मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवेश प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवेश प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

हेलियन की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग इकाई का पीथमपुर में 8 जून को होगा भूमि-पूजन
लगभग 2000 करोड़ रुपए का होगा निवेश

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का एक और महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेश संपर्क अभियानों, क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों तथा विदेश निवेश संवादों के माध्यम से प्रदेश में निवेशकों का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। इसी क्रम में विश्व की अग्रणी कंज्यूमर हेल्थकेयर कंपनी हेलियन द्वारा प्रदेश के पीथमपुर स्थित स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में स्थापित की जाने वाली भारत की पहली मैन्युफैक्चरिंग इकाई का भूमि-पूजन 8 जून को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा।

यह परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के यूनाइटेड किंगडम प्रवास और वहां आयोजित निवेश संवादों से सार्थक हुई है। निवेशकों के साथ हुई विस्तृत चर्चाओं और मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं के प्रभावी प्रस्तुतीकरण के बाद हेलियन ने प्रदेश में अपना निवेश विस्तार करने का निर्णय लिया। अब यह निवेश प्रस्ताव क्रियान्वयन के चरण में पहुंच चुका है, जो प्रदेश में निवेश परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

लगभग दो हजार करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाली यह परियोजना प्रदेश में साकार हो रही महत्वपूर्ण विदेशी निवेश परियोजनाओं में शामिल है। पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाने वाली यह अत्याधुनिक इकाई मुख्य रूप से ओरल हेल्थ उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित होगी। यहां उत्पादित सामग्री घरेलू बाजार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के अनेक देशों में निर्यात भी की जाएगी।

हेलियन वैश्विक स्तर पर कंज्यूमर हेल्थकेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। सेंसोडाइन, क्रोसिन, ईनो, ओट्रिविन, आयोडेक्स, सेंट्रम तथा ऑस्टोकैल्शियम जैसे लोकप्रिय उत्पादों के माध्यम से कंपनी विश्वभर में अपनी मजबूत पहचान रखती है। लगभग 170 से अधिक देशों में उपस्थिति रखने वाली यह कंपनी स्वास्थ्य एवं स्व-देखभाल (Self-Care) क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर चुकी है।

कंपनी की वैश्विक उपस्थिति और मध्यप्रदेश में प्रस्तावित यह निवेश, प्रदेश के औद्योगिक वातावरण और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र पर अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

परियोजना से लगभग 500 प्रत्यक्ष और 500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही स्थानीय एमएसएमई इकाइयों, सप्लायर नेटवर्क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य सहायक उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय प्रतिभाओं के कौशल विकास को बढावा देने के साथ कम से कम 30 प्रतिशत महिला कार्यबल की रोजगार में भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देगी। स्थानीय मानव संसाधन के उपयोग पर विशेष ध्यान दिए जाने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने पिछले वर्षों में निवेश आकर्षित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य सरकार द्वारा विकसित औद्योगिक अधोसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियां, अनुमोदनों की सरलीकृत व्यवस्था, भूमि की उपलब्धता और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण ने मध्यप्रदेश को वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। हाल के वर्षों में प्रदेश में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किए गए निवेश इसी बढ़ते विश्वास का प्रमाण हैं।

हेलियन की यह परियोजना मध्यप्रदेश को वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह निवेश प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, निर्यात संवर्धन और वैश्विक निवेश आकर्षण के प्रयासों को नई मजबूती प्रदान करेगा और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

MP में 65 साल बाद बदलेंगे सिविल सेवा नियम, 2 से ज्यादा बच्चों वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

भोपाल
मध्यप्रदेश सरकार छह दशक बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने जा रही है। 1961 की सेवा शर्तों में महिला अपराध में दोषी सिद्ध होने वाले व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माना गया था, लेकिन अब नैतिक पतन को इसमें शामिल किया गया है यानी हत्या, भ्रष्टाचार सहित अन्य गंभीर अपराध में दोष सिद्ध होने पर भी पात्रता नहीं रहेगी। दरअसल, परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) समाप्त करने को लेकर भी यह स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने पर अधिकतम छह माह के भीतर निर्णय लेना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो यह मान लिया जाएगा कि कोई आपत्ति नहीं है और संबंधित को शासकीय सेवा में स्थायी कर दिया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने पर सरकारी नौकरी के लिए अपात्रता रहेगी। हालांकि, विशेष कारण होने पर इसमें सरकार छूट दे सकती है। स्वास्थ्य परीक्षण में उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी को स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित कर दिया तो कोई भी इसकी अनदेखी नहीं कर सकेगा। इसमें किसी को विवेकाधिकार से निर्णय का अधिकार भी नहीं होगा। दो बच्चे से अधिक होने पर सेवा समाप्ति का प्रावधान यथावत रखा गया है।

24 साल पुराना नियम फिर बरकरार
मध्य प्रदेश सरकार अपने सिविल सेवा नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 2026 का नया मसौदा जारी किया है।

इस ड्राफ्ट में सबसे चर्चित बात यह है कि दो से अधिक बच्चों पर सरकारी नौकरी की पाबंदी को हटाया नहीं गया है। यह नियम मूल रूप से 2001 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार ने लागू किया था। पिछले साल खुद जीएडी ने इस पाबंदी को हटाने का प्रस्ताव बनाया था। साथ ही, मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक सहमति भी मिल गई थी। वहीं, नए ड्राफ्ट में सरकार उस फैसले से पलट गई है।

दो बच्चों का नियम क्या कहता है?
नए ड्राफ्ट के नियम पांच और छह के तहत पात्रता और अपात्रता की शर्तें तय की गई हैं। जिस उम्मीदवार की दो से अधिक जीवित संतानें हों और उनमें से किसी एक का जन्म 26 जनवरी 2001 को या उसके बाद हुआ हो, वह सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं होगा। जुड़वां बच्चों के मामले में भी राहत नहीं है। यदि पहले से एक बच्चा हो और अगली डिलीवरी में दो या ज्यादा बच्चे हों, तो वह उम्मीदवार अपात्र माना जाएगा।

प्रोबेशन में बड़ा बदलाव
नए नियमों में प्रोबेशन (Probation – परिवीक्षा काल) को लेकर एक अहम प्रावधान जोड़ा गया है। यदि किसी कर्मचारी की प्रोबेशन अवधि खत्म होने के छह महीने के भीतर विभाग कोई निर्णय नहीं लेता, तो उसे स्वतः स्थायी मान लिया जाएगा। यानी विभागीय लापरवाही का फायदा अब कर्मचारी को मिलेगा।

भर्ती दो माध्यमों से होगी। सीधी भर्ती और पदोन्नति (Promotion)। वयस्क होने पर नियुक्ति से पहले मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की सहमति ली जाएगी। सीधी भर्ती से आए कर्मचारियों को प्रोबेशन पर रखा जाएगा, जिसे जरूरत पड़ने पर अधिकतम एक साल तक बढ़ाया जा सकता है।

नियमों में स्पष्टता के लिए नया प्रारूप तैयार
प्रदेश में शासकीय सेवा के लिए सामान्य सेवा शर्तें 1961 में निर्धारित की गई थीं। बीच-बीच में कुछ संशोधन हुए मगर विभागों को असमंजस रहता था और वे सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगते थे। इस प्रक्रिया में अनावश्यक समय लगता था। इसे देखते हुए सरकार ने नियम में स्पष्टता के लिए नए सिरे से नियम बनाने का निर्णय लिया। विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने प्रारूप तैयार करके 15 जून तक सुझाव मांगे हैं ताकि इन्हें जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाए।

अपात्रता, स्वास्थ्य परीक्षण और दो बच्चों का नियम
एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने पर सरकारी नौकरी के लिए अपात्रता रहेगी। हालांकि, विशेष कारण होने पर इसमें सरकार छूट दे सकती है। स्वास्थ्य परीक्षण में उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी को स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित कर दिया तो कोई भी इसकी अनदेखी नहीं कर सकेगा। इसमें किसी को विवेकाधिकार से निर्णय का अधिकार भी नहीं होगा। दो बच्चे से अधिक होने पर सेवा समाप्ति का प्रविधान यथावत रखा गया है।

वरिष्ठता और पदोन्नति का नया विन्यास
वहीं, वरिष्ठता का निर्धारण चयन सूची में क्रम के अनुसार होगा न कि पदभार ग्रहण करने के आधार पर यानी जुलाई में यदि चयन होता है और कुछ अगस्त तो कुछ सितंबर में पदभार ग्रहण करते हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए गए व्यक्तियों की वरिष्ठता वही होगी जैसे उस संवर्ग में है, जिससे पदोन्नति की जाती है। परिवीक्षा अवधि को लेकर यह निर्धारित किया है कि जो अवधि शासन द्वारा निर्धारित की गई है, उसमें स्थायी करने या न करने को लेकर निर्णय लेना ही होगा।

सीनियरिटी का नया फॉर्मूला
एक ही साल में सीधी भर्ती, अनुकंपा नियुक्ति और पदोन्नति से लोग आते हैं तो सीनियरिटी का क्रम इस तरह होगा। पहले सीधी भर्ती वाले, फिर अनुकंपा नियुक्ति वाले और आखिर में पदोन्नति वाले।

वहीं, यदि तीनों का नियुक्ति आदेश एक ही तारीख को निकले, तो प्रमोटेड कर्मचारी सबसे सीनियर माना जाएगा। हर साल 01 जनवरी की स्थिति में 31 मार्च तक नई ग्रेडेशन लिस्ट (Gradation List – वरिष्ठता सूची) अपडेट की जाएगी।

इन 4 स्थितियों में भी नौकरी नहीं मिलेगी

नए ड्राफ्ट में चार और कारण जोड़े गए हैं जिनमें उम्मीदवार अयोग्य माना जाएगा।

पहला, एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने पर (विशेष मामलों में छूट संभव)।

दूसरा, शारीरिक या मानसिक रूप से अनफिट पाए जाने पर।

तीसरा, नैतिक अधोपतन या चारित्रिक मामलों में दोषी होने पर।

चौथा, केंद्र, राज्य या किसी स्थानीय निकाय से पहले बर्खास्त हो चुके कर्मचारी भी अपात्र होंगे।

इसके अलावा ड्राफ्ट में पांच परिस्थितियों में सेवा समाप्त करने का भी प्रावधान है: उपयुक्त शासकीय सेवक न पाए जाने पर, जरूरी योग्यता या दक्षता न होने पर, असंतोषजनक प्रदर्शन पर, विभागीय परीक्षा पास न करने पर और नियुक्ति के समय झूठी जानकारी देने पर।

FIR वाले नियम पर उठा सवाल
ड्राफ्ट के एक नियम पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रावधान है कि किसी उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित हो तो अंतिम फैसला आने तक जॉइनिंग रोक दी जाएगी। मंत्रालय अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

उनके मुताबिक देश में झूठी एफआईआर दर्ज कराना आसान है। साथ ही, कोर्ट से फैसला आने में सालों लग जाते हैं। ऐसे में निर्दोष व्यक्ति भी लंबे समय तक नौकरी से वंचित रह सकता है।

15 जून तक दें सुझाव
जीएडी के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि इस मसौदे पर कर्मचारी संगठनों और आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं। 15 जून तक जीएडी की वेबसाइट पर राय दी जा सकती है। सुझावों के बाद फाइनल ड्राफ्ट कैबिनेट की मंजूरी के लिए जाएगा। इन नियमों के जुलाई 2026 से लागू होने की संभावना है।

MP में मौसम का कहर, 60Km/घंटा की रफ्तार से चलेंगी आंधियां; 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, भोपाल-इंदौर में बारिश के आसार

भोपाल
 मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है. शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे तपते तापमान से लोगों को बड़ी राहत मिली है. जहां एक तरफ आंधी और बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए बिजली गिरने और तेज हवाओं का आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार केरल पहुंच चुका मानसून इस बार मध्य प्रदेश में अपनी सामान्य तारीख से कुछ दिन की देरी से पहुंचेगा। 

​प्री-मानसून की दस्तक, कहीं बरसे बादल, कहीं उड़ी धूल
​प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं. शुक्रवार को मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और धूलभरी आंधी का असर देखने को मिला. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रतलाम में 12 मिलीमीटर और धार में 8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर और रायसेन सहित दो दर्जन से अधिक जिलों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। 

एमपी में मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून जमकर बरस रहा है। बीते 24 घंटे में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ पानी गिरा। ऐसा ही मौसम शनिवार को भी बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) ने प्रदेश के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, प्रदेश के ऊपर 3 साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव है। इस वजह से तेज आंधी और बारिश का दौर है।

आज इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश के आसार हैं। आलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम में इससे थोड़ी राहत मिल सकती है।

पचमढ़ी से ठंडा श्योपुर, 32 डिग्री रहा तापमान
आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश में दिन का तापमान लुढ़क गया है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के एकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडा श्योपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में देर शाम कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश भी हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, पचमढ़ी में तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। गुना में 35.4 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, बैतूल में 36.5 डिग्री, सतना में 36.6 डिग्री, धार और नर्मदापुरम में 36.9 डिग्री रहा। खरगोन, नरसिंहपुर, खजुराहो, खंडवा और छिंदवाड़ा में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, भोपाल में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

केरल पहुंचा मानसून, एमपी में 20 जून तक आने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है। प्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है।

साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख 20 से 22 जून बताई जा रही है। केरल में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है।

​पचमढ़ी से भी ठंडा रहा श्योपुर, तापमान में भारी गिरावट
बता दें कि ​गुरुवार रात और शुक्रवार को हुई बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया. प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में दिन और रात दोनों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया. खास बात यह रही कि प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा, उससे भी ठंडा श्योपुर दर्ज किया गया। 

श्योपुर में अधिकतम तापमान महज 32 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं ​बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री कम होकर 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री नीचे गिरकर 20.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 

​विदिशा, गुना और अशोकनगर में वज्रपात की चेतावनी
​मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए कुछ जिलों में बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है. इसके अनुसार विदिशा, गुना और अशोकनगर जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी करते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

गुना में ऐतिहासिक पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव, हर अनुष्ठान में दिखेगा ‘पांच’ का विशेष महत्व

गुना

गुना में आगामी दिनों में जैन समाज का ऐतिहासिक पंचमुखी पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में होने वाला यह धार्मिक अनुष्ठान जैन इतिहास में पहली बार आयोजित होगा। 

महोत्सव में सैकड़ों इंद्रों के अलावा 5 कुबेर, 5 यज्ञ नायक, 5 ईशान इंद्र और 5 सनत कुमार इंद्र शामिल होंगे। इसके साथ ही भगवान के माता-पिता के रूप में 5 सौभाग्यशाली जोड़े बनाए जाएंगे। आयोजन के दौरान 5 नीलांजना नृत्य, 5 दीक्षाएं और 5 आहार के दुर्लभ दृश्य भी जीवंत रूप में देखने को मिलेंगे।

भारत और विश्व का कल्याण करेगा यह आयोजन मुनि सुधासागर महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, “गुना का यह पंचकल्याणक बेहद अलौकिक और विशेष होने वाला है। अभी तक मेरे सानिध्य में भी देश में कहीं भी ऐसा आयोजन नहीं हुआ है। जैसे पंचमुखी रुद्राक्ष का विशेष महत्व होता है, ठीक उसी तरह यह पंचमुखी पंचकल्याणक ऐतिहासिक होगा।” उन्होंने कहा कि यह केवल गुना का नहीं, बल्कि पूरे भारत और विश्व का कल्याण करने वाला महोत्सव सिद्ध होगा।

दीक्षाएं होने के संकेत, श्रद्धालुओं से मंत्र जाप का आह्वान मुनिश्री ने संकेत दिए कि इस भव्य आयोजन के दौरान इतनी मूर्तियों को सूर्य मंत्र देना होगा कि संभवतः कुछ मुनि दीक्षाएं भी देनी पड़ें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस महामहोत्सव की पूर्ण सफलता के लिए अभी से भगवान का मंत्र जाप करने का आह्वान किया है।

कमलश्री परिवार ने समाज को सौंपा अपना निजी मंदिर ऋषभायतन नसियांजी में मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में अंचल के कमलश्री परिवार ने अपना निजी सीमंधर जिनालय मंदिर सकल जैन समाज को समर्पित कर दिया। परिवार ने मुनिश्री के समक्ष इस मंदिर को बजरंगगढ़ कमेटी को सौंपने की घोषणा की। अब यह जिनालय प्रसिद्ध शांतिनाथ पुण्योदय तीर्थक्षेत्र बजरंगगढ़ के अंतर्गत संचालित होगा, जिसके लिए मुनिश्री ने परिवार को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

तैयारियों को लेकर शहर में निकाली गई प्रभातफेरी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव की तैयारियों के तहत शनिवार सुबह 5:30 बजे शहर में एक प्रभातफेरी निकाली गई। यह यात्रा चौधरी मोहल्ला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से शुरू हुई। इसके बाद प्रभातफेरी पंडा जी चौराहा, पोस्ट ऑफिस रोड, निचला बाजार, सदर बाजार और जयस्तंभ चौराहा होते हुए सुबह 6 बजे नसियांजी पहुंची।

MP राज्यसभा चुनाव: भाजपा उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने भरा नामांकन, CM मोहन यादव रहे मौजूद

भोपाल 
मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में दोनों का नामांकन पत्र दाखिल कराया।  दोनों ने भाजपा नेताओं के साथ शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और दोनों प्रत्याशी भाजपा कार्यालय स्थित शिव एवं हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी नेता विधानसभा के लिए रवाना हुए। नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। 

हमारे प्रत्याशियों ने भरा नामांकन
सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज हमारे दोनों ही राज्यसभा प्रत्याशी का नामांकन भर दिया है। इस दौरान भाजपा की सभी दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस समय हम सभी हर्ष और उल्लास के साथ हैं। भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। हमारा राज्य संगठन की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में आता है। हम सबने मिलकर उनका नॉमिनेशन फॉर्म जमा करवाया है। हम सभी वर्गों की सेवा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। 

नामांकन से पहले बीजेपी दफ्तर में बैठक
नामांकन दाखिल करने से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की एक बैठक बुलाई गई। इसमें दोनों प्रत्याशियों (तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल) के अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में चुनाव की रणनीति और एकजुटता को लेकर चर्चा हुई।

मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद निकला काफिला
बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और दोनों उम्मीदवार भाजपा कार्यालय परिसर में स्थित शिव और हनुमान मंदिर पहुंचे। वहां नेताओं ने जीत के लिए पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इसके बाद करीब 15 से ज्यादा कारों के भारी काफिले के साथ सभी नेता विधानसभा के लिए रवाना हुए।

जब प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने अंदर गए, तब रिटर्निंग ऑफिसर कक्ष के बाहर भाजपा के कई सीनियर विधायक एकजुट होकर बैठे नजर आए।

भाजपा एक परिवार की तरह है यहां नेता अभिभावक- चुघ
भोपाल में मीडिया को संबोधित करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि मध्य प्रदेश भारत का दिल है। मप्र जब धड़कता है, समझें भारत धड़क रहा है। मप्र की तरक्की ही विकसित भारत का प्राण है। हम सब भाजपा के कार्यकर्ता हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे यह अवसर दिया।

उन्होंने आगे कहा, ”पार्टी ने आगे बढ़ने, काम करने व समर्पण का मौका दिया है। पोस्टर, झंडे लगाने का मौका दिया तो झंडे गाड़े। जहां पार्टी नेतृत्व ने भेजा मैंने काम किया है। भाजपा एक परिवार की तरह है। यहां नेता अभिभावक है। आपको पिता की तरह समझाता भी है, मां की तरह दुलार भी करता है। भाई बहनों की तरह हाथ में हाथ देकर चलना भी सिखाता है। यह केवल भाजपा में ही है और कहीं नहीं मिल सकता। पहले भी कार्यकर्ता बोध से काम किया था आगे भी कार्यकर्ता बोध से काम करेंगे। जो संगठन ने कहा मैंने अक्षरश: पालन किया है।”

पूर्व मंत्री बोले- हमारे पास पूरा बहुमत और समर्थन
नामांकन के दौरान खुरई से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह का एक बड़ा बयान सामने आया। उन्होंने पार्टी की मजबूत स्थिति पर भरोसा जताते हुए कहा- बीजेपी की तैयारी पूरी है, अगर पार्टी तीसरा कैंडिडेट भी चुनाव मैदान में उतारती है तो भी हमारी जीत तय है। हमारे पास पूरा बहुमत और समर्थन है।

प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पार्टी के घोषित उम्मीदवारों पर भरोसा जताते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जिन्होंने जमीन पर रहकर संगठन के लिए लंबे समय तक काम किया है। 

MP पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: 8 IPS समेत 74 अधिकारियों के तबादले, भोपाल को मिली नई ADCP मिनी शुक्ला

भोपाल 

मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए कई IPS अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला और नई जगहों पर तैनाती का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान राज्यपाल के नाम और निर्देश पर गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव ने भारतीय पुलिस सेवा के 8 अधिकारियों का नवीन पदस्थापना से जुड़ा आदेश जारी किया। जिसमें उन्होंने बताया कि राज्य शासन निम्नलिखित भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक बताए गए पद एवं स्थान पर पदस्थ किया जाता है।

नए आदेश के अनुसार अनु बेनीवाल को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ग्वालियर से हटाकर ASP जबलपुर बनाया गया है। जबकि मिनी शुक्ला को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नरसिंहगढ़ से हटाकर ADCP (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त), जोन-2, भोपाल पुलिस बनाया गया है। IPS अधिकारी करणदीप को बालाघाट जिले के बैहर से हटाकर उज्जैन भेजा गया है, वहीं सुजावल जग्गा को धार से हटाकर ग्वालियर भेजा गया है।

तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चित नाम IPS दम्पति अनु बेनीवाल और आयुष जाखड़ का रहा। दोनों अफसरों को शिवपुरी से एएसपी के पद पर जबलपुर ट्रांसफर किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा पुलिस तंत्र में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। बड़ी संख्या में अधिकारियों के स्थानांतरण को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राजगढ़ एसडीओपी को मिला प्रमोशन
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में पदस्थ एसडीओपी मिनी शुक्ला को प्रमोट कर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-2) भोपाल नगरीय पुलिस बनाया गया है। मिनी शुक्ला का विवाह पिछले वर्ष आईएएस अधिकारी सुमित पांडेय से हुआ था। सुमित पांडेय वर्तमान में भोपाल में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। नई पोस्टिंग के बाद दोनों अधिकारी अब भोपाल में साथ सेवाएं देंगे।

66 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले
गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के 66 अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। इन्हें विभिन्न जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस इकाइयों में एसपी और उप सेनानी के पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस पूरी सूची में विंध्य क्षेत्र से सबसे प्रमुख नाम आरती सिंह महाजन (SPS 2008 बैच) का है। रीवा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर लंबे समय से अपनी सशक्त सेवाएं दे रहीं। आरती सिंह महाजन का तबादला अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पी.टी.सी. (पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज), इंदौर के पद पर कर दिया गया है।

1. सुश्री अनु बेनिवाल, भापुसे (आर.आर.-2022)

वर्तमान पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-ग्वालियर

नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-जबलपुर
2. श्री ओमप्रकाश, भापुसे (आर.आर.-2022)

वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) लांजी, बालाघाट

नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोन-3, इंदौर नगरीय पुलिस
3. श्री करणदीप, भापुसे (आर.आर.-2022)

वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बैहर, जिला-बालाघाट

नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-उज्जैन
4. श्री आयुष जाखड, भापुसे (आर.आर.-2022)

वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) करैरा, जिला-शिवपुरी

नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-जबलपुर
5. श्री गौरव पाण्डेय, भापुसे (आर.आर.-2022)

वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जिला-सिंगरौली

नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-सतना
6. सुश्री मिनी शुक्ला, भापुसे (आर.आर.-2022)

वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नरसिंहगढ़, जिला-राजगढ

नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोन-2, भोपाल नगरीय पुलिस
7. श्री राज कृष्णा, भापुसे (आर.आर.-2022)

वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सबलगढ, जिला-मुरैना

नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महू इंदौर ग्रामीण
8. श्री सुजावल जग्गा, भापुसे (आर.आर.-2022)

वर्तमान पोस्टिंग- नगर पुलिस अधीक्षक, जिला-धार

नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-ग्वालियर

रबिन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी द्वारा भोपाल में 6 जून को पहली बार होगा वेलोसिटी नाइट रन 2026 का आयोजन

 रबिन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी द्वारा भोपाल में 6 जून को पहली बार होगा वेलोसिटी नाइट रन 2026 का आयोजन 

टीटी नगर स्टेडियम में दौड़ेगी फिटनेस, जुनून और ऊर्जा की नई रफ्तार
भोपाल 

रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी द्वारा भोपाल में पहली बार “वेलोसिटी नाइट रन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह अनोखा नाइट रन 6 जून 2026 को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में आयोजित होगा, जिसमें शहर सहित प्रदेशभर के रनर्स, फिटनेस प्रेमी एवं युवा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में फिटनेस, अनुशासन, स्वास्थ्य जागरूकता एवं खेल भावना को प्रोत्साहित करना है।

रात्रिकालीन वातावरण में आयोजित होने वाला यह रन प्रतिभागियों को स्टेडियम की रोशनी के बीच ऊर्जा, उत्साह और रोमांच से भरपूर अनुभव प्रदान करेगा। प्रतियोगिता में 1 घंटे, 2 घंटे एवं 3 घंटे की विभिन्न श्रेणियां रखी गई हैं, जिनमें प्रतिभागी अपनी क्षमता के अनुसार हिस्सा ले सकेंगे।

सभी प्रतिभागी रन शुरू होने के समय से 30 मिनट पूर्व रिपोर्टिंग करें। लेट एंट्री मान्य नहीं होगी।

रन के दौरान प्रतिभागियों के लिए विभिन्न रंगों की ट्रैक लेन निर्धारित की गई हैं, ताकि प्रतियोगिता का संचालन व्यवस्थित एवं सुरक्षित रूप से किया जा सके। स्टेडियम परिसर में विशेष फिटनेस एवं रनिंग जोन भी तैयार किए जाएंगे।

इस अवसर पर रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर डॉ अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि वेलोसिटी नाइट रन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में स्वास्थ्य, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने की एक प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर आत्मविश्वास एवं अनुशासन विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

वहीं रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की कुलसचिव डॉ संगीता जौहरी ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव विद्यार्थियों एवं युवाओं के समग्र विकास के लिए खेल, स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े आयोजनों को प्रोत्साहित करता रहा है। वेलोसिटी नाइट रन 2026 युवाओं को फिटनेस के साथ सकारात्मक ऊर्जा एवं टीम स्पिरिट का अनुभव प्रदान करेगा।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अधिक से अधिक युवाओं, खिलाड़ियों एवं फिटनेस प्रेमियों से इस विशेष नाइट रन में सहभागिता करने की अपील की है।

मरकंटक “चचाई” थर्मल पॉवर स्टेशन ने 609 दिनों तक बिजली उत्पादन का बनाया रिकार्ड

भोपाल 

राज्य क्षेत्र के थर्मल पॉवर स्टेशनों में एक नया इतिहास रचते हुए, मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (ATPS) की 210 मेगावॉट (MW) क्षमता वाली यूनिट नंबर 5 ने लगातार 609 दिनों तक निर्बाध रूप से क्रियाशील रहकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह शानदार सफर 1 अक्टूबर 2024 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक करीब पौने दो साल तक बिना रुके जारी रहा, जो राज्य क्षेत्र (State Sector) की किसी भी थर्मल यूनिट के लिए अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। दो जून को अचानक आई एक तकनीकी विद्युत खराबी (Electric Fault) के कारण इस यूनिट को रोकना पड़ा, जिससे यह अद्भुत सफर थम गया। इस ऐतिहासिक परिचालन अवधि के दौरान प्लांट के कार्यकुशलता सूचकांक (Performance Indices) भी बेहद उत्कृष्ट रहे, जो यूनिट की बेहतरीन तकनीकी देखरेख और परिचालन क्षमता को दर्शाते हैं।

मजबूत परफॉर्मेंस: आंकड़ों में देखें यूनिट का दमदार प्रदर्शन

इस मैराथन रन के दौरान प्लांट के कार्यकुशलता सूचकांक (Performance Indices) बेहद बेमिसाल रहे। PAF (प्लांट उपलब्धता) 98.82%, PLF (प्लांट लोड फैक्टर) 95.61% और APC (सहायक बिजली खपत) 9.29% रही।

“यह टीम वर्क की ऐतिहासिक जीत” : ऊर्जा मंत्री  तोमर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पॉवर स्टेशन के सभी अभियंताओं, तकनीकी स्टाफ और कर्मचारियों को इस ऐतिहासिक सफलता की बधाई दी है। प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि लगातार 609 दिनों तक बिना किसी ट्रिपिंग के यूनिट का चलना हमारे उत्कृष्ट रखरखाव, कुशल प्रबंधन और ग्राउंड स्टाफ की दिन-रात की मेहनत का परिणाम है। चचाई थर्मल पॉवर स्टेशन ने राज्य क्षेत्र में जो बेंचमार्क सेट किया है, उस पर पूरे प्रदेश को गर्व है।

 

15 जून को अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठजन दुर्व्यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस का होगा आयोजन

भोपाल

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, गरिमा, सुरक्षा एवं कल्याण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 15 जून को अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठजन दुर्व्यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस मनाया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय ने इस संबंध में सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

दिवस के अवसर पर वृद्धाश्रमों, डे-केयर केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य उपयुक्त स्थलों पर विविध जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें संगोष्ठी, परिचर्चा, जागरूकता रैली, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण तथा वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह शामिल हैं। युवाओं और वरिष्ठजनों के मध्य संवाद को बढ़ावा देने के लिए अंतर-पीढ़ी संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

विभाग ने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रमों के माध्यम से वृद्धजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता, पारिवारिक उत्तरदायित्व और सामाजिक सहभागिता का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए। इसके लिए स्थानीय समाचार-पत्रों, सामुदायिक रेडियो, सोशल मीडिया तथा अन्य प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।

वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण एवं कल्याण के लिए लागू अधिनियमों और नियमों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा वृद्धजनों के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

 

38 हजार कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड की होगी जांच, ज्यादा वेतन लेने वालों पर गिरेगी गाज

भोपाल 

प्रदेश में 38 हजार कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों समेत अन्य इन विभागों में काम कर रहे अन्य अधिकारी कर्मचारी के रिटायरमेंट के पहले उनके संपूर्ण सेवाकाल के सर्विस रिकार्ड और वेतन निर्धारण की जांच की जाएगी। अगर किसी को नियम विरुद्ध फायदा पहुंचाया गया है तो ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी।

ऐसे कर्मचारी प्रदेश के लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग में सर्वाधिक हैं जिनकी जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इन विभागों में लंबित वेतन निर्धारण, वेतनमान स्वीकृति तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में वेतन निर्धारण से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।

विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र परीक्षण कर उनका निराकरण सुनिश्चित करें।

इन 5 विभागों में चलेगा विशेष अभियान

सरकार ने पाया है कि सबसे ज्यादा पेंडिंग मामले और गड़बड़ियां कुछ खास विभागों में हैं। इसलिए इस विशेष अभियान को मुख्य रूप से पांच बड़े विभागों में चलाया जाएगा।

    लोक निर्माण विभाग 

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

    जल संसाधन विभाग

    नर्मदा घाटी विकास विभाग

    स्कूल शिक्षा विभाग

लंबित मामलों का तुरंत निपटारा

कई बार ऐसा होता है कि कर्मचारियों को समय पर उनका सही वेतन नहीं मिल पाता है। साथ ही प्रमोशन या रिटायरमेंट का लाभ नहीं मिल पाता है।

वित्त विभाग ने माना कि वेतनमान, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला पैसे से ज्यादा विवाद होता है। इन विवादों की वजह से कर्मचारियों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि वे कर्मचारियों के इन अटके हुए मामलों की तुरंत जांच करें और उनका जल्द से जल्द निपटारा करें।

अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

वित्त विभाग ने साफ कर दिया है कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समय के अंदर कार्रवाई नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

साथ ही उन पर एक्शन हो सकता है। विभागों को इस अभियान की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी वित्त विभाग को भेजनी होगी।

6 महीने में ठीक करनी होंगी सर्विस बुक

वित्त विभाग ने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें साफ कहा गया है कि वे कर्मचारियों की सर्विस बुक को अच्छे से चेक करें।

उसमें कोई गलती मिलती है तो उसे तुरंत सुधारा जाए।  किसी मामले में पहले से मंजूरी लेने की जरूरत हो तो वह प्रक्रिया भी पूरी की जाए। इस पूरे काम को पूरा करने के लिए सरकार ने 6 महीने का समय तय किया है।

आदेश में कई बातों का जिक्र
आदेश में कहा गया है कि कई मामलों में वेतनमान, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित विवादों के कारण कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसे देखते हुए विभागवार विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का समाधान किया जाएगा। विभागों को अभियान की प्रगति रिपोर्ट भी वित्त विभाग को भेजनी होगी।

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

सेवा पुस्तिका की जांच कर गलतियां सुधारें
वित्त विभाग ने संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों तथा विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण कर गलतियों का सुधार करें और आवश्यक होने पर पूर्व अनुमोदन प्राप्त कर कार्रवाई करें।

साथ ही आगामी छह माह के भीतर सेवा-अभिलेखों और वेतन निर्धारण संबंधी लंबित मामलों का निराकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विशेष अभियान के अंतर्गत सेवानिवृत्त एवं सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, समयमान, क्रमोन्नति वेतनमान और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़े मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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