सीटों की संख्या को बढ़ाने का सुखद परिणाम: ट्राइबल हॉस्टल के 13 अभ्यर्थियों ने रचा कीर्तिमान

रायपुर

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति की प्रतिभा, परिश्रम और अटूट संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर निर्माण के लिए बेहतर अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन युवाओं की सफलता प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देगी।

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में  गौतम कुमार,  कुलभूषण सिंह पोया,  हरि चंद्र प्रकाश सिंह,  मयंक रात्रे,  मलिकराम पटेल,  आर्यन राठौर,  चेतन लाल,  हरीश कुमार पटेल,  किशन लाल साहू,  सत्यनारायण चंद्राकर, सु दीक्षा दिवाकर,  विकेश कुर्रे तथा  प्रकाश पटेल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल की स्थापना राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। यहां चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, अध्ययन कक्ष, पुस्तकालय, उत्कृष्ट कोचिंग तथा अनुभवी विशेषज्ञों का नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल जैसे संस्थान प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें उचित दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रारंभिक परीक्षा में सफल ये विद्यार्थी मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशासनिक सेवाओं में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएंगे।

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों और मार्गदर्शन व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम है।  UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में 13 अभ्यर्थियों की सफलता ने इस संस्थान की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने मेडिकल कॉलेज के कार्यों का किया निरीक्षण, तेजी से काम पूरा करने कहा

रायपुर

लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यस्थलों पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को प्रगतिरत सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरगुजा के कलेक्टर  अजीत वसंत और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़कों के रखरखाव एवं गड्ढा मरम्मत के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए बारिश शुरू होने के पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने समय पर पुल-पुलियों की भी मरम्मत करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात में आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को सड़कों और पुलों का नियमित निरीक्षण कर उनकी स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा।

विभागीय सचिव ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मैदानी अधिकारियों ने कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित व प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। 
 
 बंसल ने अंबिकापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास के निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अंडरपास, पुल एवं अन्य संरचनात्मक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को परेशानी से बचाने सड़कों व पुलों के काम को हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि लोगों को शीघ्र बेहतर यातायात की सुविधा मिले। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को मेडिकल कॉलेज के भवन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से तेज गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होना चाहिए।

पीएम पोषण शक्ति योजना- मुख्य सचिव श्री विकासशील ने दिए निर्देश

रायपुर

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सह संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को योजना के तहत अनिवार्य रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण प्रदान किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि स्कूलों में योजना के संचालन की लगातार जमीनी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और भोजन पकाने के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी ईंधन) की आपूर्ति सुनिश्चित हो।

शहरी और आस-पास के क्षेत्रों में सेंट्रल किचन व्यवस्था पर जोर
         
बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन पकाने की व्यवस्था पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों और उनके आस-पास स्थित स्कूलों में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन तैयार कर सप्लाई किया जाना चाहिए, ताकि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का स्तर उत्कृष्ट रहे।

महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा, परोसी जाएंगी ताजी सब्जियां
         
योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण से जोड़ते हुए मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जी और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इससे स्कूलों में बच्चों को ताजी व हरी सब्जियां मिलेंगी और साथ ही इन महिला समूहों की आमदनी में भी इजाफा होगा।

छत्तीसगढ़ में योजना की वर्तमान स्थिति
         
बैठक में अधिकारियों ने योजना से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। राज्य के 56 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में यह योजना संचालित है। इन स्कूलों के माध्यम से 29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण दिया जा रहा है। भोजन तैयार करने के कार्य में 86 हजार से ज्यादा रसोइया जुड़े हुए हैं।

बैठक में उच्चाधिकारियों की रही मौजूदगी
       
 इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की विशेष सचिव व संचालक नागरिक आपूर्ति निगम सुश्री इफ्फत आरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल को दी बधाई एवं शुभकामनाएँ

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार योग को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, संतुलन और सकारात्मकता का भी संचार करता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जन-जागरूकता एवं योग आधारित स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं भगवान महावीर के विचार : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

रायपुर 

लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने जैन मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त कर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हो रहे पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद नहीं, बल्कि तप, त्याग, ज्ञान और समाज को दिशा देने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, तब जैन दर्शन की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।

 बिरला ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है। वहीं शतावधानी हंसभद्र मुनि जी महाराज ने अपनी विलक्षण स्मरणशक्ति, ज्ञान और साधना के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। उनके तप और साधना से समाज को नई दिशा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि भौतिक संसाधन केवल सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं, लेकिन जीवन का वास्तविक सुख आत्मनियंत्रण, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना से प्राप्त होता है। जैन संतों का तपस्वी जीवन समाज को प्रेरणा देता है और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी जैन संतों, साध्वियों और श्रद्धालुओं को नमन करते हुए महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा यह आचार्य पदारोहण महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, साधना और संस्कृति का यह विराट आयोजन पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर बन गया है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-साध्वियों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ धन्य हुआ है और इस आयोजन से पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर पदारोहण उनके ज्ञान, तप, संयम, साधना और समाज के प्रति समर्पित जीवन का सम्मान है। उन्होंने 14 वर्षीय बाल मुनि शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज को भी नमन करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में उनकी अद्भुत स्मरणशक्ति, एकाग्रता और ज्ञान-साधना सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक साथ हजार प्रश्नों को स्मरण रखना और उनका क्रमवार उत्तर देना असाधारण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रायपुर का यह इंडोर स्टेडियम ज्ञान, साधना और अध्यात्म का तीर्थस्थल प्रतीत हो रहा है। जैन संतों ने सदैव अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम का संदेश दिया है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है तथा राज्य सरकार सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ सभी वर्गों के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जैन मुनिगण कठिन तप, उपवास और संयम के माध्यम से समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लंबी पदयात्रा और तपस्या के बाद रायपुर पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इतने बड़े आध्यात्मिक आयोजन में देशभर के संत-साध्वी और श्रद्धालु एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैन संतों का त्याग, तपस्या और अनुशासित जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता है।विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदारोहण का यह आयोजन लोगों को अध्यात्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।

कार्यक्रम में सकल जैन संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल,  विजय बघेल, मती कमलेश जांगड़े,  महेश कश्यप, विधायक  राजेश मूणत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

ओडिशा से राजस्थान जा रहा 1.44 करोड़ का गांजा पकड़ा, नाबालिग सहित 2 तस्कर गिरफ्तार

सक्ती.

जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सक्ती पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ओडिशा से राजस्थान ले जाए जा रहे करीब 209 किलोग्राम गांजा को जब्त करते हुए एक युवक और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई के दौरान गांजा, ट्रेलर, फ्लोर्सपार पाउडर और मोबाइल फोन समेत कुल 1 करोड़ 66 लाख 20 हजार 460 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल तथा एसडीओपी डभरा सुमीत गुप्ता के मार्गदर्शन में चौकी फगुरम और थाना डभरा पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। चौकी फगुरम प्रभारी उप निरीक्षक अनवर अली के नेतृत्व में पुलिस टीम को 17 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रेलर में बड़ी मात्रा में अवैध गांजा भरकर ओडिशा से राजस्थान ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल रणनीति बनाते हुए एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन कर ग्राम बोडासागर स्थित सागर फैमिली ढाबा के सामने खरसिया-डभरा मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध टाटा सिगना ट्रेलर क्रमांक RJ09GC 5216 को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रेलर में रखी 8 प्लास्टिक बोरियों से कुल 40 पैकेट गांजा बरामद किया गया। प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग 5 किलोग्राम था। जब्त गांजा का कुल वजन 208.965 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 44 लाख 48 हजार 250 रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रेलर को भी जब्त कर लिया है, जिसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा ट्रेलर में भरा फ्लोर्सपार पाउडर, जिसकी कीमत 21 लाख 42 हजार 210 रुपये है, तथा आरोपियों के कब्जे से मिले वीवो कंपनी के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य 1 करोड़ 66 लाख 20 हजार 460 रुपये आंका गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा गांजा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के अजमेर जिले के थाना जेवाजा क्षेत्र निवासी अर्पित सिंह (20 वर्ष), पिता रमेश सिंह तथा उसके साथ मौजूद एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 219/2026 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को पकड़ने के लिए जिले में लगातार 26 घंटे तक बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में चौकी फगुरम प्रभारी उप निरीक्षक अनवर अली, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, सहायक उप निरीक्षक हीराराम संवरा, प्रधान आरक्षक टीकम सिंह साव, अश्वनी सिदार, लक्ष्मीनारायण राठौर सहित साइबर सेल और पुलिस बल के अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर

लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी उन्हें भेंट की।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला के छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने, संसदीय मर्यादाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने में उनका योगदान प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि  बिरला के नेतृत्व और मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी। सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। 

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप तथा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई, बिल्डर के निर्माण पर चला बुलडोजर, करोड़ों की जमीन मुक्त

रायपुर.

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपनी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेजबहार फेस-1 कॉलोनी स्थित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। मंडल की टीम ने निजी बिल्डर द्वारा अनधिकृत निर्मित सड़क को हटाकर भूमि को अपने कब्जे में लिया।

अधिकारियों का कहना है कि यह भूमि भविष्य की आवासीय परियोजनाओं के लिए सुरक्षित रखी गई है।
जानकारी के अनुसार, दीनदयाल आवास योजना के तहत कलेक्टर रायपुर के 3 फरवरी 2006 के आदेश के माध्यम से ग्राम सेजबहार और ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (करीब 53.19 एकड़) भूमि गृह निर्माण मंडल को आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए आबंटित की गई थी। इसमें ग्राम सेजबहार के खसरा नंबर 162/1 के हिस्से तथा ग्राम दतरेंगा के खसरा नंबर 341/1 और 341/3 की भूमि शामिल है। इस परियोजना के लिए 17 मई 2006 को विकास अनुज्ञा भी स्वीकृत की गई थी।

