छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 पर मंथन, पर्यटन और रोजगार बढ़ाने की रणनीति तैयार

रायपुर.

छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के अंतर्गत नए हितग्राहियों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के पर्यटन सूचना केंद्र जगदलपुर द्वारा जिला पंचायत बस्तर के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में इच्छुक हितग्राहियों ने भाग लिया।

’छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के तहत आयोजित बैठक में हितग्राहियों को व्यवसाय संचालन, ऋण सुविधा एवं पर्यटन संभावनाओं की जानकारी’ दी गई।

’लोगों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन करना’
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नए हितग्राहियों को होमस्टे व्यवसाय की बारीकियों से परिचित कराना, उन्हें पर्यटन आधारित स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना तथा छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति जागरूक करना था। इस सराहनीय पहल से बस्तर में सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होने की प्रबल उम्मीद है।

’पर्यटन स्थलों के विकास पर चर्चा’
बैठक के दौरान उपस्थित हितग्राहियों से उनके प्रस्तावित होमस्टे के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से जाना कि हितग्राही किस स्थान पर होमस्टे स्थापित करना चाहते हैं और उस क्षेत्र के आसपास कौन-कौन से पर्यटन स्थल या आकर्षण मौजूद हैं। अधिकारियों के अनुसार स्थानीय प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध क्षेत्रों में होमस्टे विकसित होने से पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

’सफल संचालन एवं नीतिगत नियमों की जानकारी’
इस अवसर पर हितग्राहियों को होमस्टे व्यवसाय के सफल संचालन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। उन्हें मुख्य मुख्य विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। अतिथि सत्कार के लिए पर्यटकों का स्वागत और आतिथ्य प्रबंधन, स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन, सुविधाएं व मार्केटिंग के रूप में पर्यटकों को दी जाने वाली आवश्यक सुविधाएं और डिजिटल प्रचार-प्रसार के तरीके, छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के प्रावधान, पात्रता शर्तें एवं आवेदन की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

’ऋण सुविधा एवं बैंकिंग सहयोग’
बैठक में उपस्थित छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के अधिकारियों ने योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता की जानकारी दी। उन्होंने हितग्राहियों को ऋण सुविधा, ब्याज अनुदान  तथा बैंकिंग प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से समझाया और आश्वस्त किया कि शासन की सहायता तथा बैंकिंग सहयोग से इच्छुक हितग्राही अपने होमस्टे व्यवसाय को सफलतापूर्वक स्थापित कर सकते हैं।

’बस्तर में सामुदायिक पर्यटन की अपार संभावनाएं’
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित जिला पंचायत बस्तर के सहायक परियोजना अधिकारी तपन डे ने हितग्राहियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति एवं पर्यटन स्थलों की विविधता होमस्टे व्यवसाय के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करती है। उन्होंने सभी हितग्राहियों को पर्यटकों को उच्च गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने और उन्हें एक बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।

कोंडागांव को CM साय की बड़ी सौगात, 152 करोड़ के विकास कार्यों का ऐलान

कोंडागांव.

बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर केवल शिकायतों का मंच नहीं बल्कि विकास का रोडमैप बन गया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिविर में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद लोगों की भागीदारी सरकार पर विश्वास दिखाती है. सुशासन तिहार के जरिए गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन और सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में रोजाना लगभग 1600 आवास बन रहे हैं. कार्यक्रम में 152 करोड़ 18 लाख रुपये के 43 विकास कार्यों की सौगात दी गई. इनमें 14 कार्यों का लोकार्पण और 29 नए कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. सड़क, पर्यटन और भवन निर्माण से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट घोषित किए गए. क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा हुई. विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर हितग्राहियों से फीडबैक लिया गया. शिविर ने प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत किया.

धमतरी में मधुमक्खियों का कहर, हमले में सास की मौत; दामाद की हालत गंभीर

धमतरी.

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आया है, जहां सास और दामाद पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में सास की मौत हो गई और दामाद घायल हो गया है। यह घटना दुगली थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक, पाल गांव में रहने वाली रामवती आज अपने दामाद के साथ सराई बिनने के लिए जंगल की ओर गई थी। इसी दौरान दोनों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। घटना के बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां रामवती की मौत हो गई और उसका दामाद घायल बताया जा रहा है।

ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले ही स्टील सिटी दुर्ग भिलाई के एक सब्जी फार्म हाउस में मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. इस हमले में 60 साल के एक मजदूर की जान चली गई. घटना मंगलवार की है, जब अचानक छत्ता गिरने से भड़की मधुमक्खियों ने खेत में काम कर रहे मजदूरों पर हमला कर दिया. मृतक की पहचान रमेश भोई के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले थे. फार्म हाउस में काम कर रहे मजदूरों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे तेज हवा चल रही थी. इसी दौरान पेड़ पर लगा मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता अचानक टूटकर नीचे गिर गया. छत्ता गिरते ही मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और आसपास काम कर रहे मजदूरों पर झुंड बनाकर हमला कर दिया.स्थिति बिगड़ते देख अन्य मजदूर मौके से भागने में सफल रहे. रमेश भोई शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण तेजी से भाग नहीं सके और मधुमक्खियों के हमले का शिकार हो गए. देखते ही देखते वे गंभीर रूप से घायल हो गए.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: सहायता राशि से आसान हुई खेती

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: सहायता राशि से आसान हुई खेती

करूहानार के चुन्नूलाल साहू को बीज, खाद एवं कृषि कार्यों में मिल रही मदद 

रायपुर 
 प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना मुंगेली जिले के किसानों के लिए सहारा बन रही है। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से हजारों किसान लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों को खेती-किसानी में बड़ी राहत प्रदान कर रही है। लोरमी विकासखंड के ग्राम करूहानार निवासी किसान चुन्नूलाल साहू ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सराहना करते हुए कहा कि योजना के तहत प्रतिवर्ष मिलने वाली 06 हजार रुपये की सहायता राशि खेती-किसानी के कार्यों में काफी उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि से बीज, खाद एवं कृषि कार्यों में जरूरी खर्च आसानी से पूरे हो जाते हैं, जिससे आर्थिक बोझ कम हुआ है।
      किसान श्री साहू ने बताया कि उन्हें अब तक योजना की 22 किश्तों का लाभ प्राप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही यह योजना किसानों के लिए संबल बन गई है। समय पर मिलने वाली राशि से खेती की तैयारी में सुविधा होती है और कृषि कार्यों में आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

नैनो उर्वरकों के उपयोग से बेहतर उत्पादन और मृदा स्वास्थ्य को मिल रहा बढ़ावा-कृषक छेदीलाल

नैनो उर्वरकों के उपयोग से बेहतर उत्पादन और मृदा स्वास्थ्य को मिल रहा बढ़ावा-कृषक छेदीलाल

मुख्यमंत्री के सुशासन में किसानों को समय पर मिल रही कृषि आदान सामग्री

रायपुर
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी (तरल उर्वरक) कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी नवाचार हैं। ये पारम्परिक उर्वरकों (दानेदार यूरिया और डीएपी) की तुलना में बहुत कम मात्रा में उपयोग किए जाते हैं और पौधे के सीधे संपर्क में आकर तेजी से पोषक तत्व प्रदान करते हैं। नैनो तकनीक के कारण इनका आकार अत्यंत छोटा (20-50 नैनोमीटर) होता है। ये पौधों की कोशिकाओं के अंदर सीधे प्रवेश करके आवश्यक पोषक तत्व (नाइट्रोजन और फास्फोरस) प्रदान करते हैं, जिससे फसल का विकास अच्छा होता है और पैदावार बढ़ती है।

           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में आगामी खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। जिले की सहकारी समितियों के माध्यम से खाद एवं उन्नत बीजों का पर्याप्त भंडारण किया गया है, जिससे कृषकों को समय पर आवश्यक कृषि सामग्रियां मिल रही हैं। किसान अब बिना किसी कठिनाई के अपनी आवश्यकतानुसार खाद-बीज प्राप्त कर रहे हैं।

आधुनिक खेती से समृद्ध हो रहे कृषक छेदीलाल

          पारंपरिक उर्वरकों की भारी बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की बोतलें बहुत सस्ती और किफायती होती हैं पारंपरिक उर्वरकों से होने वाले गैसीय उत्सर्जन और लीचिंग (पानी के साथ बहकर जमीन में जाने) की समस्या नैनो उर्वरकों से न के बराबर होती है, इससे भूमि, जल और वायु प्रदूषण कम होता है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के ग्राम ढेलवाडीह के निवासी कृषक छेदीलाल उरांव ने विकासखंड सोनपुरी स्थित सहकारी समिति से आगामी खरीफ फसल के लिए खाद और बीज प्राप्त किया है। लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले उरांव का 6 से 7 सदस्यों का परिवार पूरी तरह कृषि पर ही आश्रित है और वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। उरांव ने बताया कि उन्होंने इस सीजन के लिए यूरिया एवं डीएपी उर्वरक ले लिया है। इसके साथ ही वे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए अपनी 1 एकड़ भूमि में हरित खाद के रूप में ढैंचा एवं मूंग की बुआई भी करेंगे।

नैनो उर्वरकों के चमत्कारी परिणाम

           कृषक उरांव ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के अपने बेहतरीन अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले वर्ष इसके प्रयोग से उन्हें काफी लाभ हुआ था। नैनो डीएपी पौधों तक पोषक तत्वों की त्वरित और प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह मिट्टी की जैविक गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति को बनाए रखने में सहायक है। यह पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यह टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देता है और खेती की लागत को भी नियंत्रित करता है।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

          उरांव ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों के समावेश से अब खेती अधिक मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। उन्होंने संकटमुक्त होकर समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

समितियों और निजी विक्रेताओं के पास खाद का पर्याप्त भंडार, किसानों को निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित

समितियों और निजी विक्रेताओं के पास खाद का पर्याप्त भंडार, किसानों को निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित

कलेक्टर रोज कर रहे समीक्षा, 114 सहकारी समितियों सहित निजी दुकानों से हो रहा खाद का उठाव

रायपुर

खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा प्रतिदिन खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है। जिले की 114 सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण किया जा रहा है।

     उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ 2026 के लिए जिले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।

जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

      कृषि विभाग के अधिकारियों को समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा मांग और आपूर्ति की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें। जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

रामाराम जलाशय योजना के जीर्णाेद्धार के लिए 1.16 करोड़ रुपये स्वीकृत

रामाराम जलाशय योजना के जीर्णाेद्धार के लिए 1.16 करोड़ रुपये स्वीकृत

किसानों को 69 हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेगी सिंचाई की सुविधा

रायपुर,
 छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा सुकमा जिले के विकासखण्ड सुकमा के अंतर्गत रामाराम जलाशय योजना के जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 1 करोड़ 16 लाख 6 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पहल सुकमा क्षेत्र में कृषि विकास को गति देने और स्थानीय किसानों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

योजना के मुख्य लाभ एवं क्रियान्वयन

          इस योजना के प्रस्तावित कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर क्षेत्र के स्थानीय किसानों को 69 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने लगेगी। जल संसाधन विभाग द्वारा इस योजना के कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्वक संपन्न कराने के लिए मुख्य अभियंता, गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग (जगदलपुर) को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।  योजना के पूर्ण होने के बाद, रूपांकित सिंचाई क्षमता में आ रही कमी पूरी होगी और पूरे क्षेत्र को पर्याप्त सिंचाई का लाभ मिलेगा।

मुंगेली में सुशासन तिहार के दौरान बड़ा खुलासा, पंचायत सचिव ‘बैकडोर’ से बना कर्मचारी!

मुंगेली.

छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार के तहत नगर पंचायत जरहागांव में आयोजित शिविर में कई ऐसे शिकायतें भी सामने आई हैं, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर नगर पंचायत में ग्राम पंचायत सचिव के कथित समायोजन को लेकर जांच की मांग उठी है।

दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के एक आदिवासी हितग्राही ने आवास स्वीकृत होने के बावजूद तीन माह तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने का आरोप लगाया है। वहीं बिजली बिल गड़बड़ी का एक पुराना मामला भी एक बार फिर प्रशासन के सामने पहुंच गया है।

सचिव समायोजन पर सवाल, “बैकडोर एंट्री” की चर्चा तेज
सुशासन तिहार शिविर में प्रांशु कुमार नामक युवक ने आवेदन देकर ग्राम पंचायत सचिव विकास साव के नगर पंचायत जरहागांव में कर्मचारी के रूप में समायोजन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारी होते हैं, जबकि नगर पंचायत नगरीय प्रशासन विभाग के अधीन संचालित होती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर किस शासनादेश, नियम अथवा वैधानिक प्रक्रिया के तहत यह समायोजन किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब देशभर में सोशल मीडिया में बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों को लेकर लगातार बहस चल रही है, तब बिना किसी खुली भर्ती प्रक्रिया के किसी पद पर समायोजन की खबर युवाओं के बीच असंतोष पैदा कर रही है। क्षेत्र में इसे कथित पिछले दरवाजे से भर्ती के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है तो यह उन बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय होगा जो वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं का इंतजार कर रहे हैं। आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

आवास स्वीकृत लेकिन तीन माह बाद भी कार्य शुरू नही –
शिविर में एक और महत्वपूर्ण मामला नगर पंचायत जरहागांव निवासी रामकुमार ध्रुव ने उठाया। रामकुमार ध्रुव अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनका आवास लगभग तीन माह पूर्व स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक उन्हें निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्य आदेश अथवा भवन अनुज्ञा नहीं दी गई है। रामकुमार ध्रुव का कहना है कि कभी जमीन संबंधी आपत्ति तो कभी अन्य कारण बताकर उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि स्वीकृति मिलने के बावजूद उन्हें योजना के वास्तविक लाभ से अब तक वंचित रखा गया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राज्य में आदिवासी वर्ग के उत्थान और कल्याण को लेकर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। धरती आबा और जनमन जैसी योजनाओं का उद्देश्य भी इसी वर्ग को मुख्यधारा के विकास से जोड़ना है। ऐसे में एक आदिवासी हितग्राही को स्वीकृत आवास का लाभ नहीं मिल पाना कई सवाल खड़े कर रहा है। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण हितग्राही की चिंता और बढ़ गई है।

एक साल बाद भी नहीं सुलझा बिजली बिल विवाद?
सुशासन तिहार शिविर में एक और महत्वपूर्ण शिकायत नगर पंचायत निवासी पूर्णिमा जायसवाल ने दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2025 में गलत मीटर रीडिंग दर्ज किए जाने के कारण उनके नाम पर करीब 52 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल जारी कर दिया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने बिजली विभाग और कलेक्टर जनदर्शन में भी कई बार शिकायत की थी। उनका आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा त्रुटि स्वीकार किए जाने के बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लगातार बदलते बिल और रीडिंग की गड़बड़ी के कारण वे लंबे समय से परेशान हैं। अब उन्होंने सुशासन तिहार में एक बार फिर निष्पक्ष जांच और वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने की मांग की है।

अब जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
नगर पंचायत जरहागांव में उठे इन मामलों ने स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित समायोजन की वैधता, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही को लाभ मिलने में आ रही बाधाएं और बिजली बिल गड़बड़ी का लंबित विवाद अब प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है।
मामले में अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी ने कहा है कि शिकायतें प्राप्त हुई हैं। सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके परिणामों पर टिकी हुई हैं।

कच्चे घर की चिंता से मिली मुक्ति, अब चैन की नींद सोएगा चमन लाल का परिवार

कच्चे घर की चिंता से मिली मुक्ति, अब चैन की नींद सोएगा चमन लाल का परिवार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कराया गृह प्रवेश

पक्का घर, सौर ऊर्जा और योजनाओं का संबल -एक परिवार की जिंदगी में आया बड़ा बदलाव

रायपुर 
कभी बारिश की बूंदों के साथ टपकती छत, आंधी-तूफान की चिंता और कच्चे घर की असुरक्षा में गुजरती रातें… लेकिन अब वही परिवार पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून और सम्मान के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही चमन लाल पवार के नवनिर्मित आवास में सपरिवार गृह प्रवेश कराकर एक परिवार के वर्षों पुराने सपने को साकार किया।

मुख्यमंत्री साय ने परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए उनके जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक परिवर्तन सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर एक विशेष उपलब्धि भी सामने आई। चमन लाल का आवास बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास बन गया है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित किया गया है। यह पहल ग्रामीण विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। एक ही परिवार को आवास सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सुविधा का लाभ मिलना शासन की समन्वित विकास सोच को भी प्रतिबिंबित करता है।

चमन लाल पवार ने बताया कि वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत टपकती थी और तेज हवा या खराब मौसम में पूरी रात चिंता में बीतती थी। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना रहता था। उन्होंने कहा कि अब पक्का मकान मिलने के बाद जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास हुआ है।

पवार ने कहा कि अब बारिश और आंधी-तूफान की चिंता नहीं रहती। छत नहीं टपकेगी और पूरा परिवार चैन की नींद सो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह मकान केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा, आत्मविश्वास और नए जीवन की शुरुआत है।

एक परिवार, कई जनकल्याणकारी योजनाओं का संबल

चमन लाल का परिवार शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। उनकी पत्नी श्रीमती घंसतीन बाई तथा बहू श्रीमती संगीता पवार को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। खेती-किसानी के लिए भी परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं का सहयोग मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पीएम आवास और पीएम सूर्य घर का अभिनव संगम

परिवार ने अपने नए घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित कराया है, जिससे घरेलू बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है और बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाओं को मजबूत करने वाला उदाहरण बन गया है।

बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास, जहां पीएम सूर्य घर योजना का लाभ भी जुड़ा है, शासन की बहु-आयामी और समन्वित विकास नीति का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह पहल केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित जीवन, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण जैसे व्यापक लक्ष्यों को भी आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान चमन लाल पवार और उनके परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और पीएम सूर्य घर योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

ग्राम बड़ेकनेरा का यह परिवार इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है कि जब शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल सुविधाएं नहीं देतीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों का संचार करती हैं।

खरीफ सीजन से पहले किसानों को बड़ी राहत, सोसाइटियों में आसानी से मिल रहा खाद; महिला किसान सरिता ने CM विष्णु देव साय का जताया आभार

खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसान, सोसाइटियों में सुगमता से मिल रहा खाद, मुड़ैसा की महिला किसान सरिता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

रायपुर 

छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी का सीजन शुरू होते ही राज्य सरकार द्वारा किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य के अन्नदाताओं को कृषि कार्यों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सरकार की इस किसान-हितैषी नीति और सुगम व्यवस्था का सीधा लाभ अब धरातल पर दिखने लगा है। सोसाइटियों और वितरण केंद्रों में किसानों को बिना किसी परेशानी के खाद (उर्वरक) उपलब्ध हो रहा है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर है।

इसी कड़ी में अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम मुड़ैसा की रहने वाली महिला किसान श्रीमती सरिता ने खाद की आसान और समयबद्ध उपलब्धता पर राज्य सरकार के प्रति गहरा संतोष और आभार व्यक्त किया है।

10 एकड़ में करती हैं खेती, सुगमता से मिला खाद
ग्राम मुड़ैसा निवासी कृषक श्रीमती सरिता ने बताया कि उनके पास लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर वे खेती-बाड़ी करती हैं। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही खेतों की तैयारी का समय आ गया है। अपनी इसी तैयारी के तहत वे खाद लेने के लिए वितरण केंद्र पहुंची थीं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें खाद मिलने में कोई परेशानी नहीं हुई। विभागीय कर्मचारियों और सुचारू व्यवस्था के चलते उन्हें अपनी जरूरत का खाद आसानी से और बिना किसी दिक्कत के मिल गया।

रोपा के समय की संभावित परेशानी से मिली मुक्ति
आमतौर पर जब धान की रोपाई का मुख्य समय आता है, तब खाद की मांग अचानक बढ़ जाती है और किसानों को खाद प्राप्त करने में भीड़ का सामना करना पड़ता है। श्रीमती सरिता जैसी जागरूक महिला किसान सरकार की अग्रिम भंडारण नीति का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने बताया, खेती-बाड़ी का दिन अब आ गया है और ऐसे में खाद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। रोपा लगाने के समय खाद की बहुत आवश्यकता पड़ती है और कई बार उस पीक समय में खाद आसानी से नहीं मिल पाती। लेकिन इस बार व्यवस्था इतनी अच्छी है कि मुझे अभी ही बिना किसी समस्या के खाद मिल गई है। अब मैं निश्चिंत होकर अपनी खेती के काम में लग सकती हूँ।”

मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
समय पर और बिना किसी असुविधा के खेती-किसानी की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत पूर्ती होने से श्रीमती सरिता बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने इस सुगम एवं पारदर्शी व्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

किसान हितैषी शासन का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि विभाग को खाद-बीज के अग्रिम उठाव और सुचारू वितरण के निर्देश दिए गए हैं। शासन का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी किसान खाद-बीज की कमी के कारण खेती में न पिछड़े। समय पर संसाधन उपलब्ध होने से निश्चित ही राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे।

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