वैशविक संकट के बीच डामर का वैकल्पिक रास्ता निकाले, सुधारे सड़कों की दशा: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

वैशविक संकट के बीच डामर का वैकल्पिक रास्ता निकाले, सुधारे सड़कों की दशा: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम के कार्यों की समीक्षा

रायपुर 
वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुये कहा है कि मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के परिणाम स्वरूप हो रही डामर की अनुपलब्धता के कारण सड़कों के डामरीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे, जबकि राशि स्वीकृत कर निविदा आदि की कार्यवाही बहुत पहले की पूरी कर ली गई है, अतः उच्च स्तर पर चर्चा कर वैकल्पिक रास्ता निकाले तथा सड़कों की दशा सुधारें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बरसात से पूर्व नालों एवं नालियों का निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करायें, विकास कार्याे में अपेक्षित गति लायें तथा जिन निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्याे में लापरवाही दिखाई जा रही है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करें, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें। 

उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कोरबा में आयोजित विकास कार्याे की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री देवांगन ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी, पं.रविशंकर नगर एवं बालको जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन तीनों जोन के 28 वार्डाे के विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा की। बैठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित अन्य वार्ड पार्षद उपस्थित थे। वर्षा ऋतु के आगमन एवं सड़कों का डामरीकरण कार्य न हो पाने को गंभीरता लेते हुये उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि बरसात आने में अब ज्यादा दिन नहीं है, निगम क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों के डामरीकरण की स्वीकृति बहुत पहले प्राप्त हो चुकी है, निविदा आदि की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है, कार्यादेश भी दिये जा चुके हैं किन्तु मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध के कारण हर जगह डामर की अनुपलब्धता बनी हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप कोरबा में भी सड़कों का डामरीकरण कार्य रूका हुआ है, उन्होंने अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुये कहा कि वे उच्च स्तर पर चर्चा करें तथा वैकल्पिक रास्ता निकालकर शहर की सड़कों को सुधारें ताकि आगामी बरसात में शहर वासियों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पडे़। अप्रारंभ विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्याे को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्येा की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजंेसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें। 

उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्याे के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्याे की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। 

वार्डवार समीक्षा की, कार्याे में तेजी लाने दिये निर्देश

 बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने कोसाबाड़ी, पं.रविशंकर शुक्ल नगर एवं बालको जोन के वार्डाे में विभिन्न मदों, जिला खनिज न्यास मद,  अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णाेद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी लाने के  निर्देश दिये। 

पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की समीक्षा

 बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवंागन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डाे में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डाे में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें

 उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त तीनों जोन के 28 वार्डाे की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्याे की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े। 

समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें

 इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्याे, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करायें। 

    इस दौरान पार्षद व एम.आई.सी.सदस्य हितानंद अग्रवाल, चन्द्रलोक सिंह, अजय गोंड़, चन्द्रकली जायसवाल, ममता यादव, पंकज देवंागन, राकेश वर्मा, प्रताप सिंह कंवर, धनकुमारी गर्ग, अब्दुल रहमान, सुनीता चौहान, वर्षा दिनेश वैष्णव, सिमरनजीत कौर, सत्येन्द्र दुबे, सीमा कंवर, चंदा देवी, चेतन सिंह मैत्री, मंगलराम बंदे, तरूण सिंह राठौर, रजत खुंटे, अपर आयुक्य विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, पवन वर्मा, एन.के.नाथ, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर आदि के साथ अन्य लोग उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना बनी सोनसाय बाकड़े के लिए राहत और बचत का माध्यम

सूरज की रोशनी से बदली जिंदगी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना बनी सोनसाय बाकड़े के लिए राहत और बचत का माध्यम

4-5 हजार रुपए का मासिक बिजली बिल घटकर 120 से 500 रुपए तक पहुंचा, केंद्र एवं राज्य सरकार से मिली 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी

रायपुर
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना ग्रामीण परिवारों तथा आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण बीजापुर जिले के मांझीगुड़ा निवासी सोनसाय बाकड़े हैं, जिनके जीवन में इस योजना ने नई रोशनी और आर्थिक राहत लेकर आई है। कभी हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल की चिंता से परेशान रहने वाले बाकड़े आज सौर ऊर्जा के माध्यम से न केवल बिजली खर्च में बड़ी बचत कर रहे हैं, बल्कि निर्बाध बिजली सुविधा का लाभ भी उठा रहे हैं।

