युवा प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच, खेल सुविधाओं के उन्नयन पर जोर : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

युवा प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच, खेल सुविधाओं के उन्नयन पर जोर : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब में टेनिस कोर्ट का किया निरीक्षण, युवा खिलाड़ियों से की मुलाकात

रायपुर,
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब पहुंचकर टेनिस कोर्ट का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेल अधोसंरचना के बेहतर विकास एवं खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने क्लब में अभ्यास कर रहे युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त साधन भी है।

मंत्री चौधरी युवा खिलाड़ियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ अभ्यास जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रायगढ़ की प्रतिभाओं में अपार संभावनाएं हैं। उचित मार्गदर्शन और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से ये खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिलें तथा वे अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकें।

इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारी, खेल प्रेमी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। खिलाड़ियों ने वित्त मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

बैलगाड़ी में निकली बारात, 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

बेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज की घोषणा

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सामाजिक परंपराओं, वैदिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच आयोजित इस समारोह में जिले के 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। शुभ मुहूर्त में वर-वधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की, जिससे जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के लिए वरदान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों को आर्थिक चिंताओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने हजारों परिवारों को राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है, जिससे पात्र परिवारों को और अधिक सहयोग प्राप्त हो सके।

बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करती है।

विधायक दीपेश साहू ने प्रस्तुत किया सामाजिक समरसता का आदर्श

मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा विधायक दीपेश साहू की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक विवाह समारोह में स्वयं विवाह कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल युवाओं को सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक समरसता और अनावश्यक खर्चों में कमी लाने का सकारात्मक संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बारिश को बताया शुभ संकेत

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य के दौरान वर्षा होना इंद्रदेव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन भी प्रकृति के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है, जो नवदंपतियों के सुखद और समृद्ध भविष्य का शुभ संकेत है।

बैलगाड़ी में निकली बारात बनी आकर्षण का केंद्र

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण पारंपरिक बैलगाड़ी में निकाली गई बारात रही। जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक-सांस्कृतिक माहौल और जनसहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

मौसम परिवर्तन के बीच पुराने रेस्ट हाउस में संपन्न हुआ आशीर्वाद समारोह

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम मूल रूप से बेसिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित होना था, लेकिन शाम के समय मौसम खराब होने और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर आशीर्वाद समारोह को पुराने रेस्ट हाउस परिसर में स्थानांतरित किया गया। यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं उपस्थित होकर नवदंपतियों से आत्मीय मुलाकात की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभाशीष प्रदान किया।

नवदंपतियों को मिला शासन की योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित उपहार सामग्री एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सामूहिक विवाह सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से अनावश्यक सामाजिक व्यय में कमी आती है तथा समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी नवदंपतियों से अपने वैवाहिक जीवन को प्रेम, विश्वास, सहयोग, संस्कार और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री दयाल दास बघेल, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद संतोष पाण्डेय, सांसद विजय बघेल, साजा विधायक ईश्वर साहू, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इन्द्र कुमार साहू, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बसना विधायक संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नवदंपतियों के परिजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

भारतीय राजनीति में पहली बार डिप्टी सीएम अरुण साव बने विधायक दूल्हे की बैलगाड़ी के सारथी

भारतीय राजनीति में पहली बार “डिप्टी सीएम अरुण साव बने विधायक दूल्हे की बैलगाड़ी के सारथी

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव बने विधायक दीपेश साहू की बैलगाड़ी में निकली बारात के सारथी

बेमेतरा/रायपुर
 छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव निकले बैलगाड़ी में सारथी बनकर दूल्हे राजा हैं भाजपा विधायक दीपेश साहू। बेमेतरा में आयोजित सामूहिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह करने का फैसला किया और बारात के सारथी बनने राजधानी रायपुर से बेमेतरा पहुंचे डिप्टी सीएम अरुण साव, बैलगाड़ी में निकली बारात के सारथी बने डिप्टी सीएम अरुण साव।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा को दी 105 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिले को 105 करोड़ 4 लाख 69 हजार रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी।  विशेष बात यह रही कि अचानक आए अंधड़, तेज तूफान और बारिश के बावजूद विकास कार्यों का शुभारंभ नहीं रुका और मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सभी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न कराया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, जनता के विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटल है। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम स्थल में बदलाव करना पड़ा, लेकिन विकास कार्यों को प्रारंभ करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध सोच का परिचायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन में सुविधा, विश्वास और अवसरों का विस्तार है। सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे आम नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं और राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव, प्रत्येक किसान, प्रत्येक महिला और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री  साय ने 78 करोड़ 1 लाख 33 हजार रुपये की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें बेरला-कोदवा-देवरबीजा-कर्मु मार्ग का दो-लेन मजबूतीकरण, भेड़नी-सल्धा-सिंधोरी मार्ग, बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग, सोढ़-रेवे-देवरबीजा-अकोला-खाती-सौरी मार्ग, मुड़पार खुर्द-जमघट पहुंच मार्ग, मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल संप्रेषण गृह निर्माण, नगर सेना प्रशासकीय भवन निर्माण, गुदेली-कंडरका मार्ग सहित विभिन्न ग्रामों में सीसी रोड, नाली एवं सामुदायिक अधोसंरचना निर्माण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने 27 करोड़ 3 लाख 36 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें नवनिर्मित हमर क्लिनिक, बोर खनन कार्य तथा विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमर क्लिनिक जैसी सुविधाएं लोगों को उनके निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि विकास की जीवनरेखा होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों को शहरों से और किसानों को बाजारों से जोड़ने के लिए आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। बेमेतरा जिले में स्वीकृत ये परियोजनाएं क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी तथा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा, गुणवत्ता मानकों और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे तथा कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में आज जिन विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है, वे विकसित बेमेतरा और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत आधार सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

गांवों में अमराई की परंपरा पुनर्जीवित करने की जरूरत: बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहां समापन करते हुए सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। 

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समापन समारोह में आम महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी के अंतर्गत आम की व्यवसायिक किस्में, संकर किस्में, विशिष्ट किस्में, एक्जोटिक किस्में एवं अन्य देशी किस्में श्रेणियों में शामिल प्रादर्शाें को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव एक अनोखा और सफल आयोजन रहा, जिसमें देश भर के 400 से अधिक कृषक प्रतिभागियों द्वारा आम की 250 विभिन्न किस्मों के लगभग दो हजार प्रादर्श छत्तीसगढ़वासियों के अवलोकनार्थ रखे गए थे। इस आम महोत्सव को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों का प्यार मिला और तीन दिनों तक आमों की इतनी सारी और विविध किस्मों को दखने के लिए दर्शक उमड़े रहे। तीन दिनों के आयोजन के दौरान 20 से 25 लाख रूपये के आम एवं पौधों की बिक्री होना आयोजन की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों एवं कृषकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 
    
समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रकृति की ओर संस्था की सहयोग से विगत तीन वर्षों में लगातार तीसरी बार तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया गया, जिसे आम नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी को देखने हजारों लोग आए। महोत्सव के दौरान आम की किस्मों तथा व्यंजनों पर केन्द्रित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। डॉ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्ष इस आम महोत्सव को और भी भव्य तथा विस्तृत रूप में आयोजित किए जाएंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा आम की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। राज्य के 46 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में से लगभग ढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती की जा रही है, जिसमें एक लाख हेक्टेयर रकबे में आम का उत्पादन हो रहा है। आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हेतु भी पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली उत्कृष्ट संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में राष्ट्रीय आम अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व निर्देशक प्रसिद्ध आम वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र राजन, विभागाध्यक्ष खाद्य विज्ञान एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्लनोलॉजी (आईसीएआर) डॉ. दिनेश कुमार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी तथा प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष श्री मोहन वर्ल्यानी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक प्रतिभागी, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भी भाग ले रहे हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया।

उल्लेखनीय है कि इस आम महोत्सव में आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन ने भी भागीदारी की। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़, मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की गई। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद – नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया गया। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम के व्यंजन बनाना सिखाया। महोत्सव के तीनों दिन कृषि विशेषज्ञों द्वारा आम उत्पादक किसानों के लिए आयोजित तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन प्रौद्योगिकी पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। आम उत्पादक किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के निवास पहुंचकर व्यक्त की गहरी संवेदना, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर पहुंचकर वैशाली नगर विधायक  रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय  दिनेश सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय  सेन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर विधायक  रिकेश सेन एवं शोक संतप्त परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन का वियोग जीवन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती। उन्होंने स्वर्गीय  दिनेश सेन के निधन को परिवार एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक  ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

जनता के प्रति संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर

शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता है। अधिकारी आमजन की समस्याओं को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, परिणामोन्मुखी तथा संवेदनशील बनना होगा।

 बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी ली गई।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत, आवेदन और जनसमस्या का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है तथा जनसमस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को मजबूत और भरोसेमंद मंच बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक सरलता से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का सशक्त माध्यम बनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।

राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जवाबदेही पर सख्ती

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के सुधार तथा जानबूझकर गलतियां करने वाले पटवारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

सुशासन तिहार, पेयजल और स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हुआ है तथा योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के आगमन के साथ मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

ईंधन, खरीफ तैयारी और किसानों के हितों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।

ड्रोन दीदी, आवास, स्वास्थ्य और ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए।

शिक्षा गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांसद  विजय बघेल, विधायक  ईश्वर साहू,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, दुर्ग संभागायुक्त  सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक  अभिषेक शांडिल्य सहित बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

युवाओं के लिए तकनीकी क्रांति की सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए आज सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे।

स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है। 

उल्लेखनीय है कि लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आधुनिक आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। एमओयू के तहत देश की विभिन्न 40 आईटी कंपनियों ने यहां अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक  ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

“जल संरक्षण के साथ मिल रहा बंपर रोजगार, मोर गांव, मोर तरिया” अभियान से संवर रहे ग्रामीण क्षेत्र

रायपुर

छत्तीसगढ़ शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के तहत बिलासपुर जिले में “मोर गांव, मोर तरिया” अभियान को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से न सिर्फ गांवों में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की एक मजबूत नींव भी तैयार हो रही है। राज्य सराकर के जल संरक्षण अभियान को एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य, मस्तूरी में काम तेज
           
अभियान के तहत बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत मस्तूरी की ग्राम पंचायत बोहारडीह में नवीन तरिया (तालाब) निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत वर्षाकाल शुरू होने से पहले निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी सीजन में वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके।

जिले में 38 नवीन तालाबों को मिली मंजूरी
           
जल संकट के स्थाई समाधान के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जल संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में कुल 38 नवीन तरिया (तालाब) निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सभी स्वीकृत तालाबों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि वर्षाकाल में पानी रोकने की मजबूत व्यवस्था विकसित हो। इन तालाबों के निर्माण से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, मवेशियों के लिए निस्तारी की सुविधा होगी और गर्मियों में होने वाले जल संकट से मुक्ति मिलेगी।

ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिल रहा रोजगार
          
“मोर गांव, मोर तरिया” अभियान दोहरे लाभ के साथ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इन निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण श्रमिकों को नियोजित किया गया है। गांवों में तालाबों के रूप में स्थाई जल संपदा का निर्माण हो रहा है। श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिलने से पलायन पर रोक लगी है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

गुणवत्ता पर विशेष नजर
         
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी निर्माण स्थलों की सतत मॉनिटरिंग (निगरानी) की जा रही है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले को दी 739 करोड़ 38 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर 

सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब दे, उनकी समस्याएं सुने और समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने आज दुर्ग जिले के स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले को 739 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों की सौगात देते हुए 251 लोककल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 362 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 376 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास शामिल है। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह परियोजनाएं दुर्ग जिले के विकास को नई दिशा देने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।
मुख्यमंत्री  साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एक मई से प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन निरंतर जारी है और 10 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में यह अभियान संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने समाधान शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि शासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचकर सेवा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। शिविर में युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल वितरण, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन सरकार ने राज्य में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था और खुशी की बात है कि सभी स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। अब शीघ्र ही सभी आवासों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना लागू की है, जिसके तहत माताओं और बहनों के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास परिवार और समाज दोनों को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण छत्तीसगढ़ लंबे समय से झेल रहे नक्सलवाद के दंश से निर्णायक रूप से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, विश्वास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने नेतानार में स्थापित सेवा डेरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ग्रामीणों और आदिवासियों को इमली प्रसंस्करण, ढेकी चावल, सिलाई और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि बेमेतरा विधायक  दीपेश साहू द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से परिणय सूत्र में बंधना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। उन…

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