जनजातीय गरिमा उत्सव

​रायपुर  

जनजातीय संस्कृति और शिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ के अंतर्गत सारंगढ़ के साहू धर्मशाला में एक भव्य हस्तनिर्मित (हैंडीक्राफ्ट) वस्तु प्रदर्शनी सह विक्रय मेले का आयोजन किया गया। ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) द्वारा आयोजित इस मेले में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के, विशेषकर ग्राम बैगीनडीह के जनजातीय कारीगरों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
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 ग्राम बैगीनडीह का झारा शिल्प

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इस मेले में ग्राम बैगीनडीह के शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए झारा शिल्प और बेलमेटल (घंटी धातु) उत्पाद ग्राहकों और आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण रहे। प्रदर्शनी में शामिल अधिकांश महिला शिल्पकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित ‘कात्यायनी’ और ‘भारत माता’ जैसे स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से वे अपने पारंपरिक हुनर को आजीविका का मजबूत जरिया बना रही हैं।

​ट्राइफेड (TRIFED): शिल्पकारों की तरक्की का नया मार्ग
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सारंगढ़-बिलाईगढ़ के बैगीनडीह जैसे कई शिल्प ग्रामों के कारीगर ट्राइफेड से जुड़कर अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं।
​ ज्ञात हो कि ट्राइफेड अर्थात ‘ट्राइबल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था है। यह संस्था जंगलों से लघु वनोपज (MFP) इकट्ठा करने वाले और हस्तशिल्प बनाने वाले आदिवासी समुदायों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाता है। इसके साथ ही यह संस्था आदिवासी उत्पादों (जैसे प्राकृतिक शहद, हस्तशिल्प, कपड़े, जैविक उत्पाद) की ब्रांडिंग करती है और इनके लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार तलाशती है।
    
​वनधन माइक्रो उद्यमों को बढ़ावा
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ट्राइफेड ने 50-100 राज्य स्तरीय निर्माता कंपनियों के माध्यम से वनधन माइक्रो उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। इन वनधन निर्माता कंपनियों का मुख्य उद्देश्य है
​उत्पादकता में वृद्धि और लागत में कमी लाना,​कुशल एकत्रीकरण और मूल्य संवर्धन (Value Addition) के लिए बड़े पैमाने पर प्रसंस्करण (Processing) करना और ​उत्पादों का बेहतर उपयोग और कुशल विपणन (Marketing) सुनिश्चित करना है।

​ट्राइफेड का हिस्सा बनने का खुला अवसर
      
​ट्राइफेड केवल कारीगरों के लिए ही नहीं, बल्कि एक बड़ा नेटवर्क बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर अवसर प्रदान करता है। इससे कॉर्पोरेट जगत, आदिवासी समाज, वैज्ञानिक, विभिन्न संस्थान, प्रशिक्षक, संसाधन व्यक्ति, विषय विशेषज्ञ, सलाहकार, कार्यान्वयन एजेंसियां, उपकरण निर्माता, खरीदार (Buyers) और डिजाइनर्स सभी जुड़कर एक साथ काम कर सकते हैं।

माउंट एवरेस्ट विजेता अमिता वास के स्वास्थ्य लाभ हेतु राज्य सरकार सजग : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 

जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता वास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को 22 मई 2026 को सफलतापूर्वक फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि अमिता ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और अथक मेहनत से प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय रचा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ की बेटी ने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा और हमारे प्रदेश का गौरव बढ़ाया। 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा कि समिट के बाद बेस कैंप लौटने के दौरान अत्यधिक ऊंचाई, शून्य से लगभग 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान और ऑक्सीजन की कमी के कारण अमिता वास की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली है। उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू कर काठमांडू स्थित नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें गंभीर फ्रॉस्टबाइट एवं हाई एल्टीट्यूड संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारी मिलते ही राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अमिता वास और उनके परिवार के साथ खड़ी है तथा उनके बेहतर उपचार के लिए निरंतर संपर्क और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने अमिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि अमिता बिटिया शीघ्र पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर लौटें, यही हमारी कामना है। उनका साहस, धैर्य और हौसला हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। छत्तीसगढ़ को उन पर गर्व है।

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से मिले सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, जनकल्याण और समग्र विकास पर चर्चा

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुलाकात के प्रमुख बिंदु –
आदिवासी उत्थान और विकास: मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज के समग्र विकास और उत्थान के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है.
जनकल्याणकारी योजनाएं: प्रतिनिधिमंडल के साथ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई, ताकि उनका अधिकतम लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाया जा सके.
सांस्कृतिक संरक्षण: चर्चा में आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और विरासत को बढ़ावा देने और सहेजने पर सहमति बनी.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

रायपुर

 छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री  केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।
     
मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

छत्तीसगढ़ पुलिस को मिली हुई अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन से लैश

रायपुर.

