म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, 15 आरोपी गिरफ्तार, लाखों के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा

भिलाईनगर.

मोहननगर पुलिस ने साइबर ठगी से प्राप्त राशि को विभिन्न म्यूल बैंक खातों में स्थानांतरित कर अवैध लेन- देन करने वाले 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोटक महिंद्रा बैंक के खातों का उपयोग कर ठगी की राशि का लेनदेन चल रहा था।

वर्ष 2024 से 2026 के मध्य खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शन एवं राशि के हस्तांतरण की जांच के बाद आरोपियों को पकड़ा गया। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं प्राप्त शिकायतों के आधार पर थाना मोहन नगर क्षेत्रांतर्गत संचालित कोटक महिंद्रा बैंक के विभिन्न खातों की जांच की गई। जांच में यह पाया कि संबंधित बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि जमा की गई तथा खाताधारकों ने उक्त खातों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के वित्तीय लेन-देन कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।

विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खाताधारकों ने स्वयं अथवा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि के हस्तांतरण एवं अवैध धन के लेन-देन के लिए किया। पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर थाना मोहन नगर में धारा 318 (4), 317 (2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर पीयूष डडसेना, साहिल खान, खुशी झा, मोहम्मद फरान, अभिजीत कुमार, आदित्य रजक, आशीष चंद्राकर, निखिल साहू, रितेश मसीह, मो. सोहेल, निकिता चौहान, शुभा सेंगर, शिवम पांडेय, रितेश देवांगन, रणधीर झा को गिरफ्तार किया है।

कौन बनेगा छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस का नया अध्यक्ष? संगठन में चुनावी सरगर्मी तेज

रायपुर 
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के नए मुखिया की खोज तेज हो गई है, जिसे लेकर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में दावेदारों के साक्षात्कार का दौर शुरू हो चुका है. अलग-अलग जिलों से आए 35 से अधिक युवा नेता इस रेस में शामिल होने के लिए देश की राजधानी पहुंचे हैं. इस इंटरव्यू प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले अंतिम प्रत्याशियों की सूची तय की जाएगी, जिसके बाद ही मतदान की रूपरेखा स्पष्ट होगी। 

इस बार मुकाबले को केवल दो ध्रुवों तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बिठाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और अल्पसंख्यक वर्ग के चेहरों को भी पूरा मौका दिया जा रहा है, जिससे अंतिम चरण में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है। 

इस पूरे चुनावी घमासान के बीच भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गुटों के बीच खींचतान की खबरें भी हवाओं में हैं। 

हालांकि, इन अटकलों को खारिज करते हुए देवेंद्र यादव ने साफ किया कि वरिष्ठ नेता हमेशा युवाओं को रास्ता दिखाते हैं और वे चुनाव में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं करते। 

उन्होंने इसे गुटबाजी के बजाय एक स्वस्थ पारिवारिक प्रतिस्पर्धा करार दिया और खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी एनएसयूआई की छात्र राजनीति से निकलकर ही आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं. उन्होंने सभी युवा कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर सदस्यता अभियान को गति देने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपील की है। 

राजनीतिक गलियारों में इस समय दो नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं गर्म हैं, जिनमें पहला नाम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विनयशील का है। 

विनयशील के पक्ष में सबसे मजबूत कड़ी यह है कि उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह क्षेत्र कुनकुरी की नगर पंचायत में जीत दर्ज की थी, जिसे उनकी मजबूत सांगठनिक पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है। 

वहीं दूसरी ओर, विधायक देवेंद्र यादव के खेमे से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे का नाम प्रमुखता से उछाला जा रहा है. शैलेंद्र को यादव का बेहद विश्वसनीय सिपहसालार माना जाता है और उनके समर्थकों में उनकी उम्मीदवारी को लेकर किसी प्रकार का संशय नहीं है. अब देखना यह होगा कि शीर्ष नेतृत्व अंततः किन दो-तीन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगाता है। 

 

रेलवे प्लेटफॉर्म पर ‘ठंडा-ठंडा कूल-कूल’ इंतजाम, फोगर और वॉटर स्प्रिंकलर से यात्रियों को AC जैसी राहत

बिलासपुर
 भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच यात्रियों को राहत देने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने बिलासपुर जंक्शन पर विशेष व्यवस्था की है। स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर रूफ-टॉप वॉटर स्प्रिंकलर और हाई-प्रेशर मिस्टिंग सिस्टम (फोगर) लगाए गए हैं, जिनसे लगातार पानी की बारीक फुहारें छोड़ी जा रही हैं। इससे प्लेटफॉर्म का तापमान कम हो रहा है और यात्रियों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है।

बिलासपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 सहित अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्मों की छतों पर पाइपलाइन के जरिए मिस्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। फोगर से निकलने वाली पानी की बेहद महीन बूंदें आसपास के गर्म वातावरण को ठंडा करती हैं, जिससे यात्रियों को चिलचिलाती धूप के बीच भी अपेक्षाकृत ठंडक का एहसास होता है।

