एयरपोर्ट पर Reel और Video Shooting पर रोक, DGCA की नई गाइडलाइन लागू

 रायपुर
 एयरपोर्ट परिसर में रील, वीडियो और फोटो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने वालों के लिए अब सख्ती बढ़ा दी गई है। रायपुर समेत देश के बड़े एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ते रील कल्चर और सुरक्षा संबंधी शिकायतों के बाद डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन (DGCA) और ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्यूरिटी (BCAS) ने नई गाइडलाइन जारी की है। इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों में शूटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित
नई गाइडलाइन के तहत एयरपोर्ट के संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में फोटो, वीडियो और रील बनाना पूरी तरह बैन रहेगा। सुरक्षा जांच क्षेत्र, विमान पार्किंग एरिया और यात्रियों को विमान तक ले जाने वाले जोन में कैमरा चलाने पर कार्रवाई की जाएगी। डीजीसीए ने इसे सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय माना है।

अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा होल्ड एरिया, जहां सीआइएसएफ यात्रियों और सामान की जांच करती है, वहां किसी भी प्रकार की वीडियो शूटिंग या फोटोग्राफी कानूनी अपराध मानी जाएगी।

विमान के पास वीडियो शूटिंग पर रोक
विमान खड़े होने वाले क्षेत्र, रनवे से जुड़े हिस्सों और बस से विमान तक जाने वाले रास्तों में रुककर वीडियो या फोटो बनाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि ऐसी गतिविधियों से विमान संचालन और मेंटेनेंस कार्य प्रभावित होते हैं और सुरक्षा जोखिम बढ़ता है।

उड़ान के दौरान सीमित छूट
डीजीसीए के निर्देशों के अनुसार यात्री टेकआफ, लैंडिंग या उड़ान के दौरान अपनी सीट से सामान्य फोटो या वीडियो ले सकते हैं। ऐसा कोई उपकरण या तरीका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा, जिससे विमान संचालन प्रभावित हो। केबिन क्रू यदि कैमरा बंद करने का निर्देश देता है तो उसका पालन करना अनिवार्य होगा।

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
एयरपोर्ट के प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो या रील बनाते पाए जाने पर सीआइएसएफ द्वारा फोन या रिकार्डिंग उपकरण जब्त किया जा सकता है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विमान अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। साथ ही उसे अनरूली पैसेंजर घोषित कर तीन महीने से लेकर दो साल या उससे अधिक समय तक हवाई यात्रा से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

प्रोफेशनल शूटिंग के लिए अनुमति जरूरी
यदि कोई व्यक्ति विज्ञापन, फिल्म या प्रोफेशनल ब्लाग के लिए एयरपोर्ट परिसर में शूटिंग करना चाहता है तो उसे डीजीसीए और संबंधित एयरपोर्ट अथारिटी से पहले अनुमति लेनी होगी। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना अनिवार्य रहेगा।

दिल्ली में CM विष्णु देव साय की CM रेखा गुप्ता से मुलाकात, सुशासन और विकास पर चर्चा

रायपुर
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिल्ली दौरे पर हैं. अपने व्यस्त दिल्ली दौरे पर सीएम ने आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की. ये मुलाकात वैसे तो सौजन्य मुलाकात रही, लेकिन दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच कई अहम विषयों पर भी चर्चा हुई। 

विष्णु देव साय की सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता के साथ सुशासन, जनहित और शहरी विकास के मुद्दों पर अहम चर्चा की. दोनों की ये मुलाकात सीएम रेखा गुप्ता के आवास पर हुई. मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने अपने-अपने राज्यों में चल रही योजनाओं को लेकर भी चर्चा की. मुलाकात के दौरान जनहित, सुशासन, शहरी विकास और सार्वजनिक सुविधाओं में विस्तार और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई. मुलाकात के दौरान सीएम विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता को छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी. सीएम साय ने रेखा गुप्ता को बताया कि कैसे हम जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ की जनता को लाभ पहुंचा रहे हैं। 

