खेलों के मैदान से चमकेगा बस्तर, पहली रेजिडेंशियल अकादमी खोलेगी सफलता के द्वार

जगदलपुर.

बस्तर के युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर तैयार हो रहा है. जगदलपुर में पहली बार आवासीय खेल अकादमी शुरू की जा रही है. इसमें एथलेटिक्स, फुटबॉल और आर्चरी को शामिल किया गया है. खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस परियोजना को इस वित्तीय वर्ष में शुरू करेगा.

संचालक तनुजा सलाम ने तैयारियों का जायजा लेने जगदलपुर का दौरा किया. खिलाड़ियों के रहने, खाने, पढ़ाई और प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई. पंडरीपानी हॉकी सेंटर का निरीक्षण कर खिलाड़ियों से संवाद भी किया गया. 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालकों के लिए.चयन ट्रायल जल्द शुरू होंगे. कुल 65 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा.

चयनित खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण, डाइट और आधुनिक उपकरण मिलेंगे. इसके साथ आवास, शिक्षा, इलाज और बीमा जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी. इस पहल से बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकेंगी. खेल के जरिए बस्तर की नई पहचान गढ़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है.

बस्तर दौरे पर कल आएंगे अमित शाह, सुरक्षा और तैयारियों में जुटी सरकार

जगदलपुर.

बस्तर एक बार फिर देश की सियासत और सुरक्षा रणनीति के केंद्र में है. केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह 18 और 19 मई को अपने दो दिवसीय दौरे पर बस्तर पहुंच रहे हैं. यह उनका 2019 के बाद दसवां दौरा होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

इस बार दौरे का फोकस सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि विकास और जनसुविधाओं पर भी रहेगा. आसना स्थित बादल अकादमी और नेतानार में प्रस्तावित कार्यक्रम इसकी झलक देंगे. प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने तैयारियों का जायजा लिया. अधिकारियों के साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. शाह का हर दौरा बस्तर में एक नई पहल या संदेश लेकर आता रहा है. तर्रेम हमले के बाद संवेदनशील दौरे से लेकर बस्तर दशहरा में शामिल होने तक, उनका जुड़ाव लगातार बढ़ा है. अब नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता के बाद यह दौरा और भी अहम माना जा रहा है.

दो दिनों के प्रवास में सुरक्षा समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित है. जहां नक्सल मुक्त बस्तर की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. बस्तर में यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि विश्वास और बदलाव का संकेत बन चुका है.

South Eastern Coalfields Limited (SECL) में नौकरी के नाम पर 12 लाख की ठगी, बोलेरो खरीदकर की गई धोखाधड़ी

सक्ती 

नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपित को मालखरौदा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपित ने प्रार्थी एवं अन्य पीड़ितों से कुल 12 लाख रुपये की ठगी की थी तथा ठगी की रकम में से पांच लाख 75 हजार रुपये से बोलेरो वाहन खरीदा था।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी डालेश्वर प्रसाद चंद्रा, निवासी ग्राम सकर्रा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे रुपये लिए हैं। जांच के दौरान यह सामने आया कि वर्ष 2011 में आरोपित सुरेश कुमार दुबे (57 वर्ष), ग्राम नुनेरा (भेलवाभांटा), थाना पाली, जिला कोरबा ने प्रार्थी एवं अन्य लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर करीब 12 लाख रुपये वसूल किए थे।

 

छत्तीसगढ़ में शराब की बोतलों पर CM और मंत्री की फोटो लगाने की मांग, एप्लीकेशन वायरल

भटगांव

 जिला बेमेतरा के विकासखंड नवागढ़ अंतर्गत ग्राम कुंवारा निवासी सतीश मारकंडे का एक अनोखा आवेदन इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सुशासन तिहार के दौरान आबकारी विभाग को दिए गए इस आवेदन ने लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है।

आवेदन में रखी गई अनोखी मांग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदन में मांग की गई है कि जिस तरह शासन की विभिन्न योजनाओं और प्रचार सामग्री में मुख्यमंत्री तथा प्रभारी मंत्री की तस्वीरें लगाई जाती हैं, उसी प्रकार शासन द्वारा बेची जाने वाली शासकीय शराब की बोतलों पर भी मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री की फोटो अंकित की जाए।

 

अंबिकापुर में पति की हैवानियत, गर्भवती पत्नी की दर्दनाक मौत

अंबिकापुर 

शहर से लगे ग्राम भिट्ठीकला में गर्भवती पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाला आरोपित पति प्रदीप अगरिया अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस तथ्य का पता चला है कि आरोपित पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए पत्नी के प्राइवेट पार्ट में लगभग 10 इंच लंबा लोहे का रेती (लोहे को घिसने वाला औजार) डाल दिया था। महिला का बच्चेदानी भी फट गया था। गर्भ में पल रहे तीन माह के गर्भस्थ की भी मौत हो गई थी।

अंबिकापुर से लगे ग्राम भिट्ठीकला निवासी विवाहिता हीराबाई (23) को गुरुवार की रात उसके पति प्रदीप अगरिया ने बेरहमी से पीटा था। जब हीराबाई बेसुध हो गई थी तो उसे बाइक पर कपड़े से बांध कर अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचा था।पत्नी के सड़क हादसे में घायल होने की जानकारी उसने दी थी। जांच के पश्चात जब चिकित्सकों ने विवाहिता के मौत की जानकारी दी तो आरोपित पति वहां से भाग गया था। अभी तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

बिलासपुर में हाईटेक होगी डायल 112 सेवा, थानों को मिलेंगी 24 नई गाड़ियां

बिलासपुर

आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे।
पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत

वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था।

इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे।

संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन

बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं।
इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे

  •     सरकंडा
  •     सिविल लाइन
  •     तोरवा
  •     कोतवाली
  •     सकरी

तेजी से मिलेगी मदद

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।

 

साय सरकार की संवेदनशील पहल से मरवाही के छह दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर

प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल प्रशासनिक शिविर नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय सरकार की जन कल्याणकारी सोच और संवेदनशील कार्यशैली का असर अब गांव-गांव तक दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में पेंड्रा-गौरेला- मरवाही जिले के मरवाही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर दिव्यांगजनों के लिए राहत और आत्मविश्वास लेकर आया।
       
 शिविर में समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत छह दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्षों से दैनिक जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हितग्राहियों को जब व्हील चेयर, श्रवण यंत्र और छड़ी उपलब्ध कराई गई तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
         
ग्राम पंचायत कटरा निवासी 80 प्रतिशत अस्थि बाधित स्वरूप सिंह पोर्ते को व्हील चेयर प्रदान की गई। व्हील चेयर मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब उन्हें आने-जाने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। उन्होंने मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस मदद से उनका जीवन पहले की अपेक्षा आसान हो जाएगा।
         
इसी प्रकार ग्राम उषाड़ की मंगली बाई एवं बेलझिरिया निवासी अकलू राम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। लंबे समय से सुनने में परेशानी के कारण उन्हें सामान्य बातचीत करने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब उन्हें नई उम्मीद मिली है। वहीं उषाड़ की बैसाखिया बाई तथा बेलझिरिया के श्याम सुंदर और श्रीराम को सहारे के लिए छड़ी प्रदान की गई, जिससे उन्हें चलने-फिरने में सुविधा मिलेगी।
          
सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रशासन अब आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन की योजनाओं का लाभ इतनी सहजता और पारदर्शिता के साथ गांव स्तर पर मिल रहा है।

सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

रायपुर

सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

सहकारिता आयुक्त तथा पंजीयक सहकारी समितियांमहादेव कावरे ने आज धमतरी जिले के गाढ़ाडीह और कुहकुहा सहकारी समिति का आकस्मिक निरीक्षण किया।कांवरे ने वहां किसानों को खाद बीज वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। सहकारिता कमिश्नर ने वहां पर समिति के निर्माणाधीन गोदाम का भी निरीक्षण किया और जल्द ही गोदाम के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।कांवरे ने समिति के प्रंबधक को समिति के अंतर्गत सभी किसानों के केसीसी बनाने के निर्देश दिए।

समिति के अधिकारियों ने बताया कि समिति को मल्टीपरपज पैक्स के रूप में संचालित करने, कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी तरह जन औषधि केंद्र भी पैक्स से संचालित हो रहे हैं। डेयरी, मत्यपालन और वन समितियों द्वारा लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। निरीक्षण दौरान जिला पंजीयक, सहकारिता विस्तार अधिकारी और समिति प्रबंधक सहित समिति के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा तराशने जल्द शुरू होगी अकादमी

रायपुर

 बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा और कौशल को तराशने खेल एवं युवा कल्याण विभाग जगदलपुर में जल्द ही नई अकादमी खोलने जा रहा है। यह बस्तर अंचल का पहला आवासीय खेल अकादमी होगा। यहां बालकों को एथलेटिक्स, फुटबाॅल और आर्चरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अकादमी में प्रवेश के लिए विभाग द्वारा जल्द ही चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम ने आज जगदलपुर पहुंचकर अकादमी शुरू करने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बस्तर के खेल अधिकारियों से चर्चा कर मौजूदा अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, चयन ट्रायल की प्रक्रिया, विद्यालय सुविधा, वाहन व्यवस्था, खेल सामग्री तथा आवास सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रस्तावित अकादमी भवन का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

 सलाम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ होने से स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और पदक अर्जित कर सकेंगे। इस अकादमी से बस्तर के नैसर्गिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, डाइट, आधुनिक उपकरण, आवास, शिक्षा, बीमा, किट, इलाज, उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी आदि की सुविधा खेल विभाग से मिलेगी।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अकादमी में प्रवेश के लिए जल्द ही चयन ट्रायल विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। एथलेटिक्स में 20, फुटबाॅल में 25 तथा आर्चरी में 20 खिलाड़ियों का चयन आवासीय अकादमी में प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक  तनुजा सलाम ने खेलो इंडिया लघु केन्द्र पण्डरीपानी में संचालित हाॅकी सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने यहां छात्रावास भवन और जिम हाॅल का निरीक्षण कर केन्द्र में प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों की संख्या और उपलब्ध खेल सामग्रियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों से मिलकर प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।

सुशासन शिविर में हाथों-हाथ मिला योजनाओं का लाभ’

रायपुर

सुशासन शिविर में हाथों-हाथ मिला योजनाओं का लाभ’

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में आयोजित सुशासन शिविर ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहे हैं। ‘सुशासन तिहार एवं बस्तर मुन्ने अभियान’ के तहत लगाए जा रहे शिविरों में लोगों को मौके पर ही विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
गादीरास में आयोजित क्लस्टर स्तरीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही मौके पर ही आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी भी बनाई गई। इससे ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ तुरंत मिल सका।

शिविर में उस समय भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब सोनाकुकानार गांव से आए मासूम इंदुनाथ का आयुष्मान कार्ड तत्काल बनाकर उसके परिवार को सौंप दिया गया। अब परिवार को बच्चे के इलाज और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने प्रशासन की त्वरित व्यवस्था की सराहना करते हुए खुशी जताई।

इसी तरह देवी चौक सुकमा में आयोजित शिविर में नेहा नाग श्रम कार्ड बनवाने पहुंचीं। अधिकारियों ने तुरंत प्रक्रिया पूरी करते हुए मौके पर ही उनका श्रम कार्ड बनाकर सौंप दिया। हाथों-हाथ श्रम कार्ड मिलने से नेहा बेहद खुश नजर आईं। उन्होंने कहा कि पहली बार उन्हें बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए इतनी जल्दी सरकारी सुविधा मिली है।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इन शिविरों में लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी मौके पर किए जा रहे हैं।
सुशासन शिविरों के माध्यम से यह स्पष्ट हो रहा है कि शासन की योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है। सुकमा जिले में प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के बीच भरोसा और संतोष का नया माहौल बना रही है।

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