सोनसाय बाकड़े बताते हैं कि पहले उनके घर का बिजली बिल प्रतिमाह लगभग 4 से 5 हजार रुपए तक पहुंच जाता था। बढ़ते बिजली खर्च के कारण परिवार का मासिक बजट प्रभावित होता था और कई बार बिजली बिल जमा करना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था। लगातार बढ़ते खर्च के बीच उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना की जानकारी मिली। योजना के लाभ और सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के बारे में जानने के बाद उन्होंने अपने घर में सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया।

योजना के तहत बाकड़े को केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस सहायता से उनके घर में सोलर पैनल स्थापित किए गए। लगभग तीन माह पूर्व लगाए गए इन सोलर पैनलों से अब उनके घर में नियमित और पर्याप्त बिजली की आपूर्ति हो रही है।

सबसे बड़ी राहत यह रही कि जहां पहले हर महीने हजारों रुपए का बिजली बिल आता था, वहीं अब यह घटकर केवल 120 रुपए से 500 रुपए तक सीमित हो गया है। इससे परिवार को आर्थिक रूप से काफी सहारा मिला है। अब घरेलू जरूरतों के लिए बिजली उपयोग करते समय अतिरिक्त खर्च की चिंता नहीं रहती।

बाकड़े का कहना है कि सौर ऊर्जा अपनाने से न केवल आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति जैसी समस्याओं से भी काफी हद तक छुटकारा मिला है। अब उनका परिवार पंखा, टीवी, मोटर और अन्य घरेलू उपकरणों का उपयोग बिना किसी परेशानी के कर पा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना को आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ लेने की अपील की। उनका मानना है कि यह योजना सिर्फ बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

सोनसाय बाकड़े ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई ऊर्जा भर रही है।

तकनीक की नई उड़ान: उन्मुखीकरण कार्यक्रम में विद्यार्थी सीख रहे AI, रोबोटिक्स और ड्रोन

बलौदा बाजार.

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशन व जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले के छह विकासखंडों में 10 दिवसीय तकनीकी उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है। इस अभिनव कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों जैसे रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी कौशल एवं नवाचार की भावना विकसित करना है।

16 मई से 25 मई तक आयोजित कार्यक्रम
यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम जिले के विभिन्न विकासखंडों के चयनित विद्यालयों में 16 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के लिए चयनित विद्यालयों में शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नयापारा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गुड़ेलिया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोटियाडीह तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भटभेरा शामिल हैं।

पहले दिन 400 विद्यार्थियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम के प्रथम दिवस जिलेभर से लगभग 400 विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता दर्ज की गई। विद्यार्थियों में आधुनिक तकनीकों को सीखने एवं समझने के प्रति विशेष उत्साह मिला। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को ड्रोन संचालन, रोबोटिक्स मॉडल निर्माण, 3D प्रिंटिंग की प्रक्रिया, बेसिक कोडिंग एवं AI आधारित तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है।

कलेक्टर ने दी विद्यार्थियों-विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं
इस अवसर पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान समय तकनीक एवं नवाचार का युग है। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरे मनोयोग एवं लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा सीखने की प्रक्रिया को निरंतर बनाए रखने का आह्वान किया।

जिला पंचायत CEO ने विद्यार्थियों को किया संबोधित
इसके पश्चात जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगार के नए अवसरों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।

प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ने किया आग्रह
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विद्यार्थियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी शिक्षा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता एवं नवाचार की सोच विकसित करेगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेने तथा सीखने की निरंतरता बनाए रखने का आग्रह किया।

सहायक संचालक परियोजना ने किया प्रेरित
सहायक संचालक परियोजना के.एस. मरावी ने अपने वक्तव्य में कहा कि रोबोटिक्स, AI एवं ड्रोन जैसी तकनीकें आने वाले समय में शिक्षा, कृषि, चिकित्सा एवं उद्योग सहित प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक के सकारात्मक उपयोग एवं नवाचार की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद नरेंद्र वर्मा ,जिला मिशन समन्वयक, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा ने कहा कि यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर व्यवहारिक ज्ञान एवं तकनीकी दक्षता भी विकसित करनी चाहिए।

