लोक निर्माण विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश

विभागीय सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की, अधिक दक्षता व ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने कहा 

रायपुर.
 लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक दक्षता और ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने को कहा। 

विभागीय सचिव बंसल ने बैठक में सभी टेंडर प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग के साथ ही जनहित एवं तकनीकी दक्षता का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आधुनिक जियो-इन्फॉर्मेटिक्स तकनीक के माध्यम से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, मैपिंग और प्रोजेक्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय सचिव को टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्य आबंटन, निर्माण कार्यों की बिलिंग प्रक्रिया एवं भुगतान प्रणाली के बारे में भी बताया।

बैठक में प्रदेशभर में चल रहे निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति तथा आगामी परियोजनाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों के कार्य निष्पादन, विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं तथा भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं, गुणवत्ता नियंत्रण और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पूछा। बंसल ने रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की भी जानकारी ली।

जगदलपुर में राशन योजना पर बड़ा एक्शन, अपात्र लोगों के नाम BPL सूची से हटाए गए

जगदलपुर.

नगर निगम क्षेत्र में मुफ्त राशन योजना का गलत लाभ लेने वाले अपात्र हितग्राहियों पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान ऐसे सैकड़ों लोग सामने आए, जिनके बैंक खातों में लाखों रुपए जमा हैं और कई के नाम पर कृषि भूमि भी दर्ज है। इसके बावजूद वे वर्षों से मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे।

खाद्य विभाग ने 48 वार्डों में अभियान चलाकर 800 से ज्यादा नाम बीपीएल सूची से हटाए हैं। कार्रवाई के बाद राशन दुकानों के बाहर अपात्र हितग्राहियों की सूची भी चस्पा की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीबों के हिस्से का राशन लंबे समय से खुले बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में कुछ लोगों के जनप्रतिनिधियों की मदद से राशन कार्ड बनवाने की बात भी सामने आई है। अब विभाग पात्र हितग्राहियों का दोबारा सत्यापन कर रहा है।

बिलासपुर हाईकोर्ट का अहम फैसला, OBC आरक्षित पदों से ज्यादा नियुक्तियां अवैध करार

बिलासपुर.

हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर तय सीमा से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों को केवल उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्ति देना कानूनी रूप से गलत है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार की मेरिट लिस्ट की समीक्षा कर 90 दिनों के भीतर दोबारा मेरिट लिस्ट तैयार करने कहा है।

दरअसल, उमेश कुमार श्रीवास व अन्य ने इस मामले में याचिका दायर की थी, याचिका में कहा गया कि लोक शिक्षण संचनालय ने बीते 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के याचिकाकर्ताओं ने भी मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया था।

लेकिन जब चयन समिति ने प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की तो ओबीसी केटेगरी के पदों पर 7 प्रतिशत की तय सीमा से कहीं ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को चुन लिया गया, जिससे सामान्य ओबीसी उम्मीदवारों का हक प्रभावित हुआ। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह गलत है। इस प्रक्रिया से सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को समान अवसर प्राप्त नहीं होता है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं

चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारी

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली। 

मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि मुरली मनोहर सोनी, भीमसेन अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल

सम्मेलन सम्पन्न विभिन्न परियोजनों के निर्माण कार्य हेतु लगभग 45 करोड़ की मिली प्रशासकीय स्वीकृति 

 जी.एस.टी. भुगतान प्रणाली में एकरूपता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती तथा राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता के प्रस्तावों का भी किया अनुमोदन
रायपुर 

अध्यक्ष अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन आज दिनांक 20 मई 2026 को मंडल मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं।

अध्यक्ष अनुराग सिंह देव  ने बताया कि सम्मेलन में दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका, तिल्दा, जिला रायपुर में व्यवसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित परियोजना लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है।

स्ववित्तीय अटल विहार योजनांतर्गत गिनाबहार, जिला जशपुर में 06 एम.आई.जी., 64 एल.आई.जी. एवं 27 ई.डब्ल्यू.एस. सहित कुल 97 आवासीय भवनों के निर्माण कार्य तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है।

इसी प्रकार स्ववित्तीय योजनांतर्गत सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली में 200 ई.डब्ल्यू.एस. भवनों के निर्माण एवं 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है।

इसके अतिरिक्त निर्माण कार्यों में जीएसटी भुगतान प्रणाली (GST Payment System) एवं रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र (Royalty Clearance Certificate) संबंधी वर्तमान व्यवस्थाओं में एकरूपता लाने हेतु एक समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया।
सम्मेलन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25 फरवरी 2026 के अनुसार मंडल में यथावत लागू किए जाने का निर्णय भी लिया गया। 
मंडल के अधिकारियों/कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता की दरें स्वीकृत की गई।
साथ ही क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव हेतु लाइसेंस आधार पर पी.पी.पी. मोड के अंतर्गत एजेंसी नियुक्त करने के लिए प्रस्तुत निविदा प्रपत्र एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया है।

मंडल सम्मेलन में माननीय सदस्यों को यह भी अवगत कराया गया कि बोर्ड द्वारा इस वर्ष 2026 के प्रथम 04 माह में लगभग मूल्य 317 करोड़ की 1647 संपत्तियों का विक्रय किया गया।  86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण (भा.प्र.से.), आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यात्रियों को बड़ी राहत, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में आज से लगेगा अतिरिक्त AC-3 कोच

रायपुर.

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोरबा-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ने का फैसला किया है। इससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में राहत मिलेगी।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 21 से 24 मई तथा 26 से 29 मई 2026 तक अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाया जाएगा। वहीं गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 23 से 26 मई और 28 से 31 मई 2026 तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।

यात्रियों को मिलेगी राहत
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त कोच जुड़ने से अधिक यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी और यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। गर्मी के मौसम और छुट्टियों के चलते ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

छत्तीसगढ़ के अनिमेष ने विदेश में लहराया परचम, सऊदी ग्रैंड प्रिक्स में जीते दो मेडल

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजुर ने सऊदी अरब में आयोजित सऊदी ग्रैंड प्रिक्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए हैं। अनिमेष ने 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया, जबकि 100 मीटर स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक हासिल किया।

अनिमेष कुजुर इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं। वे वर्तमान में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं। उनकी इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के खेल जगत में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और एथलेटिक्स से जुड़े लोगों ने इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है।

खेल पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों ने दी बधाई
सऊदी ग्रैंड प्रिक्स में शानदार प्रदर्शन के बाद एथलेटिक्स संघ से जुड़े पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने अनिमेष कुजुर को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रायपुर में शुरू हुआ ई-रिक्शा पंजीयन अभियान, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर.

राजधानी में संचालित ई-रिक्शा और ऑटो के ऑनलाइन पंजीयन के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने इस अभियान का शुभारंभ किया। जनहित फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किए गए क्यूआर कोड और ऑनलाइन पंजीयन लिंक के जरिए ई-रिक्शा चालकों और मालिकों को अगले 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

पूरी जानकारी होगी दर्ज
ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया में ई-रिक्शा मालिक और चालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस अभियान से राजधानी में संचालित ई-रिक्शा और ऑटो की वास्तविक संख्या का पता चल सकेगा। साथ ही वाहन संचालकों का पूरा डेटा भी पुलिस के पास उपलब्ध रहेगा।

बिना पंजीयन पर होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने 5 जून तक विशेष पंजीयन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ई-रिक्शा और ऑटो चालक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भी आसानी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 5 जून के बाद बिना पंजीयन के संचालित होने वाले ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजधानी में यातायात व्यवस्था को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।

गर्मी की छुट्टियों में स्कूल खोलना पड़ा भारी, DPI ने कार्रवाई के दिए सख्त निर्देश

रायपुर.

भीषण गर्मी के बीच ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूल संचालित करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों पर अब कार्रवाई की जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों को ऐसे स्कूलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए भी कहा गया है।

20 अप्रैल से 15 जून तक घोषित है ग्रीष्मकालीन अवकाश
राज्य सरकार की ओर से सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त और अशासकीय विद्यालयों में 20 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। इसके बावजूद कई निजी स्कूलों में बच्चों को बुलाकर नियमित कक्षाएं संचालित किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

आदेश की अनदेखी कर स्कूल चला रहे कई निजी संस्थान
जानकारी के मुताबिक कुछ अशासकीय विद्यालय शासन के स्पष्ट आदेश के बावजूद विभिन्न कारणों से स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। शासन ने इसे आदेश का उल्लंघन माना है और ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। हाल ही में हाई कोर्ट ने भी अवकाश अवधि के दौरान निजी स्कूलों में कक्षाएं संचालित किए जाने पर चिंता व्यक्त की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

’जल जीवन मिशन से बदली ग्राम सोनझरी की तस्वीर’

कबीरधाम/रायपुर.

कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनझरी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की जिंदगी बदल दी है। वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। घर-घर नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और गांव को “हर घर जल ग्राम” के रूप में नई पहचान मिली है।

पहले ग्राम सोनझरी में खासकर गर्मी के दिनों में, गांव के लोगों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी लाने के लिए तपती धूप में दूर-दूर तक जाना पड़ता था और घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। पानी के इस इंतजाम में उनका काफी समय और मेहनत बर्बाद हो जाती थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता था। इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांव में तेजी से काम किया गया। इसके अंतर्गत सोनझरी गांव में पाइपलाइन का विस्तार किया गया, जल स्रोतों को सुधारा गया और एक ऊंची पानी की टंकी का निर्माण किया गया। इसके बाद गांव के सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन देकर नियमित रूप से पानी की सप्लाई शुरू की गई।

गांव की एक बुजुर्ग निवासी पंचकुंवर बाई ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले इस उम्र में दूर से पानी लाना उनके लिए सबसे मुश्किल काम था, और सुबह होते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। लेकिन अब घर के पास ही साफ पानी मिलने से उनका जीवन बेहद आसान हो गया है। उन्होंने इसके लिए शासन और प्रशासन का आभार जताया है। सोनझरी गांव में आई इस बड़ी तब्दीली के बाद अब चौतरफा सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। महिलाओं का कीमती समय बच रहा है, बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होती और साफ पानी मिलने से जलजनित बीमारियों में भी भारी कमी आई है।

इस सफलता को आधिकारिक रूप देने के लिए बीते 13 मई 2026 को सोनझरी में एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ष्हर घर जलष् प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया गया और सोनझरी को आधिकारिक रूप से “हर घर जल ग्राम” घोषित कर दिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन केवल पानी पहुंचाने की योजना नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीण जीवन में सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मान का नया सवेरा लाया है।

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