मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों को 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर

 मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्रीओ.पी. चौधरी के सतत प्रयासों से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों ग्रामीण परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

स्वीकृत कार्यों में सर्वाधिक 16 करोड़ 73 लाख 27 हजार रुपये की लागत से रायगढ़ शहर के विजयपुर क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले सीनियर सिटीजन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यह आधुनिक केंद्र वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा।

स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लैलूंगा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा एवं तमनार विकासखंडों के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन हेतु कुल 9 करोड़ 52 लाख 71 हजार रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

पशुधन संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिले में नवीन पशु चिकित्सालय भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। रायगढ़ विकासखंड के पतरापाली सहित विभिन्न ग्रामों में पशु चिकित्सालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार एवं परामर्श सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लैलूंगा, तमनार, घरघोड़ा एवं रायगढ़ विकासखंड के विभिन्न गांवों में नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।

शिक्षा, पोषण एवं खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए तमनार विकासखंड के पेलमा एवं लालपुर में नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण तथा पेलमा एवं खर्रा में प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं रायगढ़ विकासखंड के लामीदरहा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन निर्माण के लिए भी राशि मंजूर की गई है, जिससे ग्रामीणों को राशन वितरण की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

जिला प्रशासन ने सभी निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह विकास पैकेज रायगढ़ के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

रामगढ़ महोत्सव को भव्य बनाने में जुटा प्रशासन, मंत्री राजेश अग्रवाल ने तैयारियों का लिया जायजा

रायपुर

 पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ एवं विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत स्थल निरीक्षण कर महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता का महत्वपूर्ण उत्सव होगा, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्रीअग्रवाल ने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, बैठक व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगंतुकों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन को सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हो।

मंत्रीअग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व को नई पहचान देने का अवसर है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण रामगढ़ की ओर बढ़ेगा और सरगुजा क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

उन्होने आगे कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ की विश्वविख्यात धरोहरों, सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाओं तथा रामवनगमन पर्यटन परिपथ को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 29 एवं 30 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जा रही हैं।

कलेक्टरअजीत वसंत ने भी सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकराजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीविनय कुमार अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंतावीरेंद्र चौधरी, अनुविभागीय अधिकारीरामराज सिंह, उदयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीवेद प्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

आवास मेला-2025 के लक्की ड्रॉ विजेताओं को 26 जून को वितरित होंगे उपहार

रायपुर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 के अंतर्गत लक्की ड्रॉ में चयनित हितग्राहियों को उपहार वितरण समारोह 26 जून 2026 को न्यू सर्किट हाउस परिसर, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर मंडल के नवीन लोगो का भी विमोचन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 तथा 23 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए 22 जून 2026 को विशेष लक्की ड्रॉ आयोजित किया गया था। इस ड्रॉ में विजेताओं का चयन मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, होंडा एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन सहित अनेक आकर्षक उपहारों के लिए किया गया है।

उपहार वितरण समारोह में लक्की ड्रॉ के चयनित विजेताओं को सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही मंडल द्वारा आयोजित नवीन लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेता रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी।

समारोह में मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण मंत्रीओ.पी. चौधरी करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्षअनुराग सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम का आयोजन 26 जून 2026, शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम उपरांत आवास एवं पर्यावरण मंत्रीओ.पी. चौधरी दोपहर 3:00 बजे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे।

मंडल ने सभी लक्की ड्रॉ विजेताओं, हितग्राहियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को समारोह में सहभागी बनने हेतु आमंत्रित किया है।

CM साय ने केंद्रीय नेताओं से की बस्तर के विकास पर चर्चा, आयुर्वेदिक AIIMS खोलने की उठाई मांग

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास से रायपुर लौटे। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक बातचीत हुई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान बस्तर क्षेत्र के विकास और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी सौजन्य मुलाकात की। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मिलकर छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने की मांग रखी। सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लगभग 44 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है और यहां विभिन्न प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। ऐसे में राज्य में आयुर्वेद आधारित शोध और उपचार को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना आवश्यक है। इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष मांग रखी गई है।

यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए बेहतर व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वहां रहकर पढ़ाई करने वाले 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) उत्तीर्ण की है। अब इन अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा (Mains) की बेहतर तैयारी के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

आपातकाल को बताया संविधान हत्या दिवस
भाजपा आपातकाल को आज काला दिवस के रूप में आज मना रही है। 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। 25 जून 1975 को देश में लोकतंत्र की हत्या हुई थी और उस दौरान गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया था। सीएम साय ने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के संवैधानिक अधिकार छीन लिए गए थे और लोगों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किया गया था। नई पीढ़ी को उस दौर की जानकारी हो, इसलिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में आपातकाल को शामिल किया गया है।

कोचिंग सेंटरों की होगी जांच
हाल ही में लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुए हादसे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव (सीएस) को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी कोचिंग सेंटरों की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

IPS बद्रीनारायण मीणा बने बस्तर रेंज के नए IG, पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

रायपुर.

राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज के नए आईजी नियुक्त किए हैं। इसका आदेश आज गृह (पुलिस) विभाग ने जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के पद पर पदस्थ बद्रीनारायण मीणा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

राज्य सरकार द्वारा जारी इस प्रशासनिक आदेश के बाद मीणा अब बस्तर रेंज की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल होने के कारण यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार के आदेश के अनुसार यह पदस्थापना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

NIA के आईजी बनाए गए हैं सुंदरराज पी
बता दें कि बस्तर आईजी छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके चलते बस्तर आईजी का पद खाली था। वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी लंबे समय तक बस्तर रेंज के आईजी रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने बस्तर के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चलाए, जिससे माओवादी संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान का प्रमुख चेहरा रहे सुंदरराज पी
सुंदरराज पी की रणनीति केवल सशस्त्र कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। उन्होंने खुफिया तंत्र को मजबूत करने, स्थानीय युवाओं को सुरक्षा अभियानों से जोड़ने, नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने और सड़क व विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। अबूझमाड़ जैसे इलाकों में सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

रायपुर में धर्मांतरण के आरोप में दो पास्टर गिरफ्तार, थाने में ईसाई समाज का जोरदार विरोध

रायपुर.

रायपुर ग्रामीण के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मांठ में धर्मांतरण से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो पास्टर को गिरफ्तार किया है।

वहीं, इस गिरफ्तारी के विरोध में ईसाई समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और कार्रवाई को गलत आरोपों के आधार पर की गई गिरफ्तारी बताते हुए विरोध जताया। मामला खरोरा थाना क्षेत्र का है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से और आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए उन्हें विधानसभा थाना लाया गया है।

ग्रामीणों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मामला तब सामने आया जब ग्राम मांठ निवासी हेमंत मरावी ने अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके के साथ खरोरा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उसका सहयोगी पीयूष पटेल पिछले कुछ समय से गांव के आदिवासी मोहल्ले में लगातार आ-जा रहे थे और ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं।

विरोध के बावजूद जारी रही गतिविधियां
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियों का कई बार विरोध कर समझाइश दी गई थी कि वे गांव में इस तरह की गतिविधियां न करें और किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव न डालें, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार गांव में आते रहे और लोगों को प्रार्थना सभाओं में शामिल होने तथा धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते रहे। शिकायत के अनुसार, 24 जून की शाम करीब 7 बजे सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल एक बार फिर ग्राम मांठ के आदिवासी मोहल्ले पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों को एकत्र कर प्रार्थना करने और ईसाई धर्म स्वीकार करने की बात कही। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद गांव के लोगों ने पुलिस को इस गतिविधि की सूचना दी। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि उसी दिन मोहल्ले के एक घर में ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने शिकायत और जांच के आधार पर पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उनके सहयोगी पीयूष पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

थाने में ईसाई समाज का विरोध
दोनों पास्टर की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग विधानसभा थाना पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना है कि यह गिरफ्तारी गलत आरोपों के आधार पर की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

CM साय ने UPSC प्रीलिम्स में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात, बढ़ाया हौसला

नई दिल्ली.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।
उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया भूमिपूजन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया भूमिपूजन

टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट की स्थापना, 235 करोड़ का निवेश कर रही स्विफ्ट टेक्सटाइल्स, 4650 लोगों को मिलेगा रोजगार

कपड़ा उद्योग की नई पहचान बनेगा नवा रायपुर, टेक्सटाइल पार्क में तीन यूनिट्स को जमीन आबंटित

81 एकड़ में विकसित किया जा रहा टेक्सटाइल पार्क, निवेशकों के लिए तैयार की जा रही सभी जरूरी अधोसंरचनाएं

रायपुर. 
राज्य शासन द्वारा नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क में आज पहला मील का पत्थर लगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है।

टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट के लिए भूमिपूजन करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि एक टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ इंडस्ट्रियल क्षमता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के साधन भी बनाती है। इस सेक्टर में हमारे युवाओं और महिलाओं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रोजगार देने की बहुत क्षमता है। हमारी सरकार घर के पास ही अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हमारे लोग छत्तीसगढ़ में ही अपना खुशहाल भविष्य बना सकें। नवा रायपुर में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की मेनुफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना इस दिशा में एक और अहम कदम है।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस मौके पर कहा कि हम छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाएंगे। इस सेक्टर में हम राज्य के युवाओं को बहुत बड़ी संख्या में रोजगार दे सकते हैं। इसके लिए निवेशकों की जो भी जरूरतें होंगी, बिजली, पानी, अधोसंरचना, कनेक्टीविटी… सभी हम प्राथमिकता से उपलब्ध कराएंगे। छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाईयों पर ले जाने और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की श्रीमती रेवती गांधी, रमेश कृष्णन, विष्णु निरंजन और सेल्वा कुमार सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।   

नवा रायपुर में 81 एकड़ में बन रहा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क

राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles) तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।  

235 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश के साथ स्विफ्ट टेक्सटाइल्स से लगभग 4650 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे यह राज्य में रोजगार पैदा करने वाले सबसे बड़े टेक्सटाइल निवेशों में से एक बन जाएगा। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।

नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में मेनुफेक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आबंटित किए जा चुके हैं। इनके द्वारा करीब 445 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्तावित हैं, जिससे 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इन निवेशों से मध्य भारत में एक प्रमुख टेक्सटाइल और रोजगार केंद्र के रूप में छत्तीसगढ़ की भूमिका और मजबूत होगी।

राज्य की नई औद्योगिक नीति में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स थ्रस्ट सेक्टर के रूप में हैं चिन्हांकित

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स को प्रमुख क्षेत्रों (थ्रस्ट सेक्टर) के रूप में प्राथमिकता दी गई है। नई नीति में राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने वाले श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रधानता दी गई है। रोजगार सृजन को और बढ़ावा देने नई नीति में महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रति माह की दर से 5 साल की अवधि के लिए रोजगार सहायता प्रदान करने के प्रावधान हैं। इससे छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल और गारमेंट निवेश के लिए देश में सबसे आकर्षक जगहों में से एक बन गया है।

राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा के निवेश का वादा मिला है, जिससे अलग-अलग सेक्टर में 1.6 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा, राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की ओर बढ़ेगा सिरपुर, सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार

विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की ओर बढ़ेगा सिरपुर, सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार

पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक 

यूनेस्को विश्व विरासत सूची, लाइट एंड साउंड शो, बांस राफ्टिंग, आधुनिक पर्यटक सुविधाओं और सिरपुर महोत्सव को लेकर लिए गए कई अहम निर्णय

रायपुर, 
 छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में प्रथम बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे।

पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए।

सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।

राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके लिए ओडिशा के कोणार्क तथा तमिलनाडु के केलडी स्थित संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण जुलाई माह में कराया जाएगा तथा अगस्त-सितंबर तक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में पहुंचे सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरावशेषों को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने तथा नए उत्खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर उनका चयन करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिला प्रशासन महासमुंद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सुरंग टीला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन अथवा विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने का प्रस्ताव तैयार करने पर भी बल दिया गया।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रस्तुत सिरपुर एकीकृत विकास योजना के प्रस्तुतीकरण पर पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए कि कोर एवं बफर क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, प्रस्तावित बौद्ध पार्क को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, सुरंग टीला के लाइट एंड साउंड शो की स्क्रिप्ट 15 दिनों के भीतर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाए तथा आगामी पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय-सीमा में तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिरपुर के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए अंतर्विभागीय समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। बैठक के अंत में पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने सभी विभागों से समन्वित एवं समयबद्ध प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज

अवैध रेत भंडारण पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, गुडलू में 135 घनमीटर रेत जब्त

83 हजार रुपये से अधिक अर्थदंड व राजस्व वसूला गया, नियम तोड़ने वालों को चेतावनी

रायपुर, 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, जवाबदेही और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण संबंधी स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप जशपुर जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अवैध रेत भंडारण एवं रेत तस्करी संबंधी शिकायत पर खनिज विभाग ने त्वरित जांच कर बड़ी कार्रवाई की है।

जांच के दौरान बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत गुडलू में 19 जून 2026 को 135 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया। शिकायत प्राप्त होते ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त कर लिया। मामले में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण के मामले में 40 हजार 780 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। वहीं अवैध रेत परिवहन के चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 42 हजार 736 रुपये की राशि खनिज मद में जमा कराई गई। इस प्रकार कुल 83 हजार रुपये से अधिक की राशि अर्थदंड एवं राजस्व के रूप में वसूल की गई।

सहायक खनि अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकना है।

 प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

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