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये लागत की आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है।

इस वैन के तकनीकी उपयोग और अपराध अनुसंधान में इसकी भूमिका से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराने मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से इसमें वर्चुअली शामिल हुए। उन्होने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले में सेवा हेतु रवाना किया।

अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़े उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुंगेली जिले को मिली यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को नई मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा देगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी और साक्ष्य संकलन अधिक प्रभावी होगा।

तकनीकी क्षमता का उठाएं पूरा लाभ
बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताएं आपराधिक मामलों के त्वरित एवं वैज्ञानिक निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुंगेली पुलिस इस सुविधा का बेहतर उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

निष्पक्ष न्याय में बड़ी भूमिका निभाएगी वैन
मुंगेली एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए न्याय समान है। उन्होंने कहा कि न्याय भेद नहीं करता और प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और सटीक जांच में बड़ी मददगार साबित होगी।

आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट सुश्री ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और जवानों को वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया, साक्ष्य सुरक्षित रखने में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मौके पर ही प्राथमिक फॉरेंसिक जांच करने के तरीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही बताया कि अदालत में साक्ष्यों की वैधता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से जांच और दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री की बचत अपील का दिखा असर
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बचत’ संबंधी अपील को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने अनावश्यक खर्च से बचते हुए ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला में सहभागिता की। कार्यशाला में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, बार काउंसिल के अध्यक्ष राजमन सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

सुकमा में नक्सलियों का बड़ा डंप बरामद, हथियार बनाने की सामग्री सुरक्षा बलों ने की नष्ट

सुकमा.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में माओवाद विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सली डंप का खुलासा किया। डंप से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।

दरअसल, पुलिस और बीडीडीएस टीम आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर पोमके-बिनागुंडा क्षेत्र के जंगलों में विशेष सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान टीम ने जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए नक्सली डंप का खुलासा किया। इसी के साथ ही मौके से लेथ मशीन, बीजीएल पाइप, 12 बोर पाइप, इन्वर्टर, जनरेटर, बैटरी, ग्राइंडिंग मशीन, ड्रिलिंग मशीन, जिग सॉ मशीन, प्रेशर पंप, सोलर पैनल और करीब 20 फीट फुटबॉल पाइप सहित अन्य सामग्री बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, माओवादी इन उपकरणों का उपयोग हथियार बनाने और सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश को अंजाम देने के लिए करते थे।

पुलिस ने मौके पर ही बरामद सभी सामग्री को नष्ट कर दिया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान पथक और बीडीडीएस जवानों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में माओवाद विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा।

बिलासपुर में कबाड़ माफिया की VIP एंट्री! थाने में बैठकर चाय पीते तस्वीर वायरल

बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में कबाड़ माफिया को थाने के अंदर VIP खातिरदारी देने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कबाड़ माफिया अकबर खान कोनी थाने के अंदर चाय पीते हुए नजर आ रहा है।

इस तस्वीर ने पुलिस की कार्यप्रणाली और दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। वायरल तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी अकबर खान थाने के भीतर आराम से कुर्सी पर बैठा हुआ है और सामने पुलिसकर्मी उसकी सेवा भाव में नजर आ रहे हैं। इस ‘VIP खातिरदारी’ को देखकर ऐसा कतई नहीं लग रहा कि वह कोई आरोपी है। बंद कमरों में चर्चा तेज है कि कबाड़ माफिया को कोनी पुलिस का खुला संरक्षण प्राप्त है। आरोप यह भी है कि हर महीने बंधी रकम के एवज में इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस मामले में प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े की भूमिका पर गंभीर उंगलियां उठ रही हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि महज दो दिन पहले ही बिलासपुर एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अवैध कबाड़ियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोनी थाना क्षेत्र में अवतार पैलेस के सामने संचालित इस कबाड़ दुकान पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने महज 170 बीएनएस (BNS) के तहत औपचारिक कार्रवाई करके खानापूर्ति कर दी। इस पूरे विवाद पर एडिशनल एसपी (ASP) पंकज पटेल का बयान सामने आया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि आरोपी को कोई VIP ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा था, बल्कि उसे दस्तावेजों की जांच के लिए थाने बुलाया गया था। इसके साथ ही पुलिस ने दावा किया है कि विवादित कबाड़ दुकान को फिलहाल सील कर दिया गया है।

युवा कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव: 29 से नामांकन शुरू, सदस्यता अब डिजिटल तरीके से

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव का ऐलान हो गया है. प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में रविवार को भारतीय युवा कांग्रेस के मुख्य चुनाव आयुक्त जसप्रीत सिंह और प्रदेश चुनाव अधिकारी रोशन नेगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम जारी किया. 29 मई से 13 जून तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी.

चुनाव पारदर्शी और समय पर पूरा कराने के लिए 5 जोन बनाकर ZRO नियुक्त किए जाएंगे. ब्लॉक और जिला कमेटियों के लिए नामांकन 29 मई से 13 जून तक भरे जाएंगे. वहीं प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी के लिए 11 जून से 13 जून तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे. नामांकन के बाद 15 जून से 18 जून तक स्क्रूटनी की प्रक्रिया चलेगी. इसके बाद सदस्यता अभियान और चुनाव प्रक्रिया एक साथ ऑनलाइन माध्यम से होगी.

