आध्यात्मिक मूल्यों से ही संभव है स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण : मुख्यमंत्री

रायपुर. 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी (राछा) स्थित सत्य निजनाम बोध संस्थान में आयोजित सत्य निजनाम सत्संग सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर संस्थान के सदस्यों ने पुष्पवर्षा एवं गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने परमपूज्य सद्गुरु सत्य कबड्डीदास जी एवं पूजनीया गुरुमाता सत्य लीला देवी जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया तथा आश्रम परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सत्य निजनाम बोध संस्थान आध्यात्म और नशामुक्ति के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। आध्यात्मिक मूल्यों से ही स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए नशामुक्ति को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। राज्य सरकार नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई कर रही है तथा जनजागरूकता के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण बना है। अब इन क्षेत्रों में सड़क, दूरसंचार, राशन वितरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और अन्य नागरिक सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सत्य निजनाम बोध संस्थान के अनुयायी उपस्थित थे।

कयाकिंग-कैनोइंग को आगे बढ़ाने हरसंभव सहयोग देगी सरकार – अरुण साव

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय में आयोजित 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को पुरस्कार प्रदान किए। विगत 12 जून से प्रारंभ इस चैंपियनशिप में देश के 24 राज्यों के 810 खिलाड़ियों तथा करीब 400 अधिकारियों, खेल संघों के पदाधिकारियों और सपोर्टिंग स्टॉफ ने भागीदारी की। चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश ओवरऑल चैंपियन बना। केरलम और ओड़िशा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब भी समापन समारोह में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समापन समारोह में खिलाड़ियों और विभिन्न राज्यों से आए कयाकिंग-कैनोइंग संघों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी इस खेल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। देशभर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में राज्य के लिए पदक जीत कर ला रहे हैं। राज्य में कयाकिंग-कैनोइंग को और आगे बढ़ाने सरकार हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। भारत सरकार 2047 तक विकसित भारत के साथ ही देश को दुनिया की पांच बड़ी खेल शक्तियों में शामिल करने रोडमैप बनाकर काम कर रही है। ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा पदक जीते, इसके लिए योजना बनाकर काम कर रही है। 

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि आज खेलों का महत्व केवल खेल तक ही सीमित नहीं है। यह नौजवानों के विकास और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने का बड़ा माध्यम है। देश के वातावरण को बदलने के लिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं को खेल के मैदान में लाना पड़ेगा। खेल के मैदान से सब कुछ मिलता है। मान-सम्मान, धन-दौलत, शोहरत… ये सब खेल के मैदान से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो खेलेगा वही खिलेगा, इसलिए आप खूब खेलें, खूब आगे बढ़ें। उन्होंने नवा रायपुर में इस चैंपियनशिप के शानदार आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद तीन दिनों तक यहां अच्छा आयोजन हुआ है। देशभर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि खेल अब एक अच्छा करियर भी हो गया है। खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार लगातार सुविधाओं व अधोसंरचनाओं को मजबूत कर रही है। इससे बड़ी संख्या में युवा खेलों को अपना रहे हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के सभी विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

नवा रायपुर के सेंध जलाशय में 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के तहत महिला एवं पुरूष वर्ग में जूनियर और सब-जूनियर स्तर पर कयाकिंग-कैनोइंग की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ प्रदेश कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया, सचिव प्रशांत रघुवंशी, एशियन कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत कुशवाहा, उत्तराखंड कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के डॉ. डी.के. सिंह और ओड़िशा कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के विपिन दास सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले में 295 करोड़ रुपये से अधिक के 341 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर. 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने 295 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 341 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 70.10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन विकास कार्यों के माध्यम से सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय अधोसंरचना तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया तथा बटन दबाकर पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज का दिन जांजगीर-चांपा जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जांजगीर चांपा जिले को लगभग 295 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है, जिससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनजीवन अधिक सुगम बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से जिले में विकास की नई संभावनाएं सृजित होंगी तथा आमजन को सीधे लाभ मिलेगा।

विभिन्न विभागों के कार्य शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित 159 कार्यों में जल संसाधन, वन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीजीएमएससी, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्य शामिल हैं। वहीं भूमिपूजन के 182 कार्यों में जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, सीजीएमएससी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ प्रदेश में विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कल से फिर गूंजेंगी दलीलें, समर वेकेशन समाप्त; नियमित सुनवाई होगी शुरू

बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में करीब एक माह से चल रहे समर वेकेशन ख़त्म हो गये हैं. अब यहां सोमवार 15 जून से सभी निर्धारित बेंचों में नियमित सुनवाई होगी . सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह की काज लिस्ट भी जारी कर दी गई है.

