छत्तीसगढ़ में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ लागू करने की तैयारी तेज

रायपुर

छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्रभावी, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम (FCI), मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ विपणन वर्ष में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से उन्नत (अपग्रेड) करना आवश्यक होगा, ताकि गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा कार्यशाला में रखे गए सुझावों एवं व्यवहारिक समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे।

कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, ताकि योजना के अनुरूप मिलिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके।

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक चुनौतियों एवं उद्योग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे विषयों पर ध्यान आकृष्ट किया। साथ ही स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी एवं आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्ष रमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रदेशभर से आए राईस मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने योजना लागू करने से पहले इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित करने के लिए खाद्य विभाग और खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले का आभार व्यक्त करते हुए ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मिलर्स एसोसिएशन के लगभग 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नारायणपुर को मिली विकास की बड़ी सौगात

रायपुर

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने नारायणपुर प्रवास के दौरान जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने एजी सिनेमा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में 12 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नगर पालिका नारायणपुर के विकास के लिए 5 करोड़ रूपए देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे।

नारायणपुर को विकसित, खुशहाल और समृद्ध बनाने का संकल्प
         
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार नारायणपुर जिले को विकसित, खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले के युवाओं ने शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विशेष रूप से मलखंभ जैसे कठिन खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं की उन्होंने सराहना की। यह कार्यक्रम नारायणपुर जिले के विकास, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

युवाओं की प्रतिभा को मिला सम्मान
       
उप मुख्यमंत्री साव ने नेशनल स्कूल ड्रामा, नई दिल्ली की प्रस्तुति “चंदा के चकोर” की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जिले की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिला रही हैं।
उन्होंने जिले में आयोजित पांच दिवसीय करियर गाइडेंस कार्यक्रम को युवाओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर मिलेंगे। 

जिले के विकास के लिए 307 करोड़ रूपए की स्वीकृति
         
साव ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद नारायणपुर जिले के विकास कार्यों के लिए 307 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में 32 करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में नारायणपुर को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मॉडल नगर के रूप में विकसित होगा नारायणपुर
        
 वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नारायणपुर को एक विकसित और आधुनिक नगर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नगरीय निकाय क्षेत्र में 120 करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 23 करोड़ रूपए की लागत से लाइब्रेरी भवन का भूमिपूजन किया गया है।

मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का सम्मान
         
कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी शॉल औरफल भेंटकर सम्मानित किया गया।

किसानों और हितग्राहियों को मिला लाभ
         
विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा पांच किसानों को किसान समृद्धि योजना अंतर्गत बोर खनन एवं पंप स्थापना के लिए 1.99 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई। उद्यानिकी विभाग द्वारा दो किसानों को बागवानी विकास हेतु 3.85 लाख रूपए के चेक प्रदान किए गए। मत्स्य पालन विभाग द्वारा तीन हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल वितरित किए गए।

विभागीय योजनाओं की जानकारी ली
     
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा विभाग के स्टॉल में स्वयं विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।

छत्तीसगढ़ में खाली सरकारी जमीनों का होगा रिडेवलपमेंट, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली अनुपयोगी व खाली जमीनों के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए एक व्यापक रिडेवलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित की गई भूमियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि वर्तमान में अनुपयोगी पड़ी सरकारी जमीनों से न तो शासन को कोई आय हो रही है और न ही जनता को इसका लाभ मिल रहा है। इस रिडेवलपमेंट योजना से जहां शहरों को एक नियोजित विकास मिलेगा, वहीं शासकीय परिसंपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ जाएगा।

डिजिटल लैंड बैंक और जीआईएस मैपिंग से होगी निगरानी
बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षों से खाली पड़ी या अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक व जनहित में बेहतर उपयोग किया जाएगा। शासकीय विभागों के अंतर्गत आने वाली सभी खाली जमीनों का एक केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। मैपिंग के जरिए हर प्लॉट की सटीक लोकेशन, रकबा (क्षेत्रफल) और वर्तमान स्थिति का डेटा जीआईएस (GIS) मैपिंग ऑनलाइन दर्ज होगा। शहरों में प्राइम लोकेशन पर स्थित खाली जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और नए सरकारी कार्यालय बनाए जाएंगे। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों का विकास
ग्रामीण इलाकों की जमीनों पर कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस या कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centers) प्रस्तावित किए जाएंगे। बड़ी जमीनों के सुनियोजित विकास के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

जर्जर भवनों को ढहाकर होगा नवनिर्माण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
योजना के तहत ऐसे शासकीय भवनों और परिसरों को चिन्हित किया जाएगा, जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और जिनकी मरम्मत करना वित्तीय दृष्टि से फायदेमंद नहीं है। ऐसी जगहों पर पुरानी संरचनाओं को हटाकर शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सरकारी विभागों या उनके उपक्रमों के लिए नए और आधुनिक निर्माण किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित जमीनों पर तत्काल फेंसिंग (घेराबंदी) की जाएगी और शासकीय स्वामित्व का बोर्ड लगाया जाएगा। इन जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से निगरानी रखेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी संभागायुक्त व कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

बीजापुर के बाद जगदलपुर में तेंदूपत्ता गोदाम में आग, मौके पर पहुंचीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियां

जगदलपुर.

