लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा

अधिकारियों की बैठक लेकर काम में तेजी लाने के दिए निर्देश, कहा गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्णता सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग कर तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे।

श्री बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम,
नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों में ओआईसी के लिए बनने वाले विश्राम भवन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की भी जानकारी ली।

विभागीय सचिव ने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़कों को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर्स के दीवारों और ग्रिल्स का रंग-रोगन कराने को कहा।

रायपुर की डॉ. पल्लवी दुबे का राष्ट्रीय स्तर पर जलवा, नेफ्रोलॉजी सुपर स्पेशलिटी में AIR-1 हासिल

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की बेटी डॉ. पल्लवी दुबे ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए नेफ्रोलॉजी सुपर स्पेशलिटी कोर्स में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है। डॉ. पल्लवी दुबे वर्तमान में बेंगलुरु के मनिपाल हॉस्पिटल में किडनी रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) के रूप में सेवाएं दे रही हैं।

नई दिल्ली में बीते शनिवार को आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‌डा ने उन्हें गोल्ड मेडल और नेशनल सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया। रायपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश दुबे और डॉ. रुचि दुबे की पुत्री डॉ. पल्लवी ने अपनी प्रारंभिक चिकित्सा शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक हासिल करने के बाद उन्होंने अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी मेडिसीन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने मनिपाल हॉस्पिटल, बेंगलुरु से नेफ्रोलॉजी में सुपर स्पेशलिटी की पढ़ाई की और अब इसी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

भीषण गर्मी का असर: रायपुर नंदन वन की जंगल सफारी 2 दिन रहेगी बंद

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में नौतपा की शुरुआत के साथ ही सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप को देखते हुए नवा रायपुर स्थित प्रसिद्ध ‘नंदनवन जंगल सफारी’ को पर्यटकों के लिए दो दिनों तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी और तापमान में भारी बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सफारी के बेजुबान वन्य प्राणियों को हीटवेव और लू के खतरों से बचाना तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना है। आदेश के तहत 28 और 29 मई को नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के लिए अस्थाई रूप से पूरी तरह बंद रहेगी।
इस फैसले के बाद आगामी दो दिनों तक यहां आने वाले सैलानी न तो सफारी की सैर कर पाएंगे और ना ही वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। वन विभाग ने जनसंपर्क माध्यमों के जरिए आम जनता से अपील की है कि वे इन दो दिनों में सफारी का रुख न करें। प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय जानवरों को भीषण गर्मी से राहत देने और उनके विशेष रख-रखाव पर केंद्रित है।

पंडवानी की मशहूर लोकगायिका तीजन बाई की तबीयत बिगड़ी, रायपुर AIIMS में भर्ती

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कलाकार और पंडवानी गायन की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें मेडिकल आईसीयू में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है।

तीजन बाई के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही कला जगत, उनके प्रशंसकों और अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य खराब होने पर तीजन बाई को तत्काल एम्स रायपुर लाया गया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती करने का निर्णय लिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम इलाज में जुटी हुई है और जरूरी मेडिकल जांच भी की जा रही है।

पंडवानी कला की अंतरराष्ट्रीय पहचान
तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश की लोककला की पहचान मानी जाती हैं। उन्होंने पंडवानी शैली को देश-विदेश तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई ऊंचाई दी है। अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली, दमदार आवाज और अभिनय से उन्होंने लोककला को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

कला प्रेमियों में बढ़ी चिंता
तीजन बाई की तबीयत खराब होने की खबर फैलते ही कला प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में चिंता का माहौल है। कई कलाकारों और जनप्रतिनिधियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उनके प्रशंसक और चाहने वाले उनके शीघ्र स्वस्थ होकर फिर से मंच पर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर
तीजन बाई को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से महाभारत की कथाओं को पंडवानी शैली में जीवंत रूप दिया और लोकसंस्कृति को नई पहचान दिलाई। आज भी उनकी प्रस्तुतियां देशभर में लोकप्रिय हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रदेशभर में भावनात्मक माहौल बना हुआ है।

डॉक्टरों की निगरानी में जारी इलाज
एम्स प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उनकी हालत नियंत्रण में है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। परिवार के सदस्य और करीबी लोग भी अस्पताल में मौजूद हैं।

गरीबों को बड़ी राहत! CM साय ने सार्थक PDS फेज-2 फैसले का किया स्वागत, खाद्य सुरक्षा होगी मजबूत

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सार्थक-पीडीएस फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपए की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. सार्थक-पीडीएस फेज-2 के माध्यम से एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी. इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा.