हाईकोर्ट में गत 18 मई से समर वेकेशन शुरू हो गए थे जो करीब एक माह बाद अब समाप्त हो गये हैं. इस बीच हाईकोर्ट में आने वाले जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए हर सप्ताह अलग अलग वेकेशन बेंचें निर्धारित की गईं थीं. इनमें सप्ताह के दो दिन डिवीजन बेंच समेत सिंगल बेंचों में भी सुनवाई होती रही, इस बीच कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी पारित किये गए. अब वेकेशन खत्म होते ही सब कुछ पहले की तरह होगा. गौरतलब है कि इससे पूर्व हाईकोर्ट प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. समर वेकेशन के बाद सोमवार 15 जून से जब यहाँ नियमित कामकाज प्रारंभ होगा, तब कोर्ट में पुरानी व्यवस्था के तहत सुनवाई होगी. कोर्ट रूम में अधिवक्ता खुद मौजूद रहकर अपने मामलों की पैरवी करेंगे हालांकि वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा भी पहले की तरह लागू रहेगी.

रक्तदान सबसे बड़ा दान, इससे बड़ी कोई सेवा नहीं – राज्यपाल डेका

रायपुर. 
मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है दूसरे के जीवन की रक्षा करना और यह अपने ही रक्त के एक बूंद से हो सके तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है। रक्त का दान सबसे बड़ा दान होता है। राज्यपाल रमेन डेका ने आज प्रदेश के स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उक्त बातें कहीं।

30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्य हुए सम्मानित
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करने के लिए लोकभवन में समारोह आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के अध्यक्ष राज्यपाल डेका ने सर्वाधिक रक्तदान करने वाले प्रदेश के 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर लोकभवन में रेडक्रॉस द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें लोकभवन के अधिकारियों- कर्मचारियों सहित अन्य लोगों ने उत्सव पूर्वक रक्तदान किया।

रक्तदाताओं ने निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर लोगों को नया जीवन दिया है
कार्यक्रम को संबोधित करने हुए राज्यपाल ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और यह केवल स्वस्थ व्यक्ति के स्वैच्छिक दान से ही उपलब्ध हो सकता है। राज्यपाल ने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हिमोफिलिया, कैंसर तथा दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों में जो सेवा भाव है वह दूसरी जगह देखने को नहीं मिलती। रक्तदाताओं ने वर्षो से निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर अनेक लोगों को नया जीवन दिया है। ऐसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण है। राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी टीम के कार्यो की भी सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था वर्षो से जरूरत मंदों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन तोमन साहू ने स्वागत उदबोधन दिया तथा छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमेन अशोक अग्रवाल रेडक्रॉस के पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता तथा सहयोगी, संस्थानों तथा संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।

लोहरसी आयुर्वेदिक औषधालय में दर्द प्रबंधन हेतु कपिंग थेरेपी एवं विशेष आयुर्वेदिक उपचार सेवाओं का आरंभ

सियान जतन कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय, लोहरसी में “Pain Management through Ayurveda” विषय पर दर्द प्रबंधन हेतु विशेष आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का आरंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य घुटने के दर्द (Knee Joint Pain), कमर दर्द, गर्दन दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस, फ्रोजन शोल्डर तथा अन्य वातजन्य रोगों से पीड़ित मरीजों को प्रभावी एवं सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों के लिए कपिंग थेरेपी (Cupping Therapy) आरंभ की गई है, जो मांसपेशियों के तनाव, दर्द, सूजन एवं रक्त संचार में सुधार हेतु उपयोगी मानी जाती है। इसके अतिरिक्त औषधालय में ड्राय कपिंग, अग्निकर्म एवं विद्धकर्म जैसी विशेष आयुर्वेदिक उपचार प्रक्रियाओं का भी आरंभ किया जा रहा है। इन चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग विभिन्न प्रकार के अस्थि-संधि एवं मांसपेशीय विकारों, स्पॉन्डिलाइटिस, फ्रोजन शोल्डर, साइटिका तथा पुराने दर्द संबंधी समस्याओं के प्रबंधन में किया जाएगा।

