खैरागढ़ के दल्लीखोली जंगल में वन्यजीवों की रहस्यमयी मौत, जलस्रोत के पास मिले मोर समेत कई शव

खैरागढ़.

खैरागढ़ जिले के ग्राम दल्लीखोली– लछना के जंगल से सामने आए एक भयावह घटनाक्रम ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जंगल के भीतर स्थित एक जलस्रोत के आसपास बड़ी संख्या में पक्षियों और जंगली जानवरों के शव मिलने से वन विभाग सहित वन्यजीव प्रेमियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। जानकारी के अनुसार, वन्यजीव एवं प्रकृति प्रेमी मुकेश वर्मा दोपहर के समय बर्ड वॉचिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए दल्लीखोली के जंगल पहुंचे थे। जंगल के भीतर भ्रमण के दौरान उन्हें सबसे पहले एक ग्रेटर रैकेट- टेल्ड ड्रॉन्गो मृत अवस्था में दिखाई दिया। जब उन्होंने आसपास का क्षेत्र देखा तो वे स्तब्ध रह गए। जलस्रोत के किनारे कई पक्षी और वन्यजीव मृत पड़े थे।

मुकेश वर्मा ने घटनास्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। वायरल वीडियो में एक नर मोर, दो मादा मोर, तीन एशियन पाम सिवेट सहित कई दुर्लभ पक्षियों के शव दिखाई दे रहे हैं। इनमें रुफस ट्रीपाई, ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन और जंगल आउलेट जैसे पक्षियों भी मृत मिलने की बात सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है। कि एक ही स्थान पर इतने अलग-अलग वन्यजीवों की मौत आखिर कैसे हुई।

मुकेश वर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आशंका जताई है कि जंगल के जलस्रोत में किसी जहरीले रसायन या पदार्थ को मिलाया गया हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि दूषित पानी पीने के बाद इन बेजुबान वन्यजीवों की मौत हुई होगी हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हो गई है। विभाग द्वारा घटनास्थल से पानी और अन्य नमूनों को जांच के लिए संग्रहित किया गया है। मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी भी की जा रही है. ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

BSP से 100 टन लोहा चोरी का खुलासा, चार आरोपी हिरासत में; ट्रांसपोर्टर फरार

भिलाई नगर.

पुरानी भिलाई थाना अंतर्गत हथखोज के एक यार्ड में पुलिस की दबिश में भिलाई इस्पात संयंत्र से करोड़ों रुपए के लोहे चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। रात में पुलिस ने खुर्सीपार निवासी में संजय सिंह के घर में दबिश दी, लेकिन वह फरार बताया गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस चार लोगों से पूछताछ कर रही है।

चोरी के लोहा के खेल में अभी भले ही ट्रांसपोर्टर संजय सिंह का नाम आया हो, लेकिन इस चोरी का असली मास्टर माइंड कौन है इसका खुलासा पूरी जांच के बाद ही होगा। पुलिस ने मौके पर एक ट्रक, दो हाइवा, एक जेसीबी व एक क्रेन व सैकडो ‘टन लोहा बरामद किया है। क्राइम डीएसपी यदुमणि सिदार ने बताया कि मंगलवार की शाम 5 बजे गुप्त सूचना मिली कि पुरानी भिलाई थाना अंतर्गत एके ट्रेडर्स यार्ड में बड़े पैमाने पर बीएसपी से चोरी का लोहा डंप किया जा रहा है। सूचना पर शहर एएसपी सुखनंदन राठौर, छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा, पुरानी भिलाई टीआई अंबर सिंह व पुलिस स्टॉफ ने दबिश दी। जहां पर हाइवा में लोड सैकड़ों की संख्या में बीएसपी से चोरी का लोहा, जेसीबी, केन, ट्रक व हाइवा मिला।

मौके पर मिले ड्राइवरों से पूछताछ में पता चला कि यार्ड चलाने वाला कोई संजय सिंह है। पूरी जांच और पूछताछ के बाद पुलिस की टीम ने देर रात खुर्सीपार स्थित उसके निवास पर दबिश दी, जहां संजय सिंह नहीं मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि संजय को पुलिस के आने की भनक लग गई होगी तो वह फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस चोरी के मामले में और कौन-कौन संलिप्त है।

नौतपा की भीषण गर्मी का असर, रोज 500 चमगादड़ों की मौत से मचा हड़कंप

बालोद.