गर्मी से परेशान यात्रियों ने रेलवे की इस पहल की सराहना की है। यात्री प्लेटफॉर्म पर पड़ रही फुहारों का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था गर्मी के दौरान सफर को अधिक आरामदायक बना रही है। रेलवे ने सिर्फ फोगर सिस्टम ही नहीं लगाया है, बल्कि यात्रियों के लिए ठंडे पेयजल और शरबत की व्यवस्था भी की है। अधिकारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में यात्रियों को अधिकतम राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

प्रदेश के इन रेलवे स्टेशनों पर भी व्यवस्था लागू
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बिलासपुर के अलावा रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और गोंदिया रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है। रेलवे का मानना है कि बढ़ते तापमान और हीटवेव के प्रभाव को देखते हुए इस तरह की सुविधाएं यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही हैं।

    बिलासपुर स्टेशन पर यात्रियों के लिए किए गए विशेष इंतजाम
    प्लेटफॉर्म पर रूफ-टॉप वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया गया।
    हाई-प्रेशर मिस्टिंग और फोगर सिस्टम से ठंडी फुहारें छोड़ी जा रही हैं।
    यात्रियों के लिए ठंडे पानी और शरबत की व्यवस्था।
    हीटवेव के दौरान प्लेटफॉर्म का तापमान कम करने का प्रयास।
    सोशल मीडिया पर रेलवे की इस पहल की जमकर तारीफ।

भीषण गर्मी में काफी मिल रही राहत
सोशल मीडिया पर भी बिलासपुर स्टेशन के फोगर सिस्टम के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे रेलवे का यात्री हित में उठाया गया अभिनव और सराहनीय कदम बता रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच प्लेटफॉर्म पर मिल रही यह ठंडी फुहारें यात्रियों के लिए किसी राहत भरी बारिश से कम नहीं हैं।

प्रमुख प्लेटफॉर्मो पर लगाए गए हैं हाई प्रेशर मिस्ट शावर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिलासपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 समेत प्रमुख प्लेटफॉर्मों की छतों पर पाइपलाइन बिछाकर हाई-प्रेशर मिस्ट शावर लगाए गए हैं। इनसे निकलने वाली पानी की बेहद बारीक बूंदें आसपास के गर्म वातावरण को तेजी से ठंडा करती हैं, जिससे प्लेटफॉर्म पर तापमान में उल्लेखनीय कमी महसूस होती है।

गौरतलब है कि इस बार देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है। ऐसे में रेलवे द्वारा अपनाया गया यह ‘कूलिंग मॉडल’ यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस अनोखी व्यवस्था के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग इसे रेलवे का स्मार्ट व यात्री हितैषी कदम बता रहे हैं।

धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना से जशपुर के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से जशपुर के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुर जिले को इस परियोजना के माध्यम से पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे क्षेत्र की जनता को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन संभावनाओं और सांस्कृतिक वैभव से समृद्ध जशपुर इस रेल परियोजना के माध्यम से देश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्रों से बेहतर रूप से जुड़ सकेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे तथा वनांचल क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। रेल, सड़क, ऊर्जा और अन्य आधारभूत अधोसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना जशपुर और आसपास के क्षेत्रों की प्रगति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।

नैनो उर्वरकों से बढ़ रहा उत्पादन, मिट्टी संरक्षण को भी मिल रही मजबूती

रायपुर

कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के बढ़ते उपयोग से किसानों को उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरक किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, जो कम मात्रा में अधिक दक्षता के साथ फसलों को आवश्यक पोषण उपलब्ध करा रहे हैं।

सरगुजा जिले के ग्राम भगवानपुर के प्रगतिशील किसान  सत्यनारायण ने नैनो उर्वरकों के उपयोग से प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार इस तकनीक से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

 सत्यनारायण ने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पर्णीय छिड़काव (फोलियर स्प्रे) के रूप में किया जाता है, जिससे पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं और उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है। इससे फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है तथा उत्पादन क्षमता में वृद्धि देखने को मिलती है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जबकि नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का अनावश्यक अपव्यय कम होता है। इससे मिट्टी की उर्वरता और उत्पादक क्षमता को बनाए रखने में सहायता मिलती है, जो टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों की उपयोग दक्षता अधिक होने के कारण किसानों को कम मात्रा में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होता है। यही कारण है कि प्रदेश में किसानों का रुझान नैनो उर्वरकों की ओर लगातार बढ़ रहा है।

राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। किसानों को नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी देकर उन्हें कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 सत्यनारायण ने अन्य किसानों से भी नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी कृषि भूमि की उर्वरता को भी लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य के लिए सुरक्षित बन सकती है।

 

देवपुर में औषधीय वनस्पतियों पर एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला

रायपुर

बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के वनमंडल बलौदाबाजार के देवपुर परिक्षेत्र में शुक्रवार को औषधीय वनस्पतियों की पहचान और महत्व पर केंद्रित एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।
           
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्र में उपलब्ध औषधीय पौधों की पहचान कराना, छाल, पत्ती, तना, जड़, फल एवं फूल के आधार पर वर्गीकरण सिखाना तथा उनके औषधीय महत्व की जानकारी देना था।

