बदलती खेती में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी बन रहे किसानों की नई पसंद

रायपुर

खेती में बढ़ती लागत, मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से पैदा हो रही चुनौतियों के बीच अब नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए एक उपयोगी और लोकप्रिय विकल्प बन गई है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि किसान संतुलित और वैज्ञानिक तरीके से इनका उपयोग करें तो इससे खेती की लागत कम करने, उत्पादन बेहतर बनाने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाए रखने के लिए उर्वरकों के उपयोग के तौर-तरीकों में बदलाव जरूरी होगा। यही कारण है कि अब किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को लेकर रुचि बढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ सहित देश के अधिकांश धान उत्पादक क्षेत्रों में सामान्यतः प्रति एकड़ 2 से 3 बोरी यूरिया और 1 बोरी डीएपी का उपयोग किया जाता है।

मौजूदा कीमतों के अनुसार एक बोरी यूरिया की कीमत लगभग 270 रुपये और एक बोरी डीएपी की कीमत लगभग 1350 रुपये है। इस प्रकार केवल यूरिया और डीएपी पर प्रति एकड़ करीब 1900 से 2200 रुपये तक खर्च हो जाता है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 500 मिलीलीटर नैनो यूरिया की एक बोतल का प्रभाव लगभग एक बोरी पारंपरिक यूरिया के बराबर माना जाता है। फसल में दो चरणों में छिड़काव के जरिए पारंपरिक यूरिया की जरूरत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

यदि किसान 2 बोरी ठोस यूरिया की जगह 2 बोतल नैनो यूरिया का उपयोग करते हैं तो अनुमानित खर्च 100 रुपये प्रति एकड़ बचत होती है। दो बोरी पारंपरिक यूरिया का मूल्य लगभग 540 रुपये है। इसके स्थान पर 2 बोतल नैनो यूरिया| लगभग 450-500 में आता है। यानि सीधे खाद लागत में बचत के साथ-साथ परिवहन, भंडारण और मजदूरी खर्च में भी कमी आती है।

इसी प्रकार कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि 50 किलो डीएपी की पूरी मात्रा उपयोग करने के बजाय यदि किसान 25 किलो डीएपी के साथ 500 मिली नैनो डीएपी का उपयोग करें तो प्रति एकड़ लगभग 75 से 150 रुपये तक की बचत होती है।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार पारंपरिक यूरिया का बड़ा हिस्सा मिट्टी, पानी और वातावरण में नष्ट हो जाता है। इसके विपरीत नैनो यूरिया के सूक्ष्म कण सीधे पौधों द्वारा तेजी से अवशोषित किए जाते हैं। इससे पौधों को संतुलित पोषण मिलता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक संतुलित उपयोग की स्थिति में इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आए है।फसल की बढ़वार बेहतर होती है। पौधों की हरियाली लंबे समय तक बनी रहती है। दानों का भराव मजबूत होता है।उत्पादन की गुणवत्ता सुधरती है। उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है। कई कृषि परीक्षणों में 5 से 8 प्रतिशत तक उत्पादन वृद्धि के संकेत भी मिले हैं।

कृषि क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि लगातार अधिक मात्रा में रासायनिक खाद के उपयोग से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। नैनो उर्वरकों का संतुलित उपयोग मिट्टी में पोषक तत्वों के संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा रासायनिक अवशेष कम होते हैं।भूजल प्रदूषण घटता है।मिट्टी की जैविक सक्रियता बेहतर बनी रहती है।पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है।इसी कारण वैज्ञानिक खेती में अब संतुलित उर्वरक उपयोग पर अधिक जोर दिया जा रहा है ।
वैज्ञानिक सलाह के अनुसार संतुलित रूप से नैनो उर्वरकों का उपयोग बढ़ाते हैं तोआयातित उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी है।विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी। देश में उर्वरक उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन इकाइयों में रोजगार बढ़ेगा। कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।

कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में पारंपरिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। रायपुर जिले की समितियों में वर्तमान मे यूरिया की उपलब्धता  9,102 मीट्रिक टन और कुल भंडारित यूरिया की मात्रा 10,732 मीट्रिक टन है, जब कि डीएपी की उपलब्धता 3,092 मीट्रिक टन और कुल भंडारित डीएपी की मात्रा 3,927 मीट्रिक टन है। इसके साथ ही कृषि सेवा केंद्रों और समितियों के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की उपलब्धता भी बढ़ाई जा रही है ताकि किसान आवश्यकता और उपयोगिता के आधार पर इन विकल्पों का इस्तेमाल कर सकें।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग और आधुनिक तकनीकों का समन्वय ही खेती को अधिक लाभकारी बनाएगा। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी विकल्प माना जा रहा है, जो कम लागत, बेहतर उत्पादन और मिट्टी की सुरक्षा तीनों मोर्चों पर किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव शंगीता आर. ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण

रायपुर

स्वच्छता, आवास, तालाब सौंदर्यीकरण एवं ईको पार्क का किया अवलोकन

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने आज गरियाबंद में विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-7 में एमआरएफ सेंटर पहुंचकर स्वच्छता दीदियों से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कचरा कलेक्शन और कचरे के अलग-अलग वर्गीकरण के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्वच्छता दीदियों द्वारा 110 प्रकार के कचरे को अलग-अलग वर्गीकृत किए जाने की जानकारी मिलने पर स्वच्छता दीदियों की सराहना की और कार्य के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने मास्क, दस्ताने, जैकेट, जूते और आवश्यक सुरक्षा सामग्री का अनिवार्य रूप से उपयोग करने को कहा।

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने स्वसहायता समूह की महिलाओं को पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से लोन लेकर अपने स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही नागरिकों को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के साथ स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को आदत में लाने पर ही नगरीय निकाय स्वच्छ और सुंदर बन सकेगा। इस दौरान उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की 10 हजार से अधिक महिलाओं के द्वारा वर्षभर कचरा संग्रहण और पृथक्करण किए जाने की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर की गई है।

शंगीता आर. ने वार्ड क्रमांक-8 में केशरी नागेश के प्रधानमंत्री आवास का निरीक्षण कर समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात से पहले आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने वार्ड क्रमांक-4 में तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का अवलोकन करते हुए साफ-सफाई, पिचिंग और गहरीकरण का कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने को कहा, जिससे नागरिकों को पर्याप्त निस्तारीकरण जल उपलब्ध हो सके और जल संवर्धन भी सुनिश्चित हो।

विभागीय सचिव ने ईको पार्क का निरीक्षण कर पौधों की सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था, लगाए गए पौधों तथा ‘वीमन्स फार ट्री’ के तहत लगाए गए पौधों की जानकारी ली। उन्होंने पार्क को बेहतर पर्यावरणीय एवं मनोरंजक स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। गरियाबंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, संयुक्त संचालक श्री एस.के. सुंदरानी और सीएमओ संध्या वर्मा भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थीं।

खरीफ में धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद एवं नैनो यूरिया व डीएपी के उपयोग को दिया जा रहा बढ़ावा

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर राजनांदगाँव  जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन में खेती-किसानी को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है ।कलेक्टर ने कृषि अधिकारियों को कहा है कि किसानों को खाद-बीज के लिए किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष खरीफ में धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद एवं नैनो यूरिया व डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समितियों एवं निजी क्षेत्रों में खरीफ पूर्व तैयारी के दृष्टि से वर्ष हेतु 68690 मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। जिले में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में कुल 41509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। जिसमें 17153 मीट्रिक टन यूरिया, 4088 मीट्रिक टन डीएपी, 10129 मीट्रिक टन एनपीके, 3382 मीट्रिक टन एमओपी एवं 6757 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध है, जो गत वर्ष इसी अवधि की तुलना से 34 प्रतिशत अधिक है।
    
उप संचालक कृषि  टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है। जिले में 14972 किसानों को खाद प्रदाय किया जा चुका हैं। जिसमें 7193 मीट्रिक टन यूरिया, 1807 मीट्रिक टन डीएपी, 4669 मीट्रिक टन एनपीके, 1322 मीट्रिक टन एमओपी एवं 2214 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद किसानों को आगामी खरीफ फसलों हेतु वितरण किया जा चुका है तथा समितियों में 4568 मीट्रिक टन यूरिया, 1032 मीट्रिक टन डीएपी, 3082 मीट्रिक टन एनपीके, 1364 मीट्रिक टन एमओपी एवं 1350 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक उपलब्ध है।
    
किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज प्राप्त हो सके इस हेतु 13980 क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के विरूद्ध जिले में 6036 क्विंटल बीज, बीज निगम में उपलब्ध है। जिसमें से 3201 क्विंंटल का समितियों में भंडारण कराकर 1085 क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। निरंतर समितियों के मांग अनुरूप जिला विपणन अधिकारी एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित से समन्वय स्थापित कर भंडारण किया जा रहा है। साथ ही किसानों को शासन द्वारा प्रदाय दिशा-निर्देशानुसार 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डीएपी के आधार पर वितरण समितियों के माध्यम से कराया जा रहा है। उर्वरकों के कालाबाजारी, तस्करी, डायवर्सन, जमाखोरी आदि अनियमिताओं को रोकने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय उडऩदस्ता टीम का गठन किया गया हैं। टीम द्वारा निरंतर उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा हैं। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाये जाने पर अब तक 28 विक्रय केन्द्रों को नोटिस, 7 विक्रय केन्द्रों में भंडारित उर्वरक मात्रा को जप्ती करते हुए सील बंद की कार्रवाई की गई है। साथ ही 5 निजी विक्रय केन्द्रों के लाईसेंस का निलंबन भी किया गया है। कृषि विभाग द्वारा जिले में निरंतर विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है और आगे भी नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर केन्द्रों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

किसान चोवाराम एवं बेनीराम ने खाद, बीज के वितरण की व्यवस्था की सराहना की

रायपुर
    
केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु की गई व्यवस्था के तहत बालोद जिले के सहकारी समितियों में नियमित रूप से जिले के कृषकों को नियमित रूप से खाद, बीज का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर मती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की भण्डारण के साथ-साथ वितरण हेतु भी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। बालोद जिले में खाद, बीज की समुचित वितरण हेतु की गई व्यवस्था की सराहना जिले के कृषकों ने भी की है। आगामी खरीफ सीजन हेतु समुचित मात्रा में खाद, बीज उपलब्ध होने पर गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह निवासी कृषक  चोवाराम एवं ग्राम पेण्डरवानी निवासी  बेनीराम साहू ने व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए हितकर बताया है। 
    
समय पर खाद, बीज मिलने से बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे किसान  चोवाराम ने बताया कि कुल 02 एकड़ भूमि वाले एक लघु कृषक है।  चोवाराम ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले अपने ग्राम फागुनदाह के सहकारी समिति में पहुँचकर दो बाॅटल नैनो डीएपी, एक बाॅटल युरिया के साथ-साथ दो बोरी युरिया एवं एक बोरी सुपरफास्फेट खाद प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में की गई बेहतर व्यवस्था के फलस्वरूप उन्हें खाद, बीज प्राप्त करने में 

किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। इसी तरह जिले में खाद, बीज की वितरण की व्यवस्था की सराहना गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पेण्डरवानी के कृषक  बेनीराम ने भी किया है। किसान  बेनीराम ने बताया कि वे कुल 20 एकड़ जमीन वाले बड़े कृषक है। किसान बेनीराम ने बताया कि सहकारी समिति ग्राम पेण्डरवानी में पहुँचकर उन्होंने 05 बोरी स्वर्णा और स्वर्णा सब 1 तथा मांग के अनुरूप अन्य धान, बीज उन्होंने प्राप्त किया है। सहकारी समिति में धान, बीज के प्राप्त करने में उन्हें एवं अन्य कृषकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। जिससे हम सभी कृषक प्रसन्नचित होने के साथ-साथ भविष्य में भी समय पर खाद, बीज प्राप्त करने के लिए पूरी तरह आशान्वित है।

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शर्मा’

रायपुर

’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री  शर्मा’

मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान के अंतर्गत महासभा का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री  विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद  संतोष पांडे शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के मांझी, गायता, ग्राम पटेल, ग्राम प्रमुख एवं समाज प्रमुख शामिल हुए।
         
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। सभा में जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति एवं पूर्वजों की आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई

         
महासभा में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आदिवासी समाज के मांझी, गायता एवं ग्राम प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित देवगुडि़यों, आस्था स्थलों एवं पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढि़यां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।
            
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़कर रखने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनांदगांव लोकसभा सांसद  संतोष पांडे ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय है। 
     
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है।  कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  भोजेश शाह मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के विभिन्न समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विभिन्न वार्डो में 01 करोड़ 80 लाख रू. के विकास कार्यो का हुआ भूमिपूजन एवं लोकार्पण

रायपुर

नगर पालिक निगम केारबा के 09 वार्डो में आज 01 करोड़ 80 लाख रूपये के विभिन्न विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया, प्रदेश के उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में इन विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण सम्पन्न हुआ। 

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 07 अंतर्गत गायत्री स्कूल से आलू गोदाम तक 07 लाख 95 हजार रूपये की लागत से पेवर ब्लाक बिछाने का कार्य, वार्ड क्र. 07 सिंधी मोहल्ला से शारदा गुप्ता घर के सामने 05 लाख रूपये की लागत से मंच निर्माण, वार्ड क्र. 06 अंतर्गत प्रायमरी स्कूल सीतामणी में 01 लाख 86 हजार रूपये की लागत से बालिका शौचालय का निर्माण, वार्ड क्र. 08 मोतीसागरपारा सीतामणी पवन टेंट के पास गोकुलगंज तक 20 लाख रूपये की लागत से सड़क डामरीकरण कार्य, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत बालक मिडिल स्कूल कोरबा में 08 लाख 07 हजार रूपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, वार्ड क्र. 05  इंदिरा नगर में 15 लाख रूपये की लागत से सतनामी समाज के सामुदायिक भवन का निर्माण, वार्ड क्र. 14 अमरैयापारा स्वास्थ्य केन्द्र में 07 लाख रूपये की लागत से शौचालय एवं अतिरिक्त सुविधा का कार्य, वार्ड क्र.02 मिशन रोड कोरबा कलचुरी भवन के समीप 25 लाख रूपये की लागत से डोम एवं सामुदायिक भवन निर्माण तथा वार्ड क्र.01 कोरबा जोन अंतर्गत पेट्रोल पम्प के पास 19 लाख 56 हजार रूपये की लागत से ओव्हरब्रिज सौदंर्यीकरण का कार्य कराया जाना हैं, आज इन सभी कार्यो का भूमिपूजन उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा किया गया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 14 अमरैयापारा राधाकृष्ण मंदिर के समीप निगम द्वारा निर्मित भवन के ऊपर तल में 10 लाख रूपये की लागत से आर.सी.सी. छत व अन्य विस्तार का कार्य किया गया है, वहीं वार्ड क्र. 06 रानी गेट दशहरा मैदान में स्थित सामुदायिक मंच के पास 04 लाख रूपये की लागत से किचन शेड एवं शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसी प्रकार वार्ड क्र.10 अंतर्गत रापाखर्रा बस्ती में 06 लाख रूपये की लागत से मंच का निर्माण, वार्ड क्र. 10 इमलीडुग्गू केबिन के पास 05 लाख रूपये की लागत से मंच का निर्माण तथा वार्ड क्र. 09 सीतामणी में 37 लाख 24 हजार रूपये की लागत से भवन का डिस्मेंटल व नवीन भवन का निर्माण कार्य कराया गया है, जिसका लोकार्पण आज उद्योग मंत्री देवांगन एवं महापौरमती राजपूत के हाथों किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य का तेजी विकास हो रहा है, जहाॅं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लगभग ढाई साल के इस कार्यकाल में 1000 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गये हैं, उन्होने कहा कि कोरबा के विकास के लिये फण्ड की कोई कमी नहीं हो रही है तथा करोड़ों रूपये के विकास कार्य लगभग हर वार्ड में हो रहे हैं। उद्योग मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार ने जो वायदें किये थे, उन सभी वायदों को व मोदी की गारंटी को पूरा किया गया हैं, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से समाज के सभी वर्ग के लोगों को लाभान्वित कराया जा रहा है, उद्योग मंत्री देवांगन ने कोरबा के विकास की चर्चा करते हुये कहा कि महापौरमती संजूदेवी राजपूत लगातार सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं, लोगों की समस्याएं सुन रही है,ं उनका निराकरण करा रही हैं, तो दूसरी ओर लगातार विकास कार्य भी निगम क्षेत्र में हो रहे हैं। इस अवसर पर महापौरमती संजूदेवी राजपूत ने अपने  उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किये गये अपने हर वायदें को पूरा कर रही हैं, प्रदेश की 70 लाख बहनों को प्रतिमाह 01 हजार रूपये दिया जा रहा है तथा जो-जो घोषणाएं की गई थी, वे सभी पूरी की जा रही हैं। उन्होने कहा कि विगत 10-11 वर्ष पूर्व से कोरबा विकास में पिछड़ गया था, किन्तु अब निगम क्षेत्र में विकास को तेज गति व सही दिशा मिली हैं, उद्योग मंत्री देवांगन कोरबा के विकास के लिये लगातार कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अगुवाई में नगर पालिक निगम कोरबा के सभी 67 वार्डो में बिना किसी भेदभाव के तेजी के साथ विकास कार्य हो रहे है, जिसके लिये मैं उन्हें धन्यवाद देता हूॅं, उन्होने कहा कि वास्तव में कोरबा में व्यापक पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं तथा लोगों की समस्याएं तेजी के साथ दूर हो रही है। वही पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि पहले 05-05 लाख रूपये के विकास कार्य स्वीकृत कराने हेतु लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती थी, किन्तु अब करोड़ों रूपये के विकास कार्य बड़ी सरलता के साथ स्वीकृत हो रहे हैं। उद्योग मंत्री देवांगन ने चुनाव के समय जो विकास कार्य संबंधी वायदे किये थे, वे आज सब पूरे हो रहे हैं।

    कार्यक्रम के दौरान  पार्षद नरेन्द्र देवंागन, राधा महंत, उपेन्द्र पटेल, रूबीदेवी सागर, युगल कैवर्त, टामेश अग्रवाल, ईश्वर पटेल, प्रभा टीकम राठौर, धनश्री साहू, सरोज शांडिल्य, मुकुंद सिंह कंवर, रामशंकर साहू, पूर्व पार्षद सुफल दास महंत, मण्डल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, वैभव शर्मा, नरेन्द्र पाटनवार, जोन कमिश्नर नीरज कौशिक, सहायक अभियंता पीयूष राजपूत, विनोद नेताम, आकाशवास्तव, लक्ष्य चतुर्वेदी, अनिल यादव, मनोज सिंह राजपूत, आत्माराम गंर्धव, सुशीला सिंह, सुरेन्द्र राजवाडे़, मनीष जायसवाल, राजेन्द्र जायसवाल, राहुल कुमार, सुकेश दलाल, टीकम राठौर, विनोद यादव, अनिल यादव, जे.पी.कौशिक, मनमोहन कौशिक, मोनू आदिले, कुलदीप यादव, बजरंग यादव आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

रायपुर

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम जेवड़नखुर्द तथा बोड़ला विकासखंड के ग्राम मिनमीनिया में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों के बीच पहुंचे एवं आमजनों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच सादगी और आत्मीयता के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में दिव्यांगजनों की मांग पर त्वरित रूप से ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी भी सौंपी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत अनेक हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
          
इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार में शासन की योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि बरपेलाटोला से सिंघनपुरी तक 2.5 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण, मुख्य सड़क पोड़ी से उसलापुर नहर होते हुए बोधईकुंडा तक 4.5 करोड़ रुपए की सड़क, चरडोंगरी – कोठार मार्ग से सारंगपुरखुर्द नहर पार तक 2.6 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण तथा सूरजपुर से मोहगांव तक 3.58 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा।
 
गांवों तक पहुंची प्रधानमंत्री आवास, शिविर में मिल रही निःशुल्क दस्तावेज सुविधा
           
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लंबे समय तक आंदोलन चलाया गया था और  सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक के पहले ही प्रस्ताव में प्रधानमंत्री आवास योजना को शामिल किया गया और पहली कैबिनेट में ही 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि ग्राम मिनमीनिया में 21 गांवों और ग्राम जेवड़नखुर्द में 15 गांवों के लिए शिविर आयोजित किया गया है और सभी गांवों में आवास की भी स्वीकृति की जा चुकी है। 
         
उन्होंने बताया कि नए हितग्राहियों को भी जोड़ने के लिए नया सर्वे भी कराया गया है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे है।

अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्मार्ट क्लास, महतारी सदन और मिनी स्टेडियम से गांवों में बढ़ रहीं सुविधाएं
          
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है।  दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।

सिंचाई परियोजना से किसानों को मिलेगा लाभ
          
उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य का भूमिपूजन कर निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। इसके साथ ही भोरमदेव फीडर, दियाबार जलाशय, नेवारी और कोठार जलाशय में करोड़ों रुपए की लागत से नहर विस्तार और उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना एजेंसी, अधिकारियों और हम सभी की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों से उन्होंने स्वयं निगरानी रखने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तत्काल देने की अपील की।

उप मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
        
उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल होकर दिया शुभाशीष
          
सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष प्रदान किया तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई।
          
इस दौरान पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य  भगत पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट,  विजय पटेल,  मनीराम साहू,  लोकचंद साहू,  नितेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

 

राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला संपन्न

​रायपुर       

छत्तीसगढ़ में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं में विश्वसनीयता और डेटा गवर्नेंस को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एवं भारत सरकार के नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न शासकीय विभागों को ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023’ के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी अनुपालन को लेकर कड़े व स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।

​नागरिकों की डेटा सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता:  मयंक अग्रवाल     

कार्यशाला को संबोधित करते हुए CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)  मयंक अग्रवाल ने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना शासन की मुख्य प्राथमिकता है।
​”DPDP अधिनियम केवल एक विधिक या कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि यह शासन व्यवस्था में ‘Privacy by Design’ (डिजाइन में ही गोपनीयता) एवं ‘Citizen-Centric Data Governance’ (नागरिक-केंद्रित डेटा गवर्नेंस) की दिशा में एक क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण परिवर्तन है।   ​

अग्रवाल ने राज्य की तकनीकी प्रगति साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सेवा सेतु’ प्लेटफॉर्म का डिजिलॉकर, उमंग और माय स्कीम (My Scheme) जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ सफलतापूर्वक एकीकरण (Integration) किया जा चुका है। इसके जरिए नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्र और सरकारी सेवाएँ डिजिटल रूप से आसानी से मिल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आगामी चरण में सभी विभागों को “Digital-by-Default” दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि अधिक से अधिक सेवाओं को राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) से जोड़ा जा सके।

​पारदर्शिता, जवाबदेही और साइबर सुरक्षा को मिलेगा बल:  सुनील जैन
     
​नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD), नई दिल्ली के संचालक  सुनील जैन ने कार्यशाला में विभागीय दायित्वों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि DPDP अधिनियम, 2023 सभी सरकारी संस्थाओं के लिए डेटा प्रबंधन की नई और सख्त जवाबदेहियों को परिभाषित करता है। इस अधिनियम के कड़ाई से अनुपालन से न केवल विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी, बल्कि राज्य की साइबर सुरक्षा प्रणाली को भी अभूतपूर्व बल मिलेगा।

​साइबर खतरों से निपटने के लिए ‘डेटा न्यूनतमकरण’ जरूरी
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राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक  पी. रामाराव ने डिजिटल युग में डेटा की सुरक्षा को लेकर विभागों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारियां आजकल साइबर अपराधियों के मुख्य निशाने पर होती हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने सभी विभागों को डेटा न्यूनतमकरण (Data Minimization), लॉग मॉनिटरिंग तथा नियमित अंतराल पर सुरक्षा समीक्षा (Security Audit) अपनाने की महती सलाह दी।

​राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने दी तकनीकी प्रस्तुतियाँ
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कार्यशाला के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। NeGD के  नितीश कालरा ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, डेटा फिड्यूशियरी (Data Fiduciary) की भूमिका, सहमति प्रबंधन (Consent Management) और नागरिक शिकायत निवारण तंत्र पर प्रस्तुति दी। चिप्स के  आशीष जायसवाल और NeGD के  विशाल विरमानी ने डिजिलॉकर के साथ विभागों के एकीकरण, सुरक्षित दस्तावेज़ साझाकरण और डिजिटल प्रमाण-पत्रों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। ​सु कीर्ति गुप्ता एवं  महेश कुमार ने उमंग और माय स्कीम प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक नागरिक सेवाओं की पहुँच बढ़ाने की रणनीतियों को साझा किया।

​30, 60 और 90 दिनों का बनेगा एक्शन प्लान
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कार्यशाला के समापन पर CHiPS के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अनुपम आशीष टोप्पो ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि इस कार्यशाला से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर सभी विभागों के लिए 30, 60 और 90 दिनों की एक चरणबद्ध विभागीय कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाएगी। इस योजना के माध्यम से राज्य में DPDP अधिनियम का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति दी जाएगी।      ​

इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में CHiPS सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के 180 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में डेटा संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के एकीकरण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।

 

राज्यपाल डेका से लेफ्टिनेट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता ने की सौजन्य भेंट

रायपुर

राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, सेंट्रल कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता ने सौजन्य भेंट की। उनके साथ हेड क्वाटर कोसा के कमाण्डर ब्रिगेडियर टी.एस.बावा तथा जी.ओ.सी. एम.बी एरिया जबलपुर लेफ्टिनेट जनरल एच.एस. वांड्रा भी उपस्थित थे।

आयुष्मान योजना से मिली नई उम्मीद जगनी बाई को मिला निःशुल्क उपचार का लाभ

रायपुर

आयुष्मान भारत योजना समाज के गरीब, जरूरतमंद एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। नारायणपुर जिले की निवासी जगनी बाई लाभान्वित हुई हैं, जिन्हें बढ़ती उम्र के कारण लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
            
जगनी बाई ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी। कमजोरी, शरीर में दर्द तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अस्पताल जाकर इलाज कराने की आवश्यकता पड़ती थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेहतर उपचार कराना संभव नहीं हो पा रहा था। कई बार इलाज के खर्च की चिंता के कारण समय पर अस्पताल जाना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया, जिसके बाद उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त हुई। कार्ड बनने के बाद जगनी बाई को अस्पताल में भर्ती होने, आवश्यक जांच कराने, डॉक्टरों से परामर्श लेने तथा दवाइयों सहित उपचार की सुविधा बिना किसी आर्थिक बोझ के मिली।
उन्होंने बताया कि पहले इलाज के खर्च को लेकर परिवार के सदस्य हमेशा चिंतित रहते थे, लेकिन अब आयुष्मान योजना के कारण उन्हें बड़ी राहत मिली है। अस्पताल में बेहतर उपचार मिलने से उनके स्वास्थ्य में सुधार आया है और परिवार के लोगों को भी मानसिक राहत मिली है। जगनी बाई ने सरकार की इस जनहितैषी योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी सहायता साबित हो रही है।
            
 ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई वरिष्ठ नागरिक आर्थिक अभाव के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते थे, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती थीं। आयुष्मान भारत योजना ऐसे लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अब गरीब परिवार भी बेहतर अस्पतालों में इलाज करा पा रहे हैं।
             
70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को योजना के माध्यम से विशेष रूप से लाभ मिल रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। शासन की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आयुष्मान योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। शासन द्वारा लगातार लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
             
जगनी बाई की तरह अनेक हितग्राही इस योजना का लाभ लेकर स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा और विश्वास भी दे रही है।

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