मंत्री दयाल दास बघेल ने बाल वैज्ञानिक सृष्टि और पीयूष को किया सम्मानित मांडल राष्ट्रीय विज्ञान मेला दिल्ली के लिए चयनित

रायपुर

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत मुढ़ीपार में समाधान शिविर का आयोजन हुआ। जहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी डडसेना के मार्गदर्शन व गौरव चंद्राकर के विशेष देखरेख में तैयार किया गया बाल वैज्ञानिक सृष्टि यदु पीएमविद्यालय पिथौरा का मॉडल मल्टीपरपज स्मार्ट रोबोटिक्स एवं पियूष साहू सेंट फ्रांसिस विद्यालय पिथौरा का मॉडल सांपों की सुरक्षा वाला चारपाई का आगामी सितंबर माह 2026 में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान मेला दिल्ली के लिए चयनित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्रीदयाल दास बघेल ने बाल वैज्ञानिकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह उपस्थित थे। इस उपलब्धि के लिए उषा पुरुषोत्तम धृतलहरे जनपद अध्यक्ष, ब्रह्मा पटेल जनपद उपाध्यक्ष, रामदुलारी सीताराम सिन्हा जिला पंचायत सभापति, बीएल देवांगन जिला शिक्षा अधिकारी ने बाल वैज्ञानिक सृष्टि और पीयूष और उनके मार्गदर्शन शिक्षक गौरव चंद्राकर को बधाई और शुभकामनाएं दी।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिखाई संवेदनशील और जिम्मेदार प्रशासनिक कार्यशैली : ईंधन बचत, समय प्रबंधन और सुशासन का समन्वित मॉडल बनी समीक्षा बैठक

रायपुर 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ स्थित सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के विकास कार्यों एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सुशासन, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और प्रशासनिक दक्षता का संतुलित स्वरूप देखने को मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत कम करने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यों में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए थे। इसी के अनुरूप इस समीक्षा बैठक में जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया।

बैठक में केवल संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि अन्य विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इससे बड़ी संख्या में अधिकारियों के आवागमन में होने वाली पेट्रोल-डीजल की खपत को कम किया जा सका। यह पहल प्रशासनिक कार्यों में मितव्ययिता और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति की प्रभावी मिसाल बनी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व भी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को और अधिक तेज, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, वहां वर्चुअल समीक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑनलाइन समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, ताकि समय और संसाधनों दोनों की बचत सुनिश्चित हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, राजस्व मामलों के निराकरण तथा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल प्रशासनिक कार्यशैली में संवेदनशीलता, व्यवहारिक सोच और दूरदर्शिता का उदाहरण बनकर सामने आई है। तकनीक के माध्यम से ईंधन बचत, समय प्रबंधन और सुशासन को साथ लेकर चलने का यह मॉडल शासन की नई कार्यसंस्कृति को भी रेखांकित करता है।

 

विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिली नई गति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ को दी 102 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर 

सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के कुसमुरा में आयोजित सभा में जिलेवासियों को 102 करोड़ 93 लाख 24 हजार रुपए के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के कुल 24 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 33 करोड़ 98 लाख 47 हजार रुपए लागत के 13 कार्यों का लोकार्पण तथा 68 करोड़ 94 लाख 77 हजार रुपए लागत के 11 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। 

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि प्रदेश सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है और अब जनता स्वयं परिवर्तन और विकास को महसूस कर रही है।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि रायगढ़ से उनका आत्मीय रिश्ता वर्षों पुराना है और यहां की जनता ने उन्हें हमेशा परिवार के सदस्य की तरह स्नेह दिया है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद और समाधान का सशक्त माध्यम बन चुका है। 

मुख्यमंत्रीसाय ने बताया कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेशभर में आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए चलाए गए विशेष अभियान से हजारों लोगों को राहत मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।  प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपए का बकाया बोनस दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है और सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्रीसाय ने प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आगामी समय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिससे आम नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की मांगों पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने ग्राम सूपा, घुघुवा, पुटकापुरी, तारापुर, उसरौट और काशीचुआं को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य को पूर्ण कराने की घोषणा की। इसके साथ ही कुसमुरा में महतारी सदन निर्माण, धनागर सोसायटी के अंतर्गत खाद्य भंडारण हेतु गोदाम निर्माण तथा उप स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन की दिशा में आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समय-सीमा में विकास कार्यों को पूर्ण कर जनता को उसका लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले कुसमुरा कॉलेज भवन निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी।

कार्यक्रम में वित्त मंत्रीओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद किसानों को 3716 करोड़ रुपए का बकाया बोनस दिया गया तथा आज प्रदेश में 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नारी शक्ति ऋण योजना और भूमिहीन मजदूर साथी योजना जैसी योजनाओं से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।

लोकसभा सांसदराधेश्याम राठिया ने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार उत्साहपूर्वक आयोजित किया जा रहा है और सरकार जनता के बीच पहुंचकर विकास कार्यों को नई गति दे रही है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसददेवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौरजीवर्धन चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

