लाल आतंक से विकास की ओर बढ़ता दारेली

रायपुर

 लंबे समय तक नक्सली प्रभाव और भय के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा रहा बीजापुर जिले का दारेली गांव, अब बदलाव और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है। पिछले चार दशकों से इस क्षेत्र में कोई भी प्रशासनिक गतिविधि नहीं हो पाई थी, यहाँ तक कि वर्ष 2011 की राष्ट्रीय जनगणना से भी यह गांव वंचित रह गया था, लेकिन अब इतिहास बदलते हुए पहली बार जिला प्रशासन की टीम सीधे दारेली गांव पहुंची और वहां सुचारू रूप से जनगणना का कार्य संपन्न कराया।
          
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब उन सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले विकास की कल्पना करना भी बेहद कठिन था।

प्रशासनिक अमले का ऐतिहासिक दौरा और आत्मीय स्वागत
        
इसी कड़ी में कलेक्टर बीजापुर  विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ मती नम्रता चौबे, जनगणना प्रभारी अधिकारी  मुकेश देवांगन तथा उसूर एसडीएम  भूपेंद्र गावरे ने दारेली गांव का सघन दौरा किया। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका आत्मीय और भावुक स्वागत किया। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उन्हें पहली बार यह महसूस हुआ है कि शासन-प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचा है। इस दौरान गांव में हुए जनगणना कार्य को ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक और सुखद पहल बताया।

शिविर लगाकर बुनियादी दस्तावेज बनाने के निर्देश
         

कलेक्टर बीजापुर ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और जमीन के पट्टे, आधार कार्ड, बैंक खाते तथा राशन कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की। कई ग्रामीणों के दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में विशेष शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी पात्र ग्रामीणों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन (दस्तावेजीकरण) सुनिश्चित हो सके।

मौके पर ही संवेदनशील संज्ञानरू किसान की समस्या का त्वरित समाधान
          
 भ्रमण के दौरान एक स्थानीय किसान ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई कि उसके पिता के निधन के बाद भी लंबे समय से जमीन का नामांतरण नहीं हो पाया है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद राजस्व अधिकारियों को नामांतरण प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली को देखकर किसान भावुक हो गया और उसने अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

जनकल्याणकारी योजनाओं और छात्रवृत्ति की घोषणा
          
कलेक्टर ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत दारेली के सभी स्कूली बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। जो दारेली गांव कभी भय, उपेक्षा और सन्नाटे का प्रतीक माना जाता था, वह आज विकास, आपसी विश्वास और नई उम्मीदों की राह पर कदम बढ़ा चुका है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने ग्रामीणों के भीतर शासन के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया है।

नारायणपुर के वनांचल में थमी भटकन

रायपुर
    
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा राज्य में सुशासन की नई परिभाषा लिखी जा रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण ‘सुशासन तिहार 2026’ के रूप में सामने आ रहा है, जो ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक बड़ा राहत का माध्यम बन चुका है। जिले के दूरस्थ अंचलों में आयोजित समाधान शिविरों के जरिए प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँच रहा है, जिससे वर्षों से लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा हो रहा है।    ​

इसी कड़ी में नारायणपुर के ग्राम भाटपाल से एक सुखद तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्रामीण संताय पोटाई के लिए यह सुशासन तिहार उनके जीवन में एक नई सुबह लेकर आया, जब उन्हें शिविर में ही उनका नया राशन कार्ड तैयार कर सौंप दिया गया।

​वर्षों का इंतजार मिनटों में खत्म
     
​संताय पोटाई ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण उनका परिवार जनवितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले रियायती खाद्यान्न से वंचित था। उन्होंने पहले भी कई प्रयास किए, लेकिन भौगोलिक दूरी और प्रक्रियाओं के चलते बात नहीं बन पा रही थी। इस पर उन्होंने कहा कि मैं थक चुका था, लेकिन सुशासन तिहार के शिविर ने मेरी चिंता दूर कर दी। मैंने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और देखते ही देखते त्वरित कार्रवाई करते हुए मेरा नया राशन कार्ड मेरे हाथों में सौंप दिया गया। अब हमारे घर में भी नियमित रूप से सरकारी राशन आएगा।

​मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का जताया आभार
    
​नया राशन कार्ड मिलने से संताय पोटाई और उनके परिवार के चेहरे खिल उठे हैं। अब उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती दर पर चावल, शक्कर और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री नियमित रूप से मिल सकेगी। इस त्वरित न्याय के लिए संताय ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सचमुच ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जहाँ दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय सरकार खुद गांव आकर काम कर रही है।

​’सुशासन तिहार’ से गढ़बो नवा छत्तीसगढ़
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जिला प्रशासन नारायणपुर के मार्गदर्शन में इन शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को सरल बनाकर अंतिम व्यक्ति तक लोकतंत्र और विकास का लाभ पहुँचाना है। प्रशासन के इस रुख से न केवल आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासकीय योजनाओं की पहुँच भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो रही है।

​छत्तीसगढ़ में हाईटेक हुई पुलिसिंग

रायपुर

 प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम जनता को त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने बुधवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) परिसर से अत्याधुनिक तकनीकों से लैस ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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इस नए बेड़े में डायल-112 के 12 सामान्य वाहनों के साथ-साथ गंभीर सड़क हादसों से निपटने के लिए 2 हाई-वे पेट्रोलिंग वैन और त्वरित जांच के लिए 1 मोबाइल फॉरेंसिक वैन शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

​मुख्यमंत्री की मंशानुरूप मजबूत होगी पुलिसिंग: मंत्री  टंक राम वर्मा

वाहनों को रवाना करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। इस आपातकालीन सेवा के विस्तार से जिले के सभी 12 थानों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे किसी भी दुर्घटना, अपराध या आपात स्थिति में केवल एक कॉल पर मिनटों के भीतर मदद पहुंचेगी।

​स्मार्टफोन, जीपीएस और डैश कैम से लैस हैं गाड़ियाँ

अधिकारियों ने बताया कि ये नए वाहन पूरी तरह ‘हाईटेक’ हैं। इन अत्याधुनिक वाहनों में सुरक्षा और त्वरित एक्शन के लिए  जीपीएस (GPS), वायरलेस रेडियो, पीटीजेड (PTZ) कैमरा डैश कैम आदि से लाइव मॉनिटरिंग किया जा सकता है। कंट्रोल रूम से गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक कर पीड़ित के सबसे नजदीकी वाहन को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। नागरिक अब केवल वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि एसएमएस, व्हाट्सएप, चैटबॉट, ईमेल और ‘SOS-112 इंडिया ऐप’ के माध्यम से भी सीधे मदद मांग सकेंगे 

​इस आधुनिक फ्लीट के आने से बलौदाबाजार जिले में अपराध नियंत्रण और सड़क दुर्घटनाओं के दौरान ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में घायलों को अस्पताल पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी।

सेवाभाव और संकल्प की मिसाल : मिनपा स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय पहचान

रायपुर

सुकमा जिले का मिनपा क्षेत्र कभी नक्सलवाद, घने जंगलों और कठिन रास्तों के कारण विकास से दूर माना जाता था। यहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती थी। एक समय ऐसा था जब एक छोटी सी झोपड़ी में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई थीं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और गांव-गांव पहुंचकर लोगों का इलाज किया। लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई गई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के चलते मिनपा क्षेत्र में अब बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। वर्ष 2024 में यहां नया उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तैयार किया गया, जिसमें आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रयोगशाला कक्ष और आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की गई।

आज यह उप स्वास्थ्य केंद्र मिनपा सहित दुलेड़, एलमागुंडा, भटपाड़, पोट्टेमडगू, टोंडामरका और गुंडराजपाड़ जैसे दूरस्थ गांवों के लगभग 3,593 ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सुविधा बन चुका है।

इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत स्वास्थ्य कर्मचारियों का समर्पण है। पोट्टेमडगू, दुलेड़, गुंडराजपाड़ और भाटपाड़ जैसे पहुंचविहीन गांवों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को कठिन जंगल रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार एक दिन में लौटना संभव नहीं हो पाता, तब कर्मचारी गांवों में रुककर ‘नाईट कैंप’ लगाते हैं और रात में भी मरीजों का उपचार करते हैं।

इसी मेहनत और सेवाभाव का परिणाम है कि आज मिनपा उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। हर महीने यहां लगभग 4 सुरक्षित प्रसव कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का संस्थागत प्रसव के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

मिनपा स्वास्थ्य केंद्र की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 15 मई 2026 को इस केंद्र ने ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक’ (NQAS) कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि मितानिन, एएनएम, सीएचओ, सुपरवाइजर, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर और जिला प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
एक छोटी झोपड़ी से शुरू हुआ यह सफर आज राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंच चुका है। मिनपा की यह कहानी बताती है कि मजबूत संकल्प, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और कर्मचारियों की निष्ठा से सबसे दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचाई जा सकती है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पुलिस लाइन उर्दना में अत्याधुनिक पुलिस जिम का किया लोकार्पण

