सुकमा के आदिवासी किसान के बेटे बारसे रोशन ने JEE एडवांस में गाड़े झंडे

होनहार को पंख
 
सुकमा के आदिवासी किसान के बेटे बारसे रोशन ने JEE एडवांस में गाड़े झंडे 

जिला प्रशासन उठाएगा बारसे रोशन के पढ़ाई का पूरा खर्च

रायपुर,
छत्तीसगढ़ के अति-वनांचल (सुकमा) जिले के होनहार आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने JEE एडवांस्ड परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पहले ही प्रयास में कैटेगरी रैंक 634 लाकर और अपनी लगन से IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) तक का सफर तय कर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अंचल का नाम रोशन किया है

                 शिक्षा के क्षेत्र में सुदूर और वनांचल क्षेत्र सुकमा के एक आदिवासी छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच रहने वाले एक साधारण किसान के बेटे ने साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। जिले के सुदूर वनाँचल के झापरा क्षेत्र के निवासी आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया है। 

जिला प्रशासन बारसे रोशन का किया सम्मान

              इस ऐतिहासिक सफलता पर छात्र का उत्साहवर्धन करने के लिए खुद कलेक्टर और जिला प्रशासन आगे आया है। तुंगल डैम में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने छात्र बारसे रोशन को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

पढ़ाई के आड़े नहीं आएगा पैसा कलेक्टर

            कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इस मौके पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि रोशन की पढ़ाई की राह में पैसे कभी रोड़ा नहीं बनेंगे। जिला प्रशासन बारसे रोशन की उच्च शिक्षा की पूरी फीस का वहन करेगा, ताकि वह बिना किसी आर्थिक चिंता के देश के शीर्ष संस्थान (IIT) में अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।

क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट बन रहा है बच्चों का सारथी

           बारसे रोशन की यह बड़ी सफलता किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की सोची-समझी दूरदर्शिता का नतीजा है। जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कलेक्टर श्री अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मुकुन्द ठाकुर के सीधे निर्देशन में क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी के मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी श्री आशीष राम के सतत पर्यवेक्षण में यह संस्थान सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण बच्चों को IIT और मेडिकल जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए निशुल्क तैयार कर रहा है।

पर्दे के पीछे के नायक, जिन्होंने बदली तकदीर

           इस बड़ी सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर काम कर रही टीम की कड़ी मेहनत छिपी है। प्रबंधन की कमान संभाल रहे संस्थान के मैनेजर श्री सूरज सिंह ने दिन-रात मेहनत कर सुकमा में एक ऐसा अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार किया है, जो आमतौर पर सिर्फ बड़े महानगरों में देखने को मिलता है। इसके साथ ही, क्षितिज संस्थान और कैम्प एकेडमी रायपुर के शिक्षक सुश्री निधि चौहान, अभिषेक नाग, रजनीश पटेल और सोनम सिंह ने बच्चों को न सिर्फ किताबी ज्ञान दिया, बल्कि परीक्षा की सटीक रणनीति और हर मोड़ पर मोटिवेशन देकर इस कठिन परीक्षा के लिए तैयार किया।

माता-पिता की आंखों में छलके खुशी के आंसू

          बारसे रोशन के माता-पिता दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर परिवार का पेट पालते हैं। जब कलेक्टर ने खुद रोशन को सम्मानित किया और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी ली, तो माता-पिता की आंखें गर्व और खुशी से छलक उठीं। रोशन और सुनील कुमार की यह सफलता आज सुकमा के हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो अपनी गरीबी या पिछड़ेपन की वजह से बड़े सपने देखने से डरता था।

         जिला प्रशासन के इस संवेदनशील और दूरदर्शी कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कलेक्टर, सीईओ और उनकी पूरी टीम ने छात्रों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले सालों में सुकमा से ऐसे कई और सितारे निकलेंगे जो देश-दुनिया में जिले का नाम चमकाएंगे।

छत्तीसगढ़ में मानसून की आहट तेज, आज कई इलाकों में बारिश और आंधी का अलर्ट

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, लेकिन रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत ज्यादार हिस्सों में भीषण गर्मी जारी है. दिन में धूप की तपिश और रात में गर्म हवाओं और उमस से लोगों को परेशानी का सामने करना पड़ रहा है. बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ है. मौसम विभाग ने 12 जून से बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना जताई है.

