला है। केसीसी बनने से अब उन्हें खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता, खाद और बीज की उपलब्धता पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो गई है।

निर्मल राम ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें खेती के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पूंजी की कमी के चलते खाद और बीज निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खरीदने पड़ते थे, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी।

सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में आवेदन देने के बाद उनका किसान क्रेडिट कार्ड तत्काल बनाकर प्रदान किया गया। अब वे सहकारी समिति के माध्यम से कृषि ऋण प्राप्त कर सकेंगे तथा उचित मूल्य पर खाद और बीज भी आसानी से उपलब्ध होंगे। इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

किसान निर्मल राम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान गांव में ही हो रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में बड़ी सुविधा होगी और आर्थिक चिंता भी कम होगी।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों में किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है तथा वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शहरी विकास योजनाओं का किया सघन निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शहरी विकास योजनाओं का किया सघन निरीक्षण 

इंटेक-वेल, फिल्टर प्लांट, डब्ल्यूटीपी, नालंदा परिसर और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का लिया जायजा

शहरवासियों की सुविधाएं बढ़ाने निर्माणाधीन कार्यों को जल्द पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर. 
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज जगदलपुर में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे किए विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री साव ने जगदलपुर के पावर हाउस चौक स्थित इंटेक-वेल व फिल्टर प्लांट तथा महारानी वार्ड में लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित नयामुंडा फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी लेते हुए नागरिकों को बेहतर एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साव ने पीजी कॉलेज धरमपुरा में लगभग 11 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसका काम शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

उप मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी वार्ड में लगभग 79 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे पण्डरीतरई तालाब सौंदर्यीकरण कार्य तथा करीब 3 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से के गंगामुड़ा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाबों के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों तालाबों के गहरीकरण से शहर के जलस्तर में भी सुधार होगा। साव के निरीक्षण के दौरान सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय, पार्षदगण, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जिला प्रशासन एवं नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

सूरजपुर के दूरदराज गांवों में पहुंचा नल का जल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से मिली राहत

सूरजपुर/रायपुर.

प्रदेश के दूरस्थ, पहाड़ी एवं जनजातीय अंचलों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों और निर्देशों से महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। मंत्री के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा बंद पड़े सोलर पेयजल पंपों की मरम्मत तथा नए पंपों की स्थापना कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को पुनः सुचारु किया गया है।

सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड सहित विभिन्न दूरस्थ ग्रामों में तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया गया। ग्राम करौटी-ए (परसापारा), कोलुहा भाटपारा एवं बैजानपाठ में नए मोटर पंप स्थापित कर सोलर पंपों को पुनः कार्यशील बनाया गया, जिससे ग्रामीणों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है। इसके अलावा भैयाथान विकासखंड के दतिमा आमापारा इंद्रावास, कसकेला औरापारा तथा सूरजपुर विकासखंड के लटोरी कुशवाहापारा एवं मंजीरा फुलवारपारा में भी खराब सोलर पंपों की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। वहीं चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के भाटपारा गांव में नया मोटर पंप स्थापित कर लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान किया गया, जिससे विशेष रूप से पंडो समुदाय के परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि प्रदेश के अंतिम छोर तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसी भी ग्रामीण को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था बहाल होने पर राज्य सरकार, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें घर के समीप ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। यह पहल ग्रामीण जीवन को सुगम बनाने, महिलाओं एवं बच्चों के श्रम की बचत करने तथा जनजातीय अंचलों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बस्तर प्रवास का दूसरा दिन : मिशन अमृत, राष्ट्रीय राजमार्ग और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बस्तर प्रवास का दूसरा दिन : मिशन अमृत, राष्ट्रीय राजमार्ग और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

साव ने दिए निर्देश : निर्माणाधीन सड़कों और पुलों की वजह से बरसात में लोगों को आवाजाही में न हो परेशानी 

रायपुर
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज कोण्डागांव में विभिन्न विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की जानकारी की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री साव ने कोंडागांव नगर पालिका में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रगतिरत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का जायजा लेकर परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के साथ बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर कर कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा का  विशेष ध्यान रखने को कहा।

केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 योजना के तहत कोण्डागांव में पेयजल आपूर्ति के लिए 9 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत कोण्डागांव से 25 किलोमीटर दूर कोसारटेडा बांध से पानी लाकर उसका शोधन कर नल कनेक्शनों के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना के तहत दो ओवरहेड टैंकों का भी निर्माण किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कोपाबेड़ा में 3 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे तालाब सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोपाबेड़ा से शिव मंदिर तक निर्माणाधीन सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया। लगभग 2.9 किलोमीटर लंबी यह सड़क 4 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से निर्मित की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री साव ने निर्माणाधीन कोण्डागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले पुल-पुलियों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इस प्रगतिरत सड़क के कारण बरसात में लोगों को आवाजाही में कोई समस्या न हो, इसका खास ध्यान रखने को कहा। 

साव ने कोंडागांव के चिखलपुट्टी में नवनिर्मित बस स्टैंड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को यहां यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा बस स्टैंड के समुचित संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, नगर पालिका के अध्यक्ष नरपति पटेल और उपाध्यक्ष जसकेतू उसेंडी सहित लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

SECL के कोयला स्टॉक में दूसरे दिन भी धधकती रही आग, बुझाने में जुटी रहीं टीमें

कोरबा.

SECL कुसमुंडा खदान के 29 नंबर कोयला स्टॉक में गुरुवार को लगी भीषण आग शुक्रवार को भी पूरी तरह नहीं बुझ सकी। कोयले के विशाल भंडार में आग लगातार धधक रही है, जिससे SECL को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। आग पर काबू पाने के लिए SECL के टैंकर वाहनों की मदद से लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

वहीं आग प्रभावित क्षेत्र में डोजर चलाकर कोयले को अलग-अलग करने का कार्य भी किया जा रहा है। डोजर के आग की चपेट में आने की आशंका को देखते हुए उस पर भी पानी का लगातार छिड़काव किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप भी सामने आए हैं। जान जोखिम में डालकर आग लगे कोयले के बीच डोजर के संचालन किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि आग लगने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए थे और आग बुझाने के प्रयास जारी है।

भीषण गर्मी से आग लगने की आशंका
बताया जा रहा है कि बरसात से पहले SECL द्वारा बड़े पैमाने पर कोयले का स्टॉक तैयार किया जा रहा है। भीषण गर्मी के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। बता दें कि खदान क्षेत्र में हर दो-तीन दिन के अंतराल में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और कोयला भंडारण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है और राहत कार्य लगातार जारी है।

बस्तर में प्री-मानसून की दस्तक, अगले 5 दिनों तक बारिश और बादलों का दौर जारी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में बस्तर समेत कई इलाकों में प्री मानसून बारिश शुरू हो गई है. राजधानी रायपुर को अभी राहत देने वाली बारिश का इंतजार है. मध्य इलाके- बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. इन क्षेत्रों में 42 डिग्री के करीब तापमान दर्ज हो रहा है.

मौसम विभाग ने संभावना जताई कि प्रदेश में अगले 5 दिनों तक एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन की गतिविधि के साथ तेज हवा, वज्रपात और वर्षा जारी रहेगी. मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में एक दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई. इस दौरान सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बिलासपुर में 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतन तापमान 23.4 पेंड्रा रोड में दर्ज हुआ.

रायपुर में आज ऐसा रहेगा मौसम ?
रायपुर में शनिवार को मौसम विभाग ने आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. हालांकि अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

इन इलाकों में हुई बारिश
जानकारी के अनुसार प्रदेश के ओडगी में 5 सेंटीमीटर, कुआकोंडा में 4 सेंटीमीटर, बड़े बचेली में 3 सेंटीमीटर, सुकमा, बलरामपुर, तोंगपाल, कांसाबेल, मनोरा में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई है. चिरमिरी, गादीरास, छिंदगढ़ में भी बारिश हुई. मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने जानकारी दी  कि छत्तीसगढ़ में लगातार नमी आ रही है. बस्तर में वर्षा भी हो रही है. मानसून के लिए तय मानकों के अनुरूप वर्षा होने और परिस्थितियों पर नजर है.

मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हालात
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य, पूर्व मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और यह समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है. प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है.

