बस्तर को मिली बड़ी सौगात: NIA स्पेशल कोर्ट खुलने से तेजी से निपटेंगे पुराने केस

जगदलपुर.

बस्तर संभाग में लंबे समय से लंबित एनआईए मामलों के निपटारे की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने जगदलपुर में एनआईए स्पेशल कोर्ट शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है. यह अदालत बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर और कोंडागांव के मामलों की सुनवाई करेगी.

स्पेशल कोर्ट की जिम्मेदारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता नवीन तिवारी को सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि क्षेत्र के 21 मामले विचाराधीन हैं जबकि 100 से अधिक मामले रिमांड स्तर पर हैं. अब इन मामलों की लगातार सुनवाई संभव हो सकेगी. झीरम घाटी हमला और भीमा मंडावी हत्याकांड जैसे चर्चित मामलों की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है. अब तक सुनवाई के लिए रायपुर और अन्य न्यायालयों पर निर्भरता रहती थी.

स्थानीय स्तर पर कोर्ट शुरू होने से कानूनी प्रक्रिया को गति मिलेगी. अभियोजन और बचाव पक्ष के लिए भी अलग-अलग अधिवक्ताओं की नियुक्ति कर दी गई है. जून और जुलाई में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई प्रस्तावित है. इस फैसले को बस्तर में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

विश्व पर्यावरण दिवस पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल आयोजित करेगा पोस्टर प्रतियोगिता

विश्व पर्यावरण दिवस पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल आयोजित करेगा पोस्टर प्रतियोगिता

प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें विषय पर होगी प्रतियोगिता

चार आयु वर्गों में आकर्षक नगद पुरस्कार, 5 जून को होटल बेबिलॉन इंटरनेशनल रायपुर में आयोजन

रायपुर
 विश्व पर्या
वरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 5 जून 2026 को प्रातः 10 बजे से होटल बेबिलॉन इंटरनेशनल, वीआईपी रोड, रायपुर में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता का विषय प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें रखा गया है। प्रतियोगिता चार आयु वर्गों में आयोजित होगी, जिसमें प्रथम वर्ग 12 वर्ष तक, द्वितीय वर्ग 13 से 17 वर्ष, तृतीय वर्ग 18 से 21 वर्ष तथा चतुर्थ वर्ग दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित किया गया है।

          प्रतियोगिता में प्रत्येक वर्ग के लिए पृथक-पृथक आकर्षक नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार 5 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 4 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 3 हजार रुपये तथा दो सांत्वना पुरस्कार एक -एक रुपये के होंगे।

        छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजु अगसिमनि ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम क्लाइमेट एक्शन निर्धारित की गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में आयोजित यह प्रतियोगिता युवाओं एवं आम नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अपना पहचान पत्र एवं आयु प्रमाण-पत्र की छायाप्रति साथ लानी होगी। प्रतियोगिता स्थल पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए प्रतिभागियों को प्रातः 9.30 बजे तक उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

       प्रतियोगिता के विजेताओं को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम, संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने विद्यार्थियों एवं दिव्यांगजनों से अधिक से अधिक संख्या में प्रतियोगिता में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया है।

अवैध रेत और ईंट परिवहन मामले में एक माजदा व 3 ट्रैक्टर जब्त

रायपुर

अवैध रेत और ईंट परिवहन मामले में एक माजदा व 3 ट्रैक्टर जब्त

राजनांदगांव जिले में खनिजों के अवैध परिवहन के के मामले में खनिज विभाग ने एक माजदा वाहन और तीन ट्रैक्टर जब्त किया हैं। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से ईंट और रेत का परिवहन करते पाए गए वाहनों को संबंधित थानों के सुपुर्द किया गया है। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने जिले के चांदो, बंशीबंजारी, खुज्जी, कुमरदा, साल्हे, छुरिया, बाबूटोला, चिचोला, तुमड़ीबोड़, सुकुलदैहान समेत विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान ग्राम टप्पा में मडियान निवासी घनश्याम वर्मा के स्वामित्व वाले माजदा वाहन क्रमांक सीजी 08 एल 3103 से अवैध रूप से ईंट परिवहन किया जा रहा था। वाहन को जब्त कर थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द किया गया।

इसी प्रकार ग्राम बाबूटोला क्षेत्र में तीन अलग-अलग ट्रैक्टरों से बिना वैध अनुमति रेत का परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। जब्त किए गए ट्रैक्टरों में सोनालिका ट्रैक्टर के मालिक एवं चालक टेकराम पाल, ट्रैक्टर क्रमांक सीजी एआर 6853 के मालिक एवं चालक मनीष कुमार पाल तथा स्वराज ट्रैक्टर के मालिक एवं चालक रितेश सिन्हा शामिल हैं। सभी वाहनों को जब्त कर थाना चिचोला को सौंप दिया गया है।

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नैनो यूरिया के इस्तेमाल से किसान परशुराम राजवाड़े को खेती में मिला फायदा

नैनो यूरिया के इस्तेमाल से किसान परशुराम राजवाड़े को खेती में मिला फायदा

नैनो यूरिया उपयोग में आसान,समय और लागत की हो रही भारी बचत

रायपुर
कृषि के क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर जिले के किसान अब अपनी खेती को लाभ का सौदा बना रहे हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम कतकालो के  रहने वाले प्रगतिशील किसान श्री परशुराम राजवाड़े ने पारंपरिक बोरी वाले खाद की जगह नैनो यूरिया (तरल) का सफल प्रयोग कर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

पारंपरिक खाद की तुलना में नैनो यूरिया अधिक सुविधाजनक
श्री राजवाड़े ने बताया कि वे वर्ष 2024 से निरंतर नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं, जिसके परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहा है। उन्होंने बताया कि पहले 45 किलो की यूरिया की बोरी खरीदने पर उसकी लागत अधिक आती थी और उसे खेत तक लाने-ले जाने (परिवहन) में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था। अक्सर पीक सीजन में बाजार में बोरी वाले यूरिया की किल्लत हो जाती थी, जिससे खेती के कार्यों में देरी होती थी। इसके विपरीत, नैनो यूरिया की छोटी शीशी को लाना-ले जाना बेहद आसान है। यह कम लागत में मिल जाता है और बाजार में इसकी उपलब्धता भी हमेशा बनी रहती है, जिससे समय पर फसलों को पोषण मिल पाता है।

धान और सब्जियों की खेती में शानदार परिणाम
अपने अनुभवों को साझा करते हुए श्री राजवाड़े ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले नैनो यूरिया का प्रयोग अपनी धान की फसल में किया था। वहां मिले शानदार परिणामों से उत्साहित होकर उन्होंने इसे साग-सब्जियों की खेती में भी अपना लिया। वर्तमान में वे अपनी लगभग ढाई से तीन एकड़ कृषि भूमि पर नैनो यूरिया का सफलतापूर्वक छिड़काव कर रहे हैं।

कृषकों से की अपील
किसान श्री परशुराम राजवाड़े ने बताया कि तरल नैनो यूरिया न केवल उपयोग में आसान है, बल्कि यह खेती की लागत को कम कर फसल के बेहतर उत्पादन में भी सहायक है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की कि वे भी उन्नत कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि खेती में लागत कम हो और मुनाफे में वृद्धि हो सके।

25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध, प्रशासन की कड़ी निगरानी में वितरण व्यवस्था

रायपुर

मुंगेली जिले में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही जिले के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण, वितरण और निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले में वर्तमान में सहकारी, निजी एवं डबल लॉक केंद्रों सहित कुल 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में अब तक 14 हजार 217 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं म्यूरेट ऑफ पोटॉश शामिल हैं। वहीं निजी क्षेत्र में 10 हजार 727 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक केंद्रों में 04 हजार 208 मीट्रिक टन तथा निजी थोक विक्रेताओं के पास 01 हजार 213 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित रूप से उपलब्ध है।
         
 किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 05 हजार 668 मीट्रिक टन तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से 06 हजार 829 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले की 66 सहकारी समितियों में 12 हजार 412 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से धान एवं अरहर के बीज शामिल हैं। निजी क्षेत्र के 200 से अधिक केंद्रों में भी लगभग 01 हजार 50 क्विंटल बीज उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जिले में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा लगातार नई खेप भी पहुंच रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही खाद का क्रय करें। प्रशासन किसानों को निर्बाध रूप से खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ।

खरीफ सीजन की तैयारियां तेज, किसानों को मांग अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा खाद और बीज

रायपुर

जिला रायगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले जिले के किसान आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की जुताई, बुआई की तैयारी और कृषि आदानों की व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं पात्र किसानों को नगद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। कलेक्टर द्वारा इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है। 

उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही है। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिले में अब तक विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का 24 हजार 138 टन से अधिक भंडारण किया जा चुका है। इनमें सहकारी संस्थाओं में 15 हजार 789 टन तथा निजी क्षेत्र में 8 हजार 348 टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरकों की पहुंच और वितरण व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 48 प्रतिशत तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत खाद का भंडारण किया जा चुका है। वहीं इस वर्ष उपलब्ध कराए गए भंडारण के विरुद्ध लगभग 46 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप खाद की आपूर्ति एवं भंडारण की प्रक्रिया चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है।

कृषि विभाग द्वारा जिले में गठित निगरानी दलों, उर्वरक निरीक्षकों तथा मैदानी अमले के माध्यम से सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को उनके कृषि रकबे एवं आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार एवं कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

कृषि विभाग ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। मानसून के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने की स्थिति में भी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों की बेहतर उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन

रायपुर

 सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुआकोंडा एवं कटेकल्याण के 8 संकुल स्तरीय संगठनों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत टाटा मैजिक सवारी वाहनों की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ दूरस्थ अंचलों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाना है। योजना के तहत प्रदाय किए गए प्रत्येक टाटा मैजिक वाहन के लिए लगभग 5 लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है। इन वाहनों के संचालन से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा तथा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

41 हजार से अधिक परिवारों की आजीविका सशक्त करने में जुटा बिहान मिशन

कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले के 41 हजार 110 परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों से जोड़ा गया है। समूह की महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, वनोपज प्रसंस्करण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

गांव और शहर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी, महिलाओं को मिलेगा स्थायी आय का स्रोत

मुख्यमंत्री द्वारा प्रदाय किए गए इन वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दूरस्थ गांवों का बाजारों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक केंद्रों तथा जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही महिलाओं को वाहन संचालन एवं प्रबंधन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त होगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना से उन्हें न केवल रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा का एक नया माध्यम भी प्राप्त होगा। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

रायपुर

उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

प्रदेश में इन दिनों सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है, इसी क्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोनांतर्गत वार्ड क्र. 20, 31 एवं 32 में 02 करोड़ 76 लाख रूपये के लागत वाले 05 नये विकास कार्य कराये जाएंगे। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में पोड़ीबहार में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान इन सभी विकास कार्याे का भूमिपूजन उनके हाथों किया गया। इस अवसर निगम के सभापति  नूतन सिंह ठाकुर एवं पार्षद अशोक चावलानी एवं अन्य पार्षद व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

नगर पालिक निगम केारबा द्वारा मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से 20 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 20 पथर्रीपारा चंदा यादव घर से सामुदायिक भवन तक भुनेश्वर तिवारी घर से गणेश चौक तक सी.सी. रोड एवं नाली का निर्माण, इसी मद से 15 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 32 स्थित नर्सिंग कालेज के सामने से केशवदास के घर तक सी.सी. रोड का निर्माण कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार अधोसंरचना मद से 97 लाख 08 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 में नवीन स्टाल से भद्राशन गली, काली मंदिर गली से दर्शन घर कबीर आश्रम से संजय नगर तक आर.सी.सी. नाली का निर्माण, इसी मद से 94 लाख 49 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 में दुर्गा पण्डाल से ब्लूवर्ड स्कूल तक एवं ब्लू बर्ड स्कूल से उच्च जलागार डॉ. अरोरा गली, सिसोदिया घर से बंझोर गली में रोड डामरीकरण कार्य तथा अधोसंरचना मद से ही 49 लाख 64 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 अंतर्गत काली मंदिर से आर.पी.नगर शिवनगर मोड़ तक सी.सी. रोड का निर्माण कार्य भी कराया जाना हैं, पोड़ीबहार में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा इन सभी विकास कार्याे का भूमिपूजन किया गया। 

भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन देना हमारी सरकार का संकल्प 

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश व प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन आमजनता को देना तथा राज्य में सुशासन स्थापित करना, हमारी सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। उन्होने कहा कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद अब 12 वर्षाे से देश के प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन पर आज तक कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, इसी प्रकार डॉ.रमन सिंह 15 वर्षाे तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे, उन पर भी कभी कोई आरोप नहीं लगा, वहीं विगत सवा दो वर्ष से सहज, सरल स्वभाव के धनी  विष्णुदेव साय राज्य के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उन पर भी कोई आरोप नहीं लगा। उद्योग मंत्री  देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के जिलों को जिला खनिज न्यास मद की बहुत बड़ी सौगात दी है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही विकास कार्याे हेतु पर्याप्त फंड की व्यवस्था हो रही है तथा व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी ने हमें छत्तीसगढ़ राज्य का तोहफा दिया था, और अब नरेन्द्र मोदी हमारे छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं। 

जनता जनार्दन का भरोसा टूटने नहीं दिया जाएगा

इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा की जनता ने पूरे भरोसे के साथ उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन को कोरबा का विधायक चुना तथा मुझे कोरबा के महापौर का दायित्व सौपा, मैं वचन देती हूॅं कि जनताजनार्दन का यह भरोसा कभी भी टूटने नहीं दिया जाएगा, हम सब कोरबा की जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खडे़ रहेंगे। उन्होने कहा कि जनताजनार्दन की इच्छा का सम्मान करना, उनकी समस्याओं का त्वरित निदान करना तथा सहज रूप से सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, हमारा प्रथम कर्तव्य है तथा हम सब जनप्रतिनिधि सम्पूर्ण इच्छाशक्ति के साथ इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि कुछ वर्षाे से कोरबा विकास में पिछड़ गया था, किन्तु अब पुनः तेजी से विकास हो रहा है। 

निगम के प्रत्येक वार्ड में हो रहे विकास कार्य – इस अवसर पर सभापति  नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन मंे कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत के मार्गदर्शन में निगम के सभी वार्ड में व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं, मुझे प्रसन्नता है कि वार्डाे के विकास कार्याे में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है, केवल कोरबा क्षेत्र की जनता की इच्छा, मांग व उनकी आवश्यकता के अनुरूप ही सभी वार्डाे में समान रूप से विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि देश में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के कारण ही विगत दो वर्षाे में निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्याे को स्वीकृति मिली है। 

बरसों को इंतजार खत्म हुआ 

इस अवसर पर पार्षद एवं पूर्व सभापति  अशोक चावलानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि रेलवे लाईन बस्ती के इस मार्ग को बरसों से सड़क बनने का इंतजार था, मुझे खुशी है कि आज यह इंतजार खत्म हुआ है, उद्योग मंत्री  देवांगन व महापौर मती राजपूत के द्वारा आज यहॉं अन्य विकास कार्याे के साथ-साथ इस सड़क के निर्माण का  कार्य का शुभारंभ कराया गया है। उन्होने कहा कि मैं उद्योग मंत्री  देवांगन व महापौर मती राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं कि उनके मार्गदर्शन में अब पोड़ीबहार क्षेत्र की समस्याएं जल्द दूर होंगी, उन्होने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता हो रही है कि निगम क्षेत्र में प्रतिदिन करोड़ों रूपये के नये विकास कार्य प्रारंभ कराये जा रहे हैं, लोगों की बरसों की समस्याएं दूर की जा रही है। 

भूमिपूजन का कार्यक्रम के दौरान एमआईसी सदस्य अजय गोंड़, ममता यादव, पार्षद प्रताप सिंह कवंर, राकेश वर्मा, चन्द्रकली जायसवाल, पूर्व पार्षद दीप नारायण सिंह, वैभव शर्मा, दीप नारायण सोनी, आरिफ खान, अंजू मिश्रा, डी.एन.राय, बी.बी.राय, भगराशन पंडित, शिव जायसवाल, आशा सिंह, नमिता बैरागी, लक्ष्मी चौहान, नारायण सिंह, धनंजय सिंह, स्वरूप बंगाली, अजीत सेनगुप्ता, राजकुमार राठौर, टी.पी.गुप्ता, विक्की शर्मा, सुरेंद्र राजवाडे़, राहुल वास, बिन्दु सिन्हा, राजकुमार राठौर, स्वाति कश्यप, प्रीति चौहान, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, राहुल मिश्रा, अश्वनी दास आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत कांकेर में चार जिलों की समीक्षा: मुख्यमंत्री साय ने जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसेवा पर दिया जोर

रायपुर 

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य  आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और सार्थक प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और सुशासन की भावना जमीन पर दिखाई दे।

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेह और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास, धान उठाव और कृषि तैयारियों पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को पक्के आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने तथा स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री  साय ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट तैयार करने का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने तथा सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार समीक्षा की तथा जिलों में प्रगति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री  साय ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

बैठक में विधायक अंतागढ़  विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक  आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त  डोमन सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य  आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और सार्थक प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और सुशासन की भावना जमीन पर दिखाई दे।

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेह और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास, धान उठाव और कृषि तैयारियों पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को पक्के आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने तथा स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री  साय ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट तैयार करने का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने तथा सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार समीक्षा की तथा जिलों में प्रगति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री  साय ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

बैठक में विधायक अंतागढ़  विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक  आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त  डोमन सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विकास की नई इबारत लिख रहा बिलासपुर, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्रतिबद्धता : केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

रायपुर

जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में 18 करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों का भूमिपूजन, हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर के पुत्रीबाई स्कूल सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बिलासपुर के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शिविर में कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही ही वास्तविक सुशासन है। सुशासन तिहार ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान और गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में अतिथियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 12 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से अरपा राम सेतु से शनिचरी रपटा तक सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य तथा 5 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक आरसीसी बॉक्स निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 18 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक के लागत के इन विकास कार्यों से शहर की अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया।

मुख्य अतिथि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और सशक्त बनाने का अभिनव अभियान है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रदेश विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे।  साहू ने कहा कि बिलासपुर आज तेजी से बदलती हुई न्यायधानी के रूप में उभर रहा है। फोरलेन सड़कों का निर्माण, एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में हो रहे प्रयास तथा कोपरा जलाशय का रामसर साइट के रूप में चयन इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। बिलासपुर के समग्र विकास के लिए आवश्यक हर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासन के प्रति उसका बढ़ता विश्वास ही सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सुशासन तिहार ने शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम तैयार किया है, जिससे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान के अनुरूप विकसित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। विगत दो वर्षों में जिले में 412 करोड़ 57 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत और संचालित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह गति आगे भी जारी रहेगी और न्यायधानी को प्रदेश के सबसे विकसित शहरों में शामिल किया जाएगा।  साव ने पुत्रीबाई सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवॉल एवं शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।  

बिलासपुर नगर निगम के सभापति  विनोद सोनी, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  संदीप अग्रवाल,  बंधुलाल मौर्य,  राजेश सिंह, मती सुनीता जगत,  विजय ताम्रकार,  लक्ष्मीनारायण कश्यप और  मोहित जायसवाल सहित पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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