मुख्य सचिव ने ई-प्रगति पोर्टल पर जियोटैग फोटो के साथ रिपोर्ट अपलोड करने के दिए निर्देश

रायपुर

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ई-प्रगति पोर्टल की 5 प्रमुख परियोजनाएं
        
समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4G स्टेशन DVN मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला)

साप्ताहिक मॉनिटरिंग और कड़े प्रशासनिक निर्देश
         
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (Photo Geo-tag) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।
        
इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक, कई बड़े फैसलों की उम्मीद

रायपुर 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। राज्य सरकार की इस अहम कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों, विकास कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

बैठक को लेकर मंत्रालय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार प्रदेश के विकास, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय ले सकती है। इसके अलावा आगामी योजनाओं की समीक्षा और नई घोषणाओं को लेकर भी मंत्रिपरिषद में चर्चा संभावित है।

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को फैसलों की जानकारी देने के लिए मंत्रालय के भू-तल स्थित एस-0-12 कक्ष में आधिकारिक ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी। इस दौरान सरकार के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। मंत्रालय परिसर में प्रवेश के लिए गेट नंबर 4 निर्धारित किया गया है, जहां से मीडिया प्रतिनिधियों और आमंत्रित लोगों को प्रवेश दिया जाएगा।

जनसंपर्क संचालनालय की ओर से मीडिया प्रतिनिधियों की सुविधा के लिए विशेष वाहन व्यवस्था भी की गई है। वाहन छोटापारा स्थित जनसंपर्क संचालनालय कार्यालय से शाम 7 बजे मंत्रालय के लिए रवाना होगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, नई परियोजनाओं की स्वीकृति और विभिन्न विभागों के बजट संबंधी विषयों पर भी मंत्रिपरिषद में विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रदेश की जनता की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि कैबिनेट में लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर आम लोगों, किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और व्यापारिक वर्ग पर पड़ सकता है। अब सभी को बैठक के बाद होने वाली आधिकारिक ब्रीफिंग का इंतजार है, जिसमें सरकार के बड़े फैसलों का खुलासा होगा।

PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर CM साय ने दी बधाई, विकास को बताया नई रफ्तार

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।

सीएम साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत @2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुंच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले। मुख्यमंत्री ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

सहकारिता की मजबूती से किसानों को बनाया जाए आत्मनिर्भर- मुख्य सचिव श्री विकासशील

रायपुर

 छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील ने राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुलभता से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के कृषकों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के कार्यों से सीधे जोड़ा जाए।

अन्न भंडारण और जनकल्याणकारी सुविधाओं की समीक्षा
         
मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में समितियों के गठन, उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स (PACS) गोदामों के निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समितियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण अंचलों में विस्तारित करने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय समितियों से जुड़ेंगे पैक्स, डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा

राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व
           
बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की अनिवार्य सदस्यता दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

मक्का एवं दलहन का उपार्जन
          
समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन के सुचारू उपार्जन हेतु पैक्स समितियों एवं किसानों का पंजीयनNCCF और NAFED के आधिकारिक पोर्टल्स पर करने के निर्देश दिए गए हैं।

माइक्रो एटीएम और रूपे कार्ड
          
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम (Micro ATM) स्थापित करने तथा सभी सदस्यों को रूपे (Rupay) , किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने के कार्यों की समीक्षा की गई।

शक्कर कारखानों में इथेनॉल प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
           
मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों  के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राज्य के शहरी सहकारी बैंकों को अम्ब्रेला संगठन से जोड़ने, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना, समितियों के लिए श्रैंकिंग फ्रेमवर्कश् तैयार करने तथा पैक्स के माध्यम से ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।
          
इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता  महादेव कावरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक), भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण, एफसीआई (FCI), राज्य भंडारगृह निगम, नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।

हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा सिविल सर्विसेस परीक्षा 2027 की कोचिंग हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित- मिर्जा एजाज बेग

रायपुर

यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सर्विसेस परीक्षा 2027 में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई में संचालित कोचिंग एवं गाइडेंस सेल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिये प्रवेश हेतु हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा इच्छुक विद्यार्थियों से ऑनलाईन आवेदन दिनांक 10 जून 2026 तक आमंत्रित किये गये है। ऑनलाइन आवेदन एवं अर्हताओं का संपूर्ण विवरण हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाईट www.hajcommittee.gov.in पर उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन मिर्ज़ा एजाज बेग ने बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई में, यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सर्विसेस परीक्षा में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए कोचिंग एवं गाइडेंस सेल का संचालन किया जाता है । उक्त कोचिंग एवं गाइडेंस सेल में प्रवेश के लिये इच्छुक विद्यार्थियों से ऑनलाईन आवेदन दिनांक 10 जून 2026 तक आमंत्रित किये गये है। अर्हता पूर्ण करने वाले विद्यार्थियो का इंटरेंस टेस्ट दिनांक 28 जून 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा रायपुर में आयोजित किया जावेगा। अधिक जानकारी के लिये कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के दूरभाष 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।

दंतेवाड़ा में अवैध लौह अयस्क का बड़ा खेल उजागर, पहाड़ियों से मैदान तक मिले ढेर

दंतेवाड़ा.

पंडेवार में दो ट्रक और एक जेसीबी की जब्ती के बाद अब लौह अयस्क के बड़े खेल की परतें खुलने लगी हैं। पंडेवार से बैलाडीला तक कई जगह खुले में अयस्क के बड़े-बड़े ढेर मिले हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पहाड़ियों से ट्रैक्टरों के जरिए अयस्क नीचे लाया गया। इसके बाद ट्रकों से बाहर भेजने की तैयारी चल रही थी।

कई जगह अस्थायी रास्ते भी बनाए गए हैं, जिससे साफ है कि यह काम लंबे समय से चल रहा था। जानकारों के मुताबिक एक ट्रक में 40 से 50 टन तक लौह अयस्क लोड होता है। एक खेप की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये तक बताई जा रही है। यानी यह सिर्फ छोटे स्तर की चोरी नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का संकेत माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि खुले में हो रहा इतना बड़ा भंडारण विभागीय निगरानी से कैसे बच गया।

पहाड़ियों के नीचे दर्जनों ट्रक लम्प्स जमा होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौका देखकर माल बाहर भेजने की तैयारी थी। डीएफओ ने जांच टीम भेजने और अवैध भंडारण मिलने पर जब्ती की बात कही है। अब नजर इस बात पर है कि कार्रवाई सिर्फ वाहनों तक सीमित रहती है या पूरे नेटवर्क तक पहुंचती है।

चिल्ड्रन पार्क की जमीन पर कब्जा, 22 टुकड़ों में बेचकर बना दी अवैध कॉलोनी

खैरागढ़.

शहर में नजूल और मेंटेनेंस खसरा की जमीन पर कथित अवैध प्लाटिंग का मामला अब बड़े खुलासे में बदलता जा रहा है। सरकारी दस्तावेज, जांच प्रतिवेदन और पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि जिस जमीन पर कभी बच्चों का पार्क हुआ करता था, उसी जमीन को धीरे-धीरे टुकड़ों में बांटकर बेच दिया गया और वहां पूरी कॉलोनी और बड़े कॉम्प्लेक्स खड़े हो गए।

मामला राजनांदगांव-कवर्धा मेन रोड पर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के सामने स्थित प्लॉट नंबर 114 और 115 का है। पुराने सरकारी रिकॉर्ड में प्लॉट नंबर 114 को “एडवर्ड चिल्ड्रन पार्क” और प्लॉट नंबर 115 को पार्क की बाड़ी के रूप में दर्ज बताया गया है। आजादी से पहले इस क्षेत्र को “अल्फ्रेड पार्क” कहा जाता था। स्वतंत्रता के बाद यह स्थान राजा लालबहादुर सिंह के नाम से पहचाना जाने लगा और वहां उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार बाद में राजा लालबहादुर सिंह की प्रतिमा को वहां से हटाकर डोंगरगढ़ स्थित “लाल निवास” में स्थापित कर दिया गया। इसके बाद धीरे-धीरे पूरी जमीन निजी हाथों में जाती चली गई और छोटे-छोटे हिस्सों में बिकने लगी।

सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि पहले यह जमीन राजा बहादुर वीरेंद्र बहादुर सिंह के नाम दर्ज थी। वर्ष 1974 में यह जमीन उनकी अवयस्क नातिन स्मृति देवी सिंह के नाम चढ़ गई। इसके बाद वर्षों तक जमीन के हिस्से अलग-अलग लोगों को बेचे जाते रहे। जांच प्रतिवेदन के अनुसार करीब एक लाख वर्गफीट से अधिक भूमि को लगभग 22 टुकड़ों में बांटा गया और 17 लोगों के नाम पर दर्ज कर दिया गया। बाद में इनमें से कई हिस्सों की दोबारा बिक्री भी हुई।

नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से स्वीकृत नहीं
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में नजूल और मेंटेनेंस खसरा की भूमि बताया गया है, उसे आखिर निजी प्लॉटिंग में कैसे बदल दिया गया। जांच रिपोर्ट में साफ उल्लेख है कि जमीन का वैधानिक उपविभाजन नहीं कराया गया था और नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से किसी प्रकार का ले-आउट भी स्वीकृत नहीं हुआ था। यानी कॉलोनी काटने की कानूनी अनुमति ही नहीं ली गई थी। इसके बावजूद जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और निर्माण कार्य लगातार चलते रहे। जांच दस्तावेजों में यह भी दर्ज है कि करीब 85 हजार वर्गफीट से ज्यादा जमीन बिक चुकी है और वहां बड़े मकान, कॉम्प्लेक्स और अन्य निर्माण खड़े हो चुके हैं। कुछ हिस्सों में अब भी निर्माण कार्य जारी है।

