मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार सृजन, गरीब कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। यह बात प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सीधा प्रसारण रायपुर स्थित एम्स ऑडिटोरियम में देखा गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आज 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। योजना के माध्यम से अब तक 15 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सुशोभा करांदलाजे भी उपस्थित रहीं। योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को एक माह के वेतन के बराबर अधिकतम 15,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नई नियुक्ति पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे उद्योगों और संस्थानों में भर्ती को बढ़ावा मिलेगा।

श्रम मंत्री देवांगन ने कहा कि 99 हजार 446 करोड़ रुपये के कुल व्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे, जिन्हें पहली बार औपचारिक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

मंत्री देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को उद्योग जगत का व्यापक समर्थन मिला है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में रोजगार, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।

लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार नवाचार आधारित योजनाएं लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। उद्योग विभाग को इन संस्थानों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करनी चाहिए। नगरनार और बैलाडीला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में कर्मचारी भविष्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख जयवर्धन इंगले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित अतिथियों ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली से प्रसारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना।

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष की अमर गाथा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा के ग्राम डोंडराही में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यह स्थल अब “बिरसा मुंडा चौक” के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन अन्याय, शोषण और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने जनजातीय अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आज भी जनजातीय समाज सहित पूरे देश को अपने अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु कुल 37 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच निर्माण हेतु 8 लाख रुपये, कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये तथा केशव घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।

जनजातीय विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 6,661 गांव इस योजना में शामिल हैं, जहां सड़क, पेयजल, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना जनजातीय समाज के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने जशपुर को जनजातीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यहां स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों के भीतर पूरा किया है। सरकार गठन के 24 घंटे के भीतर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस भी प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजनाओं से हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

डिजिटल सेवाओं और जनसुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 6,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ हो चुके हैं, जहां आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में प्रत्येक पंचायत में यह सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है, जिसमें शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की सतत निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बकाया बिजली बिलों पर अधिभार पूरी तरह माफ किया जा रहा है। 

कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री  योगेश बापट ने भी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर पद्म जागेश्वर यादव, विधायक मती गोमती साय एवं मती रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष  यशप्रताप सिंह जूदेव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से की चर्चा

रायपुर

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  जे.पी. नड्डा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रियों से टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर व्यापक चर्चा की। छत्तीसगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने भाग लिया और उन्होंने टीबी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। 
        
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कई गांव एवं ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव  विकासशील भी छत्तीसगढ़ से शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के मुख्य सचिव भी शामिल हुए। 
              
नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए हम सभी केन्द्र एवं राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से कार्य कर रहे है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सभी के सहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने टीबी के मरीजों की तेजी से पहचान करने, इलाज में नियमिता, हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मरीजों की जांच एवं ईलाज तथा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। इसी तरह से जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनसहभागिता से कार्य करने पर बल दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिकारी भी शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया स्थल निरीक्षण, कुछ दिनों पहले शुरू हुआ है काम

रायपुर

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है।  साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। 

रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए। 

 साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक मती प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाड़ियों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री  साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त  बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

नियमित एवं कड़ाई से मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने व समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश

रायपुर

 लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज जशपुर जिले में विभाग द्वारा निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों का सतत पर्यवेक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से काम पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 बंसल ने जशपुर में रौनीघाट से बगीचा मार्ग, बगीचा से चराईडांड मार्ग तथा मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित पहुंच मार्ग का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर जोर देते हुए फोरलेन सड़क निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जशपुर से पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और त्वरित गति से निर्माण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विभागीय सचिव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जशपुर और पत्थलगांव में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सड़कों, पुलों तथा भवनों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। कार्यों के निरीक्षण और बैठक के दौरान कलेक्टर  रोहित व्यास, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  व्ही.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता सर्व  बी.एस. बघेल, ज्ञानेश्वर कश्यप और जी.एस. मंडावी सहित जिले के कार्यपालन अभियंता तथा अनुविभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान: छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल

किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान: छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसान हितैषी योजनाओं और कृषि विकास मॉडल का किया अध्ययन

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था की प्रतिनिधिमंडल ने की सराहना

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।

चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे एवं संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुजैन ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुजैन ने की सौजन्य भेंट

रायपुर
 राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुसुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की।

            सुसुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता श्रीमती इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री ने दी बधाई, योग के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के कार्यों के लिए शुभकामनाएं