राज्यपालरमेन डेका ने किया पौधरोपण, कवर्धा कलेक्ट्रेट परिसर में रोपा आम का पौधा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

रायपुर

राज्यपालरमेन डेका ने कबीरधाम प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर कवर्धा में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्रीविजय शर्मा एवं पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने भी पौधरोपण किया।
         
राज्यपालडेका ने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल वर्तमान के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
       
कार्यक्रम में कलेक्टरगोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षकधर्मेंद्र सिंह, वनमण्डलाधिकारीनिखिल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओअभिषेक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

सुहागरात पर पति से कहा- ‘दूसरे से प्यार करती हूं’, मायके लौटने के बाद दुल्हन ने खाया जहर

अंबिकापुर

बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र अंतर्गत एक गांव की नवविवाहिता ने कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या कर ली। पांच मई को उसकी शादी हुई थी। उसने पति से कहा था कि वह किसी और को पसंद करती है, उसके साथ नहीं रहेगी। मायके वाले उसे विदा कराकर ले गए थे। इसी बीच उसने मायके में कीटनाशक का सेवन कर लिया। इसके पहले व्हाट्सएप पर उसने पिता को जहर की शीशी की तस्वीर भी भेजी थी।

पसंद के युवक से शादी करने से स्वजन ने किया था मना

मृतका जिस युवक को पसंद करती थी, उससे शादी करने से स्वजन ने मना कर दिया था तथा सूरजपुर जिले के एक गांव के युवक से सामाजिक रीति-रिवाज से उसकी शादी कराई थी। इसी से क्षुब्ध होकर नवविवाहिता द्वारा आत्महत्या करने का संदेह जताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया शिव मंदिर निर्माण कार्य का भूमिपूजन

रायपुर

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने किया शिव मंदिर निर्माण कार्य का भूमिपूजन

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अम्बिकापुर स्थित नमनाकला वार्ड क्रमांक 14 सरना में प्रस्तावित शिव मंदिर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

इस अवसर पर मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक हैं। मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कारों को सहेजने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहें।
उन्होंने कहा कि नमनाकला क्षेत्र में शिव मंदिर निर्माण से श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक वातावरण मिलेगा तथा क्षेत्र में आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा प्राप्त होगी। मंत्री  अग्रवाल ने स्थानीय नागरिकों की सहभागिता और धार्मिक आस्था की सराहना करते हुए कहा कि जनसहयोग से ऐसे निर्माण कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ मंदिर निर्माण कार्य के शुभारंभ का स्वागत किया। भूमिपूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु शामिल हुए।
इस अवसर पर अम्बिकापुर नगर पालिका निगम की महापौर मंजूषा भगत सहित क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

 

संविदा कर्मचारियों को राहत, हाईकोर्ट बोला- बिना नियमित नियुक्ति के नहीं हटाया जा सकता

बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा व अस्थायी कर्मचारियों का अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी जगह अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ऊर्जा सचिव सहित अन्य अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई संविदा भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया था, जिसे लेकर सेवाकर्ता इकाइयों द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई।

जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्य, सुशासन तिहार जनविश्वास का माध्यम : मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय

रायपुर 

 सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लेमरू में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय शामिल हुए।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से सरकार बनी है और उनकी सेवा करना ही सरकार का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता तक सीधी पहुंच और संवेदनशील कार्यशैली का प्रतीक है।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिवार का मुखिया परिवार के सुख-दुख और जरूरतों का ध्यान रखता है, उसी भावना से सरकार भी गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है और लोगों की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर आम जनता से संवाद कर रहे हैं।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं, किसानों, श्रमिकों, वनवासियों और गरीब परिवारों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें बड़ी संख्या में आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है तथा किसानों से रिकॉर्ड मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है।

उद्योग मंत्रीलखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने “मोदी की गारंटी” के अधिकांश वादों को कम समय में पूरा किया है। गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों को राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं।

वित्त मंत्रीओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय लगातार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ सरगुजा से बस्तर तक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का मुख्यमंत्री को सुनने और उनसे मिलने पहुंचना जनता के विश्वास और आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक है।

शिविर के दौरान मुख्यमंत्रीसाय ने लेमरू क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सिंचाई के लिए एनीकट निर्माण, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्थापना, विभिन्न ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, सीसी रोड और पुलिया निर्माण की घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कोरबा जिले के 18 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

शिविर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों को राशन कार्ड, कृषि उपकरण, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, मछली पालन सामग्री, पंप, पावर स्प्रेयर, सुपोषण टोकरी तथा स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली।

इस अवसर पर प्रमुख सचिवसुबोध सिंह, विशेष सचिवरजत बंसल सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

माओवादी संगठन को बड़ा झटका, 20 लाख के इनामी नरहरि और पत्नी ने किया सरेंडर

जगदलपुर.

माओवादी संगठन को फिर एक बार बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय समिति के सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी पसुनूरी नरहरि ने आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि नरहरि, जिसे संतोष के नाम से भी जाना जाता है, तेलंगाना के हनमकोंडा का रहने वाला है।

वह लंबे समय से झारखंड में माओवादियों की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। नरहरि की पकड़ संगठन में काफी मजबूत मानी जाती थी। वह बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी और पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुका है। आत्मसमर्पण की बड़ी वजह उसका लगातार खराब होता स्वास्थ्य बताया जा रहा है। इसी के चलते उसने तेलंगाना पुलिस के सामने सरेंडर करने का फैसला लिया। खास बात यह है कि नरहरि ने अकेले नहीं बल्कि अपनी पत्नी जोबा उर्फ पूनम के साथ आत्मसमर्पण किया है, जो खुद क्षेत्रीय समिति की सदस्य बताई जा रही है। पुलिस के लिए इसे बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि नरहरि लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था।

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 15 इनामी नक्सलियों ने डाले हथियार
वहीं बुधवार को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 15 इनामी नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। अधिकारियों के मुताबिक, गढ़चिरौली जिले में 11 और कांकेर में चार नक्सलियों ने पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक के समक्ष सरेंडर कर दिया। इन सभी पर 82 लाख और 23 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में नक्सली खोखली माओवादी विचारधारा से निराश होकर मुख्यधारा में लौटने को तैयार हो रहे हैं।

गढ़चिरौली जिले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला के समक्ष जब 11 नक्सलियों ने हथियार डाले, तब उनमें से चार वर्दी में थे। इसमें मंडल समिति के सदस्य 57 वर्षीय रमेश लेकामी, 35 वर्षीय भीमा कोवासी, पार्टी मंच समिति के सदस्य 41 वर्षीय पोरिये गोटा, 32 वर्षीय रतन ओयम, 30 वर्षीय कमल वेलाडी (30) हैं। ये सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। इसके अलावा क्षेत्र समिति के सदस्यों में 36 वर्षीय पोरिये वेलाडी, 35 वर्षीय रामजी पुंगती, 19 वर्षीय सोनू काटो, 22 वर्षीय प्रकाश पुंगती, 21 वर्षीय सीता पालो और 23 वर्षीय साईनाथ माडे शामिल हैं, जो कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे।
इसके अलावा कांकेर जिले में कुल 23 लाख रुपए के इनामी चार नक्सलियों ने सरेंडर किया।

इनकी पहचान काजल उर्फ रजीता वेड़दा, मंजूला उर्फ लक्ष्मी पोटाई, विलास उर्फ चैतु उसेंडी और रामसाय उर्फ लखन मर्रापी के रूप में हुई है।अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई। अब तक सरेंडर छत्तीसगढ़ में पिछले दो साल में राज्य में 2380 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 2022 से अब तक 146 कट्टर नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं।

संविदाकर्मी को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा व अस्थायी कर्मचारियों का अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी जगह अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ऊर्जा सचिव सहित अन्य अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई संविदा भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया था, जिसे लेकर सेवाकर्ता इकाइयों द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई।

याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति सेवाकर्ता इकाई के पद पर वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए हुई थी, जिनका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ।

अनुबंध समाप्त होने के बाद क्रेडा ने याचिकाकर्ताओ की सेवावृद्धि न करते हुए उनके स्थान पर नया विज्ञापन जारी कर दिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने पैरवी करते हुए कहा कि किसी भी संविदा अथवा अस्थायी कर्मचारियों को उनकी जगह अन्य अस्थायी कर्मचारी रखने की शर्त पर कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता है।

ऐसे कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी नियुक्त किए जाने की स्थिति में ही हटाया जा सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत मनीष गुप्ता विरुद्ध अध्यक्ष जन भागीदारी समिति तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायदृष्टांत मंजू गुप्ता विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन तथा अंकिता नामदेव विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन का हवाला दिया।

सीनियर एडवोकेट ने बताया कि पूर्व में भी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा टेक्नीशियन संविदा के पद विज्ञापन जारी किया गया था, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जारी किए गए विज्ञापन पर रोक लगा दी थी।

याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई के पद पर जारी विज्ञापन पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने ऊर्जा विभाग के सचिव, अधीक्षण अभियंता (क्रेडा), कार्यपालन अभियंता जोनल कार्यालय तथा सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

52 कर्मियों ने दायर की है याचिका
क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन को चुनौती देते हुए रायपुर जिले के कमलेश कुमार साहू व अन्य नौ, राजनांदगांव जिले के योगेश कुमार साहू व अन्य छह, बेमेतरा जिले से लीलाधर साहू व अन्य छह, खैरागढ़ -गंडई-छईखदान जिले से नरेंद्र कुमार साहू वह अन्य पांच, जयपुर जिले से गणेश कुमार साहू व अन्य 26 ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

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