रेत कारोबारियों के विवाद में मौत पर CM साय सख्त, बोले- ‘दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा’

रायपुर.

कोरिया जिले में रेत उत्खनन को लेकर हुए विवाद में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार और उनके करीबी वीरू सिंह गहरवार की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।

इस मामले में आरोपी भी गिरफ्तार हुए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि मंगलवार को कोरिया जिले में रेत उत्खनन को लेकर भाजपा नेताओं के बीच विवाद हुआ था, जो रात में खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान फॉर्च्यूनर वाहन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिसमें भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार की मौके पर जलकर मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे उनके रिश्तेदार वीरू सिंह की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।

वहीं इस घटना में तीन अन्य घायलों का अंबिकापुर अस्पताल में इलाज जारी है। इनमें से एक योगेन्द्र सिंह बोलने की स्थिति में है। दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर से सूरजपुर दौरे के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए इस सनसनीखेज घटना पर प्रतिक्रिया दी। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर भी बयान दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि वह सूरजपुर दौरे पर जा रहे हैं, जहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा गरियाबंद जिले में करीब 600 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा राशि स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत आभार है।

विधानसभा सत्र को लेकर विपक्ष पर बयान
आगामी 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विपक्ष का काम है कहना, वे अपना धर्म निभाएंगे।

मुख्य सचिव ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और सुरक्षित मातृत्व अभियान के कार्यों की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और सुरक्षित मातृत्व अभियान के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर
मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में टीवी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ को टीवी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। 

                मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में कार्य करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है कि राज्य में टीबी के मरीजों की जांच के लिए व्यापक स्तर पर जांच शिविर लगाये जायें। जिसमें जांच के दौरान मिलने वाले टीबी के मरीजों का त्वरित ईलाज किया जाए। इसके लिए प्रत्येक गांव और शहरों में विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने टीबी मरीजों के जांच के लिए सभी जरूरी उपकरणों एक्स-रे मशीन एवं रेडियोग्राफरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा है। 

               विकासशील ने मरीजों की शीघ्र पहचान कर ईलाज शुरू किया जाना चाहिए एवं मरीजों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत पोषण आहार एवं पौष्टिक सामग्री हेतु निर्धारित राशि तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए। टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जो गांव और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त होती है। इसके बारे में गांव में होने वाली ग्राम सभा में लोगों को बताया जाना चाहिए। इसी तरह से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर जांच की जाए। महिलाओं के बीपी, वजन, हिमोग्लोबिन इत्यादि की जांच की जाए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को एफआरयू में रेफर किए जाए। 

                मुख्य सचिव ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए। सभी आंगनबाड़ी, स्कूलों में हर बच्चें की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। रोग युक्त पाए जाने बच्चों को बड़े अस्पतालों में ईलाज के लिए भेजा जाए। अस्पतालों में ईलाज करा रहे बच्चों की टैªकिंग की जाकर उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार दिया जाए। सभी शिशुओं को जरूरी टीके लगाए जाये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग अध्यक्ष की कार से टकराई बाइक, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

कवर्धा.

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में बुधवार को गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल के साथ बदसलूकी और हमले की कोशिश का मामला सामने आया है. कार और बाइक के बीच हुई टक्कर को लेकर विवाद शुरू हुआ था.

आरोप है कि दोनों युवकों ने अभद्रता करते हुए पत्थर उठाकर हमला करने का प्रयास किया. घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर की है. जानकारी के अनुसार, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल जिला मुख्यालय कवर्धा से अपने गांव रोहरा लौट रहे थे. उस समय वह अपनी कार में चालक के साथ सवार थे. इसी दौरान पीछे से आ रही एक बाइक उनकी कार से टकरा गई. टक्कर के बाद जब कार रोकी गई तो बाइक सवार दोनों युवक विवाद करने लगे. आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज की और पत्थर उठाकर हमला करने की कोशिश भी की.

विश्वेसर पटेल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है, लेकिन उन्हें सुरक्षा के लिए कोई गार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के दौरान दोनों युवक नशे की हालत में पाए गए. पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया और कानूनी कार्रवाई के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

दोनों आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने मामले में जानकरी दी कि कवर्धा के बाहरी क्षेत्र में घटना हुई है. कार में अचानक ब्रेक लगने से पीछे चल रही बाइक टकरा गई. बाइक सवार दो युवक घटना के दौरान नशे की हालात में थे. इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ. वहीं गाली-गलोच भी हुई है. सूचना पर पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार किया है. कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है.

