मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी : दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा की नई रोशनी

रायपु

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत संचालित ‘कामयाबी वेन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

उल्लेखनीय है कि ‘कामयाबी वेन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री  साय  ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर विधायक  भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, विशेष सचिव  रजत बंसल, कलेक्टर मती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक  रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सुशासन तिहार में हितग्राहियों से आत्मीय संवाद: योजनाओं के लाभ से बदलती जिंदगी की तस्वीर देख मुख्यमंत्री हुए प्रसन्न

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ग्राम रामपुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, आयवृद्धि, आजीविका और जीवनस्तर में आए सुधारों की जानकारी लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तभी सुशासन की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने साधना महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी मती जागेश्वरी प्रजापति से उनके समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आलू चिप्स के व्यवसाय की जानकारी ली। मती जागेश्वरी ने बताया कि समूह अब तक आलू चिप्स की बिक्री से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुका है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज मुस्कान के साथ कहा, “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” मुख्यमंत्री की इस आत्मीय टिप्पणी से शिविर स्थल पर हर्ष और आत्मीयता का वातावरण बन गया। 

मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्हें अपने उत्पादों का विस्तार करने, बेहतर पैकेजिंग और बाज़ार से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से “लखपति दीदी योजना” की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं तथा सरकार का लक्ष्य 10 लाख लखपति दीदियां तैयार करना है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार, समाज और राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही  प्राण साय प्रजापति से भी आत्मीय चर्चा की। हितग्राही ने बताया कि योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर गरीब परिवार को सम्मानपूर्वक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

सुशासन तिहार की सार्थकता उस समय और स्पष्ट दिखी जब ग्राम चंद्रपुर निवासी मती प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की तथा कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के एक लाभार्थी से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे प्राप्त राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने उनकी पहल की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि सिंचाई लागत कम हो, खेती अधिक लाभकारी बने और किसानों को बिजली खर्च से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित खेती ही किसानों की आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के अनुभव सुनने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचकर उसके जीवन में बदलाव लाए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकाधिक लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर, समृद्ध तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

कोण्डागांव में भव्य रूप में मनाया जाएगा तेलीन सत्ती माता महोत्सव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव की घोषणा

रायपुर.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव कोण्डागांव जिले के केशकाल में साहू संघ बस्तर संभाग द्वारा आयोजित प्रथम तेलीन सत्ती माता महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और भोजराज, विधायक नीलकंठ टेकाम और आशाराम नेताम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज के प्रमुखजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने तेलीन सत्ती माता को नमन करते हुए महोत्सव के प्रथम आयोजन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केशकाल घाटी से गुजरने वाले यात्री तेलीन सत्ती माता का आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा प्रारंभ करते हैं, जिससे उनकी यात्रा सफल और मंगलमय होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित होगा तथा सभी के सहयोग से इसका गौरव लगातार बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के गौरव हैं और उनके नेतृत्व में गांव, गरीब एवं किसानों के कल्याण के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि साहू समाज अन्य समाजों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ महतारी के गौरव को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। यहां मां दंतेश्वरी की आराधना के लिए देशभर से लोग एकत्रित होते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग को विकसित संभाग बनाने का संकल्प लिया है, जिसमें जनसहयोग आवश्यक है।

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने समाज को विभाजित करने वाली ताकतों से सतर्क रहने और सभी समाजों को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने भी महोत्सव के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, ताम्रध्वज साहू, कमलचंद भंजदेव, पूर्व सांसद दीपक बैज, साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू और महोत्सव समिति के संयोजक राजेश मायाराम साहू सहित साहू समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के 86वें सम्मेलन में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी, 45 करोड़ की परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

नवा रायपुर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन बुधवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंडल मुख्यालय में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने की। बैठक में प्रदेशभर में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।

सम्मेलन में लगभग 45 करोड़ रुपये की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि रायपुर जिले के तिल्दा स्थित दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका में व्यवसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत 76 आवासीय एवं व्यावसायिक भवन बनाए जाएंगे, जिसकी अनुमानित लागत 10.37 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

इसी प्रकार स्ववित्तीय अटल विहार योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के गिनाबहार क्षेत्र में 97 आवासीय भवनों के निर्माण एवं 7 एकड़ भूमि विकास कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 6 एमआईजी, 64 एलआईजी और 27 ईडब्ल्यूएस भवन शामिल हैं। इस परियोजना की अनुमानित लागत 17.51 करोड़ रुपये बताई गई है।

वहीं, मुंगेली जिले के सारधा (लोरमी) क्षेत्र में स्ववित्तीय योजना के तहत 200 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण और 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य को भी मंजूरी मिली। इस परियोजना पर लगभग 16.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सम्मेलन में निर्माण कार्यों में जीएसटी भुगतान प्रणाली और रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र की वर्तमान व्यवस्था में एकरूपता लाने के लिए समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण संबंधी पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग की 25 फरवरी 2026 की अधिसूचना के अनुरूप लागू रखने का निर्णय भी लिया गया।

मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरूप पुनरीक्षित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन और रख-रखाव के लिए पीपीपी मोड पर एजेंसी नियुक्त करने हेतु निविदा प्रपत्र एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

सम्मेलन में यह जानकारी भी दी गई कि मंडल द्वारा वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में करीब 317 करोड़ रुपये मूल्य की 1647 संपत्तियों का विक्रय किया गया है।

बैठक में मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण, आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि निखिल अग्रवाल तथा हुडको के प्रतिनिधि हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

धमतरी में दर्दनाक सड़क हादसा, पिकअप के नीचे आने से बाइक सवार की मौत, VIDEO सामने आया

धमतरी.

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक बाइक सवार युवक तेज रफ्तार पिकअप के नीचे आ गया। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। यह घटना मगरलोड थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान यशवंत निषाद के रूप में हुई है, जो कि अमलीडीह का रहने वाला था। गुरुवार सुबह 11 बजे वो मगरलोड थाना क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी अचानक बाइक से गिर गया और पिकअप ने उसे कुचल दिया। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना का सीसीटीवी आया सामने
घटना का सीसीटीवी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह से युवक हादसे का शिकार हुआ। वीडियो में दिख रहा है कि युवक अचानक चलती बाइक के साथ गिर गया और बाजू से गुजर रहे पिकअप ने उसके सिर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है। 

कवर्धा में दर्दनाक सड़क हादसा, चुनावी ड्यूटी से लौट रहे पुलिस आरक्षक की मौत

कवर्धा.

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे में घायल पुलिस आरक्षक रुपेश राजपूत की आज इलाज के दौरान मौत हो गई, एक पुलिसकर्मी समेत दो लोगों का इलाज जारी है। यह घटना लोहारा थाना क्षेत्र की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरक्षक रुपेश राजपूत डीएसबी शाखा में पदस्थ थे।

सोमवार को अपने एक साथी आरक्षक रेखूराम धुर्वे के साथ लोहारा नगर पंचायत उपचुनाव से जुड़ी जानकारी एकत्रित करने ड्यूटी पर गए थे। ड्यूटी पूरी कर दोनों बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान लोहारा नगर पंचायत की सीमा में सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

दो पुलिसकर्मी समेत तीन घायल
हादसा इतना भीषण था कि दोनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरी बाइक सवार युवक भी घायल हुआ। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की मदद से तीनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल आरक्षक रुपेश राजपूत को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया था।

इलाज के दौरान आरक्षक की मौत
रायपुर के एक निजी अस्पताल तीन दिन जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़के के बाद आखिर में आरक्षक रुपेश राजपूत ने दम तोड़ दिया। हादसे में घायल अन्य दो लोगों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।

थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने क्या कहा ?
लोहारा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि दो दिन पूर्व दो बाइकों की भिड़ंत में दो पुलिसकर्मियों समेत तीन लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल पुलिस जवान रुपेश राजपूत की आज इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

जनपद CEO के ट्रांसफर पर बवाल, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष समेत सदस्यों ने खोला मोर्चा

कोरबा/पोंडी उपरोड़ा.

कोरबा जिले के जनपद पंचायत पोंडी उपरोड़ा में प्रशासनिक फेरबदल के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कोरबा द्वारा जारी एक ताजा आदेश के तहत पोंडी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जय प्रकाश डड़सेना को अचानक जिला पंचायत कोरबा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।

वहीं, उनके स्थान पर भूपेन्द्र कुमार सोनवानी को आगामी आदेश तक पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत का संपूर्ण प्रभार सौंपा गया है। ​इस अचानक हुए ट्रांसफर आदेश के बाद पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और समस्त जनपद सदस्यों ने इस प्रशासनिक फैसले पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है और वर्तमान में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ (सुशासन सप्ताह) का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है।

​”अच्छे अधिकारी को हटाकर विकास कार्य बाधित करने की कोशिश”
​जनपद उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कहना है कि वर्तमान सीईओ जय प्रकाश डड़सेना एक बेहद ईमानदार, मिलनसार और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को अच्छी तरह समझने वाले अधिकारी हैं। उनके कार्यकाल में जनपद के विकास कार्यों को गति मिल रही थी और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगी हुई थी। ‘सुशासन तिहार’ के बीच में ही ऐसे कर्मठ अधिकारी को कोरबा अटैच करना सीधे तौर पर पोंडी उपरोड़ा के विकास कार्यों को बाधित करने जैसा है।

जनपद उपाध्यक्ष का बयान
“पूरे छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार चल रहा है, जिसके तहत मौके पर ही लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। आगामी 5 जून तक यह अभियान चलना है, लेकिन इसी बीच अचानक हमारे मुख्य कार्यपालन अधिकारी को कोरबा अटैच कर दिया गया। उन्हें क्षेत्र के चप्पे-चप्पे की और विकास कार्यों की पूरी जानकारी है। हम इस तरह के अटैचमेंट का पुरजोर विरोध करते हैं।”

​तालाबंदी और उग्र आंदोलन की चेतावनी
​जनपद जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश को वापस नहीं लिया गया और पुराने सीईओ की वापसी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
 

जनपद अध्यक्ष (महिला प्रतिनिधि) का बयान
“आज हमारे पोंडी उपरोड़ा में सुशासन तिहार का आयोजन होना था, लेकिन हम सभी जनपद सदस्य इस अटैचमेंट के विरोध में इसका बहिष्कार कर रहे हैं। हमारे सीईओ साहब बहुत अच्छे हैं, उनका जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल है। अगर हमारे सीईओ साहब को वापस यहां नहीं लाया गया, तो हम जनपद पंचायत कार्यालय में तालाबंदी करेंगे और आगे कोई भी काम नहीं होने देंगे।”

​शांतिपूर्ण ढंग से रखेंगे अपनी बात
​जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे इस विषय को लेकर सबसे पहले जिले के प्रभारी मंत्री, स्थानीय मंत्रियों और कलेक्टर महोदय के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखेंगे। यदि शासन-प्रशासन स्तर पर उनकी जायज मांग को स्वीकार नहीं किया जाता है, तो जनपद क्षेत्र के विकास को बचाने के लिए वे जनपद कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान, सरकार पहुंच रही लोगों के द्वार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान, सरकार पहुंच रही लोगों के द्वार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रामानुजनगर-पटना समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं: रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में आमजन से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान है, जिसके माध्यम से शासन और प्रशासन स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँचकर उनकी शिकायतों, समस्याओं और आवश्यकताओं का निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  सरकार का दायित्व है कि वह लोगों के बीच जाकर जमीनी वास्तविकताओं को समझे और यह सुनिश्चित करे कि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुँच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत यह उनका 11वाँ जिला प्रवास है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और ग्राम पंचायत स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ग्रामीण भाई-बहन नंगे पैर जंगलों में तेंदूपत्ता संग्रहण करने जाते थे, जिससे उन्हें चोट लगने का खतरा रहता था, लेकिन चरण पादुका योजना के माध्यम से अब उन्हें राहत और सुरक्षा मिल रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया है, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि मिलने की जानकारी भी ली और बताया कि लगभग 70 लाख महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएँ घर बैठे उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जहाँ नागरिक टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगे और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली बिल समाधान शिविर 31 जून तक आयोजित किए जाएंगे तथा लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह भी किया। धान बुवाई के मौसम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद, बीज, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को समय पर संसाधन मिल सकें।

मुख्यमंत्री साय ने जिले के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम निर्माण, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा नगर पालिका सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है और विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री किसान रघुनंदन सिंह के निवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने हितग्राहियों के साथ सरई पत्ते से बने दोने-पत्तल में परोसे गए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोजन का आत्मीयता से स्वाद लिया। मिट्टी के चूल्हे पर बनी कोयलार भाजी, कोचई पत्ते से बना ईढ़र और आम की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ मिट्टी के गिलास में जल ग्रहण कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन से अपने गहरे जुड़ाव का संदेश दिया।

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

अब जिले में ही होगी गंभीर बीमारियों की जांच, लगभग 9 लाख लोगों सहित आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।
अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

सुकमा पंचायत उपचुनाव में बढ़ा सियासी तापमान, सरपंच के तीन पदों पर कड़ा मुकाबला

सुकमा.

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ सुकमा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप-चुनाव की औपचारिक शुरुआत हो गई है। ग्रामीण राजनीति के इस अहम पड़ाव में अब चुनावी हलचल तेज हो चुकी है और पंचायत स्तर पर नई राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं।

जिले में नगरीय निकायों में कोई पद रिक्त नहीं होने के कारण प्रशासन और राजनीतिक गतिविधियों का पूरा फोकस ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों पर केंद्रित हो गया है। इस उप-चुनाव में जिले की तीन ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए सीधा मुकाबला होगा। इनमें सुकमा जनपद पंचायत का गोलाबेकूर, छिंदगढ़ जनपद पंचायत का रोकेल और कोंटा जनपद पंचायत का सिलगेर शामिल हैं। इसके अलावा जिले में कुल 21 पंच पदों के लिए भी मतदान कराया जाएगा। इन सीटों पर चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और संभावित उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों के साथ मतदाताओं तक पहुंचना शुरू कर चुके हैं।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शबाब खान के अनुसार चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित की जा रही है। चुनाव अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है और नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सबसे अहम चरण उम्मीदवारों की अंतिम सूची और चुनाव प्रचार का माना जा रहा है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 21 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि और उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी। इसके बाद चुनावी मुकाबला पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा। 1 जून को मतदान होगा और 4 जून को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का नहीं बल्कि गांवों के विकास, नेतृत्व और भविष्य की प्राथमिकताओं को तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल –
1. जिन पंचायतों में उप-चुनाव हो रहे हैं, वहां पूर्व में पद रिक्त होने के वास्तविक कारण क्या रहे और क्या उन कारणों पर कोई सार्वजनिक समीक्षा की गई?
2. क्या प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कोई अलग रणनीति तैयार की है, खासकर दूरस्थ इलाकों में?
3. पंचायत चुनाव को स्थानीय विकास का आधार बताया जा रहा है, लेकिन क्या निर्वाचित प्रतिनिधियों के कामकाज की बाद में जवाबदेही तय करने के लिए कोई सार्वजनिक मूल्यांकन तंत्र मौजूद है?

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