जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

हर घर शुद्ध जल सुनिश्चित करने के लिए पंचायतों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी, होगा सोशल ऑडिट

रायपुर,
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता और सुचारू संचालन को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के अधिकारियों के साथ संचालन एवं रखरखाव नीति पर व्यापक चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

पंचायतों को हस्तांतरित होगी व्यवस्था

         बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में निर्मित सभी नल-जल योजनाओं का सफल संचालन शासन के निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण घरों में प्रतिदिन नल से शुद्ध जल मिले, इसके लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की जाए। पेयजल योजनाओं की संस्थागत व्यवस्था को पूरी तरह से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाएगा, जिसके लिए पंचायतों को हर आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। इन योजनाओं का रखरखाव ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से होगा, जिससे जन-सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

सोशल ऑडिट और ग्राम सभाओं में चर्चा अनिवार्य

         पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि योजनाओं का सही संचालन और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति जांचने के लिए सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) कराया जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक गाँव की ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति के मुद्दे पर अनिवार्य रूप से चर्चा सुनिश्चित की जाए।

वाटर मीटर लगाने और वित्तीय प्रबंधन पर विचार

       बैठक के दौरान योजना के दीर्घकालिक क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से मंथन हुआ। योजनाओं के रखरखाव के लिए बजट प्रबंधन और उचित जल शुल्क निर्धारण पर चर्चा हुई। जल की बर्बादी (क्षति) को कम करने और बेहतर राजस्व प्राप्ति के लिए भविष्य में बजट प्रावधानों के अनुसार वाटर मीटर लगाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। पेयजल की गुणवत्ता का मूल्यांकन, विभिन्न स्तरों पर मॉनिटरिंग व्यवस्था, अनुपालन और सामुदायिक भागीदारी लेखा परीक्षा को लेकर अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।

       बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ नीति के प्रारूप और उसके विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित जल जीवन मिशन, पीएचई और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Bhilai Steel Plant में बड़ा हादसा, 50 फीट नीचे गिरा क्रेन का केबिन; ऑपरेटर गंभीर घायल

दुर्ग.

भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस एरिया में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। ब्लास्ट फर्नेस के रॉ मैटेरियल एरिया में संचालित ओवर ब्रिज क्रेन नंबर-4 का केबिन अचानक टूटकर 50 फीट नीचे गिर गया। हादसे में क्रेन ऑपरेटर ठेका मजदूर रविंद्र चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया।

केबिन नीचे गिरते समय बीच में स्टील बीम से टकराता हुआ नीचे पहुंचा। इसी वजह से वह सीधे जमीन पर नहीं गिरा, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, केबिन के भीतर बैठे ऑपरेटर को अंदरूनी चोटें आई हैं।
हादसे के तुरंत बाद घायल रविंद्र चौधरी को मेन मेडिकल पोस्ट ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर निगरानी में रखा है। हादसे की सूचना मिलते ही बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि संबंधित ओवर ब्रिज क्रेन का महज चार दिन पहले ही सेफ्टी इंस्पेक्शन करने के बाद संचालन के लिए सुरक्षित घोषित किया गया था। इसके बावजूद केबिन का टूटकर गिर जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब यह जांच का विषय होगा कि हादसा तकनीकी खराबी, रखरखाव में लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुआ।

CG High Court: ऑयल कंपनी का अनुबंध रद्द करना सही, लेकिन देरी पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना

बिलासपुर.

हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) द्वारा एक महिला आवेदक का प्रारंभिक अनुबंध रद्द करने के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि ऑयल कंपनियों के नीतिगत नियमों के अनुसार राष्ट्रीय या राजकीय राजमार्गों पर ग्रामीण श्रेणी के रिटेल आउटलेट नहीं खोले जा सकते।

हालांकि, अधिकारियों की लापरवाही और देर से की गई जांच के कारण महिला को हुई मानसिक व आर्थिक परेशानी के लिए कोर्ट ने कंपनी पर 1 लाख रुपये का हर्जाना देने के निर्देश भी दिए हैं। एचपीसीएल ने 14 दिसंबर 2018 को छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रिटेल आउटलेट डीलरशिप के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ता अनंता चौधरी ने सरायपाली-पदमपुर रोड स्थित ग्राम नवागांव के खसरा नंबर 339/1 की जमीन का प्रस्ताव देकर ”ओपन” कैटेगरी में आवेदन किया। स्क्रूटनी और मौका मुआयना के बाद कंपनी ने 29 दिसंबर 2020 को उनके पक्ष में लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिया। आशय पत्र मिलने के बाद महिला ने सुरक्षा निधि के रूप में 5 लाख और 3.60 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट जमा किए। इसके अलावा जिला कलेक्टर से एनओसी ली, जमीन का सीमांकन कराया, बैंक से लोन लेकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया और बिजली का ट्रांसफार्मर भी लगवा लिया।

पंप शुरू होने के ठीक पहले रद्द किया अनुबंध
कंपनी ने पेट्रोल पंप शुरू होने ही वाला था कि 31 दिसंबर 2021 को कंपनी ने उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा कि उनकी जमीन स्टेट हाईवे नंबर 16 पर स्थित है। महिला ने जवाब में कहा कि जमीन ग्रामीण क्षेत्र के भीतर ही आती है। लेकिन कंपनी ने उनके जवाब को अमान्य करते हुए 1 फरवरी 2022 को उनका आशय पत्र निरस्त कर दिया और उनके ड्राफ्ट वापस कर दिए। इसके खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

डीलर सिलेक्शन गाइडलाइंस का दिया हवाला
एचपीसीएल की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि ”डीलर सिलेक्शन गाइडलाइंस” के अनुसार, ग्रामीण पेट्रोल पंप कभी भी नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, एक्सप्रेस वे या नगर पालिका सीमा के भीतर नहीं खोले जा सकते। तेल कंपनी ने कहा, याचिकाकर्ता की जमीन स्टेट हाईवे-16 पर पाई गई। शुरुआती दौर में यह तथ्य सामने नहीं आ पाया था, इसलिए एलओआई रद्द करना पड़ा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि नियमों के खिलाफ जाकर पेट्रोल पंप बहाल करने का आदेश नहीं दिया जा सकता, इसलिए एलओआई रद्द करने का फैसला कानूनी रूप से सही है। लेकिन कंपनी की लेटलतीफी को अनुचित पाकर जुर्माना भी किया।

Bastar News: अंतिम चरण में गोंचा महापर्व की तैयारियां, उत्सव को लेकर बढ़ा उत्साह

बस्तर.

बस्तर में ऐतिहासिक गोंचा महापर्व की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं. सदियों पुरानी परंपरा को सहेजे यह महापर्व एक बार फिर पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में रंगने जा रहा है. चंदन यात्रा की रस्म के साथ पर्व का विधिवत शुभारंभ हो चुका है.

सिरहासार भवन परिसर में करीब 32 फीट ऊंचे विशाल रथ का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. रथ के चारों पहिए तैयार हो चुके हैं और कारीगर अंतिम स्वरूप देने में जुटे हैं. श्री जगन्नाथ मंदिर और सिरहासार भवन में रंग-रोगन व सजावट का कार्य जारी है. 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ का नेत्रोत्सव मनाया जाएगा. 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ यात्रा के साथ सिरहासार भवन पहुंचेंगे..इसके बाद नौ दिनों तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे. लगभग 619 वर्षों से मनाया जा रहा यह पर्व बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है. रियासतकाल से चली आ रही इस परंपरा का आज भी वैभव बरकरार है. प्रदेश सहित देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस आयोजन के साक्षी बनते हैं. गोंचा पर्व एक बार फिर बस्तर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा.

रथयात्रा के लिए श्रद्धालुओं को रेलवे का तोहफा
बस्तर.
पुरी रथयात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है. जगदलपुर और पुरी के बीच विशेष ट्रेन सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है. यह सुविधा रथयात्रा के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उपलब्ध कराई जा रही है. 15 और 23 जुलाई को विशेष ट्रेन जगदलपुर से पुरी के लिए रवाना होगी. वहीं 16 और 24 जुलाई को वापसी में पुरी से जगदलपुर के लिए संचालित की जाएगी. ट्रेन कोरापुट, रायगढ़ा, विजयनगरम, श्रीकाकुलम रोड, ब्रह्मपुर और खुर्दा रोड सहित प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी. कुल 12 कोच वाली इस ट्रेन में जनरल और स्लीपर दोनों वर्ग की सुविधा उपलब्ध रहेगी. दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान रखा गया है. रेलवे का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है. हर वर्ष बड़ी संख्या में बस्तर से श्रद्धालु पुरी रथयात्रा में शामिल होने जाते हैं. ऐसे में यह विशेष ट्रेन धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगी. यात्रियों से यात्रा से पहले आरक्षण और समय सारिणी की जानकारी लेने की अपील की गई है. रेल सुविधा से इस बार रथयात्रा का सफर और अधिक सहज होने की उम्मीद है.

CG Politics: CM साय आज BJP की अहम बैठक में होंगे शामिल, डिप्टी CM साव का बेमेतरा दौरा

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज भाजपा प्रदेश कार्यालय के लिए रवाना होंगे. यहां आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में वे शामिल हो रहे हैं. यह बैठक करीब दो घंटे तक चलेगी, जिसमें संगठन और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा होने की संभावना है. बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री अपने निवास लौट आएंगे.

करीब दो घंटे चलेगी बैठक
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित यह बैठक लगभग दो घंटे तक चलेगी। इसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और वर्तमान राजनीतिक व प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रमुख नेता भी मौजूद रहेंगे।

बैठक के बाद निवास लौटेंगे मुख्यमंत्री
प्रदेश स्तरीय बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने सरकारी निवास लौट जाएंगे। इस बैठक को संगठन और सरकार के समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बेमेतरा दौरा
रायपुर. उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज बेमेतरा जिले के दौरे पर रहेंगे. वे रायपुर से रवाना होकर जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. सभी कार्यक्रमों के बाद वे दोपहर 3 बजे बेमेतरा से रायपुर लौटेंगे.

CG Jobs 2026: छत्तीसगढ़ में 1000+ पदों पर होगी भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

दुर्ग.

अगर आप भी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका बन सकता है. दुर्ग जिले में शुक्रवार को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय नया भवन परिसर में रोजगार मेला लगने वाला है. इसमें 1000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग कंपनियां आएंगी. इस रोजगार मेले में 10वीं पास भी शामिल हो सकते हैं.  

रोजगार मेले में अब तक 15 कंपनियां शामिल होंगी. 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम, डिप्लोमा पैरामेडिकल सहित अन्य योग्यताधारी अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं. इच्छुक उम्मीदवार रोजगार विभाग की वेबसाइट www.erojgar.cg.gov.in या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए रोजगार पंजीयन अनिवार्य होगा.

बालोद में भी लगेगा प्लेसमेंट कैंप
बालोद में आज शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, गुण्डरदेही में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा. इस रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर, स्नातक, स्नातकोत्तर, पीजीडीसीए, बीएससी नर्सिंग, मेडिकल कोर्स सहित अन्य योग्यताधारी अभ्यर्थियों के लिए तीन निजी कंपनियों द्वारा कुल 851 तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती की जाएगी. इनमें एसआर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, दुर्ग में 575 पद, सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरिटी सर्विसेस, भिलाई में 206 पद और पुस्कल एग्रोटेक लिमिटेड, रायपुर में 70 पदों पर भर्ती की जाएगी. विभाग ने बताया कि भर्ती से संबंधित रिक्तियों और अन्य जानकारी रोजगार विभाग की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है. अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग से संपर्क कर सकते हैं.

सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन

11 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री साय ने दी नए आवास की चाबी

रायपुर,
रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण होने तथा ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों से संबंधित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 लाख आवास पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 हितग्राहियों को उनके नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान कर सम्मानित किया तथा “मोर गांव मोर पानी “महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया।

       उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गठन के तुरंत बाद अपनी प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का निर्णय लिया था। इसके बाद निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से विगत वित्तीय वर्ष में लगभग 6 लाख आवास पूर्ण किए गए, जो एक वर्ष में देश में सर्वाधिक आवास पूर्ण करने की उपलब्धि है। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई) में ही 1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। अर्थात प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं।

        कार्यक्रम में ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यो पर एक पुस्तिका विमोचित की गई। उल्लेखनीय है कि यह महाअभियान 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया गया था। जनभागीदारी आधारित इस अभियान के अंतर्गत पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा एवं वर्तमान वीबी- जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत आजीविका डबरी, नवा तरिया, कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण, भूजल संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी जा रही है।

         कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा  सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

माननीय उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मनोकामना रथ को हरी झंडी दिखाकर किया जोहार जगन्नाथ कार्यक्रम का शुभारंभ

माननीय उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मनोकामना रथ को हरी झंडी दिखाकर किया जोहार जगन्नाथ कार्यक्रम का शुभारंभ

रायपुर 

भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा के शुभ अवसर पर कोतवाली चौक स्थित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स प्रा. लि. (ए.टी. पैलेस) में आयोजित “जोहार जगन्नाथ” कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के माननीय उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा भगवान जगन्नाथ के मनोकामना रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि “जोहार जगन्नाथ” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ की भक्ति, आस्था और सेवा का पावन अभियान है। उन्होंने कहा कि मनोकामना रथ के माध्यम से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएँ प्रभु के श्रीचरणों तक पहुँचेंगी तथा जगन्नाथ पुरी धाम से लाया गया पावन महाप्रसाद जन-जन तक पहुँचेगा।

उन्होंने भगवान जगन्नाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक एकता से जोड़ने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया, डायरेक्टर नितिन बरड़िया एवं निकेश बरड़िया सहित बरड़िया परिवार एवं संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

ए.टी. पैलेस में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की भव्य स्थापना, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ पूजन

ए.टी. पैलेस में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की भव्य स्थापना, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ पूजन

रायपुर 

भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा के शुभ अवसर पर अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स प्रा. लि. (ए.टी. पैलेस), कोतवाली चौक के प्रांगण में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की भव्य प्रतिमाओं की स्थापना वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुई।

इस पावन अनुष्ठान में चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मंजू बरड़िया, समस्त बरड़िया परिवार तथा अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना, महाआरती एवं पुष्पांजलि अर्पित कर भगवान जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विगत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ के दिव्य दरबार को आकर्षक पुष्प एवं पारंपरिक सज्जा से अलंकृत किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया ने बताया गया कि 09 से 16 जुलाई तक श्रद्धालु ए.टी. पैलेस में भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएँ लिख सकेंगे। इन मनोकामनाओं को जगन्नाथ पुरी धाम में समर्पित किया जाएगा तथा प्रतिदिन पुरी धाम से लाए गए पावन महाप्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।

नारायणपुर जिला प्रशासन की अनूठी पहल- दुर्गम वनांचल गांवों तक ट्रैक्टर से पहुंचाया गया

रायपुर

 छत्तीसगढ़ के दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न और पोषण सामग्री पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष रणनीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश है कि राज्य के पहुच विहीन क्षेत्रों में वर्षा व भौगोलिक बाधाओं को पार करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर राशन दुकानें खोलना, ट्रैक्टर के माध्यम से डोर-स्टेप डिलीवरी और मॉनसून से पहले तीन महीने का अग्रिम राशन भंडारण करने के निेर्दश दिए हैं।        

मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक विशेष और सराहनीय पहल की है। बारिश के मौसम और कठिन रास्तों को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैक्टरों के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक तीन माह का खाद्यान्न सुरक्षित पहुंचाया है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित छह गांवों मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल के राशनकार्डधारी हितग्राहियों को जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह का राशन एक साथ वितरित किया गया।

6 गांवों के 151 परिवारों को मिला ला      

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम क्षेत्रों में बसे कुल 151 राशनकार्डधारी परिवारों को उनकी निर्धारित मात्रा में तीन महीने का खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। लाभान्वित गांवों और परिवारों में मुरुमवाड़ा के 98 परिवार, दिवालूर के 32 परिवार, गुडेकोर के 13 परिवार, धोबे के 03 परिवार, हरबेल के 03 परिवार, बोटेर के 02 परिवार शामिल हैं।

बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को दी मात       

इन वनांचल गांव घने जंगलों, कच्चे रास्तों और नदी-नालों से घिरे होने के कारण सामान्य दिनों में भी परिवहन के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को राशन के लिए कई किलोमीटर की पैदल और जोखिमभरी यात्रा करनी पड़ती थी। इस समस्या को भांपते हुए जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान राशन सामग्री को सीधे ट्रैक्टर के जरिए गांवों तक भिजवाया, जिससे ग्रामीणों को अपने घर के पास ही राशन मिल गया।

बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को मिली बड़ी राहत

खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में अत्यंत पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई। गांव में ही राशन मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पहल से उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों के लिए यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं रही, क्योंकि उन्हें अब राशन के लिए कठिन रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ा।

अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य 

इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। इसके लिए दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था की कार्ययोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रशासन की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि भौगोलिक कठिनाइयां भी जनता तक उनका हक पहुंचाने में बाधा नहीं बन सकतीं।

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