जगदलपुर के सरगीपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम के 5 नंबर फड़ में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई है और आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है।

बताया जा रहा है कि गोदाम में रखा तेंदूपत्ता पिछले वर्ष का संग्रहित माल था, जो पहले ही बिक चुका था। हालांकि आग से हुए नुकसान का सही आंकलन अभी नहीं हो पाया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और नुकसान का मूल्यांकन करने में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि हाल ही में बीजापुर के तेंदूपत्ता गोदाम में भी भीषण आग लगी थी, जिसमें करीब 10 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी।

इसके बाद अब जगदलपुर में हुई इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आग लगने की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल दमकल कर्मियों और वन विभाग की टीम द्वारा आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदना और पशु-पक्षियों के प्रति दायित्व निभाने की अपील की

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी

छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी

नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें

रायपुर
छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।

नवा रायपुर में 302.67 करोड़ रूपए की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे

           महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ रूपए की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें

          आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।

रायपुर में 186.14 करोड़ रूपए की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

         मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी (MLD) क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।

         बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर. शंगीता और एनआरडीए (NRDA) के सीईओ चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ में अनुपयोगी सरकारी जमीनों का होगा कायाकल्प- तैयार होगी रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना

छत्तीसगढ़ में अनुपयोगी सरकारी जमीनों का होगा कायाकल्प- तैयार होगी रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना

विभागों, निगम-मंडलों और बोर्ड की खाली जमीनों का होगा व्यवस्थित विकास, बनेगा डिजिटल लैंड बैंक

रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली अनुपयोगी व खाली जमीनों के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए एक व्यापक रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

         इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित की गई भूमियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि वर्तमान में अनुपयोगी पड़ी सरकारी जमीनों से न तो शासन को कोई आय हो रही है और न ही जनता को इसका लाभ मिल रहा है। इस रिडेव्हलपमेंट योजना से जहां शहरों को एक नियोजित विकास मिलेगा, वहीं शासकीय परिसंपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ जाएगा।

डिजिटल लैंड बैंक और जीआईएस मैपिंग से होगी निगरानी

         बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षों से खाली पड़ी या अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक व जनहित में बेहतर उपयोग किया जाएगा। शासकीय विभागों के अंतर्गत आने वाली सभी खाली जमीनों का एक केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। मैपिंग के जरिए हर प्लॉट की सटीक लोकेशन, रकबा (क्षेत्रफल) और वर्तमान स्थिति का डेटा जीआईएस (GIS) मैपिंग ऑनलाइन दर्ज होगा। शहरों में प्राइम लोकेशन पर स्थित खाली जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और नए सरकारी कार्यालय बनाए जाएंगे। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।  बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।  

ग्रामीण क्षेत्रों का विकास

         ग्रामीण इलाकों की जमीनों पर कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस या कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centers) प्रस्तावित किए जाएंगे। बड़ी जमीनों के सुनियोजित विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

जर्जर भवनों को ढहाकर होगा नवनिर्माण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

         योजना के तहत ऐसे शासकीय भवनों और परिसरों को चिन्हित किया जाएगा जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और जिनकी मरम्मत करना वित्तीय दृष्टि से फायदेमंद नहीं है। ऐसी जगहों पर पुरानी संरचनाओं को हटाकर शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सरकारी विभागों या उनके उपक्रमों के लिए नए और आधुनिक निर्माण किए जाएंगे।  सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित जमीनों पर तत्काल फेंसिंग (घेराबंदी) की जाएगी और शासकीय स्वामित्व का बोर्ड लगाया जाएगा। इन जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से निगरानी रखेंगे।

          इस महत्वपूर्ण बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, आयुक्त छत्तीसगढ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल अवनीश शरण, एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी संभागायुक्त व कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

बीजापुर नगर पंचायत में 62 लाख के घोटाले का खुलासा, CMO और लेखापाल सस्पेंड

बीजापुर.