सियान जतन कार्यक्रम के तहत विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को इन सेवाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे बढ़ती आयु के साथ होने वाली दर्द एवं गतिशीलता संबंधी समस्याओं से राहत प्राप्त कर सकें। आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान-परंपरा एवं आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से यह पहल क्षेत्रवासियों को सुलभ, सुरक्षित तथा प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. वर्षा ने बताया कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खान-पान एवं शारीरिक श्रम की कमी के कारण जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल एवं अन्य वातजन्य रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम एवं समग्र स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद शरीर, मन एवं जीवनशैली के संतुलन पर आधारित चिकित्सा पद्धति है, जो रोग के मूल कारण को समझकर उपचार करने का प्रयास करती है। कपिंग थेरेपी, अग्निकर्म एवं विद्धकर्म जैसी प्रक्रियाएं दर्द प्रबंधन में प्रभावी सिद्ध हो रही हैं तथा कई मरीजों को दीर्घकालिक राहत प्रदान कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, योग एवं आयुर्वेदिक परामर्श को अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का आग्रह किया।

शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय, लोहरसी द्वारा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की गई है कि वे आयुर्वेद की इन विशेष उपचार सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा स्वस्थ, सक्रिय एवं रोगमुक्त जीवन की ओर अग्रसर हों।

डीलिस्टिंग विवाद पर CM विष्णुदेव साय का पलटवार, बोले- ‘कांग्रेस भ्रम फैला रही, पहले सही जानकारी ले’

रायपुर.

डीलिस्टिंग को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह भगत के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का भ्रम है. कांग्रेस को सही जानकारी हासिल करनी चाहिए. कांग्रेसी आधी-अधूरी बातें करते हैं.

दरअसल, धर्मांतरित लोगों के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सियासी बयानबाजी बढ़ गई है. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने बयान के जरिए एक बार फिर से इस मुद्दे को उठाया है. इससे पहले यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बने मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर आधी-अधूरी जानकारी होने का आरोप मढ़ते हुए समाप्त करने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री साय ने इसके साथ बिलासपुर-जशपुर दौरे को लेकर कहा कि जशपुर जिले को रेल सुविधा को लेकर कहा कि जशपुर गृह जिला है. रेल सेवा से अछूता है.

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में रेल सुविधा की बात अवगत कराए थे. इसमें अब त्वरित कार्रवाई हो रही है. उन्होंने कहा कि जल्द इसकी स्वीकृति मिलेगी. रेल मार्ग के जुड़ने से जशपुर जिले को फायदा होगा. व्यापार, लोगों के आवागमन में फायदा मिलेगा. वहीं कांग्रेस केप्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी के आने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनका मामला है. आए-जाए जो भी करें. 

संविदा कर्मियों के तबादले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, याचिका खारिज

बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण (तबादले) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट की एकल पीठ ने साफ किया है कि शासकीय सेवाओं में ट्रांसफर और पोस्टिंग नौकरी का एक अनिवार्य व स्वाभाविक हिस्सा है।

किसी भी संविदा कर्मचारी का तबादला किस स्थान पर किया जाना चाहिए, यह तय करना पूरी तरह से संबंधित सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) का विशेषाधिकार है। अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के एक संविदा कर्मी की याचिका को खारिज करते हुए राज्य सरकार के निर्णय में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से साफ इंकार कर दिया है।

इस प्रकार से समक्षें क्या है पूरा मामला
प्रशासनिक विशेषाधिकार बहाल: हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों की पदस्थापना और स्थानांतरण पूरी तरह से कार्यपालिका (Executive) का काम है, जिसमें न्यायपालिका सामान्यतः हस्तक्षेप नहीं करेगी। दुर्भावना सिद्ध करना अनिवार्य: अदालत के रुख से साफ है कि ट्रांसफर रुकवाने के लिए केवल संविदा होने का तर्क काफी नहीं है, बल्कि आदेश के पीछे किसी दुर्भावना या नियम के उल्लंघन को साबित करना होगा।

अनुच्छेद 226 का हवाला: चीफ जस्टिस की मंशा के अनुरूप कोर्ट ने रिट क्षेत्राधिकार के सीमित उपयोग पर जोर दिया, खासकर तब जब निर्णय किसी विशेषज्ञ वैधानिक संस्था द्वारा लिया गया हो। मुंगेली के संविदा कर्मी को झटका: स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 मई 2026 को किए गए इस अंतर-जिला ट्रांसफर के बाद अब याचिकाकर्ता को नए जिले में ज्वाइनिंग देनी ही होगी।

हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका और ये कहा
याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा है, शासकीय सेवाओं में ट्रांसफर और पोस्टिंग नौकरी का एक स्वाभाविक हिस्सा है। कोर्ट ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट को स्थानांतरण के मामलों में हस्तक्षेप करने का बहुत ही सीमित अधिकार है, खासकर तब जब निर्णय किसी विशेषज्ञ वैधानिक संस्था द्वारा लिया गया हो। कोर्ट ने राज्य शासन के स्थानांतरण आदेश में किसी प्रकार की अवैधता या विधिक त्रुटि ना होने की बात कहते हुए रिट याचिका को खारिज कर दिया है।

भिलाईनगर में 7 वर्षीय बच्चे की पिटाई का वीडियो वायरल, 6 नाबालिग भेजे गए बाल सुधार गृह

भिलाई नगर.

नेवई थाना अंतर्गत कुछ नाबालिगों ने मिलकर 7 वर्ष के बच्चे की बेरहमी से पिटाई कर दी। पहले उसे नग्न कराया, फिर डांस करवाया। इसके बाद उससे ही अश्लील हरकतें कराई। बाद में लात- घूसों और डंडों से उसे जमकर पीटा।

पुलिस के अनुसार यह वीडियो 7 दिन पुराना है, जो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक नाबालिग गला दबाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है, जबकि बाकी नाबालिग लात-घूसों और डंडों से उसे मारते नजर आ रहे हैं। पूरी घटना का वीडियो भी उन्होंने ही बनाकर वायरल किया है। सभी नाबालिग बच्चे एक ही गांव के रहने वाले हैं और एक-दूसरे को अच्छे से जानते हैं। फिलहाल मामले में पुलिस ने 6 नाबालिगों को हिरासत में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।

दुर्ग में बहुद्देशीय स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ, अधिकारियों ने किया भूमि सीमांकन

दुर्ग.

दुर्ग ब्लॉक के खेलगांव खम्हरिया में 15 करोड़ की लागत से संभागीय स्टेडियम निर्माण होगा। जिसकी स्वीकृति सरकार की ओर से की गई है। प्रथम किस्त 4 करोड़ लोकनिर्माण विभाग को मिल चुका है। स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राजस्व एवं लोक निर्माण अधिकारियों की उपस्थिति में स्टेडियम के सीमा रेखा का सीमांकन कार्य की आरआई व पटवारी के माध्यम से किया गया।

ज्ञातव्य हो कि ग्राम खम्हरिया में 16 एकड़ शासकीय भूमि खेल अधोसंरचना निर्माण हेतु जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग के नाम से आवंटित किया जा चुका है। स्टेडियम निर्माण के अंतर्गत 400 मीटर का एथलेटिक्स सिंथेटिक टैंक विथ फुटबाल एवं सिटिंग गैलरी भी शामिल हैं। इसके साथ ही साथ 2 करोड़ की लागत से बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम एवं 80 लाख का प्रशासनिक भवन का निर्माण होगा।
चूंकि खेलगांव खम्हरिया दुर्ग भिलाई एवं रिसाली निगम से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है जिससे दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर भिलाई, रिसाली निगम सहित आस पास गांव के खिलाड़ी एथलेटिक्स फुटबाल एवं बैडमिंटन के खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा। संभाग का यह पहला स्टेडियम होगा।

राजस्व विभाग से आरआई उतई सर्किल घनश्याम चंद्राकर, पटवारी विवेक देवांगन, लोकनिर्माण विभाग से सिविल इंजीनियर वाय के सोनवानी, सुष्मिता चंद्राकर सरपंच ग्राम पंचायत खम्हरिया श्रीमती दुलारी देशलहरे, हरीश कुर्रे (पंच) आशीष चंद्राकर एवं ग्रामवासियों में अनिल चतुर्वेदी, बालकदास, बी. आर. साहू सहित ग्रामवासियों की उपस्थिति में सीमांकन कार्य की प्रक्रिया शुरू हुई।

स्टेडियम की जमीन का चिन्हांकन कर रहे सरकारी अधिकारियों को जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले ग्रामीणों व महिलाओं ने पत्थर से मारने की भी धमकी भी दे रहे थे। जिसके कारण अगला जमीन चिन्हांकन का कार्य पुलिस फोर्स की उपस्थित में होगा, क्योंकि इस स्टेडियम निर्माण को लेकर कई बार वाद विवाद व मारपीट जैसी बड़ी घटनाएं घट चुकी है।

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