मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल: तुएगोंदी के आदिवासी समाज की माँग हुई पूर्ण, उल्लास के साथ हुआ पारंपरिक अनुष्ठान

रायपुर

बालोद जिले में स्थित जामड़ी पाट में आज का दिन आदिवासी समाज के लिए बेहद ऐतिहासिक और हर्षोल्लास से भरा रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की त्वरित और संवेदनशील पहल के परिणामस्वरूप, आदिवासी समाज की यहाँ पारंपरिक अनुष्ठान करने की माँग आखिरकार पूरी हो गई है। इस सुखद निर्णय के बाद, आज समाज के लोगों ने अपनी गौरवशाली परंपरा जामड़ी पाट में पूजा और रीति-रिवाजों के अनुरूप जलकैना में भव्य अनुष्ठान संपन्न किया।
      
विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी समाज के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने जामड़ी पाट में पारम्परिक देवता की अर्चना तथा वहाॅ स्थित जलकैना में अपनी पारंपरिक अनुष्ठान की अनुमति को लेकर लंबे समय से चली आ रही माँग रखी थी। समाज की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए, मुख्यमंत्री ने अविलंब जिला प्रशासन बालोद को आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय के आदेशों का पालन करते हुए बालोद जिला प्रशासन की देखरेख में आज जामड़ी पाट में अनुष्ठान का कार्य शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

जलकैना (कुंड) में आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार देव-आराधना की। इस दौरान समाज के लोगों में सकारात्मक उत्साह का भाव देखा गया, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल की आदिवासी समाज ने सराहना भी की है। यह निर्णय केवल एक अनुष्ठान की अनुमति तक सीमित नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की मूल सांस्कृतिक धरोहरों, परंपराओं और उनकी धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

 

उप मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

रायपुर

उप मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

संवेदनशील जनसेवा और त्वरित समाधान की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने दिव्यांग हितग्राही की मांग को केवल सुना ही नहीं, बल्कि एक दिन के भीतर पूरा भी कराया। ग्राम लाड़नपुर निवासी दिव्यांग श्री जीवराखन पटेल ने आवागमन और रोजगार में हो रही कठिनाइयों को लेकर स्कूटी की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई। आज कवर्धा विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री ने जीवराखन पटेल को स्कूटी प्रदान की।

*नेऊरगांव खुर्द में हुई मुलाकात, अगले दिन समाधान*    

कबीरधाम जिले के ग्राम नेऊरगांव खुर्द में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम लाड़नपुर निवासी दिव्यांग श्री जीवराखन पटेल ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से मुलाकात कर आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़े कार्यों में सुविधा के लिए सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश। उनकी संवेदनशील पहल का परिणाम रहा कि सिर्फ एक दिन के भीतर जीवराखन पटेल को विधायक कार्यालय, कवर्धा में स्कूटी प्रदान कर दी गई।

*आवागमन के साथ व्यवसाय बढ़ाने में मिलेगी मदद*         

स्कूटी प्राप्त करने के बाद जीवराखन पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने घर के लिए एक छोटी फोटो फ्रेमिंग की दुकान संचालित करते हैं। अब स्कूटी मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूटी का उपयोग करते समय यातायात नियमों का पालन, अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने और हेलमेट का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी।    

 कार्यक्रम में तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा हमेशा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं। जनदर्शन के माध्यम से लोगों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंबिकापुर में होगा राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम

रायपुर

 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को अंबिकापुर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड में राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रातः 6 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, विभिन्न आयोगों एवं मंडलों के पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) निर्धारित की गई है। कार्यक्रम का आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागी सामूहिक योगाभ्यास करेंगे तथा योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जनस्वास्थ्य और जनजागरूकता का महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए कहा है कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो आज पूरी दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखा रही है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न संस्थाओं, शैक्षणिक परिसरों, शासकीय कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही योग के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक लाभों के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। योग विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ जीवनशैली में योग की भूमिका पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी 9.65 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के 9 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों की कुल लागत 9 करोड़ 65 करोड़ रुपये है, जिसमें 4 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सुविधाएं, अवसर और समृद्धि लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, विद्युत, स्वच्छता और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

6.74 करोड़ रुपये के 4 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन

मुख्यमंत्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कुल 6 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 31.68 लाख रुपये की लागत से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 10 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत पगुराबहार के बेहराटोली में भजनो घर के पास पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया।

इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 220.82 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत चराईडांड़ के मलेरिया बस्ती से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 तक 2 किलोमीटर पहुंच मार्ग निर्माण तथा 412.48 लाख रुपये की लागत से घासीमुंडा से कोरवाटोली (ग्राम पंचायत कोहपानी) तक 3.10 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया।

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों की आवागमन सुविधा बेहतर होगी तथा सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

2.90 करोड़ रुपये के 5 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने कुल 2 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें ग्राम पंचायत जोकबहला के हरिजन बस्ती पहुंच मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत जोकारी में मधेश्वर महादेव पहाड़ मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत डोडापानी के डुमरटोली बस्ती में सीसी रोड निर्माण तथा ग्राम पंचायत हेठघींचा में उपरघींचा से घुड़ाजोर मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं।

कुडूकेला विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधा

लोकार्पण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 2.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 33/11 केवी, 3.15 एमवीए विद्युत उपकेंद्र कुडूकेला का भी लोकार्पण किया।

इस विद्युत उपकेंद्र के प्रारंभ होने से जामटोली, गड़बहार, टुकूपानी, बरटोली, पंडरा, सुखापोखर, जामचुवां, कुडूकेला, सरडीह, गिनाबहार, टोप्पो बागान, रेंगारघाट, सियावर चौक, चटकपुर, बेने, बासनटोली, कुहूमुड़ा, भेलवाटोली तथा नवापारा सहित अनेक गांवों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी।

इससे क्षेत्र के कृषि कार्यों, घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे विकास कार्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

जशपुर वनमण्डल ने रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

रायपुर 

 पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में जशपुर वनमण्डल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार एवं रोपण का कार्य संपादित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुखमती सोनल राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। वनमण्डल की ओर से यह प्रमाण-पत्र वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वनमण्डल, वन विभाग तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जशपुर में संचालित “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब शासन, प्रशासन और समाज किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित आवरण में वृद्धि के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।

अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसमें देखने को मिली व्यापक जनसहभागिता रही। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। हजारों लोगों के सहयोग से यह अभियान एक जनआंदोलन के रूप में विकसित हुआ और एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

इस उपलब्धि ने जशपुर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। साथ ही यह सिद्ध किया है कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

रायपुर

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सलियाटोली में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए और किसानों के साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की समृद्धि का आधार किसान हैं और किसानों की उन्नति के बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बनी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि और धरती माता का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इस अभियान से जुड़ने तथा अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में 490 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। यह सहायता खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों के लिए महत्वपूर्ण संबल सिद्ध होगी, जिससे उन्हें खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अन्नदाता की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का संचार हुआ है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने वाली देश की सबसे सफल योजनाओं में से एक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, कृषक उन्नति योजना सहित अनेक किसान हितैषी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि खरीफ सीजन के प्रारंभ में मिली यह राशि खेती की तैयारी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। किसानों ने बताया कि इस सहायता से खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की खरीद में सुविधा मिलेगी तथा खेती के कार्यों को समय पर गति मिलेगी।

किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों से कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूती मिल रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है।

कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बेहतर बाजार व्यवस्था और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दे रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें कृषि उद्यमिता और मूल्य आधारित कृषि से जोड़ना है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार है।

इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ड्रोन दीदी अभियान से कृषि क्षेत्र में तकनीक और मातृशक्ति का होगा सशक्त संगम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर

 कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘ड्रोन दीदी अभियान’ अंतर्गत महिला कृषकों का 5 सदस्यीय दल ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रायपुर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है और ड्रोन तकनीक खेती-किसानी को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने गांवों और क्षेत्रों के अन्य किसानों को भी नई तकनीकों से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

खेती को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय में अधिक सटीकता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे समय, श्रम और लागत की बचत होने के साथ-साथ कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन जैसी नवीन तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और लाभकारी बन रही है।

महिलाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार का अवसर

ड्रोन दीदी अभियान के अंतर्गत महिला किसानों को ड्रोन संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी।

इस पहल से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा। प्रशिक्षित महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ग्रामीण विकास और विकसित कृषि व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। ड्रोन दीदी अभियान महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। यह पहल ‘तकनीक से सशक्त महिला, समृद्ध किसान और विकसित कृषि’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता समेत तीन की हत्या के 4 आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण

बैकुंठपुर.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर स्थानीय नेता सहित तीन लोगों को 16 जून की काली रात को कार के भीतर पेट्रोल डालकर जिंदा फूंक देने वाले जघन्य व रूह कंपा देने वाले नरसंहार मामले में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है।

कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक स्थित नौगई गांव में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले में चार आरोपितों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं, घटना के बाद कोरिया पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं एक आरोपित अब भी फरार बताया जा रहा है.

पुलिस का दावा है कि, जल्द से जल्द फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि, नौगई हत्याकांड मामले में कुल 9 आरोपियों को चिन्हित किया गया था. जिसमें से चार आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। शनिवार को मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं एक आरोपित फरार है, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

तीन लोगों को जलाकर की हत्या
गौरतलब है कि 16 जून की रात भाजपा नेता समेत तीन लोगों को कार में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भाजपा से जुड़े नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपित की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में अब भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को लेकर जागरूकता अभियान जारी, नुक्कड़ नाटक से किसानों को बताए फायदे

बलौदा बाजार.

किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष किसान जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग, लाभ तथा वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी जा रही है।

साथ ही इन उर्वरकों को लेकर किसानों के बीच फैली भ्रांतियों, अफवाहों और आशंकाओं को दूर करने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की 50 सहकारी समितियों को चिन्हित कर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में आकर्षक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के फायदे और उपयोग की जानकारी सरल भाषा में समझाई जा रही है।

नुक्कड़ नाटक के बाद विशेषज्ञ दे रहे तकनीकी जानकारी
अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी और ग्राम कृषि विशेषज्ञ किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों की जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा मौके पर किया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल वॉल पेंटिंग, पोस्टर और पाम्पलेट के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को व्यक्तिगत रूप से पाम्पलेट वितरित कर नैनो उर्वरकों के उपयोग की विधि, लाभ और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

किसानों ने बताया लाभकारी पहल
ग्राम ओडान के किसान भोज राम वर्मा ने बताया कि उन्हें पहले नैनो यूरिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें सही और उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि उनके मन में मौजूद कई सवालों का जवाब विशेषज्ञों ने दिया, जिससे उनकी शंकाएं दूर हुईं। भोज राम वर्मा ने कहा कि अब तक वे केवल पारंपरिक यूरिया का उपयोग करते थे, लेकिन इस बार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग करेंगे। वहीं ग्राम वटगन के किसान सुभाष वर्मा ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। इससे किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिनसे वे अक्सर अनजान रहते हैं। उन्होंने इस पहल के लिए कलेक्टर कुलदीप शर्मा का आभार भी व्यक्त किया।

वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की पहल
जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को लेकर फैले भ्रम और आशंकाओं को दूर कर उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रशासन का मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि कर सकते हैं। “जागरूक होगा किसान – उन्नत होगी खेती” के संकल्प के साथ यह अभियान जिले में लगातार संचालित किया जा रहा है।

इन 50 सहकारी समितियों में चल रहा अभियान
जिले की चयनित 50 सहकारी समितियों में यह विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इनमें लवन, तिल्दा, अहिल्दा, सरखोर, बम्हनपुरी, रिसदा, खम्हरिया, सेमराडीह, रसेड़ा, डमरू, कसडोल, छरछेद, कटगी, सेल, अमोदी, हंसुवा, टुंड्रा, सोनाखान, गिरौद, चिखली, कुम्हारी, खपराडीह, सुहेला, सकलोर, भटभेरा, रावन, बिटकुली, जांगड़ा, दावनबोड़, हथबंद, अर्जुनी, गोढ़ी (टी), मिरगी, खोखली, तरेंगा-भाटापारा, केसला, खैरा, मोपका, लेवई, निपनिया, गिर्रा, कोदवा, जर्वे, ओडान, वटगन, कोसमंदी, अमेरा, कोनारी, लच्छनपुर और रोहांसी शामिल हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

रायपुर. 
भारत में प्राचीन काल से ही योग हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों ने योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अमूल्य धरोहर आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुकी है। इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की, जो आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। यह थीम योग के माध्यम से जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश देती है। योग न केवल रोगों से बचाव का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की आधारशिला भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में योग आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को स्वस्थ बनाकर परिवार समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बनता है इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है जहां प्रधानमंत्री स्वयं योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे। 

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह अंबिकापुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे और प्रदेशवासियों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संवर्धन और जनजागरूकता अभियानों में योग को विशेष महत्व दे रही है। 

प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में योग का संदेश लोगों के जीवन से सहज रूप से जुड़ता है। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली योग के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करती है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय संस्थानों में नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।

वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शरीर को निरोग, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है। यह व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। आइए, योग के माध्यम से स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।

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