उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने “जोहार जगन्नाथ रथ” को झंडा दिखाकर किया रवाना

रायपुर

श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं और प्रार्थनाओं को जगन्नाथ धाम तक पहुंचाएगी रथ

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय से “जोहार  जगन्नाथ रथ” को झंडा दिखाकर रवाना किया। विधायक  दीपेश साहू भी इस दौरान मौजूद थे।

श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं और प्रार्थनाओं को जगन्नाथ धाम तक पहुंचाएगी रथ

माय एफएम 94.3 और एटी ज्वेलर्स द्वारा तैयार यह रथ प्रदेश के श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं और प्रार्थनाओं को जगन्नाथ धाम तक पहुंचाएगी। श्रद्धालु अपनी मनोकामना व प्रार्थना लिखकर इस रथ के कलश में समर्पित कर सकेंगे, जिसे 94.3 माय एफएम की टीम  जगन्नाथ धाम तक लेकर जाएगी। यह अभिनव पहल भगवान  जगन्नाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और मनोकामनाओं को उनके पावन धाम तक पहुँचाने का सुंदर माध्यम बनेगी। 

बस्तर की मातृशक्ति आज समाज में बदलाव की सशक्त वाहक- वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर 

बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में गुरुवार को आयोजित ‘दीदी के गोठ’ के 12वें संस्करण में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से आई हजारों महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वरोजगार के प्रति नया उत्साह जगाया।

महिलाएं बन रही हैं बदलाव की ताकत : केदार कश्यप
       
वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की मातृशक्ति ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आज समाज में परिवर्तन की सशक्त भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होता है, जब महिलाएं उन्हें अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर की महिलाएं आज आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हो रही हैं।

सरकारी योजनाओं से बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी          

बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज का विकास महिलाओं के सशक्तिकरण पर निर्भर करता है। उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), लखपति दीदी योजना, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है।

स्वरोजगार से बदल रही महिलाओं की जिंदगी
       
चित्रकोट विधायक  विनायक गोयल ने कहा कि बस्तर की महिलाएं अब केवल परिवार की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं हैं। वे मुर्गीपालन, बकरीपालन, मत्स्यपालन, सब्जी उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  वेदवती कश्यप ने भी महिलाओं की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

लखपति दीदियों का हुआ सम्मान
          
कार्यक्रम में चपका की  नीतू झा, सुलेंगा की  सुगनी कश्यप और इरपा की  हेमबती नाग सहित कई सफल लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रमाण-पत्र और सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए गए।

बिहान योजना से मिली नई पहचान
           
कार्यक्रम में कोंडागांव जिले की  नम्रता पटेल ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज और 5 लाख रुपये के ऋण की सहायता से उन्होंने अपने ‘अमृत तुल्य’ चाय एवं नाश्ता कैफे का विस्तार किया। आज उनके कैफे से प्रतिदिन लगभग 5 हजार रुपये की आय हो रही है।

आत्मनिर्भर बस्तर की दिशा में मजबूत कदम       

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। संवाद, सम्मान और प्रेरणा से भरपूर यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बस्तर के संकल्प को नई मजबूती देने वाला साबित हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर  आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पर सहायक अभियंता और उप अभियंता को तत्काल निलंबित करने के निर्देश

रायपुर

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निर्देश पर बोड़ला विकासखंड के दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क के धंसने की शिकायत के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण कराने के लिए कोर कटिंग कराई गई तथा विभिन्न तकनीकी मानकों पर सड़क की जांच की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि नवनिर्मित सड़क हैवी लोड वाहनों के आवागमन के कारण क्षतिग्रस्त हुई। जिस सड़क पर केवल 10-12 टन क्षमता वाले वाहनों के संचालन की अनुमति है, वहां 60-70 टन क्षमता तक रेत परिवहन करने वाले भारी वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामी से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।

सहायक अभियंता और उप अभियंता को तत्काल निलंबित किए जाने के दिए निर्देश 

सचिव  सिंह ने दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के कारण ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे रितेश नायडू को तत्काल निलंबित किया गया। वहीं कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर को निलंबित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त है उसे उखाड़कर पुनः बनवाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। वहीं पूरी सड़क के शोल्डर को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ सुधार करवाने के निर्देश दिये गये हैं।

