दुर्ग में गूंजी ‘मन की बात’, किसानों ने लिया जैविक खेती का संकल्प

दुर्ग

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण को लेकर रविवार को दुर्ग जिले में खास उत्साह दिखा। भाजपा किसान मोर्चा दुर्ग ने धनौरा स्थित तुलसी पैलेस में सामूहिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किया, जहां सैकड़ों किसानों और कार्यकर्ताओं ने एक साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने किसानों के साथ बैठकर पूरा कार्यक्रम सुना। इस मौके पर जिला महामंत्री दिलीप साहू, किसान मोर्चा जिला प्रभारी विलास सुतार, सह प्रभारी रविंद्र सिंह चौहान और जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत विशेष रूप से मौजूद रहे।

धनौरा सरपंच रुलेश्वरी बंजारे, जनपद अध्यक्ष सरस्वती साहू, खम्हरिया सरपंच दुलारी देशलहरे, उतई मंडल अध्यक्ष शीतला ठाकुर और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व किसान मोर्चा के पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

‘जैविक खेती से बदलेगी तकदीर’  

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जैविक खेती को भविष्य की खेती बताया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों का इस्तेमाल कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि जैविक खेती से न सिर्फ धरती की सेहत सुधरेगी, बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और लोगों को जहर-मुक्त अनाज मिलेगा।

विधायक ललित चंद्राकर ने कहा, “मन की बात प्रधानमंत्री का देश से सीधा संवाद है। आज पीएम ने जो जैविक खेती का मंत्र दिया है, उसे हम दुर्ग जिले के हर गांव तक पहुंचाएंगे। दुर्ग का किसान अब केमिकल फ्री खेती की मिसाल बनेगा।”

जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत ने बताया कि किसान मोर्चा आने वाले दिनों में गांव-गांव जैविक खेती कार्यशाला चलाएगा। “पीएम का हर शब्द हमारे लिए आदेश है। पर्यावरण बचाना और किसान की आय बढ़ाना ही हमारा लक्ष्य है।” 

कार्यक्रम में विनोद चंद्राकर, राजेंद्र यादव, अजीत चंद्राकर, चंद्रकांत साहू, लुकेश्वर साहू समेत मोर्चा के सभी पदाधिकारियों और सैकड़ों किसानों ने जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया

लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय

रायपुर

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
           
कार्यक्रम के मुख्य वक्ताइंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।
                 
मुख्य वक्ताकुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा। 
            
मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया।साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।                         

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीयनरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था।साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया। 
        
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।
         
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्रीतोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघकैलाश सोनी, विधायकमोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैनदीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वरअजय रामदास,अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्षदिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्षसच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे। 
              
कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर “आपातकाल कभी विस्मृत न हो” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा केसूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग केअंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर “25 जून : संविधान हत्या दिवस” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

रायपुर में संपत्तिकर छूट का बड़ा असर, 27 दिनों में जमा हुए 22 करोड़ रुपये टैक्स

रायपुर.

जून माह में संपत्तिकर का भुगतान करने वालों को नगर निगम 6.25 फीसदी छूट का लाभ दे रही है। इसी के तहत इस महीने अब तक 2732 रहवासियों (संपत्तियों) से 22 करोड़ 19 लाख रुपए की वसूली की गई है। इस छूट का लाभ लेने के लिए अब महज दो दिन ही शेष है.

निगम ने इस वित्तीय वर्ष में 425 करोड़ रुपए राजस्व की वसूली का लक्ष्य रखा है। ऐसे में हर महीने बड़ी वसूली की जा रही है। निगम क्षेत्र में 3.60 हजार प्रापर्टी है, जिसमें से 3.46 लाख प्रापर्टी टैक्सेबल हैं। इन संपत्तियों का इस वित्तीय वर्ष के राजस्व के साथ हजारों संपत्तियों का सालों से टैक्स भुगतान नहीं किया गया। इसलिए हर दिन सभी 10 जोन से मिलाकर 1 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट सेट किया गया है।

छूट का लाभ लेने बचे सिर्फ 2 दिन
बता दें कि संपत्तिकर में 6.25 फीसदी का छूट सिर्फ जून माह में ही मिलेगा। यदि इसका लाभ लेना है तो करदाताओं के पास सिर्फ 2 दिन हैं। सोमवार और मंगलवार को संपत्तिकर के भुगतान में ही यह छूट लागू होगा। इसके बाद 1 जुलाई से संपत्ति कर शत-प्रतिशत लगाया जाएगा। इसलिए लोग ऑनलाइन व जोन कार्यालयों में जाकर संपत्तिकर अदा कर सकते हैं।

लोग आ रहे हैं सामने
नगर निगम राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा ने मीडिया को बताया कि जून माह में बड़ी संख्या में प्रापर्टी होल्डर्स ने छूट का लाभ लिया है। इस महीने 2732 संपत्तियों का करीब 22 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। साथ ही कई जोन क्षेत्र में 20 से अधिक बड़े बकाएदारों की संपत्तियों को भी सील किया गया है। छूट का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने से भी लोग सामने आ रहे हैं.

जोनवार राजस्व की स्थिति
जोन    प्रॉपर्टी    राशि

जोन 1    1156    1.70 करोड़
जोन 2    1246    3.15 करोड़
जोन 3    1020    1.41 करोड़
जोन 4    1182    2.22 करोड़
जोन 5    1303    2.02 करोड़
जोन 6    1360    1.45 करोड़
जोन 7    880    1.85 करोड़
जोन 8    1739    2.03 करोड़
जोन 9    2555    2.75 करोड़
जोन 10    2421    3 करोड़
कुल    14862    21.63 करोड़

कोरबा में भाजपा नेता पर हमले के आरोपी रज्जाक पर बड़ा एक्शन, जमींदोज हुआ साम्राज्य

कोरबा.

भाजपा नेता पर हुए जानलेवा हमले के बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रज्जाक अली के कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पिछले दिनों पर भाजपा नेता शिव बालक तोमर पर जिला पंचायत सदस्य राजकली एवं उसके साथियों ने हमला कर दिया था घटना में शिव बालक एवं रूप से घायल हो गया था। मामले में पुलिस ने पहले ही रज्जाक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अब पुलिस एवं प्रशासन ने उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच के दौरान रज्जाक अली के नाम से दर्ज निर्माण के दस्तावेजों और वैधानिक अनुमतियों की भी पड़ताल की गई। जांच में निर्माण में कथित तौर पर कई अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन सामने आया। इसके बाद जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने का निर्णय लिया। एसडीएम, तहसीलदार, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर सीतामणी पहुंची और तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।

भारी पुलिस बल तैनात, भीड़ जुटी
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र मैं बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। बुलडोजर कार्रवाई देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। प्रशासन ने अवैध रूप से बने हिस्से को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही कदम उठाए जा रहे हैं।

तरह-तरह की हो रही चर्चाएं
इस कार्रवाई के बाद शहर का सियासी पारा चढ़ गया है। राजनीतिक गलियारों में मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्ष ने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं, वहीं प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही है।

कई मामले दर्ज है रज्जाक के विरुद्ध
जिला पंचायत सदस्य राजा के विरुद्ध मारपीट सुमित के मामले दर्ज हैं । पुलिस ने पिछले दिनों रासुका के तहत कार्यवाही करने की प्रक्रिया शुरू की थी , हालांकि मामला अभी प्रक्रिया में है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कोविड-19 को आधार बनाकर नहीं रोकी जा सकती अनुकंपा नियुक्ति

बिलासपुर.

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एन के चन्द्रवंशी की एकलपीठ ने कहा है, कि कोरोना महामारी के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) समय पर आयोजित नहीं होने का नुकसान अनुकंपा नियुक्ति के आवेदक को नहीं भुगतना पड़ेगा. कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर विधि अनुसार पुनर्विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने कहा है.

दरअसल, धमतरी निवासी वासुदेव साहू के पिता, जो सहायक शिक्षक थे, का वर्ष 2017 में सेवा के दौरान निधन हो गया था. इसके बाद वासुदेव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया. आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के लिए उन्हें तीन वर्ष का समय दिया गया था. उन्होंने डी.एल.एड. की परीक्षा समय पर उत्तीर्ण कर ली, लेकिन मार्च 2020 में होने वाली टेट परीक्षा कोविड-19 के कारण निरस्त हो गई. बाद में जनवरी 2022 में आयोजित परीक्षा में उन्होंने सफलता प्राप्त की. इसके बावजूद पंचायत विभाग ने निर्धारित समय में योग्यता प्राप्त न करने का हवाला देकर उनकी अनुकंपा नियुक्ति का दावा अस्वीकार कर दिया. जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि, टेट परीक्षा समय पर आयोजित न होना अभ्यर्थी के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति थी. इसलिए उसे अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता. कोर्ट ने यह भी कहा, कि कोविड अवधि में समय-सीमा संबंधी राहत के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश इस मामले में भी लागू होंगे. हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2022 का अयोग्यता आदेश निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को वासुदेव साहू के अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर विधि अनुसार पुनर्विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने कहा है.

छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा, दीवार ढहने से दो बच्चों की मौत, महिला गंभीर घायल

बेमेतरा.

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां दीवार ढहने से दो बच्चियों की मौत हो गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना से गांव में कोहराम मच गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।

यह पूरा मामला नवागढ़ विधानसभा के ग्राम राउरपुर का है। बच्चियों की पहचान वंशिका (11) और राधिका (7) पिता ओमप्रकाश कोशले के रूप में हुई है और घायल महिला की पहचान शशिकला के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि आज दोनों बच्चे घर के आंगन में बर्तन धो रहे थे। इसी दौरान दीवार भरभरा कर गिर गई, जिसकी चपेट में दोनों बच्चे और महिला आ गई।

दोनों बच्चों की मौत, महिला घायल
चीख पुकार मचते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे और आनन फानन में 108 के जरिए सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक दोनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। वहीं महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे रायपुर रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई।

‘मन की बात’ जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ की अनेक कड़ियों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा ‘हरगिला आर्मी’ के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने, अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर का निरीक्षण करने में स्कूटी से निकले उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लगभग तीन घंटे तक स्कूटी से बिलासपुर शहर का भ्रमण कर नगर निगम, स्मार्ट सिटी तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी और नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे भी उनके निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री साव ने आज बिलासपुर में मंगला स्थित 10 एमएलडी एवं 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज, रामसेतु के बाईं ओर अटल पथ निर्माण, अशोकनगर-बिरकोना सड़क गौरव पथ निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

उन्होंने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने में आ रही बाधाओं का निराकरण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसटीपी निर्माण में विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि अरपा नदी बिलासपुर की जीवनदायिनी है और शहरवासियों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। इसके संरक्षण एवं पुनरुद्धार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने अरपा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने और उसके पुनरुद्धार के लिए तैयार 250 करोड़ 93 लाख रुपये की परियोजना को सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए इसे शीघ्र धरातल पर उतारने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के लगभग 70 नालों का दूषित पानी सीधे अरपा नदी में गिर रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम द्वारा 250 करोड़ 93 लाखि रुपये की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया गया है। इसके तहत नगर निगम सीमा क्षेत्र में 17 किलोमीटर लंबाई में प्रवाहित 70 नालों के दूषित जल को उपचारित करने की व्यापक योजना बनाई गई है। परियोजना में 57 स्थानों पर इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन स्ट्रक्चर, 13 स्थानों पर डाइवर्जन वियर, 9.99 किलोमीटर डाइवर्जन सीवर, 2.77 किलोमीटर सीवरेज पंपिंग राइजिंग मेन, 3 सीवेज पंपिंग स्टेशन, 2 नए एसटीपी सहित विद्युतीकरण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन कार्य शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से नालों का गंदा पानी नदी में जाने से पहले उपचारित किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर राज्य शासन स्तर पर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अरपा नदी के संरक्षण का कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहर में बेतरतीब ढंग से लगे बिजली के खंभों एवं ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही भविष्य में नए बिजली खंभे अथवा ट्रांसफार्मर स्थापित करने से पूर्व नगर निगम की अनिवार्य सहमति लेने के निर्देश दिए। कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर के लिए पर्याप्त वाहन पार्किंग विकसित करने तथा उसके पीछे स्थित शासकीय भूमि का उपयोग पार्किंग के रूप में किए जाने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कहा कि जनहित के सभी काम समय पर पूर्ण हों, और लोगों को त्वरित रूप से इनका लाभ मिले। ठेकेदारों को पेनाल्टी अथवा सजा दिलाना हमारा उद्देश्य नहीं है। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विकास परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से बिलासपुर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और शहर की दशा एवं दिशा में व्यापक परिवर्तन आएगा।

उप मुख्यमंत्री साव के निरीक्षण के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला भी पूरे समय साथ थे। उन्होंने भी अधिकारियों को लम्बे समय से अधूरे पड़े इन कार्यों को जल्द पूर्ण करने का व्यवहारिक समाधान सुझाया। निरीक्षण के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, सीएसईबी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री साव ने एटीआर क्षेत्र के गांवों में लगाई जनचौपाल

रायपुर.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के अचानकमार क्षेत्र के सुदूर वनांचल ग्रामों- जमुनाही, जकड़बांधा, सुरही और बम्हनी, कटामी और अचानकमार में जनचौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान अनेक विकास कार्यों की घोषणाएं भी की।

ग्राम जमुनाही में उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिवतराई से केवची तक बहुप्रतीक्षित सड़क को स्वीकृति मिल चुकी है। वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं बिजराकछार से औरापानी सड़क को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।  ग्रामीणों द्वारा बिजली एवं पेयजल की समस्या उठाए जाने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने जमुनाही में सड़क की मरम्मत, गांव में 5 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण, देवभूमि में हैंडपंप स्थापना की घोषणा की तथा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, पेंशन, राशन सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपये तथा गणेश चौक में गणेश पंडाल हेतु शेड निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कोटरा-पथरा-मनियारी मार्ग पर पुल निर्माण का सर्वे पूरा हो चुका है और कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने जनचौपाल के दौरान पेयजल समस्या के समाधान के निर्देश देने के साथ ही स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को खेल सामग्री भी वितरित किए।

सुरही में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वनांचल क्षेत्रों में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सुरही में 5 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण की घोषणा की। ग्राम बम्हनी में जनचौपाल के दौरान उप मुख्यमंत्री ने बताया कि गांव के 111 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा 206 महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने निवासखार में पुलिया निर्माण के लिए भी शीघ्र प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

उप मुख्यमंत्री ने ग्राम कटामी एवं छपरवा में हैंडपंप एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम बिंदावल में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की घोषणा की तथा पानी एवं बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जनचौपालों में मुंगेली के कलेक्टर कुंदन कुमार और वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

दुर्ग में 100 साल पुराने DEO कार्यालय भवन का होगा नवनिर्माण, जल्द शुरू होगा काम

दुर्ग.

दुर्ग जिला मुख्यालय स्थित लगभग 100 वर्ष पुराने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय भवन का शीघ्र ही नवनिर्माण किया जाएगा। लंबे समय से जिले की शिक्षा व्यवस्था के संचालन का केंद्र रहे इस ऐतिहासिक भवन को आधुनिक सुविधाओं युक्त नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा।

जर्जर हो चुके वर्तमान भवन के स्थान पर बनने वाला नया कार्यालय शिक्षा प्रशासन को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी, पारदर्शी एवं जनसुविधा के अनुरूप बनाएगा। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि जिले की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का प्रमुख केंद्र होता है। यहीं से विद्यालयों के संचालन, शिक्षकों की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों के हितों, शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचारों तथा शासन की शिक्षा संबंधी योजनाओं का प्रभावी संचालन और अनुश्रवण किया जाता है।

इसलिए इस कार्यालय का आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नया भवन राशि स्वीकृति होने के बाद निर्माण प्रारंभ होगा। आज इंजीनियर के साथ पुराना भवन का निरीक्षण कर जल्द ही ड्राइंग डिज़ाइन तैयार करने निर्देश दिए।

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