मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी दिव्यांग चांदनी के लिए सहारा, एक शिकायत पर मिली पेंशन की सुविधा

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी दिव्यांग चांदनी के लिए सहारा, एक शिकायत पर मिली पेंशन की सुविधा

समयबद्ध कार्रवाई से दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ हुआ सुनिश्चित

रायपुर
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आई है। हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

इसी क्रम में जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घरजियाबथान निवासी योगेश यादव ने अपनी 65 प्रतिशत दिव्यांग पुत्री चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिव्यांग पेंशन का लाभ नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई थी।

शिकायत प्राप्त होते ही जनपद पंचायत पत्थलगांव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर प्रकरण की जांच की गई। जांच में चांदनी यादव को दिव्यांग पेंशन योजना के लिए पात्र पाया गया, जिसके बाद उनकी पेंशन स्वीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

अब चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत नियमित रूप से पेंशन का लाभ प्राप्त होगा। निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का सफल निराकरण कर प्रकरण का निस्तारण किया गया।

चांदनी के पिता योगेश यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और भरोसेमंद साबित हो रही है। उन्होंने अपनी पुत्री को समय पर न्याय एवं योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

24 घंटे सक्रिय है मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेश के नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कराने के साथ-साथ सुझाव एवं फीडबैक भी साझा कर सकते हैं। हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक आसानी से अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचा सकते हैं।

राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं और 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाती है, जिससे आवेदक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकता है।

यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता, तो प्रकरण स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण और जांच के लिए भेज दिया जाता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे संचालित रहती है। इसके संचालन के लिए तीन पालियों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है तथा सचिव स्तर के अधिकारी और मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाती है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन की संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण बनकर जरूरतमंद नागरिकों तक समय पर राहत और योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

खेतों तक समय पर पहुंच रहे कृषि आदान, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

खेतों तक समय पर पहुंच रहे कृषि आदान, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर, 
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। सहकारिता विभाग और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी और नैनो यूरिया समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाने से किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसका लाभ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर के प्रगतिशील किसान विष्णु राठौर को भी मिला है, जिन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया है।

धान की खेती के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन करने वाले किसान विष्णु राठौर बताते हैं कि पहले खेती के मौसम में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। कई बार आवश्यक कृषि आदान समय पर नहीं मिलने से बुआई और फसल प्रबंधन प्रभावित होता था। लेकिन अब सहकारी समिति के माध्यम से उन्हें जरूरत के अनुसार उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी और नैनो यूरिया समय पर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे खेती की पूरी योजना व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है और फसलों का पोषण भी बेहतर तरीके से हो पा रहा है।

राठौर ने बताया कि नैनो यूरिया तथा संतुलित उर्वरकों के उपयोग से धान की फसल में अच्छी बढ़वार हुई है और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं सब्जी फसलों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ पैदावार भी बढ़ी है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता से खेती की लागत नियंत्रित हुई है तथा कृषि कार्यों का प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक आसान और प्रभावी हो गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाएं और सहकारिता विभाग की प्रभावी व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। सहकारी समिति के माध्यम से खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता से अब किसानों को कृषि सामग्री के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता और खेती का कार्य समय पर पूरा हो जाता है। इससे किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती के प्रति उनका उत्साह भी पहले से अधिक हुआ है।

राज्य सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों, सहकारिता विभाग की सुदृढ़ वितरण व्यवस्था तथा सहकारी समितियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश में कृषि व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा और किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। किसान विष्णु राठौर की सफलता आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। साय सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

CM साय ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, स्वास्थ्य सेवाओं और खाद-बीज उपलब्धता पर हुई अहम चर्चा

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

किसानों के लिए खाद और बीज आपूर्ति पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

कालाबाजारी पर सख्ती और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

केंद्र से सहयोग से राज्य सरकार विकास को गति देने के लिए प्रयासरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

महतारी वंदन योजना में फिर जुड़ेंगे नए नाम, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पोर्टल खोलने का दिया भरोसा

रायपुर.

महतारी वंदन योजना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. योजना से अब तक नहीं जुड़ पाईं विवाहित महिलाओं के लिए जल्द ही पोर्टल खोलने की तैयारी है. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री की अनुमति मिल चुकी है, और अगले एक सप्ताह के भीतर पोर्टल शुरू करने की तैयारी की जा रही है.

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में बताया कि पोर्टल खोलने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी. सबसे पहले बस्तर संभाग के जिलों में पोर्टल खोला जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के अन्य संभागों में भी आवेदन और पंजीयन की सुविधा शुरू की जाएगी. इस माध्यम से सरकार का उद्देश्य उन पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहुंचाना है, जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर सकी हैं, या जिनका नाम योजना में शामिल नहीं हो पाया है.

बता दें कि महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है. पोर्टल खुलने से बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं को राहत मिलेगी जो लंबे समय से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रही थीं. पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगी. इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे. महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है.

मोहन यादव ने जमीन खरीद अनियमितता के आरोपों को किया खारिज, कहा- तथ्यहीन हैं आरोप

भोपाल.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी ने उनके और उनके परिवार पर उज्जैन में जमीन खरीदने में अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. बीजेपी का कहना है कि यह एक ओबीसी मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की राजनीतिक साजिश है और परिवार की अधिकांश संपत्तियां उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले से हैं.

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने दावों के सामने आते ही बड़ी सफाई जारी की. सरकार की तरफ से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया है. बयान में साफ किया गया कि दिसंबर 2023 में पद संभालने के बाद से सीएम मोहन यादव या उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने कोई नई जमीन नहीं खरीदी है. यहां तक कि उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर भी इस दौरान कोई जमीन नहीं ली गई है.  वहीं विपक्ष ने मामले को लेकर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है. इस पूरे विवाद की शुरुआत एक रिपोर्ट के बाद हुई.

रिपोर्ट में दावा किया गया कि दिसंबर 2023 में मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार से जुड़े लोगों और संबंधित रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में 137 भूखंड खरीदे, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 168 एकड़ बताया गया है. इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई गई. रिपोर्ट के मुताबिक, जमीनें उन इलाकों में खरीदी गईं जहां भविष्य में सड़क परियोजनाएं, मास्टर प्लान के तहत भूमि उपयोग में बदलाव और 2028 के सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं. दावा किया कि इन परियोजनाओं के चलते इन क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है.

मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:आरोप: 
कांग्रेस ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए सीएम और उनके परिवार पर पद के दुरुपयोग और हितों के टकराव (Conflict of Interest) का आरोप लगाया था. बीजेपी का बचाव: प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि सीएम के बेटे वैभव यादव की 16 एकड़ जमीन 2023 से पहले की है और बहू शालिनी यादव द्वारा 2025 में खरीदी गई 10 एकड़ जमीन मास्टर प्लान के दायरे में नहीं आती है.
कांग्रेस की मांग: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने और सीएम के इस्तीफे की मांग की है.

डोंगरगांव नगरवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया नगर पालिका का उपहार

राजनांदगांव.

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने डोंगरगांव नगरवासियों की मांग पर डोंगरगांव को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्रदान किया है। इसका राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित हो गई है। इससे पूरे नगर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव नगर पंचायत का उन्नयन कर उसे नगर पालिका परिषद घोषित किया गया है। इस निर्णय से नगर के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी एवं शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। 2011 की जनगणना के अनुसार, लगभग 14 हजार 693 आबादी वाले इस नगर को अब विकास योजनाओं में अधिक प्राथमिकता मिलेगी।

डिप्टी सीएम साव ने कहा कि, नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डोंगरगांव में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंच सकेगा। साव ने कहा कि, नगर पालिका बनने के बाद डोंगरगांव उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय नगर के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया
डोंगरगांव नगर पालिका बनने पर आज नवा रायपुर, अटल नगर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में उप मुख्यमंत्री अरुण साव से नगर के जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नगर पालिक अध्यक्ष अंजू त्रिपाठी, जिला भाजपा महामंत्री डीकेश साहू, मंडल अध्यक्ष दिना पटेल, रामकुमार गुप्ता, पार्षदगण मनबोधी पटेल, पदमनी ठाकुर, गायत्री यादव, लीला मंडलोई, पुरुषोत्तम साहू, कोमल साहू, राजा जैन, सतीश पांडे, संतोष यादव, योगेश पटेल सहित पार्षद एवं मंडल पदाधिकारियों ने माननीय उपमुख्यमंत्री साव को धन्यवाद दिया।

अवैध खाद से भरा मिनी ट्रक पकड़ा गया, पुलिस ने 3 लाख से ज्यादा का माल किया जब्त

गरियाबंद.

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में अवैध खाद परिवहन के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस ने 280 बोरा अवैध DAP खाद से भरे एक मेटाडोर को पकड़ा है। जब्त खाद की कीमत 3.50 लाख रुपए आंकी गई है।

यह पूरा मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान अवैध DAP खाद से भरे मेटाडोर को पकड़ा। पुलिस ने मेटाडोर के अंदर से 280 खाद का बोरा जब्त किया, जिसकी कीमत 3.50 लाख रुपए आंकी गई है।

वाहन चालक ने किया खुलासा
वाहन चालक ने बताया कि उसने 8 हजार के किराए पर उरमाल के एक लाइसेंसी व्यापारी के कहने पर यह अवैध परिवहन कर रहा था। खाद को ओडिसा सीनापाली से जांगड़ा ले जाया जा रहा था, जहां एक मक्का कारोबारी को दिया जाता। पुलिस ने जब्त 280 बोरा डीएपी खाद को आगे की कार्रवाई के लिए कृषि विभाग के सुपुर्द कर दिया है।

मुनाफाखोरी के लिए खाद का कलाबाजारी
दरअसल, इस बार युद्ध के चलते रासायनिक खाद का उत्पादन प्रभावित हुआ है,सरकारी सप्लाई भी घट गया है।ऐसे में कुछ कारोबारी मुनाफाखोरी के लिए नियम को ताक में रख कर खाद के कलाबाजारी को अंजाम दे रहे है।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’, वन मंत्री करेंगे शुभारंभ

रायपुर.

‘हॉर्नबिल सफारी’ से तात्पर्य हॉर्नबिल पक्षियों को देखने के लिए की जाने वाली वन्यजीव सफारी या हॉर्नबिल से जुड़े प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से है। हॉर्नबिल मुख्य रूप से जंगलों, विशेषकर पश्चिमी घाट और मध्य भारत के नम पर्णपाती और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है।

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।

संरक्षण और आजीविका साथ-साथ
वन मंत्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनसे वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है।

बढ़ी हॉर्नबिल की आबादी
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों के दौरान मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता एंटी-पोचिंग अभियान, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं रोपण तथा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसी अभिनव पहल का परिणाम है। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हॉर्नबिल ट्रैकिंग टीम की अहम भूमिका
हॉर्नबिल संरक्षण के लिए गठित विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार पक्षियों की गतिविधियों, घोंसलों और आवास क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय ट्रैकर्स भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनके सतत प्रयासों से ओढ़, अमलोर और आमामोरा के आसपास का वन क्षेत्र आज हॉर्नबिल के सुरक्षित आवास और आकर्षक बर्डिंग स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।

प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा नया आकर्षण
प्रस्तावित हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटक, पक्षी प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और शोधकर्ता प्राकृतिक वातावरण में हॉर्नबिल का अवलोकन कर सकेंगे। सफारी के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार
हॉर्नबिल सफारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी है। पीवीटीजी गांवों के युवाओं और ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग तथा नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे पर्यटकों के लिए नेचर गाइड और हॉर्नबिल गाइड के रूप में कार्य करेंगे। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक आधारित इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

मध्य भारत का उभरता बर्डिंग डेस्टिनेशन
रायपुर से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तेजी से मध्य भारत के प्रमुख बर्डिंग और नेचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल के अलावा शाहीन बाज, भारतीय पिट्टा, ब्राउन फिश आउल, ग्रे-हेडेड फिश ईगल, विभिन्न प्रजातियों के कठफोड़वा, बार्बेट, मिनिवेट सहित अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है।

वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता का केंद्र
यह क्षेत्र पक्षियों के साथ-साथ भारतीय विशाल गिलहरी (इंडियन जायंट स्क्विरल) और भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

संरक्षण, विकास और पर्यटन का सफल संगम
विशेषज्ञों के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में की जा रही यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से संरक्षण आधारित आजीविका और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। हॉर्नबिल सफारी के शुरू होने से छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को भी गति प्राप्त होगी। स्थल के संबंध में अधिक जानकारी मोबाइल नंबर – 7976688165, 7566510937 अथवा वेबसाइट www.udantisitanaditigerreserve.in पर पर्यटक, संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

राजनांदगांव में GST का बड़ा खुलासा, 76 करोड़ की फर्जी बिल ट्रेडिंग का भंडाफोड़; संचालक गिरफ्तार

रायपुर.

राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ ने कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया है।विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए।

उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न एवं अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका लाभ हस्तांतरित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए।

विभाग के अनुसार यह पूरा लेन-देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थी। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।

इस नेटवर्क में अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी जुड़े होने के संकेत
प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा तथा फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी जैसे अवैध कृत्यों पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

1 जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्राम सभाओं में दी जा रही जानकारी

रायपुर.

प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को आजीविका और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से लागू की जा रही वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला स्तर पर लगातार प्रशिक्षण, बैठकें और ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी दी जा रही है।

सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने बनाई मानव श्रृंखला
योजना के प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश के विभिन्न गांवों में आयोजित ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योजना की जानकारी प्राप्त की तथा इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग का संकल्प लिया। इसी क्रम में बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला की ग्राम पंचायत सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए अनूठी पहल करते हुए मानव श्रृंखला का निर्माण किया। ग्रामीणों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर “वीबी जी राम जी – गांव की प्रगति, हम सबकी जिम्मेदारी”, “रोजगार और आजीविका का नया संबल” तथा “समृद्ध गांव, सशक्त परिवार” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने की सराहना
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने एक्स अकॉउंट से पोस्ट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से आई इस तस्वीर को देखकर मन आनंद और उत्साह से भर गया। यह तस्वीर गाँव की जनता के जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी बेमेतरा जिले के इन प्रयासों की सराहना करते हुए अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा कि यह मानव श्रृंखला बन रही है, जो योजना के प्रति जन-जागरूकता का प्रतीक बनी हुई है।

पात्र परिवारों को लाभ दिलाने का लिया संकल्प
मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि योजना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में जनभागीदारी का एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने तथा अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने का संकल्प भी लिया।

ग्राम सभा मे अधिकारियों ने दी जानकारी
ग्राम सभाओं में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वीबी – जीरामजी योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, हितग्राहियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार 30 जून 2026 तक पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा हितग्राहियों का प्रशिक्षण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कठिनाई न आए और पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके।

एक जुलाई से लाखों ग्रामीण परिवारों मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ
योजना के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम सभाओं, चौपालों, पोस्टर-बैनर, मुनादी, रथ प्रचार एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय सामाजिक संगठन सक्रिय रूप से लोगों को योजना की जानकारी देने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह योजना गांवों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 1 जुलाई से योजना के लागू होने के साथ ही प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की भी उम्मीद है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी दी जानकारी
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मंगलवार को अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर लाइव आकर आगामी ग्राम सभा और वीबी जीरामजी के संबंध में लोगों को जानकारी दी और लोगों को योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया साथ ही उन्होंने लोगों के सवालों का भी समाधान किया।

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