रायपुर

 वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने आज पुलिस लाइन उर्दना, रायगढ़ में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुलिस जिम का लोकार्पण किया। उन्होंने रिबन काटकर जिम का शुभारंभ किया और जिम कक्ष में स्थापित भगवान हनुमान जी के चित्र पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की।

इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने जिम में स्थापित आधुनिक फिटनेस उपकरणों का अवलोकन किया और कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त जीवनशैली में शारीरिक फिटनेस और मानसिक वेलनेस दोनों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने सभी को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम के लिए समय निकालने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे जनसेवा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। यह आधुनिक जिम न केवल पुलिसकर्मियों बल्कि उनके परिवारजनों और स्थानीय युवाओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा तथा स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त रखने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा योग, खेल और फिटनेस गतिविधियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से पुलिस जिम का उन्नयन कर इसमें अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से पुलिसकर्मी नियमित व्यायाम कर अपनी फिटनेस बनाए रख सकेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनके स्वास्थ्य और कार्य प्रदर्शन दोनों पर पड़ेगा।

कार्यक्रम में महापौर  जीवर्धन चौहान, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी,  सभापति  डिग्रीलाल साहू सहित  जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

कोरबा जिले को मिली 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात

रायपुर

 कोरबा जिले को 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात प्राप्त हुई है। आज बुधवार कोरबा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने औपचारिक कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये आधुनिक वाहन उन्नत तकनीक से लैस हैं, जिनमें आधुनिक कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस सिस्टम तथा स्मार्ट मोबाइल उपकरण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में और अधिक त्वरित, सटीक एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

प्रदेश में छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-दो (नेक्स्ट जेन) के अंतर्गत अब सभी 33 जिलों में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा का विस्तार किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश को कुल 400 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल प्रदान किए गए हैं। इन वाहनों को 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।

डायल 112 सेवा के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं महिला हेल्पलाइन सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर समन्वित आपातकालीन सहायता मिल सकेगी। यह व्यवस्था आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ बनाते हुए जिला स्तर पर सुरक्षा एवं सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर करेगी। कार्यक्रम के दौरान कटघोरा विधायक  प्रेमचंद पटेल, तथा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, महापौर मती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर  कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ तिवारी उपस्थित थे।

डायल 112 के नए वाहनों के शुभारंभ से जिले में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिससे नागरिकों को और अधिक सुरक्षित, त्वरित एवं विश्वसनीय सहायता मिल सकेगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन सम्पन्न

रायपुर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि सम्मेलन में कई नई आवासीय परियोजनाओं एवं प्रशासनिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जिनसे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में मंडल का 86 वाँ मंडल सम्मेलन आज मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया गया। सम्मेलन में राज्य में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर अनुमोदन प्रदान किया गया।

तीन प्रमुख आवासीय परियोजनाओं को मिली मंजूरी
                
 दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका (तिल्दा), जिला रायपुर- दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका में व्यावसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है।
                 
स्ववित्तीय अटल विहार योजना, गिनाबहार, जिला जशपुर – गिनाबहार में 6 एमआईजी, 64 एलआईजी और 27 ईडब्ल्यूएस सहित कुल 97 आवासीय भवनों तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य के लिए स्वीकृति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है।
                
स्ववित्तीय योजना, सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली दृ सारधा में 200 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण तथा 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है। इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर लगभग 44.82 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रशासनिक एवं नीतिगत प्रस्तावों को भी मंजूरी
                
सम्मेलन में निर्माण कार्यों के लिए जीएसटी भुगतान प्रणाली तथा रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने हेतु समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग की 25 फरवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार मंडल में यथावत लागू करने का निर्णय लिया गया। मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरूप पुनरीक्षित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के संचालन हेतु पीपीपी मोड में एजेंसी नियुक्ति को मंजूरी
               

 सम्मेलन में क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रखरखाव के लिए लाइसेंस आधारित पीपीपी मॉडल के अंतर्गत एजेंसी चयन हेतु निविदा दस्तावेज एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया।

वर्ष 2026 के प्रथम चार महीनों में 317 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय
                 
सम्मेलन में सदस्यों को अवगत कराया गया कि मंडल ने वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में लगभग 317 करोड़ रुपये मूल्य की 1,647 संपत्तियों का सफल विक्रय किया है। यह उपलब्धि मंडल की योजनाओं के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
               
 86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त  अवनीश कुमार शरण, आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव  डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि  जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि  निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि  हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अबूझमाड़ में महुआ प्रसंस्करण के लिए बनेगा जनजातीय सहकारी मॉडल, संग्राहकों को हो रहा है सीधा ऑनलाइन भुगतान

रायपुर

अबूझमाड़ क्षेत्र के विकास और वहां जनजातीय (आदिवासी) नेतृत्व में महुआ प्रसंस्करण (च्तवबमेेपदह) के लिए एक प्रभावी सहकारी मॉडल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समर्थन मूल्य पर तेंदूपत्ता संग्रहण तथा आदिवासियों की आय बढ़ाने के लिए वन धन योजना और श्ट्राईफेडश् के तहत महुआ प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी विमर्श किया गया। मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में श्छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघश् की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। 

वन धन समितियों द्वारा तैयार हो रहे हैं महुआ के कई उत्पाद
        
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वन धन सहकारी समितियों द्वारा महुआ के फूलों से विभिन्न प्रकार के मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। महुआ लड्डू और कुकीज, महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ का अचार और महुआ उत्पादों की प्रोसेसिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने हेतु स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों का संरक्षण और वित्तीय पारदर्शिता
       
 बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संग्रहण से जुड़े व्यापार में सरकार को वित्तीय हानि से बचाने और संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभांश पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा वर्तमान में संग्राहकों को पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीधे ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए एक आधुनिक सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे भुगतान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में जमा हो रही है।

इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए जिनमें प्रमुख हैं-वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा,  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव मती शम्मी आबिदी, गृह विभाग सचिव मती नेहा चंपावत, पीसीसीएफ निवास राव इसके साथ ही वन विभाग तथा लघु वनोपज संघ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने के कार्यों में आएगी तेजी

रायपुर

लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन) के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर ले-आउट और फ्लोर-प्लान जाना। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।  बंसल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए तकनीकी कार्यों औऱ व्यवस्थाओं में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग और चिप्स को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, अपर सचिव  एस.एन. वास्तव, मुख्य अभियंता  टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता  डी.के. नेताम और कार्यपालन अभियंता  अभिनव वास्तव भी इस दौरान मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ‘लोकभवन’ का निर्माण राज्यपाल की गरिमा के अनुरूप उत्कृष्टता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे परिसर के सौंदर्य, सूरज की रोशनी और पूर्ण उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने भवन की सभी बारीकियों पर पुख्ता काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रमों के आयोजन के लिए यहां बन रहे सभा-भवनों और कार्यालयीन कक्षों की बैठक व्यवस्था पहले से ही निर्धारित कर उनके अनुरूप कार्यों को अंजाम देने को कहा। उन्होंने भवन के निर्माण कार्य में लगे अलग-अलग एजेंसियों से कार्य प्रगति की जानकारी लेकर यथाशीघ्र सभी कार्य पूर्ण कर इसे लोक निर्माण विभाग को हैंड-ओवर करने को कहा।  

लोक निर्माण विभाग के सचिव  बंसल ने नए विधानसभा भवन में प्रवेश द्वार, सदन, अधिकारी दीर्घा, लॉबी, डाइनिंग एरिया, मीडिया ब्रीफिंग एरिया, समिति कक्ष, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, उप मुख्यमंत्रियों तथा मंत्रियों के कार्यालयों, ऑफिसर लाउंज और मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के कार्यालयों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी कार्यालयीन कक्षों में समुचित फर्नीचर और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए भवन में वर्तमान व्यवस्था की कमियों और खामियों को आगामी मानसून सत्र के पहले दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 

विभागीय सचिव ने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने तकनीकी व्यवस्थाओं को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और चिप्स के अधिकारियों के साथ इसके लिए जरूरी इंतजामों, उपकरणों, हार्डवेयर्स और सॉफ्टवेयर्स की भी समीक्षा की। उन्होंने बेहतर समन्वय और तेजी से काम करते हुए इस साल के शीतकालीन सत्र तक सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर पखवाड़े इसकी प्रगति की समीक्षा करने भी कहा।

 बंसल ने विधानसभा परिसर में गाड़ियों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था के साथ वाहन चालकों के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-3 में पास-काउंटर के पास आगंतुकों के लिए बनने वाले प्रतीक्षालय कक्ष के साथ ही विधानसभा ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैन्टीन बनाने का भी सुझाव दिया।

 

रायपुर : सियान गुड़ी बन रही वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहारा और सम्मान का केंद्र

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है। समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं।

इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है। हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की।

सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है। सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है।

समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।

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