मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन

महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति

बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें।

आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

घरेलू विवाद ने लिया खौफनाक मोड़, पत्नी ने पति पर हमला कर काटा प्राइवेट पार्ट

 बिलासपुर 
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया. चकरभाठा थाना क्षेत्र में पत्नी ने अपने पति पर हंसिए से हमला कर उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया. गंभीर हालत में पति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो इस खतरनाक वारदात में बदल गया। 

शराब के नशे में घर लौटा था पति
प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल युवक राजेश कौशिक राजमिस्त्री का काम करता है, उसका अपनी पत्नी द्रौपती बाई के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था,पत्नी को शक था कि उसके पति का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध है, जिसे लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे,बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात भी पति शराब के नशे में घर पहुंचा,खाना खाने के बाद वह सो गया,लेकिन देर रात करीब 1 बजे पति-पत्नी के बीच फिर विवाद शुरू हो गया। 

गुस्से में पत्नी ने किया हमला
विवाद बढ़ने पर पत्नी द्रौपती बाई ने गुस्से में हंसिया उठा लिया और नशे में सोए पति पर हमला कर दिया, इस दौरान उसने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया,हमला होते ही राजेश खून से लथपथ हालत में कमरे से बाहर भागा और चीखने लगा,घटना देखकर घर में मौजूद नाबालिग बेटे ने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी,इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। 

कटे अंग को लेकर पहुंचे अस्पताल
परिजन घायल राजेश और उसके कटे हुए अंग को लेकर सिम्स अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उसका इलाज शुरू किया,डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। 

घरेलू हिंसा से परेशान थी पत्नी
पुलिस पूछताछ में आरोपी पत्नी ने बताया कि उसका पति शराब पीने का आदी था और अक्सर छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करता था,लंबे समय से घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। 

पुलिस कर रही मामले की जांच
सिटी ASP पंकज पटेल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है,शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और पति के अफेयर के शक को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है,पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। 

बकरीद की छुट्टी की तारीख बदली, अब 28 मई को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सरकार ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश की तारीख में संशोधन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहले बकरीद के लिए 27 मई बुधवार को अवकाश घोषित किया गया था, जिसे बदलकर अब 28 मई गुरुवार कर दिया गया है।

जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विभाग की पूर्व अधिसूचना क्रमांक GENS-1001/86/2025-GAD-5 06 नवंबर 2025 में वर्ष 2026 के लिए घोषित सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाशों की सूची में बकरीद के लिए 27 मई का अवकाश निर्धारित था। अब राज्य शासन ने आंशिक संशोधन करते हुए 28 मई 2026 को सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया है। इस निर्णय के बाद राज्य के सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और अन्य सरकारी संस्थान 28 मई को बंद रहेंगे।

राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता से खेलमय हुआ बस्तर, 35 राज्यों की टीमें पहुंचीं

जगदलपुर.

जगदलपुर इन दिनों सिर्फ संस्कृति नहीं, खेल की ऊर्जा से भी सराबोर नजर आ रहा है। रामकृष्ण मिशन आश्रम और एआईएफए के संयुक्त आयोजन में स्वामी विवेकानंद अंडर-20 मेन्स नेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता चल रही है। देश के 35 राज्यों की टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं।

27 मई को फाइनल मुकाबला केरल और मिजोरम के बीच खेला जाएगा। मैच का सीधा प्रसारण एआईएफए के अधिकृत यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा। लाइव प्रसारण की जिम्मेदारी जगदलपुर की स्थानीय टीम को सौंपी गई है। पूर्व नेशनल रेफरी विश्वजीत भट्टाचार्य और उनकी टीम तकनीकी जिम्मेदारी संभाल रही है। इस आयोजन ने पूरे बस्तर में खेल का नया माहौल बना दिया है। स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को करीब से देखने और सीखने का मौका मिल रहा है।

रामकृष्ण मिशन की इस पहल की लोग सराहना कर रहे हैं। खेल मैदान हर दिन रोमांचक मुकाबलों का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय दर्शकों में भी फाइनल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन अब बस्तर की नई खेल पहचान बनता नजर आ रहा है।

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले CM साय, छत्तीसगढ़ विकास को लेकर हुई अहम चर्चा

रायपुर.

दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन से भेंट मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक विषयों और छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट पर मुलाकात के दौरान की तस्वीर भी साझा की है.

सीएम साय के सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात  के दौरान प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने, गरीबों के कल्याण, किसानों के हित, युवाओं के रोजगार और मातृशक्ति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया.

विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई –
नई दिल्ली प्रवास के दौरान भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी से आत्मीय भेंट हुई।
इस अवसर पर संगठनात्मक विषयों, छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देने तथा गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति के कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
– Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 26, 2026

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी रहे हैं नितिन नवीन 
बता दें कि साल 2021 से 2024 के बीच नितिन छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी रहे. पार्टी ने उन्हें साल 2024 में छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव प्रभारी बने. जुलाई 2024 से राष्ट्रीय अध्यक्ष के सफर तक उन्होंने छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी के रूप में संगठन के दायित्व को निभाया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

प्रधान सेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने अंत्योदय को धरातल पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य किया – मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को मिली नई गति – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत @2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, हीट स्ट्रोक से 500 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत

कांकेर.

छत्तीसगढ़ में आसमान से बरस रही आग से वन्यजीवों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है. कोरबा के बाद अब कांकेर जिले के सरोना गांव में हीट स्ट्रोक के कारण 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है. अब नौतपा में कांकेर में हीटवेव के अलर्ट ने चिंता बढ़ा दी है.

जानकारी के मुताबिक, सरोना गांव में बड़ी संख्या में चमगादड़ों के मरने की घटना सामने आई है. ग्रामीणों के मुताबिक कई चमगादड़ पेड़ों से अचानक नीचे गिरने लगे और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई. रोजाना सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो रही है और 2 से 4 दिनों के भीतर करीब 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है. वही विशेषज्ञ इसे भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक का असर मान रहे हैं. लगातार बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ वन्यजीवों पर ही नहीं बल्कि इंसानों की सेहत पर भी पड़ रहा है. जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं.

बता दें कि हाल ही में कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत नौकोनिया तालाब के आसपास लगे बड़े पेड़ों पर रहने वाले सैंकड़ों चमगादड़ रविवार को अचानक पेड़ों से सीधे जमीन पर गिरने लगे. एक साथ इतनी संख्या में चमगादड़ों की मौत से इलाके के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है.

डायवर्सन मामलों में लापरवाही पर भड़के मंत्री टंकराम वर्मा, SDM को लगाई फटकार

रायपुर.

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज रायपुर तहसील कार्यालय और नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के इस अचानक दौरे से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों के निपटारे में कछुआ गति और लापरवाही सामने आने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई।

उन्होंने आम जनता से जुड़े नामांतरण, त्रुटि सुधार, सीमांकन और बंटवारे जैसे संवेदनशील प्रकरणों में हो रहे विलंब को लेकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और इन्हें शीघ्र निपटाने के कड़े निर्देश दिए। विशेष रूप से डायवर्सन (व्यपवर्तन) के मामलों में बेहद धीमी प्रगति पाए जाने पर मंत्री ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) रायपुर को जमकर फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान राजस्व मंत्री ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने परिसर में फैली गंदगी और फाइलों के अव्यवस्थित रखरखाव पर अप्रसन्नता व्यक्त की। मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आम जनता की सुविधा के लिए कार्यालय में स्वच्छ वातावरण और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी शासकीय दस्तावेजों व फाइलों को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए।

विभिन्न शाखाओं और कोर्ट का सघन निरीक्षण
तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझने के लिए राजस्व मंत्री स्वयं भुइयां शाखा, कानूनगो शाखा, WBN शाखा और मालजमादार शाखा पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों का भी सघन निरीक्षण किया। अदालती कार्यवाही की समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि राजस्व कोर्ट में सुनवाई निरंतर होनी चाहिए, ताकि तारीख-पे-तारीख के चक्कर में आम जनता को परेशान न होना पड़े। लोग सुबह से आकर शाम तक बैठे रहते हैं और सुनवाई किए बिना अगली तारीख दे दी जाती है, यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लंबित मामलों को शून्य करने का दिया लक्ष्य
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आंकड़ों का ब्यौरा देते हुए बताया कि तहसील में अब तक दर्ज कुल 65,390 मामलों में से 64,702 का निराकरण किया जा चुका है और वर्तमान में केवल 688 मामले लंबित हैं। इस पर मंत्री ने बचे हुए सभी लंबित मामलों को भी समय-सीमा के भीतर तत्काल शून्य करने का टारगेट दिया।

जनता से सीधा संवाद और त्वरित निराकरण
मंत्री ने न केवल फाइलों को खंगाला, बल्कि परिसर में मौजूद आम जनता के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद भी किया। उन्होंने लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनीं और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

राजस्व कार्यों का रोडमैप तैयार करने के निर्देश
तहसील कार्यालय के बाद मंत्री ने नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का रुख किया। वहां उन्होंने लंबित राजस्व मामलों को समय-सीमा के भीतर निपटाने के लिए संभाग आयुक्त को निर्देशित किया। कामकाज में कसावट लाने और कप्तानी की निगरानी को मजबूत करने के साथ ही मंत्री ने संभाग आयुक्त को संभाग के सभी जिलों में राजस्व कार्यों की वास्तविक प्रगति का एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं

सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का बेमिसाल

रायपुर
 छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि 26 मई 2014 से शुरू हुआ यह 12 वर्षों का कार्यकाल देश के इतिहास में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प का जीवंत प्रतीक रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने अंत्योदय के लक्ष्य को साकार किया है।

योजनाओं से आया क्रांतिकारी व्यापक बदलाव

         चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं ने समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाया है। जनधन योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीबों, किसानों और माताओं-बहनों के जीवन को गरिमापूर्ण बनाया है। डिजिटल इंडिया अभियान ने युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं और देश में अभूतपूर्व पारदर्शिता सुनिश्चित की है।

नव-निर्माण और सबका साथ, सबका विकास

        वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यह कालखंड देश के नव-निर्माण और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने वाला रहा है। इन 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक पटल पर विकास, सुशासन, डिजिटल परिवर्तन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अद्वितीय राष्ट्र-समर्पण, निरंतर जनता-सेवा और सुशासन के लिए उनका हार्दिक अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

सूरजपुर सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार के लिए 3.15 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

सूरजपुर सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार के लिए 3.15 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

मरम्मत के बाद 82 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बहाल होगी

रायपुर
 राज्य शासन ने सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी स्थित सूपाझरिया जलाशय योजना के मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 15 लाख 95 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इस नहर जीर्णाेद्धार कार्य से ओड़गी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

82 हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य  

        सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इससे क्षेत्र के किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी।

शर्तों के साथ कार्य के निर्देश  

         शासन ने कार्य को स्वीकृत राशि और निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कार्य शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी से ड्रॉइंग-डिजाइन का अनुमोदन और तकनीकी स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा जारी की जाएगी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भू-अर्जन स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाए और किसी अन्य मद की बचत राशि का उपयोग बिना पूर्व स्वीकृति के न हो। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है, तो निर्माण शासकीय भूमि पर ही कराया जाए। निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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