​राजस्व सुधारों की नई इबारत लिखता छत्तीसगढ़: ‘ऑटो म्यूटेशन’ और ‘ऑटो डायवर्सन’ से जमीन संबंधी सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव

​राजस्व सुधारों की नई इबारत लिखता छत्तीसगढ़: ‘ऑटो म्यूटेशन’ और ‘ऑटो डायवर्सन’ से जमीन संबंधी सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव

​99.95 प्रतिशत ऑटो म्यूटेशन सफलता दर ने रचा रिकॉर्ड, ऑटो डायवर्सन में 83.71 प्रतिशत प्रकरणों का हुआ निराकरण

​कोरिया बना नंबर-1, धमतरी ने टॉप-5 में दर्ज कराई दमदार मौजूदगी; जिलों के प्रदर्शन ने दिखाई जवाबदेह प्रशासन की तस्वीर

​NGDRS इंटीग्रेशन, मल्टीपल खसरा और रिकवरी मॉड्यूल से राजस्व सेवाओं को मिलेगा नया डिजिटल ढांचा

​आम नागरिक को दफ्तरों के चक्कर से राहत, पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण के साथ सुशासन का मजबूत मॉडल बन रहा छत्तीसगढ़

​रायपुर
सुशासन के नए डिजिटल युग में राजस्व प्रशासन अब फाइलों और लंबित प्रकरणों के पारंपरिक चक्रव्यूह से बाहर निकल चुका है। राज्य शासन के राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने तकनीक को माध्यम बनाकर जमीन से जुड़ी सेवाओं का पूरी तरह कायाकल्प कर दिया है। ‘ऑटो म्यूटेशन’ (स्वतः नामांतरण) और ‘ऑटो डायवर्सन’ (स्वतः व्यवर्तन) जैसी जन-हितैषी व्यवस्थाओं ने विभाग को तेज, पारदर्शी और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त बनाया है। इससे आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर, लंबे इंतजार और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से स्थायी मुक्ति मिली है।

     ​पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और भौतिक सत्यापन की थकाऊ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति से अब यह स्वतः संपन्न हो रहा है। इसके साथ ही, भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) के लिए आवेदन, प्रीमियम निर्धारण और शुल्क गणना को भी आधुनिक तकनीक से त्रुटिहीन बनाया गया है। छत्तीसगढ़ का यह डिजिटल गवर्नेंस मॉडल आज देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।

​आंकड़ों की जुबानी: सफलता की एक नई गाथा

       ​राजस्व विभाग द्वारा जारी प्रामाणिक आंकड़े इस ऐतिहासिक परिवर्तन की गवाही देते हैं। राज्य में अब तक कुल 1 लाख 40 हज़ार 607 पंजीकृत विलेखों में से रिकॉर्ड 1 लाख 40 हज़ार 536 मामलों का सफलतापूर्वक ऑटो म्यूटेशन किया जा चुका है। संपूर्ण प्रदेश में केवल 71 प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं, जिससे विभाग ने 99.95 प्रतिशत की अभूतपूर्व सफलता दर हासिल की है।

      ​वहीं दूसरी ओर, ‘ऑटो डायवर्सन’ व्यवस्था के तहत कुल 5 हजार 661 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 4 हज़ार 739 मामलों का त्वरित निराकरण किया गया। इस प्रकार 83.71 प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण कर यह साबित कर दिया गया कि जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं को भी डिजिटल माध्यम से सुगम और पारदर्शी बनाया जा सकता है। राजस्व सेवाएँ सीधे नागरिक के जीवन, संपत्ति और निवेश से जुड़ी होती हैं; अतः इनमें गति आने से राज्य की आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिली है।

​ऑटो म्यूटेशन ने बदली नामांतरण की तस्वीर

     ​किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद भू-अभिलेखों में नाम दर्ज होना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। पुराने दौर में पटवारियों और तहसील कार्यालयों के चक्कर काटना, दस्तावेजों की जांच में महीनों गंवाना और अनिश्चितता का सामना करना आम बात थी, जिसने भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दिया।

      ​आज छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल चुकी है। 1 लाख 40 हज़ार 607 पंजीकृत विलेखों में से 1 लाख 40 हज़ार 536 मामलों का स्वतः नामांतरण होना यह दर्शाता है कि अब नागरिक को अपने हक के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से समय और धन की भारी बचत हो रही है और रिकॉर्ड रीयल-टाइम अपडेट होने से जमीनी धोखाधड़ी पर लगाम लगी है।

     ​इस सफलता को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा एक सख्त तकनीकी लॉक सिस्टम विकसित किया गया है। इसके तहत, यदि किसी संपत्ति का एक भी पुराना ऑटो म्यूटेशन लंबित है, तो संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उस संपत्ति की अगली रजिस्ट्री तब तक नहीं हो पाएगी जब तक पिछला म्यूटेशन क्लियर न हो जाए। यह कदम निचले स्तर के प्रशासनिक अमले को जवाबदेह बनाता है।

​ऑटो डायवर्सन से भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया हुई तेज

     ​कृषि भूमि को आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपयोग में बदलना (डायवर्सन) शहरीकरण, निवेश और रोजगार सृजन की रीढ़ है। पहले आवेदकों को शुल्क, आवश्यक दस्तावेजों और समय सीमा की स्पष्ट जानकारी नहीं होती थी।

      ​फरवरी से जून 2026 के बीच 5 हजार 661 आवेदनों में से 4 हजार 739 का त्वरित निस्तारण यह दिखाता है कि विभाग ने गाइडलाइन दरों के आधार पर प्रीमियम निर्धारण जैसी पेचीदा प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर दिया है। वर्तमान में जो 922 लंबित मामले हैं, उनके पीछे अपूर्ण दस्तावेज, चालान राशि में तकनीकी अंतर या नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) के मास्टर प्लान से भिन्न प्रयोजन होना जैसे व्यावहारिक कारण हैं। इन चुनौतियों को सार्वजनिक करना विभाग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।

​जिला-वार प्रदर्शन ने दिखाई नई प्रशासनिक संस्कृति

     ​ऑटो डायवर्सन के क्रियान्वयन में जिलों के बीच एक स्वस्थ और परिणाम-उन्मुख प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जो यह प्रमाणित करती है कि सुधार जमीनी स्तर पर लागू हो चुके हैं। कोरिया जिला कुल 59 प्रकरणों में से सभी 59 का शत-प्रतिशत निराकरण कर 100 प्रतिशत सफलता दर के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा।कोरबा जिला 98.46 प्रतिशत की सफलता दर के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसी तरह ​मुंगेली जिला 94.16 प्रतिशत मामलों का निपटारा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।​बालोद जिला 93.72 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ शीर्ष जिलों में शामिल रहा।​धमतरी जिला कुल 165 प्रकरणों में से 153 का वैधानिक निराकरण कर 92.73 प्रतिशत सफलता दर के साथ राज्य में पाँचवाँ (शीर्ष-5) स्थान प्राप्त किया। धमतरी का यह प्रदर्शन नियमित समीक्षा और जवाबदेह कार्यशैली का परिणाम है।

​तकनीकी सुधार और नए डिजिटल मॉड्यूल्स

      ​विभाग अपनी वर्तमान उपलब्धियों से आगे बढ़कर एक एकीकृत ‘डिजिटल इकोसिस्टम’ के निर्माण में जुटा है। ​NGDRS API Integration इसके माध्यम से सरकारी गाइडलाइन दरें सीधे पोर्टल से प्राप्त हो रही हैं, जिससे प्रीमियम का निर्धारण मानवीय हस्तक्षेप के बिना पूरी तरह स्वचालित और पारदर्शी हो गया है।

​’Diverted to Diverted’ मॉड्यूल:

      यदि पहले से डायवर्टेड भूमि का आंतरिक उपयोग बदलना हो (जैसे आवासीय से वाणिज्यिक), तो इस मॉड्यूल के तहत निस्तारण के लिए 15 दिवस की समय सीमा तय की गई है।

​’मल्टीपल खसरा’ मॉड्यूल 

      एक से अधिक खसरों वाली भूमि के लिए अब एक ही आवेदन में अनेक खसरों का चयन, स्वतः शुल्क गणना और ई-चालान की सुविधा मिलेगी। इसके लिए समय सीमा जुलाई 2026 रखा गया है।

​’रिकवरी’ मॉड्यूल
 
    पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लिए पूर्व भुगतानों की प्रविष्टि, शेष प्रीमियम की गणना, भू-राजस्व/उपकर की मांग और एक उच्च स्तरीय रिकवरी डैशबोर्ड की व्यवस्था की जाएगी।इसके लिए समय सीमा अगस्त 2026 निर्धारित किया गया है।

​सुशासन का नया मॉडल बनता छत्तीसगढ़

     ​यह ऐतिहासिक बदलाव सिर्फ तकनीकी आंकड़ों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पौने तीन करोड़ नागरिकों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने का माध्यम है। किसान, गृहस्वामी, व्यापारी और औद्योगिक निवेशक सभी को अब घर बैठे अपने मोबाइल पर पारदर्शी सेवाएँ मिल रही हैं।

     ​दिसंबर 2026 तक के लिए तय किए गए रोडमैप के अनुसार, राज्य के सभी क्षेत्रों की सैटेलाइट/ड्रोन मैपिंग, टीएनसीपी  से एनओसी लिंकिंग और मुख्य भू-अभिलेख पोर्टल का वृहद् अपग्रेडेशन किया जाना है। ये कदम छत्तीसगढ़ को डिजिटल राजस्व प्रशासन के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय बेंचमार्क के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। तकनीक, संवेदनशीलता और जवाबदेही के इस बेजोड़ संगम से छत्तीसगढ़ ने जन-केंद्रित शासन की एक नई मिसाल पेश की है।

विष्णु प्रसाद वर्मा
  सहायक संचालक

स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं को मिलेगा नया संबल, डीएमएफ से 4.13 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी

स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं को मिलेगा नया संबल, डीएमएफ से 4.13 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ में आधारभूत सुविधाओं का लगातार हो रहा विस्तार

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) द्वारा 4 करोड़ 13 लाख 82 हजार 400 रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले के ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से धरमजयगढ़ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा के निर्माण एवं उन्नयन कार्य के लिए 2 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पांच पेयजल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। ग्राम गोरपार एवं नंदगांव में 25 केएल सम्पवेल आधारित पेयजल व्यवस्था के लिए 6 लाख 47 हजार 700 रुपये-रुपये, ग्राम शहपुर में नलकूप खनन, रॉ-वॉटर पंप एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 9 लाख 94 हजार रुपये, ग्राम नवापारा के लिए 5 लाख 32 हजार रुपये तथा ग्राम पुसल्दा के लिए 8 लाख 45 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से संबंधित गांवों में स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

युवाओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) भवन के जीर्णोद्धार हेतु 82 लाख 86 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे संस्थान की अधोसंरचना मजबूत होगी और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।

शिक्षा के क्षेत्र में भी ग्राम पंचायत साम्हारसिंघा में नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई है। नए भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य संबंधी कार्य छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी), पेयजल योजनाएं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आईटीआई भवन का जीर्णोद्धार छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड तथा प्राथमिक शाला भवन का निर्माण जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के माध्यम से कराया जाएगा।

डीएमएफ से स्वीकृत इन विकास कार्यों के पूरा होने से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं का दायरा और मजबूत होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध होने के साथ जिले के समग्र एवं संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।

CG के मुख्य सचिव ने PM आवास 2.0 टास्क फोर्स की बैठक ली, पात्र आवासहीनों को जल्द पक्का घर देने के निर्देश

रायपुर.

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टाक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रोजेक्ट के लिए भूमि के सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास 2.0 के लिए हितग्राही की पहचान कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने आबादी भूमि पर रहने वाले पात्र हितग्राहियों को ढूंढकर सत्यापन करना एवं उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए समूचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को नगरीय निकायों मेें वर्तमान और भविष्य की आवासीय आवश्यकता का आंकलन कर कार्ययोजना बनाने कहा है। जिससे समय पर हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें।

इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनांतर्गत हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यकतानुसार आवास बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में नगरीय एवं प्रशासन विकास विभाग की सचिव आर.शंगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

शिक्षा मंत्री ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा

रायपुर.

प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पद्म विभूषण से सम्मानित, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा इस दुःख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार 14 जुलाई को आयोजित होने वाले दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में परिवारजनों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक व्यवस्थाओं की चर्चा की। यादव ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई का निधन केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी विलक्षण पंडवानी गायन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका सांस्कृतिक योगदान, व्यक्तित्व और कला सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिवंगत डॉ. तीजन बाई के प्रशंसकों, कला जगत से जुड़े लोगों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति को देखते हुए बैठक, भोजन, आवागमन सहित सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने परिवारजनों से आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आश्वस्त किया कि राज्य शासन इस अवसर पर हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर महापौर निर्मल कोसरे, ग्रामवासी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

CM विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान, 3D Blast हादसे में मृतकों के परिजनों को ₹30-30 लाख की सहायता

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में 3 मजदूरों की मौत हो गई. घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं मृतकों के परिवार को कारखना प्रबंधन ने आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा कर दी है.

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में फेरो अलॉय बनाने का काम होता था. मंगलवार की शाम 6 बजे ब्लास्ट की घटना हुई. फेरो एलॉयज डिवीजन में संचालित फर्नेस में लान्सिंग करने के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर में अचानक भीषण विस्फोट होने के कारण दुर्घटना घटित हुई. फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना को लेकर मुख्यमंत्री साय ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हादसे के बाद कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है. मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगे भी उद्योगों में सुरक्षा पर कड़ाई से काम किया जाएगा.

मृतकों के परिजनों को 30 लाख का मुआवजा
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने घटना को लेकर कहा कि उरला के थ्री डी फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना बेहद दुखद है. फैक्ट्री को तत्काल बंद कर दिया गया है. साथ ही घटना की जांच के आदेश भी दिए गए है. उन्होंने बताया कि मृतकों 30-30 लाख मुआवजे का प्रावधान किया गया हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसपर कार्रवाई की जाएगी.

बिलासपुर में जल जीवन मिशन की सुस्ती पर भड़के केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, बिजली कटौती पर भी अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर.

जनप्रतिनिधियों ने लगातार बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर क्षमता की समस्या उठाई, जिस पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्थायी समाधान तैयार करने को कहा. जल जीवन मिशन की सुस्ती और आत्मा योजना की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया.

कलेक्टोरेट के सभागार मंथन में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सिर्फ विभागीय समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह जिले की बुनियादी समस्याओं पर खुली चर्चा का मंच बन गई. केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बिजली, पेयजल, शिक्षा और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. बैठक में सबसे ज्यादा चिंता बिजली व्यवस्था को लेकर सामने आई. कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों बाद इस बार आम लोगों से लेकर उद्योग और व्यवसाय तक बिजली संकट से प्रभावित हुए. मंत्री ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि आगे ऐसी स्थिति न बने, जहां ट्रांसफार्मर क्षमता कम होने से समस्या आ रही है, वहां क्षमता बढ़ाने और स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए.

इसके बाद जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान भी मंत्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों से कार्यों की रफ्तार वहीं की वहीं रूकी हुई है. जिससे केंद्र की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल इस मिशन का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है. अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए. कृषि विभाग की समीक्षा में सामने आया कि आत्मा योजना के तहत लंबे समय से बैठक नहीं हुई. इस पर मंत्री ने नियमित बैठकें आयोजित करने और किसानों के बीच जैविक खेती, उन्नत तकनीक तथा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए. बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्रामीण आवास, स्मार्ट सिटी, जल संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कौशल विकास और अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई.

अपोलो में सरकारी योजनाएं क्यों लागू नहीं?
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान सीएमएचओ से कहा कि जिले में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होने कहा कि अपोलो अस्पताल के लिए सरकारी जमीन मात्र एक रुपये प्रति वर्गफीट की दर से उपलब्ध कराई गई थी. इसके बावजूद अस्पताल में शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का समुचित लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा है. उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए.

शिक्षा की बुनियाद मजबूत करने की जरूरत
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी मंत्री ने चिंता जताई. उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि प्राथमिक कक्षाओं से ही शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के जरूरत है. उनका कहना था कि यदि शुरुआती शिक्षा मजबूत नहीं होगी तो विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित होगा. उन्होंने प्राचार्यों और पालकों के साथ नियमित संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए. वहीं शिक्षा विभाग को प्राथमिक कक्षाओं से गुणवत्ता सुधारने को कहा.

सड़कों से मवेशी हटाने बनेगी रणनीति
दिशा बैठक में सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की समस्या भी उठी. केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने जनपद पंचायत के सीईओ और सरपंचों को समन्वय बनाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पशुपालकों को जागरूक करने, आवश्यक दिशा-निर्देश देने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की जाए, ताकि सड़कों से मवेशियों को हटाकर दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.

ये रहे बैठक में उपस्थित
जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, सहित जनपद पंचायत, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष उपस्थित थे. कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया.

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 19 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, इंद्रजीत बर्मन बने स्वास्थ्य संचालक

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 अधिकारियों के ताबदले का आदेश जारी किया है. इस फेरबदल में नगर निगमों के आयुक्तों सहित विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है.

जारी आदेश के अनुसार अरुण कुमार वर्मा को नगर निगम धमतरी का आयुक्त बनाया गया है. वहीं शशांक पांडे को अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा जी. आर. मरकाम को नगर निगम राजनांदगांव का आयुक्त, विजेंद्र सिंह को नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त और इंद्रजीत बर्मन को संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें में अपर संचालक नियुक्त किया गया है.

जिला पंचायतों और नगर निगमों में भी बदलाव
इसके अलावा नयनतारा सिंह तोमर को अपर संचालक, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, प्रमाकर पाण्डेय को संयुक्त संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, अभिषेक कुमार गुप्ता को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी और विनय कुमार पोयाम को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जांजगीर चांपा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। योगेंद्र श्रीवास्तव को जिला पंचायत कोरिया का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह ट्रांसफर आदेश जारी किया है।

अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव

  • अरुण कुमार वर्मा: नगर निगम धमतरी का आयुक्त
  • शशांक पांडे: अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन
  • जी. आर. मरकाम: नगर निगम राजनांदगांव का आयुक्त
  • विजेंद्र सिंह: नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त
  • इंद्रजीत बर्मन: संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें में अपर संचालक
  • राजीव कुमार पाण्डेय : अपर संचालक, उच्च शिक्षा संचालनालय
  • भारती चन्द्राकर: अतिरिक्त प्रबंध संचालक, मार्कफेड
  • दिनेश कुमार नागा: छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड में महाप्रबंधक
  • नयनतारा सिंह तोमर: अपर संचालक, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय
  • प्रमाकर पाण्डेय: संयुक्त संचालक, खेल एवं युवा कल्याण
  • अभिषेक कुमार गुप्ता: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी
  • विनय कुमार पोयाम: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जांजगीर चांपा
  • योगेंद्र श्रीवास्तव: जिला पंचायत कोरिया का मुख्य कार्यपालन अधिकारी

PM आवास योजना: डिप्टी CM विजय शर्मा ने शिवराज चौहान को लिखा पत्र, पात्र हितग्राहियों को जल्द लाभ दिलाने की मांग

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है.

उन्होंने आवास प्लस 2.0 सर्वे के दौरान आई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का उल्लेख करते हुए सर्वे से छूटे पात्र हितग्राहियों को योजना में शामिल करने का आग्रह किया है. साथ ही भारत सरकार से इस संबंध में आवश्यक निर्णय और पहल करने की अपील की है.

राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन का किया उल्लेख
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन की सराहना की. साथ ही उनके प्रति आभार भी व्यक्त किया. पत्र में सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए उस आश्वासन का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित नहीं रहेगा. विजय शर्मा ने इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ में योजना के क्रियान्वयन के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया.

आवास प्लस 2.0 की सूची में सामने आईं दिक्कतें
विजय शर्मा ने पत्र में बताया कि 24 जून को प्रदेशभर की ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की पात्रता सूची प्रस्तुत की गई थी. इस प्रक्रिया के दौरान कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं. उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र परिवार पलायन या अन्य कारणों से अपने गांव में मौजूद नहीं थे, जिसके चलते उनका सर्वे नहीं हो सका और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो पाया. इसके अलावा कुछ ऐसे परिवार भी रहे, जिनका सर्वेक्षण तो किया गया, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट या प्रदर्शित नहीं हो सकी. परिणामस्वरूप ग्राम सभा में उनकी पात्रता दर्ज नहीं हो पाई, जबकि वे योजना के लाभ के पात्र हैं.

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समाधान निकालने का किया आग्रह
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने पत्र में कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश के बड़ी संख्या में पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ से वंचित रह गए हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय लिए जाएं और उचित पहल की जाए, ताकि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे. पत्र के अंत में विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूरी तरह साकार करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया. साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए जा रहे निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है.

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 5 जिला पंचायत CEO के तबादले, एक्का को SUDA का अतिरिक्त प्रभार

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के तहत पांच जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) का तबादला किया गया है।

इसके अलावा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक रेमिजियुस एक्का को राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। आदेश के अनुसार, रेमिजियुस एक्का (भा.प्र.से. 2011) अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

इसके अलावा निम्न अधिकारियों के तबादले किए गए हैं –

  • गजेन्द्र सिंह ठाकुर। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी को उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास विभाग में पदस्थ किया गया है।
  • प्रतीक जैन को जिला पंचायत बस्तर से जिला पंचायत कोरबा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
  • सुरुचि सिंह को जिला पंचायत राजनांदगांव से आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाई पदस्थ किया गया है।
  • जयंत नाहटा को जिला पंचायत दंतेवाड़ा से जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
  • एम. भार्गव अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), डोंगरगढ़ को जिला पंचायत दंतेवाड़ा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
  • तनय खत्रा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कटघोरा को जिला पंचायत बस्तर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
  • दुर्गा प्रसाद अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा को जिला पंचायत राजनांदगांव का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

CM विष्णु देव साय आज कवर्धा में BJP के नए जिला कार्यालय का करेंगे लोकार्पण, कार्यकर्ताओं को देंगे बड़ी सौगात

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 11:10 बजे रायपुर से कवर्धा के लिए रवाना होंगे. कवर्धा में वे नवीन भाजपा कार्यालय का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद दोपहर 1:30 बजे कवर्धा से रायपुर लौटेंगे. दोपहर 2:10 बजे से शाम 4 बजे तक मुख्यमंत्री नया रायपुर स्थित मंत्रालय में कार्यालयीन कार्य करेंगे.

इसके बाद शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक साय कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. 5:30 बजे से 6:00 बजे तक मंत्रिमंडल उप समिति की बैठक में शामिल होंगे. शाम 6 बजे से 6:15 बजे तक मुख्यमंत्री शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पकालीन ऋण सुविधा योजना कार्यक्रम में भाग लेंगे. वहीं, रात 7:30 बजे डुमरतराई फेस-2 स्थित थोक बाजार में आयोजित नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे. कार्यक्रमों के बाद रात 8:30 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे.

मानसून सत्र से पहले आज होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक
रायपुर.
मानसून सत्र से पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी. शाम 4 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होने वाली इस बैठक में 13 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की जाएगी. बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा. साथ ही प्रदेशहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है.

उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यों की आज होगी समीक्षा
रायपुर. आज पर्यावरण संरक्षण मंडल की अहम बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद करेंगे. बैठक में उद्योगों को दिए गए वृक्षारोपण लक्ष्यों और उनकी प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण और रखरखाव की व्यवस्था पर चर्चा होगी. उद्योगवार वृक्षारोपण कार्ययोजना की समीक्षा कर आगामी रणनीति भी तय की जाएगी.

स्व. तीजन बाई को मुक्ताकाशी मंच से  दी जाएगी श्रद्धांजलि
रायपुर. आज पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित कार्यक्रम में लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें नमन करेंगे. श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री, सांसद, विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. इसके अलावा पद्मश्री और राज्य अलंकरण से सम्मानित अनेक कलाकार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर स्व. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

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