हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह

हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह

ढैंचा की खेती से बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता, घट रही रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता

कृषि विभाग किसानों को टिकाऊ एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए कर रहा प्रोत्साहित

रायपुर, 
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरी खाद के उपयोग हेतु लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केशगंवा में देखने को मिला है, जहां प्रगतिशील किसान श्री नरेंद्र सिंह ने लगभग चार एकड़ भूमि में ढैंचा की फसल उगाकर उसे खेत में पलट दिया है। अब वे इसी खेत में धान की खेती करेंगे।

किसान श्री नरेंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से ढैंचा की खेती अपनाई। उन्होंने बताया कि फूल आने से पहले ढैंचा को खेत में पलट देने पर यह कुछ ही दिनों में सड़कर प्राकृतिक जैविक खाद में परिवर्तित हो जाती है। इससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है और फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्व स्वाभाविक रूप से उपलब्ध हो जाते हैं।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ढैंचा जैसी दलहनी हरी खाद वाली फसलें वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर मिट्टी को प्राकृतिक रूप से समृद्ध बनाती हैं। इसके साथ ही फास्फोरस, जिंक एवं आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ती है, जिससे आगामी फसल का विकास बेहतर होता है।

हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की संरचना में उल्लेखनीय सुधार होता है। ढैंचा के अपघटन से बनने वाला ह्यूमस मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, जिससे उसमें हवा और पानी का बेहतर संचार होता है। इससे जड़ों का विकास मजबूत होता है और फसल अधिक स्वस्थ एवं उत्पादक बनती है। साथ ही मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहती है और सिंचाई की आवश्यकता कम होती है। ढैंचा की सघन बढ़वार खरपतवारों की वृद्धि को भी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में सहायक होती है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई से पहले ढैंचा, सनई अथवा अन्य हरी खाद वाली फसलों का उपयोग करें। इससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम होगा, मिट्टी की दीर्घकालीन उर्वरता बनी रहेगी और टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल तथा लाभकारी कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

नगरीय प्रशासन विभाग ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन के लिए निकायों को जारी किया परिपत्र

नगरीय प्रशासन विभाग ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन के लिए निकायों को जारी किया परिपत्र

सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश

रायपुर. 
 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों में बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से इस संबंध में सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया है।  

नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र जारी कर निकायों को जानकारी दी है कि केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड द्वारा वेस्ट जनरेटर के पंजीयन के लिए केन्द्रीकृत पोर्टल तैयार किया गया है। बल्क वेस्ट जनरेटर के पंजीयन के लिए केन्द्रीकृत पोर्टल https://swm.cpcb.gov.in 1 जून 2026 से प्रभावशील है। भारत सरकार द्वारा जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुसार चिन्हांकित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीकृत पोर्टल पर किया जाना है। विभाग ने सभी निकायों को परिपत्र जारी कर केन्द्रीकृत पोर्टल पर चिन्हांकित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन कराना सुनिश्चित करने को कहा है।

डिप्टी CM साव का कांग्रेस पर तंज, बोले- किसानों को बारिश से राहत मिली, विपक्ष को यह भी रास नहीं आ रहा

रायपुर.

प्रदेश में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पर कांग्रेस के आरोप पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि किसानों को राहत मिली है, लेकिन कांग्रेस उसे भी नहीं पचा पा रही. बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर जलभराव भी होगा. प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, और जलभराव की स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चिंतन शिविर को लेकर मीडिया से चर्चा में कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, भारत सरकार के अधिकारियों, नीति आयोग के प्रतिनिधियों और समाज के कई महत्वपूर्ण लोगों का मार्गदर्शन मिला, इससे सरकार के नीति निर्धारण में बड़ा लाभ होगा. शासन प्रणाली कैसी होनी चाहिए, योजनाएं कैसे बनाई जाएं और प्रशासन को किस दिशा में काम करना चाहिए. इन सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पर दो दिनों तक मंथन हुआ. इससे कम लागत में बेहतर खेती और रासायनिक खेती के नुकसान को समझने का अवसर मिला, पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य की अर्थव्यवस्था में उसके योगदान पर भी चर्चा हुई मंत्रियों ने भी अपनी जिज्ञासाएं रखीं, इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा.

वहीं, चिंतन शिविर को लेकर कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति यही है कि सत्ता में रहते समय वह भ्रष्टाचार में व्यस्त रहती है, और सत्ता से बाहर होने पर दूसरी बातें याद आती हैं. हमारी सरकार जनहित और राष्ट्रहित में काम कर रही है. ऐसे कार्य कांग्रेस की सोच से बहुत दूर हैं, इसलिए वह केवल आलोचना करती है.

