जिंदल फाउंडेशन की पहल: जिला जेल रायगढ़ में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की बंदियों की स्वास्थ्य जांच

रायगढ़

समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में जिला जेल, रायगढ़ में बहु-विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 203 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं।
शिविर में सामान्य चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, कान-नाक-गला (ईएनटी), नेत्र रोग तथा दंत चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पुरुष एवं महिला बंदियों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कर आवश्यक परामर्श प्रदान किया। साथ ही विभिन्न बीमारियों की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

जेल परिसर में इस प्रकार की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ने बंदियों को ऐसे चिकित्सकीय परामर्श और उपचार तक पहुंच प्रदान की, जो सामान्य परिस्थितियों में उनके लिए सहज रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

इस अवसर पर जेल प्रशासन ने जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह स्वास्थ्य शिविर समाज के सभी वर्गों, विशेषकर सुधार गृहों में निवासरत व्यक्तियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रति जिंदल फाउंडेशन की सतत प्रतिबद्धता का परिचायक है।

किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होता है : उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर

वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन आज रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना।  देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।
    
विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना।  देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित कया।
    
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पद्म  अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक  राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के  ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख  पदम गोयल,  अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद को दी 603 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर  

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जिलेवासियों को 603 करोड़ 46 लाख 32 हजार रुपये की लागत वाले 76 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने 86 करोड़ 75 लाख 52 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रारंभ होने वाले 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों से जिले में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा विकास को नई गति प्राप्त होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों एवं गरीब परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सुशासन के माध्यम से योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 757 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिलों में राहत दी जा रही है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को बिजली खर्च से राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को ऋण, खाद, बीज एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए नैनो यूरिया के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। उन्होंने नागरिकों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर नई पहचान स्थापित कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास की रोशनी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले में आज जिन विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, विद्युत तथा जनसुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार होगा और जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाने वाला राजिम, राजीव लोचन मंदिर तथा कुलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। राज्य सरकार द्वारा इन धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है तथा 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें जो अभी तक विद्यालय से बाहर हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19 लाख 70 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे लाखों संग्राहक परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 41 लाख से अधिक परिवारों को नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जहां ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मासिक खपत पर बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की उल्लेखनीय आबादी निवास करती है। प्रधानमंत्री जनमन योजना तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास एवं आजीविका के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है, वे गरियाबंद जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को तेजी से पूरा कर रही है और सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम को महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद मती रूपकुमारी चौधरी एवं राजिम विधायक  रोहित साहू ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

RTO/DTO मुख्यालय में उपस्थित रहें, बकाया वसूली अभियान तेज करें-सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस प्रकाश

रायपुर

परिवहन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में सचिव एवं परिवहन आयुक्त  एस प्रकाश ने कई कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में RTO/DTO प्रवर्तन अमला, बस संचालक संघ और वाहन डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। RTO/DTO अब मुख्यालय छोड़ नहीं सकेंगे, सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पदस्थापना मुख्यालय में रहकर ही काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में 
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त  डी. रविशंकर भी मौजूद थे।

बकाया कर वसूली के लिए चलेगा विशेष अभियान  
         
जिलावार बकाया राजस्व की समीक्षा की गई। सचिव एवं परिवहन आयुक्त ने सभी RTO/DTO को वाहनों पर बकाया कर वसूलने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही  जांच चौकियों और फ्लाइंग स्क्वॉड को बकायादार वाहनों की लिस्ट दी जाएगी।

बस संचालन पर कसेगा शिकंजा  

बस स्टैंडों पर बसों की रोजाना मॉनिटरिंग होगी। बस आपरेटरों के द्वारा समय सारिणी तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परमिट लेकर भी बस न चलाने वाले संचालकों के परमिट निरस्त होंगे, ताकि नए आवेदकों को मौका मिले। बिना उपयोग खड़ी निजी बसों की जांच होगी।

लग्जरी बसों और फिटनेस सेंटर पर कार्रवाई  

दुर्ग के ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर द्वारा अवैध फिटनेस देने पर सेंटर, वाहन मालिक और वेंडरों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए। लग्जरी बसों में ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामान या ओवरलोडिंग मिलने पर जब्ती और FIR होगी। ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट सिर्फ RTO या अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी में परिवहन कार्यालय के भीतर ही होगा।

PM राहत योजना होगी लागू*  

 सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना जमीनी स्तर पर लागू होगी। RTO/DTO दुर्घटना स्थल की जांच करेंगे। अस्पतालों-थानों में योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

