वायदे हो रहे पूरे, प्रदेश में है खुशहाली का माहौल- मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर​

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना विकास को लगातार गति दी जा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने शनिवार को तहसील सुहेला के अंतर्गत ग्राम बिटकुली में लगभग 34 लाख रुपए की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने ग्रामवासियों की सुविधा के लिए निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और नए विकास कार्यों की आधारशिला रखी।
          
 ​मंत्री  वर्मा ने कार्यक्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर 16 लाख रुपए की लागत से बनने वाले महतारी सदन का भूमिपूजन, 10 लाख रुपए की लागत से होने वाले गली कांक्रिटीकरण कार्य का शुभारंभ और 8 लाख  रुपए की लागत से बनकर तैयार सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।

​हर वर्ग के लिए काम कर रही है सरकाररू राजस्व मंत्री  वर्मा
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ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार शहर से लेकर गांवों तक चौतरफा विकास के कार्य कर रही है। सड़क, पुल-पुलिया सहित अनेक अधोसंरचना निर्माण कार्यों को तेज गति दी जा रही है। हमने जनता से जो भी वायदे किए थे, उनमें से अधिकांश को पूरा कर दिया गया है। आज किसान, महिला, युवा और गरीबकृहर वर्ग के लिए योजनाएं संचालित हो रही हैं। इन योजनाओं का लाभ उठाकर लोग आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं और पूरे प्रदेश में खुशहाली तथा समृद्धि का माहौल है।

​गांव-गांव पहुंच रहा है सुशासन तिहार
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मंत्री  वर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश में इस समय सुशासन तिहार चल रहा है, जिसके तहत शासन और प्रशासन खुद जनता के द्वार यानी गांव-गांव तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय स्वयं लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और सीधे आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहे हैं।
     
इस विकास उत्सव के अवसर पर जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने विकास कार्यों की इस सौगात के लिए सरकार और मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

सफलता की नई इबारतः आधुनिक मशीनों से सँवर रही धमतरी की खेती

​रायपुर

 बदलते दौर के साथ छत्तीसगढ़ का अन्नदाता भी अब पारंपरिक खेती की रूढ़ियों को छोड़ आधुनिकता की राह पर चल पड़ा है। विकसित धमतरी के संकल्प को साकार करने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया। जिले के कुरूद विकासखंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने क्षेत्र के 10 गाँवों के किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खोल दिए हैं।

​सीड ड्रिल मशीनों की सौगातः कस्टम हायरिंग सेंटरों को मजबूती
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कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्था द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र चर्रा (कुरूद) में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जिले के 10 चयनित गाँवों के कस्टम हायरिंग सेंटरों के लिए आधुनिक सीड ड्रिल मशीनों का वितरण किया गया। इन मशीनों के मिलने से अब छोटे और सीमांत किसानों को भी कम लागत पर आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

​लाभान्वित होने वाले गाँव : धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक
       
इस योजना के तहत कन्हारपुरी, मोंगरा, कुर्रा, देवरी, राखी, गातापार, भैसबोड़, कुहकुहा, अटंग और बकली को लाभान्वित किया गया है। इस अवसर पर (कार्ड) फाउंडेशन और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कृषक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की सीधी कतार बुवाई (डायरेक्ट सीडिंग राईस) तकनीक के गुर सिखाए।
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विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक धमतरी के किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है क्योंकि इससे पारंपरिक रोपा पद्धति की तुलना में बीज और श्रम (मजदूरी) का खर्च बेहद कम हो जाता है। इस तकनीक से पानी की भारी बचत होती है, जो जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। कम लागत और वैज्ञानिक रख-रखाव से फसल की उत्पादकता और शुद्ध लाभ में सीधा इजाफा होता है।

​प्रशासन का संकल्पः नवाचार से बढ़ेगी किसानों की आय
     

​सफलता की इस कहानी को प्रशासनिक नेतृत्व का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। मामले पर खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर  ने कहा कि राज्य शासन किसानों के हित के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकसित धमतरी के निर्माण में कृषि क्षेत्र की भूमिका सबसे अहम है। इन आधुनिक तकनीकों और कृषि यंत्रीकरण के जरिए हम छोटे से छोटे किसान की उत्पादन क्षमता और आय को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