जिला विज्ञान क्लब अध्यक्ष ने महत्व से कराया अवगत
कार्यक्रम में जिला विज्ञान क्लब अध्यक्ष कौशिक मुनि त्रिपाठी ने ड्रोन तकनीक, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि AI एवं रोबोटिक्स भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में शामिल हैं तथा आने वाले समय में इनका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा एवं औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को सीखकर आत्मनिर्भर बनने तथा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु प्रत्येक विकासखंड में दो-दो प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही विज्ञान गतिविधियों के सुचारु संचालन एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक विकासखंड में जिला विज्ञान क्लब के दो-दो सदस्यों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

शिक्षक भी सक्रिय रूप से सम्मिलित
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ उनके विज्ञान शिक्षक भी सक्रिय रूप से सम्मिलित हो रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को सतत मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग प्राप्त हो सके। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न तकनीकी मॉडल, ड्रोन प्रदर्शन एवं कोडिंग आधारित गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की जा रही है। कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा पहल को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण एवं तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जनजातीय विकास को नई रफ्तार देगा नेताम का विजन, बोले- बदल जाएगी आदिवासी अंचलों की तस्वीर

रायपुर. 
भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय गरिमा उत्सव अंतर्गत ’जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले थीम पर आधारित अभियान का आज प्रदेश स्तर पर शुभारंभ हुआ। मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा इस अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री नेताम ने कहा है जनजातीय गरिमा उत्सव प्रदेश के जनजातीय बसाहटों के शत प्रतिशत विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना में जनजातीय क्षेत्रों के विकास की अहम भूमिका है। 

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक मजबूत नींव पर ही एक मजबूत ईमारत खड़ी की जा सकती है, उसी प्रकार विकसित भारत की संकल्पना में शत प्रतिशत जनजातीय बसाहटों का विकास एक मजबूत नींव की भूमिका अदा करेगा। पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कमयोगी अभियान एवं सर्वेसेतु ऐप में उल्लेखनीय प्रदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी राज्य की छवि बनाई है। अतः इस अभियान के कियान्वयन में भी हमें अग्रणी रहते हुए अभियान के मूल उददेश्यों को प्राप्त करना है।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं आयुक्त डी. राहुल वेकंट के नेतृत्व में अभियान की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। इस अभियान का आयोजन प्रदेश में 18 मई से 25 मई 2026 तक किया जाना है। आज प्रथम दिवस को जिला स्तर पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत अभियान के प्रमुख उददेश्यों को विस्तार से समझाया गया तथा आपसी समन्वय के साथ अभियान की सफलता सुनिश्चित करने का आव्हान किया गया।

उल्लेखनीय है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देना है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान किया जाएगा। इसमें जमीनी संपर्क, सेवा संतृप्ति, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत निर्मित आदि सेवा केन्द्रों में जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों को सूचीबद्ध कर उनका समाधान करने तथा उपरोक्त जन भागीदारी अभियान अंतर्गत की गई समस्त गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर प्रतिदिन आदि प्रसारण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

प्रदेश में पीएम जनमन योजनांतर्गत चयनित 1544 ग्रामों, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अतर्गत चयनित 6691 ग्रामों तथा 7222 आदि सेवा केन्द्रों के माध्यम से सघन जन जागरूकता कार्यक्रम चलाकर जनजातीय हितग्राहियों को शासन की व्यक्तिमूलक योजनाओं से संतृप्त किया जाना है। साथ ही प्रत्येक आदि सेवा केन्द्र में जनसुनवाई का आयोजन भी किया जाना है। इस अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का जनजातीय ग्रामों में शत प्रतिशत सेचुरेशन करने हेतु प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

बंदूक से खेती तक: नारायणपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने थामा ट्रैक्टर, शुरू की नई जिंदगी

​रायपुर.
नारायणपुर जिले का लाइवलीहुड कॉलेज (पुनर्वास केंद्र) आज उन हाथों को नई जिंदगी दे रहा है, जो कभी भटककर बंदूक थाम चुके थे। जिला प्रशासन की अनूठी पहल से आत्मसमर्पित नक्सली अब न केवल समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं, बल्कि सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

वोटर आईडी कार्ड से मिली ‘नई पहचान’
​पुनर्वासित लोगों को शासकीय सेवाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में ​8 पुनर्वासित लोगों को नए वोटर आईडी कार्ड बनाकर वितरित किए गए हैं। इसी तरह ​25 लोगों का ऑनलाइन पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) पूरा किया जा चुका है। लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने ​40 लोगों से फॉर्म-6 भरवाए गए हैं।

कभी साइकिल नहीं चलाई, अब चलाना है ट्रैक्टर
​हाल ही में कलेक्टर  ने पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां रह रहे 40 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उनके सामने एक विशेष इच्छा जाहिर की। वे ट्रैक्टर चलाना सीखने के साथ-साथ उसकी मरम्मत और रखरखाव (मेन्टेनेंस) का प्रशिक्षण पाना चाहते थे। यह मांग इसलिए भी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि इनमें से कई लोग ऐसे थे जिन्होंने जीवन में कभी साइकिल तक नहीं चलाई थी। ​कलेक्टर ने इस मांग की संवेदनशीलता और उनके उत्साह को भांपते हुए बिना किसी देरी के तत्काल कार्रवाई की। नतीजतन, सोमवार से ही लाइवलीहुड कॉलेज में ट्रैक्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई।

​बदलाव की नई इबारत
अब ये सभी पुनर्वासित लोग नियमित रूप से ट्रैक्टर चलाने की बारीकियां सीख रहे हैं। प्रशिक्षण में उन्हें ड्राइविंग के साथ-साथ ट्रैक्टर की तकनीकी जानकारी और रिपेयरिंग के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। ​यह प्रशिक्षण केवल एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम नहीं है, बल्कि इन परिवारों के लिए आजीविका का एक मजबूत जरिया बनने जा रहा है।

खौफ के साए से उम्मीद की धूप तक
​आज नारायणपुर के इस पुनर्वास केंद्र में रहने वालों के चेहरों पर अतीत की अस्थिरता और डर की जगह भविष्य के प्रति आत्मविश्वास और संतोष साफ देखा जा सकता है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर ये लोग अब एक सामान्य नागरिक की तरह देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं। ​नारायणपुर का यह केंद्र अब महज एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि परिवर्तन, विश्वास और एक नई शुरुआत का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है।

द्वितीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में डेटा हार्मोनाइजेशन पर हुआ मंथन

रायपुर. 
आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन के तत्वावधान में आज “डेटा हार्मोनाइजेशन” विषय पर द्वितीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शासकीय आंकड़ों के संकलन, प्रबंधन और उपयोग में समन्वय स्थापित करते हुए उनकी गुणवत्ता, एकरूपता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना था।

आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के अपर संचालक श्री नारायण बुलीवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नीति निर्माण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और साक्ष्य-आधारित निर्णयों के लिए विभिन्न विभागों के आंकड़ों का मानकीकरण एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

कार्यशाला के दौरान कई तकनीकी एवं नीतिगत सत्र आयोजित किए गए। इनमें डेटा हार्मोनाइजेशन की अवधारणा, आधिकारिक सांख्यिकी के संपूर्ण डेटा जीवन चक्र के प्रबंधन हेतु परिचालन दिशानिर्देश (मास्टर टूल किट), यूनिक आइडेंटिफायर्स एवं वर्गीकरण प्रणाली, तथा भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी NMDS 2.0 दिशानिर्देशों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं।

इसके अलावा Statistical Quality Assessment Framework (SQAF) तथा CHiPS के अंतर्गत विकसित डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म पर भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी साझा की गई। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों को डेटा गुणवत्ता मूल्यांकन, मानकीकरण और डिजिटलीकरण की आधुनिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।

दोपहर सत्र में प्रतिभागियों के लिए एक इंटरैक्टिव अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के बीच डेटा लिंकेज की संभावनाओं पर समूह चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने संभावित डेटा एकीकरण बिंदुओं की पहचान की तथा भविष्य की कार्ययोजना और समय-सीमा पर सहमति व्यक्त की।

 कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। यह कार्यशाला राज्य में डेटा आधारित सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

खनन माफिया में हड़कंप! रेत के अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग की प्रदेशव्यापी सख्त निगरानी

रायपुर. 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग का अभियान लगातार जारी है। केंद्रीय उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय जांच दल विभिन्न जिलों में खनन क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही है और अवैध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई भी कर रहा है। 

खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देश पर केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम मध्यरात्रि को बिलासपुर जिले में औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान पचपेड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम उदईबंध एवं अमलडीहा क्षेत्र में शिवनाथ नदी में मशीनों के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। मौके पर तीन चैन माउंटेन मशीनें अवैध उत्खनन में संलग्न मिलीं। जांच दल को देखकर मशीन ऑपरेटर मशीनों को मौके पर छोड़कर फरार हो गए।

खनिज विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत ग्राम उदईबंध में दो तथा अमलडीहा में एक चैन माउंटेन मशीन को जप्त कर सील कर दिया। साथ ही जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी कर मशीनों के मुख्य द्वार पर चस्पा किया गया। कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि शासन को राजस्व हानि पहुंचाने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

उदंती अभ्यारण में अतिक्रमणकारियों का हमला, उपनिदेशक पर जानलेवा वार के बाद भारी पुलिसबल तैनात

गरियाबंद.

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे उपनिदेशक और उनकी टीम पर अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया है। डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन के साथ भी धक्का-मुक्की की गई है। घटना के बाद मौके पर भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। घटना उदंती अभ्यारण के कोर जोन अंतर्गत सीतानदी रेंज के जैतपुरी गांव की बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, अभ्यारण्य प्रशासन ने पिछले दिनों कोर क्षेत्र में अतिक्रमण के मामलों को लेकर 166 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। सभी के विरुद्ध वन अपराध का मामला दर्ज कर नोटिस तमिल किया गया था। कुछ ने जवाब दिया था पर बयान दर्ज नहीं हुआ था। मामले में दो नोटिस के बाद आरोपियों ने अग्रिम जमानत याचिका लगाया था, जो खारिज हो गया। 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद तनाव की स्थिति निर्मित हुई। सोमवार को टीम उसके बयान दर्ज करने जैतपुरी गांव पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों और वन विभाग की टीम के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
आरोप है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने डिप्टी डायरेक्टर और वन कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की। हालांकि तनावपूर्ण माहौल के बीच वन अमले ने स्थिति को संभाला। घटना के बाद वन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस से मदद मांगी है। मामले को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वरुण जैन ने कहा कि स्थिति को कंट्रोल में ले लिया गया है।

झापरा सुशासन शिविर में मौके पर ही बांटे गए 35 प्रमाण पत्र

रायपुर. 
कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में सुशासन तिहार के तहत ग्राम पंचायत झापरा में सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शासन की विभिन्न योजनाओं तथा प्रशासनिक सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। साथ ही लोगों को शासकीय योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी दी गई।

सुकमा तहसीलदार गिरीश निम्बालकर, सरपंच श्रीमती मुन्नी मड़कामी और उपसरपंच प्रवीण बारसे की मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर में 8 जाति प्रमाण पत्र, 12 निवास प्रमाण पत्र, 8 किसान किताब तथा 2 नामांतरण आदेश प्रदान किए गए। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और किसानों को बड़ी राहत मिली। शिविर की एक खास उपलब्धि किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना भी रही। यहां 5 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया गया। इससे किसानों को भविष्य में डिजिटल कृषि सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

ग्रामीणों ने शिविर में त्वरित समाधान और एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों से गांव में ही जरूरी काम पूरे हो रहे हैं, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित ये शिविर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं।

बढ़ी मांग के बीच छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, प्रदेशभर में हो रही पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति

रायपुर. 
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताते हुए कहा है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य में वर्तमान में 3 करोड़ 28 लाख 68 हजार लीटर पेट्रोल तथा 7 करोड़ 75 लाख 71 हजार लीटर डीजल उपलब्ध है। खाद्य विभाग के संचालक आज सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन पेट्रोल पंपों तक जहां स्टॉक की कमी की स्थिति बन रही हो वहां प्राथमिकता में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों या भ्रम से प्रभावित होकर पैनिक बाइंग अथवा अनावश्यक भंडारण न करें। सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यकता अनुसार सुगमता से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हो सके।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हैं। बीते 13 और 14 मई को अचानक मांग बढ़ने के कारण पेट्रोल की खरीद में 43 प्रतिशत तथा डीजल की खरीद में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कृषि कार्यों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की मांग भी लगातार बढ़ रही है।

अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिरहसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से लगातार जिलों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जा रही है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए रविवार अवकाश के दिन भी डिपो संचालित किए गए और लगभग 370 टैंकरों के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति विभिन्न जिलों तक पहुंचाई गई। अधिकारियों ने बताया कि ऑयल कंपनियों के सभी डिपो से प्रतिदिन दो शिफ्टों में मांग के अनुरूप ईंधन भेजा जा रहा है।

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