1435 एलआईजी आवासों का था प्रस्ताव
स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुल 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण किया जाना था। मंडल द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण और अभिलेखों की जांच में पाया गया कि इनमें से 1327 आवास निर्धारित ले-आउट के अनुरूप बनाए गए थे, जबकि 39 भवन स्वीकृत अभिन्यास से अलग निर्मित किए गए। इस प्रकार कुल 1366 आवासों का निर्माण हुआ।

भूमि विवाद के कारण अधूरी रह गई परियोजना
मंडल के अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान भूमि विवाद उत्पन्न होने के कारण भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका। सातवें चरण के तहत 7 अगस्त 2006 को किए गए अनुबंध क्रमांक-41 में 192 आवासों के निर्माण का प्रावधान था, जिसके अंतर्गत 193 एलआईजी भवन बनाए गए। हालांकि विवादित क्षेत्र में प्रस्तावित 79 आवास न तो निर्मित हो सके और न ही उनका विक्रय किया गया।

सीमांकन में उजागर हुआ अतिक्रमण
हाल ही में गृह निर्माण मंडल ने अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया। इस प्रक्रिया के दौरान यह सामने आया कि एक निजी बिल्डर ने मंडल की भूमि के एक हिस्से पर बिना अनुमति कब्जा कर सड़क का निर्माण शुरू कर दिया था। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

टीम ने हटाई अवैध सड़क
कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप के नेतृत्व में मंडल की टीम मौके पर पहुंची और अवैध रूप से बनाई गई सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई में संपदा अधिकारी अमृत लाल बरमन, सहायक अभियंता हेमंत निषाद, उप अभियंता निकिता मिश्रा, अनुपम राठौर, पेमेन्द्र ध्रुव, अमय विक्रम और कमलेश दास सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

नई आवासीय परियोजना की तैयारी
मंडल के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि उनकी महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है और भविष्य में यहां नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल अपनी भूमि और परिसंपत्तियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बीजापुर विधायक का देर रात छापा, नदी में पकड़ा गया अवैध रेत खनन का खेल

बीजापुर.

मिनगाछल नदी में चल रहे रेत के अवैध कारोबार की जानकारी लगते ही बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी मौके पर पहुंचे. रेत उत्खनन में लगी मशीनों को बंद कराकर विभागीय अधिकारी व नैमेड थाना प्रभारी को मौके पर बुलाकर जब्ती करवाई, साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए निर्देशित किया.

विधायक विक्रम मंडावी की कार्रवाई के बाद अब लोग सवाल कर रहे हैं कि कैसे प्रशासन की नाक के नीचे रात के अंधेरे में देर रात तक रेत का अवैध कारोबार चल रहा था? क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों के संलिप्तता के बिना यह कार्य संभव है? क्या सरकार के किसी नेता के संरक्षण में यह बड़ा खेल चल रहा है? क्या मामले की प्रशासन जांच कर संलिप्त अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई करेगा? या यह पहले की ही तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा. कार्रवाई के दौरान नदी क्षेत्र से टिप्पर, ट्रैक्टर, जेसीबी और अन्य भारी मशीनें जब्त की गईं। जबकि कुछ वाहन चालक और खनन से जुड़े लोग मौके से भागने में सफल रहे। विधायक ने अधिकारियों को अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अवैध खनन पर सख्त रुख
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध रेत खनन को लेकर प्रशासन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। जब्त वाहनों और मशीनों पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सुपोषण वृक्ष–मुनगा’ बनेगा जनआंदोलन, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जनप्रतिनिधियों से किया पौधरोपण का आह्वान

‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’ बनेगा जनआंदोलन

महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने जनप्रतिनिधियों से किया व्यापक पौधरोपण का आह्वान

रायपुर
प्रदेश में कुपोषण की समस्या के समाधान और जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ‘‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’’ के रोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों से वर्षा ऋतु के दौरान बड़े पैमाने पर मुनगा (सहजन) का पौधरोपण कर ‘‘घर-घर मुनगा, हर घर सुपोषण’’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस संबंध में जारी अपने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को सुपोषित बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों एवं हितग्राहियों के घरों में ‘‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’’ लगाने की परिकल्पना की गई है।

उन्होंने बताया कि मुनगा एक अत्यंत पौष्टिक एवं बहुउपयोगी पौधा है, जिसके पत्ते, फलियां और अन्य भाग पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ‘ए’ और विटामिन ‘सी’ सहित अनेक आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के कारण इसे ‘‘मदर ट्री’’ के नाम से भी जाना जाता है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुनगा का नियमित सेवन बच्चों, महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में सहायक है। यह शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ-साथ एनीमिया जैसी समस्याओं की रोकथाम में भी मददगार सिद्ध होता है।

श्रीमती राजवाड़े ने सभी जनप्रतिनिधियों से वर्षा ऋतु में जल स्रोतों के आसपास, ग्राम पंचायत परिसरों, सार्वजनिक स्थलों तथा हितग्राहियों के घरों में मुनगा पौधों का रोपण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। 

उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से संचालित यह अभियान प्रदेश में सुपोषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा तथा लोगों में पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक बनेगा।

उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर ‘‘सुपोषित छत्तीसगढ़’’ के निर्माण में योगदान देने की अपील की है।

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