बिहान की दीदियां अब गांव-गांव में स्थापित करेंगी सौर ऊर्जा संयंत्र, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा सशक्त कदम

रायपुर. 
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत कबीरधाम जिले में महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल की गई है। कबीरधाम जिले में वंदे मातरम् संकुल स्तरीय संघ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की 35 महिलाओं को “सोलर दीदी” के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये महिलाएं अब गांवों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, संचालन, रखरखाव एवं तकनीकी सेवाएं प्रदान करेंगी।

विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में दीदियों को सोलर सिस्टम की तकनीकी बारीकियों, उपकरणों की स्थापना, मरम्मत, रखरखाव तथा उपभोक्ता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के पश्चात सोलर दीदियां गांवों में सौर उपकरणों की स्थापना और मरम्मत का कार्य कर सकेंगी, जिससे उन्हें नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा। सौर संयंत्रों की स्थापना पर मिलने वाले कमीशन के माध्यम से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अब ग्रामीणों को अपने ही गांव में सोलर पैनल लगाने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे स्थापना प्रक्रिया सरल होगी तथा उपकरणों का रखरखाव भी स्थानीय स्तर पर आसानी से हो सकेगा।

इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम ने कहा कि सोलर दीदी कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक साहसिक और दूरदर्शी पहल है। यह कार्यक्रम महिलाओं को केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सोलर दीदियों की यह पहल जिले में हरित ऊर्जा के विस्तार के साथ-साथ सम्मानजनक रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के बीच ये महिलाएं तकनीकी सेवाएं प्रदान कर अपनी आय बढ़ाएंगी और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के उद्देश्यों को एक साथ आगे बढ़ाने वाला यह अभियान ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो आत्मनिर्भर गांवों और स्वच्छ ऊर्जा आधारित भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया विभिन्न जनहितकारी निर्माण कार्यों का लोकार्पण

रायपुर. 
दंतेवाड़ा जिले के नगरीय क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने 1 करोड़ 49 लाख 11 हजार रुपए की लागत से निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। लोकार्पित कार्यों में आधुनिक चौपाटी, व्यावसायिक गुमटियां, आकांक्षी शौचालय तथा नवीन आंगनबाड़ी भवन शामिल हैं। इन सुविधाओं से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा तथा महिला एवं बाल विकास गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी।

सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बनाने के निर्देश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा एक प्रमुख धार्मिक नगरी के रूप में विकसित हो रहा है। आने वाले समय में यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिला प्रशासन को दंतेवाड़ा नगर और मंदिर क्षेत्र के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

पर्यावरण संरक्षण और नदी सुरक्षा पर विशेष जोर
वन मंत्री कश्यप ने नगर के सीवरेज प्लांट से निकलने वाले पानी के सीधे नदी में प्रवाहित होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल को उपचारित (ट्रीटमेंट) करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाए अथवा आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने भैरम बाबा मंदिर के समीप नदी तट पर हो रहे कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग को शीघ्र पिचिंग कार्य की योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।

नगर विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
नगरपालिका द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए मंत्री कश्यप ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि नगर के प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं महापुरुषों के नाम पर किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। इसके अलावा दंतेवाड़ा शहर में एक आकर्षक घड़ी चौक (क्लॉक टॉवर) का निर्माण कराया जाएगा। बच्चों और युवाओं के मनोरंजन तथा खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्विमिंग पूल परिसर में वाटर स्लाइडर की सुविधा विकसित करने की भी घोषणा की गई।

आधुनिक एवं स्वच्छ धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा दंतेवाड़ा
वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार दंतेवाड़ा को आधुनिक, स्वच्छ और सुविधायुक्त धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, जनप्रतिनिधि सहित, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, डीएफओ रामकृष्ण रांगानाथा वाय तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

जैविक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल – वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर. 
किसानों और कृषि प्रेमियों को रासायनिक खादों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती करने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु आयोजित की गई है। दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया।