सुशासन, जनहित और शहरी विकास के मुद्दों पर चर्चा
मुलाकात के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में अपने-अपने राज्यों की अहम भूमिका और आपसी सहयोग पर भी जोर दिया. दोनों नेताओं के बीच समसायमिक मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया गया है. सीएम विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात के दौरान उनको छत्तीसगढ़िया संस्कृति से जुड़ी कई भेंट भी गिफ्ट किए। 

विकास योजनाओं पर सरकार का फोकस
बीते दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर थे. अमित शाह ने छत्तीसगढ़ और बस्तर में चल रहे विकास के कार्यों को लेकर साय सरकार की तारीफ की थी. छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद के खत्म होने के ऐलान के बाद से छत्तीसगढ़ लगातार विकास योजनाओं पर फोकस करने में लगा है. सीएम कई मंचों से खुद ये कह चुके हैं कि वो बस्तर के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। 

दुबई से ऑपरेट हो रहा था करोड़ों का Online Satta रैकेट, रायपुर में सोनू फतनानी गिरफ्तार

रायपुर
 राजधानी रायपुर की क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दुबई से “नसीब बुक” संचालित करने वाले आरोपी सोनू फतनानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को तिल्दा पहुंचने के दौरान घेराबंदी कर पकड़ा गया। कार्रवाई में पुलिस ने उसके कब्जे से 9 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, सोनू फतनानी लंबे समय से दुबई में बैठकर ऑनलाइन सट्टे का कारोबार संचालित कर रहा था। वह “नसीब बुक” नाम से सट्टा एप और नेटवर्क चला रहा था। इस नेटवर्क के जरिए छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में अवैध सट्टेबाजी का कारोबार फैलाया गया था।

भारत आने की सूचना पर सक्रिय हुई क्राइम ब्रांच
क्राइम ब्रांच को आरोपी के भारत आने की सूचना पहले ही मिल चुकी थी। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। जैसे ही सोनू फतनानी तिल्दा पहुंचा, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नामों और करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हो सकता है।

भाई राहुल फतनानी की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का भाई राहुल फतनानी भी इस सट्टा नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राहुल सट्टे से आने वाली रकम के प्रबंधन का काम संभालता था।

तिल्दा के वार्ड क्रमांक-05 में राहुल का एक आलीशान बंगला बन रहा है। पुलिस अब उसकी संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
बब्बन लालवानी से जुड़े मिले तार

पुलिस जांच में आरोपी के संबंध पूर्व में गिरफ्तार सटोरिया बब्बन लालवानी से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क होने और ऑनलाइन सट्टे के कारोबार में साझेदारी की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, करीब तीन माह पहले सोनू फतनानी की बुआ का निधन हुआ था, लेकिन गिरफ्तारी के डर से वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ था। इसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
पुराने विवाद भी आए सामने

पुलिस सूत्रों ने बताया कि राहुल फतनानी पहले भी विवादों में रह चुका है। जानकारी के मुताबिक, भारी रकम हारने के बाद उसने एक अन्य सटोरिए के सामने अपने घर में मिट्टी तेल डालकर आत्महत्या की कोशिश की थी। हालांकि उस दौरान उसे बचा लिया गया था। फिलहाल क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच में जुटी हुई है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

दुबई से ऑपरेट हो रहा था करोड़ों का Online Satta रैकेट, रायपुर में सोनू फतनानी गिरफ्तार

रायपुर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, Online Satta नेटवर्क चलाने वाला सोनू फतनानी कैश समेत पकड़ा गया

दुबई कनेक्शन वाला सट्टा कारोबार बेनकाब, रायपुर में करोड़ों के नेटवर्क का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नौतपा का कहर: छत्तीसगढ़ में बढ़ी भीषण गर्मी, रायपुर 45°C पर पहुंचा

रायपुर
नौतपा की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में गर्मी और ज्यादा बढ़ने वाली है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 4 दिनों तक हीटवेव चलने की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर में पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां रात में हवा भी हल्की गर्म चल रही है।

फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क है और तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ।सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

राजनांदगांव सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के शुरुआती दिनों में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार और महासमुंद जैसे जिलों में तेज धूप और लू का असर अधिक रहेगा।

अगले 4 दिन तक राहत के आसार नहीं
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में सूखा और बेहद गर्म मौसम बना रहेगा। रायपुर के लिए जारी पूर्वानुमान में आसमान साफ रहने और दिनभर गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