सार्वजनिक जमीन की अनुमति किसने दी?
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि प्रशासनिक स्तर पर अवैध प्लाटिंग की जानकारी पहले से मौजूद थी। जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि संबंधित विभागों को इस जमीन के संबंध में जानकारी दी गई थी, फिर भी पंजीयन और नामांतरण की प्रक्रिया नहीं रुकी। अब खैरागढ़ में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बच्चों के पार्क और सार्वजनिक उपयोग की जमीन को निजी कॉलोनी में बदलने की अनुमति किसने दी? और जब जमीन मेंटेनेंस खसरा में दर्ज थी, तब वर्षों तक उसकी खरीदी-बिक्री और निर्माण कैसे चलता रहा? यह मामला अब सिर्फ जमीन विवाद नहीं रह गया है, बल्कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और संगठित भू-कारोबार की बड़ी जांच का विषय बन चुका है।

जगदलपुर रेलवे स्टेशन पर ‘शेरा’ की तैनाती, ट्रेनों में चला एंटी-सैबोटॉज और नारकोटिक्स अभियान

जगदलपुर.

जगदलपुर रेलवे स्टेशन पर इस बार सिर्फ चेकिंग नहीं हुई, बल्कि सुरक्षा का ऐसा लाइव ट्रायल दिखा जिसने यात्रियों को भी चौकन्ना कर दिया। आरपीएफ ने स्टेशन और ट्रेनों में सघन एंटी-सैबोटॉज व नारकोटिक्स अभियान चलाया, जिसकी कमान निरीक्षक प्रवीण कुमार ने संभाली।

ऑपरेशन का सबसे बड़ा चेहरा बना स्नीफर डॉग ‘शेरा’, जिसने स्टेशन के हर संवेदनशील हिस्से को सूंघकर खंगाला। ट्रेन नंबर 58502, 18107 और 18447 में डिब्बों के भीतर तक तलाशी ली गई। वेटिंग हॉल, पार्सल एरिया और सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध सामानों की जांच की गई। यात्रियों के बैग और लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखी गई। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि पहले भी ऐसे अभियानों में गांजा और अवैध सामान पकड़े जा चुके हैं। इसी वजह से स्टेशन को लगातार हाई अलर्ट मोड में रखा गया है।

हालांकि, इस बार कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन अभियान ने असामाजिक तत्वों में डर जरूर पैदा किया। रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि अचानक होने वाले ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। ‘शेरा’ जैसे प्रशिक्षित श्वान अब रेलवे सुरक्षा की मजबूत कड़ी बन चुके हैं। उद्देश्य साफ है… सफर सुरक्षित रहे और स्टेशन अपराधियों के लिए असुरक्षित बने।

छत्तीसगढ़ योग आयोग अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा का निधन, सिम्स में ली अंतिम सांस

बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ में योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा का निधन होने की खबर सामने आई है. छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था. उनके निधन की खबर लगते ही बीजेपी में शोक की लहर है. समर्थकों का रूपनारायण सिन्हा के घर पर जुटना शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर के दौरान उन्हें अचानक से हार्ट अटैक आया है.

बिलासपुर सिम्स में कराया था भर्ती
रूपनारायण सिन्हा बीजेपी के सीनियर नेता थे. वह तिफरा में चल रहे बीजेपी के 2 दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान कार्यक्रम में शामिल थे. इस प्रशिक्षण अभियान के प्रभारी की जिम्मेदारी रूपनारायण सिन्हा के पास ही थी. लेकिन अचानक उनकी तबियत खराब हुई, जिसके बाद बिलासपुर सिम्स में लाया गया. लेकिन यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था. जिससे भाजपा में शौक की लहर दौड़ गई. रूपनारायण सिन्हा बीजेपी संगठन में सीनियर नेता माने जाते थे. वह भाजपा के सक्रिए नेताओं में शामिल थे. 

सुकमा में शिक्षा विभाग सख्त, रिजल्ट के लिए अब 75% उपस्थिति अनिवार्य

सुकमा.

सुकमा में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर अमित कुमार ने जिले के स्कूलों की मैराथन समीक्षा बैठक लेकर साफ संदेश दिया कि कमजोर प्रदर्शन अब बर्दाश्त नहीं होगा। बैठक में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और छात्रावास अधीक्षक शामिल हुए।

हर स्कूल के परीक्षा परिणाम की वन-टू-वन समीक्षा की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया गया। वहीं कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों को चेतावनी और सुधार के निर्देश दिए गए। अब बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। कम उपस्थिति वाले छात्रों को रेगुलर की जगह प्राइवेट या ओपन स्कूल से परीक्षा दिलाने की तैयारी है। कक्षा 9वीं और 11वीं के कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगेंगी।

छात्रावासों और आश्रमों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का फैसला लिया गया है। छात्रों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होगी। हर महीने टेस्ट और समीक्षा बैठकें भी होंगी। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अगले सत्र में खराब परिणाम पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।

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