80 से अधिक प्रजातियों की पहचान  
       
कार्यक्रम में अर्जुन, आंवला, बहेड़ा, बेल, काली मुसली, हाथीपांव, दूधी, भुईनीम, सतावर, खरहर, ठेलका, नरनारी, गरुड़ सहित लगभग 80 औषधीय वनस्पति प्रजातियों की पहचान कराई गई। विशेषज्ञों ने इन प्रजातियों के पर्यावरणीय व्यवहार, संरक्षण की आवश्यकता और फल, फूल, पत्ती, जड़ आदि के माध्यम से विभिन्न रोगों के उपचार में उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। स्वस्थ, निरोग और दीर्घायु जीवनशैली के लिए प्रकृति आधारित ज्ञान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

वैद्यों से लेकर छात्रों तक की भागीदारी  
           
कार्यशाला में वनमंडल बलौदाबाजार, वनमंडल कवर्धा और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही पारंपरिक वनौषधीय ज्ञान रखने वाले वैद्यगण, वन प्रबंधन समिति के सदस्य, बारनवापारा के गाइड्स और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
          
वन मंडल अधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर ने कहा कि कार्यशाला का मकसद केवल औषधीय ज्ञान का प्रसार नहीं था, इसका उद्देश्य इस ज्ञान को समाज के अधिक लोगों तक पहुंचाकर वृक्षों एवं वनस्पतियों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना भी है।

16 जून 2026 से ही प्रारंभ होगा शैक्षणिक सत्र 2026-27

रायपुर

संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र  दिनांक 12 जून 2026 के अनुसार राज्य की समस्त शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विधिवत संचालन 16 जून 2026 (मंगलवार) से प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित की जा रही यह सूचना कि शैक्षणिक सत्र 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा, पूर्णतः असत्य, भ्रामक तथ्यों से परे एवं फर्जी है। 
        
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों के संचालन की अधिकृत तिथि 16 जून 2026 ही है। अतः विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से अपील की जाती है कि वे केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें।

मत्स्य पालन बना ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम

रायपुर

 छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने मत्स्य क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खोली हैं। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं और अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हजारों मत्स्यपालक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

मत्स्य पालन आज केवल परंपरागत व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के लिए आय और रोजगार का एक सशक्त साधन बन चुका है। शासन की योजनाओं से छोटे और सीमांत किसानों को भी मत्स्य व्यवसाय अपनाने का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

जशपुर में मत्स्य उत्पादन का नया कीर्तिमान

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले ने पिछले 22 महीनों में 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि हजारों किसानों और मत्स्यपालकों की आय में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मत्स्य विभाग के अनुसार जिले में 18.50 करोड़ स्पॉन, 2.55 करोड़ स्टेज फ्राय तथा 2.94 करोड़ मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।

सात हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला लाभ

जिले में ग्रामीण स्तर पर 77.67 हेक्टेयर तालाबों तथा 295.27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही नाव, जाल, फिंगरलिंग, मत्स्य बीमा तथा विपणन सहायता जैसी सुविधाओं के माध्यम से सात हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इन प्रयासों से मत्स्यपालकों को व्यवसाय विस्तार और बेहतर आय अर्जित करने में सहायता मिल रही है।

आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादकता

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण, पौंड लाइनर, बायोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना और अन्य आधुनिक मत्स्य संरचनाओं के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे मत्स्य उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा मिला है और उत्पादन लागत कम होने के साथ उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है।

प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से मिल रहा नया ज्ञान

मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है। इन भ्रमण कार्यक्रमों के माध्यम से किसान और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य वैज्ञानिक मत्स्य पालन, तालाब एवं बीज प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण तथा विपणन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे मत्स्य व्यवसाय अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रहा है।

आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मत्स्य क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

14 जून को योग से बनेगा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, जशपुर भी बनेगा ऐतिहासिक पहल का सहभागी

रायपुर

आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing” निर्धारित की गई है। स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जशपुर जिले की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।

ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास

आयुष विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जून 2026 को प्रातः 6:15 बजे से 7:35 बजे तक आयोजित ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से अधिकतम लोगों की सहभागिता के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस विशेष पहल में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। इच्छुक प्रतिभागी टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं और इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बन सकते हैं।

21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा मुख्य कार्यक्रम

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

योग संगम पोर्टल पर कर सकते हैं पंजीयन

आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों के पंजीयन एवं दस्तावेजीकरण के लिए योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। विभिन्न शासकीय विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय एवं सामाजिक संगठन अपने योग कार्यक्रमों का पंजीयन कर आयोजन उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।

आयुष विभाग ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के राष्ट्रीय प्रयास में अपना योगदान दें तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया जनसंपर्क, ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर 

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कमलपुर, पहाड़गांव एवं पण्डोनगर का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। डोर-टू-डोर जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे।

जनसंपर्क अभियान के दौरान मंत्री राजवाड़े ने ग्रामीणों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा सड़क, पेयजल, बिजली, आवास तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दे उठाए गए, जिन पर मंत्री राजवाड़े ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर सतत निगरानी रखते हुए लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जनसंपर्क कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए मंत्री राजवाड़े का स्वागत किया।

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