रायपुर 
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री साय ने संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुलाकात के दौरान योग के संवर्धन तथा प्रदेश में योग संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल : ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान से सुशासन का लाभ पहुंचेगा हर परिवार तक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल : ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान से सुशासन का लाभ पहुंचेगा हर परिवार तक

‘नियद नेल्लानार’ मॉडल का राज्यव्यापी विस्तार: 23 जिलों में 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

तकनीक आधारित निगरानी, विभागीय अभिसरण और जन-केंद्रित सेवा प्रदाय से मजबूत होगा विकसित छत्तीसगढ़ का आधार

जन-जन तक सुशासन, घर-घर तक विकास : ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान होगा प्रारंभ

जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ इसी सोच का विस्तार है।

‘नियद नेल्लानार’ की सफलता से प्रेरित नई पहल

वर्ष 2024 से बस्तर संभाग  में संचालित ‘नियद नेल्लानार’ योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की।

योजना की सफलता को देखते हुए इसे ‘नियद नेल्लानार 2.0’ के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।

यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान अंतर्गत  रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं।

सुशासन से संतृप्ति की ओर

‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।

 ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी।

31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है।

इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य  परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराना है।

CHiPS विकसित करेगा अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था होगी।

छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा एक एकीकृत ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड’ विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड राज्य, संभाग, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति को रियल-टाइम में प्रस्तुत करेगा। डैशबोर्ड पर प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत उपलब्ध रहेगा। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनेगी।

तीन चरणों में होगा अभियान का संचालन

अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा।पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी।

दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

जिला प्रशासन निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

जिला कलेक्टर जिला स्तरीय क्रियान्वयन के प्रमुख अधिकारी होंगे और आधारभूत सर्वेक्षण, शिविरों के आयोजन तथा संतृप्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

संभागायुक्त संभाग स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करेगी।

‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ एक अभिसरण आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए पृथक बजट शीर्ष निर्मित करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभाग अपनी स्वीकृत योजनागत निधियों का उपयोग करेंगे।
इसके अतिरिक्त CSR, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) तथा अन्य संस्थागत स्रोतों के माध्यम से भी आवश्यक संसाधनों का अभिसरण किया जाएगा।

विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में नया अध्याय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’  नागरिक-केंद्रित सुशासन की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के अवसरों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि जब शासन की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जब प्रत्येक पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेगा, तभी सच्चे अर्थों में ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प साकार होगा। यह अभियान प्रदेश में सुशासन के नए मानक स्थापित करते हुए विकास की यात्रा को और अधिक समावेशी, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाएगा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने कार्यों की धीमी गति पर जताई नाराजगी

रायपुर

लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज अपने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास के दौरान लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग, सेतु निर्माण, सड़क एवं भवन निर्माण तथा विद्युत एवं यांत्रिकी के अधिकारियों की बैठक लेकर सड़कों, भवनों व पुल-पुलियों के निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में कलेक्टर मती चंदन संजय त्रिपाठी, वनमण्डलाधिकारी  आलोक बाजपेई और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाते हुए समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा ठेकेदारों के साथ सतत समन्वय बनाकर कार्यों को गति देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित कार्यों की जानकारी लेकर संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी करने तथा ब्लैक-लिस्ट करने के निर्देश दिए।

 बंसल ने बैठक में बलरामपुर-रामानुजगंज-सनावल, कामेश्वरनगर, कपिलदेवपुर, गणेशमोड़, जनकपुर, रमेशपुर-शंकरपुर, चंपा-बाद और कुसमी-कोरंधा मार्ग के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न भवनों के निर्माण और अधोसंरचना परियोजनाओं के साथ ही शासकीय महाविद्यालय भवन के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। शासन की प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को जवाबदेही से कार्य करने तथा गुणवत्ता व समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय राजमार्ग और कंठी घाट का किया निरीक्षण, अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूरा करने कहा

लोक निर्माण विभाग के सचिव  बंसल ने बैठक के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-343 और कंठीघाट में निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 का निरीक्षण करते हुए कहा कि बरसात के पहले नाली निर्माण एवं जल निकासी संबंधी सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कर लें, ताकि वर्षा के दौरान आवागमन बाधित न हो व लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सड़कों और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता तथा सड़क सुरक्षा के मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu