ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस में भीषण आग, 8 यात्रियों की दर्दनाक मौत; अधिकांश मृतक इंदौर के

इंदौर / दौसा
ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक निजी बस में टक्कर के बाद आग लगने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, राजस्थान के दौसा में हुए इस हादसे में मारे गए ज्यादातर लोग मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से बताए जा रहे हैं. वहीं, कई लापता ओंकारेश्वर के पास के भी बताए जा रहे हैं. इस भीषण दुर्घटना में 29 लोग घायल भी हुए. वहीं, इंदौर से मृतकों के परिजन राजस्थान के दौसा के लिए रवाना हो गए हैं। 

मरने वालों में ज्यादातर इंदौर से
ऋषिकेश से इंदौर चलने वाली हंस ट्रेवल्स की एक बस से कई यात्री इंदौर आने के लिए निकले थे लेकिन बुधवार अल सुबह दौसा के पास बस की टक्कर सामने चल रहे ट्रक से हो गई, जिसके बाद अचानक आग लग गई. आग लगने से बस में सवार 8 लोग जिंदा जल गए. वहीं, तकरीबन 29 घायल हो गए, जिनका इलाज दौसा स्थित सरकारी अस्पताल में चल रहा है. मृतकों में इंदौर की याचिका, नेहा, दिशा, सुवानंद, प्रदीप, महक, योगिनी, जितेंद्र शामिल हैं. इस बात की पुष्टि मृतकों के परिजनों द्वारा की जा रही है. वहीं, इंदौर के पास रहने वाली निर्मला, प्रियंका और भूमि घटना के बाद से लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही। 

मृतकों के परिजनों का बुरा हाल, बोले- कुछ पता नहीं चल रहा
पूरे घटनाक्रम की जानकारी इंदौर में रहने वाले अभिनव पांडे के परिजनों को लगी तो वह दौसा के लिए रवाना हुए हैं. उन्होंने ईटीवी भारत से कहा, ” घटना कैसे हुई और कौन कहां है इसे लेकर कुछ साफ जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसलिए सभी घटनास्थल के लिए इंदौर से रवाना हो गए हैं और उसके बाद ही कुछ कह पाएंगे.” प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि जिन लोगों की इस पूरे घटनाक्रम में मौत हुई है वह ऋषिकेश और हरिद्वार घूमने के लिए गए हुए थे और देर रात वहां से बस के माध्यम से इंदौर के लिए निकले थे, तभी राजस्थान में हादसा हो गया। 

दौसा एडिशनल एसपी योगेंद्र फौजदार ने बताया कि घटनाक्रम रात करीब 3 बजे के आसपास का है. हादसे में अब तक 6 लोगों के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया जा चुका है. मामुली घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है. उन्होंने बताया कि घायलों को अभी मृतकों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है. एडिशनल एसपी ने बताया कि बस में 39 से अधिक सवारियां होने का अनुमान लगाया है. हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है. हादसे के दौरान आगे चल ट्रेलर का चालक और खलासी भी घायल हुए हैं। 

जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुआ. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और देखते ही देखते उसमें आग लग गई. बस में फंसे 6 यात्रियों की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य यात्रियों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया. हादसे की सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया. वहीं, दौसा की जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा का कहना है कि बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी, तभी सुबह करीब 3:15 या 3:30 बजे जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे पर टक्कर के बाद उसमें आग लग गई. करीब 24 या 25 लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे और उन्हें बचा लिया गया. वे अभी ठीक हैं. कुल हताहतों की संख्या के बारे में हम इस समय केवल अनुमानित आंकड़ा ही बता सकते हैं, अंतिम संख्या अभी पक्की नहीं है. करीब सात से आठ लोगों की मौत हुई है। 

समय पर पहुंचती फायर ब्रिगेड टीम तो कई जान बच जाती : इस दर्दनाक हादसे के बाद राहत कार्य को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना की सूचना पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रबंधन को तत्काल दे दी गई थी, लेकिन करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर राहत और बचाव कार्य शुरू हो जाता तो बस में फंसे कई यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी. उनका दावा है कि मदद के इंतजार में यात्री बस के भीतर ही फंसे रहे, जिससे पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. फिलहाल पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जबकि घायलों का उपचार जारी है. प्रशासन दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। 

घटना को लेकर CM और सांसद ने दुख जताया : हादसे को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट पर दुख जताया. उन्होंने लिखा कि दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना में जनहानि का समाचार पीड़ादायक है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं. दौसा सांसद मुरारीलाल मीना ने भी दुख प्रकट किया है. साथ ही सरकार से पैसेंजरों की सुरक्षा को लेकर काम करने की बात कही है। 

राज्यपाल और पूर्व सीएम ने भी व्यक्त की संवेदना : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस पर हुए भीषण सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ईश्वर से मृतकों की पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है. साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है. हादसे को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु होने का समाचार बेहद दुखद है. इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। 

CM साय आज रहेंगे एक्शन मोड में, शासकीय कार्यों में व्यस्त रहेंगे, उच्च शिक्षा मंत्री की भी अहम बैठक

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में शासकीय कार्यों में व्यस्त रहेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री निवास से मंत्रालय के लिए रवाना होंगे.

मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मंत्रालय में विभिन्न विभागों से जुड़े शासकीय कार्यों का संचालन करेंगे. इसके बाद शाम 5:30 बजे मंत्रालय से मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे.

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आज
रायपुर
. उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा 1 जुलाई को सुबह 11 बजे मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक लेंगे. बैठक में रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, लंबित विभागीय प्रकरणों के निराकरण, प्रभार व्यवस्था, पुलिस सत्यापन, प्रशासनिक कार्यों की प्रगति तथा समयबद्ध कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही विभिन्न विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान व गुणवत्ता सुधार से जुड़े विषयों तथा लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.

उप मुख्यमंत्री करेंगे छात्रों का तिलक लगाकर स्वागत
बिलासपुर.
जिले में नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन 1 जुलाई को सवेरे सेजेस लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रहे. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव और दिलीप लहरिया शामिल हुए. इसके अलावा महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी और जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप भी कार्यक्रम में उपस्थित हुए. शाला प्रवेशोत्सव के दौरान विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया. विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के साथ ही नियमित अध्ययन एवं अनुशासन का संदेश दिया. 

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को बड़ी राहत, शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक मिलेगी पुनर्नियुक्ति

रायपुर.

शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक संवर्ग (सहायक शिक्षक से लेकर प्राचार्य तक) को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है।

लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर शासन द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। आदेश में संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देशित किया गया है कि पुनर्नियुक्ति संबंधी जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र शिक्षकों को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की आवश्यक कार्रवाई अपने स्तर पर शीघ्र सुनिश्चित करें।

शासन के इस निर्णय से शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की निरंतरता बनी रहेगी तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए मंजूरी जारी कर दी है। मंत्रालय से जारी आदेश के मुताबिक, लोक शिक्षण संचालनालय को कहा गया है कि तय नियमों के अनुसार पात्र रिटायर शिक्षकों को जल्द स्कूलों में फिर से पढ़ाने की व्यवस्था की जाए।

शिक्षकों की कमी दूर, पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित
इस फैसले का फायदा सरकारी और 100% अनुदान प्राप्त स्कूलों को मिलेगा। इससे जहां शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी, वहीं छात्रों की पढ़ाई भी बिना रुकावट जारी रह सकेगी। अब सभी जिलों में पात्र शिक्षकों को सत्र 2026-27 के आखिर तक स्कूलों में पढ़ाने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

रायपुर : रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को विश्व पटल पर दिलाएंगे नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को विश्व पटल पर दिलाएंगे नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन

रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा, उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने 6 पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स का किया सम्मान

रायपुर
रामगढ़ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, प्रकृति पूजा, आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। सरगुजा की यह पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को प्रमाणित करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के ऐतिहासिक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के  समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनश्रुतियों के अनुसार त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा रामगढ़ की हवाओं और शिलाओं में रामायण की स्मृतियां आज भी जीवंत हैं।

उन्होंने कहा कि सीताबेंगरा गुफा भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों वर्ष पूर्व सांस्कृतिक आयोजन और नाट्य प्रस्तुतियां होती थीं। वहीं जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्तिचित्र कला के लिए विश्वविख्यात है। हाथीपोल जैसी प्राकृतिक शैल संरचना तथा यहां के प्राचीन शिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इसी क्षेत्र में किए जाने का उल्लेख मिलता है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि जिस भव्यता के साथ इस वर्ष रामगढ़ महोत्सव का आयोजन हुआ है, उसी भव्यता के साथ यह महोत्सव प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2,387 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में लोगों के पक्के आवास का सपना तेजी से साकार हो रहा है। 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनकर तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। पुनर्वासित नक्सलियों तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया है। तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थस्थलों को शामिल किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार दर्शन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए विभिन्न विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का प्रभावी समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रवासियों की मांग पर उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत के गठन की घोषणा भी की।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य कर रहा है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सभी को रामगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लगभग 50 वर्षों से आयोजित हो रहा यह महोत्सव ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंच से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का शाला प्रवेश कराया। उन्होंने बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई तथा स्कूल बैग, वॉटर बॉटल सहित अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने 26 से 30 जून तक सरगुजा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर विशेष डॉक्यूमेंट्री तैयार करने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया।

समापन समारोह में विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

हिमाचल में मॉनसून का कहर: जिस्पा में बादल फटा, मंडी में भूस्खलन से महिला की मौत

शिमला
 हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की एंट्री के साथ ही कई इलाकों में भारी बारिश हुई है. इस वजह से कई सड़कें बंद हो गई हैं. वहीं, लाहौल स्पीति के जिस्पा में बीती रात को बादल फटलने से लेह मनाली नेशनल हाईवे बंद हो गया. इस वजह से सैंकड़ों गाड़ियां फंस गई। 

मनाली की ओर से जाने वाले वाहनों को केलांग के पास ही रोक दिया गया था.  मंडी जिले के औट में शनि मंदिर के पास नालागढ़ की एक महिला पर पत्थर गिरने से मौत हो गई. एएसपी मंडी अभिमन्यू ने मौत की पुष्टि की और बताया कि सभी से अनुरोध है, सुरक्षित स्थानों पर ही वाहन रोकें और सुरक्षित यात्रा करें। 

धराली-हर्षिल में पूरी रात जागकर नदी को ताक रहे लोग
बीते साल वर्ष अगस्त में उत्तराखंड के धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा की भयावह यादें अभी ताजा हैं. उस आपदा में खीर गंगा से न केवल धराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी तबाही मची थी, बल्कि हर्षिल स्थित सेना का कैंप भी मलबे और बाढ़ की चपेट में आ गया था. कई सैनिक लापता हुए थे और बाद में कुछ जवानों के शव भी बरामद हुए. इसके बावजूद अब तक स्थायी सुरक्षात्मक कार्य नहीं होने से एक बार फिर पूरे हर्षिल क्षेत्र पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। 

इसी गंभीर चिंता को लेकर हर्षिल क्षेत्र के आठ ग्राम प्रधानों और पूर्व जनप्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की। 

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष की आपदा के बाद से हर्षिल के ऊपर बनी अस्थायी झील और भागीरथी नदी की बदलती धारा लगातार खतरा पैदा कर रही है. हाल ही में नदी का जलस्तर बढ़ने से जीएमवीएन का टीनशेड बह गया, कई बड़े पेड़ नदी में समा गए और कटाव लगातार बढ़ रहा है। 

उन्होंने कहा कि अब जीएमवीएन परिसर, पुलिस थाना, लोक निर्माण विभाग का गेस्ट हाउस, सेब के बगीचे, आवासीय भवन, होटल और होमस्टे सीधे खतरे की जद में हैं. स्थिति इतनी गंभीर है कि रात में नदी का जलस्तर बढ़ते ही स्थानीय लोगों को पूरी रात चौकसी करनी पड़ रही है। 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि अब भी जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में हर्षिल का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन को यह भी याद दिलाया कि अगस्त 2025 की धराली-हर्षिल आपदा में भारी जन-धन की क्षति हुई थी. अनेक होटल, मकान, सड़कें और अन्य ढांचे मलबे में समा गए थे. इस भीषण त्रासदी में लोगों की जानें गईं, बड़ी संख्या में लोग लापता हुए और हर्षिल स्थित सेना का कैंप भी आपदा की चपेट में आ गया, जहां राहत कार्य के लिए तैयार सैनिक भी मलबे में फंस गए थे. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। 

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह बुधवार को हर्षिल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र शुरू कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। 

बुधवार सुबह शिमला के मेहली शोघी रोड पर हैप्पी होम के पास लैंडस्लाइड से रोड़ बंद हो गई है। 

जानकारी के अनुसार, बीते रोज मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में मॉनसून की एंट्री हुई और फिर बीती रात को प्रदेशभर में मूसलाधार बारिश देखने को मिली.जिला चंबा में चंबा-तीसा मुख्य सड़क पागोला नाला के पास बंद हो गई. यहां पर लगातार बारिश के कारण पागोला नाला के पास भूस्खलन और मलबा आने से बंद हो गई है और मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है. सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत लनोट के लनोट और फगड़ोग गांवों में मूसलाधार बारिश के कारण मलबा और पानी कई घरों में घुस गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 

जिला चंबा में चंबा-तीसा मुख्य सड़क पागोला नाला के पास बंद हो गया। 

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अपने सोशल मीडिया पेज पर जिस्पा में बादल फटने की जानकारी दी. हालांकि, इससे कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन नाले में फ्लैश फ्लड की वजह से लेह मनाली हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही थम गई. गौर रहे कि जिस्पा मनाली से करीब 100 किमी दूर है। 

इसके अलावा, मंडी जिले के धर्मपुर में भारी बारिश की वजह से सिद्धपुर धर्मपुर रोड हाजरी क्रशर के पास और धर्मपुर-जोगिन्द्रनगर सड़क भंडारी मिक्सर प्लांट के पास अवरुद्ध हो गया है. कांढापतन–रखेड़ा मार्ग पर सड़क पर मलबा गिरा है और आवागमन प्रभावित हुआ है। 

फिलहाल, सड़कों की बहाली की कोशिश की जा रही है. वहीं, मंडी जिले में ब्य़ास नदी का जलस्तर बढ़ गया है. लगातार बर्फ पिघलने और बारिस की वजह से पानी का लेवल बढ़ा है और लोगों को नदी नालों के पास ना जाने की अपील की गई है. लाहौल स्पीति के जाहलमा नाले में फ्लैश फ्लड की वजह से लोगों को रस्सी डालकर पार करवाया जा रहा है. इस वजह से किसानों की मटर और गोभी की फसलें फंस गई हैं. लाहौल की पंचायत रानिका के पढ़ाक गांव में बाढ़ से लगभग 5 बीघा गोभी की फसल तबाह हो गई है. इससे पहले, मंगलवार को शिमला के चक्कर बाइपास के पास लैंडस्लाइड हुआ था। 

पहली ही बारिश में 45 रोड बंद

हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन ने बुधवार रिपोर्ट में बताया कि बारिश की वजह से 30 जून को 45 सड़कें बंद हो गई थी. इसमें सबसे अधिक 28 रोड मंडी, कुल्लू में 12, ऊना में दो और लाहौल स्पीति में एक रोड बंद थे, हालांकि, अब 16 रोड ही बहाल होने से बची हैं और बारिश की वजह से 84 ट्रांसफार्मर बंद हैं. उधर, बरसात का सीजन शुरू होते ही हिमाचल प्रदेश में धान की रिपोई का काम भी शुरू हो गया है। 

ऊना में स्कूलों की टाइमिंग बदली

ऊना जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में एक जुलाई से सामान्य समय के अनुसार पढ़ाई होगी. डीसी जतिन लाल ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं और भीषण गर्मी के मद्देनज़र पांच मई को स्कूलों के समय में किए गए बदलाव संबंधी आदेश भी वापस ले लिए गए हैं. अब जिले के सभी प्री-प्राइमरी, प्राइमरी, मिडिल और सेकेंडरी स्कूल अब सुबह 9 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक खुलेंगे. डीसी ने एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक को भी निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के संशोधित समय के अनुरूप बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। 

मौसम विभाग ने अगले छह दिन के लिए भारी बारिश का अनुमान लगाया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि इस बार मानसून सामान्य से करीब एक सप्ताह की देरी से प्रदेश पहुंचा है. सामान्य तौर पर शिमला में मानसून 22 जून के आसपास पहुंच जाता है, जबकि 24 से 25 जून तक पूरे प्रदेश को कवर कर लेता है. इस बार 30 जून तक ही मानसून प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच पाया है। 

संदीप शर्मा ने बताया कि सोमवार को शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों, सिरमौर के कुछ इलाकों, कांगड़ा के बड़ा भंगाल क्षेत्र और शिमला जिला के आसपास के कुछ हिस्सों में मानसून का आगमन हो चुका है. वहीं शिमला के ऊपरी क्षेत्र, नारकंडा सहित अन्य हिस्सों के अलावा चंबा, किन्नौर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर और प्रदेश के अन्य शेष क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून पहुंचने की संभावना है. परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और जल्द ही पूरा हिमाचल मानसून से कवर हो जाएगा। 

उन्होंने बताया कि इस बार जून महीने में प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. केवल कांगड़ा और एक अन्य जिले में सामान्य के आसपास वर्षा हुई, जबकि बाकी 10 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे मानसून सीजन के दौरान भी प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से कम रह सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी और 6 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। 

विभाग ने 1 जुलाई के लिए ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. 2 जुलाई को चंबा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट, जबकि ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 3 जुलाई को बिलासपुर और कांगड़ा में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा, जबकि ऊना, मंडी, शिमला और सिरमौर में बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 4 जुलाई को भी कांगड़ा, मंडी, शिमला, कुल्लू, ऊना और हमीरपुर सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इसके बाद 5 और 6 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. संदीप शर्मा ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2022 में भी मानसून 29 जून के आसपास हिमाचल पहुंचा था. वहीं सबसे अधिक देरी वर्ष 2010 में हुई थी, जब मानसून ने 5 जुलाई को प्रदेश में प्रवेश किया था. यानी वर्ष 2026 में मानसून का आगमन वर्ष 2010 के बाद सबसे देर से हुआ है। 

प्री मॉनसन में भी 128 लोगों की मौत

राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से जारी प्री-मानसून सीजन (1 मार्च से 30 जून 2026) की रिपोर्ट में बताया गया है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण 128 लोगों की मौत, 398 लोग घायल हुए हैं, जबकि 354 पशुओं की भी जान गई. इसके अलावा प्रदेशभर में निजी और सरकारी संपत्तियों को मिलाकर करीब 29.84 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं में 75 लोगों की मौत पेड़ या चट्टान गिरने, 30 लोगों की डूबने, 5 लोगों की करंट लगने, 4 मौतें आग, 2 सर्पदंश, 1 व्यक्ति की आकाशीय बिजली गिरने और 11 लोगों की अन्य कारणों से मौत हुई है. इस दौरान सड़क हादसों में 270 लोगों की जान गई.  शिमला में सबसे अधिक 7.32 करोड़ रुपये, सोलन में 4.64 करोड़ रुपये, कुल्लू में 4.26 करोड़ रुपये और मंडी में 2.63 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। 

 

LPG Price Cut: जुलाई के पहले दिन बड़ी राहत, सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, जानें आपके शहर के नए रेट

 नई दिल्ली

LPG Price Cut: जुलाई महीने की शुरुआत हो गई है और ये राहत भरी है. दरअसल, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की है. LPG Cylinder Price Cut 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर किए गए हैं. ताजा रेट्स की बात करें, तो दिल्ली में 3,113 रुपये का मिलने वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब सस्ता होकर 2,930 रुपये का रह गया है. इस हिसाब से गैस सिलेंडर की कीमत 183 रुपये घटाई गई है. हालांकि, इस बार भी घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14 Kg LPG Cylinder Price को स्थिर रखा गया है। 

राहत भरी जुलाई की शुरुआत 
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में संशोधन करती हैं और जुलाई महीने की शुरुआत राहत भरी रही है. बीते कुछ समय में मिडिल ईस्ट टेंशन के चलते कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ताबड़तोड़ इजाफा किया गया था. अब 1 जुलाई 2026 को दिल्ली समेत अन्य शहरों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का रेट कम कर दिया गया है. बता दें कि साल 2026 में ये पहली बार है जबकि तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घटाए हैं। 

19 Kg LPG Cylinder की कीमत पर इस साल लगभग हर महीने महंगाई का बम फूटा था. शुरुआती महीने जनवरी में इसी कीमत 1691 रुपये प्रति सिलेंडर थी, जो कि लगातार बढ़ोतरी के बाद महंगा होता चला गया. बीते दो महीनों में देखें, तो मई ये 993 रुपये महंगा होकर पहली बार 3000 रुपये के पार पहुंचा था और जून की शुरुआत में भी ये 42 रुपये महंगा हुआ था. इसके बाद कमर्शियल सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 3113.50 रुपये पहुंच गई थी। 

कोलकाता से लखनऊ तक अब ये रेट 
राजधानी दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में किए गए बदलाव की बात करें, तो कोलकाता में अब ये कमर्शियल  सिलेंडर 3255.50 रुपये से घटकर 3,081.50 रुपये का हो गया है. इसके अलावा अन्य शहरों की बात करें, तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब कमर्शियल सिलेंडर का दाम 3,052.50 रुपये रह गया है, जबकि बिहार की राजधानी पटना में नई कीमत 3,227 रुपये पर आ गई है. सिलेंडर की नई कीमतें 1 जुलाई से लागू कर दी गई हैं। 

घरेलू गैस सिलेंडर के नहीं बदले दाम 
जहां एक ओर तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती करते हुए राहत दी है. तो वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14 Kg LPG Cylinder) के दाम यथावत बने हुए हैं, यानी इनमें कोई चेंज नहीं किया गया है. दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर का दाम 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये है. तो वहीं मुंबई में 14 किलो वाला सिलेंडर 941.50 रुपये, जबकि चेन्नई में ये 957.50 रुपये का मिल रहा है। 

रायपुर : ’अचार के स्वाद में घुली आत्मनिर्भरता, बिहान ने बदली माँ जगदंबा समूह की महिलाओं की जिंदगी’

रायपुर : ’अचार के स्वाद में घुली आत्मनिर्भरता, बिहान ने बदली माँ जगदंबा समूह की महिलाओं की जिंदगी’

’कभी घर तक सीमित थीं, आज अपने उत्पाद से कमा रही हैं सम्मान और आय’

रायपुर

कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा की कुछ महिलाओं ने शायद कभी नहीं सोचा था कि रसोई में बनने वाला आम का अचार एक दिन उनकी पहचान बन जाएगा। जो महिलाएं पहले केवल घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, वे आज अपने हाथों से तैयार अचार के जरिए न केवल परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी बन गई हैं। इस बदलाव की मजबूत नींव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ने रखी।

सहसपुर लोहारा के माँ जगदंबा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने आसपास उपलब्ध आम को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया। शुरुआत आसान नहीं थी। बाजार, पैकेजिंग और व्यवसाय का अनुभव नहीं था, लेकिन बिहान के तहत मिले प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास ने उनकी सोच और जिंदगी दोनों बदल दी। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने गुणवत्ता के साथ आम का अचार तैयार करना शुरू किया। धीरे-धीरे स्थानीय बाजार में उनके उत्पाद की मांग बढ़ने लगी। आज समूह की महिलाएं स्वयं अचार तैयार करती हैं, उसकी पैकेजिंग करती हैं और बाजार तक पहुंचाकर बिक्री भी करती हैं। इस उद्यम से उन्हें नियमित आय मिल रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनका आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ा है।

समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब अपनी मेहनत से कमाई कर परिवार की जिम्मेदारियों में बराबरी से भागीदारी निभा रही हैं। उनकी पहचान अब केवल गृहिणी के रूप में नहीं, बल्कि सफल महिला उद्यमी के रूप में भी बनने लगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन जैसी सुविधाओं के माध्यम से हजारों महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। आज माँ जगदंबा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सही अवसर, प्रशिक्षण, विश्वास और अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार का भविष्य संवार रही, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

रायपुर : शाला प्रवेशोत्सव: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों संग बैठकर सिखाया पहाड़ा, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण

रायपुर : शाला प्रवेशोत्सव: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों संग बैठकर सिखाया पहाड़ा, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण

नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया स्वागत, गणवेश व जूते वितरित कर दी शुभकामनाएं

रायपुर

शाला प्रवेशोत्सव के अंतर्गत शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव आज दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के बोरसी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, आदर्श कन्या शाला एवं जेआरडी विद्यालय में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया तथा नवीन शिक्षा सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गणवेश एवं जूते भी वितरित किए गए।

शिक्षा मंत्री यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों की नियमित पढ़ाई, विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका परिवार होता है और अभिभावकों का सहयोग ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है।

विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित शिक्षण व्यवस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम बनाएगी।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री यादव  सीधे कक्षाओं में पहुंचे और बच्चों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पहाड़े सुने और स्वयं भी सरल एवं रोचक तरीके से उन्हें पहाड़ा सिखाया। साथ ही बच्चों को पढ़ाई को आनंददायक बनाने के लिए प्रेरित किया।

 विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्होंने उनके सपनों, भविष्य की आकांक्षाओं एवं लक्ष्यों पर चर्चा की तथा मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने और निरंतर मेहनत से आगे बढ़ने का संदेश दिया।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने छात्राओं एवं शिक्षकों से भी संवाद करते हुए शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए छात्राओं से पूरी लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन कर अपने परिवार, समाज एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करने का आह्वान किया। 

Mumbai Rain Alert: नहीं थम रही बारिश, अंधेरी सबवे बंद, ठाणे समेत कई इलाकों के लिए IMD का अलर्ट

मुंबई 

मुंबई में मॉनसून पूरी तरह एक्टिव है. पिछले कई दिनों से लगातार मुंबई में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हो रही है. बारिश से हुए जलभराव के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ी है. हालांकि, लोकल ट्रेन सामान्य रूप से चल रही हैं. भारत मौसम विभाग (IMD) ने अंधेरी, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और मुंबई के कई हिस्सों में बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 

मुंबई में जारी बारिश की वजह से कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है. सड़कें तालाब बन गई हैं और कई इलाकों में जलभराव की वजह से ट्रैफिक ठप है. वहीं, कुछ जगहों पर बारिश की वजह से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार सुस्त है। 

लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे, मालाड, जोगेश्वरी, कुरला, मुलुंड और कांजुरमार्ग जैसे इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जलभराव वाले इलाकों से बचने की सलाह दी है। 

वहीं, अंधेरी सबवे (अंडरपास) में फिर इतना पानी भर गया है कि आज सुबह 8 बजे के करीब उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं लेकिन मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में इतना जलजमाव होता है कि इसे बंद करना पड़ता है। 

मौसम विभाग ने बुधवार, 1 जुलाई को भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकतर इलाकों में मध्यम से बारिश की अनुमान जताया है. आसमान में बादल छाए हैं और कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो रही है. IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम की यही स्थिति बनी रह सकती है। 

1 जुलाई के लिए मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 
 

बता दें कि मुंबई में इस बार मॉनसून सामान्य तारीख से 13 दिन देर से आया, लेकिन अब पूरी तरह एक्टिव है. शहर के जलाशयों में पानी की भरपाई हो रही है, जो अच्छी खबर है लेकिन भारी बारिश से आम जनजीवन प्रभावित है. मौसम की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में 5 से 6 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिवनी को देंगे 494.16 करोड़ के 629 विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिवनी को देंगे 494.16 करोड़ के 629 विकास कार्यों की सौगात

कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन राशि का लाभ
मुख्यमंत्री राज्य-स्तरीय धान महोत्सव में होंगे शामिल

सिवनी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 01 जुलाई को सिवनी जिले में राज्य-स्तरीय धान महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले को विकास और किसान कल्याण की अनेक सौगातें देंगे। महोत्सव में कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि का अंतरण, 494.161 करोड़ रुपये लागत के 629 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन और हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद श्रीमती भारती पारधी सहित जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य के कोदो-कुटकी उत्पादक 3,941 किसानों के बैंक खातों में 2 करोड 82 लाख 99 हजार 300 रूपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह राशि किसानों को 1 हजार रूपये प्रति क्विंटल की दर से प्रदान की जा रही है, जिससे श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा थीम आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में धान बुवाई के आधुनिक कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती एवं प्राकृतिक बगीचे, कस्टम हायरिंग सेंटर, जीआई टैग एवं मिलेट्स उत्पाद, पीएमएफएमई उत्पाद, आम की विभिन्न किस्में, स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं मिट्टी कला उत्पाद, लघु वनोपज, स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद, पोषण आहार प्रदर्शनी, डिजिटल जमीन, कृषिका एप तथा किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी परिसर में आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी आमजन के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

 

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