धमतरी का महा-परिवर्तन: 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया ‘लॉजिस्टिक्स हब’

धमतरी का ‘महा-परिवर्तन’: 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया ‘लॉजिस्टिक्स हब’

​अब नहीं भटकेगा किसान, ब्रॉडगेज रेल और आधुनिक गोदामों से बदलेगी धमतरी की तकदीर

​धान का कटोरा अब बनेगा ‘वेयरहाउसिंग हब’: धमतरी की नई आर्थिक उड़ान

रायपुर

    ​​छत्तीसगढ़ का कृषि प्रधान जिला धमतरी आज विकास और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कभी रबी फसलों के रिकॉर्ड उपार्जन के बाद भंडारण की कमी से जूझने वाला यह जिला, आज अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दूरदर्शिता के कारण प्रदेश के एक प्रमुख ‘वेयरहाउसिंग एवं कृषि लॉजिस्टिक्स हब’ के रूप में उभर रहा है।

      ​राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है, जो धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार है।

    ​अतीत की चुनौती से लिया सबक
       
      ​विगत वर्षों में धमतरी ने रबी फसलों, विशेषकर चने के रिकॉर्ड उत्पादन और उपार्जन का गवाह बना। लेकिन इस खुशी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई।जिले में पर्याप्त भंडारण क्षमता का न होना। मजबूरी में उपज को दूसरे जिलों के गोदामों में भेजना पड़ा, जिससे न केवल परिवहन का खर्च बढ़ा, बल्कि प्रशासनिक और सहकारी संस्थाओं पर भी भारी दबाव पड़ा।     ​इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए धमतरी प्रशासन ने जिले में ही स्थायी और आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने की एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू किया।

​’विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ का मिला संबल

     ​केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” धमतरी के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का चयन किया गया है। जिसमे ​अंवरी,​कोसमर्रा,पोटियाडीह-आमदी और ​कोलियारी शामिल है। ​इन चारों समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। इनके पूरा होते ही ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।

​इसके साथ ही, राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के पास पहले से उपलब्ध 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक की क्षमता के साथ अब धमतरी का नेटवर्क बेहद मजबूत होने जा रहा है।

रिकॉर्ड खरीदी और आर्थिक समृद्धि(रबी विपणन वर्ष 2026)
   

   ​भंडारण क्षमता में यह विस्तार हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर बढ़ती कृषि समृद्धि को देखकर किया जा रहा है। रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है।

​राइस मिलर्स और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

    ​धान मिलिंग के क्षेत्र में धमतरी हमेशा से अग्रणी रहा है, लेकिन अक्सर तैयार चावल और धान के सुरक्षित रख-रखाव की समस्या आती थी। इस नई क्षमता विस्तार से ​मिलिंग गतिविधियों में तेजी आएगी,​भंडारण का दबाव कम होगा और ​परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी। ​इसके साथ ही, धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर जल्द शुरू होने वाला रैक संचालन जिले के विकास में चार चांद लगाने वाला है। रेल मार्ग जुड़ने से यहां का चावल और कृषि उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक बेहद कम लागत में पहुंच सकेंगे।

​     धमतरी में विकसित हो रही वेयरहाउसिंग अधोसंरचना और जल्द प्रारंभ होने वाली ब्रॉडगेज रेल सेवाएं जिले को प्रदेश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। यह पहल रोजगार सृजन, व्यापार विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज का बेहतर प्रबंधन, परिवहन लागत में कमी और विपणन व्यवस्था में सुधार होगा। यह नई अधोसंरचना किसानों, सहकारी संस्थाओं, व्यापारियों और उद्योगों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी।

​     ​धमतरी की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे सही समय पर सही बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का निर्माण करके एक पूरे क्षेत्र की तकदीर बदली जा सकती है। आने वाले वर्षों में, भंडारण की यह सुदृढ़ व्यवस्था और रेल कनेक्टिविटी न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि धमतरी को छत्तीसगढ़ के नक्शे पर एक बड़े ‘कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स हब’ के रूप में नई पहचान दिलाएगी।

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा

लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी : महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र

स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन

रायपुर 
सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।

ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।

जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों – जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu