मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन

कच्चे घर की परेशानियों से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने बदली पूरे परिवार की तस्वीर और तकदीर

रायपुर, 
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार इसका प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मिट्टी के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला यह परिवार आज प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मजबूत एवं सुरक्षित पक्के घर में सम्मान और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है।

बीते 24 जून को पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने अमृतलाल के नए आवास का अवलोकन किया। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अमृतलाल ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सुरक्षित जीवन जीना भी चुनौती बना रहता था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। योजना की सहायता से उन्हें मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का घर मिला। अब बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिल गई है। स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार की जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और पूरे परिवार में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

अमृतलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और नई उम्मीद का आधार बन रही है।

Narayanpur में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, हथियारों का जखीरा और 24 लाख रुपये बरामद

नारायणपुर.

नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत नारायणपुर पुलिस और सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग सर्च ऑपरेशनों में बड़ी सफलता मिली है। थाना ओरछा क्षेत्र के टेकला जंगल-पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया।

वहीं, थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद कर सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के हथियारों के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है।
विश्वसनीय सूचना के आधार पर चलाए गए इन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपाए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण सुरक्षित बरामद किए। पुलिस के अनुसार, यह सफलता लगातार चलाए जा रहे सर्च और एरिया डोमिनेशन अभियान का परिणाम है।

टेकला जंगल-पहाड़ी में मिले जखीरे से एक INSAS रायफल, दो SLR रायफल, दो .303 रायफल, दो 30-ओसी बंदूक, एक BGL लॉन्चर और एक सिंगल शॉट बंदूक बरामद की गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में मैगजीन, सैकड़ों जिंदा कारतूस, डेटोनेटर तथा बायोफेंग संचार उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, यह डंप नक्सलियों की गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र था। एक अन्य अभियान के तहत 25 जून को थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सली संगठन के आर्थिक नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं। बरामद राशि के स्रोत और उसके उपयोग की भी जांच की जा रही है।

अभियान लगातार रहेगा जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य संसाधनों की तलाश कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई आगे भी तेज की जाएगी, ताकि नक्सली संगठन की संचालन क्षमता को कमजोर किया जा सके।

जनता से सहयोग की अपील
नारायणपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि आमजन के सहयोग से जिले में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, केरल से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार

दंतेवाड़ा.

दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 61 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम से बैंक खाते संचालित कर ठगी की रकम जमा करते थे और बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था.

विशेष टीम ने केरल पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में कई बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. एक आरोपी गिरफ्तारी के बाद फरार भी हुआ, लेकिन अगले ही दिन दोबारा पकड़ लिया गया. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी सफलता मानी जा रही है.

साइबर ठगों के पास ₹7.5 लाख कैश
ज्ञात हो कि रामपुर जिले के थाना पटवाई क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया था. इसी दौरान सोहना पुल रोड पर एक संदिग्ध थार गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली गई. गाड़ी में सवार तीन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं, जब पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी कैलाश सिंह और रामपुर निवासी विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है.

आरोपियों के कब्जे से करीब साढ़े सात लाख रुपये की नकदी बरामद की गई. इसके अलावा एक लैपटॉप, एक एटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, चार अलग-अलग बैंकों की पासबुक, एक भारतीय पासपोर्ट और आधार और पैन कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं.

Bastar में उठाव नहीं होने से करोड़ों की धान सड़ी, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

सुकमा.

सुकमा में धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा गया करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपये मूल्य का धान या तो रिकॉर्ड से गायब मिला या फिर खुले में पड़े-पड़े अमानक हो गया.

जिला स्तरीय सत्यापन में 1115.86 मीट्रिक टन धान रिकॉर्ड से कम पाया गया, जबकि 1295.90 मीट्रिक टन धान डेढ़ साल तक उठाव नहीं होने से खराब हो गया. यह वही धान था, जिसे मिलिंग के बाद गरीब परिवारों तक चावल के रूप में पहुंचना था. विभाग ट्रांसपोर्टिंग लक्ष्य पूरा होने का तर्क दे रहा है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि लक्ष्य पूरा होने के बाद धान की सुरक्षा और समय पर उठाव की जिम्मेदारी किसकी थी? कई स्तरों की निगरानी व्यवस्था के बावजूद करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नुकसान की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं.

बस्तर संभाग में चार लाख क्विंटल धान असुरक्षित पड़ा
धान खरीदी खत्म हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्रदेश के खरीदी केंद्रों में अब भी 10.76 लाख क्विंटल से ज्यादा धान पड़ा हुआ है। मानसून करीब है और समय पर बारिश शुरू होने की स्थिति में यह धान खराब हो सकता है। समर्थन मूल्य के आधार पर इसकी कीमत 333.74 करोड़ रुपए से अधिक है। खरीदी केंद्रों में अभी 7,48,310 क्विंटल मोटा, 1,21,020 क्विंटल पतला और 2,07,250 क्विंटल सरना धान का परिवहन बाकी है। परिवहन में लगातार हो रही देरी के कारण एक बार फिर करोड़ों रुपए के धान के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है।

साल 2025-26 में प्रदेश में कुल 14.10 करोड़ क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इसमें से 12.34 करोड़ क्विंटल धान राइस मिलर्स को और 1.65 करोड़ क्विंटल धान संग्रहण केंद्रों में भेजा गया। नियम के अनुसार 31 मार्च तक खरीदी केंद्रों से धान का पूरा उठाव हो जाना चाहिए था, लेकिन समय-सीमा बढ़ाकर 31 मई कर दी गई। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में धान अब भी केंद्रों में जमा है। अब बारिश में खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।

76 करोड़ की फर्जी बिल ट्रेडिंग का भंडाफोड़, ट्रेड लिंक का संचालक आदेश्वर चौरड़िया गिरफ्तार

राजनांदगांव.

राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग उजागर के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है।

विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता लाभ हस्तांतरित किया गया। फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए। तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए।

विभाग के अनुसार, यह पूरा लेन- देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग ) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।

प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

Raipur Traffic Alert: मुहर्रम पर ताजिया जुलूस, इन रास्तों पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

रायपुर.

देशभर में आज हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम का पर्व मुहर्रम मनाया जाएगा. राजधानी रायपुर में भी पर्व को लेकर तैयारियां की गई है. प्रशासन और पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शहर में 26 जून को शहर में यातायात परिचालन में बदलाव किया गया है.

पुलिस के एडवाइजरी के मुताबिक, रायपुर में लगभग दोपहर 2 बजे से कई इलाकों से ताजिया जुलूस निकालेगे. विभिन्न मार्गों से रात 10 बजे से चौबे कॉलोनी स्थित करबला तालाब में समापन होगा. रायपुर के राजा तालाब, मोमीन पारा, अमीन पारा, छोटापारा, बैजनाथपारा, नेहरू नगर, संजय नगर, टिकरा पारा सहित शहर के कुछ क्षेत्रों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे. इस कारण यहां ट्रैफिक का दबाव देखने को मिल सकता है. रायपुर पुलिस ने जनता से डायवर्टेड रूट इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

ताजिया सवारी का निर्धारित मार्ग

ताजिया जुलूस का मुख्य निर्धारित मार्ग नुरानी चौक से चौबे कॉलोनी के कर्बला तालाब तक रहेगा. ताजनगर, ईरानी डेरा और राजातालाब से निकलने वाले ताजिए नुरानी चौक पहुंचने के बाद पंडरी बस स्टैंड, मरही माता चौक, मौदहापारा मस्जिद गली, गुरूनानक चौक, राठौर चौक, रामसागर पारा, बढ़ई पारा, मोमिन पारा, आजाद चौक और आमापारा होते हुए आरकेसी के सामने से गुजरकर चौबे कॉलोनी स्थित कर्बला तालाब पहुंचेंगे. रायपुर शहर और जीई रोड से दुर्ग-भिलाई की ओर जाने वाले वाहन चालक शास्त्री चौक से महिला थाना चौक, कालीबाड़ी चौक और पचपेड़ी नाका होते हुए रिंग रोड-1 का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं.

जीई रोड पर संचालित सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है. शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक की ओर जाने के बजाय बसें कालीबाड़ी चौक, पचपेड़ी नाका और रिंग रोड-1 के रास्ते संचालित होंगी. ताजिया जुलूस के जीई रोड पर पहुंचने के दौरान टाटीबंध से शहर की ओर आने वाले वाहनों को टाटीबंध चौक से रिंग रोड-1 की तरफ और एनआईटी के पास से डंगनिया गोल चौक मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा.शहर से पुरानी बस्ती, लाखेनगर होते हुए सुंदर नगर, डंगनिया और दुर्ग-भिलाई जाने वाले लोग कालीबाड़ी चौक से संतोषी नगर जलगृह मार्ग और भाठागांव चौक होकर आवागमन कर सकते हैं. जुलूस के दौरान आजाद चौक से आश्रम तिराहा और चौबे कॉलोनी तक जीई रोड से जुड़ने वाले सभी संपर्क मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इन मार्गों से आने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों की ओर डायवर्ट किया जाएगा.

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक शास्त्री चौक से चौबे कॉलोनी टर्निंग के बीच जीई रोड का उपयोग करने से बचें. जुलूस के समय जीई रोड पर आजाद चौक से आश्रम तिराहा- चौबे कॉलोनी तक मुख्य मार्ग के सभी संपर्क मार्गों से GE रोड पर आने वाले सभी वाहनों को डाइवर्ट किया जाएगा. पुलिस की अपील है कि दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक जीई रोड में शास्त्री चौक से चौबे कॉलोनी टर्निंग तक का उपयोग न करें.

आवास मेला-2025 के लक्की ड्रॉ विजेताओं को 26 जून को वितरित होंगे उपहार

आवास मेला-2025 के लक्की ड्रॉ विजेताओं को 26 जून को वितरित होंगे उपहार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे नवीन लोगो का विमोचन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे प्रेस वार्ता को संबोधित

रायपुर
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 के अंतर्गत लक्की ड्रॉ में चयनित हितग्राहियों को उपहार वितरण समारोह 26 जून 2026 को न्यू सर्किट हाउस परिसर, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर मंडल के नवीन लोगो का भी विमोचन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 तथा 23 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए 22 जून 2026 को विशेष लक्की ड्रॉ आयोजित किया गया था। इस ड्रॉ में विजेताओं का चयन मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, होंडा एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन सहित अनेक आकर्षक उपहारों के लिए किया गया है।

Electricity Bill Rule: 1 जुलाई से बदलेंगे बिजली बिल के नियम, जेब पर बढ़ेगा बोझ; लेट फीस में मिलेगी राहत

रायपुर
छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई 2026 से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने बिजली बिल भुगतान और टैरिफ से जुड़े नए नियम जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब बिजली बिल देर से जमा करने पर पूरे महीने का जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि जितने दिन की देरी होगी, उसी हिसाब से लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाएगा।

अब तक उपभोक्ताओं को बिजली बिल की निर्धारित तिथि निकलने के बाद डेढ़ प्रतिशत प्रतिमाह की दर से सरचार्ज देना पड़ता था। ऐसे में एक-दो दिन की देरी होने पर भी पूरे महीने का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। लेकिन 1 जुलाई से लागू होने वाले नए नियम के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।

प्रतिदिन के हिसाब से लगेगा जुर्माना
नई व्यवस्था के अनुसार बिजली बिल देर से जमा करने पर 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लेट पेमेंट सरचार्ज लगाया जाएगा। इससे उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी जो ड्यू डेट के कुछ दिन बाद बिल जमा करते हैं।

बिजली दरों में भी बढ़ोतरी
एक तरफ जहां लेट पेमेंट नियम में राहत दी गई है, वहीं दूसरी तरफ बिजली दरों में बढ़ोतरी का असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। नए टैरिफ के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। इसके चलते मासिक बिजली बिल में लगभग 30 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है।

कमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी असर
नए टैरिफ के तहत कमर्शियल श्रेणी में भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। साथ ही स्थानीय निकायों और सरकारी कार्यालयों को घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है। गैर-सब्सिडी कृषि पंपों को ऊर्जा प्रभार में 40 प्रतिशत तक की छूट दी गई है।

राहत भी, बढ़ा खर्च भी
नई व्यवस्था से देर से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिलेगी, लेकिन बिजली दरों में बढ़ोतरी के कारण नियमित बिलों का खर्च बढ़ सकता है। विभाग का दावा है कि यह बदलाव बिलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और उपभोक्ता हितैषी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

CISF में बड़ा फेरबदल, नागेंद्र नाथ का NCR ट्रांसफर; भिलाई में चंदन झा के DIG बनने की चर्चा तेज

बोकारो
 Steel Authority Of India Limited (SAIL) की महत्वपूर्ण इकाई में Bhilai Steel Plant में हुए करोड़ाे रुपये की स्क्रैप चोरी की घटना के बाद CISF HQ Bhilai के CISF DIG नगेन्द्र नाथ त्रिपाठी का तबादला NCR Delhi HQ में कर दिया गया है। एनएन त्रिपाठी 2009 बैंच के पश्चिम बंगाल कैडर के आइपीएस अधिकारी है तथा वर्तमान समय में सीआइएसएफ में प्रतिनियुक्ति के आधार पर डीआइजी के पद पर अपनी सेवा दे रहे हैं।

त्रिपाठी की जगह फिलहाल किसी अधिकारी की पोस्टिंग भिलाई स्टील में नही की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है की हाल ही में झारखंड कैडर से सीआइएसएफ में प्रतिनियुक्ति पर गए बोकारो के पूर्व एसपी चंदन झा को इस इकाई की कमान बतौर डीआइजी पद पर मिल सकती है।

वहीं, भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत उप कमांडेंट निधि सिंह को भी यहां से स्थानांतरित करते हुए केओपीए कोलकाता इकाई भेजा गया है। जबकि सेल के इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र यूनिट के डीआइजी एलके हाकिप का तबादला कोलकाता एयरपोर्ट में कर दिया गया है।

उनकी जगह नागपुर एयरपोर्ट में सीनियर कमांडेंट के पद पर कार्यरत दिलीप कुमार को डीआइजी बनाते हुए इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र के सुरक्षा की नई जिम्मेवारी सौंपी गई है।

 

पद अधिकारी का नाम वर्तमान पदस्थापना नई पदस्थापना
डीआईजी अपूर्ण पाण्डेय अहमदाबाद एयरपोर्ट दिल्ली मुख्यालय
डीआईजी विनोद कुमार चौरसिया नॉर्थ ईस्ट जोन, गुवाहाटी मुख्यालय अहमदाबाद एयरपोर्ट
डीआईजी अजय कुमार खंडेलवाल साउथ जोन, चेन्नई मुख्यालय नॉर्थ ईस्ट जोन, गुवाहाटी मुख्यालय
डीआईजी अजय कुमार कोलकाता एयरपोर्ट हैदराबाद एयरपोर्ट
सीनियर कमांडेंट विपिन कुमार तोमर सलाल इकाई एसएसजी, नोएडा
सीनियर कमांडेंट वैभव कुमार दूबे ताज महल, आगरा रिजर्व बटालियन, भिलाई
सीनियर कमांडेंट बिरेन्द्र कुमार तिवारी रिजर्व बटालियन, जयपुर रिजर्व बटालियन, किश्तवाड़
सीनियर कमांडेंट दीपक कुमार रिजर्व बटालियन, भिलाई सलाल इकाई
उप कमांडेंट रोहन गोवा एयरपोर्ट रायपुर एयरपोर्ट
उप कमांडेंट हकीम आसिफ कोयम्बटूर एयरपोर्ट नेशनल म्यूजियम, नई दिल्ली
उप कमांडेंट दुर्गेश चंद्र शुक्ला टिहरी बड़ोदरा एयरपोर्ट
उप कमांडेंट एस. गौतम NISA, हैदराबाद कोयम्बटूर एयरपोर्ट

सीआईएसएफ में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों की सूची

वर्तमान पद अधिकारी का नाम पदोन्नति के बाद पद वर्तमान पदस्थापना नई पदस्थापना
डीआईजी शिव कुमार आईजी हैदराबाद एयरपोर्ट नॉर्थ ईस्ट सेक्टर, कोलकाता मुख्यालय
सीनियर कमांडेंट सी. अमोल डीआईजी आरटीसी, बरवा
सीनियर कमांडेंट राजेश डीआईजी मुंडली मुख्यालय
कमांडेंट गौरव तोमर सीनियर कमांडेंट
कमांडेंट लक्ष्मीनारायण चौधरी सीनियर कमांडेंट
कमांडेंट एस. वेंटलॉग सीनियर कमांडेंट
उप कमांडेंट मनिंदर सिंह कमांडेंट रायपुर एयरपोर्ट नागपुर एयरपोर्ट
उप कमांडेंट ऋषि कौशिक कमांडेंट नेशनल म्यूजियम, नई दिल्ली ताज महल, आगरा
उप कमांडेंट कृष्ण प्रकाश कमांडेंट बड़ोदरा एयरपोर्ट भोगापुरम एयरपोर्ट, आंध्र प्रदेश

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषिकुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षकजे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारीसीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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