विकसित छत्तीसगढ़ को मिला वैश्विक सहयोग, राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ की उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति

राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के बीच उच्चस्तरीय बैठक 

विकसित छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंजोर को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन

रायपुर, 
राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से आज यूनिसेफ इंडिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नीति भवन नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार एवं सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी उपस्थित रहे।

          बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।

विकसित छत्तीसगढ़ – जहाँ बच्चे हैं विकास की नींव

        बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण सुनिश्चित नहीं होता, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा है।  राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के अंतर्गत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को एक स्वतंत्र एवं समर्पित विषयक्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया गया है।

विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई, नीति और जमीन के बीच सेतु

        राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई (VC-SPS Unit) राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है। यह इकाई विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभागों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करती है। बैठक में इस इकाई के कार्यों की सराहना की गई और इसे और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।

देश में पहली बार – बाल कल्याण सूचकांक 

           राज्य नीति आयोग देश में पहली बार एक राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण मापन पद्धति एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करेगा। यह सूचकांक राज्य के विभागों को बच्चों तक सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने और बाल-केंद्रित नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। साथ ही बच्चों के लिए बजट का एक मानक ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्तावित पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा।

बस्तर अंजोर – आदिवासी एवं बाल विकास का ऐतिहासिक अवसर

         बैठक में बस्तर अंजोर को आदिवासी समुदायों और बच्चों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रवर्तित यह अभिनव समन्वय पहल बस्तर संभाग के सातों जिलों को आच्छादित करती है। 3+4 मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम तीन कलेक्टर नेतृत्व वाली जिला पहलों -नियद नेल्ला नार, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार राष्ट्रीय एवं राज्य मिशनों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के 90 प्रतिशत से अधिक हस्तक्षेप क्षेत्र बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं।

        यूनिसेफ ने इस कार्यक्रम को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास की रोशनी पहुँचाने का एक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण अवसर बताया और बस्तर अंजोर के औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि एवं रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहर्ष स्वीकृति दी।

सामुदायिक जागरूकता, विश्वास निर्माण एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन

         बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल नीति एवं बजट से नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास और व्यवहार परिवर्तन से भी निर्धारित होती है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता और जन विश्वास का निर्माण विकास की पूर्वशर्त है।

        यूनिसेफ की सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञता को बस्तर अंजोर और विकसित छत्तीसगढ़ के जमीनी क्रियान्वयन से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अंतर्गत पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, स्थानीय नेतृत्व का सुदृढ़ीकरण और परिवारों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।

यूनिसेफ का सहयोग और विस्तार

        यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार रहा है और यह साझेदारी आगे और सुदृढ़ होगी। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक, सामुदायिक जागरूकता और बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त के क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से सहयोग विस्तार का आश्वासन दिया।

       बैठक के अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूनिसेफ की पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम है।

रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, एअर इंडिया की फ्लाइट से टकराया पक्षी; यात्रियों में मची अफरा-तफरी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बेहद डरा देने वाली खबर सामने आ रही है। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली से आ रही एअर इंडिया की एक पैसेंजर फ्लाइट लैंडिंग के वक्त अचानक ‘बर्ड हिट’ (पक्षी से टकराने) का शिकार हो गई।

विमान के लैंड करते ही जैसे ही यह खबर फैली, एयरपोर्ट अमले में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पायलट की सूझबूझ और किस्मत के सहारे एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

लैंडिंग से ठीक 7 मिनट पहले हुआ ‘बर्ड हिट’, थम गई थीं सांसें
जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया की यह फ्लाइट बुधवार सुबह अपने निर्धारित समय 8:15 बजे रायपुर पहुंचने वाली थी। विमान हवा से जमीन की तरफ बढ़ रहा था और सुबह करीब 8:08 बजे जैसे ही उसने रायपुर एयरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग की, ठीक उसी नाजुक वक्त पर एक पक्षी विमान से आ टकराया। विमानन क्षेत्र में लैंडिंग और टेकऑफ के समय बर्ड हिट को बेहद खतरनाक माना जाता है। बर्ड हिट की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी और एअर इंडिया का प्रबंधन तुरंत एक्शन मोड में आ गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को रोककर उसका विस्तृत तकनीकी परीक्षण (इंजीनियरिंग चेक) शुरू कराया गया।