जैविक खेती स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि का आधार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां और किसानों की मेहनत जैविक कृषि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जैविक खेती केवल उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ी है। जैविक खेती अपनाकर किसान भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन कर सकते हैं।

किसानों के लिए संचालित हो रही हैं अनेक योजनाएं
वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से खेतों की मेड़ों पर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे भूमि संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।

जैविक खेती बनेगी दंतेवाड़ा की नई पहचान
क्षेत्रीय विधायक चौतराम अटामी ने कहा कि जिले के किसान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर खेती को अधिक उन्नत एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।

वैज्ञानिकों ने दी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी
कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा जैविक उत्पादों के विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी। किसानों की समस्याओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

विभिन्न विभागों ने लगाए जानकारी एवं प्रदर्शनी स्टॉल
कार्यक्रम में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा भूमगादी संस्था द्वारा स्टॉल लगाकर किसानों को विभिन्न योजनाओं, तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों को कृषि आदान सामग्री एवं आम के पौधों का वितरण भी किया गया।

महिला स्व-सहायता समूहों ने प्रदर्शित की नवाचार क्षमता
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा रागी से तैयार केक का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि ने केक काटकर महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की और मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों को ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।  कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न गांवों से आए किसान, ग्रामीण युवा और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर, नगर निगम की कार्रवाई से हड़कंप

दुर्ग.

भिलाई नगर निगम ने अवैध कब्जा पर बड़ी कार्रवाई की है। अयप्पा नगर स्थित आनंद विहार और उल्लास नगर की डेढ़ एकड़ ईडब्ल्यूएस की जमीन पर हुए कब्जे को आज 12 साल बाद हटाया गया। यहां पर कब्जाधारियों ने एक मदरसा बना रखा था। साथ ही मकान भी बनाए गए थे।

वहीं शिव पब्लिक स्कूल ने भी बाउंड्रीवॉल का निर्माण कर लिया था। नगर निगम ने आज बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया। इस कार्रवाई के दौरान कोई विरोध नहीं हुआ। इस पूरी कार्रवाई को निगम ने एक प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। चार थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम, तहसीलदार एवं निगम प्रशासन की टीम की उपस्थिति में यह पूरी बुलडोजर कार्रवाई की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यहां सुबह से ही पुलिस ने अतिक्रमण वाले क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया था और करीब चार लेयर में यहां पुलिस बल को तैनात किया गया था।

अवैध कब्जा हटाने 2014 से प्रयास कर रहा था निगम
निगम आयुक्त राजीव पांडे ने बताया कि 2014 से लेकर 2025 तक लगातार निगम प्रशासन यहां अवैध कब्जा हटाने को लेकर प्रयास कर रहा था, लेकिन हमेशा असफल रहा। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ईडब्ल्यूएस की जमीन को खाली करने उन्होंने कलेक्टर सहित एसएसपी दुर्ग को सुरक्षा एवं सहयोग के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद आज यह पूरी कार्रवाई संभव हो सकी।

विरोध के लिए कोई भी नहीं आया सामने
उन्होंने बताया कि आनंद विहार और उल्लासनगर कॉलोनी बनने के दौरान ईडब्ल्यूएस की 15% जमीन जो करीब सवा एकड़ की थी वह छोड़ी गई थी और वहां प्रधानमंत्री आवास बनने थे, लेकिन कब्जाधारियों की वजह से पीएम आवास नहीं बन पाए। अब यहां गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। जिन लोगों ने अतिक्रमण किया था अगर वे आवेदन देते हैं तो उन्हें विधिवत पीएम आवास भी दिया जाएगा, लेकिन अब तक किसी ने कोई आवेदन नहीं दिया है। इधर इस पूरी कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा रही, लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि विरोध के लिए कोई भी सामने नहीं आया। करीब तीन घंटे में यह पूरी कार्रवाई की गई।