वाहन डीलरों की समस्या का होगा समाधान  

नए वाहनों के पंजीयन और यूज्ड कार नामांतरण की प्रक्रिया सरल होगी। डीलर्स को ट्रेड सर्टिफिकेट और सर्विस सेंटर के नियम मानने होंगे। ई-चालान हुआ आसान होगा ANPR से कटे ई-चालानों के भुगतान के लिए परिवहन कार्यालय में अलग काउंटर लगेगा। गलत चालान पर आपत्ति करने पर तुरंत सत्यापन कर निरस्त किया जाएगा। परिवहन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को 15 दिन में अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष  रितेश जायसवाल सहित सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने नगर पंचायत शिवनंदनपुर के वार्ड क्रमांक 06 में सुसज्जित मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उपस्थित नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा की पूर्ति है। इससे क्षेत्र में सुनियोजित नगरीय विकास का मार्ग प्रशस्त होगा तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच सेतु बनकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री  साय ने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। सरकार जनता की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि शिवनंदनपुर के नगर पंचायत बनने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिवनंदनपुर में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने तथा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं और विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन

शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया।

समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में दो दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को उनके नवीन आवास की चाबियां सौंपी गईं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों के पोषण हेतु तैयार किए जाने वाले खिचड़ी, हलवा, खुरमा, बर्फी, कटुआ, गुलगुला तथा रेडी-टू-ईट पोषण आहार का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार का अवलोकन कर इसकी सराहना की। इस दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से संवाद कर योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली।

इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां के विद्यार्थियों द्वारा सोलर सैनिटेशन किट सहित विभिन्न नवाचारों एवं वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ का वितरण किया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत फुटकर मत्स्य विक्रय उपकरण प्रदाय योजना के तहत कुंजनगर निवासी मती भारती केवट एवं मती तपेश्वरी राजवाड़े को आइस बॉक्स के साथ 6-6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाओं के तहत शिवनंदनपुर निवासी  अमरूत को वय वंदन कार्ड प्रदान किया गया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शिवनंदनपुर एवं कुरूवां के पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर योजना का लाभ प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयाल दास बघेल, सांसद  चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक  भूलन सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, सरगुजा संभाग के आयुक्त  नरेंद्र दुग्गा, आईजी  दीपक झा, कलेक्टर मती रेना जमील सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बलरामपुर में बुलडोजर एक्शन, 23 अवैध मकान ढहाए; 7 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त

बलरामपुर.

बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर में प्रशासन ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 मकानों पर बुलडोजर चलाकर लगभग 7 एकड़ 75 डिसमिल जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जों पर प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है।

सुनियोजित तैयारी के साथ की गई कार्रवाई
प्रशासन की ओर से अतिक्रमण मुक्ति के लिए सुनियोजित तैयारी की गई। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आनंद राम नेताम के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने संबंधित भूमि का अभिलेखीय परीक्षण किया, सीमांकन कराया तथा अतिक्रमण की स्थिति का विस्तृत सर्वेक्षण किया। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने लोगों को समझाइश देते हुए स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर भी प्रदान किया।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सुनिश्चित किया गया कि कार्रवाई पूरी तरह कानून सम्मत एवं पारदर्शी तरीके से हो। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधाओं और संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा जाए। निर्देशों के अनुरूप अनुविभागीय अधिकारी (रा.) आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के बाद निर्धारित तिथि को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की गई।

प्रशासनिक अमले की उपस्थिति में 23 मकानों से अतिक्रमण हटाया गया और लगभग 7 एकड़ 75 डिसमिल भूमि को मुक्त कराया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण, व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई तथा कहीं भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई। अतिक्रमण हटने के बाद मुक्त कराई गई भूमि को पुनः शासकीय अभिलेखों के अनुरूप सुरक्षित किया गया। इस भूमि का उपयोग भविष्य में जनहित एवं विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को लाभ मिलेगा।

कलेक्टर का सख्त संदेश
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में शासकीय भूमि की नियमित निगरानी की जाए तथा अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इस दिशा में आगे भी प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

सेजबहार फेस-1 कॉलोनी की भूमि से अतिक्रमण हटाया, अवैध सड़क निर्माण पर मंडल की कार्रवाई

रायपुर 

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने रायपुर के सेजबहार फेस-1 कॉलोनी क्षेत्र में अपनी आवंटित भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनाई जा रही सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। मंडल की ओर से यह कार्रवाई सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार दीनदयाल आवास योजना के तहत कलेक्टर रायपुर के आदेश दिनांक 3 फरवरी 2006 के माध्यम से ग्राम सेजबहार और दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) भूमि आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए गृह निर्माण मंडल को आबंटित की गई थी। इस परियोजना के लिए 17 मई 2006 को विकास अनुज्ञा भी स्वीकृत की गई थी।

