कृषि उत्पादन आयुक्त परदेशी ने किया कृषि विश्वविद्यालय का दौरा

रायपुर

कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार अधोसंरचनाओं, सुविधाओं तथा गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, एवं इन्क्यूबेशन सुविधाओं का अवलोकन भी किया।

 इस अवसर पर संचालक कृषि  राहुल देव भी उनके साथ मौजूद थे।  परदेशी ने इंदिरा गांधी  कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि एवं किसानों की समृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा कृषि विश्वविद्यालय के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि  परदेशी के कृषि उत्पादन आयुक्त का दायित्व संभालने के पश्चात कृषि विश्वविद्यालय में यह उनका पहला दौरा था।

कृषि उत्पादन आयुक्त  परदेशी ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित विभिन्न अधोसंरचनाओं, सुविधाओं, अनुसंधान योजनाओं एवं गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में लगाई गई औषधीय एवं सगंध फसलों का अवलोकन किया तथा इसमें गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने टिशू कल्चर लैब में केला, गन्ना, बांस आदि फसलों के ऊतक प्रवर्धित पौधों में भी रूचि दर्शायी। उन्होंने कृषि संग्रहालय में प्रदर्शित प्रारूपों का भी अवलोकन किया।  परदेशी ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में भारत सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक मौसम वेधशाला का भी अवलोकन किया तथा इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वहां कृषि संग्रहालय तथा विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित उत्पादों के विक्रय हेतु स्थापित विक्रय केन्द्र का भी अवलोकन किया। 

कृषि उत्पादन आयुक्त ने डाॅ. आर. एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला तथा बायोटेक पार्क का भी अवलोकन किया और वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने वहां भारत के सबसे बड़े तथा विश्व के दूसरे सबसे बड़े धान जनन द्रव्य संग्रह का अवलोकन किया। कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने उन्हें बताया कि इस जर्मप्लाजम सेन्टर में चावल की 23 हजार 250 परंपरागत किस्मों के जनन द्रव्य को संग्रहित तथा संरक्षित किया गया है। इनमें से कई किस्में औषधीय तथा पोषक गुणों से भरपूर हैं। इन किस्मों का उपयोग धान की नई उन्नत किस्मों के विकास के लिए किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां अन्य फसलों की 6 हजार से अधिक किस्मों का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने क्रॉप बायोफोर्टिफिकेशन लैब के अवलोकन के दौरान संजीवनी राइस, जिंको राइस, न्यूट्री रिच राइस जीनोटाइप सहित बम्बू टिश्यू कल्चर को लेकर किए जा रहे नए प्रयोगों को देखा। उन्होंने वहां स्थापित फाइटोसेनेटरी लैब का भी अवलोकन किया।

इसके पूर्व इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में कुलपति डाॅ गिरीश चंदेल ने एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से कृषि उत्पादन आयुक्त के कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न घटकों, अधोसंरचनाओं, शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने किसानों की बेहतरी हेतु विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। बैठक में कुलसचिव, संचालक अनुसंधान, निदेशक शिक्षण, निदेशक विस्तार सेवांए, अधिष्ठाता छात्र कल्याण सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव – राजेश अग्रवाल

रायपुर

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के पी. एम.  स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर, अध्ययन सामग्री वितरित कर तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए नवीन शैक्षणिक सत्र के सफल एवं प्रेरणादायी होने की मंगलकामना की।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आज का विद्यार्थी ही कल के सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माता बनेगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है।

पी. एम.  स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

इसके पश्चात शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि साइकिल वितरण जैसी योजनाएं बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नवीन शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Raipur News: पंडरी कपड़ा मार्केट की सबसे पुरानी होलसेल दुकान से हटाया गया अवैध कब्जा

रायपुर.

राजधानी रायपुर के पंडरी कपड़ा मार्केट में नगर निगम ने अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम की टीम शुक्रवार को पंडरी स्थित सबसे पुराने प्रकाश होजियरी होलसेल शॉप पहुंची, जहां नाली को ढंककर किए गए अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, दुकान संचालक ने नाली को कवर करने के लिए पाटा बनाकर उस पर कब्जा कर लिया था। इस मामले की शिकायत स्थानीय बस्तीवासियों ने नगर निगम से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नाली ढंकी होने के कारण उसकी नियमित सफाई नहीं हो पाती, जिससे बारिश के दौरान जल निकासी बाधित होती है और बस्ती में पानी भर जाता है।

शिकायत के आधार पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की। निगम अधिकारियों का कहना है कि नाली पर किया गया यह निर्माण पूरी तरह अवैध था, जिसे हटाया जा रहा है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक नालियों और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सपेरा बस्ती के बच्चो ने खेली बाल अधिकारों पर सांप सीढ़ी

रायपुर 

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की अध्यक्षता में तिल्दा-नेवरा के सिनोधा स्थित सपेरा बस्ती में बाल चौपाल का आयोजन किया गया। बाल चौपाल के दौरान यह तथ्य सामने आया कि घुमंतू जीवनशैली एवं मुख्यधारा से अलग निवास करने के कारण सपेरा बस्ती के अनेक बच्चे शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। अधिकांश बच्चों का जन्म अस्पताल में न होने के कारण उनका जन्म प्रमाण पत्र, नियमित टीकाकरण, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पाए हैं। इसके परिणामस्वरूप बच्चे शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी मूलभूत अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्थानीय नागरिकों से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आवश्यक दस्तावेज तैयार होने पर बच्चों के साथ-साथ पूरे परिवार को भी शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए प्रशासन के साथ सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में सिनोधा के शासकीय मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी तथा बाल श्रम, बाल विवाह और गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। यह भी ज्ञात हुआ कि सपेरा समुदाय के कुछ परिवारों में बाल विवाह की परंपरा अब भी प्रचलित है। इस पर संज्ञान लेते हुए आयोग अध्यक्ष ने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को बाल विवाह की रोकथाम, आवश्यक जांच तथा विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बजरंगी मरावी ने हिप-हॉप नृत्य, जानवी यादव ने जस गीत और चार वर्षीय सुनीता ने कहानी सुनाकर सभी का मन मोह लिया। इस बाल चौपाल का मुख्य आकर्षण बाल अधिकारों की जागरूकता पर आधारित  सांप-सीढ़ी गतिविधि रही। सपेरा बस्ती में उनकी जीवनप्रणाली से जोड़कर  सांप सीढ़ी का खेल बनाकर खिलाया गया । इस खेल के माध्यम से बच्चों को सरल एवं रोचक तरीके से उनके अधिकारों, अच्छी आदतों, शिक्षा के महत्व तथा बाल संरक्षण से जुड़े संदेश दिए गए। बच्चों को समझाया गया कि जिस प्रकार खेल में अच्छी चाल आगे बढ़ाती है और बुरी चाल पीछे ले जाती है, उसी प्रकार वास्तविक जीवन में भी अच्छे संस्कार, शिक्षा और सही निर्णय उन्हें सफलता की ओर ले जाते हैं, जबकि बुरी आदतें उनके भविष्य को प्रभावित करती हैं। डॉ वर्णिका शर्मा ने कहा है कि बाल चौपाल 2.0 का आयोजन निरंतर जारी रहेगा और इसके माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने और जमीनी समस्याओं को जानने की यात्रा आगे बढ़ती रहेगी।

ट्रैवल एंड ट्रेड फेयर कोलकाता-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत हुई पहचान

ट्रैवल एंड ट्रेड फेयर कोलकाता-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत हुई पहचान

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स के समक्ष राज्य की पर्यटन संभावनाओं का प्रभावी प्रदर्शन, बी2बी बैठकों से निवेश और पर्यटकों की नई संभावनाओं को मिला बल

ट्रेड फेयर में छत्तीसगढ़ पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र

रायपुर

देश के पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले प्रतिष्ठित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ)-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने प्रभावी और आकर्षक सहभागिता दर्ज कराते हुए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है। 10 से 12 जुलाई तक कोलकाता के विश्व बंगला प्रांगण में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विशेष थीम पर आधारित भव्य पवेलियन स्थापित किया गया है, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन, इको-टूरिज्म तथा आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के प्रभावशाली प्रदर्शन के कारण आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

टीटीएफ-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के स्टॉल का उद्घाटन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन ए. खंवटे, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष, थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सुसिरीपोर्न तांतीपन्याथेप सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया। अतिथियों ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों, जनजातीय संस्कृति तथा पर्यटन विकास की संभावनाओं की सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

भारत के सबसे बड़े बी 2 बी ट्रैवल ट्रेड आयोजनों में शामिल टीटीएफ पर्यटन उद्योग से जुड़े राज्यों, देशों, ट्रैवल एजेंसियों, होटल, एयरलाइंस, टूर ऑपरेटर्स तथा पर्यटन विशेषज्ञों को एक साझा मंच उपलब्ध कराता है। इस मंच के माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध स्थापित होते हैं, पर्यटन पैकेज विकसित किए जाते हैं तथा घरेलू और विदेशी पर्यटकों तक पर्यटन स्थलों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित होती है। पूर्वी भारत के सबसे बड़े पर्यटन बाजार में आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि पश्चिम बंगाल सहित पूर्वी एवं पूर्वाेत्तर भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वन्यजीव पर्यटन की ओर आकर्षित होते हैं।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ इस वर्ष बोर्ड में पंजीकृत छत्तीसगढ़ तथा अन्य राज्यों के लगभग 28 टूर ऑपरेटर्स, होटल संचालक, होम-स्टे संचालक एवं पर्यटन उद्यमी भी सहभागिता कर रहे हैं। पवेलियन में चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर, भोरमदेव, बस्तर की जनजातीय संस्कृति, राज्य के पर्यटन रिसॉर्ट्स तथा विभिन्न पर्यटन परिपथों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शनी में आने वाले आगंतुकों एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ के पर्यटन उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई जा रही है।

आयोजन में प्रत्यक्ष बी2बी बैठकों तथा पर्यटन निवेश एवं सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसियों, होटल समूहों और पर्यटन विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन निवेश, संयुक्त पर्यटन पैकेजों के विकास, विपणन सहयोग तथा पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की रणनीतियों पर सार्थक चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश लेकर इस आयोजन में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और जनजातीय पर्यटन का अद्भुत संगम है। टीटीएफ जैसा राष्ट्रीय मंच राज्य को देश और दुनिया के पर्यटन उद्योग से सीधे जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक पर्यटकों को छत्तीसगढ़ तक लाना, स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना तथा राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करना है। उन्होंने सभी टूर ऑपरेटर्स, पर्यटन उद्यमियों और यात्राप्रेमियों को छत्तीसगढ़ भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने अपने प्रस्तुतीकरण में राज्य की पर्यटन संभावनाओं, पर्यटन बोर्ड की योजनाओं तथा पर्यटन व्यवसाय से जुड़ने के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ पंजीयन कर टूर ऑपरेटर्स राज्य के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकते हैं। बोर्ड पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिक से अधिक टूर ऑपरेटर्स से अपने पर्यटन पैकेजों में छत्तीसगढ़ को शामिल करने तथा स्वयं राज्य का भ्रमण कर इसकी संभावनाओं से परिचित होने का आग्रह किया।

इस वर्ष टीटीएफ-2026 में पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार, अनेक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संस्थानों तथा पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, गुजरात, ओडिशा, राजस्थान, गोवा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, असम, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों एवं पर्यटन बोर्डों की सक्रिय सहभागिता रही। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूर्वी भारत सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने, नए पर्यटन साझेदार विकसित करने, निवेश आकर्षित करने तथा राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होने की उम्मीद है।

Bhilai Steel Plant: स्क्रैप चोरी मामले में GM समेत दो अधिकारी गिरफ्तार, जांच तेज

दुर्ग.

भिलाई स्टील प्लांट से संगठित रूप से लौह स्क्रैप चोरी का मामला में गिरफ्तारी अब बीएसपी के अधिकारियों तक पहुंच गई है. थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने चोरी में संलिप्त आईएमएस-3 के जीएम हिमांशु भूषण मलिक और एजीएम मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है.

दुर्ग पुलिस इस मामले में लगातार जांच को आगे बढ़ाते हुए एक-एक कर आरोपियों तक पहुंच रही है. इसी कड़ी में पुलिस ने भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के जीएम हिमांशु भूषण मलिक (54) और एजीएम मनोज कुमार देवांगन (58) को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि अफसरों की मिलीभगत से ही पिछले 6 महीने से बीएसपी का स्क्रैप व्यवस्थित तरीके से चोरी कर बेचा जा रहा था. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
जानकारी के अनुसार आरोपी फ्लू डस्ट परिवहन के दौरान बीएसपी से लौह स्क्रैप चोरी कर उसे बाहर खपाते थे. 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए. के. ट्रेडर्स, प्लॉट क्रमांक-18, एच.आई.ए. हथखोज में छापा मारा.

कार्रवाई के दौरान हाईवा वाहनों और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री भरी मिली. गोदाम मे बड़ी मात्रा में स्क्रैप रखाया था. जांच में पता चला कि आरोपी बीते 6 माह से इसी तरीके से चोरी कर रहे थे. मौके से लगभग 250 टन लौह सामग्री जब्त की गई. साथ ही स्क्रैप लोडिंग में लगे हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाईड्रा और 5 मशीनें भी सीज की गईं. इन कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी संजय सिंह के गिरफ्तारी के बाद 3 करोड़ 50 लाख की सम्पत्ति भी जप्त की जा चुकी है.

Bhilai Steel Plant: स्क्रैप चोरी मामले में GM समेत दो अधिकारी गिरफ्तार, जांच तेज

दुर्ग.

भिलाई स्टील प्लांट से संगठित रूप से लौह स्क्रैप चोरी का मामला में गिरफ्तारी अब बीएसपी के अधिकारियों तक पहुंच गई है. थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने चोरी में संलिप्त आईएमएस-3 के जीएम हिमांशु भूषण मलिक और एजीएम मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है.

दुर्ग पुलिस इस मामले में लगातार जांच को आगे बढ़ाते हुए एक-एक कर आरोपियों तक पहुंच रही है. इसी कड़ी में पुलिस ने भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के जीएम हिमांशु भूषण मलिक (54) और एजीएम मनोज कुमार देवांगन (58) को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि अफसरों की मिलीभगत से ही पिछले 6 महीने से बीएसपी का स्क्रैप व्यवस्थित तरीके से चोरी कर बेचा जा रहा था. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
जानकारी के अनुसार आरोपी फ्लू डस्ट परिवहन के दौरान बीएसपी से लौह स्क्रैप चोरी कर उसे बाहर खपाते थे. 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए. के. ट्रेडर्स, प्लॉट क्रमांक-18, एच.आई.ए. हथखोज में छापा मारा.

कार्रवाई के दौरान हाईवा वाहनों और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री भरी मिली. गोदाम मे बड़ी मात्रा में स्क्रैप रखाया था. जांच में पता चला कि आरोपी बीते 6 माह से इसी तरीके से चोरी कर रहे थे. मौके से लगभग 250 टन लौह सामग्री जब्त की गई. साथ ही स्क्रैप लोडिंग में लगे हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाईड्रा और 5 मशीनें भी सीज की गईं. इन कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी संजय सिंह के गिरफ्तारी के बाद 3 करोड़ 50 लाख की सम्पत्ति भी जप्त की जा चुकी है.

Raipur News: स्पा सेंटरों पर पुलिस का छापा, नियमों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

रायपुर.

शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने एवं स्पा सेंटरों का संचालन निर्धारित नियमों एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने पश्चिम क्षेत्र में विशेष आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया।

इस दौरान स्पा सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) संदीप पटेल के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) राहुल देव शर्मा के नेतृत्व में पश्चिम क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारी सरस्वती नगर, आजाद चौक एवं डीडी नगर सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने थाना सरस्वती नगर, आजाद चौक एवं डीडी नगर क्षेत्र अंतर्गत संचालित विभिन्न स्पा सेंटरों का आकस्मिक चेकिंग किया। अभियान के दौरान कुल 10 स्पा सेंटरों की गहन जांच की गई।

चेकिंग के दौरान स्पा सेंटरों में संचालित गतिविधियों, कर्मचारियों के पहचान संबंधी दस्तावेज, आगंतुकों का रिकॉर्ड, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशील स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, वैधानिक अभिलेखों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि स्पा सेंटरों का संचालन निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप किया जा रहा है तथा किसी प्रकार की अवैध अथवा संदिग्ध गतिविधि संचालित न हो।

सीसीटीवी कैमरों को नियमित रूप से चालू रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे सभी आवश्यक अभिलेख अद्यतन रखें, कर्मचारियों का सत्यापन कराएं, सीसीटीवी कैमरों को नियमित रूप से चालू रखें तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। नियमों के उल्लंघन अथवा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई।

CG News: चलती स्कूल वैन का गेट खुला, सड़क पर गिरा मासूम; बड़ा हादसा टला

दुर्ग.

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक मासूम बच्चा चलती स्कूल वैन से सड़क पर गिर गया। गनीमत रही कि वैन के पीछे कोई वाहन नहीं था। वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह मामला छावनी थाना क्षेत्र का है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना 8 जुलाई की दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। खुर्सीपार स्थित फॉरबेल्स स्कूल की वैन बच्चों को उनके घर छोड़ने निकली थी। नंदिनी रोड पर वैन एक बच्चे को उतारकर आगे बढ़ रही थी इसी दौरान पीछे बैठा एक मासूम का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे सड़क पर गिर पड़ा।

खुले गेट से बाहर गिरा बच्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वैन के पीछे का गेट ठीक से बंद नहीं था। ड्राइवर ने जल्दबाजी में बच्चे को उतारने के बाद गेट लॉक नहीं किया। जैसे ही उसने वाहन की रफ्तार बढ़ाई, खुले गेट से बच्चा बाहर गिर गया। बच्चे के सड़क पर गिरने के बाद आसपास के दुकानदारों ने वैन चालक को रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन वह करीब 300 मीटर आगे निकल चुका था। इसके बाद पीछे चल रहे कुछ बाइक सवारों ने वैन का पीछा कर उसे रोका।

बाद में वहां मौजूद एक महिला ने घायल बच्चे को फिर से स्कूल वैन में बैठाकर आगे भेजा। बताया जा रहा है कि घटना के समय स्कूल वैन में केवल ड्राइवर मौजूद था। उसमें कोई कंडक्टर या सहायक नहीं था, जो बच्चों पर नजर रख सके। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्कूल वैन की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के परिवहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

12 जुलाई को रायपुर में प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के साथ होगी बैठक

मानसून-2026 के वृक्षारोपण अभियान, निगरानी व्यवस्था एवं उद्योगवार एक्शन प्लान पर होगी चर्चा

रायपुर,
 राज्य में मानसून-2026 के दौरान प्रमुख औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित वृक्षारोपण गतिविधियों की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में 12 जुलाई 2026 को दोपहर 2:00 बजे बेबीलॉन कैपिटल, जी.ई. रोड, रायपुर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक में राज्य की प्रमुख मीडियम एवं लार्ज स्केल औद्योगिक इकाइयों के प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर स्तर के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में मानसून-2026 के दौरान किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव, निगरानी व्यवस्था तथा उद्योगवार एक्शन प्लान की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 08 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में औद्योगिक इकाइयों को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। उसी क्रम में अब विभागीय मंत्री ओ.पी. चौधरी स्वयं उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वृक्षारोपण अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा आगामी कार्ययोजना पर आवश्यक मार्गदर्शन देंगे।

बैठक का उद्देश्य उद्योगों की सक्रिय सहभागिता से राज्य में हरित आवरण का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाना तथा वृक्षारोपण कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना है।

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