वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ की प्रमुख विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ की प्रमुख विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण

मरीन ड्राइव, नया बस स्टैंड, किसान राइस मिल ऑक्सीजोन और दूध डेयरी ऑक्सीजोन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा

गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर
 वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीन ड्राइव, नए बस स्टैंड, किसान राइस मिल परिसर में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन तथा दूध डेयरी ऑक्सीजोन के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। चौधरी ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से रायगढ़ शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। मरीन ड्राइव शहरवासियों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा, नया बस स्टैंड यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, जबकि ऑक्सीजोन परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराएंगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इसके लिए सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अमर वाटिका में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की आत्मीय मुलाकात

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अमर वाटिका में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की आत्मीय मुलाकात

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को किया नमन

शहीद जवानों के परिवारों के बीच बैठकर केंद्रीय गृहमंत्री ने बंधाया ढांढस, हरसंभव सहयोग का दिलाया भरोसा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवानों के अदम्य साहस को किया नमन

रायपुर 
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान आज जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर माओवाद के विरुद्ध संघर्ष में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले एक हजार से अधिक अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित थे । 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर की धरती पर शांति, सुरक्षा और विकास स्थापित करने में हमारे जवानों का बलिदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवानों का त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने, विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और माओवाद के समूल उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजापुर नक्सली हमले में शहीद हुए जवान कालेन्द्र प्रसाद नायक एवं पवन कुमार मंडावी के परिजनों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने परिवारजनों के बीच बैठकर उनका दुख साझा किया, ढांढस बंधाया तथा सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षाबलों के जवानों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साहस एवं समर्पण की सराहना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें सुरक्षाबलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर-बलौदाबाजार रोड की बदलेगी तस्वीर, 1500 करोड़ से बनेगा फोरलेन

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में रायपुर से बलौदा बाजार और सारंगढ़ तक जाने वाले यात्रियों को जाम से राहत मिल सकती है. रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण का डीपीआर तैयार कर लिया गया है. नेशनल हाईवे विभाग लगभग 1500 करोड़ रुपए की लागत से इस प्रोजेक्ट पर खर्च करेगा.

दो फेज में फोनलेन चौड़ीकरण का काम किया जाएगा. इससे 1 से सवा घंटे तक लोगों के समय की बचत होगी. जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में धनेली से पुराना विधानसभा तक 11.610 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा. इस हिस्से के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. दूसरे चरण में विधानसभा से पलारी तक करीब 72 किलोमीटर सड़क फोरलेन बनेगी, जिस पर 1050 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

परियोजना के तहत सड़क को केवल फोरलेन ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि कई हिस्सों में सर्विस लेन भी तैयार की जाएगी. इसके अलावा चार बड़े फ्लाईओवर और कई ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, जिससे शहर और गांवों के बीच यातायात अधिक सुगम हो सकेगा. रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ मार्ग फोरलेन बनने से जाम और हादसे कम होंगे. भारी वाहनों के लिए अलग लेन मिलेगी. सीमेंट उद्योग को फायदा होगा, माल परिवहन आसान होगा और स्थानीय व्यापार-रोजगार बढ़ने की संभावना है.

यहां बनेंगे ओवरब्रिज
नरदहा चौक पर 200 मीटर हिस्से को छोड़कर सिक्स लेन फ्लाईओवर और धनेली चौक पर पुराने ब्रिज को तोड़कर फ्लाईओवर, धनेली गांव में नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा. टेकारी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज और बरौदा गांव में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा.

दिल्ली भेजी गई ड्राइंग डिजाइन
नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर ज्ञानेश्वर कश्यप ने कहा कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण दो चरणों में होगा. इसके लिए 1500 करोड़ रुपए का डीपीआर तैयार हो चुका है. पूरी ड्राइंग डिजाइन दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी. यदि किसी सुधार की आवश्यकता होगी तो उसे किया जाएगा, अन्यथा जल्द ही चौड़ीकरण शुरू होगा.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चखा बस्तर की इमली का स्वाद बोले यहां की इमली का स्वाद खट्टा नहीं बल्कि मीठा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चखा बस्तर की इमली का स्वाद बोले यहां की इमली का स्वाद खट्टा नहीं बल्कि मीठा

गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन

अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा नेतानार.. जनता के दरवाजे तक पहुँच गयी डिजिटल सरकार

नेतानार में नागरिकों की सुविधाओं हेतु एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्ध

रायपुर
 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया । अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है।

समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं। 

वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है ।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी । 

अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुविजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेल रूट पर चौथी लाइन का काम तेज, कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित

राजनांदगांव.

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी एवं चौथी रेलवे लाइन का कार्य किया जा रहा है। जिससे ट्रेनें प्रभावित होगी। इसी क्रम में बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

इसके अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य 07 जून से 19 जून तक (विभिन्न तिथियों में) किया जायेगा। इस कार्य के लिए इन ट्रेनों का परिचालन अल्पकालिक बाधित रहेगा एवं इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आयेगी । इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

प्रभावित होने पैसेंजर गाडियां –

19 जून 2026 तक गेवरारोड से चलने वाली 68745 गेवरारोड – रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी। 7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 68746 रायपुर-गेवरारोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी । 8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी। 7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 58204 रायपुर- कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी। 8 से 19 जून तक बिलासपुर व गेवरारोड से चलने वाली 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी। 8 से 19 जून तक बिलासपुर बिलासपुर- कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर व कोरबा से चलने वाली, 8732/68731 रद्द रहेगी।

मंडियों में धान की रिकॉर्डतोड़ आवक, पिछले साल के आंकड़े हुए ध्वस्त

राजनांदगांव.

कृषि उपज मंडी बसंतपुर में रबि सीजन के धान की बंफर आवक होने लगी है। जिसके चलते शेड में पैर रखने की जगह नही है। ऐसे में किसानों को शेड के बाहर खुले परिसर में धान पाला करना पड़ रहा है और वे रतजगा करने को मजबूर है। रोजाना 16 हजार कट्टा धान की आवक होने लगी है।

इस साल रबि सीजन के आवक ने प्रशासन के दावों की भी पोल खोल दी है, जहां वे धान का कम रकबा बता रहे थे। लेकिन यहां पिछले साल से ज्यादा धान की आवक होने लगी है। जानकारी अनुसार पिछले साल अप्रैल और मई तक जहां 3 लाख 86392 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई थी, लेकिन इस बार धान के उत्पादन में इजाफा होकर इस साल 4 लाख 9363 क्विंटल धान की आवक हुई है। मंडी प्रशासन की माने तो नए धान में महापाया की आवक तेजी से होने लगी है। जिसके चलते पोहा मिल के लिए इसकी डिमांड बनी हुई है। इसके आलावा आई आर धान की आवक बनी हुई है। इसके आलावा कठानी आवक में सोयाबीन, चना देशी, गेंहू, मसूर, राहर, धनिया, सरसो व कुसुमबीज की आवक हो रही है।

महामाया धान 21 सौ क्विंटल में बिका
इस सीजन में महामाया व आईआर धान अधिकतम 21 सौ रूपए क्विंटल तक बिका है। हालांकि, लगातार बारिश के चलते शेड में जगह नही मिलने के कारण किसानों को नुकसान का भी सामना करना पड रहा है। शेड के बाहर धान रखने होने से उपज भीगने के चलते व्यापारी 12 से 14 सौ रुपए तक बोली लगा रहे है। इससे किसानों को नुकसान भी हो रहा है। मंडी प्रशासन द्वारा बोली के बाद व्यापारियों से तत्काल धान उठाव नही कराया जा रहा है। जिसके कारण उन्हें शेड में जगह नही मिल रही है।

उठाव में देरी से बढ़ी परेशानी
मंडी के शेड में बोली लगने के कारण व्यापारी धान का उठाव तत्काल नही कर रहे है। जिससे किसान परेशान हो गए है। जबकि नियमतः बोली लगने के बाद धान उठाव करने की जिम्मेदारी व्यपारियों की हैं, ताकि अन्य किसानों की उपज की बोली समय पर लग सके। लेकिन इस पर मंडी प्रशासन की मानिटरिंग नही होने से व्यापारियों ने शेड पर कब्जा जमा लिया है। इस मामले में मंडी सचिव पंचराम वर्मा का कहना है कि व्यापारियों को जल्द से जल्द धान उठाव करने कहा गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

400 अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन एवं 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ के साथ प्रदेश में त्वरित सहायता और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था होगी सशक्त

‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित सेवा से पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना और आपदा जैसी हर स्थिति में मिलेगी त्वरित सहायता

रायपुर
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह एवं  की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों तथा 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

यह सेवा 24×7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल

राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है। 

आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने छोड़ा ‘पायलट-फॉलो’ वाहनों का काफिला

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने छोड़ा ‘पायलट-फॉलो’ वाहनों का काफिला

​प्रधानमंत्री के ऊर्जा और संसाधन बचत के आह्वान से प्रेरित होकर लिया फैसला

स्टाफ की गाड़ियों की संख्या में भी की भारी कटौती

​रायपुर,

       छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रशासनिक तामझाम और वीआईपी कल्चर को दरकिनार करते हुए एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर, मंत्री वर्मा ने अपने शासकीय दौरों और आवागमन के दौरान मिलने वाले ‘पायलट’ और ‘फॉलो’ वाहनों के उपयोग को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है।
       ​मंत्री वर्मा अपने पूरे स्टाफ के साथ बेहद सीमित और कम से कम गाड़ियों के काफिले में सफर करेंगे। राज्य स्तर पर उनके इस फैसले को सादगी और जनता के प्रति जवाबदेही के एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

​खुद से शुरुआत कर पेश की मिसाल

   अपने इस बड़े फैसले पर बात करते हुए कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि देश इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ऐसे में देशहित से जुड़ी किसी भी पहल की शुरुआत हम जनप्रतिनिधियों को स्वयं से करनी चाहिए और समाज के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहिए। ​उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से न केवल सरकारी और प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आएगी, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी ईंधन संरक्षण (Fuel Conservation) और ऊर्जा बचत के प्रति एक सकारात्मक जागरूकता पैदा होगी।

​जनता और प्रबुद्धजनों ने की सराहना

   ​मंत्री वर्मा के इस फैसले की विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों ने  स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि राजनेताओं द्वारा फिजूलखर्ची रोकने और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की यह पहल वाकई प्रेरणादायी है, जो जमीन से जुड़े नेता की पहचान को और मजबूत करती है।

खर्चों पर निगम का बड़ा प्रहार, अफसरों के वाहनों के डीजल में 50% कटौती

दुर्ग.

ईंधन की खपत कम करने नगर निगम दुर्ग ने बड़ा कदम उठाया है। आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश के तहत वार्डों में कचरा उठाने वाले वाहनों के फेरे में कटौती की गई है। ट्राइसाइकिल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किए जाने जोर दिया जा रहा है।

वहीं, निगम के अफसरों को भी ईंधन कम खपत करने के निर्देश दिए गए हैं। हर माह मिलने वाले ईंधन में 50% की कटौती की गई है। नगर निगम दुर्ग में तरह-तरह की वाहन हैं, सभी वाहनों की अपनी अलग उपयोगिता है। जेसीबी, ट्रक, ट्रैक्टर, डंपर, टाटा एस, पानी टैंकर, मवेशी वाहन, कार, जीप सहित अन्य गाड़ियां निगम के पास है। 60 वार्डों में कचरा उठाने के लिए 60 टाटा एस है, जो रोजाना करीब चार फेरा लगाती है। इसके फेरे में कटौती की जा रही है। इसके अलावा छोटे- छोटे वार्ड में टाटा एस वाहन की जगह ट्राई साइकिल का उपयोग किया जाएगा।

ट्राई साइकिल के माध्यम से घरों से डोर टू डोर कचरा कलेक्ट कर एसएलआरएम सेंटर में सेग्रीगेशन के लिए डंप करेगा। वहीं अफसरों के वाहनों को प्रतिमाह 80 लीटर दिया जाता था, इसमें कटौती करते हुए अब उन वाहनों के लिए हर माह 40 लीटर डीजल दिया जाएगा। इसी तरह जोन में प्रयुक्त वाहनों की भी कटौती की गई है।

सेवा डेरा में युवाओं के लिए सुनहरा मौका, आधार-बैंकिंग के साथ मिलेगा सिलाई प्रशिक्षण

जगदलपुर.

नेतानार का सेवा डेरा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया मॉडल बन रहा है. वन मंत्री, विधायक और सांसद ने कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. यहां आधार सेवा केंद्र, बैंक सखी, सिलाई प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं.

इमली और राइस प्रोसेसिंग यूनिट से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की कोशिश है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर खास फोकस किया गया है. जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए. इस पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे काम के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा. सेवा डेरा एक मिनी सुविधा केंद्र की तरह काम करेगा. स्थानीय संसाधनों को स्थानीय स्तर पर ही उपयोग करने की योजना है. इससे पलायन पर भी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है. बस्तर में विकास अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है.

सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा
बस्तर में सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विकास के केंद्र बनते दिखेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के तहत नेतानार में पहला सेवा डेरा शुरू होने जा रहा है. जगदलपुर से करीब 25 किमी दूर सीआरपीएफ कैंप में इसकी शुरुआत होगी. गृहमंत्री के हाथों इसका औपचारिक शुभारंभ तय है. दो दिवसीय बस्तर दौरे के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस पहल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास को साथ लाना है. सेवा डेरा ग्रामीणों के लिए सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा. इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच दूरी कम करने की कोशिश होगी. बस्तर में नक्सलवाद के बाद अब विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है. कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं. स्थानीय स्तर पर भी इसे लेकर उत्साह का माहौल है. यह पहल बस्तर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में बदलाव का संकेत मानी जा रही है.

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