ओवरलोड वाहन और शोल्डर निर्माण में खामी बना सड़क धंसने का मुख्य कारण     

जांच के दौरान अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण भी किया गया, जिसमें कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया। जीएसबी एवं डब्ल्यूबीएम परतों के परीक्षण में ग्रेडेशन तथा कम्पैक्शन संतोषजनक रहा। वहीं बीटी कार्य के तहत पीएमसी एवं सील कोट के लिए किए गए बाइंडर कंटेंट  परीक्षण में 6 प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है। तकनीकी जांच के दौरान यह पाया गया कि सड़क के शोल्डर का कॉम्पैक्शन निर्धारित मापदंड (100 प्रतिशत) से कम था। आर.डी. 1400 मीटर पर यह 95 प्रतिशत और आर.डी. 2100 मी. पर केवल 94.68 प्रतिशत पाया गया, जो कि मानकों से कम है। जांच में आर.डी. 1400 मी. पर निर्मित पुलिया के एप्रोच में बैकफिलिंग (मिट्टी भराई) का कार्य भी मापदंड के अनुसार नहीं किया गया था। इस वजह से वर्षाऋतु में बारिश का पानी शोल्डर से होते हुए सड़क के सब-बेस (निचली सतह) में घुस गया, जिससे सड़क के अंदरूनी हिस्से कमजोर हो गए।

पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा

सचिव  भीम सिंह ने कहा कि पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क की क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के चलने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। ऐसे वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इस अवसर पर अधिक्षण अभियंता  अखिलेश तिवारी,  बलवंत पटेल,  अमित गुलहरे कार्यपालन अभियंता  संतोष ठाकुर, सहायक अभियंता  सौरभ देशमुख  मुरारी साहू, उप अभियंता जे रितेश नायडू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में नई श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन की हुई समीक्षा

रायपुर

छत्तीसगढ़ में नवीन श्रम संहिताओं (New Labour Codes) के प्रभावी क्रियान्वयन और श्रमिक कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार ने गुरुवार को राज्य में चल रही प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। नया रायपुर स्थित ‘छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल’ के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में श्रम कानूनों को धरातल पर उतारने को लेकर गंभीर मंथन किया गया।

चारों प्रमुख श्रम संहिताओं पर हुई चर्चा 
             
बैठक के दौरान केंद्र सरकार द्वारा अधिनियमित चारों नवीन श्रम संहिताओं के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा अब तक जारी की गई अधिसूचनाओं और उनके अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई, वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019)औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code, 2020)सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security, 2020)व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थितियाँ संहिता, 2020 (OSH Code, 2020)।  बैठक में राज्य के अधिकारियों ने केंद्र सरकार को अवगत कराया कि इन नवीन संहिताओं को छत्तीसगढ़ में सुचारू रूप से लागू करने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। 

श्रमिक हितों और डिजिटल पहलों पर विशेष जोर 
     
समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग के अधिकारियों ने राज्य में श्रमिकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की जानकारी दी। संयुक्त सचिव को विभाग द्वारा अपनाई गई आधुनिक डिजिटल पहलों और तकनीकी नवाचारों (Digital Initiatives) से भी रू-ब-रू कराया गया। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि नई व्यवस्था के आने से श्रम प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगा, जिससे श्रमिकों के हितों का बेहतर संरक्षण हो सकेगा।

जल्द पूरे होंगे राज्य के नियमों के निर्माण कार्य
     
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की संहिताओं के अनुरूप राज्य के स्तर पर नियमों (Rules) के निर्माण की प्रक्रिया को शीघ्र ही अंतिम रूप देकर इन्हें प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा। इस पहल से छत्तीसगढ़ के लाखों श्रमिकों के साथ-साथ नियोजकों (Employers) को भी नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों का लाभ समयबद्ध, सरल और सुगम तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा। 

           
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग की ओर से  एस.एल. जांगड़े, सविता मिश्रा,  गिरीश रामेटेके,  अजीतेश पाण्डेय,  एस.एस. पैकरा,  डी.पी. तिवारी,  बी.एस. बरिहा,  मनीष वास्तव,  विवेक चेलकर, श्रद्धा केशरवानी एवं  देवेन्द्र देवांगन उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के प्रतिनिधि के रूप में  साकेत कुमार पाण्डेय,  भूपेन्द्र कुमार,  रोहित गुप्ता,  गौरव डोगरा,  अखिलेश राय,  सौरभ त्यागी, सु जयंती सिंह सहित केंद्र व राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी सम्मिलित हुए।