सदस्यता के लिए नियम तय
युवा कांग्रेस में सदस्यता और चुनाव लड़ने के लिए 18 से 35 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है. सदस्यता और शिकायत की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. फर्जी सदस्यता रोकने के लिए वोटर आईडी अनिवार्य की गई है. आवेदन के साथ 8 सेकेंड का वीडियो भी अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, जिसमें आवेदक को खुद आवेदन से जुड़ी जानकारी देनी होगी. आयु प्रमाण के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या अन्य आईडी प्रूफ जरूरी होंगे.

एक व्यक्ति, एक पद का नियम
चुनाव प्रक्रिया में एक व्यक्ति-एक पद का नियम भी लागू रहेगा. सिर्फ एक पद के लिए ही नामांकन दाखिल करने की अनुमति रहेगी. वहीं नामांकन दाखित करने पर उस उम्मीदवार को पुराने पद से मुक्त माना जाएगा.

दिल्ली में इंटरव्यू के बाद होगी नियुक्ति
युवा कांग्रेस में जिला अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री जैसे अहम पदों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व जरूरी होगी. दिल्ली में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने इंटरव्यू भी लिया जाएगा.

बस्तर में अपराध जांच को मिलेगी रफ्तार, मोबाइल फॉरेंसिक वैन बनी पुलिस की नई ताकत

जगदलपुर.

बस्तर संभाग में अपराध जांच को तकनीकी मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जगदलपुर में मोबाइल फॉरेंसिक वेन का शुभारंभ किया गया. यह अत्याधुनिक वेन घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में पुलिस की मदद करेगी. अधिकारियों का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया और तेज व सटीक बनेगी.

कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. फॉरेंसिक विशेषज्ञ अब मौके पर ही डिजिटल और तकनीकी जांच कर सकेंगे. इस सुविधा से साइबर और आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी. पुलिस का दावा है कि आधुनिक तकनीक से अपराधियों तक पहुंच आसान होगी. वेन में जांच से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं. बस्तर संभाग में पहली बार इस तरह की मोबाइल सुविधा उपलब्ध हुई है. अधिकारियों ने इसे न्याय प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जांच में भी तेजी आने की उम्मीद है. पुलिस विभाग अब तकनीक आधारित जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है.

दंतेवाड़ा में बड़ा खतरा टला! प्रेशर कुकर IED बरामद, CRPF की BDS टीम ने किया डिफ्यूज

दंतेवाड़ा.

एंटी नक्सल ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन के दौरान जवानों को आज बड़ी सफलता हाथ लगी. जवानों ने जंगल के रास्ते में जमीन में छिपाकर रखे गए आईईडी को खोज निकाला. बम को प्रेशर कुकर में बनाकर लगाया गया था. समय रहते जवानों ने बम को खोज निकाला और उसे मौके पर ही डीफ्यूज कर दिया. पांच किलो की झमता वाले बम की चपेट में अगर कोई आ जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था.

दरअसल, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जिला पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन एवं नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में मुखबिर से मिली विशेष सूचना के आधार पर 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ की यंग प्लाटून पार्टी, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) टीम को थाना बारसूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिड़पाल के पहाड़ी एवं घने जंगलों सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों में कॉर्डन एवं सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया.
आज सुबह लगभग 5 बजे सेकेंड कमान अधिकारी विक्रांत वर्मा के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में सिविल पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.

ग्राम हिड़पाल के जंगल से मिला बम
सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में गहन सर्चिंग करते हुए संभावित नक्सली गतिविधियों एवं छिपाकर रखे गए विस्फोटक सामग्री की तलाश की गई. इसी दौरान सुबह लगभग 8:20 बजे ग्राम हिड़पाल के जंगल क्षेत्र में जवानों को एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. जवानों ने सतर्कता एवं सुरक्षा मानकों का पालन कर पूरे इलाके को सुरक्षित किया और BDS टीम को मौके पर बुलाया गया.

नुकसान पहुंचाने के मकसद से प्लांट किया गया बम-जवान
जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु प्रेशर कुकर आईईडी निकली, जिसका वजन लगभग 5 किलोग्राम था. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने एवं आम नागरिकों में भय पैदा करने के उद्देश्य से आईईडी को जंगल में छिपाकर रखा गया था. BDS टीम ने विशेषज्ञ तकनीकी प्रक्रिया अपनाते हुए मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया. सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते संभावित बड़ी जनहानि टल गई.

पुलिस और सुरक्षा बलों की अपील
अभियान के दौरान आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सर्चिंग भी की गई. अभियान पूर्ण होने के बाद सभी अधिकारी एवं जवान सुरक्षित रूप से लगभग 10:55 बजे अपने-अपने बेस कैंप लौट आए. जिला पुलिस दंतेवाड़ा एवं सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, विस्फोटक सामग्री अथवा नक्सली गतिविधियों की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा बलों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

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