​एक साझा प्रयास, एक नया सवेरा
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इस ऐतिहासिक बदलाव के साक्षी कृषि विभाग के उप संचालक,कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता सहित कार्ड संस्था के लोकेशन इंचार्ज और उनकी पूरी टीम बनी।​कार्यक्रम के समापन पर जब अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर सीड ड्रिल मशीनों को गाँवों की ओर रवाना किया, तो वह केवल मशीनों का प्रस्थान नहीं था, बल्कि वह धमतरी के 10 गाँवों की आर्थिक समृद्धि और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम था। निश्चित ही, यह अनूठी पहल छत्तीसगढ़ के कृषि इतिहास में सफलता का एक नया अध्याय लिखेगी।

किसानों को खाद-बीज की कोई कमी न हो, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं। 

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त  श्याम धावड़े, आईजी  अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुशासन का लक्ष्य जनता के काम समय पर पूरा करना, विभागीय योजनाओं से आर्थिक रूप से सशक्त बनें ग्रामीणरू राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर

 छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने और ग्रामीणों की समस्याओं के मौके पर ही निपटारे के लिए शनिवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम पंचायत जरौद में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में  शामिल हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने विभागीय स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया और कुल 106 हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सामग्री, चेक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए।

​आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, आवेदकों को दी जाए प्रगति की जानकारी
             
 ​शिविर में पहुंचे राजस्व मंत्री  वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने  निर्देशित करते हुए कहा कि जनता से प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरतापूर्वक और त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जिन आवेदनों में उच्च स्तरीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल उच्च कार्यालयों को प्रेषित करें और इसकी पारदर्शी जानकारी संबंधित आवेदकों को भी दी जाए।

​सुशासन तिहार का लक्ष्यक- सीधे जनता के द्वार पहुंचे शासन और प्रशासन
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आम जनता को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि यह लगातार दूसरा साल है जब राज्य में सुशासन तिहार के जरिए एक कल्याणकारी राज्य की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। सुशासन का असली मतलब यही है कि लोगों का काम बिना किसी भटकाव के, समय पर हो जाए। आज पूरा का पूरा प्रशासनिक अमला खुद चलकर गांवों तक पहुंच रहा है, इसलिए ग्रामीणों को इन शिविरों का भरपूर लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनना चाहिए।

​मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय सरकार के वादे हो रहे पूरे
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सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने पद की शपथ लेते ही चुनाव के दौरान किए गए सभी प्रमुख वादों को पूरा करना शुरू कर दिया है। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। राज्य में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से वर्तमान में लगभग 26 लाख (प्रगतिशील व नए मिलाकर) आवासों का निर्माण तेजी से जारी है। अकेले जरौद ग्राम में ही 210 आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इस महायज्ञ में हर नागरिक का योगदान जरूरी है।

​1.06 करोड़ के कार्यों के चेक समेत विभिन्न सामग्रियों का वितरण
            
समाधान शिविर के दौरान राजस्व मंत्री के हाथों बड़ी संख्या में हितग्राही लाभान्वित हुए, जिसमें मुख्य रूप से ​12 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत स्वीकृत 1.06 करोड़ रुपए के कार्यों का चेक,​कक्षा 10वीं और 12वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मान पत्र,​स्वास्थ्य विभाग द्वारा श्रवण यंत्र, श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड और ग्रामीणों को जॉब कार्ड,​ हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, राशन कार्ड, नैनो यूरिया और पर्यावरण संरक्षण के लिए फलदार पौधे वितरित किये गए।

शिवाजी महाराज के आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत – राज्यपाल डेका

रायपुर

राज्यपाल  रमेन डेका ने आज महाराष्ट्र मंडल रायपुर में  छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक समारोह दिवस में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, स्वाभिमान, सुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता है।
             
राज्यपाल ने कहा कि 6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में हुआ शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजतिलक नहीं, बल्कि स्वतंत्र “हिंदवी स्वराज” की स्थापना का ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने पराक्रम, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से स्वराज की मजबूत नींव रखी तथा करोड़ों भारतीयों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने शिवाजी महाराज को कुशल प्रशासक, प्रजावत्सल शासक और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित अष्टप्रधान व्यवस्था, संगठित नौसेना तथा जनकल्याणकारी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं।
           
 राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंडल की 91 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक प्रकल्प समाज सेवा की उत्कृष्ट मिसाल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र मंडल भविष्य में भी समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
         
  डेका ने कार्यक्रम  में शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले चार बच्चों को पांच -पांच हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की तथा महाराष्ट्र मंडल को एक एंबुलेंस प्रदान करने की भी घोषणा की। इस अवसर पर महापौर मती मीनल चौबे, महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष  अजय मधुकर काले सहित अन्य पदाधिकारी एवं महाराष्ट्रीयन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया सम्मानित

