सूरजपुर सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार के लिए 3.15 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

सूरजपुर सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार के लिए 3.15 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

मरम्मत के बाद 82 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बहाल होगी

रायपुर
 राज्य शासन ने सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी स्थित सूपाझरिया जलाशय योजना के मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 15 लाख 95 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इस नहर जीर्णाेद्धार कार्य से ओड़गी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

82 हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य  

        सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इससे क्षेत्र के किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी।

शर्तों के साथ कार्य के निर्देश  

         शासन ने कार्य को स्वीकृत राशि और निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कार्य शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी से ड्रॉइंग-डिजाइन का अनुमोदन और तकनीकी स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा जारी की जाएगी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भू-अर्जन स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाए और किसी अन्य मद की बचत राशि का उपयोग बिना पूर्व स्वीकृति के न हो। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है, तो निर्माण शासकीय भूमि पर ही कराया जाए। निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ने की ‘पीएम-जनमन’ योजना समीक्षा

रायपुर, 
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका आज लोक भवन में ‘पीएम-जनमन’ (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान) योजना की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हैं।

नौतपा की शुरुआत में ही तपता छत्तीसगढ़, 5 शहरों में तापमान 45 डिग्री के पार

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में नौतपा के पहले दिन भीषण गर्मी पड़ी. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, मुंगेली, राजनांदगांव समेत 10 शहर में लू के थपेड़ों ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया.10 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया. सबसे ज्यादा गर्मी राजनांदगांव में 46.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

वहीं इस बार की गर्मी में रायपुर में पहली बार दिन में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. आज भी राजधानी में इसी के करीब पारा पहुंचने की संभावना है. हालांकि बंगाल की खाड़ी से नमी की एंट्री होने से मौसम में बदलाव हो सकता है. मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटों में प्रदेश में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया. अगले 3 दिनों बाद छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट होने की संभावना है. सोमवार को सक्ती में अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री, बेमेतरा में 44.8 डिग्री, जांजगीर-चांपा में 44.4 डिग्री, कबीरधाम में 44.4 डिग्री, गरियाबंद में 43.6 डिग्री, महासमुंद में 43.4 डिग्री, कोरबा में 43.2 डिग्री, सरगुजा में 42.8 डिग्री, रायगढ़ में 42.8 डिग्री, बलरामपुर रामानुजगंज में 41.7 डिग्री, जशपुर में 41.5 डिग्री और सूरजपुर में 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

इन इलाकों में तापमान 45 से ऊपर
राजनांदगांव – 46.5 डिग्री
माना (रायपुर) – 45.7 डिग्री
मुंगेली – 45.4 डिग्री
दुर्ग – 45.2 डिग्री
रायपुर – 45.1 डिग्री
बिलासपुर – 45.1 डिग्री

कुछ इलाकों में हल्की वर्षा और गरज-चमक के आसार
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण बिहार और उसके आसपास स्थित है. एक द्रोणिका दक्षिण बिहार से उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. बंगाल की खाड़ी से नमी का आगमन प्रारंभ हो रहा है. प्रदेश में 26 मई को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान में कोई मुख्य बदलाव नहीं होगी. हालांकि अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट संभावित है.

कई जिलों में अलर्ट
प्रदेश बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडाई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर और जिलों में एक दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना है. इन इलाकों में अगले 48 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
राजधानी रायपुर में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

दिल्ली दौरे से लौटते ही एक्शन में CM साय, आज शाम 6 बजे कैबिनेट बैठक

रायपुर.

दिल्ली दौरे से आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वापस लौटेंगे. दोपहर करीब 1 बजे छत्तीसगढ़ सदन, दिल्ली से एयरपोर्ट रवाना होंगे. करीब शाम 4:15 बजे रायपुर पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4:30 बजे नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास जाएंगे.

साय कैबिनेट की बैठक आज
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक बुलाई गई है. मंत्रालय में यह बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी. मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से लौटते ही अचानक बुलाई गई इस बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. हालांकि सरकार की ओर से बैठक का अधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में चल रहे सुशासन तिहार अभियान के तहत जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न जनहित योजनाओं की समीक्षा की जाएगी. इसके अलावा आम लोगों को राहत देने वाले कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है.

योगी सरकार नार्थ-साउथ कॉरिडोर से सड़क कनेक्टिविटी को देगी नई रफ्तार

स्पेशल 

योगी सरकार नार्थ-साउथ कॉरिडोर से सड़क कनेक्टिविटी को देगी नई रफ्तार

– नेपाल बॉर्डर से बुंदेलखंड तक मजबूत होगा सड़क नेटवर्क, नए कॉरिडोर से व्यापार, पर्यटन और कृषि क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ 

– योगी सरकार की बड़ी पहल, दक्षिण भारत की ओर तक बनेगा हाई स्पीड संपर्क मार्ग

– पूर्वांचल, बुंदेलखंड और तराई क्षेत्रों के बीच आसान आवागमन का बनेगा नया नेटवर्क 

लखनऊ
योगी सरकार प्रदेश में सड़क और कनेक्टिविटी नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी के तहत योगी सरकार एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और क्षेत्रीय संपर्क मार्गों के विस्तार के साथ अब प्रदेश में “नार्थ-साउथ कॉरिडोर” की महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने जा रही है। इसका उद्देश्य नेपाल बॉर्डर से लेकर दक्षिण भारत की ओर तक बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करना है, जिससे प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।

उत्तर से दक्षिण दिशा में मजबूत सड़क संपर्क किया जाएगा विकसित 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “नार्थ-साउथ कॉरिडोर” योजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन कॉरिडोर के विकसित होने से प्रदेश के औद्योगिक, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। नेपाल सीमा से जुड़े जिलों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और किसानों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्तमान में प्रदेश में अधिकांश राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे पूर्व से पश्चिम दिशा में विकसित हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए अब उत्तर से दक्षिण दिशा में मजबूत सड़क संपर्क विकसित करने की रणनीति बनाई जा रही है। इसके तहत नेपाल बॉर्डर से जुड़े जिलों को प्रयागराज, चित्रकूट और बुंदेलखंड क्षेत्र के माध्यम से देश के अन्य राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जोड़ने की तैयारी है।

कुशीनगर-देवरिया-नोएडा-गाजीपुर-जमानिया मार्ग को किया जाएगा विकसित
“नार्थ-साउथ कॉरिडोर” योजना के तहत कई महत्वपूर्ण मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और नव निर्माण की कार्य योजना बनाई गयी है। वहीं चार प्रमुख नार्थ-साउथ कॉरिडोर चिह्नित किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 1531 किलोमीटर है। इनमें से 1232.60 किलोमीटर हिस्सा पहले से एक्सप्रेस-वे अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा हुआ है, जबकि शेष मार्गों को विकसित करने की योजना बनाई गयी है। पहले कॉरिडोर के रूप में कुशीनगर-देवरिया-नोएडा-गाजीपुर-जमानिया मार्ग को शामिल किया गया है, जिसकी कुल लंबाई 220 किलोमीटर है। इसमें 53.25 किलोमीटर लंबाई को स्वीकृति मिल चुकी है और लगभग 464 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं दूसरा महत्वपूर्ण कॉरिडोर पीपरी (इंडिया-नेपाल बॉर्डर) से बांसी, सिद्धार्थनगर होते हुए प्रयागराज तक प्रस्तावित है। इसकी कुल लंबाई 295 किलोमीटर है। इस परियोजना के तहत कई नए मार्ग प्रस्तावित हैं जिनसे पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क बेहतर होगा। 

मुरादाबाद, शाहजहांपुर, उरई और हमीरपुर को जोड़ने की बनाई परियोजना 
“नार्थ-साउथ कॉरिडोर” योजना के तहत तीसरे कॉरिडोर में लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ-नवाबगंज-बांदा मार्ग को शामिल किया गया है, जिसकी लंबाई 502 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त चौथे कॉरिडोर के रूप में मुरादाबाद, शाहजहांपुर, उरई और हमीरपुर को जोड़ने वाली 514 किलोमीटर लंबी परियोजना है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि प्रदेश की मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सबसे जरूरी आधार है। यही कारण है कि योगी सरकार एक्सप्रेस-वे, रिंग रोड, फ्लाईओवर, एयरपोर्ट और नई सड़क परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं पहले ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल रही हैं। अब नार्थ-साउथ कॉरिडोर के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ जिलों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं, कहा – जनसेवा के अनुभव समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं

रायपुर /नई दिल्ली
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुस्लिम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग तत्पर

मुस्लिम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग तत्पर

मदरसों में बच्चों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में मिली खामियां

डॉ. वर्णिका शर्मा के निरीक्षण में मदरसों की अव्यवस्था आई सामने

बाल संरक्षण मानकों में मिली कमियां, सुधार के दिए निर्देश

रायपुर
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में रायपुर स्थित दो मदरसों एवं यतीमखानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।  निरीक्षण के दौरान बैजनाथ पारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन एवं दारुल यतामा में बच्चों की दिनचर्या अत्यधिक लंबी एवं असंतुलित पाई गई। निरीक्षण में परिसर एवं रसोईघर में गंदगी, स्वच्छ पेयजल की कमी तथा अस्वच्छ भोजन व्यवस्था जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं मानसिक विकास के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मदरसों में बच्चों से सफाई एवं अन्य दैनिक कार्य कराए जा रहे हैं, जिसे बाल अधिकारों के विरुद्ध माना गया।

डॉ वर्णिका शर्मा ने संस्था प्रबंध को आदेशित किया है कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कार्य नहीं कराया जाए तथा बाल संरक्षण संबंधी सभी मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। इसके अलावा खेलकूद एवं मनोरंजन की समुचित व्यवस्था नहीं मिलने पर भी चिंता व्यक्त की। बाल आयोग ने संबंधित संस्थानों को तत्काल निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्यवाही भी की जाएगी।आयोग द्वारा संबंधित अधिकारियों को और  मदरसे को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित अवधि में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इबोला का बढ़ता खतरा! रायपुर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट, विदेश से आने वाले यात्रियों की जांच तेज

रायपुर 

 इबोला वायरस को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने बाहरी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की अनिवार्य जांच शुरू कर दी है. अभी तक भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें एहतियाती तौर पर पूरी तरह सतर्क हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर एयरपोर्ट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। 

रायपुर एयरपोर्ट पर सख्ती, यात्रियों की जांच अनिवार्य
इबोला संक्रमण की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है. इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की जा रही है, जो स्क्रीनिंग, निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था का समन्वय करेगा. संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों की तुरंत पहचान कर उन्हें आइसोलेशन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। 

देशभर में निगरानी तेज, केंद्र सरकार अलर्ट मोड में
इबोला के खतरे को लेकर केंद्र सरकार भी सतर्क है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है. देश के सभी एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमावर्ती क्षेत्रों पर स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है. एनसीडीसी, आईसीएमआर और अन्य एजेंसियों को ट्रैकिंग, टेस्टिंग और सर्विलांस के लिए लगातार तैयार रहने को कहा गया है। 

WHO के अलर्ट के बाद बढ़ी सतर्कता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में अफ्रीका के कांगो और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित किया है. इस प्रकोप के बाद दुनिया भर के देशों ने निगरानी बढ़ा दी है. भारत में भी इसी के चलते एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य किया गया है। 

SOP और एडवाइजरी जारी, राज्यों को निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इनमें स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन, इलाज, लैब जांच और संक्रमण रोकथाम से जुड़े प्रोटोकॉल शामिल हैं. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में बुखार या अन्य लक्षणों पर विशेष नजर रखने और तुरंत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

क्या है इबोला और कितनी है गंभीरता
इबोला एक खतरनाक वायरल रोग है, जिसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है. यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून और शारीरिक तरल पदार्थ के संपर्क से फैलता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में रक्तस्राव शामिल हैं. इस बीमारी का ऊष्मायन काल 2 से 21 दिनों तक हो सकता है। 

फिलहाल भारत सुरक्षित, लेकिन सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है. हालांकि वैश्विक यात्रा और संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. रायपुर समेत देशभर के एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई निगरानी और सख्ती इसी दिशा में उठाया गया एहतियाती कदम है, ताकि समय रहते किसी भी खतरे को टाला जा सके। 

मानसून 2026 की जल्द दस्तक! कल केरल पहुंच सकता है दक्षिण-पश्चिम मानसून, मौसम अनुकूल

