US Heatwave: 115°F ‘फील्स लाइक’ गर्मी से हाहाकार, 6 करोड़ लोग भीषण हीटवेव की चपेट में

वाशिंगटन 
अमेरिका इस समय साल की सबसे खतरनाक हीटवेव का सामना कर रहा है. देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई इलाकों में तापमान से ज्यादा खतरनाक गर्मी का एहसास होगा, जहां ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस होगी। 

अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में 18 राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है. हालात इतने गंभीर हैं कि 6 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए हीट अलर्ट जारी किया गया है। 

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाएगा. लेकिन असली चिंता तापमान नहीं, बल्कि हीट इंडेक्स को लेकर है. ज्यादा नमी यानी ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को गर्मी 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी महसूस होगी। 

अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी चेतावनी में कहा है कि देश के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में खतरनाक और कई जगह रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने वाली है. एजेंसी के मुताबिक, यह हीटवेव 4 जुलाई यानी अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस वाले लंबे वीकेंड तक जारी रह सकती है। 

दिन तो दिन, रात में भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन ही नहीं, रातों में भी राहत नहीं मिलेंगी. कई शहरों में रात का तापमान भी 80 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. इसका मतलब है कि लोगों को रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाएगा। 

NWS के मुताबिक, हीट इंडेक्स वह पैमाना है जिसमें एक्चुअल तापमान के साथ हवा में मौजूद नमी को भी शामिल किया जाता है. इसलिए कई बार थर्मामीटर पर तापमान कम दिखाई देता है, लेकिन शरीर को उससे कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है. यही वजह है कि इस बार हीट इंडेक्स 100 से 110 डिग्री फारेनहाइट तक रहने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में यह 115 डिग्री तक पहुंच सकता है। 

हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा
स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, एयर कंडीशनर या ठंडी जगहों पर रहें और बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखें. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक तेज धूप में रहने से हीट क्रैम्प्स, हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। 

दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका का पूर्वी हिस्सा आग उगलती गर्मी से जूझ रहा है, वहीं पश्चिमी हिस्से में मौसम बिल्कुल उल्टा है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राज्यों में तापमान सामान्य से 20 से 35 डिग्री फारेनहाइट तक कम रहने का अनुमान है. हालांकि देश के बड़े हिस्से में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही खतरनाक हीटवेव बनी हुई है, जिसने करोड़ों लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है और आने वाले कई दिनों तक राहत मिलने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं। 

बस्तर में धर्मांतरण विवाद ने पकड़ा तूल, कई गांवों में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

नारायणपुर.

भरंडा के बाद अब ओरछा क्षेत्र के खड़कागांव में धर्मांतरण को लेकर सामाजिक विवाद सामने आया है। आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच मतभेद खुलकर टकराव में बदल गया। आरोप है कि दो परिवारों का सामान घर से बाहर निकालकर गांव छोड़ने का दबाव बनाया गया।

स्थिति बिगड़ते ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रशासन दोनों पक्षों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से चर्चा कर समाधान तलाश रहा है। ग्रामीण पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक भागीदारी को अनिवार्य बता रहे हैं। वहीं प्रभावित परिवार धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अनुष्ठानों से दूरी की बात कह रहे हैं। भरंडा के बाद यह दूसरा मामला प्रशासन की चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

वनांचल के अन्य गांवों में भी ऐसे विवाद उभरने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, सामाजिक समरसता का भी बन गया है। प्रशासन के सामने स्थायी समाधान और संवाद कायम रखने की बड़ी चुनौती है। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

ट्विशा केस में CBI का शिकंजा कसता गया, गिरिबाला सिंह और समर्थ को जेल से नहीं मिली राहत

भोपाल 
नोएडा की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की भोपाल में ससुराल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को जेल में रहते करीब 30 दिन हो गए हैं। उनकी न्यायिक हिरासत फिर से बढ़ गई है। कोर्ट ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की रिमांड 14 जुलाई तक बढ़ा दी। दोनों आरोपियों के जेल से बाहर आने में सीबीआई आड़े आ रही है। आरोपी गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 30 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश आरती आदित्य बांदिल की अदालत में सीबीआइ ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। हालांकि बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी के पास हिरासत बढ़ाने का कोई नया आधार नहीं है लेकिन अदालत ने यह दलील स्वीकार नहीं की।

सीबीआइ ने अदालत में सुनवाई के दौरान जांच आगे बढ़ने की बात बताई। कोर्ट में उसकी ओर से दो आवेदन भी पेश किए गए। पहले आवेदन में समर्थ सिंह के जब्त लैपटॉप का पासवर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई जबकि दूसरे में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी। सीबीआई के इन दोनों आवेदनों पर कोर्ट 3 जुलाई को सुनवाई करेगी।

अदालत ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि केवल मौखिक अनुरोध के आधार पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। यदि आरोपी पक्ष को ऐसी अनुमति चाहिए तो उसे लिखित आवेदन देना होगा।

दरअसल तमाम कवायदों के बाद भी सीबीआई की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। जांच एजेंसी पर तय समय सीमा में चार्जशीट पेश करने का भी दबाव है।

वकील ने बताया केस का सबसे संदिग्ध पहलू, दिल्ली AIIMS पर भी शक

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह जेल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। मंगलवार को कोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ा दी है। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 2 जून से भोपाल की केंद्रीय जेल में बंद हैं। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई अपनी पड़ताल में जुटी हुई है। इस बीच पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव का अहम बयान सामने आया है। उनका कहना है कि फिलहाल इस केस में हम सीबीआई पर बहुत निर्भर हैं। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्विशा शर्मा डेथ केस के सबसे संदिग्ध पहलू की भी जानकारी दी। उनके अनुसार लिगेचर बेल्ट पर की गई लापरवाही बड़ी खामी है। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का यह भी कहना है कि उन्हें पहले से शक था कि दिल्ली AIIMS टुकड़ों में नतीजे नहीं देगा। उन्होंने दूसरी पोस्टमार्टम के नतीजों को केस के लिए अहम बताया।

समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के संबंध में पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “CBI ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए अर्ज़ी दी थी और इसे 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम CBI पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। उन्होंने दो और अर्ज़ियां दायर करने की बात कही है।

अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार एक मामला वॉइस स्पेक्ट्रोग्राफी टेस्ट से जुड़ा है। सीबीआई के अधिकारी, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह का यह टेस्ट करना चाहते हैं। इसके लिए संदिग्धों की असली आवाज़ से मिली हुई रिकॉर्डिंग का मिलान करना होगा, इसलिए उन्हें वॉइस सैंपल की ज़रूरत है। दूसरा मुद्दा एक लैपटॉप का है जिसे वे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं।
शुरू से ही शक था कि AIIMS दिल्ली शायद टुकड़ों में नतीजे नहीं देगा

दिल्ली एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव बोले- जहां तक दूसरे पोस्टमार्टम का सवाल है, मुझे शुरू से ही शक था कि AIIMS नई दिल्ली शायद टुकड़ों में नतीजे नहीं देना चाहेगा। हमने शुरुआती पोस्टमार्टम में कुछ कमियां बताई थीं, इसलिए हो सकता है कि वे FSL और विसरा रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हों।

केस में लिगेचर बेल्ट की अहमियत
ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने केस में लिगेचर बेल्ट की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा- शुरू से ही मेरा यह मानना ​​रहा है कि इस मामले का सबसे संदिग्ध पहलू समय पर लिगेचर बेल्ट को ज़ब्त न कर पाना और उसे पहले पोस्टमार्टम के लिए उपलब्ध न करा पाना था। ट्विशा के परिवार के लिए दूसरे पोस्टमार्टम के नतीजे जानना बहुत ज़रूरी है। असल में उन्हें यह जानने का पूरा अधिकार भी है।

फोरेंसिक जांच के लिए जरूरी है लैपटॉप:
ट्विशा पक्ष की तरफ से अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय और शुभांग दीक्षित ने बताया, सीबीआइ समर्थ का लैपटॉप पहले ही जब्त कर चुकी है, लेकिन वह लॉक है। डिजिटल सबूत और फॉरेंसिक जांच पूरी करने के लिए उसका पासवर्ड जरूरी है। सीबीआइ ने समर्थ के लैपटॉप के पासवर्ड और मां-बेटे के वॉयस सैंपल की मांग की।

जेल में बीते एक माह
बता दें कि भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून को न्यायिक हिरासत में भोपाल की केंद्रीय जेल में भेजा गया था। वे तभी से यहीं हैं। इस प्रकार ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह करीब एक महीने से जेल में ही बंद हैं।

MP की मंत्री प्रतिमा बागरी पर बढ़ा सियासी संकट, विधायकी और मंत्री पद पर लटकी तलवार

भोपाल 

मध्यप्रदेश की एक महिला मंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट के एक आदेश के कारण वे बुरी तरह घिर गई हैं। यहां तक कि मंत्रिमंडल से बाहर होने का खतरा भी मंडराने लगा है। प्रदेश की नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी फर्जी जाति प्रमाण पत्र में घिरीं हैं। उन्हें राज्यस्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने तलब किया है। प्रतिमा बागरी को उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें उनकी अनुसूचित जाति प्रमाणित हो सके। ऐसा नहीं करने पर उनका मंत्रीपद भी जा सकता है। पद पर खतरा मंडराने के बीच मंत्री प्रतिमा बागरी भोपाल में एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने नदी बचाने का संदेश दिया।

एससी कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार की हाईकोर्ट में दायर याचिका पर निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने छानबीन समिति को संबंधित पक्षों को बुलाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच करने के आदेश दिए थे। समिति को यह तय करने को कहा गया है कि मंत्री प्रतिमा बागरी का अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं।

हाईकोर्ट ने समिति द्वारा जांच पूरी करने और इसके बाद उचित आदेश पारित करने के लिए समय सीमा भी तय की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि 30 जून 2026 तक समिति द्वारा निर्णय नहीं लेने पर याचिका को पुनर्जीवित (रिवाइव) किया जा सकेगा।

गलत तरीके से अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप
कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने याचिका में प्रतिमा बागरी पर गलत तरीके से अनुसूचित जाति (SC) का प्रमाण-पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बागरी ने अनुचित तरीके से आरक्षण का लाभ लेकर रैगांव सीट से चुनाव लडा।

याचिकाकर्ता प्रदीप अहिरवार का दावा है कि संबंधित इलाके में बागरी जाति, अनुसूचित जाति यानि एससी की सूची में शामिल नहीं है। उनका यह भी कहना है कि प्रतिमा बागरी राजपूत जाति से संबंधित हैं।

उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो
अनूसचित जाति के फर्जी प्रमाण पत्र के आरोपों से घिरीं नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें मंगलवार को उस समय बढ़ गई जब उन्हें राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने 6 जुलाई को तलब किया। उन्हें उन दस्तावेजों को लेकर आना होगा, जिसमें अनुसूचित जाति प्रमाणित हो। दस्तावेज न देने पर मंत्रीमंडल से उनकी छुट्टी हो सकती है। प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त कार्यालय ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होते ही मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।

जाति प्रमाणपत्र पर घिरीं मंत्री प्रतिमा बागरी ने नदी बचाने का संदेश दिया है। मंगलवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जल है तो कल है। मंत्री प्रतिमा बागरी ने एक्स हेंडल पर लिखा—

भोपाल स्थित होटल मैरियट में आयोजित नमामि गंगे मिशन अंतर्गत “डीपीआर तैयार करने एवं बेतवा नदी पुनर्जीवन विषयक क्षमता संवर्धन कार्यशाला” को संबोधित करने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यशाला में बेतवा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं दीर्घकालिक जल संवर्धन की दिशा में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। हमारी नदियाँ केवल जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।

सामूहिक प्रयास, जनभागीदारी एवं प्रभावी योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

जल है तो कल है — नदी बचेगी, तभी प्रकृति और भविष्य सुरक्षित रहेगा।

उज्जैन में ₹1200 करोड़ का PepsiCo प्लांट, CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ; आलू किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

उज्जैन
 मध्य प्रदेश के उद्योगिक विकास में एक बड़ा नाम मंगलवार को जुड़ गया. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़ इसकी शुरुआत की. मुख्यमंत्री सारंगपुर से कार्यक्रम से जुड़े, जबकि उज्जैन स्थित प्लांट परिसर में फीता काटकर संयंत्र का शुभारंभ किया गया. दरअसल, पेप्सिको फ्लेवर कंसंट्रेट प्लांट इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी में 1200 करोड़ से अधिक की लागत से शुरुआत की गई है, जो कि देश में दूसरा और दुनिया में 9वां प्लांट है। 

इस प्लांट के आने के बाद अब और भी उद्योग मध्य प्रदेश में निवेश करने के लिए आगे आ सकते हैं. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और खास बात यह है आलू उगाने वाले किसानों को बड़ा फायदा होगा. इस कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, मंत्री प्रह्लाद पटेल और मौके पर कंपनी के सीईओ यूजीन विलियम, सीईओ इंटरनेशनल ब्रेवरेज, सीईओ जागृत कोटेचा भारत व उज्जैन के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। 

10 जिलों से 40 हजार टन आलू खरीदा जा रहा
कंपनी के साउथ एशिया के सीईओ जागृत कोटेचा ने बताया, ”हम फिलहाल मध्य प्रदेश के 10 जिलों से 40 हजार टन आलू हर साल खरीद रहे हैं. हमारा लक्ष्य है 10 जिलों से नहीं 32 जिलों से हम आलू खरीदे. इस प्लांट के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी रोजगार दिया जाएगा. यह प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. जहां रोबोट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है. इसकी शुरुआत महाकाल की नगरी में होना हमारे लिए सौभाग्य है और गर्व का क्षण है. कंपनी के मुख्य ब्रांड में पेप्सिको, माउंटेन ड्यू, ट्रॉपिकाना, लेज़, कुरकुरे, क्वेकर, गेटोरेड हैं, जिनके फ्लैवर कंसंट्रेट का उत्पादन इस प्लांट में होगा. जिसके बाद यहां से VBL कंपनी से हमारा टाइअप है वहां से बॉटलिंग पैकेज रहेगा और फिर पूरे भारत में सप्लाई किया जाएगा। 

22 एकड़ में फैला है प्लांट
MPIDC के निर्देशक राजेश राठौर ने ETV भारत से कहा, ”विक्रम उद्योगपुरी के लिए बड़े गर्व का विषय है. यहां कई बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं, जिन्हें मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशन में हर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. लगभग 1266 करोड़ का ये निवेश है. लगभग 800 लोगों को इससे रोजगार मिलने की संभावना है. साथ ही ब्रांड वैल्यू की वजह से और भी उद्योग यहां निवेश कर सकते हैं। 

ग्लोबल निवेश का हब बन रहा मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विनिर्माण इकाई का शुभारंभ होने पर शुभकामनाएं दी. मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, ”ये दिन मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में अत्यंत महत्‍वपूर्ण है. उज्‍जैन जो पहले धार्मिक नगरी के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध था अब औद्योगिक विस्तार की नई इबारत भी लिख रहा है. हमारे लिए यह अत्यंत गौरव शाली क्षण है. मध्य प्रदेश शासन के निरंतर प्रयासों से आज मध्य प्रदेश ग्लोबल निवेश का हब बन रहा है. औद्योगिक विस्तारीकरण से प्रदेश के कई युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्‍त होंगे। 

उन्होंने आगे कहा कि, ”सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में उज्‍जैन विश्व के सबसे समृद्ध और सम्पन्न व्यापारिक नगरों में शीर्ष पर गिनी जाती थी. हमारा लक्ष्य है कि यह नगरी उसी वैभव को पुन: प्राप्‍त करें. आस्‍था के साथ उज्‍जैन उद्योग निवेश और रोजगार का भी अग्रणी केंद्र बनें. उद्योग स्थापित कर मालवा की प्रगति को निरंतर गति दी जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया जा रहा है। 

MP Weather: मध्य प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बालाघाट-डिंडौरी में अति भारी वर्षा की चेतावनी

​भोपाल
 ​मध्य प्रदेश में जून के महीने में मानसून की सुस्ती के कारण औसत से काफी कम पानी बरसा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे राज्य में दीर्घावधि औसत से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. हालांकि जून के आखिरी दिन मानसून ने जोरदार वापसी की है. जिसको देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने राज्य के सभी 55 जिलों में आंधी-तूफान, वज्रपात और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसमें बालाघाट और डिंडौरी समेत 7 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा। 

​7 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट
​मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में सिस्टम बेहद मजबूत हो गया है. इसके चलते जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में अलर्ट पर रखा गया है. बालाघाट और डिंडौरी जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और झंझावात के साथ अति भारी बारिश की चेतावनी है. यहां 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन सहित प्रदेश के बाकी सभी जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 

​जून महीने में पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा सूखा
​इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार बेहद असमान रही. पूरे जून महीने में राज्य में कुल 88.2 मिमी पानी गिरा, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 131.1 मिमी होना चाहिए था. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ​पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्से में सबसे अधिक सूखे जैसे हालात रहे. यहां दीर्घावधि औसत से -59 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई. रीवा, सीधी, सतना और शहडोल संभागों में जून के दौरान सूखे जैसे हालात रहे. इसके अलावा ​पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति काफी बेहतर रही, जहा औसत से केवल -7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 

​आंधी-बारिश से गिरा पारा, कई जिलों में जलभराव और हादसे
​मंगलवार को प्रदेश के 23 जिलों में बारिश रिकार्ड की गई. सतना में डेढ़ इंच पानी गिरा, जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया. वहीं आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई है. भोपाल में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री, इंदौर में 33 डिग्री और जबलपुर में 32 डिग्री दर्ज किया गया. हालांकि, इस दौरान बिजली गिरने से हरदा और खरगोन में 3 लोगों की मृत्यु हो गई। 

यह है ​मानसून की मौजूदा स्थिति
​30 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश के कुछ और भागों को कवर कर लिया है. इस समय मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर और सीधी से होकर गुजर रही है. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ”अगले 2 से 4 दिनों में भोपाल, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के बाकी हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इसके साथ ही गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 

नगर पंचायत बम्हनीडीह के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह कल

नगर पंचायत बम्हनीडीह के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह कल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि

रायपुर,
 जांजगीर-चां
पा जिले के नगर पंचायत बम्हनीडीह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 2 जुलाई 2026, गुरुवार को प्रातः 10:30 बजे आई.टी.आई. ग्राउंड, बम्हनीडीह में आयोजित किया जाएगा। समारोह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश कुमार डडसेना तथा सभी नवनिर्वाचित पार्षद पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।

समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व संसदीय सचिव अम्बेश जांगड़े तथा जिला पंचायत जांजगीर-चांपा की अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ में लागू हुई VB-G RAM G योजना, अब ग्रामीणों को मिलेंगे 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में आज से ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ लागू हो जाएगी. इस योजना के तहत ग्रामीण गरीब परिवारों को वर्ष में 125 दिनों की रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी. आज प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित कर योजना का शुभारंभ किया जाएगा.

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के विकास कार्यों को शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आधारभूत विकास कार्यों को भी गति मिलेगी.

कितने दिन का रोजगार मिलेगा अब?

  • पहले मनरेगा के तहत एक साल के भीतर 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी
  • पर अब नया कानून आने से पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी

कितनी बढ़ी है रोजाना की मजदूरी?

  • सरकार ने नई ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मजदूरी दरों में औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी की है
  • ऐसे में अब देश में औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये कर दी गई है
  • आप चाहे किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में रहते हों, आपको तय मजदूरी मिलेगी

न्यूनतम कितने पैसे मिलेंगे?

  • अगर आप भी इस वीबी-जी राम जी योजना से जुड़े हैं, तो आपके लिए सरकार ने 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम न्यूनतम मजदूरी तय की है
  • इसका मतलब है कि इस वीबी-जी राम जी योजना के तहत किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी

क्या बनवाना होगा नया जॉब कार्ड?

  • आपके पास जो पुराने जॉब कार्ड हैं फिलहाल वही कार्ड मान्य रहेंगे
  • सरकार की तरफ से साफ किया गया है तब तक ई-केवाईसी सत्यापित पुराने जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते

राजा रघुवंशी केस: सोनम को कैसे मिली जमानत? मेघालय हाईकोर्ट ने बताई पूरी वजह, परिवार जाएगा सुप्रीम कोर्ट

 इंदौर
मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखने के एक दिन बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है. राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने मंगलवार को कहा कि परिवार जल्द ही सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा। 

विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अभियोजन पक्ष की पैरवी से संतुष्टि नहीं है. इसलिए अब उनका परिवार न्याय की लड़ाई अपने दम पर लड़ेगा और इसके लिए निजी वकील नियुक्त करेगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेघालय पुलिस ने गिरफ्तारी के समय सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी क्यों नहीं दी. उनके मुताबिक, इसी कानूनी चूक का फायदा सोनम को जमानत मिलने में मिला। 

दरअसल, मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया और सोनम को प्रभावी तरीके से गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए. अदालत ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन माना। 

मेघालय हाईकोर्ट ने साफ की तस्वीर
मेघालय हाई कोर्ट ने  ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें सोनम रघुवंशी को ज़मानत दी गई थी. सोनम पर 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है. जस्टिस डब्ल्यू डिएंगडोह की सिंगल-जज बेंच ने राज्य सरकार की आपराधिक याचिका को खारिज कर दिया. सरकार ने 27 अप्रैल को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत को रद्द करने की मांग की थी। 

जस्टिस डिएंगडोह ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार जिस तरह से तैयार किए गए थे, उससे पता चलता है कि उसमें “न्यायिक सोच का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया”.  कोर्ट ने कहा कि यह साफ है कि ऐसी तैयारी बिना किसी सोच-विचार के की गई थी और कहीं भी कोई खास आरोप या जानकारी नहीं मिलती. पुलिस स्पष्ट भी नहीं कर सकी कि आखिर सोनम रघुवंशी के खिलाफ असल में क्या आरोप हैं?

कोर्ट ने राज्य की याचिका खारिज की
कोर्ट ने कहा कि अगर गिरफ्तारी के आधार की जानकारी इस तरह दी जाती है तो यह गिरफ्तारी करने वाली एजेंसी की ओर से न्यायिक सोच के पूरी तरह से इस्तेमाल न किए जाने को दिखाता है. कोर्ट ने राज्य की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसके पास ज़मानत रद्द करने के लिए अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल करने का कोई आधार नहीं है। 

क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को हनीमून मनाने मेघालय गए थे. 23 मई को सोनम के लापता होने की खबर सामने आई, जबकि 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) स्थित एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था। 

किसे हई थी सजा?
इस मामले में पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उसके तीन दोस्तों को हत्या की साजिश और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. सोनम करीब 10 महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई है। 

उज्जैन अब लिख रहा है औद्योगिक विस्तार की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन अब लिख रहा है औद्योगिक विस्तार की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विक्रम उद्योगपुरी में 1200 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से निर्मित पेप्सिको के फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र का किया वर्चुअली लोकार्पण

उज्जैन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि  दिन मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उज्जैन जो पहले से ही धार्मिक नगरी के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध है अब औद्योगिक विस्तार की भी नई इबारत भी लिख रहा है। हमारे लिए यह अत्यंत गौरवशाली क्षण है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश ग्लोबल निवेश का हब बन रहा है। औद्योगिक विस्तारीकरण से प्रदेश के कई युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी के ग्राम नरवर स्थित 1266 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित पेप्सिको फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र के लोकार्पण समारोह को भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में उज्जैन नगरी विश्व के सबसे समृद्ध और सम्पन्न व्यापारिक नगरों में गिनी जाती थी। हमारा लक्ष्य है कि उज्जैन नगरी उसी वैभव को पुन: प्राप्त करें। आस्था के साथ उज्जैन उद्योग निवेश और रोजगार का भी अग्रणी केंद्र बनें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापित कर मालवा की प्रगति को निरंतर गति दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश का सफल आयोजन किया जा रहा है।

देश का फ्लेवर कंसनट्रेट का दूसरा संयंत्र उज्जैन में हुआ प्रारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की इस अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का शुभारंभ होने पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत में इस विशिष्ट और उच्च तकनीकी फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण के केवल 02 संयंत्र है, जिनमें से 01 आज से उज्जैन में प्रारंभ हो रहा है। विक्रम उद्योगपुरी में 22 एकड़ क्षेत्र में 1226 करोड़ रुपए के निवेश से इस संयंत्र की स्थापना की गई है। पूरी तरह ऑटोमेशन पर आधारित इस संयंत्र से 800 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। यह नया संयंत्र भारत में कंपनी की विनिर्माण क्षमता को और मजबूत करेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र में सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ जागृत कोटेचा ने कहा कि हमारे लिए यह अत्यंत हर्ष का क्षण है कि हमारी कंपनी को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में म.प्र. शासन के सहयोग से संयंत्र स्थापित करने का अवसर मिला। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव, म.प्र. शासन और एमपीआईडीसी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेंश नाथ जी महाराज ने कहा कि उज्जैनवासियों के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे विशेष प्रयासों से औद्योगिक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। नवीन उद्योगों की स्थापना हो रही है। उज्जैन नगरी धार्मिक पहचान के साथ औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।

कार्यक्रम में म.प्र. हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, नगर निगम सभापती श्रीमती कलावती यादव, प्रबंध निर्देशक एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला, एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर, पेप्सिको कंपनी के हरदीप भाटिया, कंपनी के सीईओ इंटरनेशनल बेवरेजेस यूजीन विलेमसेन, जनरल मैनेजर एवं सीनियर वाईस प्रेसिडेंट इवान नॉर्टन सहित नागरिक उपस्थित थे।

 

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