लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कयाघाट ब्रिज और मरीन ड्राइव का किया निरीक्षण

रायपुर

 लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज रायगढ़ में केलो नदी पर निर्माणाधीन कयाघाट ब्रिज और मरीन ड्राइव का निरीक्षण किया। उन्होंने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी तथा विभागीय अधिकारियों से दोनों कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्यों में तेजी लाते हुए इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने रायगढ़ सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे सड़क और भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की पूर्ण उपयोगिता (Functionality) और टिकाऊपन (Sustainability) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।

श्री बंसल ने रायगढ़ जिले में लोक निर्माण विभाग के सभी उप संभागों में प्रगतिरत सड़कों और पुलों की समीक्षा के बाद नवीन भवनों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ट्रांजिट हॉस्टल, मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन, प्रयास आवासीय स्कूल भवन, कामकाजी महिला छात्रावास और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजनाओं की जानकारी लेकर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने को कहा।

रायगढ़ के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के सीईओ अभिजीत बबन पठारे, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे और जी.एस. मंडावी, अधीक्षण अभियंता के.पी. संत, एन.के. लाल और जे.पी. तिग्गा सहित कार्यपालन अभियंता एवं सभी अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

 

पर्यटन के जरिए नई पहचान गढ़ेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।

बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि  पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

रायपुर 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश का असर, सुधरे सोलर पम्प से वनांचल गांवों में लौटी राहत

रायपुर.

शासन की संवेदनशील पहल और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सूरजपुर जिले के अत्यंत दूरस्थ वनांचल ग्राम बेलामी, पंचायत घुईडीह, विकासखंड ओड़गी में देखने को मिला, जहां लंबे समय से प्रभावित सोलर पम्प का सुधार कार्य मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर त्वरित रूप से पूरा कराया गया।

वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए पेयजल और दैनिक उपयोग के पानी की समस्या किसी चुनौती से कम नहीं थी। ऐसे में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल क्रेडा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश के बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर सोलर पम्प का सुधार कार्य पूर्ण किया, जिससे गांव में फिर से पानी की सुविधा सुचारु हो गई। सोलर पम्प के चालू होते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। गांव के लोगों ने इसे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि संवेदनशील जनप्रतिनिधित्व और ग्रामीण हितों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बताया।

क्रेडा विभाग के जिला प्रभारी सुजीत श्रीवास्तव की उपस्थिति में सुधार कार्य सम्पन्न हुआ। इस दौरान विजय प्रजापति सहित अन्य मोहल्लेवासियों ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए उनका लगातार सक्रिय रहना ग्रामीणों में विश्वास और नई उम्मीद जगा रहा है।

रायपुर : लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा

रायपुर.

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग कर तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे।

बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम, नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों में ओआईसी के लिए बनने वाले विश्राम भवन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की भी जानकारी ली। विभागीय सचिव ने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़कों को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर्स के दीवारों और ग्रिल्स का रंग-रोगन कराने को कहा।

जांजगीर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SP ने कई अफसरों के किए तबादले

जांजगीर-चांपा.

पुलिस महकमे की कार्यशैली में कसावट के लिहाज से जांजगीर-चाम्पा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कई अहम तबादले किए हैं. पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चार निरीक्षकों के थानों बदलाव किया गया है.

इसके साथ पांच उपनिरीक्षकों और दो सहायक उप निरीक्षक का तबादला किया गया है. इनमें शिवरीनारायण थाना प्रभारी राजीव श्रीवास्तव को बिर्रा थाना का प्रभार दिया गया है, वहीं बिर्रा थाना प्रभारी जय साहू को यातायात शाखा भेजा गया है.

              इनका किया गया तबादला

  • निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव को थाना प्रभारी शिवरीनारायण से थाना प्रभारी बिर्रा।
  • निरीक्षक जय कुमार साहू को थाना प्रभारी बिर्रा से यातायात शाखा।
  • निरीक्षक कमलेश कुमार शेन्डे को रक्षित जांजगीर से थाना प्रभारी अजाक।
  • निरीक्षक रंजीत सिंह कंवर थाना प्रभारी अजाक से चौकी प्रभारी नैला।
  • उप निरीक्षक कृष्णपाल सिंह थाना प्रभारी बम्हनीडीह को थाना प्रभ्ज्ञारी शिवरीनारायण।
  • उप निरीक्षक दिलीप कुमार सिंह चैकी प्रभारी पंतोरा से थाना प्रभारी बम्हनीडीह।
  • उप निरीक्षक कृष्ण कुार साहू थाना पामगढ़ से चौकी प्रभारी पंतोरा।
  • उप निरीक्षक विनोद कुमार जाटवर थाना अकलतरा को पुसके प्रभारी कोटमी सोनार, थाना अकलतरा।
  • उप निरीक्षक कमलदास बनर्जी को थाना जांजगीर से थाना अकलतरा।
  • सउनि कुष्ण कुमार कोशले रक्षित केंद्र जांजगीर से थाना पामगढ़।
  • सउनि प्रतीभा राठौर को पुसके कोटमी सोनार, थाना अकलतरा से महिला थाना।

राष्ट्रीय पर्वों से गायब रहना शिक्षक को पड़ा महंगा, संयुक्त संचालक ने किया निलंबित

लोरमी/मुंगेली.

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर भी स्कूल से गायब रहना शिक्षक को भारी पड़ गया. कलेक्टर जनदर्शन में मिली ग्रामीणों से शिकायत की जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संयुक्त संचालक ने संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया है.

दरअसल, लोरमी विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, झझपुरी कला में पदस्थ शिक्षक हरेराम साहू के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. कलेक्टर जनदर्शन में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था. जांच दल के प्रतिवेदन में पुष्टि हुई है कि शिक्षक हरेराम साहू न केवल स्कूल समय में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते थे, बल्कि वे स्थानीय पंचायत के कार्यों में भी बेवजह दखलअंदाजी करते थे. यही नहीं वे राष्ट्रीय पर्वों पर भी शाला से नदारद रहते थे.

इस पर मुंगेली जिला शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर ने निलंबन की कार्रवाई की है. निलंबन की इस अवधि में शिक्षक का मुख्यालय लोरमी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नियत किया गया है. इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. इस सख्त कार्रवाई के बाद से इलाके के लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.

खैरागढ़ के दल्लीखोली जंगल में वन्यजीवों की रहस्यमयी मौत, जलस्रोत के पास मिले मोर समेत कई शव

खैरागढ़.

खैरागढ़ जिले के ग्राम दल्लीखोली– लछना के जंगल से सामने आए एक भयावह घटनाक्रम ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जंगल के भीतर स्थित एक जलस्रोत के आसपास बड़ी संख्या में पक्षियों और जंगली जानवरों के शव मिलने से वन विभाग सहित वन्यजीव प्रेमियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। जानकारी के अनुसार, वन्यजीव एवं प्रकृति प्रेमी मुकेश वर्मा दोपहर के समय बर्ड वॉचिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए दल्लीखोली के जंगल पहुंचे थे। जंगल के भीतर भ्रमण के दौरान उन्हें सबसे पहले एक ग्रेटर रैकेट- टेल्ड ड्रॉन्गो मृत अवस्था में दिखाई दिया। जब उन्होंने आसपास का क्षेत्र देखा तो वे स्तब्ध रह गए। जलस्रोत के किनारे कई पक्षी और वन्यजीव मृत पड़े थे।

मुकेश वर्मा ने घटनास्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। वायरल वीडियो में एक नर मोर, दो मादा मोर, तीन एशियन पाम सिवेट सहित कई दुर्लभ पक्षियों के शव दिखाई दे रहे हैं। इनमें रुफस ट्रीपाई, ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन और जंगल आउलेट जैसे पक्षियों भी मृत मिलने की बात सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है। कि एक ही स्थान पर इतने अलग-अलग वन्यजीवों की मौत आखिर कैसे हुई।

मुकेश वर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आशंका जताई है कि जंगल के जलस्रोत में किसी जहरीले रसायन या पदार्थ को मिलाया गया हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि दूषित पानी पीने के बाद इन बेजुबान वन्यजीवों की मौत हुई होगी हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हो गई है। विभाग द्वारा घटनास्थल से पानी और अन्य नमूनों को जांच के लिए संग्रहित किया गया है। मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी भी की जा रही है. ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

BSP से 100 टन लोहा चोरी का खुलासा, चार आरोपी हिरासत में; ट्रांसपोर्टर फरार

भिलाई नगर.

