विकसित भारत-जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा

रायपुर 

देशभर में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू हो रही है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और आधारभूत विकास को नई गति देने के उद्देश्य से प्रारंभ की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत -2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में ग्रामीण भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना है। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, आजीविका संवर्धन और गांवों के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

राज्य के बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान
     
योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को मांग के आधार पर वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, कृषि आधारित कार्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन जैसे टिकाऊ कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकसित ग्राम की परिकल्पना को साकार करने के लिए योजना में कुल 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2026-27 के बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

2 जुलाई को होगा शुभारंभ
        
छत्तीसगढ़ में योजना के शुभारंभ एवं क्रियान्वयन को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 2 जुलाई 2026 को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें वे देश के विभिन्न राज्यों से संवाद करेंगे। प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ग्रामीणों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़कर संवाद करेंगे।

ग्राम सभा की भूमिका होगी सशक्त 

इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था होगी, कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। इसी तरह डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के साथ ग्राम सभा की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाया गया है।

ग्राम सभा द्वारा तैयार की जाएगी पंचायतों के विकास कार्यों की कार्ययोजना
            
वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना से ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका के नए अवसर प्रदान करेगी। सामाजिक अंकेक्षण एवं डिजिटल निगरानी से पारदर्शिता में भी वृद्धि होगी। नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
      
विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों में विकास की स्थायी आधारशिला तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

खेल प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराएगी हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री  अरुण साव सहित समिति के सदस्यों ने वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया तथा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम स्वरूप प्रदान किया। इनमें 20 अलग-अलग खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। 

बैठक में अनुमोदित 156 खिलाड़ियों की सूची को सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इसे अधिसूचित करने के बाद खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में लेने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ होगी। राज्य के खिलाड़ी लंबे समय से इस सूची की प्रतीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री  साय की अध्यक्षता में आज हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद खिलाड़ियों का यह इंतजार जल्द समाप्त हो जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शी, समयबद्ध और प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चयनित उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पात्रता के अनुरूप उन्हें शासकीय सेवा में नियुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया और व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों का अनुभव और उपलब्धियां प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, इसलिए उनकी सेवाओं का उपयोग खेल प्रशिक्षण, प्रतिभा संवर्धन और खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में भी किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत खेल व्यवस्था विकसित करना है, जहां गांव से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभाओं की समय रहते पहचान हो, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से खेल गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा खेल प्रतिभाओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल अधोसंरचना के विस्तार, आधुनिक सुविधाओं के विकास तथा नई खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसे उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार करना है जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आज चयनित खिलाड़ी भविष्य में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में बताया गया कि राज्य में अब तक 182 उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए पूर्व में विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण और निर्धारित मानकों के आधार पर 156 खिलाड़ियों को पात्र पाया गया।

बैठक में वन मंत्री  केदार कश्यप, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चंपावत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम उपस्थित थीं।

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर मंत्री नेताम का बड़ा बयान, शिकायतों पर प्रशासन करेगा त्वरित कार्रवाई

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का बड़ा बयान सामने आया है। विपक्ष द्वारा नए कानून के लागू न होने और पुराने एक्ट के तहत FIR दर्ज किए जाने के आरोपों पर मंत्री ने साफ किया कि इस तरह की कोई शिकायत होगी, तो प्रशासन प्रमुखता से ध्यान देकर कार्रवाई करेगा।

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के लिए चिंतित है कांग्रेस
वहीं उन्होंने आगे कहा कि ये अच्छी बात है कि कांग्रेस धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के लिए चिंतित है। बहुत जल्दी लागू होगा। भाजपा की सरकार में अच्छे-अच्छे लोग कभी राम मंदिर का नाम नहीं लेते थे वे भी मंदिर जाना शुरू कर दिए। समय के अनुसार उनका परिवर्तित चेहरा दिखाई दे रहा है और उनके मुख से ऐसी बाते की जा रही ये समय का तकाजा है।

यह एक न्यायपूर्ण व निष्पक्ष न्यायशास्त्र का स्थापित सिद्धांत है कि एक बार जब कोई भी कानून पारित हो जाता है, जिसमें कि संविधान विरोधी और दमनकारी प्रावधान हों तो निजी स्वतंत्रता, निजता और स्वायत्तता के मुद्दों में राज्यसत्ता की निगरानी, प्रताड़ना और दखलंदाजी शुरू हो जाती है। यह एक सामूहिक आकार लेते हैं जब इन कानूनों का इरादा ही संप्रदाय निरपेक्ष न होकर बहुसंख्यवादी हो। यही “धर्मांतरण विरोधी“ कानूनों के साथ हो रहा है जो 2020 से एक के बाद एक भाजपा शासित राज्यों में पारित किये जा रहे हैं। सभी को संवैधानिक चुनौती दी हुई है। इससे पहले कि यह आलेख ऐसे प्रतिबंधात्मक विधेयकों की पृष्ठभूमि और इतिहास में जाये, जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों के मुद्दे के पीछे “तथ्य एवं आंकड़ों“ – डाटा – पर ध्यान देना होगा। “जबरन धर्मांतरण“ का मुद्दा बार–बार उछाला जाता है उन संगठनों के जरिये जो आम तौर पर महिलाओं की स्वायत्तता और मर्जी पर राज्यसत्ता का नियंत्रण चाहते हैं। यह इत्तेफाक नहीं है कि यह ताकतें और आवाजें बहुसंख्यवादी और श्रेष्ठतावादी नज़रिये का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह नज़रिया जीने के अधिकार, कानून के समक्ष समानता, गैरभेदभाव, आस्था, धर्म व पूजा की स्वतंत्रता के अकाट्य संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ जाता है। इनके वर्तमान में केंद्र में और कई राज्यों में सत्ता में होने के कारण यह संकीर्ण और पक्षपाती रवैया अतिश्योक्तियों में दिख रहा है जबकि इस नज़रिये के पक्ष में कोई विश्वसनीय तथ्य या आंकड़े मौजूद नहीं हैं।

रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को विश्व पटल पर दिलाएंगे नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर

रामगढ़ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, प्रकृति पूजा, आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। सरगुजा की यह पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को प्रमाणित करता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के ऐतिहासिक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के  समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि जनश्रुतियों के अनुसार त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा रामगढ़ की हवाओं और शिलाओं में रामायण की स्मृतियां आज भी जीवंत हैं।

उन्होंने कहा कि सीताबेंगरा गुफा भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों वर्ष पूर्व सांस्कृतिक आयोजन और नाट्य प्रस्तुतियां होती थीं। वहीं जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्तिचित्र कला के लिए विश्वविख्यात है। हाथीपोल जैसी प्राकृतिक शैल संरचना तथा यहां के प्राचीन शिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इसी क्षेत्र में किए जाने का उल्लेख मिलता है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि जिस भव्यता के साथ इस वर्ष रामगढ़ महोत्सव का आयोजन हुआ है, उसी भव्यता के साथ यह महोत्सव प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2,387 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में लोगों के पक्के आवास का सपना तेजी से साकार हो रहा है। 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनकर तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। पुनर्वासित नक्सलियों तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया है। तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थस्थलों को शामिल किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार दर्शन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए विभिन्न विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का प्रभावी समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रवासियों की मांग पर उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत के गठन की घोषणा भी की।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य कर रहा है।

कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने सभी को रामगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लगभग 50 वर्षों से आयोजित हो रहा यह महोत्सव ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मंच से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का शाला प्रवेश कराया। उन्होंने बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई तथा स्कूल बैग, वॉटर बॉटल सहित अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने 26 से 30 जून तक सरगुजा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर विशेष डॉक्यूमेंट्री तैयार करने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया।

समापन समारोह में विधायक  प्रबोध मिंज, विधायक  रामकुमार टोप्पो, विधायक शकुंतला पोर्ते, विधायक उद्देश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अनुपम संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “राम वाटिका” में किया रुद्राक्ष का पौधारोपण

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  आज अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विकासखंड उदयपुर स्थित रामगढ़ के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस “राम वाटिका” में स्थापित भगवान  राम की प्रतिमा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, इसके साथ ही उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम 3.0” अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा तथा आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला भी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएँ तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के संतुलन को बनाए रखा जा सके।

भगवान  राम की प्रतिमा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु  राम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता का अनुपम आदर्श है, जो युगों-युगों से समस्त मानवता का मार्गदर्शन करता आ रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से प्रभु  राम द्वारा प्रशस्त आदर्श पथ पर चलते हुए सेवा, सद्भाव एवं समर्पण के भाव से समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक  रामकुमार टोप्पो सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

धमतरी में 50 से ज्यादा अवैध घरों को नोटिस, भड़के ग्रामीणों ने राजस्व टीम को घेरा

धमतरी.

रायपुर के नकटी गांव के बाद धमतरी के कोलियारी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। 50 से अधिक मकानों को खाली करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा अल्टीमेटम दिए जाने के बाद ग्रामीणों और राजस्व टीम के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई। मौके पर कुछ समय के लिए स्थिति गर्मा गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि एक निजी संस्थान को जमीन उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग दबाव बनाकर लोगों को उनके घरों से हटाने की कोशिश कर रहा है। धमतरी में भी रायपुर के नकटी गांव जैसी स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं राजस्व विभाग का कहना है कि संबंधित भूमि पर 50 से अधिक मकान अतिक्रमण कर बनाए गए हैं। नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत संबंधित लोगों को घर खाली करने का नोटिस और अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध जताने लगे। इस दौरान राजस्व अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

जल्द घर खाली करने के निर्देश
राजस्व अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित लोगों को जल्द से जल्द अतिक्रमित भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

खुले गड्ढे बने मौत का जाल, बच्चों की सुरक्षा पर नगरीय प्रशासन को आयोग की सख्त अनुशंसा

रायपुर 

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आज नगरीय प्रशासन विभाग, जिला कलेक्टर व नगरीय निकायों के उच्चाधिकारियों को एक बेहद सख्त अनुशंसा भेजते हुए लेख किया है कि आयोग के समक्ष इस प्रकार के प्रकरण देखने में आये हैं, जिसमें कि कॉलोनी में निर्माणाधीन गढ्ढे खुुले होने, सड़कों पर गढ्ढे खुले होने अथवा बारिश में नालियों के ढक जाने के कारण उसमें बच्चे गिर पड़े हैं एवं उनके जीवन का अंत हो गया है। 

आयोग ने इसे बेहद दुःखद माना है एवं आयोग द्वारा बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13 तथा सहपठित धारा 15 के तहत बच्चों के जीवन के अधिकार की रक्षा को देखते हुए यह अनुशंसा क्रमांक आर-191/30.06.2026 की है कि, नगरीय क्षेत्र में तत्काल एक सर्वेक्षण अभियान चलाकर ऐसे खुले गढ्ढों, नालियों या निर्माणाधीन स्थलों कोे चिन्हाँकित कर लिया जाये और उन्हें या तो भर दिया अथवा उनके चारो ओर सुरक्षा कवच के रूप में बल्ली आदि से बाड़ी लगा दी जाये जिससे बच्चे उसमें न गिरने पायें, समस्त निर्माण एजेन्सियों तथा आवासीय कॉलोनियों को यह निर्देश जारी किये जाये कि किसी भी प्रकार से निर्माण के लिए खोदे गये नींव स्थल/कॉलम स्थल/अन्य कारणों से खोदे गये गढ्ढों के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाकर इस प्रकार बंद करना कि वहाँ बच्चे आवाजाही करते समय न गिरें यह सुनिश्चित करें, संवेदनशील निर्माणाधीन स्थलों पर निर्माण एजेन्सियाँ एक चौकीदार/सुरक्षाकर्मी भी इस हेतु तैनात करें जो बच्चों को जोखिम से बचाने में सहायक हो सके।

 अनुशंसा में यह भी लेख है कि बारिश में खेलते समय या शाला आते जाते समय पैदल चलते बच्चों को बारिश के छोटे गढ्ढे अथवा बड़े गढ्ढों में अंतर समझ में नहीं आता है एवं बच्चों को अनजाने में ही जान का खतरा उत्पन्न हो जाता है। अतः इस विषय की संवेदनशीलता को समझते हुए मंत्रालय तथा विभागाध्यक्ष स्तर से पर्याप्त निर्देश प्रसारित किये जायें एवं जिला स्तर पर जिला कलेक्टर व नगरीय निकाय के उच्चाधिकारी तत्काल इस विषय पर पहल करें एवं इसे नियमित साप्ताहिक समय सीमा के पत्रों पर कार्यवाही की समीक्षा के विषय के रूप में शामिल किया जाये। आयोग ने उक्तानुसार अनुशंसा पर कार्यवाही करते हुए निर्देश प्रसारित कर आयोग को दिनांक 07 जुलाई 2026 तक लिखित में अवगत कराने का भी लेख किया है।

आदिवासी समाज के सशक्त नेतृत्व और शिक्षा से नए छत्तीसगढ़ का निर्माण हो रहा है : मंत्री केदार कश्यप

आदिवासी समाज के सशक्त नेतृत्व और शिक्षा से नए छत्तीसगढ़ का निर्माण हो रहा है : मंत्री केदार कश्यप

छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के सामाजिक भवन का हुआ लोकार्पण, उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान

शिक्षा, संगठन और संस्कार से समाज होगा मजबूत, युवाओं से आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार

रायपुर
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज रायपुर के महादेव घाट में आयोजित छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के सामाजिक भवन लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया और शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

शिक्षा और संगठन समाज की सबसे बड़ी ताकत

              मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी शिक्षा, संगठन और संस्कार होते हैं। आज आदिवासी समाज के युवा शिक्षा, प्रशासन, तकनीक, व्यवसाय, खेल और जनप्रतिनिधित्व सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह नए और विकसित होते छत्तीसगढ़ का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि आज दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी युवा डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनकर समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

सामाजिक भवन बनेगा विकास और मार्गदर्शन का केंद्र

              मंत्री कश्यप ने कहा कि सामाजिक भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संवाद, संस्कार और नई पीढ़ी के मार्गदर्शन का केंद्र है। यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक कार्यक्रमों और समाज के विकास से जुड़े कार्यों के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

शासकीय योजनाओं से आदिवासी समाज को मिल रहा सशक्त आधार

              कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति, छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय, कौशल विकास, वनाधिकार, स्वरोजगार, लघु वनोपज का बेहतर मूल्य तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण जैसी योजनाओं से आदिवासी समाज को आगे बढ़ाया जा रहा है।

युवाओं को आगे बढ़ाने का किया आह्वान

             मंत्री केदार कश्यप ने समाज के वरिष्ठजनों से अपनी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, डिजिटल तकनीक और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

            कार्यक्रम के अंत में मंत्री केदार कश्यप ने सामाजिक भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि संगठित समाज, शिक्षित युवा और सशक्त नेतृत्व के बल पर छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि

नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि

किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक

राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण

नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 1.14 लाख बोतलों का वितरण

रायपुर, 
 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए राज्य में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।

कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के दौरान सहकारी समितियों के माध्यम से नैनो उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। 26 जून 2026 की स्थिति में राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है तथा 1.14 लाख बोतलों से अधिक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। शेष मात्रा समितियों में उपलब्ध है, जिससे आगामी कृषि कार्यों के लिए किसानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

राज्य सरकार किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया पारंपरिक ठोस रासायनिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। इनका उपयोग करने से उर्वरकों की मात्रा कम लगती है, पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है, उत्पादन लागत घटती है तथा फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकें।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी प्राप्त करें तथा इन आधुनिक उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग कर कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में सहभागी बनें।

हिस्ट्रीशीटर नशा तस्कर मुकेश बनिया की 42 लाख रुपये की संपत्ति अटैच, पुलिस का बड़ा एक्शन

रायपुर.

नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आदतन एनडीपीएस आरोपी मुकेश उर्फ मुकेश बनिया की करीब 42 लाख रुपये की संपत्तियों पर SAFEMA सक्षम प्राधिकारी मुंबई ने फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि कर दी है। इससे आरोपी अब बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के इन संपत्तियों को बेच, गिरवी रख या हस्तांतरित नहीं कर सकेगा। बता दें कि इससे पहले गांजा तस्कर रवि साहू की संपत्ति अटैच की गई थी।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर “सूखे नशे के विरुद्ध अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता और एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने मुकेश बनिया के आर्थिक नेटवर्क की विस्तृत जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी और उससे जुड़े लोगों के नाम पर एक मकान और तीन वाहन मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदे गए थे। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे SAFEMA ने मंजूरी दे दी।

31 आपराधिक मामलों का आरोपी है मुकेश
पुलिस के अनुसार मुकेश बनिया रायपुर में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या, बलवा, मारपीट और गुंडागर्दी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। 26 फरवरी 2026 को सिटी कोतवाली पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से 6.119 किलोग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां समेत अन्य सामग्री बरामद की गई थी। इससे पहले पुलिस ने आरोपी के आधुनिक तकनीक से संचालित गांजा हाइडआउट का भी खुलासा किया था।

पहले PIT-NDPS के तहत हुई थी कार्रवाई
आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ पहले ही PIT-NDPS Act, 1988 के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी किया जा चुका है। इसके बाद पुलिस ने उसके आर्थिक स्रोतों की गहन जांच शुरू की, जिसके आधार पर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।

अब होगी जब्ती की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार अब संबंधित पक्ष को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष यह साबित करना होगा कि संपत्तियां वैध आय से खरीदी गई हैं। यदि वे इसका प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए तो नियमानुसार इन संपत्तियों को स्थायी रूप से शासन के पक्ष में जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पुलिस का संदेश
रायपुर पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि अब नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक सीमित कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत समाप्त किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के पर्यवेक्षण में निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने वित्तीय जांच, दस्तावेजों के संकलन, राजस्व एवं परिवहन अभिलेखों की जांच तथा सफेमा के समक्ष समन्वय की पूरी प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि की।

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