रायपुर

 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित “प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें” विषयक चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने सम्मानित किया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के विद्यार्थियों एवं दिव्यांग प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी रचनात्मक सोच को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

प्रथम आयु वर्ग (12 वर्ष तक) में कृष्णा पब्लिक स्कूल, सरोना की छात्रा कु. सिद्धी वर्मा ने प्रथम, होली क्रॉस गर्ल्स स्कूल रायपुर की कु. काव्या विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा कृष्णा पब्लिक स्कूल, डुण्डा की कु. के. तेजस्विनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार कु. प्रत्युषा शुक्ला, कु. अर्पिता लहर एवं कु. दितिप्रिया चौधरी को प्रदान किया गया।

द्वितीय आयु वर्ग (13 से 17 वर्ष) में सेजेस स्कूल, अभनपुर के छात्र हितेश यादव प्रथम, शिवोम विद्यापीठ रायपुर की कु. हेमा साहू द्वितीय तथा द एशियन एकेडमी के छात्र प्रियांशु साहू तृतीय स्थान पर रहे। सांत्वना पुरस्कार भावेश प्रजापति, मौसमी साहू एवं छवि साहू को प्रदान किया गया।

तृतीय आयु वर्ग (18 से 21 वर्ष) में साइंस कॉलेज रायपुर की छात्रा कु. तन्नू जंघेल ने प्रथम, स्वामी आत्मानंद बी.डी. स्कूल खरोरा के छात्र चिराग पसारी ने द्वितीय तथा कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के छात्र सचिन जंघेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार मौसमी दिवान एवं प्रिन्स विश्वकर्मा को दिया गया।

दिव्यांग श्रेणी में शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैंप की छात्रा कु. लवली खुटियारे प्रथम, छात्र अनमोल पटेल द्वितीय तथा छात्रा कु. डॉली शिवारे तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार पुनाराम निषाद, कु. पूजा एवं कु. आयशा खान को प्रदान किया गया।

इस अवसर पर मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में बच्चों और युवाओं की रचनात्मक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकती है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा निर्माण कार्यों के गहन निरीक्षण का दौर जारी, पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों का लिया जायजा

रायपुर

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा बस्तर संभाग में निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं के गहन निरीक्षण का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। कांकेर और कोंडागांव में 5 जून को निरीक्षण और बैठक के बाद आज उन्होंने बस्तर जिले में जगदलपुर नगर निगम के विभिन्न कार्यों, लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज तथा जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया।

उप मुख्यमंत्री  साव ने जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 48 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है।  साव ने पुल निर्माण की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी इसके अधूरे निर्माण पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री  साव ने जगदलपुर में अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक बन रहे 5 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों को भी देखा। चित्रकोट रोड पर 27 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।  साव ने बरसात के मौसम को देखते हुए सड़क के ड्रेनेज का काम अभी तक पूरा नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बारिश के पहले इसे प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में केशलूर-जगदलपुर रोड पर किरंदुल-विशाखापत्तनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यहां भी काम में लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने तेजी से काम पूरा करने को कहा।

दुगनपाल में कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर देखी पानी की धार 

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने तोकापाल विकासखण्ड के ग्राम दुगनपाल जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने गांव की महिलाओं कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर जल जीवन मिशन से आ रहे पानी की धार देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से पानी बचाने, वर्षा जल के संचय और वृक्षारोपण की अपील की।

दुगनपाल में जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग कर हर घर नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। यहां के सभी 131 घरों में घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं। ग्रामीणों को रोज तीन घंटे भरपूर पेयजल मिल रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पीपल का पौधारोपण

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने गरियाबंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गत वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे देश में यह अभियान उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है तथा इसके तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में राजिम विधायक  रोहित साहू,बिन्द्रानवागढ़ विधायक  जनक ध्रुव, जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर 

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। 

मुख्यमंत्री  साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री  साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद मती कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, कलेक्टर  अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

बरगद की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल : सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

रायपुर 

सुशासन तिहार के अंतर्गत सक्ती जिले के ग्राम ठठारी के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। खुले वातावरण में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव प्राप्त किए तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया।

जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेकर उपभोक्ता बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा बस्तर में जनता के सहयोग से शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव की आवश्यकताओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ठठारी में बैंक शाखा खोलने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ठठारी को नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने हेतु कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बरगद की छांव में सजी यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक यादगार अवसर बन गई, जहां उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला।

जनचौपाल में सांसद मती कमलेश जांगड़े, मती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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