नांचल के बेटे ने बढ़ाया प्रदेश का मान, आईएफएस बनकर रचा नया इतिहास

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से  भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चयनित रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव निवासी अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने अजय को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता ने केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि एक ऐसा युवा, जिसने बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार का हाथ बंटाया, आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि अवसर और संकल्प मिल जाए तो दूरस्थ अंचलों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है तथा यह हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देगी।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवेश में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ एकत्रित करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया और 10वीं में 92.66 प्रतिशत तथा 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।

उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अजय को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में प्रवेश मिला, जहां अध्ययन के दौरान उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ मिला। अजय ने कठिन परिस्थितियों के बीच अध्ययन जारी रखते हुए भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक प्राप्त की और अपने सपनों को साकार किया।

अजय गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जीवन में उनके सपने सीमित थे और लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनके सोचने का दायरा विस्तृत किया। उन्होंने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है और बचपन से प्रकृति के साथ बने इसी जुड़ाव ने उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि जंगल ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन, मेहनत और शासन के सहयोग से गांवों और वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अजय गुप्ता जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

रायपुर 

 छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है।

खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा। 

जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी। 

राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के अनुपालन में अवैध खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े और स्पष्ट निर्देशों तथा राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग का मैदानी अमला लगातार सक्रियता के साथ कार्यवाही कर रहा है। शासन स्तर पर की जा रही गहन समीक्षा, सख्त निगरानी और प्रशासनिक चौकसी के परिणामस्वरूप अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगा है।
      
 खनिज विभाग के सचिव एवं संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता तथा जिला स्तरीय टीमों द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और संयुक्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 27 मई 2026 को केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने जिला रायपुर, महासमुंद एवं गरियाबंद क्षेत्र अंतर्गत सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

निरीक्षण के दौरान रायपुर जिले के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिरदा एवं घिवरा में गौण निम्न श्रेणी चूनापत्थर से भरे 01 हाईवा तथा रेत के 03 हाईवा को वैध अभिवहन पास एवं अनुमति के बिना खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए चारों हाईवा वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त वाहनों को आगामी आदेश तक रायपुर जिले के समीपस्थ विधानसभा एवं खरोरा थाना परिसर में अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। जांच के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राज्य में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। शासन-प्रशासन की सख्ती, बढ़ी चौकसी और सतत निगरानी के कारण अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाही सुनिश्चित की जा रही है।

केंद्रीय कैबिनेट के SARTHAK-PDS फेज-2 निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

रायपुर

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। SARTHAK-PDS फेज-2 के माध्यम से  एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकानों के संचालन में बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहयोग देकर वितरण व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा। राशन दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का प्रावधान जमीनी स्तर पर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2031 तक संचालित होने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों हितग्राहियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि AI, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे नवाचारों के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को नई मजबूती मिलेगी तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को और बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल  राशन वितरण को आधुनिक बनाने का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन में भरोसा, सुविधा और सुशासन को और मजबूत करने का निर्णय है। उन्होंने गरीब कल्याण को समर्पित इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

नागरिकों की सुविधा सर्वोपरि, भविष्य की जरुरतों के अनुरूप करें निर्माण’

रायपुर

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज सेतु परिक्षेत्र के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेशभर में निर्माणाधीन पुलों, रेलवे ओवरब्रिजेस और फ्लाईओवर्स के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित बैठक में नागरिकों की सुविधा, बारहमासी संपर्क, तेज और सुव्यवस्थित यातायात के लिए पुलों, रेलवे ओवरब्रिजेस और फ्लाईओवर्स के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इनके प्रस्ताव और कार्ययोजना तैयार करते समय यातायात के दबाव, दोनों ओर की सड़कों, तथा आसपास स्थित वर्तमान पुलों व फ्लाईओवर्स के साथ ही भविष्य की जरुरतों का भी ध्यान रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता भी एस.के. कोरी भी बैठक में मौजूद थे। सभी सेतु संभागों के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अभियंता भी बैठक में उपस्थित थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में स्वीकृत कार्यों के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया मिशन मोड में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी स्तर पर वन व्यपवर्तन, भू-अर्जन और इलेक्ट्रिक पोल शिफ्टिंग के लंबित मामलों से यथासमय शासन को अवगत कराने को कहा, जिससे इनके निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद तकनीकी स्वीकृति, भू-अर्जन और निविदा की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से तेजी से पूर्ण कर कार्यारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए अर्जित भूमि का तत्काल नामांतरण भी कराने को कहा।

विभागीय सचिव ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 जुलाई तक इन सभी कार्यो के प्राक्कलन भी भेजने को कहा। उन्होंने अप्रारंभ कार्यों की निविदा प्रक्रिया आगामी एक-दो महीने में पूर्ण कर बरसात के तुरंत बाद कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही 30 अप्रैल तक किए कार्यों का भुगतान तत्काल करने को कहा।

श्री बंसल ने सेतु परिक्षेत्र के सभी कार्यपालन अभियंताओं और एसडीओ को अपने क्षेत्र में चल रहे सभी कार्यों और उनके कार्यस्थलों की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर ठेकेदारों से सख्ती से काम कराने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने काम में ढिलाई, लापरवाही और लेट-लतीफी करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्च-2026 तक पूर्ण हुए कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र और फाइनल बिल समीक्षा के लिए शासन को भेजने के भी निर्देश दिए।

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