बालोद जिले के सबसे बड़े नगर पालिका दल्लीराजहरा में नौतपा के दौरान बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास लगे पेड़ों में रहने वाले 400 से 500 चमगादड़ों की रोजाना मौत हो रही है. मरने वाले चमगादड़ों की संख्या इतनी ज्यादा है कि पालिका का अमला उठाने में नाकाम है, जिसकी वजह से मृत पक्षियों से उठने वाली बदबू से लोग परेशान हो चुके हैं.

नगर में इन दिनों दोपहर में तापमान 40 से 45 डिग्री तक बना रहता है. इस गर्मी से बचने के लिए इंसान को अपने लिए एसी-कूलर की व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन मूक जानवरों के पास मौत के अलावा कोई चारा नहीं है. जिसका नजारा रोज बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास देखने को मिल रहा है. ऐसे में तापमान हाई होने के चलाते रोज चमगादड़ों की मौत हो रही है. रोज लाखों चमगादड़ों में से 400 से 500 चमगादड़ों की मौत हो रही है, जिससे आस-पास के एरिया में रहे वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है. मौत के बाद चमगादड़ों से आने वाली बदबू से लोग काफी परेशान हैं.

हालांकि, पालिका अपने कर्मचारियों को भेजकर मृत चमगादड़ों को उठा ने का प्रयास तो कर रही है, लेकिन सैकड़ों मृत चमगादड़ वहीं छूट जा रहे है, जिससे उसने उठने वाली बदबू से आस-पास के लोगों के साथ रोड़ से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या का समाधान करने में बीएसपी भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है.
पर्यावरण संरक्षणकर्ताओं की माने तो लगातार बढ़ रहे तापमान और पेड़ों की कटाई के चलते वन्य जीवों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है. पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चमगादड़ पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये किट नियंत्रण और परागण में मदद करते है. इतनी बड़ी संख्या में इनकी मौत होना चिंताजनक है. 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा

अधिकारियों की बैठक लेकर काम में तेजी लाने के दिए निर्देश, कहा गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्णता सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग कर तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे।

श्री बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम,
नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों में ओआईसी के लिए बनने वाले विश्राम भवन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की भी जानकारी ली।

विभागीय सचिव ने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़कों को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर्स के दीवारों और ग्रिल्स का रंग-रोगन कराने को कहा।

रायपुर की डॉ. पल्लवी दुबे का राष्ट्रीय स्तर पर जलवा, नेफ्रोलॉजी सुपर स्पेशलिटी में AIR-1 हासिल

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की बेटी डॉ. पल्लवी दुबे ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए नेफ्रोलॉजी सुपर स्पेशलिटी कोर्स में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है। डॉ. पल्लवी दुबे वर्तमान में बेंगलुरु के मनिपाल हॉस्पिटल में किडनी रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) के रूप में सेवाएं दे रही हैं।

नई दिल्ली में बीते शनिवार को आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‌डा ने उन्हें गोल्ड मेडल और नेशनल सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया। रायपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश दुबे और डॉ. रुचि दुबे की पुत्री डॉ. पल्लवी ने अपनी प्रारंभिक चिकित्सा शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक हासिल करने के बाद उन्होंने अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी मेडिसीन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने मनिपाल हॉस्पिटल, बेंगलुरु से नेफ्रोलॉजी में सुपर स्पेशलिटी की पढ़ाई की और अब इसी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

