मुख्य सचिव की उच्च स्तरीय बैठक, विभागों की प्रमुख योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा

मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक

विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

रायपुर
मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए है।
मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

चलती बस में गूंजी किलकारी! सफर के दौरान महिला ने बच्चे को दिया जन्म, यात्रियों ने की मदद

कोरबा.

छत्तीसगढ़ में कोरबा से पटना जा रही यात्री बस में सफर के दौरान महिला के प्रसव का अनोखा मामला सामने आया है. यात्रियों की मदद से गर्भवती महिला ने रास्ते में ही स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया. दोनों को बलरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल दोनों का स्वास्थ्य अच्छा है.

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात जोरदार बारिश के बीच राजहसन बस कोरबा से पटना जा रही थी. गर्भवती महिला अपने पति के साथ बस में सफर कर रही थी. रात करीब 11 बजे अंबिकापुर पार करने के बाद गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई. स्थिति को देखते हुए चालक ने बस को सड़क किनारे रोक दिया. इसके बाद बस में सवार महिला यात्री सुनती देवी समेत अन्य महिलाओं ने प्रसूता की मदद की और सुरक्षित प्रसव कराया. प्रसव के बाद बस बलरामपुर पहुंची, जहां करीब आधे घंटे बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में दोनों का उपचार जारी है. चिकित्सकों के अनुसार, मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं.

यात्रियों के बीच खुशी का माहौल
बताया जा रहा है कि प्रसूता कोरबा की रहने वाली है और यह उसका पहला बच्चा है. बस में उस समय करीब 30 से 35 यात्री सवार थे. घटना के बाद बस में मौजूद यात्रियों के बीच खुशी का माहौल रहा. साथ ही कई यात्रियों ने स्वेच्छा से आर्थिक मदद भी की.

सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बैठक में शिक्षा-स्वास्थ्य समेत कई विकास योजनाओं को मिली मंजूरी

रायपुर.

नकटी गांव में हालिया प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आज जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) राशि परिषद के सदस्यों के बीच कलेक्ट्रेट स्थित रेड क्रॉस सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई।

बैठक में करीब 37 करोड़ रुपये के DMF फंड के उपयोग को लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि DMF का प्रत्येक रुपया जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसका उपयोग केवल जनहित तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास में हो। सांसद ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिक्षा के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान
इस बैठक में आत्मानंद स्कूलों के संचालन के लिए अतिथि शिक्षकों के वेतन मद में 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। वहीं सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 8.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। अधिकारियों को अधूरी पाइपलाइन परियोजनाएं जल्द पूरी करने तथा गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए वाटर रिचार्ज कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। पर्यावरण संरक्षण को लेकर सांसद ने सख्त रुख अपनाते हुए इस मद की राशि 60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की बंद पड़ी खदानों की फेंसिंग और व्यवस्थितीकरण कर दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की बात कही। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों की दवाइयों के लिए 50 लाख रुपये अलग से मंजूर किए गए।

ग्रामीण विकास और अन्य योजनाओं को भी मिली मंजूरी
बैठक में 348 गांवों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने में सहायता, लंबित 14 हजार मामलों के त्वरित निराकरण, अस्पतालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, मॉडल महतारी सदन के निर्माण, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार, कौशल विकास तथा पशुपालन विभाग के लिए भी वित्तीय प्रावधान किए गए। बैठक में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, DMF शासी परिषद के नवनियुक्त सदस्य, कलेक्टर गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

CM साय आज करेंगे दो विभागों की समीक्षा, विधानसभा सत्र से पहले अध्यक्ष से करेंगे अहम मुलाकात

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर स्पीकर हाउस पहुचेंगे, जहां वह विधानसभा सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात करेंगे.

इसके बाद वे मंत्रालय महानदी भवन पहुंचकर झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ बैठक करेंगे. दोपहर में मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जिनमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग और राजस्व एंवआपदा प्रबंधन विभाग की बैठक शामिल है. वहीं नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में बुलाई गई भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे.

BJP विधायक दल की होगी बैठक
रायपुर.
छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी आज विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेगी. बैठक शाम 7 बजे नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में होगी. इसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. पार्टी ने सभी भाजपा विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की है. बैठक में मानसून सत्र की रणनीति, सरकार के एजेंडे और विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

मुंगेली : महतारी वंदन योजना बनी सुनीता साहू के बच्चों की बेहतर शिक्षा का आधार

मुंगेली : महतारी वंदन योजना बनी सुनीता साहू के बच्चों की बेहतर शिक्षा का आधार

प्रतिमाह की सहायता राशि से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल वैन का खर्च हो रहा आसान