भोपालपटनम नगर पंचायत में सामने आए 62 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी मामले में राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) विकास पाटले और लेखापाल सूर्यकिरण चिडेम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से जारी आदेश के बाद विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों अधिकारियों ने पदस्थापना के दौरान पार्षदों से सांठगांठ कर संदेहास्पद तरीके से मांग पत्र तैयार किए और सामग्री खरीदी में भंडार क्रय नियमों व निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। जांच में यह भी पाया गया कि अटल चौक निर्माण कार्य में मद परिवर्तन कर 15वें वित्त आयोग की राशि से बिना सक्षम अनुमति भुगतान किया गया।मामले में बिना अवकाश स्वीकृति के अग्रिम वेतन आहरण का तथ्य भी सामने आया है। शासन के मुताबिक इन सभी मामलों में करीब 62 लाख रुपए की गंभीर वित्तीय अनियमितता पाई गई। इसके बाद दोनों अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई।

राज्य शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन और गंभीर कदाचार माना है। इसी आधार पर विकास पाटले को छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका सेवा भर्ती एवं सेवा शर्त नियम 2017 के नियम-33 तथा सूर्यकिरण चिडेम को नगर पालिका कर्मचारी सेवा नियम 1968 के नियम-53 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय जगदलपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। वहीं विभागीय कार्रवाई के तहत आरोप पत्र तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

जांच में सामने आईं ये गड़बड़ियां

  • पार्षदों से सांठगांठ कर मांग पत्र तैयार किया गया।
  • सामग्री खरीदी में भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन किया गया।
  • अटल चौक निर्माण कार्य में मद परिवर्तन किया गया।
  • 15वें वित्त आयोग की राशि से बिना अनुमति भुगतान किया गया।
  • बिना छुट्टी स्वीकृति अग्रिम वेतन आहरण किया गया।

समूह से मिले सहयोग से स्वरोजगार से मिली आत्मनिभर्रता-उमा

समूह से मिले सहयोग से स्वरोजगार से मिली आत्मनिभर्रता-उमा

 खेती, मछली पालन और लघु व्यवसाय कर बनीं लखपति दीदी

रायपुर
 मछली पालन और छोटे व्यवसायों ने ग्रामीण भारत, विशेषकर छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों की महिलाओं को स्वरोजगार और शानदार सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस क्षेत्र में सही जानकारी, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के जरिए महिलाएं और युवा आर्थिक रूप से मजबूत होकर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं।

           कलेक्टर बलरामपुर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है।

 ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी उमा सिंह

          जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम महाराजगंज की निवासी एवं गुलाब महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य उमा सिंह आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उमा ने चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से कुल 85 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि का उपयोग उन्होंने खेती, मत्स्य पालन और छोटे व्यवसाय को विकसित करने में किया।

लखपति दीदी के रूप में पहचान

          उमा ने 2.5 एकड़ भूमि में धान एवं 1.5 एकड़ में मक्का की खेती की। साथ ही अपनी डबरी में मछली बीज डालकर मत्स्य पालन शुरू किया। कृषि कार्यों के अलावा वे प्रतिदिन शाम को महाराजगंज चौक में चना-चाट की दुकान भी संचालित करती हैं, जिससे उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और इस वर्ष उन्होंने धान बिक्री से 1 लाख 42 हजार रुपये, मक्का से 16 हजार रुपये तथा मत्स्य पालन से 20 हजार रुपये की आय अर्जित की। विविध आजीविका गतिविधियों के जरिए वे अब गांव में लखपति दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं।

          उमा सिंह की सफलता से प्रेरित होकर आसपास के गांवों की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर उन्नत खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सूक्ष्म व्यवसाय अपनाने के लिए आगे आ रही हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाए: आबकारी मंत्री देवांगन

मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाए: आबकारी मंत्री देवांगन

पड़ोसी राज्यों से आने वाली शराब रोक लगाने के दिए निर्देश

    रायपुर
प्रदेश के वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री लखन लाल देवांगन नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आबकारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी देवेन्द्र भारद्वाज, आबकारी मुख्यालय , बेवरेजेस कारपोरेशन , मार्केटिंग कारपोरेशन के अधिकारियों सहित जिले से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।

    आबकारी मंत्री देवांगन ने राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर कोचियों के विरूद्ध प्रभावी कार्य करें। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें आबकारी उपनिरीक्षक एवं नीचे का अमला अवैध शराब बिक्री करने वाले के विरूद्ध समझौता न करें।

    इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध (स्टाक) का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किया मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।

    मंत्री ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अब तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।
    आबकारी सचिव श्रीमती कंगाले ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।

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