प्रदेश में रविवार को मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा तापमान रायपुर में 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं सबसे न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. इसके अलावा कुछ इलाकों में पानी भी बरसा. कुसमी में 7 सेमी, कापू में 3 सेमी और बलरामपुर, कांसाबेल, पोदी उपरोरा में 1 सेमी बारिश हुई. 

4 दिनों में छत्तीसगढ़ पहुंचेगा मानसून 
मौसम विज्ञानी एच. पी. चंद्रा ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के कुछ भाग, असम और अरुणाचल प्रदेश में आज दिनांक 7 जून को पहुंच गया है। इसके आगे बढ़ने के लिए  परिस्थितियों अनुकूल है. अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना के कुछ भाग आंध्र प्रदेश के कुछ भाग, तमिलनाडु के शेष भाग, छत्तीसगढ़ के कुछ भाग, उड़ीसा के कुछ भाग, उप हिमालयीन पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ भाग में पहुंचने की संभावना है। प्रदेश में सोमवार को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटें पड़ने की संभावना है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ अंधड़ के आसार हैं. फिलहाल अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना है. वजहीन 12 जून के बाद बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है. 

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
राजधानी रायपुर में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग ने दिन में बादल छाए रहने के अलावा बारिश या आंधी की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तामपान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

प्रमुख शहरों के तापमान

  • बालोद में 41.7 डिग्री सेल्सियस 
  • बेमेतरा में 41.5 डिग्री सेल्सियस
  • कवर्धा में 41.5 डिग्री सेल्सियस 
  • दुर्ग में 41.2 डिग्री सेल्सियस
  • बिलासपुर में 41 डिग्री सेल्सियस 
  • राजनांदगांव में 40.9 डिग्री सेल्सियस
  • जगदलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस 
  • अंबिकापुर में 36.6 डिग्री सेल्सियस

निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने किया निरीक्षण

निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने किया निरीक्षण

निर्धारित मानकों के अनुरूप तेज गति से हो रहे निर्माण कार्य की सराहना

रायपुर
जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं तेज गति से संचालित किए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा तथा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में छह मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।

प्रस्तावित अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू तथा पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था होगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी कक्ष, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी यूनिट, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल के शुरू होने से जशपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

प्राकृतिक खेती और मिलेट्स को मिलेगा बढ़ावा देने दंतेवाड़ा जिले में खेत बचाओ अभियान