मुंगेली

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना जिले की हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है। जिले के ग्राम लिम्हा की निवासी श्रीमती सुनीता साहू भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने परिवार के भविष्य को संवार रही हैं। उन्हें प्रतिमाह मिलने वाली 01 हजार रुपये की सहायता राशि बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने का अवसर दे रही है। 
     सुनीता ने बताया कि इस राशि से वे अपने बच्चों की स्कूल वैन का किराया और पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को सहजता से पूरा कर पा रही हैं। पहले बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों का प्रबंधन करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता था, लेकिन अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने काफी राहत दी है। इससे बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से अधिक संतुलित हुई है। उन्होंने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि छोटी जरूर है, लेकिन नियमित रूप से मिलने के कारण यह परिवार के लिए बड़ा सहारा बन गई है। इससे बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देना आसान हुआ है और भविष्य को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़ा है। सुनीता साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवार की आर्थिक मजबूती का प्रभावी माध्यम बन रही है। 

सुशासन तिहार से 53 नए टीबी मरीजों की पहचान कर तत्काल उपचार शुरू

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी अभियान बनकर उभरा है। इसी क्रम में 1 मई से 10 जून 2026 तक सरगुजा जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर टीबी की समय पर पहचान, उपचार और जनजागरूकता पर व्यापक अभियान चलाया गया।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित 42 विशेष स्वास्थ्य शिविरों में 5,890 लोगों की डिजिटल एक्स-रे जांच की गई, जिनमें 30 व्यक्तियों में टीबी की पुष्टि हुई। वहीं 538 बलगम (स्पुटम) जांच में 23 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए। अभियान के दौरान कुल 53 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका तत्काल उपचार प्रारंभ कराया गया, जिससे बीमारी के प्रसार को रोकने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सफलता मिली। अभियान के दौरान संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार एवं नियमित फॉलोअप की प्रभावी मॉनिटरिंग की गई। साथ ही निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत उपचाररत मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।

जिले की 40 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने निक्षय मित्र के रूप में सहभागिता निभाते हुए उपचाररत 38 टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए, जिससे उपचार अवधि में उन्हें आवश्यक पोषण सहयोग मिल सके। टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच एवं सचिवों को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल से अन्य ग्राम पंचायतों को भी टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या टीबी के अन्य लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच, नियमित उपचार और जनसहभागिता से टीबी मुक्त सरगुजा तथा टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र साकार किया जा सकता है।

राज्यपाल डेका बोले- रोबोटिक्स और AI का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए

रायपुर.

राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में रोबोटिक्स लैबोरेट्री का लोकार्पण किया। इस लैबोरेट्री की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेछानुदान मद से राशि प्रदान की गई है ।

इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता, रोबोटिक्स जैसे तकनीक हमारे जीवन को आसान बनाते है। लेकिन आधुनिक तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग मानव जीवन के कल्याण और समाज के विकास के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान केवल  उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों से नहीं होती, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों से होती है जो ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दें।  प्रणवानंद अकादमी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण को भी समान महत्व देती है यह प्रसन्नता का विषय है।

राज्यपाल ने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकें विश्व को नई दिशा दे रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात करना चाहिए। कोई भी नया आविष्कार या नवाचार मानवता के हित में होना चाहिए। मानव पर खुद का नियंत्रण होना चाहिए न कि कोई तकनीक उसे नियंत्रित करे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में संतोष का विशेष महत्व है। हमें जो प्राप्त है, उसमें प्रसन्न रहना सीखना चाहिए तथा कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन गिरने के बाद फिर से उठना और आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है।

उन्होंने कहा कि समाज ने हमें क्या दिया, यह सोचने के बजाय हमें यह विचार करना चाहिए कि हम समाज को क्या दे सकते हैं। समाज के प्रति सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और पड़ोसियों के प्रति आत्मीयता की भावना हमारे जीवन में आनंद लाता है। कार्यक्रम में अकादमी के अध्यक्ष स्वामी शिवरूपानंद ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्राचार्य नीति यदुवंशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

अबूझमाड़ के जंगलों में होगी कॉफी की खेती, ओडिशा में ट्रेनिंग लेंगे अधिकारी

दुर्ग.

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग एवं जिला रोजगार स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जिला-दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 10 जुलाई को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग नया भवन परिसर पोटिया में जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है।

रोजगार मेला हेतु कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम डिप्लोमा पैरामेडिकल एवं अन्य योग्यताधारी आवेदकों के कुल 14 नियोजकों से 1317 तकनीकी एवं गैर तकनीकी रिक्तियां प्राप्त हो चुकी हैं जो 8 जुलाई तक बढ़ सकती है एवं जिसकी जानकारी हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर उपलब्ध है, इच्छुक आवेदक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक रोजगार विभाग के वेबसाईट एवं छग रोजगार एप के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

स्वस्थ छत्तीसगढ़ करेगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण- मुख्यमंत्री साय

स्वस्थ छत्तीसगढ़ करेगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण- मुख्यमंत्री साय

103 करोड़ रुपये से अधिक के स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों का भूमिपूजन

200 सीटर छात्रावास, कैंसर भवन विस्तार और आवासीय परिसर का होगा निर्माण

रायपुर, 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा। प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह परियोजनाएं प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी तथा मरीजों, विद्यार्थियों और चिकित्सकों सभी को इसका लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन के विस्तार तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवासीय परिसर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछली बार मेडिकल कॉलेज आने पर विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए आज उसके निर्माण की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए स्वस्थ छत्तीसगढ़ आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों एवं पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति से लेकर अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं तक केंद्र सरकार ने हर मांग पर सकारात्मक सहयोग दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) की भी सौगात मिलेगी, जिससे राज्य की समृद्ध औषधीय वनस्पतियों एवं आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब  नक्सलवाद से मुक्त होकर तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया है। उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के हर क्षेत्र में सेवाएं देने का संकल्प लें और केवल शहरों तक सीमित रहने की मानसिकता न रखें।
उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना, छात्रावास एवं आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास, कैंसर संस्थान विस्तार एवं अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहा है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, नर्सिंग कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में लंबित कोरबा, कांकेर एवं महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य प्रारंभ कराए हैं। बिलासपुर स्थित सिम्स का भी व्यापक उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि डीएम कार्डियक कोर्स प्रारंभ हो चुका है तथा जगदलपुर में जल्द ही छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम परियोजना के तहत 200 सीटर आधुनिक छात्र-छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।

दूसरी परियोजना के तहत कैंसर भवन का द्वितीय से छठे तल तक विस्तार किया जाएगा। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में आधुनिक लैब, 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड, सिंगल रूम, आईसीयू तथा अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे, जिससे कैंसर रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

तीसरी परियोजना के अंतर्गत छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का विस्तार किया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, रिक्रिएशन हॉल तथा सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

दुर्ग में रेलवे की जमीन से हटे वारिस, स्वेच्छा से प्रशासन को सौंपा मकान

दुर्ग.

सरकारी भूमि पर वर्षों से बने कब्जों को हटाने के लिए अक्सर प्रशासन और संबंधित विभागों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ऐसे मामलों में स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने की घटनाएं विरले ही देखने को मिलती हैं। ऐसे समय दल्लीराजहरा मूल निवासी एवं वर्तमान में चंदखुरी निवासी एक परिवार ने ईमानदारी, नैतिकता और कानून के प्रति सम्मान का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है।

दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 26 स्थित न्यू बस स्टैंड के समीप चंदैनी भाठा क्षेत्र में रेलवे बोर्ड की अधिग्रहित भूमि पर लगभग 50 वर्षों से निर्मित एक मकान को उसके वारिसों ने स्वेच्छा से रेलवे प्रशासन को वापस सौंपने का निर्णय लिया है। परिवार के मुखिया स्वर्गीय बलदेव प्रसाद यादव के निधन के बाद उनके पुत्र गोपाल कुमार यादव ने परिवार की सहमति से रेलवे प्रशासन को आवेदन प्रस्तुत कर उक्त संपत्ति को रेलवे की मूल संपत्ति के रूप में पुनः अपने अधिपत्य में लेने का अनुरोध किया है।

वर्तमान में दुर्ग जनपद पंचायत के सभापति गोपाल कुमार यादव ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित भूमि रेलवे बोर्ड की स्थायी संपत्ति है तथा उस पर निर्मित मकान का कोई शासकीय पट्टा, स्वामित्व दस्तावेज अथवा वसीयत उपलब्ध नहीं है। इसलिए परिवार ने नैतिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मकान की चाबी रेलवे प्रशासन को सौंपने तथा भविष्य में किसी प्रकार का स्वामित्व दावा नहीं करने का निर्णय लिया है।

गोपाल यादव ने बताया कि उनके पिता बलदेव प्रसाद यादव का 13 जनवरी 2026 को निधन हो गया था। उनके निधन के पश्चात वैधानिक वारिस के रूप में उनकी माता द्रौपती बाई यादव, स्वयं गोपाल यादव, छोटे भाई गोविन्दा यादव तथा बहन सती यदु ने आपसी सहमति से उक्त मकान को बंद कर दिया है, और वर्तमान में सभी परिवारजन दुर्ग जिले के चंदखुरी क्षेत्र में निवासरत हैं। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में उन्होंने सीनियर डीएम साहब, डीआरएम आफिस रायपुर को स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने संबंधी आवेदन सौंपा तो उनका कहना था पहली बार कोई ऐसा कर रहा है।

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