एक वर्ष में 12 एपिसोड के माध्यम से हजारों महिलाओं तक पहुँची सफलता की कहानियां

रायपुर

‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम बन गया है। इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आजीविका, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़ी अत्यंत रोचक एवं प्रेरक जानकारियां मिल रही हैं। एक सफल दीदी की कहानी हजारों अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है और यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों को सम्मानित किया तथा ‘दीदी के गोठ’ के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ फोटो गैलरी का अवलोकन किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके नवाचारों एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले से वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं लखपति दीदी  विद्या निषाद से चर्चा की।  निषाद ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद उन्हें बिहान समूह से प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कपड़े एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है और अब तक 12 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल दीदी अपनी संघर्ष एवं सफलता की कहानी स्वयं अपनी बोली में साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। वेदों में कहा गया है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” आज महिलाएं बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कोई ड्रोन दीदी बनी है, कोई राजमिस्त्री, कोई ऑर्गेनिक खेती कर रही है, तो कोई सेटरिंग प्लेट , पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की लखपति दीदियां आने वाले समय में करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आरंग क्षेत्र के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मातृशक्ति द्वारा संचालित ‘गोट यूनिट’ में बकरी, मुर्गी एवं मछली पालन का एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिससे वह लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों में पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश को 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली, जिनमें से 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक बिजली, पानी, राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगभग 8 हजार अधिकारी कार्य कर रहे हैं तथा वे स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से दो वर्षों से बकाया बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत प्रदान की जा रही है, जिसके तहत अब तक 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का मंच बन चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा इसके लिए राज्य सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। राज्य सरकार सभी समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें और उन्हें अपने परिश्रम का पूरा लाभ मिले। उन्होंने खैरागढ़ की ड्रोन दीदी का उदाहरण देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिलाएं बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बैंक सखी, पशु सखी, सीएससी संचालन तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की भूमिका और अधिक बढ़ेगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को लखपति से करोड़पति बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं तक नवाचार, सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

एक वर्ष में 12 एपिसोड, प्रेरणा और नवाचार का सशक्त मंच

‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। कार्यक्रम से प्रदेश के 25 जिलों की 38 दीदियां जुड़ी हुई हैं, जो अपनी स्थानीय बोली में नवाचार, आजीविका और सफलता की कहानियां साझा करती हैं। आज 9 जुलाई को कार्यक्रम का 12वां एपिसोड प्रदेशभर में प्रसारित किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत अब तक प्रसारित 12 एपिसोड में लखपति दीदी, नियद नेल्ला नार, वनोपज संग्रहण, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं की भागीदारी, सरस मेला, ड्रोन दीदी, कृषि सखी एवं पशु सखी, नई चेतना 4.0, वित्तीय समावेशन, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, जनप्रतिनिधि बनीं महिलाओं की सफलता की कहानियां, लाइवस्टॉक, साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव, ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड तथा ‘दीदी के गोठ’ की एक वर्ष की प्रेरणादायी यात्रा जैसे विषयों पर जानकारी प्रसारित की गई है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष  संदीप यदु, गुरु सौरभ साहेब, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव  ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक  तारन प्रकाश सिन्हा,  छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के मिशन संचालक  अश्वनी देवांगन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां उपस्थित थीं।

शिक्षा में निवेश, आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी-उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

​​रायपुर

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जिला खनिज न्यास निधि से विभिन्न विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के कई स्कूलों में नए किचन शेड, अतिरिक्त कक्षाएं और प्रार्थना शेड बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर होगी। 

जिले के कई सरकारी स्कूल लंबे समय से बैठक व्यवस्था (स्थान की कमी), मध्याह्न भोजन पकाने के लिए सुरक्षित जगह और खराब मौसम जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। डीएमएफ से स्वीकृत ये नए कार्य न केवल इन कमियों को दूर करेंगे, बल्कि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

​विकास कार्यों का लेखा-जोखार- कहां, क्या और कितना हुआ स्वीकृत
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बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला खनिज न्यास निधि से विकास कार्यों की सिलसिलेवार स्वीकृतियां दी गई हैं। इसकी शुरुआत 12 जून 2026 को सिमगा विकासखंड के अंतर्गत परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए क्रमशः 10-10 लाख रुपये जारी किए गए, जबकि इसी विकासखंड की फूलवारी और तिल्दाबांधा प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के लिए भी 20 लाख रुपये (10-10 लाख रुपये प्रति स्कूल) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।

इसके बाद 18 जून 2026 को बलौदाबाजार विकासखंड के प्राथमिक शाला चिचोली, मगरवाय, केशडबरी, और पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया-चापा व धवई में 5-5 लाख रुपये की लागत से कुल पांच किचन शेड मंजूर किए गए। इसी तारीख को करमनडीह और खम्हरिया यदु की प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।