महासमुंद जिले के 53 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिली पेंशन राशि

रायपुर. 
छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक सुरक्षा और मुख्यमंत्री पेंशन योजनाएं वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन से जरूरतमंदों को महंगाई के इस दौर में सम्मानजनक जीवन जीने की वास्तविक सुविधा मिल रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सहायता एवं पेंशन योजनाओं के माध्यम से महासमुंद जिले के हजारों जरूरतमंद हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत कुल 53 हजार 561 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया गया है।

राज्य शासन की योजनाओं से मिल रहा आर्थिक सहयोग
महासमुंद जिले के उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 24 हजार 253, सुखद सहारा योजना के 9 हजार 76 तथा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 20 हजार 232 हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवनयापन में सहूलियत मिल रही है।

केंद्रीय पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी मिला लाभ
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी लंबित पेंशन राशि का भुगतान किया गया है।

तकनीकी प्रक्रिया के कारण हुई थी देरी
भारत सरकार द्वारा नवीन एसएनए-एस्पर्श प्रणाली लागू किए जाने के कारण पेंशन भुगतान में कुछ समय के लिए विलंब की स्थिति बनी थी। अब प्रक्रिया सुचारु होने के बाद पात्र हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि जारी कर दी गई है।

42 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला भुगतान
केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 32 हजार 52, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9 हजार 469 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 945 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है।

सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सामाजिक सहायता योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित पेंशन भुगतान से वृद्धजन, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन में सहायता मिल रही है। शासन की इन योजनाओं से हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।

अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, 7 दुकानें ढहाईं; कार्रवाई के दौरान बुलडोजर के आगे लेटी महिला

नारायणपुर.

शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने नगर पालिका टीम ने सोमवार से कार्रवाई शुरू कर दी है. अभियान के तहत जय स्तंभ चौक क्षेत्र में बुलडोजर एक्शन (Narayanpur Anti-Encroachment Drive) देखना को मिला. इस दौरान एक महिला जेसीबी मशीन के सामने लेट गई. लोगों की भीड़ जुटने से क्षेत्र में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.

महिला ने मचाया हंगामा
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका और पुलिस की टीम फुटकर व्यवसायियों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. कार्रवाई का विरोध करते हुए अतिक्रमणकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया. एक महिला ने जेसीबी मशीन के सामने आकर कार्रवाई रोकने की कोशिश भी की. मौके पर अन्य लोग भी पहुंचकर विरोध करने लगे. तनावपूर्ण माहौल के कारण कार्रवाई कुछ देर के लिए बाधित रही. जेसीबी मशीन के सामने लेटने वाली महिला का आरोप था कि शहर में कई स्थानों पर अतिक्रमण है, लेकिन कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों के खिलाफ की जा रही है.  महिला को हटाने के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू की गई. कुल सात दुकानों और अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस की टीम भी मौजूद रही, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.

संबंधित लोगों को दिया था नोटिस : नगर पालिका CMO
नगर पालिका के सीएमओ ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया था. नोटिस की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके चलते आज नियमानुसार कार्रवाई की गई.

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान : शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान : शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार

नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की।

CCPL Season 3 की चैंपियन बनी बिलासपुर बुल्स, फाइनल में रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराया

रायपुर.

छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) सीजन-3 का फाइनल मुकाबला रविवार को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जिसमें बिलासपुर बुल्स (Bilaspur Bulls) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रायगढ़ लायंस (Raigarh Lions) को 7 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।

पहले गेंदबाजी और फिर दमदार बल्लेबाजी के दम पर बिलासपुर ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बनाई और नया चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। बिलासपुर बुल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए रायगढ़ लायंस ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 160 रन बनाए। रायगढ़ लायंस की ओर से नयन राजकुमार चौहान ने 41 रन, संगीत सोनी ने 32 रन और दीपक यादव ने नाबाद 22 रनों की पारी खेली। वहीं अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे।

भारत गोंडवानी ने झटके 3 विकेट
बिलासपुर बुल्स की ओर से गेंदबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। भारत गोंडवानी ने 3 विकेट झटके। वहीं वरुण सिंह भूई और मोहित राउत ने 2-2 विकेट हासिल किए।

बिलासपुर बुल्स की बल्लेबाजी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिलासपुर बुल्स की शुरुआत मजबूत रही। टीम ने 16.3 ओवर में 3 विकेट खोकर 164 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। बल्लेबाजी में वीकल्प तिवारी ने नाबाद 39 रन, पवन परनाटे ने 39 रन और प्रतेक यादव ने मात्र 13 गेंदों में 30 रनों की धमाकेदार पारी खेली। रायगढ़ लायंस के गेंदबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन वे बिलासपुर के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे। प्रवीण कुमार यादव ने 1 विकेट लिया, जबकि अन्य गेंदबाज महंगे साबित हुए।

भारत गोंडवानी बने प्लेयर ऑफ द मैच
इस शानदार प्रदर्शन के लिए भारत गोंडवानी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने गेंदबाजी में 3 अहम विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दिलचस्प रहा है टूर्नामेंट का इतिहास
सीसीपीएल का इतिहास भी काफी रोचक रहा है। वर्ष 2024 में खेले गए पहले सीजन के फाइनल मुकाबले में रायपुर राइनोज ने बिलासपुर बुल्स को आठ विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था। वहीं पिछले सीजन में बारिश के कारण फाइनल मुकाबला आयोजित नहीं हो सका था। इसके चलते रायपुर राइनोज और राजनांदगांव पैंथर्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। अब तीसरे सीजन (2026) में फिर नया चैंपियन सामने आया है। नवा रायपुर में खेले गए फाइनल मुकाबले में बिलासपुर बुल्स ने रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराकर पहली बार CCPL का खिताब जीत लिया है। इस जीत के साथ बिलासपुर बुल्स ने पहले सीजन की हार का बदला भी पूरा कर लिया और नया इतिहास रच दिया।

CM Helpline 1076 में 5 दिनों में 15,434 शिकायतें दर्ज, बिजली और जमीन से जुड़े मामले सबसे ज्यादा

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय सरकार की नई सीएम हेल्पलाइन 1076 आम जनता के लिए शासन तक अपनी शिकायतें पहुंचने का सशक्त माध्यम बन रही है. हेल्पलाइन शुरू होने के महज पांच दिनों के भीतर शिकायतों की संख्या 15 हजार के आंकड़े को पार कर गई है.

सबसे ज्यादा शिकायतें नगरीय सुविधाओं, बिजली और जमीन से जुड़ी हुई है. 13 जून तक 15,434 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं.  राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित 2,470 शिकायतें आई हैं. इनमें नामांतरण, सीमांकन और भू-अभिलेख संबंधी शिकायतें प्रमुख हैं. वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से जुड़ी 2,058 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें सड़क, नाली, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं शामिल हैं.

सीएम हेल्पलाइन पर ऊर्जा विभाग से संबंधित 1,921 शिकायतें दर्ज की गई हैं. इनमें बिजली आपूर्ति, ट्रांसफॉर्मर और विद्युत कनेक्शन से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 1,509 मामलों के साथ-साथ खाद्य विभाग से जुड़ी 1,235 शिकायतें भी हेल्पलाइन पर दर्ज हुई हैं. खाद्य विभाग की शिकायतों में राशन कार्ड और पात्रता संबंधी समस्याएं सामने आई हैं.लगभग हर दूसरी शिकायत जमीन, नाली, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी है.

सड़कों और पुलों के निर्माण की धीमी गति पर बिफरे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त

सड़कों और पुलों के निर्माण की धीमी गति पर बिफरे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त 

8 को कारण बताओ नोटिस, 2 ठेकेदारों पर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया

बस्तर में निरीक्षण और समीक्षा बैठकों में जताई थी गहरी नाराजगी, लापरवाह और काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई के दिए थे निर्देश

सड़कों व पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सर्वोच्च प्राथमिकता, लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी – अरुण साव

रायपुर. 
 उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव द्वारा सड़कों व पुलों के निर्माण की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जाहिर करने और ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश के बाद विभाग ने दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त कर दिए हैं। लोक निर्माण विभाग ने कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले 8 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। वहीं पूर्व में दो ठेकेदारों को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का परीक्षण कर ठेकेदार के विरूद्ध कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया गया है। 

लोक निर्माण विभाग ने 10 जून को भी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर केशलूर के पास बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज में काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने और तय किए गए माइलस्टोन्स के अनुरूप नहीं होने पर ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।    

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पिछले सप्ताह चार दिनों के बस्तर प्रवास के दौरान अपने चारों विभागों के कार्यों का निरीक्षण कर गहन समीक्षा की थी। उन्होंने निरीक्षण और बैठकों के दौरान सड़कों व पुलों के निर्माण की धीमी प्रगति पर अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने काम में लापरवाही, देरी और अनुबंध के अनुसार अपेक्षित तेजी नहीं लाने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

पुलों के काम पिछड़ने पर दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार पुलों के निर्माण की धीमी प्रगति पर ठेकेदार मेसर्स गुप्ता कन्सट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। कंपनी द्वारा भवरडींग नदी पर अदनार-तोतर मार्ग, कोंडागांव के घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग और बड़े राजपुर विकासखंड के पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी कबीरधाम जिले के बांटीपथरा से कुई (दमगढ़) मार्ग में हॉफ नदी पर भी उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कर रही है। चारों कार्यस्थलों पर कंपनी का काम अपेक्षित गति से काफी पीछे है।

विभाग ने कांकेर के आमाबेड़ा-सेमर गांव सड़क पर नेरूल नदी तथा बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग में डुमरीकेल नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के कार्य में लेट-लतीफी पर ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। विभाग द्वारा प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देशित और नोटिस जारी करने के बावजूद इन दोनों ठेकेदारों के काम की गति असंतोषजनक है।
 
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा मार्ग के चौड़ीकरण व सुधार कार्य की धीमी गति पर ठेकेदार पंकज हालदार को पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के उत्तर का परीक्षण कर कार्रवाई के लिए बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया है। प्रमुख अभियंता ने सुकमा में पैकपारा-धनीकोड़ता मार्ग तथा केरलापाल-पटेलपारा-सिरसट्टी सड़क के कार्य में भी अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर ठेकेदार आशीष भदौरिया को पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का परीक्षण कर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया है।   

सड़कों के निर्माण में लेट-लतीफी पर इन ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी

विभाग ने कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बी.एम.एस. प्रोजेक्ट, कोंडागांव में हडेली-कुदूर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स सुराना एंड कंपनी और जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एस.के. अरोरा को कार्यों में धीमी प्रगति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कार्यस्थलों पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने और तय किए गए माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) के अनुरूप नहीं होने पर सुकमा के चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क के ठेकेदार के. मोहन रेड्डी, ट्रांससॉफ्ट इन्फ्रा और मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन तथा भेज्जी-चिंतागुफा सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार के. मोहन रेड्डी एवं गोविन्द्र सिंह देशमुख को लोक निर्माण विभाग के सुकमा संभाग के कार्यपालन अभियंता द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।    

”सड़कों व पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लेट-लतीफी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्यों के पूरे नहीं होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। बस्तर में निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को तेजी से पूरे कर बेहतर कनेक्टीविटी सुनिश्चित करने पर जोर है। वहां काम कर रहे ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को अनुबंध के अनुसार निर्धारित प्रगति तथा माइलस्टोन्स पूरे करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। काम में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की जा रही है।“ – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री

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