भीषण गर्मी का असर: रायपुर नंदन वन की जंगल सफारी 2 दिन रहेगी बंद

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में नौतपा की शुरुआत के साथ ही सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप को देखते हुए नवा रायपुर स्थित प्रसिद्ध ‘नंदनवन जंगल सफारी’ को पर्यटकों के लिए दो दिनों तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी और तापमान में भारी बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सफारी के बेजुबान वन्य प्राणियों को हीटवेव और लू के खतरों से बचाना तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना है। आदेश के तहत 28 और 29 मई को नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के लिए अस्थाई रूप से पूरी तरह बंद रहेगी।
इस फैसले के बाद आगामी दो दिनों तक यहां आने वाले सैलानी न तो सफारी की सैर कर पाएंगे और ना ही वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। वन विभाग ने जनसंपर्क माध्यमों के जरिए आम जनता से अपील की है कि वे इन दो दिनों में सफारी का रुख न करें। प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय जानवरों को भीषण गर्मी से राहत देने और उनके विशेष रख-रखाव पर केंद्रित है।

पंडवानी की मशहूर लोकगायिका तीजन बाई की तबीयत बिगड़ी, रायपुर AIIMS में भर्ती

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कलाकार और पंडवानी गायन की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें मेडिकल आईसीयू में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है।

तीजन बाई के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही कला जगत, उनके प्रशंसकों और अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य खराब होने पर तीजन बाई को तत्काल एम्स रायपुर लाया गया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती करने का निर्णय लिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम इलाज में जुटी हुई है और जरूरी मेडिकल जांच भी की जा रही है।

पंडवानी कला की अंतरराष्ट्रीय पहचान
तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश की लोककला की पहचान मानी जाती हैं। उन्होंने पंडवानी शैली को देश-विदेश तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई ऊंचाई दी है। अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली, दमदार आवाज और अभिनय से उन्होंने लोककला को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

कला प्रेमियों में बढ़ी चिंता
तीजन बाई की तबीयत खराब होने की खबर फैलते ही कला प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में चिंता का माहौल है। कई कलाकारों और जनप्रतिनिधियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उनके प्रशंसक और चाहने वाले उनके शीघ्र स्वस्थ होकर फिर से मंच पर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर
तीजन बाई को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से महाभारत की कथाओं को पंडवानी शैली में जीवंत रूप दिया और लोकसंस्कृति को नई पहचान दिलाई। आज भी उनकी प्रस्तुतियां देशभर में लोकप्रिय हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रदेशभर में भावनात्मक माहौल बना हुआ है।

डॉक्टरों की निगरानी में जारी इलाज
एम्स प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उनकी हालत नियंत्रण में है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। परिवार के सदस्य और करीबी लोग भी अस्पताल में मौजूद हैं।

गरीबों को बड़ी राहत! CM साय ने सार्थक PDS फेज-2 फैसले का किया स्वागत, खाद्य सुरक्षा होगी मजबूत

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सार्थक-पीडीएस फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपए की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. सार्थक-पीडीएस फेज-2 के माध्यम से एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी. इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा.

नांचल के बेटे ने बढ़ाया प्रदेश का मान, आईएफएस बनकर रचा नया इतिहास

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से  भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चयनित रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव निवासी अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने अजय को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता ने केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि एक ऐसा युवा, जिसने बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार का हाथ बंटाया, आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि अवसर और संकल्प मिल जाए तो दूरस्थ अंचलों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है तथा यह हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देगी।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवेश में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ एकत्रित करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया और 10वीं में 92.66 प्रतिशत तथा 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।

उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अजय को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में प्रवेश मिला, जहां अध्ययन के दौरान उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ मिला। अजय ने कठिन परिस्थितियों के बीच अध्ययन जारी रखते हुए भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक प्राप्त की और अपने सपनों को साकार किया।

अजय गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जीवन में उनके सपने सीमित थे और लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनके सोचने का दायरा विस्तृत किया। उन्होंने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है और बचपन से प्रकृति के साथ बने इसी जुड़ाव ने उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि जंगल ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन, मेहनत और शासन के सहयोग से गांवों और वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अजय गुप्ता जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

रायपुर 

 छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है।

खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा। 

जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी। 

राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu