मिट्टी से रची पहचान: युवा कलाकार उत्तम साहू ने OSOA में बिखेरा छत्तीसगढ़ी कला का जादू

रायपुर.

रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि युवा कलाकार उत्तम साहू का चयन राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहल “वन स्टेट वन आर्टिस्ट (OSOA)” के लिए किया गया, जहां उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध टेराकोटा कला का प्रतिनिधित्व किया.

1 से 9 मई 2026 तक नशाला, हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस विशेष पहल में देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित 38 युवा लोक और पारंपरिक कलाकारों ने भाग लिया. इस पहल का उद्देश्य भारत की पारंपरिक और लोक कला विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था. उत्तम साहू ने रायपुर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली टेराकोटा कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला परंपरा को देशभर के कलाकारों और दर्शकों तक पहुंचाया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के साथ कोलेबोरेटिव आर्टवर्कस तैयार किए और कला कार्यशालाओं, सांस्कृतिक संवाद और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई.  

लोक कला ढोकरा का प्रदर्शन 
इस राष्ट्रीय पहल में छत्तीसगढ़ से अन्य युवा कलाकारों का भी चयन हुआ, जिनमें सुरेंद्र सोनी ने प्रसिद्ध लोक कला ढोकरा का प्रतिनिधित्व किया. युवा आर्टिस्ट प्रकाश गर्ग द्वारा परिकल्पित OSOA का उद्देश्य भारत की लोक कला परंपराओं को युवाओं के माध्यम से नई पहचान देना और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर लाना है.

पूर्ण रूप से प्रायोजित इस पहल ने युवा कलाकारों को अपनी लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने, अन्य राज्यों की कला शैलियों को समझने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया. उत्तम साहू का यह चयन और प्रतिनिधित्व रायपुर एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला परंपरा के लिए गर्व का विषय है. यह दर्शाता है कि राज्य के युवा कलाकार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं.

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण: अफवाहों से दूर रहें, आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता न करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति की जा रही है। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार द्वारा प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं और ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी एवं संग्रहण से बचने तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। 

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें। केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें तथा किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हम सभी मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संयम, सहयोग तथा सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें।

केंद्रीय सचिव ने परखी धरातल की हकीकत; सर्वे टीमें बढ़ाने के निर्देश

​रायपुर

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव  नरेंद्र भूषण ने आज धमतरी जिले का दौरा कर महत्वाकांक्षी ‘नक्शा प्रोजेक्ट’ की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। नगर पालिक निगम धमतरी के आकाशगंगा कॉलोनी और गोकुलपुर पहुंचे सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन ‘शून्य त्रुटि’ (Zero Error) के साथ समय सीमा में पूरा किया जाए। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर को सर्वे टीमों की संख्या तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए।

​ग्राउंड पर देखा ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ का प्रदर्शन

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिव ने  डोमार सिंह साहू के मकान में चल रहे आरओआर (Record of Rights) निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा। उन्होंने नक्शा पोर्टल की कार्यप्रणाली, प्लॉट सत्यापन और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझा। सचिव ने सर्वे टीम से तकनीकी सवाल भी किए। जैसे:​एक प्रविष्टि में कितना समय लगता है?​दर्ज भूमि और वास्तविक कब्जे के अंतर को कैसे सुलझाया जा रहा है? ​शासकीय भूमि के संरक्षण के लिए क्या उपाय किए गए हैं?

​विवादों का अंत और पारदर्शिता का नया युग

नरेंद्र भूषण ने कहा कि शहरी भू-अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण भविष्य में नागरिक सुविधाओं और पारदर्शिता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने ड्राफ्ट प्रकाशन, दावा-आपत्ति और निराकरण की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि “नागरिकों की सहभागिता ही इस योजना की सफलता की आधारशिला है।”

​धमतरी बना प्रदेश का रोल मॉडल

​संचालक भू-अभिलेख  विनित नंदनवार ने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन शहरों धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में यह पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। धमतरी इसमें अग्रणी है, जहाँ ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सर्वाधिक अधिकार अभिलेखों के ड्राफ्ट तैयार किए जा चुके हैं।