रायपुर, 
 छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाजों) की खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखती है, पानी बचाती है और उपभोक्ता को जहरीले-मुक्त रसायन वाले खाद्य उत्पाद देती है। इसमें बाहर से महंगी खाद या कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे किसानों की खेती की लागत काफी कम हो जाती है और मुनाफा बढ़ता है।
दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ
            कृषि भूमि की उर्वरता को संरक्षित करने, किसानों की लागत कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा तैयार इस रणनीतिक कार्ययोजना का उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य का पुनर्जीवन, जल संरक्षण, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को जन-आंदोलन के रूप में स्थापित करना है। “खेत बचाओ अभियान” दंतेवाड़ा को प्राकृतिक कृषि, जैव विविधता संरक्षण और किसान समृद्धि की नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
 मिलेट्स को ‘अन्न’ का दर्जा
          जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए तैयार इस अभियान को दंतेवाड़ा के चारों विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अभियान की मूल भावना यह है कि “मिट्टी केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसकी सुरक्षा भविष्य की खाद्य सुरक्षा और किसान समृद्धि की गारंटी है।” ज्वार, बाजरा, रागी (मड़िया), कोदो और कुटकी जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं, इन्हें ‘सुपरफूड’ और ‘अन्न’ का दर्जा दिया गया है।  मिलेट्स सामान्य अनाजों की तुलना में बहुत कम पानी और खाद में उग जाते हैं, और सूखा-रोधी होते हैं।
अभियान के प्रमुख लक्ष्य
         अभियान के तहत मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, प्राकृतिक खेती का विस्तार, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा जल एवं नमी संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों को रासायनिक खेती से धीरे-धीरे प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।
पांच चरणों में होगा क्रियान्वयन
          योजना के तहत सबसे पह
ले जिले में मृदा स्वास्थ्य मैपिंग और सॉयल हेल्थ कार्ड को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद रागी, कोदो, कुटकी जैसे पौष्टिक मिलेट्स एवं स्थानीय फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। तीसरे चरण में किसानों को जैविक खाद, ब्लू-ग्रीन एल्गी और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन का प्रशिक्षण देकर बाहरी कृषि आदानों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक बीज मंडियों और सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना कर स्थानीय बीजों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। अंतिम चरण में खेतों की मेड़ों पर ग्लिरिसिडिया जैसे हरित खाद देने वाले पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत एक लाख पौधों के वितरण और रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले में तय किए गए लक्ष्य
          वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 135 ग्राम पंचायतों में अभियान लागू किया जाएगा। इसके तहत 4,600 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, 4,300 हेक्टेयर में मिलेट्स उत्पादन तथा 40 सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। सरकार मिलेट्स की खेती के तहत क्षेत्र को बढ़ाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से इन पौष्टिक अनाजों को वितरित करने और मिलेट्स आधारित उत्पादों के साथ काम करने वाले उद्यमियों का समर्थन करने के लिए एक ठोस प्रयास कर रही है। 
किसानों को होंगे कई लाभ
          अभियान के सफल क्रियान्वयन से अगले तीन वर्षों में खेतों के जैविक कार्बन स्तर में वृद्धि होने की संभावना है। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होने से किसानों की उत्पादन लागत में 35 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। वहीं, दंतेवाड़ा के मिलेट्स को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी नए अवसर खुलेंगे। ये स्थूल एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। ये हृदय के लिए फायदेमंद हैं, हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं, एनीमिया को रोकते हैं, मधुमेह की शुरुआत को रोकते हैं (ये ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर कम हैं), स्वस्थ वज़न बनाए रखते हैं और आँत की सूजन में सुधार करते हैं।
कृषि क्षेत्र में नई पहल
         दंतेवाड़ा जिले में रागी के साथ-साथ कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी अन्य फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को बहुफसली प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें और खेती अधिक टिकाऊ बन सके। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान केवल खेती की पद्धति में बदलाव नहीं, बल्कि मिट्टी, जल, जैव विविधता और किसान की आजीविका को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि योजना निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सफल होती है, तो दंतेवाड़ा प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि मॉडल के रूप में पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बन सकता है।

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर
मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।

           बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली। 

          बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी को PM मोदी का पत्र, बताया किस ताकत ने दिलाई चुनावी जीत

रायपुर.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में एनडीए को मिली सफलता पर बधाई देने के लिए डॉ. कुलदीप सोलंकी के प्रति आभार व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. सोलंकी को भेजे एक पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों का यह स्नेह और समर्थन राष्ट्र निर्माण के संकल्प की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री ने पत्र में चुनावी परिणामों पर लिखा कि जहां एनडीए की सरकारें थीं, वहां ‘प्रो-इनकंबेंसी’ और जहां सरकारें नहीं थीं, वहां ‘एंटी-इनकंबेंसी’ का रुख साफ देखा गया। उन्होंने असम में लगातार तीसरी बार मिली जीत और पुडुचेरी में विकास के विजन को मिले समर्थन का जिक्र किया। साथ ही, बंगाल में मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन को बंगाल की पावन धरा पर ‘विकास का सूर्योदय’ करार दिया। केरल और तमिलनाडु के संदर्भ में उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी जन-सरोकार के मुद्दों को उठाते रहने की प्रतिबद्धता जताई।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के रिकॉर्ड मतदान की सराहना करते हुए इसे ‘विकसित भारत’ की दिशा में नारीशक्ति की बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जनादेश के साथ मिली जिम्मेदारी को निभाते हुए सरकार गरीबों के कल्याण, युवाओं के सशक्तिकरण, महिलाओं के सम्मान और किसानों की समृद्धि को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखेगी। पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने डॉ. सोलंकी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की है।

स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाएं बढ़ाने प्रमुखता से किये जा रहे काम – अरुण साव

स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाएं बढ़ाने प्रमुखता से किये जा रहे काम – अरुण साव

उप मुख्यमंत्री ने 7.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

नगर पालिका की मांग पर 3.72 करोड़ के कार्यों को दी मंजूरी, नए कार्यों के लिए भी 2 करोड़ देने की घोषणा की

रायपुर.
 उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के तीसरे दिन किरंदुल में 7 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 14 लाख 85 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण और 3 करोड़ 4 लाख 9 हजार रुपये के कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। साव ने आक्सीजोन में बस्तर के टाइगर ब्वाय चेंदरू की प्रतिमा का अनावरण भी किया। विधायक चैतराम अटामी और छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री साव ने किरंदुल में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की लागत से विकसित ऑक्सीजोन पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खरीदी गई बैक हो लोडर मशीन, सक्शन मशीन सह मेला टैंकर, ट्रैक्टर इंजन एवं पानी टैंकर को नगर पालिका को सौंपा। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से नगर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने ऑक्सीजोन पार्क की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मनोरंजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

साव ने किरंदुल में नाला निर्माण, मुक्तिधाम निर्माण तथा अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा तथा नागरिकों को बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा।

उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में बस पार्किंग एवं स्टेज-स्टैंड के पास सीसी रोड तथा विद्युत व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने सीसी रोड के लिए 27 लाख रुपये की भी घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका की मांग पर 3 करोड़ 72 लाख रुपये के प्रस्तावित विकास कार्यों को स्वीकृत करने के साथ ही नए कार्यों के लिए अलग से दो करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की। 

उप मुख्यमंत्री ने मलंगीर जलप्रपात से किरंदुल और बचेली में पेयजल आपूर्ति की योजना की संभावनाओं पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण कर स्थायी व प्रभावी पेयजल व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।

उप मुख्यमंत्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में किरंदुल नगर पालिका में 16 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं। राज्य सरकार नगरों के सुनियोजित विकास के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य कर रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने लगातार काम किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। इसी उद्देश्य से वे लगातार बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, पेयजल एवं शहरी अधोसंरचना के विकास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने किरंदुल की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ करते हुए कहा कि बैलाडीला पर्वतमालाओं की गोद में बसा किरंदुल प्राकृतिक दृष्टि से प्रदेश के सबसे सुंदर नगरों में से एक है। चारों ओर हरियाली, पर्वतीय सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण इस नगर को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किरंदुल को एक आदर्श एवं आधुनिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है।

किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रूबी शैलेन्द्र सिंह, बचेली नगर पालिका के अध्यक्ष राजू जायसवाल, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत के अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, शैलेन्द्र सिंह और संतोष गुप्ता सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की पहचान, इसे बनाकर रखें – अरुण साव

ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की पहचान, इसे बनाकर रखें – अरुण साव

उप मुख्यमंत्री कर्मा महोत्सव में हुए शामिल, तैलीय सदन का किया लोकार्पण

रायपुर
 उप मुख्यमंत्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक चैतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है। 

साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।

छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। 

विधायक चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य श्रीमती यामिनी देवी साहू, लोक गायिका सुआरू साहू, पार्षद विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

सीड बॉल बनाकर प्रकृति संरक्षण की अनूठी पहल, हरित जशपुर के निर्माण पर जोर

सीड बॉल बनाकर प्रकृति संरक्षण की अनूठी पहल, हरित जशपुर के निर्माण पर जोर

दुलदुला विकासखंड में मानसून पूर्व तैयार किए जा रहे 80 हजार सीड बॉल, ग्रामीणों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

रायपुर,
पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण में वृद्धि के उद्देश्य से जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड में सीड बॉल निर्माण अभियान की शुरुआत की गई है। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सहभागिता से बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें मानसून के दौरान बंजर, पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा।

सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद तथा स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के बीजों से तैयार की जाती है। वर्षा होने पर ये बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। यह तकनीक कम लागत में अधिक क्षेत्र में वनीकरण का प्रभावी माध्यम मानी जाती है।

जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी है। अभियान के अंतर्गत आम, जामुन, करंज, नीम, इमली सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार किए जा चुके हैं।

ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लेते हुए सीड बॉल निर्माण को प्रकृति संरक्षण का सरल, प्रभावी और सामुदायिक प्रयास बताया। तैयार सीड बॉल्स को वर्षा ऋतु के दौरान उन क्षेत्रों में फैलाया जाएगा, जहां प्राकृतिक रूप से हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार ने जिलेवासियों से इस पर्यावरणीय अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से हरित, समृद्ध और खुशहाल जशपुर का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है।

इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ-साथ हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोजेक्ट के अंतर्गत हर्षा ट्रस्ट एवं बिहान के बीपीएम की भी सक्रिय सहभागिता रही, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन और गति मिल रही है।

छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बनी ‘समधी भेंट’, अजय चंद्राकर की पोस्ट पर CM साय का जवाब वायरल

रायगढ़.