पुरानी भिलाई थाना अंतर्गत हथखोज के एक यार्ड में पुलिस की दबिश में भिलाई इस्पात संयंत्र से करोड़ों रुपए के लोहे चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। रात में पुलिस ने खुर्सीपार निवासी में संजय सिंह के घर में दबिश दी, लेकिन वह फरार बताया गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस चार लोगों से पूछताछ कर रही है।

चोरी के लोहा के खेल में अभी भले ही ट्रांसपोर्टर संजय सिंह का नाम आया हो, लेकिन इस चोरी का असली मास्टर माइंड कौन है इसका खुलासा पूरी जांच के बाद ही होगा। पुलिस ने मौके पर एक ट्रक, दो हाइवा, एक जेसीबी व एक क्रेन व सैकडो ‘टन लोहा बरामद किया है। क्राइम डीएसपी यदुमणि सिदार ने बताया कि मंगलवार की शाम 5 बजे गुप्त सूचना मिली कि पुरानी भिलाई थाना अंतर्गत एके ट्रेडर्स यार्ड में बड़े पैमाने पर बीएसपी से चोरी का लोहा डंप किया जा रहा है। सूचना पर शहर एएसपी सुखनंदन राठौर, छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा, पुरानी भिलाई टीआई अंबर सिंह व पुलिस स्टॉफ ने दबिश दी। जहां पर हाइवा में लोड सैकड़ों की संख्या में बीएसपी से चोरी का लोहा, जेसीबी, केन, ट्रक व हाइवा मिला।

मौके पर मिले ड्राइवरों से पूछताछ में पता चला कि यार्ड चलाने वाला कोई संजय सिंह है। पूरी जांच और पूछताछ के बाद पुलिस की टीम ने देर रात खुर्सीपार स्थित उसके निवास पर दबिश दी, जहां संजय सिंह नहीं मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि संजय को पुलिस के आने की भनक लग गई होगी तो वह फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस चोरी के मामले में और कौन-कौन संलिप्त है।

नौतपा की भीषण गर्मी का असर, रोज 500 चमगादड़ों की मौत से मचा हड़कंप

बालोद.

बालोद जिले के सबसे बड़े नगर पालिका दल्लीराजहरा में नौतपा के दौरान बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास लगे पेड़ों में रहने वाले 400 से 500 चमगादड़ों की रोजाना मौत हो रही है. मरने वाले चमगादड़ों की संख्या इतनी ज्यादा है कि पालिका का अमला उठाने में नाकाम है, जिसकी वजह से मृत पक्षियों से उठने वाली बदबू से लोग परेशान हो चुके हैं.

नगर में इन दिनों दोपहर में तापमान 40 से 45 डिग्री तक बना रहता है. इस गर्मी से बचने के लिए इंसान को अपने लिए एसी-कूलर की व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन मूक जानवरों के पास मौत के अलावा कोई चारा नहीं है. जिसका नजारा रोज बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास देखने को मिल रहा है. ऐसे में तापमान हाई होने के चलाते रोज चमगादड़ों की मौत हो रही है. रोज लाखों चमगादड़ों में से 400 से 500 चमगादड़ों की मौत हो रही है, जिससे आस-पास के एरिया में रहे वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है. मौत के बाद चमगादड़ों से आने वाली बदबू से लोग काफी परेशान हैं.

हालांकि, पालिका अपने कर्मचारियों को भेजकर मृत चमगादड़ों को उठा ने का प्रयास तो कर रही है, लेकिन सैकड़ों मृत चमगादड़ वहीं छूट जा रहे है, जिससे उसने उठने वाली बदबू से आस-पास के लोगों के साथ रोड़ से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या का समाधान करने में बीएसपी भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है.
पर्यावरण संरक्षणकर्ताओं की माने तो लगातार बढ़ रहे तापमान और पेड़ों की कटाई के चलते वन्य जीवों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है. पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चमगादड़ पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये किट नियंत्रण और परागण में मदद करते है. इतनी बड़ी संख्या में इनकी मौत होना चिंताजनक है. 

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