जल जीवन के ठेकेदारों को किया जा रहा भुगतान
जल जीवन मिशन का भुगतान नहीं होने पर ठेकेदारों के एक दिवसीय हड़ताल पर जाने पर उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य मद से भी राशि देकर ठेकेदारों का भुगतान किया है. भारत सरकार की नई व्यवस्था के तहत भी भुगतान की प्रक्रिया जारी है. सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. बड़े पैमाने पर भुगतान हो चुका है, और जिन ठेकेदारों के काम पूरे हो चुके हैं, उन्हें भुगतान करने की प्रक्रिया और तेज कर दी गई है.

कांग्रेस के समय क्यों नहीं बना मेडिकल कॉलेज
नए मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवाल उठाए जाने पर अरुण साव ने कहा कि भूपेश बघेल को पहले यह बताना चाहिए कि अपने पांच साल के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं बन पाए? उन्होंने केवल श्रेय लेने का काम किया, यदि 2021 में शिलान्यास हुआ था तो निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ?

वीबी जीरामजी योजना पर कांग्रेस से पूछा सवाल
वहीं वीबी जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस के सवाल पर डीसीएम ने कहा कि कांग्रेस पहले यह तय करे कि वह इस योजना के पक्ष में है या विरोध में. यह मजदूरों के हित, रोजगार सृजन और पंचायतों को मजबूत बनाने की महत्वपूर्ण योजना है. कांग्रेस ने पहले इसका विरोध किया था.

मानसून सत्र के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार
विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार जनहित में पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है. विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें किया नमन

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मां भारती के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हुए संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के दिखाए पथ पर अग्रसर होते हुए हम विकसित और सशक्त भारत का निर्माण करेंगे। 

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर वन मंत्री कश्यप ने अर्पित की पुष्पांजलि

रायपुर
 वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राजधानी के शारदा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर कश्यप ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रेरणास्रोत है। उनके विचार आज भी समाज और युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा, रमेश सिंह ठाकुर, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

बिलासपुर में प्रार्थना सभा पर बवाल, हिंदू संगठनों ने लगाया धर्मांतरण कराने का आरोप

बिलासपुर.

बिलासपुर में एक बार फिर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित लायंस क्लब भवन के पास आयोजित एक प्रार्थना सभा उस समय विवादों में आ गई, जब हिंदू संगठनों ने सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया।

मामले की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम का विरोध करते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।

प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का आरोप
हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में भोले-भाले हिंदू परिवारों, महिलाओं और बच्चों को बीमारी ठीक करने, बच्चों का स्कूल में प्रवेश दिलाने, नशे की लत छुड़ाने तथा अन्य समस्याओं के समाधान का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। संगठन ने इसे सुनियोजित धर्मांतरण का प्रयास बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

छत्तीसगढ़ भाजपा के पूर्व संसदीय सचिव का WhatsApp हैक, परिचितों से ठगी के लिए मांगे जा रहे पैसे

गरियाबंद.

जिले में साइबर ठग लगातार भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं। अब वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया है। हैकर उनके कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को मैसेज भेजकर 28 हजार रुपये यूपीआई के जरिए भेजने की मांग कर रहा है।

तीन दिनों के भीतर यह दूसरे बड़े भाजपा नेता का व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने का मामला है। जानकारी के अनुसार, हैकर गोवर्धन मांझी के नाम से लोगों को संदेश भेज रहा है कि नेटवर्क की समस्या के कारण तत्काल 28 हजार रुपये भेज दें, जिन्हें बाद में वापस कर दिया जाएगा। इसके लिए वह एक बार कोड भेजने जैसी प्रक्रिया भी अपना रहा है। जब मांझी के परिचितों ने उन्हें फोन कर इस बारे में जानकारी दी, तब उन्हें अकाउंट हैक होने का पता चला।

गोवर्धन मांझी की लोगों से अपील
गोवर्धन मांझी ने लोगों से अपील की है कि उनके नाम से आने वाले किसी भी मैसेज का जवाब न दें और न ही किसी प्रकार का पैसा ट्रांसफर करें। उन्होंने बताया कि उन्होंने गलती से एक एपीके (APK) फाइल पर क्लिक कर दिया था, जिसके बाद उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की आशंका है। मामले की सूचना साइबर सेल और देवभोग पुलिस को दे दी गई है।

हैकर ने स्टूडेंट होने का किया दावा
हैकर व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजकर खुद को छात्र बताते हुए लोगों से पैसे मांग रहा है। उसने लिखा है कि, “मैं स्टूडेंट हूं, मुझे पैसों की जरूरत है। कल कॉलेज की फीस जमा करनी है। कोई पैसे भेज दो। मैं किसी गरीब से पैसे नहीं ले रहा हूं। विधायक जी मुझे बहुत अच्छे लगते हैं, इसलिए मैंने उनका अकाउंट हैक किया है।”

भाजपा जिला अध्यक्ष भी हुए थे शिकार
इससे पहले भाजपा के जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का भी व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया था। साइबर ठग नेताओं की पहचान और पद का दुरुपयोग कर उनके परिचितों से ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में बड़ा सम्मान: पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर होगा गनियारी का शासकीय स्कूल

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को राज्य सरकार ने विशेष सम्मान देने की घोषणा की है. उनके सम्मान में गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” रखा जाएगा. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रविवार को गनियारी पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा के दौरान यह घोषणा की.