ढाई घंटे तक चला हाई-लेवल निरीक्षण, यात्रियों की अटकी रही जान
शेड्यूल के मुताबिक, इसी विमान को रायपुर से वापस यात्रियों को लेकर सुबह 8:55 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से और पूरी टेक्निकल क्लीयरेंस मिलने तक फ्लाइट को रनवे पर ही रोक दिया गया। एअर इंडिया के इंजीनियरों की टीम ने करीब ढाई घंटे तक विमान के इंजन, विंग्स और अन्य संवेदनशील हिस्सों की बेहद बारीकी से जांच की। ढाई घंटे के कड़े निरीक्षण के बाद जब इंजीनियरों ने विमान को उड़ान के लिए पूरी तरह ‘फिट’ घोषित किया, तब कहीं जाकर प्रबंधन ने राहत की सांस ली। इसके बाद यह फ्लाइट सुबह करीब 11:35 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो सकी। इस पूरी प्रक्रिया के कारण विमान का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ और यात्रियों को कई घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा।

बेहद गंभीर माना जाता है ‘बर्ड हिट’, जांच पूरी होने के बाद मिली हरी झंडी
एयरपोर्ट से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विमानन क्षेत्र (एविएशन सेक्टर) में बर्ड हिट की घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि कई बार पक्षी के इंजन में खिंचे चले जाने से इंजन फेल होने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में जरा सी भी लापरवाही सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है। यही वजह है कि एअर इंडिया ने बिना कोई चांस लिए विमान के इंजन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की गहन जांच की। फिलहाल, गहन पड़ताल और क्लीयरेंस के बाद विमान को सुरक्षित संचालन की अनुमति दे दी गई। इस घटना के बाद रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा और बर्ड रिपेलेंट (पक्षियों को भगाने वाली) व्यवस्थाओं को लेकर भी समीक्षा की जा रही है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

जिला मुख्यालयों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण होंगे मुख्य अतिथि

सरगुजा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होंगे आयोजन 

रायपुर, 
21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर  जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है।  जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है। 

राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। 

        जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

          विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों  में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। बीजापुर जिले में विधायक सुलता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चैतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 125 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले

बलरामपुर.

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए कुल 125 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है।

जारी आदेश के अनुसार, 10 सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) का स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा 15 प्रधान आरक्षकों को भी नई पदस्थापना दी गई है। वहीं 85 आरक्षकों और 15 महिला आरक्षकों का भी विभिन्न थाना व चौकियों में तबादला किया गया है। यह तबादला बलरामपुर, रामानुजगंज, राजपुर, शंकरगढ़, चलगली, कुसमी, सनावल सहित जिले के कई थाना क्षेत्रों में किया गया है। जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक दृष्टिकोण और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यस्थल परिवर्तन के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है।

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल

रायपुर
राज्यपाल रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की। 

         राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्याे में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।

शासन द्वारा रिडेवलपमेंट योजना अंतर्गत शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने तथा अन्य कुल पाँच परियोजनाओं का टेंडर जारी

शासन द्वारा रिडेवलपमेंट योजना अंतर्गत शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने तथा अन्य कुल पाँच परियोजनाओं का टेंडर जारी

हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी की गई निविदाएं

रायपुर, 
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है।

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया।

प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है।

राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल, गुणवत्ता और तय समय में काम पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर/कांकेर.

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से चल रहे प्रयासों के तहत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को कांकेर जिले के समीप तारसगांव में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों से प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और विभिन्न सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित समय-सीमा और परियोजना की प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि तारसगांव में बन रहा मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा। इस संस्थान के शुरू होने से न केवल कांकेर जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के बाद कांकेर सहित आसपास के जिलों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा। इससे गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन में भी कमी आएगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में यह संस्थान नया आयाम स्थापित करेगा।

उन्होंने कहा कि विकसित और स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तारसगांव मेडिकल कॉलेज परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूर्ण होने से प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

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