राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की संजीवनी बना डायल 1033, संकट में तुरंत मिल रही मदद

रायपुर

राष्ट्रीय राजमार्ग पर संजीवनी बना डायल 1033

कल्पना कीजिए, आप एक खूबसूरत सफर पर हैं। खुली सड़क, रफ्तार पकड़ती गाड़ी और सुहाना मौसम—सब कुछ शानदार चल रहा है। लेकिन अचानक अगले ही मोड़ पर कोई हादसा हो जाए, तो पलभर में खुशियां मातम में बदल सकती हैं। ऐसे सुनसान हाईवे पर, जहां दूर-दूर तक कोई मदद नजर नहीं आती, वहां मोबाइल स्क्रीन पर चमकता एक नंबर उम्मीद की सबसे बड़ी किरण बनकर सामने आता है—1033। आज राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह नंबर लाखों यात्रियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।

संकट की घड़ी में फरिश्ता बनती है एक कॉल

हाइवे दुर्घटना के बाद का पहला घंटा चिकित्सा विज्ञान में “गोल्डन ऑवर” कहलाता है। इस दौरान घायल को सही इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। डायल 1033 इसी गोल्डन ऑवर का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है।

जैसे ही कोई व्यक्ति 1033 पर कॉल करता है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय हो जाता है। जीपीएस तकनीक के जरिए हादसे की लोकेशन ट्रेस की जाती है और कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन और जरूरत पड़ने पर क्रेन मौके पर पहुंच जाती है। घायलों को नजदीकी ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने के साथ-साथ रास्ता भी साफ कराया जाता है।

“7 से 10 मिनट में पहुंच गई एम्बुलेंस”

रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसे का शिकार हुए श्री नितिन वर्मा बताते हैं,
“दोपहर करीब 2 बजे मेरी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर था और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कहां हूं। मैंने 1033 पर कॉल किया और महज 7 से 10 मिनट में एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। मेरे लिए वह नंबर किसी संजीवनी से कम नहीं था।”

सिर्फ एक्सीडेंट नहीं, हर परेशानी का साथी है 1033

अक्सर लोग समझते हैं कि 1033 सिर्फ सड़क हादसों में मदद करता है, जबकि यह हाइवे पर हर तरह की परेशानी में आपका भरोसेमंद साथी है।

अगर रात में गाड़ी पंचर हो जाए, इंजन खराब हो जाए, सड़क पर पेड़ या मलबा गिर जाए, मवेशी आ जाएं, किसी सहयात्री की तबीयत बिगड़ जाए, टोल या फास्टैग संबंधी समस्या हो या हाइवे पर असुरक्षा महसूस हो—हर स्थिति में 1033 मदद के लिए उपलब्ध है।

रात के सन्नाटे में 1033 बना सहारा

ट्रक ड्राइवर श्री गुरदीप सिंह बताते हैं,
“रात करीब 9:45 बजे रायपुर से बिलासपुर जाते समय ट्रक का टायर फट गया। सुनसान हाईवे पर भारी वाहन के साथ फंस जाना बहुत मुश्किल स्थिति थी। मैंने 1033 पर कॉल किया। कुछ ही देर में हाईवे पेट्रोलिंग टीम पहुंच गई। उन्होंने तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई और पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा भी सुनिश्चित की।”

जब जाम हो गया चक्का, पेट्रोलिंग टीम ने बढ़ाया हाथ

बिलासपुर-नागपुर रूट पर सफर कर रहे श्री एस.पी. चौबे ने बताया कि उनकी कार पंचर होने के बाद स्टेपनी बदलने के दौरान पहिया जाम हो गया था। काफी कोशिशों के बावजूद चक्का नहीं खुल रहा था। तभी वहां से गुजर रही 1033 की रूट पेट्रोलिंग टीम रुकी और अपने हैवी टूल्स की मदद से चक्का खोलकर टायर बदला। टीम की तत्परता और मदद ने यात्रियों का दिल जीत लिया।

मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

बिलासपुर से महासमुंद जा रहे एक भारी ट्रेलर का ब्रेक अचानक जाम हो गया। बीच हाइवे पर इतने बड़े वाहन का रुकना बड़ा खतरा बन सकता था। सूचना मिलते ही 1033 टीम मौके पर पहुंची और ट्रेलर के पीछे से आने वाले वाहनों को सतर्क करने के लिए सेफ्टी कोन और चेवरॉन बोर्ड लगाए। टीम की मुस्तैदी से न केवल ट्रैफिक व्यवस्थित रहा, बल्कि एक बड़ा हादसा भी टल गया।

24 घंटे उपलब्ध, हर भाषा में मदद

1033 की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता और उपलब्धता है। यह सेवा 24×7 सक्रिय रहती है। हिंदी, अंग्रेजी समेत कई स्थानीय भाषाओं में सहायता उपलब्ध है। सबसे अहम बात यह कि यह टोल-फ्री सेवा है, इसलिए मोबाइल में बैलेंस न होने पर भी कॉल किया जा सकता है।

आज जब देश के हाईवे आधुनिक और हाई-स्पीड हो रहे हैं, तब सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। ऐसे में हर यात्री को अपने मोबाइल में 1033 जरूर सेव रखना चाहिए। क्योंकि मुश्किल की घड़ी में यही चार अंक जिंदगी की रफ्तार को थमने नहीं देते।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अपने हाथों से पहनाया नजर का चश्मा

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अपने हाथों से पहनाया नजर का चश्मा

सुशासन तिहार शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का किया निरीक्षण

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।

स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय श्री गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय श्रीमती अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी एवं जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

दंतेवाड़ा में एनएमडीसी के समर कैंप को मिल रहा शानदार प्रतिसाद

दंतेवाड़ा

दंतेवाड़ा जिले के जिन गांवों में एनएमडीसी द्वारा समर कैंप शुरू किए गए हैं, वहां बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय हितधारकों की ओर से बेहद उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इन कैंपों के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों, खेल, शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक माहौल बन रहा है।

समर कैंप के प्रति बढ़ती रुचि के चलते सामुदायिक भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। स्थानीय लोग भी बच्चों के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए इस पहल में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। कैंपों में बच्चों की बढ़ती उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह पहल ग्रामीण समाज में नई ऊर्जा और उत्साह भर रही है।

एनएमडीसी ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में इस पहल का और अधिक विस्तार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा गांवों के बच्चे इसका लाभ उठा सकें। संस्था ने एनएमडीसी परिवारों और समुदाय के सदस्यों से अपील की है कि वे दंतेवाड़ा के बच्चों के लिए इस गर्मी को और अधिक आनंददायक, रचनात्मक और यादगार बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मविश्वास और बच्चों के भविष्य का सहारा

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मविश्वास और बच्चों के भविष्य का सहारा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के समाधान शिविर में हुए शामिल

बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में हितग्राहियों से की आत्मीय बातचीत

सुशासन तिहार के समाधान शिविर में महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव

रायपुर
राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके परिवार और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक सिद्ध हो रही है।

सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना की हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने।

हितग्राही श्रीमती रुखमनी पाल ने बताया कि उनके पति दिलेश्वर पाल मजदूरी कार्य करते हैं और परिवार की आय सीमित है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त होने वाली राशि को वे अपनी दो बेटियों के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें आर्थिक संबल दिया है तथा बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

इसी तरह योजना की एक अन्य हितग्राही श्रीमती धनमता पाल ने भी बताया कि उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उनके पति होरीलाल पाल मजदूरी का कार्य करते हैं। धनमता पाल ने बताया कि वे इस राशि को अपने दो बच्चों के नाम पर जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में उनकी शिक्षा और जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि ने परिवार को राहत दी है। बच्चों के भविष्य को लेकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बचत की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।

हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।

सेंट जेवियर्स स्कूल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, यूनिफार्म बेचने वाली दुकान सील

बिलासपुर
छत्तीसगढ़ शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निजी स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। अभिभावकों पर तय दुकान से यूनिफार्म और किताबें खरीदने का दबाव बनाने के मामले में प्रशासन ने व्यापार विहार स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के सामने संचालित दुकान को सील कर दिया।

मामले की शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद डीईओ स्वयं जांच दल के साथ स्कूल पहुंचे और औचक निरीक्षण किया। जांच टीम में प्राचार्य चंद्रभान सिंह ठाकुर और एपीसी रोहित भांगे भी शामिल रहे।

जांच के दौरान स्कूल के ठीक सामने संचालित “साई इंटरप्राइजेज” नामक दुकान में स्कूल यूनिफार्म और किताबों की बिक्री होती मिली। सबसे अहम बात यह रही कि सामान पर स्कूल का आधिकारिक टैग लगा हुआ था। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने तत्काल दुकान को सील कर दिया।

स्कूल संरक्षण में दुकान चलने की आशंका जांच के दौरान दुकान संचालक को बुलाया गया तो उसने बताया कि दुकान पहले ही स्कूल से जुड़ी “दिव्या मैडम” को बेच दी गई थी। दस्तावेजों की पड़ताल में यह बयान सही पाया गया। इसके बाद जांच टीम ने आशंका जताई कि अतिरिक्त कमाई के उद्देश्य से स्कूल प्रबंधन के संरक्षण में ही दुकान संचालित की जा रही थी।

डीईओ ने दी कड़ी चेतावनी
जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने स्पष्ट कहा कि किसी भी निजी स्कूल को अभिभावकों पर विशेष दुकान से किताब या यूनिफार्म खरीदने का दबाव बनाने का अधिकार नहीं है। शासन के नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
फिलहाल शिक्षा विभाग की टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री ने किया वन विभाग स्टॉल का अवलोकन, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 33.40 लाख रुपये का भुगतान शुरू

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
मुख्यमंत्री के एमसीबी जिले के प्रवास के दौरान पोंडी स्थित तानसेन भवन परिसर में वन विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में महत्वपूर्ण पहल करते हुए चार प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के संग्राहकों को कुल 33 लाख 40 हजार 40 रुपये की राशि का प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर भुगतान प्रक्रिया का शुभारंभ किया।

वन विभाग के स्टॉल में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली 67 प्रकार की लघु वनोपजों की जानकारी एवं प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा वनौषधीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संजीवनी केंद्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ हर्बल उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम के दौरान हर्बल उत्पादों की 4 हजार 120 रुपये की बिक्री दर्ज की गई।

मुख्यमंत्री ने स्टॉल में प्रदर्शित विभिन्न वन उत्पादों एवं जनजातीय आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभागीय प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), वन मंडलाधिकारी मनेंद्रगढ़ सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र सेवा में निभाएं अग्रणी भूमिका: किरण सिंह देव

जगदलपुर
 भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने कार्यकर्त्ताओं को लगातार प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अन्तर्गत गुरुवार को ग्राम आसना में भाजपा के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का आरंभ किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप प्रशिक्षण वर्ग में विशेष रुप से शामिल हुए और उन्होंने विभिन्न विषयों पर संबोधन भी दिया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रशिक्षण वर्ग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भाजपा की पहचान उनके कर्मठ व समर्पित कार्यकर्ता हैं। राष्ट्रसेवा व जनसेवा में भाजपा कार्यकर्ता सदैव अग्रणी भूमिका निभाएं, इस हेतु कार्यकर्ताओं को निपुण, प्रवीण और प्रखर बनाने प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है, जो कि संगठन का नियमित कार्यक्रम है। देव ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा की रीति नीति, सिद्धांत, कार्य पद्धति से कार्यकर्ता पूर्णतः परिचित व प्रशिक्षित होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से कार्य करता है, संगठन को सशक्त रुप देने सदैव समर्पित भाव रखता है। 

केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने अपनी सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, अंतिम पंक्ति के गरीब परिवार कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सके, इस भावना को साकार रुप देने भाजपा के कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंच कर कार्य करें। राष्ट्र सर्वप्रथम है और जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशिक्षण वर्ग को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने हमारा सैद्धांतिक अधिष्ठान विषय पर व प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन ने भाजपा की कार्यपद्धति विषय पर विस्तार से अपना उद्बोधन दिया। 

मीडिया प्रबंधन विषय पर भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही ने, हमारा इतिहास व विकास विषय पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत व धरोहर विषय पर कमलचंद्र भंजदेव ने, सोशल मीडिया के उपयोग पर दिनेश सुंदरानी ने संबोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही व परिस बेसरा ने किया।प्रशिक्षण वर्ग में प्रमुख रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, विधायक विनायक गोयल, डॉ. सुभाऊ कश्यप, बैदूराम कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, सुधीर पाण्डेय, महापौर संजय पाण्डेय, रामाश्रय सिंह, खेमसिंह देवांगन, बलदेव मंडावी, आर्येंद्र सिंह आर्य, नरसिंह राव, ललिता बघेल, सफीरा साहू, रामकुमारी यादव, फूलसिंह सेठिया,किरण सेन, खीतेश मौर्य, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, संतोष बघेल, माहेश्वरी ठाकुर, योगेश सिंह ठाकुर, अभिलाष यादव, विनय सोना, अजीज खान आदि सहित भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रायपुर आबकारी कार्यालय में वर्षों से जमे अधिकारियों पर चर्चा तेज, तबादला नीति पर घिरा विभाग

रायपुर
छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक रायपुर आबकारी कार्यालय में पदस्थ एडीओ जेबा खान और एडीओ हरिशंकर पैकरा लगभग तीन वर्षों से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। इसे लेकर विभागीय गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जानकारों का कहना है कि शासन समय-समय पर तबादला नीति लागू करता है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी अधिकारी का लंबे समय तक एक ही स्थान पर प्रभाव न बढ़े। हालांकि आबकारी विभाग में कुछ अधिकारियों पर यह नीति प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है।

सूत्रों के अनुसार विभाग में यह चर्चा भी है कि संबंधित अधिकारी खुद को काफी प्रभावशाली बताते हैं और दावा करते हैं कि सरकार किसी की भी आए या जाए, उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय चर्चाओं में यह मुद्दा लगातार बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों का प्रभाव पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान भी काफी मजबूत माना जाता था।

लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को लेकर विभागीय कर्मचारियों और आम लोगों के बीच भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तबादला नीति का पालन कब होगा। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण आवश्यक होता है।

इस मामले में आबकारी कमिश्नर एल्मा और एडिशनल कमिश्नर साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं संबंधित अधिकारियों ने भी कॉल रिसीव नहीं किया। अब देखना होगा कि शासन और वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या लंबे समय से जमे अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

सुशासन तिहार 2026: 23 मई को बड़ाकरौंजा में जनसमस्या निवारण शिविर

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत ग्राम बड़ाकरौंजा में 23 मई 2026 को शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इस शिविर में बड़ाकरौंजा, नीमगांव, रातामाटी, पैकू, पीड़ी, बघिमा, गलौण्डा, टेकूल, तुरीलोदाम, झरगांव, गिरांग, घोलेंग, देवीडड़गांव, जशपुर एवं जुरगुम सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
सुशासन तिहार के तहत नागरिकों से लिखित आवेदन प्राप्त कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा शिविरों को शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कलेक्टर रोहित व्यास ने शिविर के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर शासन की योजनाओं का लाभ उठाने और अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है।

सागौन खेती से किसान को 9.69 लाख का लाभ, मंत्री केदार कश्यप ने सौंपा चेक

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए एग्रोफॉरेस्ट्री (कृषि-वानिकी) एवं निजी भूमि पर वृक्षारोपण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार की इसी दूरगामी पहल का एक बेहद सफल और प्रेरणादायी परिणाम बालोद जिले के किसान अनिल जाजू की सफलता के रूप में सामने आया है।

नवा रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ग्राम पलारी (तहसील गुरूर) निवासी कृषक अनिल जाजू को उनकी निजी भूमि पर तैयार किए गए सागौन वृक्षों के एवज में 9.69 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया। 

एग्रोफॉरेस्ट्री और जनभागीदारी से हरित छत्तीसगढ़ का संकल्प
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के जोखिमों से उबारने के लिए वृक्ष आधारित कृषि प्रणाली अपनाने हेतु प्रेरित कर रही है।  उन्होंने कहा कि एग्रोफॉरेस्ट्री किसानों के लिए दीर्घकालिक आय का मजबूत माध्यम बन रही है। साथ ही एक पेड़ माँ के नाम अभियान के जरिए जनभागीदारी से हरित छत्तीसगढ़ निर्माण को भी गति मिल रही है।

‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान
वन मंत्री ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से अब जनभागीदारी से पूरे प्रदेश को हरा-भरा बनाने की मुहिम को एक नई और अभूतपूर्व गति मिल रही है। 24 वर्षों की मेहनत का  फल मीठा मिला, किसान अनिल जाजू की यह सफलता अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन केस-स्टडी है। वर्ष 2001 में अपनी 3.35 हेक्टेयर निजी भूमि पर सागौन के पौधे लगाए थे। लगभग 24 वर्षों तक देखरेख और संरक्षण के बाद वर्ष 2025 में उन्होंने वृक्ष कटाई नियम 2022 के तहत अनुमति लेकर सागौन वृक्षों की कटाई कराई। वन विभाग की देखरेख में कुल 173 सागौन वृक्षों की कटाई की गई, जिससे 949 नग लकड़ी प्राप्त हुई। इसका कुल आयतन 33.24 घनमीटर दर्ज किया गया। वन विभाग द्वारा निर्धारित दर पर लकड़ी का क्रय किया गया और इसके बदले लगभग 9.69 लाख रूपए की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कराई गई।

’पर्यावरण और आर्थिक समृद्धि का अनूठा संगम’
जाजू की यह शानदार सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से वृक्षारोपण किया जाए, तो यह किसानों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह काम करता है। इससे न केवल किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते हैं, बल्कि प्रदेश के हरित आवरण में भारी वृद्धि होती है। जलवायु परिवर्तन के खतरों से लड़ने में मदद मिलती है। स्थानीय स्तर पर जैव विविधता का संरक्षण होता है। किसानों को वन विभाग का निरंतर सहयोग मिलता है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण करने वाले इच्छुक किसानों को पौधों के चयन से लेकर तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशासनिक प्रोत्साहन और आवश्यक सहायता लगातार मुहैया कराई जा रही है। शासन का मुख्य ध्येय यही है कि अधिक से अधिक किसान एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल को अपनाएं और अपनी बंजर या खाली जमीनों को मुनाफे के जंगल में बदल सकें।

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