रायपुर
 रायपुर मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक बीके चिंधालोरे ने बताया कि केरल में हर साल 1 या 2 जून को मानसून पहुंचता है लेकिन इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून 26 मई को ही केरल पहुंच जाएगा. केरल में मानसून के पहुंचते ही नमीयुक्त हवाएं भी आएंगी, जिससे नौतपा में भी लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। 

छत्तीसगढ़ में कब पहुंचेगा मानसून
केरल में मानसून पहुंचने के बाद लगभग 10 से 12 दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ में पहुंचता है. यानी प्रदेश में मानसून पहुंचने की संभावित तिथि 5 मई से 7 मई के आसपास है। 

छत्तीसगढ़ में 25 मई का मौसम: कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ में 26 मई का मौसम: कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है। 

छत्तीसगढ़ में 27 मई से 29 मई का मौसम: कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा) के साथ आंधी आने की संभावना है। 

छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों के लिए तापमान का पूर्वानुमान
छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. इसके बाद इसमें 1-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है.

साउथ वेस्ट मानसून का अग्रिम आगमन 2026
राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र भारत मौसम विज्ञान विभाग के सुबह 8 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार इस बार मानसून का अग्रिम आगमन हो रहा है. मानसून की उत्तरी सीमा 7°N/60°E, 7°N/70°E, 7°N/75°E, 8°N/80°E, 10°N/85°E, 13.5°N/90°E और 17°N/95°E से होकर गुजर रही है. अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण पश्चिम, दक्षिण पूर्व और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मानसून आगे बढ़ने के लिए परिस्थतियां अनुकूल है। 

पूर्वोत्तर भारत में मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी
25 मई को असम और मेघालय में गरज, बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 25 और 26 मई को अरुणाचल प्रदेश में, 25 से 29 मई के दौरान असम और मेघालय में, और 25, 29 और 30 मई को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. 25 से 27 मई के दौरान अरुणाचल प्रदेश में, असम और मेघालय में अलग अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
25 से 28 मई के दौरान केरल, माहे और लक्षद्वीप में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ व्यापक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है. 25 से 28 मई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और आंतरिक कर्नाटक में गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ छिटपुट से लेकर मध्यम वर्षा की संभावना है. तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में 25 से 27 मई के दौरान और तेलंगाना में 25 से 30 मई के दौरान भी 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 

25 और 26 मई को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में गरज के साथ आंधी (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा और 70 किमी प्रति घंटा तक के झोंके) की संभावना है. 25 और 26 मई को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में छिटपुट भारी वर्षा की भी संभावना है. केरल और माहे में 25 से 28 मई के दौरान भी यही संभावना है। 

पूर्वी भारत में मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी
25 और 26 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 25 से 30 मई के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में और 25 से 28 मई के दौरान बिहार में गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश होने की संभावना है. 27 से 29 मई के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में, 26 से 28 मई के दौरान बिहार में और 25 मई को झारखंड और ओडिशा में गरज के साथ आंधी (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा और 70 किमी प्रति घंटा तक हवाएं) आने की संभावना है. 25 से 27 मई के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में छिटपुट भारी बारिश होने की संभावना है। 

उत्तरपश्चिम भारत में मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी
25 मई और 28-30 मई के दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश, गरज, बिजली और तेज़ हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. उत्तराखंड में 25, 29 और 30 मई को भी यही स्थिति रहेगी. 28-30 मई के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश, गरज, बिजली और तेज़ हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. 25-29 मई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 30 मई को राजस्थान में भी यही स्थिति रहेगी. 28 और 29 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 29 और 30 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ आंधी (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा और 70 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है। 

रायपुर : बहुप्रतीक्षित माँग पूरा होने से कोरबावासियों को मिलेगा बेहतर आवागमन की सुविधा: मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर : बहुप्रतीक्षित माँग पूरा होने से कोरबावासियों को मिलेगा बेहतर आवागमन की सुविधा: मंत्री लखनलाल देवांगन

उद्योग मंत्री ने ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक, रिसदा से रिसदी, दर्री बैराज से बरमपुर चौक सहित हरदी बाजार-तरदा-इमलीछापर मार्ग के निर्माण का किया भूमिपूजन

सुशासन तिहार के बीच जिलेवासियों को मिली बड़ी सौगात

रायपुर

कोरबा जिले के स्थापना दिवस और सुशासन तिहार के अवसर पर आज जिलेवासियों को बेहतर आवागमन की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग मंत्री लखनलाल देवांगन ने दर्री बैराज के मेजर ध्यानचंद चौक में आयोजित कार्यक्रम में 29 करोड़ 42 लाख 96 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक (सीमेंट कंक्रीटीकरण, लंबाई 2.84 किमी), रिसदा चौक से रिसदी चौक (लंबाई 2.90 किमी), 83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से दर्री बैराज से बरमपुर चौक (सीमेंट कांक्रीटीकरण, लंबाई 7.96 किमी) तथा 230 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक की लागत से हरदी बाजार -तरदा-सर्वमंगला-इमलीछापर (कुल लंबाई 27.19 किमी, शेष निर्माण 13.74 किमी) सीमेंट कंक्रीट मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

सुशासन तिहार के बीच जिलेवासियों को मिली बड़ी सौगात

इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि आज शुभ दिन है कि कोरबा वासियों की बहुप्रतीक्षित सड़कों की माँग पूरी हो रही है। भूमिपूजन के साथ ही सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा और जिले में सड़कों का जाल बिछने के साथ आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन सड़कों के निर्माण का शिलान्यास किया था और आज भूमिपूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

मंत्री देवांगन ने जिले के विकास और बेहतर आवागमन के लिए सड़कों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन मार्गों के बनने से यातायात का दबाव कम होगा, आवागमन सुगम होगा तथा कई मार्गों की दूरी भी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री और नगरीय निकाय मंत्री के सहयोग से जिले के विकास को नई गति मिल रही है।

उन्होंने बताया कि डीएमएफ राशि से जिले में अधोसंरचना से जुड़े अनेक कार्यकृसड़क, पुल-पुलिया, आंगनबाड़ी भवन, स्कूल भवन, स्वास्थ्य केंद्र भवनकृस्वीकृत किए गए हैं। साथ ही मानदेय आधारित शिक्षकों की नियुक्ति, स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती, प्रतिभावान विद्यार्थियों को कोचिंग, स्कूली विद्यार्थियों को नाश्ता प्रदान करने जैसी योजनाएँ भी संचालित हैं। शहर में पेयजल समस्या के समाधान के लिए 36 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
मंत्री देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश को विकास की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश को आर्थिक मजबूती मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ गरीब कल्याण हेतु अनेक योजनाएँ चल रही हैं। डीएमएफ का अधिकार जिलों को देकर खनन प्रभावित क्षेत्रों को विकास से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए किसानों से सर्वाधिक मूल्य पर धान खरीदी, तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपये, रामलला दर्शन योजना, तथा प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्री एवं अधिकारी सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री लगातार चौपाल लगाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। मंत्री देवांगन ने समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण के निर्देश भी दिए।

कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मंत्री देवांगन कोरबा जिले के सर्वांगीण विकास के लिए न केवल संकल्पित हैं, बल्कि उसे धरातल पर उतार भी रहे हैं। सभी 67 वार्डों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि जिले की किसी भी सड़क पर कहीं भी गड्ढा न रहे। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण से जिलेवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने कहा कि आज जिले के लिए अत्यंत खुशी और सौभाग्य का दिन है। यह केवल सड़क का भूमिपूजन नहीं, बल्कि बेहतर आवागमन एवं मजबूत भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ की 30 प्रतिशत राशि आवागमन सुधारने में व्यय की जा रही है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की भी यह सोच है कि जिले की सभी सड़कें सर्वाेत्तम स्थिति में रहें और यहाँ से बाहर निकलने वाले यात्रियों को भी उत्कृष्ट मार्ग उपलब्ध हों।

लोक निर्माण विभाग के ईई जी आर जांगड़े ने स्वीकृत सड़को की जानकारी दी और सभी निर्माण कार्य समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने की बात कही। इस अवसर पर पार्षद अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन, सीमा कँवर, राधा महंत, कल्याणी यादव, प्रीति शर्मा, अजय चंद्रा, राजकुमार साहू, सम्मत रतन सिंह कँवर,एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu