पीएम मोदी की ‘मन की बात’ सुन डॉ वर्णिका ने सुनी बच्चो के मन की बात

पीएम मोदी की ‘मन की बात’ सुन डॉ वर्णिका ने सुनी बच्चो के मन की बात

पीएम मोदी की ‘मन की बात’ से प्रेरित हुए बाल आश्रम के बच्चे, वर्णिका शर्मा ने कराई आम प्रदर्शनी की सैर

रायपुर
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 134वें संस्करण का श्रवण छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने बाल आश्रम के बच्चों के साथ किया। इस दौरान बच्चों ने प्रधानमंत्री के संदेशों को उत्साहपूर्वक सुना।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि देश के युवा खिलाड़ी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और अनिमेष कुजूर इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी की सराहना होने से बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। वहीं, प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन में देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध आमों और गर्मी के मौसम में पारंपरिक पेय पदार्थों का भी जिक्र किया। आम की विभिन्न प्रजातियों के बारे में सुनकर बाल आश्रम के बच्चों ने आम के प्रति विशेष रुचि दिखाई और आम प्रदर्शनी देखने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की इस मांग को देखते हुए राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने तत्काल पहल करते हुए बच्चों को आम प्रदर्शनी ले जाने के लिए विशेष बस की व्यवस्था कराई। प्रदर्शनी में बच्चों ने विभिन्न किस्मों के आमों को देखा, उनके बारे में जानकारी प्राप्त की और इस अनूठे अनुभव का आनंद लिया। प्रदर्शनी के दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ झलक रही थी।

वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ ऐसे ज्ञानवर्धक और अनुभवात्मक अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक संदेश और बच्चों की जिज्ञासाओं को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियां उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

छत्तीसगढ़ में निकाय-पंचायत उपचुनाव के लिए मतदान जारी, 71 पार्षद पद समेत 5 अध्यक्षों का होगा फैसला

रायपुर.

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार राज्य में चल रहे नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम-उपचुनाव के लिए आज मतदान किया जा रहा है. नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 05 पदों और पार्षद के 71 पदों के निर्वाचन के लिए बनाए गए 96 मतदान केन्द्रों में कुल 31928 मतदाताओं (15720 पुरूष मतदाता, 16207 महिला मतदाता तथा 01 अन्य मतदाता) द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया जायेगा.

वहीं त्रि-स्तरीय पंचायत में जनपद पंचायत सदस्य के 10, सरपंच के 34 और वार्ड पंच के 107 पदों के निर्वाचन के लिए बनाए गए 274 मतदान केन्द्रों में कुल 102797 मतदाताओं (51465 पुरूष मतदाता, 51331 महिला मतदाता तथा 01 अन्य मतदाता) द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया जायेगा. नगरीय निकायों में मतदान समय सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक और त्रि-स्तरीय पंचायतों में मतदान समय सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक निर्धारित है.

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों का असर : अवैध खनन पर राज्य भर में हो रही कार्रवाई, धमतरी में 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों का असर : अवैध खनन पर राज्य भर में हो रही कार्रवाई, धमतरी में 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त

सूक्ष्म निगरानी, तकनीक और सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर लग रहा अंकुश

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाकर लगातार छापेमारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सूक्ष्म निगरानी, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव हो पा रहा है।

                इसी क्रम में खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 31 मई 2025 की रात्रि में जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में 05 चैन माउंटेन मशीनें रेत के उत्खनन में संलग्न पाई गईं। मौके पर रेत उत्खनन के संबंध में किसी प्रकार की वैध अनुमति अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।

               खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा जवाब प्रस्तुत करने हेतु मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया।

जांच कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण स्थापित हो रहा है। राज्यभर में अभियानात्मक कार्रवाई जारी है और अवैध खनन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की

अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की

विकसित भारत अधिनियम की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने के दिए निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ की तेज गति पर जताया हर्ष

रायपुर
अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को विकसित भारत अधिनियम के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी हो। नियमों के लागू होने से पहले यदि लोग इसके प्रति जागरूक होंगे, तो वे योजनाओं का अधिक से अधिक और सही लाभ उठा सकेंगे। अपर मुख्य सचिव ने आगामी 01 जुलाई से लागू होने वाले विकसित भारत अधिनियम 2025 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस नए अधिनियम के प्रावधानों और नियमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

         अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने आज अटल नगर नवा रायपुर स्थित विकास आयुक्त भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) सहित अन्य ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
     
प्रधानमंत्री आवास निर्माण की सराहना की

       बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक आवास पूर्णता और तीव्र निर्माण गति पर  हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागीय टीम की सराहना की और निर्देशित किया कि विकास की इस गति को निरंतर बनाए रखा जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही पक्के मकान से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और समय-सीमा में लक्ष्यों को पूरा करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

         इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव धर्मेश साहू, मनरेगा आयुक्त एवं संचालक (प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण) तारण प्रकाश सिन्हा, अपर विकास आयुक्त वी.पी. तिर्की सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे।

दुर्ग को मिली हाईटेक पहचान, सीएम ने IIT भिलाई के सहयोग से बने IT पार्क का किया लोकार्पण

दुर्ग.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को दुर्ग जिले के दौरे पर पहुंचे। यहां सीएम ने तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा।

भविष्य में 100 कंपियां करेंगी काम
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है।

युवाओं के लिए रोजगार का मौका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे।

  • दुर्ग जिले को सीएम साय ने दी बड़ी सौगात
  • दुर्ग में किया आईटी पार्क का शुभारंभ
  • अभी 40 कंपनियां यहां करेंगी काम
  • सीएम ने कहा- राज्य की बनेगी नई पहचान

40 कंपनियां करेंगी काम
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है।

जीवन में ऐसा कार्य करें जिसमें केवल पाना नहीं, समाज को कुछ देना हो- राज्यपाल रमेन डेका

जीवन में ऐसा कार्य करें जिसमें केवल पाना नहीं, समाज को कुछ देना हो- राज्यपाल रमेन डेका

राजभवन (लोक भवन) में बालिका गृह की बेटियों से राज्यपाल ने किया आत्मीय संवाद

अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों का हुआ सम्मान

रायपुर
राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन  में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानवता की सेवा का अनुकरणीय संदेश देने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने बालिका गृह की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़े परिश्रम के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को कभी छोटा न समझने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

पुस्तकों से मिलता है स्थायी ज्ञान और आगे बढ़ने का साहस

         राज्यपाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सी जानकारियां समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। विशेष रूप से सफल विभूतियों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यह समझने का अवसर मिलता है कि कैसे कठिन संघर्षों और निरंतर प्रयासों के बाद लोग सफलता के शिखर तक पहुंचे हैं। ऐसी प्रेरक कहानियां जीवन में आगे बढ़ने का साहस और संकल्प देती हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन में हमेशा ऐसा कार्य करने का प्रयास करें जिसमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि दूसरों की मदद करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का निस्वार्थ भाव हो। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के आत्मीय जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने भी राज्यपाल को स्व-निर्मित उपहार भेंट कर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य

          इस अवसर पर राज्यपाल ने पर्यावरण एवं जल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मानव, पशु एवं प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस संतुलन को कायम रखने में वृक्षों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेड़ों को बचाना और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

         राज्यपाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ष्हमने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन पानी भी खरीदकर पीना पड़ेगा। इसलिए जल का संवर्धन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमने आज पेड़ों को नहीं संभाला, तो आने वाले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इंसान ही स्वच्छ हवा और पानी को प्रदूषित कर रहा है, इसलिए इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी इंसान की ही है।

अंगदान और देहदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा

          राज्यपाल डेका ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा और शोध (त्मेमंतबी) के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान और देहदान का संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के सच्चे नायक हैं। उन्हें अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यह संवेदनशीलता और मानवता का सबसे उच्च भाव है, जिसे हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

75 नागरिक और रायपुर कलेक्टर हुए सम्मानित

         कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, रायपुर जिले के कलेक्टर गौरव सिंह को भी इस पुनीत क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान व देहदान का संकल्प लेने वाले प्रबुद्ध नागरिक, बालिका गृह की बालिकाएं तथा उनके शिक्षक उपस्थित थे।

बस्तर में खाद की कालाबाजारी रोकने बड़ा कदम, अब आधार कार्ड दिखाने पर ही मिलेगा उर्वरक

बस्तर.

बस्तर में रासायनिक खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है. अब सहकारी समितियों के साथ-साथ जिले के सभी निजी खाद विक्रेताओं को भी पॉश मशीन के जरिए ही खाद बेचनी होगी. नई व्यवस्था के तहत बिना आधार कार्ड के किसानों को खाद नहीं मिलेगी.

हर खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड सीधे सरकारी पोर्टल पर दर्ज होगा. फसलों और भूमि की जरूरत के अनुसार खाद वितरण की सीमा भी तय कर दी गई है. जिले में 184 निजी खाद विक्रेता पंजीकृत हैं, लेकिन अभी 20 दुकानदारों के पास पॉश मशीन नहीं है. कृषि विभाग को आशंका है कि बिना मशीन वाले विक्रेता नियमों का उल्लंघन कर सकते हैं. इसीलिए उनकी यूनिक आईडी तैयार कर निगरानी बढ़ाई जा रही है.

पिछले पांच वर्षों में जिले में रासायनिक खाद की खपत 27 हजार टन से बढ़कर 40 हजार टन से अधिक पहुंच गई है. बढ़ती मांग के बीच विभाग पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित करने में जुटा है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. नई व्यवस्था से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध होने की उम्मीद है.

पुराने बिजली बिल से मिलेगी राहत! 30 जून तक रजिस्ट्रेशन पर 75% तक की छूट देगी बिजली कंपनी

रायपुर.

राज्य सरकार की ओर से पुराने बकाया बिजली बिल में बड़ी छूट दी जा रही है। लेकिन इसके लिए लोगों को मोर बिजली एप में पंजीयन कराना होगा। इसके बाद ही पुराने बिल की गणना की जाएगी। फिर तय किया जाएगा कि कितनी छूट दी जा सकती है। अभी तक केवल रायपुर जिले में ही 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन करा लिया है।

प्रारंभिक गणना में इन सभी को 40 लाख तक की छूट मिलने की संभावना है। बिजली बिल में छूट और माफी के लिए 30 जून तक पंजीयन कराया जा सकता है। इसलिए अंतिम आंकड़े तय तारीख के बाद ही जारी किए जाएंगे। अफसरों का दावा है कि यह योजना लोगों को काफी पसंद आ रही है। इसलिए एक महीने के बाद आंकड़ा दोगुना से भी ज्यादा होने की संभावना है। इससे राज्य सरकार को भी बड़ा फायदा होगा। लंबित बिजली बिल का भुगतान होने से करोड़ों की आय होगी।

जाने क्या है योजना
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से प्रदेश के लाखों घरेलू, कृषि और बीपीएल उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में भारी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लाई गई है। इस योजना के तहत ही 30 जून तक पंजीयन कराया जा सकता है।

इस तरह कर सकते हैं पंजीयन
लोग घर बैठे इस योजना में पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए मोबाइल पर मोर बिजली एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद योजना की जानकारी वाला विज्ञापन स्क्रीन पर दिखाई देगा। इस पर क्लिक करते ही एक फॉर्म आएगा। इस पर बिजली बिल उपभोक्ता क्रमांक, नाम, बिजली बिल जानकारी, मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके साथ ही योजना के तहत फायदा लेने के लिए ग्राहक का पंजीयन हो जाएगा। 30 जून के बाद इस आवेदन पर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कैटेगरी के अनुसार छूट तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश : जनता से अशिष्ट व्यवहार पर जीरो टॉलरेंस, दुर्ग जनपद सीईओ निलंबित

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश : जनता से अशिष्ट व्यवहार पर जीरो टॉलरेंस, दुर्ग जनपद सीईओ निलंबित

मुख्यमंत्री की दोटूक : सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि, जनता से अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं

रायपुर 
 सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग, रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के विपरीत है। इस संबंध में संभागायुक्त दुर्ग द्वारा पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा। 

लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। 

निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता, सादगी और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त कर रही : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता, सादगी और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त कर रही : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बेमेतरा में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

विधायक दीपेश साहू ने सामूहिक विवाह में शामिल होकर प्रस्तुत की प्रेरणादायी मिसाल, बैलगाड़ी में निकली बारात बनी आकर्षण का केंद्र

रायपुर 
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज में समानता, सामाजिक समरसता, सादगी और सकारात्मक मूल्यों को सशक्त करने का प्रभावी माध्यम बन रही है। यह योजना बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार की संवेदनशील सोच को प्रतिबिंबित करती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता और सहभागिता की भावना को मजबूत करते हैं। सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए यह योजना सम्मानजनक और गरिमापूर्ण विवाह का अवसर प्रदान कर रही है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वातावरण निर्मित हो रहा है। उन्होंने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और सामाजिक मूल्यों का मिलन होता है।

इस अवसर पर बेमेतरा विधायक दीपेश साहू भी वैवाहिक बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री साय ने विधायक साहू के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए सामूहिक विवाह जैसे आयोजन का हिस्सा बनना और सादगीपूर्ण तरीके से विवाह करना समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक बैलगाड़ी में बारात निकालकर विधायक दीपेश साहू ने हमारी समृद्ध लोक परंपराओं, सांस्कृतिक जड़ों और सामाजिक समरसता को सम्मान देने का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह संदेश देता है कि आधुनिक जीवनशैली और सार्वजनिक दायित्वों के बीच भी अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़ाव बनाए रखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री साय ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वैवाहिक जीवन विश्वास, प्रेम, सम्मान और पारस्परिक सहयोग की मजबूत नींव पर आगे बढ़ता है। उन्होंने प्रभु राम से सभी नवदंपतियों के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय दाम्पत्य जीवन की प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी जोड़े समाज और परिवार के लिए प्रेरणादायी जीवन का उदाहरण बनें।

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