भीषण गर्मी से चमगादड़ों की मौत
कोरबा जिले में भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक के कारण करीब 200 चमगादड़ों की मौत हो गई। पाली विकासखंड के नौकोनिया तालाब क्षेत्र में सैकड़ों चमगादड़ पेड़ों से गिरकर मर गए। वन विभाग ने लू के कारण उनकी मौत की पुष्टि की है। इलाके में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी
बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा! कई शहरों में पेट्रोल ₹109 के पार

रायपुर 

देशभर में तेल कंपनियों ने फिर पेट्रोल डीजल के रेट बढ़ा दिए हैं। आज, 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल का प्राइस 109 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।

राजधानी रायपुर में अब 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹107.96 हो गई है। इससे पहले 15 मई को 3-3 रुपए, 19 मई को 90-90 पैसे और 23 मई को भी 90 पैसे प्रति लीटर रेट बढ़ाए गए थे। इस महीने ये चौथी बार दाम बढ़ा है।

ब्लैक मार्केटिंग पर नजर, शिकायत के लिए नंबर जारी
फ्यूल संकट और बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। रायपुर कलेक्टर ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

शहर में कहीं भी अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की जानकारी मिलने पर लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।

इस महीने चौथी बार फ्यूल के रेट बढ़ें

ताजा रेट के मुताबिक, बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में ज्यादा कीमत बढ़ी है। वहीं, रायपुर और कोरबा जैसे शहरों में बाकी जिलों की तुलना में थोड़ी राहत है।

नारायणपुर में पेट्रोल ₹109.65 प्रति लीटर, जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 लीटर बिक रहा है।

जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर, रायगढ़ में 109.3 रुपए दर्ज किया गया। बता दें कि इस महीने चौथी बार फ्यूल के रेट में इजाफा हुआ है।

दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर पहुंच गया है।

रायपुर में 108 रुपए से नीचे, लेकिन राहत सीमित

राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत ₹107.96 प्रति लीटर रिकॉर्ड है। प्रदेश के बड़े शहरों में यह दर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन हालिया बढ़ोतरी के बाद यहां भी वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है।

कोरबा में सबसे कम कीमत

प्रदेश में सबसे कम पेट्रोल कीमत कोरबा में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर बिक रहा है। इसके अलावा जांजगीर में ₹108.21 और कवर्धा व रायगढ़ में ₹108.86 प्रति लीटर रेट सामने आया है।

दूर के जिलों में ज्यादा कीमत की वजह
जानकारों के मुताबिक, बस्तर और सरगुजा संभाग में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट ज्यादा होने के कारण पेट्रोल की कीमतें ज्यादा रहती है। वहीं बड़े शहरों और औद्योगिक जिलों में सप्लाई बेहतर होने से कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।

आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर
लगातार बढ़ती पेट्रोल कीमतों का असर अब रोजमर्रा के खर्च पर भी दिखाई देने लगा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल महंगा होने से माल ढुलाई और यात्री किराए पर भी असर पड़ सकता है। वहीं आम लोग भी लगातार बढ़ते ईंधन खर्च से परेशान नजर आ रहे हैं।

ऐसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग खर्च, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट को जोड़ने के बाद पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत तय होती है।

अलग-अलग राज्यों में टैक्स की दरें अलग होने के कारण हर शहर में ईंधन के रेट भी अलग-अलग रहते हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं।

उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं:

    कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है।

    रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है।

    केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है।

    डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है।

    राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती हैं।

नियद नेल्लानार योजना: कच्चापाल जलप्रपात के पास ‘इन्द्रावती समूह’ की महिलाएँ मुर्गी पालन से लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत


​रायपुर
     
छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास की नई किरण पहुँचाने वाली ‘नियद नेल्लानार योजना’ अब ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से ओरछा विकासखण्ड के ग्राम कच्चापाल में आजीविका के नए रास्ते खुले हैं। यहाँ की महिलाओं ने न सिर्फ आत्मनिर्भर बनने की ठानी है, बल्कि वे क्षेत्र के पर्यटन विकास में भी अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं।

​प्रशासन का सहयोग, महिलाओं का हौसला
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प्रशासन के कुशल निर्देशन में पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम कच्चापाल के ‘इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह’ को एक नई ताकत मिली है। समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत लाभान्वित किया गया है।​विभाग द्वारा समूह के सदस्यों को आजीविका शुरू करने के लिए ​10 इकाई उन्नत नस्ल के चूजे और​गुणवत्तापूर्ण कुक्कुट आहार (दाना) दिया गया है।

​पर्यटन और आजीविका का शानदार संगम
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इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष  पुनई ने जिला प्रशासन के इस सहयोग पर खुशी जताते हुए एक बेहतरीन बिजनेस मॉडल की उम्मीद जताई है। कच्चापाल जलप्रपात (Waterfall) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। ​उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में कच्चापाल जलप्रपात होने के कारण पर्यटन की असीम संभावनाएँ हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों के कारण स्थानीय स्तर पर अंडा और मांस की मांग हमेशा बनी रहती है।

​आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम
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पहले जहाँ ग्रामीण महिलाओं के पास आय के सीमित साधन थे, वहीं अब इस कुक्कुट इकाई (Poultry Unit) के मिलने से वे मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन का काम बड़े पैमाने पर करेंगी। जलप्रपात क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय दुकानों में सीधे सप्लाई होने से महिलाओं को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। इस व्यवसाय से होने वाली आमदनी से समूह की महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और उनके परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा।
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कच्चापाल की इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह की यह कहानी इस बात का प्रतीक है कि अगर सही समय पर सही संसाधन और मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण अंचलों की महिलाएँ भी मुख्यधारा में शामिल होकर विकास की गति को तेज कर सकती हैं।

कृषि में नवाचार की मिसाल- ग्राफ्टेड बैगन की खेती से लाखों की आय अर्जित कर रहे कृषक नवीन

रायपुर

ग्राफ्टेड बैंगन की खेती पारंपरिक विधि की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी है। इसमें दो अलग-अलग पौधों को जोड़कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है, जिससे पौधे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और उपज 20-30 प्रतिशत तक अधिक मिलती है। कठिन परिश्रम, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीक के बेहतर समन्वय से किसान किस तरह अपनी तकदीर बदल सकते हैं, इसका जीवंत उदाहरण महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोहारपार के प्रगतिशील किसान  नवीन साव ने पेश किया है। पारंपरिक खेती के ढर्रे से आगे बढ़ते हुए उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैगन की उन्नत खेती को अपनाया है। आज वे अपनी इस अनूठी पहल से अंचल के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

धान की तुलना में पांच गुना से अधिक का शुद्ध लाभ
          

कृषक  नवीन साव ने बताया कि वे पूर्व में अपने खेतों में केवल पारंपरिक धान की खेती करते थे, जिससे उन्हें काफी सीमित आय प्राप्त होती थी। धान की फसल से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 21 क्विंटल का उत्पादन और करीब 45 हजार 600 रुपए का लाभ मिल पाता था। अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैगन की खेती प्रारंभ की। उन्होंने अपनी 1.31 हेक्टेयर भूमि पर वैज्ञानिक पद्धति का अनुसरण करते हुए ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई) और मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया। इस आधुनिक प्रबंधन के फलस्वरूप उन्हें बम्पर पैदावार मिली और प्रति एकड़ लगभग 155 क्विंटल बैगन का उत्पादन प्राप्त हुआ।

सरायपाली और ओडिशा की मंडियों में भारी मांग
         
ग्राफ्टेड बैंगन की फसल रोपाई के लगभग 45-50 दिनों बाद तुड़ाई  के लिए तैयार हो जाती है। इसके एक पौधे से 50 किलो तक पैदावार प्राप्त की जा सकती है। पारंपरिक खेती की तुलना में इसका मुनाफा लगभग दोगुना तक हो सकता है। नवीन साव ने अपने इस उन्नत उत्पाद को स्थानीय सरायपाली और पड़ोसी राज्य ओडिशा की प्रमुख मंडियों में लगभग 30 रुपए प्रति किलोग्राम की थोक दर पर विक्रय किया। सभी खर्चों को काटकर उन्होंने इस फसल से 2 लाख 45 हजार रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो धान की तुलना में पांच गुना से भी अधिक है।

विभागीय मार्गदर्शन और तकनीकी जिज्ञासा से मिली सफलता
         
 साव अपनी इस सफलता का श्रेय उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के सतत तकनीकी मार्गदर्शन, शासकीय योजनाओं के समय पर मिले लाभ और आधुनिक कृषि पद्धतियों को सीखने की अपनी जिज्ञासा को देते हैं। वे नियमित रूप से कृषि क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों की जानकारी रखते हैं और खेतों में नए प्रयोगों को प्राथमिकता देते हैं। कच्चापाल और बोहारपार के आसपास के क्षेत्र के किसान अब लगातार उनके प्रक्षेत्र (फार्म) का भ्रमण कर इन आधुनिक तकनीकों को बारीकी से समझ रहे हैं। नवीन साव की इस आर्थिक प्रगति को देखकर अंचल के कई अन्य किसान भी पारंपरिक फसलों को छोड़कर मुनाफे वाली उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

सर्वमंगला पुल सड़क का डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ

रायपुर

सर्वमंगला पुल सड़क का डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ

नगर निगम कोरबा क्षेत्र के सर्वमंगला पुल सड़क का बहुप्रतीक्षित डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण का कार्य आज प्रारंभ किया गया है। प्रदेश के उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन व महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने डामरीकरण कार्य हेतु पूजा अर्चना की, वहीं उद्योग मंत्री  देवांगन ने नारियल तोड़कर कार्य का शुभारंभ कराया तथा कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुये कार्य को यथाशीघ्र पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। 

नगर पालिक निगम केारबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद से 82 लाख रूपये की लागत से निगम क्षेत्रांतर्गत सर्वमंगला पुल सड़क एवं एप्रोच सड़क के डामरीकरण चैड़ीकरण व मजबूतीकरण का कार्य कराया जाना हैं, आज प्रदेश के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन व महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने उक्त कार्य का भूमिपूजन किया, उन्होने पूजा अर्चना की तथा उद्योग मंत्री  देवांगन ने नारियल तोड़कर कार्य का शुभारंभ कराया। उन्होने तत्काल कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुये यथाशीघ्र कार्य को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को दिये। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  देवांगन ने कहा कि ईरान-इजराईल युद्ध के कारण निर्मित हुई वैश्विक परिस्थितियों व इससे उत्पन्न डामर की कमी के कारण सड़कों के डामरीकरण के कार्य में अवरोध उपस्थित हो रहा है जबकि निगम क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों के डामरीकरण व मजबूतीकरण का कार्य स्वीकृत हैं, निविदा आदि की प्रक्रिया कर ली गई है, किन्तु डामर की कमी के चलते कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं जबकि प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं,  उन्होने कहा कि काफी प्रयासों के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी से आग्रह कर सर्वमंगला पुल सड़क के डामरीकरण का कार्य आज प्रारंभ किया गया है, इस कार्य के पूरा हो जाने के पश्चात इस मार्ग पर आवागमन अधिक  सुविधाजनक हो जायेगा तथा उडने वाली धूल से राहत मिलेगी, उद्योग मंत्री  देवांगन ने कहा कि कोरबा की अन्य सड़कों का डामरीकरण कार्य भी प्रारंभ हो, इस हेतु लगातार मेरे द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं, वहीं कलेक्टर  कुणाल दुदावत व निगम आयुक्त  आशुतोष पाण्डेय द्वारा प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार प्रयास जारी हैं।   

इस अवसर पार्षद चन्द्रलोक सिंह, ईश्वर पटेल, रामाधर पटेल, माधव जायसवाल, पूर्व पार्षद दीपा राठौर, मण्डल अध्यक्ष मनीष मिश्रा, केारबा मण्डल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, रामशंकर साहू, हीरू जायसवाल, उत्तम जायसवाल, सुकेश दलाल, मनोज राठौर, अमित सिंह, वैभव शर्मा, जोन कमिश्नर सुनील टाण्डेय, सहयक अभियंता पीयूष सिंह राजपूत, उपअभियंता विनोद गोंड़, अंजय पाण्डेय, दीपक यादव, मनोज सिंह राजपूत, अनिल यादव आदि के साथ अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।

सुशासन तिहार: शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे गांव तक: विधायक मोहले