स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 1327 आवास स्वीकृत योजना के अनुसार बनाए गए, जबकि 39 आवास निर्धारित ले-आउट से अलग निर्मित किए गए। इस प्रकार कुल 1366 आवासों का निर्माण हुआ। भूमि विवाद की स्थिति के कारण भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका।

हाल ही में मंडल ने अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया। इस दौरान पता चला कि एक निजी बिल्डर ने मंडल की भूमि के हिस्से पर अवैध कब्जा कर बिना अनुमति सड़क निर्माण शुरू कर दिया है। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई की।

कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप के नेतृत्व में गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध सड़क को हटाया और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई में मंडल के कई अधिकारी और अभियंता शामिल रहे।

मंडल के अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि उनकी महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है और भविष्य में यहां नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल अपनी भूमि और परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

सेजबहार फेस-1 में अवैध निर्माण पर कार्रवाई, मंडल ने हटाया अतिक्रमण

रायपुर 
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने सेजबहार फेस-1 कॉलोनी स्थित अपनी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अनधिकृत रूप से निर्मित सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

दीनदयाल आवास योजना के अंतर्गत कलेक्टर रायपुर के आदेश से दिनांक 03 फरवरी 2006 के माध्यम से ग्राम सेजबहार एवं ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) भूमि मंडल को आवासीय परियोजना विकसित करने हेतु आबंटित की गई थी।

इसमें ग्राम सेजबहार के खसरा क्रमांक 162/1 का भाग तथा ग्राम दतरेंगा के खसरा क्रमांक 341/1 एवं 341/3 की भूमि शामिल है। उक्त भूमि पर आवासीय विकास हेतु विकास अनुज्ञा दिनांक 17 मई 2006 को स्वीकृत की गई थी।

1435 एलआईजी भवनों के निर्माण की थी योजना 
स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुल 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। स्थल निरीक्षण एवं अभिलेख परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि स्वीकृत ले-आउट के अनुसार 1435 भवनों में से 1327 भवनों का निर्माण किया गया था। इसके अतिरिक्त 39 भवन स्वीकृत अभिन्यास से अलग निर्मित पाए गए। इस प्रकार कुल 1366 भवन निर्मित हुए।

भूमि विवाद के कारण नहीं बन सके 79 आवास 
मंडल द्वारा किए गए निरीक्षण, अभिलेख परीक्षण तथा पूर्व अधिकारियों एवं अभियंताओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्य अवधि के दौरान भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के कारण स्वीकृत ले-आउट में दर्शाए गए भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका।

सातवें चरण के अंतर्गत अनुबंध क्रमांक 41, दिनांक 07 अगस्त 2006 के तहत 192 आवासों के निर्माण का प्रावधान था, जिसके अंतर्गत कुल 193 एलआईजी भवनों का निर्माण किया गया। हालांकि विवादित क्षेत्र में स्थित 79 भवनों का निर्माण न तो किया जा सका और न ही उनका विक्रय किया गया।

सीमांकन में सामने आया अतिक्रमण 
हाल ही में मंडल द्वारा अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया गया। सीमांकन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक निजी बिल्डर द्वारा मंडल की भूमि के एक हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर बिना अनुमति सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की।

 मंडल ने हटाई अवैध सड़क 
नितेश कश्यप कार्यपालन अभियंता संभाग क्रमांक 3  सेजबहार, रायपुर  के नेतृत्व में मंडल की टीम जिसमें श्री अमृत लाल बरमन सपंदा अधिकारी, श्री हेमंत निषाद सहायक अभियंता, श्रीमती निकिता मिश्रा उपअभियंता, श्री अनुपम राठौर उप अभियंता, श्री पेमेन्द्र ध्रुव, श्री अमय विक्रम तथा श्री कमलेश दास ने मौके पर पहुंचकर अनधिकृत सड़क को हटाया और भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई की।

भविष्य में विकसित होगी नई आवासीय परियोजना 
मंडल के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि मंडल की महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है तथा भविष्य में यहां नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। 
मंडल अपनी भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।

रायपुर समेत 5 शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार, HUDCO ने रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के टेंडर जारी किए

रायपुर.

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हडको) राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है।

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है।

राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने टीएल बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर विशेष आयोजन, राज्यपाल-CM समेत कई जनप्रतिनिधि होंगे शामिल

रायपुर.

योग दिवस पर इस बार 21 जून को “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।

जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री ओपी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद भोजराज नाग 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे।

वहीं बीजापुर जिले में विधायक सुलता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चैतराम अटामी मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

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