सियासत की बिसात पर अक्सर तनाव, तीखे बयान और तल्खियों की ही खबरें सुर्खियां बनती हैं। लेकिन कभी-कभी राजनीति की इस रूखी जमीन पर कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आ जाती हैं, जो सारे समीकरणों और कयासों के बीच एक खुशनुमा माहौल बना देती हैं। प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक ऐसी ही तस्वीर और उसके पीछे की दिलचस्प कहानी ने सबका ध्यान खींचा है।

हमेशा अपने तीखे और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सूबे के एक कद्दावर विधायक और प्रदेश के मुखिया के बीच जो सार्वजनिक स्नेह देखने को मिला है, उसने राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम अफवाहों को एक झटके में शांत कर दिया है। यह वाकया सिर्फ एक तस्वीर खिंचवाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों नेताओं के बीच हुए आत्मीय संवाद ने रिश्तों की एक नई इबारत लिख दी है।

ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज और जनता की वो खास मांग
यह पूरा दिलचस्प और ठेठ देसी घटनाक्रम एक ग्रामीण इलाके में आयोजित बड़े सामाजिक महाधिवेशन के दौरान सामने आया। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कुरुद के वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर धमतरी जिले के ग्राम छाती में चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय महाधिवेशन में एक साथ पहुंचे, तो वहां का माहौल ही बदल गया। ग्रामीण परिवेश और अपनी माटी की संस्कृति के बीच जब ये दोनों बड़े नेता एक साथ नजर आए, तो वहां मौजूद समाज के लोगों ने सहज भाव से कह दिया कि दोनों एक बार समधी भेंट कर लें। ग्रामीण अंचलों में रिश्तों की प्रगाढ़ता दर्शाने के लिए समधी, मामा या भांजा जैसे शब्द एक बेहद प्यारे और आत्मीय संबोधन माने जाते हैं। जनता के इस अपनत्व भरे आग्रह को दोनों ही नेताओं ने पूरे सम्मान के साथ सिर माथे लिया और मुस्कुराते हुए एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर एक शानदार तस्वीर खिंचवाई।

विधायक ने एक्स पर साझा किया अपना अगाध प्रेम
इस खूबसूरत वाकये के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वह तस्वीर साझा कर दी। अपनी पोस्ट में उन्होंने अपने दिल की बात लिखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रति उनके मन में अगाध आदर है और वह उन्हें स्नेह से ‘समधी जी’ कहते हैं। उन्होंने पूरी बेबाकी से बताया कि कैसे समाज के लोगों के आग्रह पर यह तस्वीर ली गई और मुख्यमंत्री ने अपनी चिरपरिचित सहजता से इस पल को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। इस पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट और राजनीतिक चौपालों पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लोग इस खुलेपन और आत्मीयता की जमकर तारीफ करने लगे।

मुख्यमंत्री के जवाब ने जीत लिया सबका दिल
असली राजनीतिक और सामाजिक मिठास तब सामने आई, जब खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पोस्ट पर अपना जवाब दिया। सीएम साय ने अपने आधिकारिक हैंडल से अजय चंद्राकर की पोस्ट को कोट करते हुए उसे रिट्वीट किया। उन्होंने बेहद प्यार भरे अंदाज में लिखा कि अजय जी का यह स्नेहपूर्ण संबोधन उन्हें हमेशा आत्मीयता से भर देता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम छाती में समाज के आग्रह पर हुई यह ‘समधी भेंट’ उनके लिए भी एक स्मरणीय पल बन गई है। उन्होंने विधायक के सहज अपनापन, मिलनसार स्वभाव और समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की यही पारिवारिक संस्कृति, अपनापन और आपसी सम्मान हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

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