रायपुर

शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे गांव तक: विधायक  मोहले

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जनसमस्याओं के निराकरण और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड मुंगेली के ग्राम ठकुरीकापा में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे और विभिन्न विभागों के माध्यम से अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ हितग्राहियों को विभिन्न विभागों की सामग्री का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक  पुन्नूलाल मोहले शामिल हुए। साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष  कांत पांडेय, जनपद अध्यक्ष  रामकमल सिंह परिहार, नगर पँचायत बरेला के अध्यक्ष  नरेश पाटले, अतिरिक्त कलेक्टर मती निष्ठा पांडेय तिवारी, जनपद पंचायत सदस्य  पवन पांडेय तथा मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।        

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक  मोहले ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचे और लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर हो। उन्होंने कहा कि जमीन सीमांकन, विद्युत पोल, राशन कार्ड, स्वास्थ्य, श्रम एवं कृषि विभाग सहित सभी विभागों के अधिकारी गांव के लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री की सुशासन की परिकल्पना को धरातल पर उतारते हुए योजनाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण में जिला प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त कर रहा है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। विधायक मोहले ने ग्रामीणों से 10 जून तक इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में मुंगेली को अव्वल दर्जा दिलाने के लिए प्रशासन और जनता दोनों की सहभागिता आवश्यक है।  

जिला पंचायत अध्यक्ष कांत पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य कर रही है। पहले लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दराज कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब गांव में ही शिविर लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को भी मंच के माध्यम से अधिकारियों के समक्ष रखा और उनके त्वरित निराकरण की बात कही। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष मुंगेली ने भी आमजनों को योजनाओं का लाभ उठाने प्रेरित किया        

एडीएम ने बताया कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले में कुल 24 शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुंगेली जनपद क्षेत्र में पांच शिविर प्रस्तावित हैं, जिनमें यह चौथा शिविर था। इस शिविर में लगभग 300 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवेदनों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। 

शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। शिविर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 20 हितग्राहियों को चेक व प्रमाण पत्र, 20 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 20 हितग्राहियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र, 05 हितग्राहियों को नवीन राशनकार्ड, 20 हितग्राहियों को नानी सुरक्षा प्रमाण पत्र, 04 हितग्राहियों को आइस बॉक्स एवं नाव जाल, 10 किसानों को अरहर मिनी किट, 18 किसानों को केसीसी का चेक, 10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 18 हितग्राहियों को श्रम कार्ड, 05 को फलदार पौधा और 05 विद्यार्थियों को गणवेश वितरण कर लाभान्वित किया गया।

छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत के संरक्षण और विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर

धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर-  अग्रवाल

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री तथा अंबिकापुर विधायक  राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम लक्ष्मणगढ़, शंकरपुर, कुमदेवा एवं सायर में विभिन्न मंदिरों के जीर्णाेद्धार कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ संपन्न हुए इन कार्यक्रमों के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा गया।

धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर-  अग्रवाल

संस्कृति और सामाजिक एकता के केंद्र हैं मंदिर
          
ग्राम लक्ष्मणगढ़ में सुआहारिन मंदिर, ग्राम शंकरपुर एवं कुमदेवा में शिव मंदिर तथा ग्राम सायर में मंदिर जीर्णाेद्धार कार्यों के शुभारंभ अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंदिर हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे धार्मिक कार्य समाज में श्रद्धा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करने का काम करते हैं।

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धार्मिक पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
        
मंत्री  अग्रवाल ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक विरासत को सहेजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंदिरों के जीर्णाेद्धार और विकास से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर विकास की गति तेज होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक स्थलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनता है।

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सुख-समृद्धि की मंगलकामना
        
कार्यक्रम के अंत में धर्मस्व मंत्री ने भगवान भोलेनाथ और क्षेत्र की आराध्य शक्तियों की पूजा कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने क्षेत्र की निरंतर उन्नति के लिए ईश्वर से आशीर्वाद भी मांगा। विभिन्न गांवों में आयोजित इन कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह था। ग्रामीणों ने मंदिर जीर्णाेद्धार के इस ऐतिहासिक कार्य के लिए राज्य सरकार और मंत्री  राजेश अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।

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