​डिजिटल डोर नंबरिंग (DDN) से जुड़ेंगी नागरिक सेवाएँ

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सचिव को बताया कि जिले में प्रोजेक्ट के साथ-साथ डिजिटल डोर नंबरिंग भी लागू की जा रही है। भविष्य में इसके माध्यम से ​ऑनलाइन टैक्स और यूटिलिटी बिल का भुगतान आसान होगा। ​नागरिक सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन हो सकेगा और ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ को बढ़ावा मिलेगा। 
    ​नगर निगम आयुक्त एवं नोडल अधिकारी प्रिया गोयल ने वार्डवार जनसंख्या और सर्वे अमले की जानकारी दी। वहीं, स्टेट मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती ने पोर्टल की तकनीकी चुनौतियों और विधिक समाधानों पर प्रकाश डाला।

निकायों में सुशासन, जवाबदेही और जन सेवा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव शंगीता आर. ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से ली सभी 194 निकायों की बैठक

रायपुर

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव  शंगीता आर. ने आज विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक लेकर सुशासन, जवाबदेही, जन सेवा एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पहली बार प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों का पूरा अमला एक साथ इस बैठक में शामिल हुए।  

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव  शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का चेहरा होते हैं और नगरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, बेहतर मूलभूत सुविधाएं एवं कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या अनावश्यक बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 

सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने निकाय की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की मेहनत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और हर निकाय में परिणाम दिखाई देना चाहिए।  

जनप्रतिनिधियों के सम्मान और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर

सचिव  शंगीता आर. ने अधिकारियों के लिए “थंब-रूल” निर्धारित करते हुए कहा कि महापौर, अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार या अभद्र भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नियमों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है।  

उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही या गलत कार्य करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुरूप सही कार्य कर रहा है तो विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा। 

नोडल अधिकारियों को दी मार्गदर्शक की भूमिका

बैठक में सचिव ने नवनियुक्त नोडल अधिकारियों को मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से नगरीय निकायों का निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा समन्वय के साथ निकायों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही निकाय स्तर पर भी अधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।  

उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी तथा प्रत्येक माह विभागीय समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा। 

स्वच्छता एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष फोकस

सचिव  शंगीता आर. ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट केवल शासन-प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नवीन अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का गंभीरता से अध्ययन कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। 

जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश

बैठक में सचिव ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण एवं जल संरचनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवनों का निरीक्षण कर वर्षा जल संचयन की प्रभावी योजना बनाई जाए तथा पीएचई विभाग से समन्वय कर भूजल स्तर की नियमित जानकारी ली जाए। 

उन्होंने हैंडपंप रिचार्ज, सोक-पिट निर्माण तथा जल संरक्षण के स्थानीय मॉडल विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की।  

प्रधानमंत्री आवास योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए सचिव  शंगीता आर. ने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का घर केवल भवन नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित जीवन का प्रतीक होता है। उन्होंने अधिकारियों को वार्डवार सर्वे कर पात्र हितग्राहियों की पहचान करने तथा आवास योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। 

उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन निकायों द्वारा अभी तक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उन्हें शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।  

वित्तीय अनुशासन और न्यायालयीन प्रकरणों पर सख्त निर्देश

बैठक में सचिव ने 15वें वित्त आयोग, पेयजल एवं स्वच्छता कार्यों तथा अन-टाइड फंड के उपयोग की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई राशि जनता की सुविधा और विकास के लिए है, इसलिए उसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को लंबित कार्यों की सूची प्रस्तुत कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।  

न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में प्रस्तुत जवाब तथ्यात्मक, मजबूत एवं समयबद्ध हों तथा न्यायालय के आदेशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

बैठक में सचिव  शंगीता आर. ने आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेंशन केंद्रों एवं मॉडल स्कूलों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक कल्याण एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। 

बैठक में सूडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक श्री जितेंद्र कुशवाहा, उप संचालक श्री अरुण साहू, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, सचित साहू, अधीक्षण अभियंता श्री रमेश सिंह और ओएसडी श्री निशिकांत वर्मा भी मौजूद थे।

वन धन विकास केंद्र वनांचल की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया सोपान

रायपुर

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में वन धन विकास केंद्र महिलाओं की आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त आधार बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन और प्रधानमंत्री जनमन योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य में अब तक 155 वन धन विकास केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 139 सामान्य क्षेत्रों में और 16 केंद्र विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीव्हीटीजी) क्षेत्रों में संचालित हैं।

संग्रहण से प्रसंस्करण तक का सफर
      
इन केंद्रों ने पारंपरिक लघु वनोपज संग्रहण को आधुनिक प्रसंस्करण से जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ न केवल वनोपजों का संग्रहण होता है, बल्कि उनका प्राथमिक प्रसंस्करण और उच्च गुणवत्ता वाले हर्बल उत्पादों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पहल ने हजारों महिलाओं को उनके गांव के समीप ही स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है।

हजारों समूहों को मिला आर्थिक संबल
          
वन धन विकास केंद्रों की सफलता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। लगभग 4 हजार 900 महिला स्व-सहायता समूह इन केंद्रों से सीधे जुड़े हैं। करीब 55 हजार महिला सदस्य गांवों और हाट-बाजारों में संग्रहण एवं प्रसंस्करण के कार्य में संलग्न हैं। पिछले पांच वर्षों में संग्रहण कार्य के लिए महिलाओं को लगभग 4 करोड़ रुपये का कमीशन वितरित किया गया है।

हर्बल उत्पादों से बढ़ी आय
     
प्राथमिक संग्रहण के साथ-साथ मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 1,300 महिला समूहों की 17,000 महिलाएं हर्बल उत्पाद निर्माण से जुड़ी हैं। इस विशिष्ट कार्य के लिए अब तक करीब 1 करोड़ रुपये का कमीशन महिलाओं को दिया गया है। तैयार उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग को की जा रही है। इसी कड़ी में 4 केंद्रों ने 25.17 लाख रुपये का शुद्ध लाभांश अर्जित कर एक मिसाल पेश की है।

स्थानीय संसाधनों से सशक्तिकरण

 वन धन विकास केंद्रों की यह मुहिम न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से वनांचल की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रही है। यह पहल लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के सपने को छत्तीसगढ़ के जंगलों में हकीकत में बदल रही है।

धान उठाव, कस्टम मिलिंग और पीडीएस व्यवस्था की खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने की विस्तृत समीक्षा

रायपुर 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय योजनाओं, धान उठाव, कस्टम मिलिंग तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निराकरण, धान खरीदी केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों से धान के उठाव, कस्टम मिलिंग एवं एफसीआई तथा नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा किए जाने की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ वर्ष 2025-26 के उपार्जन केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों में शेष धान का उठाव 31 मई 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून 2026 के लिए तीन माह के एकमुश्त चावल भंडारण एवं वितरण की भी समीक्षा की गई। खाद्य मंत्री  बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा में तीनों माह का राशन वितरण कार्य पूर्ण किया जाए ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

समीक्षा बैठक में खाद्य संचालनालय, जिला कार्यालयों, नागरिक आपूर्ति निगम, राज्य भंडार गृह निगम तथा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री  बघेल ने आवश्यक पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

राज्य में खाद्यान्न भंडारण क्षमता की समीक्षा करते हुए मंत्री  बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम द्वारा निर्माणाधीन गोदामों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपयोग में लाने के निर्देश दिए। बैठक में विधिक माप विज्ञान के कार्यों की भी समीक्षा की गई।

खाद्य मंत्री  बघेल ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, पूरक पोषण आहार एवं मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं से जुड़े कमीशन का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में खाद्य सचिव मती रीना बाबासाहेब कंगाले, खाद्य संचालक डॉ. फरिहा आलम, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ  जितेंद्र शुक्ला, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, रजिस्ट्रार छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नियंत्रक विधिक माप विज्ञान तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बस्तर के 3056 गाँवों तक पहुँचा मोबाइल नेटवर्क, 425 गाँवों में पहली बार बस सेवा

रायपुर

 मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्लानार योजना के कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आगामी कार्य योजना के संबंध में अधिकारियों से विचार-विमर्श भी किया। नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर क्षेत्र के सुदूर वनांचल गांवों तक बिजली की लाईने पहुंची है। गांवों में मुक्त बिजली कनेक्शन और सोलर लाईट लगायी गई है। मनरेगा से स्थानीय रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के मकान बनाये गए हैं। क्षेत्र के अंदरूनी ईलाकों में अब ग्रामीण को राशनकार्ड, उज्जवला गैस, बैंक पास बुक जैसी अनेक व्यक्तिमूलक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राही उठा रहें है।
 
बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में 5016 प्राथमिक शालाएं, 8947 आंगनबाड़ी केन्द्र खोले गए है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल ग्रामों में आयुष्मान मंदिर बनाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचायी  गई है। 3056 ग्रामों में मोबाईल नेटवर्क पहुचाया गया हैं। इसी तरह से 85 प्रतिशत बसाहटों में बारह मासी सड़कें बनायी गई है। मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 50 मार्गों पर 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र के 425 गांवों में पहली बार बस सेवाएं प्रारंभ की गई है। बैठक में नियद नेल्लानार योजना 2.0 के संबंधी कार्ययोजना के बारे में अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की।  बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास की अपर मुख्य सचिव मती ऋर्चा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग  भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा  तारण प्रकाश सिन्हा सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

जहां कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी सपना था, वहां अब डॉक्टर दे रहे दस्तक : बस्तर के जंगलों तक पहुंची स्वास्थ्य क्रांति

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में तेजी से बदल रहे हालात और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपस्थित थे।

बैठक में विशेष रूप से बस्तर में चल रहे ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह को बताया कि जिन इलाकों में कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी मुश्किल माना जाता था, वहां अब डॉक्टर, दवाइयां और स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से पहुंच रही हैं। दूरस्थ गांवों में पैदल जाकर लोगों की जांच की जा रही है और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मात्र एक महीने में 21.86 लाख से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच हो चुकी है और उनके डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार कर लिए गए हैं। हजारों मरीजों को समय पर उपचार और उच्च अस्पतालों में रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर में अब पुराने सुरक्षा शिविर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गए हैं। इन्हें धीरे-धीरे “जन सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां गांव के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। इन केंद्रों के जरिए दूरस्थ  क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहली बार कई बुनियादी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। ग्रामीण अब इलाज, बैंक खाते, दस्तावेज और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए दूर-दूर तक भटकने को मजबूर नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 से सुकमा से हुई है। इस अभियान में 36 लाख लोगों को लक्षित किया गया है। इसके अलावा बस्तर मुन्ने ( अग्रणी बस्तर) अभियान के जरिए 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो गया है, जहां अब बस्तर के लोगों को महंगे इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। डायल-112 की नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार और पुराने सुरक्षा शिविरों को “जन सुविधा केंद्र” में बदलने की योजना भी बस्तर के स्थायी विकास की दिशा में अहम कदम हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो इलाके कभी नक्सल प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां आज सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। हाल ही में सुकमा के एक अत्यंत दुर्गम गांव से गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाना इस बदलाव का बड़ा उदाहरण बना है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह को बस्तर के लिए तैयार विकास रोडमैप की जानकारी दी। इसमें सड़क, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन से बस्तर में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह का 18 और 19 मई को बस्तर प्रवास  संभावित है।

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्धता के लिए अधिकारी और कर्मचारियों को दिए प्रशंसा पत्र

रायपुर

मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के निस्तारण एवं निर्धारित समय पर उपस्थित होने के संबंध में श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए। ई-ऑफिस में मंत्रालय में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले विभागों को भी सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ विभागों में प्रथम स्थान पर समाज कल्याण विभाग रहा। दूसरे स्थान पर गृह विभाग और तृतीय स्थान पर परिवहन विभाग को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।
    
मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। संयुक्त सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान पर आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव  भूपेन्द्र कुमार राजपूत, दूसरे स्थान पर अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के संयुक्त सचिव  अनुपम त्रिवेद्वी रहे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव  सचिदानंद आलोक तीसरे स्थान पर रहे। 

उप सचिव स्तर के अधिकारियों में वन विभाग के उप सचिव  दूरदेशी राम सोन्टापर प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग के  किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय और गृह विभाग के उप सचिव  रामप्रसाद चौहान को तीसरे स्थान के लिए प्रशंसा पत्र दिए गए। अवर सचिव श्रेणी के  अधिकारियों में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव  अरूण कुमार मिश्रा को प्रथम, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के  मगनलाल पवार को द्वितीय और गृह विभाग के  पूरन लाल साहू को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया। अनुभाग स्तर के अधिकारियों में सामान्य प्रशासन विभाग के अनुभाग अधिकारी  नंदकुमार मेश्राम को प्रथम,  भोले नाथ सारथी वन विभाग को दूसरा और गृह विभाग के  पी.नागराजन को तीसरा स्थान मिला। सहायक अनुभाग स्तर के अधिकारियों में मती रेखा देवांगन को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ सचिवालय सहायक में महिला एवं बाल विकास विभाग के  दौलत राम वर्मा को प्रथम स्थान मिला। कनिष्ठ सचिवालय सहायक स्तर पर नगरीय प्रशासन विभाग के  प्रमोद कुमार को प्रथम स्थान मिला। कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग के  विक्रम प्रताप कश्यप को दूसरा स्थान और सामान्य प्रशासन विभाग के  सुरेन्द्र कुमार को तीसरा स्थान मिला। डाटा एंट्री ऑपरेटर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (तकनीकी) मती माया देवांगन को प्रथम स्थान मिला। 
समयबद्धता के लिए उपस्थिति रैकिंग में सहायक अनुभाग अधिकारी सु कांति सूर्यवंशी प्रथम स्थान पर रही। स्टेनोटायपिस्ट  रमाकांत, निज सचिव अराधना साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी  हुप्पल देवांगन, सहायक अनुभाग अधिकारी  जयप्रकाश साव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक मती जयमनी पहाड़िया, भृत्य  जीघन राम साहू, अवर सचिव  लीना राकेश, अनुभाग अधिकारी  मुकेश कुमार शाकार और  मुकेश कुमार तांडी दूसरे स्थान पर रहें। इसी तरह से उपस्थिति में तीसरे स्थान प्राप्त करने वालों में कनिष्ठ सचिवालय सहायक  मुकेश राम प्रधान, अवर सचिव  ओमप्रकाश पात्रे, वरिष्ठ सचिवालय सहायक प्रमीला यादव, सहायक अनुभाग अधिकारी  संतोष कुमार साहू, मती सुधा शेंडे,  त्रिभुवन निषाद और  विनोद कुमार अठानकर सहायक अनुभाग अधिकारी तीसरे स्थान पर रहें। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र मिलने पर शुभकामनाएं दी गई।

कचना ओवर-ब्रिज जल्द होगा शुरू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अंतिम चरण के कार्यों का किया निरीक्षण

रायपुर

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने आज रायपुर में  खम्हारडीह-कचना रेल्वे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर-ब्रिज के अंतिम चरण के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को ओवर-ब्रिज का काम जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर अधिकारियों से इसके तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने यहां लाइटिंग के लिए अच्छी गुणवत्ता के पोल्स और लाइट्स का उपयोग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता  एस.के. कोरी भी इस दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कचना ओवर-ब्रिज के निरीक्षण के बाद कहा कि इसका 96 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। थोड़े से बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के चालू होने से रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को ट्रैफिक-जॉम और रेलवे फाटक के बंद होने के कारण यातायात बाधित होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी।  साव ने कहा कि राज्य शासन लगातार राजधानी के यातायात को सुदृढ़, व्यवस्थित और तेज करने में लगी हुई है। कचना का यह ओवर-ब्रिज भी इसमें काफी महत्वपूर्ण है, जो अब लगभग पूर्णता की ओर है। इस सड़क से आना-जाना करने वालों के लिए यह बहुप्रतीक्षित ओवर-ब्रिज जल्द ही खोल दिया जाएगा।

49 करोड़ की लागत से बन रहा ओवर-ब्रिज इस रूट के यातायात को करेगा व्यवस्थित और तेज

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच करीब 49 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस रेलवे ओवर-ब्रिज का 96 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। पुल के मध्य के रेलवे वाले भाग के साथ ही दोनों छोरों पर पुल एवं पहुंच मार्ग का काम पूर्ण कर लिया गया है। अभी पेंटिंग एवं फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है। इनके पूर्ण होते ही नाली निर्माण और लाइटिंग का काम तत्परता से प्रारंभ किया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के शुरू हो जाने से इस रूट का यातायात व्यवस्थित और तेज होगा।

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