रायपुर एम्स में कई दिनों से जारी इलाज के बाद रविवार 6 जुलाई को  पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया. इस खबर से पूरे कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने एम्स पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम गनियारी लेकर पहुंचे. जहां मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी कार्यक्रम में शामिल हुए. 

सांस्कृतिक चेतना के स्वर्णिम अध्याय का अवसान
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना, ओजस्वी वाणी और आजीवन समर्पण के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई. उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों एवं असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की. मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोकपरंपराओं, संस्कृति और कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा. उनकी कला साधना, संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा.

शिक्षा मंत्री ने की घोषणा
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने डॉ. तीजन बाई के सम्मान में उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” के नाम से किया जाएगा. राज्य सरकार का यह निर्णय महान लोककलाकार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा. इससे भावी पीढ़ियों को उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व, जीवन-संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से निरंतर प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी.

स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी सौगात: CM साय करेंगे नए मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वह रायपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे. जहां वह  नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे. कार्यक्रम के तहत 200 सीटर छात्रावास और कैंसर भवन की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को बेहतर आवासीय एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.

कार्यक्रम में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, इंद्रकुमार साहू, सीजीएमएससीएल के अध्यक्ष दीपक म्हस्के और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

नए छात्रावास और आवासीय परिसरों के बनने से मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं और डॉक्टरों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी। वहीं कैंसर भवन के विस्तार से अस्पताल में कैंसर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद दोपहर 3.15 बजे पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वीं पुण्यथिति कार्यक्रम में शामिल होंगे.

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : पीएम जनमन आवास योजना ने सरिता बैगा के जीवन में भरी खुशियों की नई रोशनी

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : पीएम जनमन आवास योजना ने सरिता बैगा के जीवन में भरी खुशियों की नई रोशनी

साय सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर असर; पीएम जनमन आवास और महतारी वंदन योजना से आदिवासी परिवार को मिला सुरक्षित घर, आर्थिक संबल और सम्मानपूर्ण जीवन

रायपुर
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तब वह केवल एक योजना नहीं बल्कि किसी परिवार के जीवन में परिवर्तन की नई कहानी बन जाती है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी की श्रीमती सरिता बैगा का जीवन इसका प्रेरक उदाहरण है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और महतारी वंदन योजना के समन्वित लाभ से उनका परिवार आज सुरक्षित आवास, आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।

      पहले सरिता बैगा का परिवार एक कच्चे मकान में रहता था। बरसात शुरू होते ही पूरे परिवार की चिंता बढ़ जाती थी। खपरैल की छत से पानी टपकता था, दीवारों में नमी भर जाती थी और हर वर्ष छत की मरम्मत तथा खपरैल बदलने पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था। छोटे बच्चों के साथ बारिश के दिनों में सुरक्षित रहना भी एक बड़ी चुनौती थी।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप सरिता बैगा के परिवार को पीएम जनमन आवास योजना के तहत पक्का आवास स्वीकृत हुआ। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से योजना का लाभ समय पर मिला और आज उनका परिवार एक मजबूत, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त पक्के घर में रह रहा है।

    नए आवास ने केवल उनके रहने की व्यवस्था नहीं बदली, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना भी बढ़ाई है। अब बारिश का मौसम उनके लिए चिंता नहीं, बल्कि राहत और सुकून लेकर आता है। बच्चे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर रहे हैं और परिवार सम्मानपूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर रहा है।

     सरिता बैगा को राज्य शासन की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस राशि से परिवार के दैनिक खर्चों, बच्चों की आवश्यकताओं और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

    सरिता बैगा बताती हैं कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका परिवार भी पक्के घर में रहेगा। आज शासन की योजनाओं ने उनके सपनों को साकार कर दिया है। वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार की जनहितैषी योजनाओं ने उनके परिवार को सुरक्षित आवास, आर्थिक सहयोग और बेहतर भविष्य का विश्वास दिया है।

    ग्राम पंडरीपानी में पीएम जनमन आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास विभाग, जनपद पंचायत गौरेला, ग्राम पंचायत तथा संबंधित मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका रही। योजनाओं के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन से पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है, जिससे विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

सरिता बैगा की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन केवल आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराता, बल्कि गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाकर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और विकास की नई दिशा भी प्रदान करता है।

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