अधोसंरचना विकास की इस कड़ी में 07 जुलाई 2026 को मिली, जिसमें सिमगा और बलौदाबाजार विकासखंड के 10 गांवों चंडी, फरहदा, केसली, मटिया,रवेली,भाटागांव, खैरघटा, कोलियारी, कुकुरदी और मगरवाय के स्कूलों को शामिल किया गया। इन सभी 10 शिक्षण संस्थानों में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए प्रति स्कूल 10 लाख रुपये के मान से कुल 1करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और पर्याप्त स्थान मिल सकेगा।

शिक्षा को आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना हमारा संकल्प- मंत्री टंक राम वर्मा

​इस महत्वपूर्ण सौगात पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का विजन सिर्फ भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि सुदूर गांवों तक ऐसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना ह,ै जो बच्चों के लिए शिक्षा के मार्ग को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बना सकें। ​उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का असली हकदार स्थानीय समाज है। हमारी सरकार खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इस पैसे का सीधा लाभ वहां के बच्चों तक पहुंचा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा यह निवेश आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के निर्माण में निवेश है। जब बच्चों को बैठने के लिए अच्छे कमरे, मध्याह्न भोजन के लिए स्वच्छ किचन और प्रार्थना के लिए व्यवस्थित शेड मिलेगा, तो स्कूलों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा।

गांवों में खेल और बाल विकास की बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता- राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा

​रायपुर
 

छत्तीसगढ़ सरकार गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष पहल कर रही है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के जरिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं।राज्य में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत सरोरा में विकास कार्यों की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। यहां 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन तथा 11.86 लाख रुपये की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन का लोकार्पण किया गया 
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इस अवसर पर वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ बच्चों, महिलाओं और युवाओं के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी भवन से क्षेत्र के नौनिहालों को बेहतर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिलेगा, वहीं मिनी स्टेडियम बनने से ग्रामीण युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा और गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
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ग्राम सरोरा में एक ही दिन बाल विकास और खेल अधोसंरचना से जुड़े इन दो महत्वपूर्ण कार्यों के शुभारंभ को ग्रामीणों ने विकास की बड़ी सौगात बताया। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इन कार्यों से गांव में बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।
 
क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की सौगात और घोषणाए
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मंत्री वर्मा ने सरोरा में स्वामी विवेकानंद स्कूल (कक्षा 1ली से 12वीं तक) खोलने की बात कही। इसी तरह उन्होंने अधूरे आईटीआई भवन निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षित होने का मौका मिलेगा और स्थानीय उद्योगों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। ​इसके साथ ही उन्होंने बुनियादी कार्यों के लिए राशि और घोषणाएं कीं जिसमें ​स्कूल मैदान में अहाता निर्माण के लिए 20 लाख रुपये,​ सायकल स्टैंड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये,​ शेड निर्माण,​ बुंदेली गांव में स्कूल निर्माण के लिए 10 लाख रुपये,​ सरोरा स्कूल के लिए वाटरकूलर, मुक्तिधाम शेड तथा बुंदेली में एक सामुदायिक भवन की घोषणा की।

​क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती
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छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से तेजी से विकास कार्य किया जा रहा है। बलौदाबाजार क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी और आवागमन को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत की गई है। इसके तहत तिल्दा से सांकरा मार्ग और बलौदाबाजार से भाटापारा मार्ग के निर्माण के लिए 25 -25 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ ही, बलौदाबाजार से सिमगा मार्ग के लिए 50 करोड़ रुपये और पड़कीडीह मार्ग के लिए 35 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे स्थानीय यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम हो जाएगी।

मोदी की गारंटी से आ रहा है जमीनी बदलाव

कार्यक्रम के दौरान मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करते हुए राज्य के सभी घरों में पानी, शौचालय, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस और हर घर को पक्का बनवाया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं, किसानों को उनके धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में समृद्धि और खुशहाली आई है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में 26 लाख आवासों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

​विचारों की शक्ति से बदलती है जिंदगी
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कार्यक्रम में मंत्री वर्मा ने लोगों को एक प्रेरणादायक कहानी भी सुनाई। उन्होंने वैचारिक दृढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि हमारे अंदर एक विचार होगा तो सोचने की शक्ति होगी। हम जो सोचते और विचार करते हैं, उनके अनुसार ही हम काम करते हैं। अगर हम अच्छा विचार करेंगे तो काम भी अच्छा होगा, सही विचार हमारी जिंदगी को बदल सकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष, नगर पालिका तिल्दा-नेवरा की अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

लोक निर्माण विभाग राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’, विभाग पर अधोसंरचना विकसित करने की अहम जिम्मेदारी – अरुण साव

रायपुर

 उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक कार्यों की प्रगति पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से बेहतर समन्वय और संवाद रख कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। 

उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभाग के अभियंताओं की दक्षता और क्षमता फील्ड पर दिखनी चाहिए। उन्होंने प्रभावी एवं परिणाममूलक कार्यों के लिए समयानुकूल नई कार्यप्रणाली और कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तत्परता से पूर्ण कर आगामी सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, जिससे कि बरसात के तत्काल बाद पूरी गति से काम शुरू हो सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर समय पर काम प्रारंभ कराने को कहा।

साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’ है। राज्य में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण के साथ ही सभी तरह की अधोसंरचना विकसित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विभाग पर है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विभाग को भी अहम भूमिका निभाना है। उन्होंने इसके लिए पूरी सक्रियता और गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को काम का पुराना ढर्रा बदलने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के समय पर बिल तैयार करने और उनका हर महीने भुगतान करने के निर्देश दिए। 

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि फील्ड पर विभाग के काम और उनके परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने सड़कों और पुल-पुलियों सहित स्कूलों, कॉलेजों, ऑडिटोरियम, कार्यालयों, आवासगृहों एवं अन्य भवनों के निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ अनुबंध में निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने को कहा। उन्होंने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को भू-अर्जन के कार्यों में तेजी लाने इससे संबंधित कानूनों व नियमों की व्यापक एवं समग्र जानकारी के लिए राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।

साव ने पहुंचविहीन गांवों तक साल भर कनेक्टीविटी बनाए रखने के लिए सड़कों और पुलों के प्रस्ताव व प्राक्कलन प्राथमिकता से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पुराने लंबित कार्यों से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर काम आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को ब्लैक-लिस्ट करने और उनके अनुबंध टर्मिनेट करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बैठक में अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा अनुशंसित कार्यों के साथ ही द्रुतगामी सड़कों व पुलों, पहुंचविहीन गांवों के लिए पक्की सड़कों, जिले की जरूरतों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों की प्राथमिकता तय कर आगामी 31 अगस्त तक नए कार्यों के प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के काम पूरा होने के बाद तत्काल इन्हें संबंधित विभागों या नगरीय निकायों को हैंडओवर करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता और सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।

डॉ. रमन सिंह की कार्यकर्ताओं को नसीहत, बोले- चुनाव में अभी ढाई साल बाकी, संगठन मजबूत करने पर दें जोर

कवर्धा.

भाजपा जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश देते हुए कहा कि ढाई साल पहले कांग्रेस की सरकार थी, जिसने प्रदेश को बदनाम कर दिया था। अब ऐसी सरकार को दोबारा प्रदेश में नहीं आने देना है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के भी ढाई साल पूरे हो चुके हैं और अब सिर्फ ढाई साल का कार्यकाल शेष है, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन और सरकार के लिए पूरी ताकत से काम करना होगा। डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में जितने भी संगठनात्मक और राजनीतिक पद थे, सभी भर चुके हैं। अब कोई पद खाली नहीं है, इसलिए रोना-धोना या मनमुटाव रखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी समय आने पर जरूरत के अनुसार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देती है और सभी को अवसर मिलता है।

डॉ. रमन सिंह ने अपने 40 वर्षों के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने कभी किसी पद की मांग नहीं की। यहां के कार्यकर्ता इसे अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होकर काम करने और पार्टी नेतृत्व के निर्णयों पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।

सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज आरंग विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित कार्यक्रम में 128 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। 

मुख्यमंत्री  साय ने ग्राम पंचायत रीवा में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम निर्माण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समोदा में अहाता निर्माण, नगर पंचायत समोदा के पंचायत भवन में प्रथम तल निर्माण तथा ग्राम तुलसी के हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नयन की घोषणा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी, यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की कार्यशैली और जनविश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 28 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 520 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सहकारिता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। पात्र उपभोक्ता “मोर बिजली” मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से सितंबर तक पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

कार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आरंग विधानसभा क्षेत्र को अब तक 858 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन की नई दिशा स्थापित हुई है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत आंवला का पौधारोपण किया। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल वितरित की तथा जिला प्रशासन के मिशन उत्कर्ष के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष  ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला,  कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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